Market Next Week : मिड और स्मॉल कैप्स में लगातार चौथे हफ्ते दिखी गिरावट, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Next Week: बाजार के एक बड़े हिस्से पर दबाव बना रहा और मिड कैप और स्मॉल कैप इंडेक्स लगातार चौथे हफ्ते भी गिरावट का शिकार रहे। इस हफ्ते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% और निफ़्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 3.3% की गिरावट आई, जिससे इनका प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। बीते हफ्ते BSE सेंसेक्स 1,986.04 अंक या 2.68% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ,जबकि निफ़्टी 50 में 3.10% या 718.55 अंकों की गिरावट आई और यह 22,421.95 पर बंद हुआ।

निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे ज्यादा टूटा

सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा 6% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो में 5.8% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मेटल, FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 4% से ज़्यादा की गिरावट हुई, जबकि निफ्टी रियल्टी, हेल्थकेयर, इंफ्रा और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 3% से ज़्यादा की गिरावट आई। हालांकि, निफ्टी IT में 0.5% की बढ़त हुई।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% की गिरावट

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में इस हफ्ते 3.5% की गिरावट आई। इसमें लगातार चौथे हफ्ते भी इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में PB फिनटेक, पतंजलि फूड्स, वोडाफोन आइडिया, कोरोमंडल इंटरनेशनल, स्विगी, LIC हाउसिंग फाइनेंस, जुबिलेंट फूडवर्क्स, SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज़, यस बैंक, कल्याण ज्वैलर्स इंडिया, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और रैडिको खेतान शामिल रहे।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट जारी रही। यह इस हफ्ते 3.3% गिर गया। इस गिरावट की वजह IFCI, आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट, फ़िज़िक्सवाला, गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, आइनॉक्स विंड, वॉकहार्ट और वेल्सपन कॉर्प के शेयरों में आई गिरावट रही।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बढ़ी

बीते हफ्ते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी बिकवाली बढ़ा दी और लगातार छठे हफ़्ते निकासी की। उन्होंने कुल 34,966.07 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सपोर्ट करना जारी रखा और इस हफ़्ते 33,455.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इस हफ्ते बाजार में आई गिरावट से BSE पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू में लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।

जानें आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले ने कहा कि छोटे ट्रेडिंग वीक में बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट आई। निफ्टी 3.10 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में लगभग 2000 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। कंज्यूमर और ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। कंज्यूमर इंडेक्स 6.15 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स 5.85 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

इस हफ्ते मार्केट में ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। वीकली चार्ट पर एक लॉन्ग ‘बेयरिश कैंडल’ बनी। इंट्राडे चार्ट पर ‘लोअर हाई’ और ‘लोअर लो’ बनने का सिलसिला जारी रहा,जो काफी हद तक नेगेटिव ट्रेंड का संकेत है।

अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का मिजाज कमज़ोर रहेगा, लेकिन यह ‘ओवरसोल्ड’ स्थिति में है। इसलिए, मौजूदा लेवल से ‘पुलबैक रैली’ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नीचे की तरफ, 22,200/71,300 एक अहम सपोर्ट जोन है, जबकि 22,500/72,200 तत्काल रेजिस्टेंस लेवल है। अगर मार्केट 22,500/72,200 के ऊपर जाता है तो पुलबैक बढ़कर 22,700–22,800/73,000-73,200 तक जा सकता है। इसके विपरीत अगर यह 22,200/71,300 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 22,000–21,950/71,000-70,700 तक गिर सकता है।

बैंक निफ्टी पर अपनी राय साझा करते हुए अमोल अठावले ने कहा कि इसके लिए 54,000 एक अहम सपोर्ट ज़ोन है। अगर यह इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो इंडेक्स वापस 55,000–55,500 तक जा सकता है। हालांकि, 54,000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इसके 53,500–53,200 तक गिरने की संभावना बढ़ सकती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के हेड ऑफ़ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है,क्योंकि ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी गिरावट,कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी और पिछले छह महीनों में विदेशी निवेशकों की सबसे ज्यादा बिकवाली का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है। US 10-ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड 2007 के अपने उच्चतम स्तर को पार करके 5.3% पर पहुंच गया है,जो अप्रैल 2002 के बाद सबसे ज्यादा है,जबकि 30-साल के बॉन्ड का यील्ड 5.6% पर है।

निफ्टी की अर्निंग यील्ड अब अमेरिकी बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज से कम होने हो गई है। इसके कारण,ग्लोबल यील्ड के स्थिर होने, कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने और विदेशी निकासी में कमी आने तक बाजार में तेजी की संभावना नहीं है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने अहम लॉन्ग टर्म सपोर्ट लेवल यानी 22,600 और 22,400 के आसपास 200-हफ्ते के SMA और EMA से साफ तौर पर नीचे आ गया और 22,180 के लेवल (जो अप्रैल 2026 का निचला स्तर था) की ओर बढ़ गया है। इससे बाजार में मंदी का माहौल और मज़बूत हुआ है।

निफ्टी के लिए 22,000–22,200 का जोन अगले अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है, जबकि 22,500–22,600 का लेवल सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस बन सकता है। इसके बाद 22,800 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस होगा। इंडेक्स में करेक्शन का दौर जारी रहने और उतार-चढ़ाव बढ़ने के कारण,निकट भविष्य में सतर्क रहने की जरूरत है और चुनिंदा शेयरों में ही मौके तलाशने की सलाह है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि बाजार का मूड अभी भी कमजोर बना हुआ है क्योंकि कोविड के समय आई गिरावट के बाद पहली बार इंडेक्स अपने 200-हफ्ते के मूविंग एवरेज के नीचे बंद हुआ है। निचले स्तर पर,22,200 पर सपोर्ट है। अगर इंडेक्स इसके नीचे जाता है तो 22,060 तक और गिरावट आ सकती है।

ऊपर की तरफ 22,600 पर रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स 22,600 के नीचे रहेगा,तब तक उछाल पर बिकवाली का ट्रेंड बना रहेगा।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Markets Holiday: 2 अक्तूबर यानी शुक्रवार को बीएसई और एनएसई में नहीं होगा कारोबार

Stock Markets Holiday: शेयर बाजारों में शुक्रवार यानी 2 अक्तूबर को कारोबार नहीं होगा। बीएसई और एनएसई दोनों बंद रहेंगे। इसकी वजह यह है कि 2 अक्तूबर को गांधी जयंती है। इस मौके पर राष्ट्रीय अवकाश होता है। इसका मतलब है कि सभी सरकारी ऑफिसेज, प्राइवेट ऑफिसेज, आरबीआई, बैंक आदि में छुट्टी होती है।

तीन दिन बाद बीएसई और एनएसई 5 अक्तूबर को खुलेंगे

प्राइवेट बैंक, सरकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, कोऑपरेटिव बैंक और विदेशी बैंकों की भी सभी शाखाएं बंद रहेंगी। चूंकि, शेयर बाजारों में हर हफ्ते सिर्फ पांच दिन कारोबार होता है, जिससे इस बार गुरुवार यानी 1 अक्तूबर इस हफ्ते का अंतिम कारोबारी दिन था। अब शेयर बाजार यानी BSE और NSE 5 अक्तूबर को खुलेंगे।

कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में भी 2 अक्तूबर को रहेगी छुट्टी

कमोडिटी एक्सचेंज MCX भी गांधी जयंती के मौके पर बंद रहेगा। कमोडिटी एक्सचेंज में सुबह और शाम दोनों ही सत्रों में कारोबार नहीं होगा। इसका मतलब है कि एमसीएक्स में भी कारोबार की शुरुआत 5 अक्तूबर यानी सोमवार को होगी। उस दिन दोनों ही सत्रों में एक्सचेंज में सामान्य कामकाज होगा।

20 अक्तूबर को भी दशहरा के मौके पर बंद रहेंगे शेयर बाजार 

शेयर बाजार इस महीने दशहरा के मौके पर भी बंद रहेंगे। इसका मतलब है कि 20 अक्तूबर यानी मंगलवार को भी बीएसई और एनएसई में कारोबार नहीं होगा। 2 अक्तूबर को बैंकों और दूसरे वित्तीय संस्थानों में छुट्टी होने से चेक की क्लियरिंग भी नहीं होगी। हालांकि, नेट बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। बैंकों के एटीएम भी छुट्टी के दिन खुले रहेंगे।

हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन भी शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट 

शेयर बाजारों में 1 अक्तूबर को भी गिरावट देखने को मिली। Sensex 0.8 फीसदी यानी 570 अंक गिरकर 71,909 पर बंद हुआ। Nifty 0.9 फीसदी यानी 198 अंक गिरकर 22,421 पर क्लोज हुआ। आईटी छोड़कर निफ्टी के सभी सेक्टर सूचकांकों में गिरावट आई। ऑटो इंडेक्स 3 फीसदी गिरा। इसमें बजाज ऑटो में 6 फीसदी गिरावट का बड़ा हाथ रहा। M&M का शेयर भी 2.4 फीसदी गिरकर बंद हुआ।

शेयर बाजारों में बीते 25 सालों की सबसे लंबी गिरावट, लगातार 8वें हफ्ते गिरे बाजार

शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक 1 अक्तूबर को भी गिरकर बंद हुए। विदेशी फंडों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया। क्रूड ऑयल की कीमतों में फिर से तेजी का असर भी बाजार के सेंटिमेंट पर पड़ा। लगातार 8वां हफ्ता है, जब सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई है। बीते 25 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है। 1 अक्तूबर इस हफ्ते का अंतिम कारोबारी दिन है। 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के मौके पर बाजार बंद हैं।

ऑटो इंडेक्स 3 फीसदी फिसला 

Sensex 0.8 फीसदी यानी 570 अंक गिरकर 71,909 पर बंद हुआ। Nifty 0.9 फीसदी यानी 198 अंक गिरकर 22,421 पर क्लोज हुआ। आईटी छोड़कर निफ्टी के सभी सेक्टर सूचकांकों में गिरावट आई। ऑटो इंडेक्स 3 फीसदी गिरा। इसमें बजाज ऑटो में 6 फीसदी गिरावट का बड़ा हाथ रहा। M&M का शेयर भी 2.4 फीसदी गिरकर बंद हुआ।

सिर्फ आईटी इंडेक्स में तेजी 

IT Index में 0.9 फीसदी तेजी आई। इसकी वजह अगस्त में अमेरिका में उम्मीद से कम इनफ्लेशन का डेटा है। इससे इस महीने के आखिर में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद घटी है। कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 3 फीसदी चढ़ा। इसकी वजह यह है कि बैंक ने अनूप कुमार साहा को नया सीईओ नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 3 साल के लिए होगा।

FIIs की बिकवाली ने बढ़ाया दबाव

बाजार में गिरावट में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का बड़ा हाथ है। 30 सितंबर को लगातार पांचवें सत्र एफआईआई ने बिकवाली की। जियोजित इनवेस्टमार्ट्स के वीके विजय कुमार ने कहा कि बीते दो दिनों में एफआईआई की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है। इस दौरान उन्होंने कुल 20,128 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। हालांकि, प्राइमरी मार्केट में वे निवेश कर रहे हैं।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड रिकॉर्ड ऊंचाई पर

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़कर 2002 के बाद के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई है। इससे न सिर्फ अमेरिका में बल्कि दुनियाभर में लोन लेना महंगा होगा। 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड्स की यील्ड बढ़कर 5.33 फीसदी पहुंच गई। यह 2007 के बाद के सबसे हाई लेवल पर है। 30 साल की बॉन्ड यील्ड भी 2002 के बाद सबसे हाई लेवल पर पहुंच गई है। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है।

क्रूड ऑयल में तेजी से महंगाई बढ़ने का डर 

क्रूड ऑयल की कीमतों ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाने का काम किया है। 98 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बाद ब्रेंट क्रूड फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इस साल फरवरी के आखिर में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से क्रूड की कीमतों में आग लगी हुई है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का डर बढ़ा है। महंगाई को काबू करने के लिए फेडरल रिजर्व सहित दुनिया के दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इससे लोन लेना महंगा हो जाएगा।

Market Outlook : लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 5 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 1 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,450 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 570.59 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 71,909.70 पर और निफ्टी 198.50 अंक या 0.88 प्रतिशत गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ। लगभग 1306 शेयरों में बढ़त हुई, 2916 शेयरों में गिरावट आई और 191 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी, M&M, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे, जबकि बढ़त वाले शेयरों में HDFC लाइफ, SBI लाइफ इंश्योरेंस, HDFC बैंक, इंफोसिस और TCS शामिल रहे।

सेक्टरल इंडेक्स में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडेक्स में 2 प्रतिशत और टेलीकॉम इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की बढ़त हुई। दूसरी ओर, ऑटो, मीडिया, FMCG, इंफ्रा, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल और रियल्टी इंडेक्स 2-3 प्रतिशत गिरे, जबकि एनर्जी, फार्मा, PSU बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.1 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर ने कहा कि बाजार में बिकवाली की मुख्य वजह बाहरी कारक रहे हैं। बॉन्ड यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंची बनी हुई हैं, जिससे 2026-27 के इकोनॉमिक आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

घरेलू स्तर पर भी,निवेशक दूसरी तिमाही के नतीजों और अगले हफ्ते आने वाली RBI की पॉलिसी को लेकर सतर्क हैं। Q2 की कमाई Q1 के मुकाबले कम रहने की उम्मीद है। Q1 में ऑपरेटिंग कॉस्ट घटने का फायदा मिला था,जो इस बार शायद न मिले। वहीं,RBI जिसने पिछली पॉलिसी में ज्यादा खुला रुख अपनाया था,अब ग्लोबल महंगाई के दबाव और रुपये (INR) को सहारा देने की जरूरत को देखते हुए अपने रुख में बदलाव पर विचार कर सकता है। इसके बावजूद,यह ध्यान रखना जरूरी है कि भारत की अर्थव्यवस्था मज़बूत बनी हुई है और इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी स्थिति में है।

लंबे समय के निवेशक निवेश बनाए रख सकते हैं और बाजार में करेक्शन का फायदा उठाकर धीरे-धीरे और निवेश कर सकते हैं। वहीं,कम समय के निवेशक इंतज़ार करो और देखो की रणनीति अपना सकते हैं। जब अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और सरकार के मज़बूत कदमों से ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में स्थिरता न आ जाए तब तक हमें वेट एंड वॉच मोड में रहना चाहिए।

मार्केट पर टेक्निकल व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि छोटे ट्रेडिंग वीक में बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट आई। निफ्टी 3.10 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। जबकि सेंसेक्स में लगभग 2000 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट-बुकिंग देखी गई। कंज्यूमर और ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। कंज्यूमर इंडेक्स 6.15 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स 5.85 प्रतिशत गिरा।

इस पूरे हफ्ते बाजार को ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा। वीकली चार्ट पर एक लंबी मंदी वाली कैंडल बनी। इंट्राडे चार्ट पर निफ्टी लगातार’लोअर हाई’और ‘लोअर लो’बनाता रहा जो काफी हद तक निगेटिव ट्रेंड का संकेत है।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि बाजार का शॉर्ट टर्म स्ट्रक्चर कमजोर है। लेकिन यह ‘ओवरसोल्ड’पोजीशन में है। इसलिए,मौजूदा स्तरों से’पुलबैक रैली’की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नीचे की ओर निफ्टी के लिए 22,200 अहम सपोर्ट जोन है। जबकि 22,500 एक तत्काल रेजिस्टेंस लेवल है। 22,500 के ऊपर जाने पर पुलबैक 22,700–22,800 तक बढ़ सकता है। इसके विपरीत,22,200 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और निफ्टी 22,000–21,950 तक गिर सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए,54,000 एक अहम सपोर्ट जोन है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है,तो इंडेक्स 55,000–55,500 तक वापस उछल सकता है। हालांकि,54000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और 53,500–53,200 तक गिरावट की संभावना बढ़ सकती है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि निफ्टी 22,544 के लेवल के पास हल्की गिरावट (गैप-डाउन) के साथ खुला और हाल के सेशन में दिखी कमजोरी के कारण दबाव में बना रहा। इंडेक्स अभी 22,500–22,550 के अहम सपोर्ट जोन को टेस्ट कर रहा है, इसलिए शॉर्ट-टर्म टेक्निकल स्ट्रक्चर के लिए इस जोन का टिके रहना जरूरी है। अगर यह लगातार 22,500 के नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 22,300 के लेवल तक जा सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि ऊपर की तरफ 22,700–22,800 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। अगर निफ्टी लगातार 22,800 के ऊपर रिकवर करता है तो इससे कुछ स्टेबिलिटी मिल सकती है और 23,000 की तरफ बढ़ने में मदद मिल सकती है। 23,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा कॉल OI भी है,जिससे डेरिवेटिव्स के नजरिए से यह लेवल एक बड़ा रेजिस्टेंस बन जाता। मोमेंटम इंडिकेटर कमजोर बने हुए हैं। RSI 20s के बीच में है और पूरी तरह से ओवरसोल्ड जोन में है,जो लगातार गिरावट का मोमेंटम दिखाता है। हालांकि,बहुत ज्यादा ओवरसोल्ड हालात की वजह से बीच-बीच में रिकवरी की कोशिशें हो सकती हैं। लेकिन निकट भविष्य के लिए टेक्निकल आउटलुक बेयरिश बना हुआ है।

 

Market Insight : बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की आग में झुलसा बाजार, श्रीकांत चौहान से जाने कमजोर बाजार में भी किन शेयरों में हो सकती है कमाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Crash: इन 3 वजहों से शेयर बाजार में हाहाकार! निवेशकों के डूबे ₹4 लाख करोड़

Stock Market Crash Today: भारतीय शेयर बाजार में आज आई तूफानी बिकवाली ने निवेशकों को भारी चपत लगाई है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से हो रही ताबड़तोड़ बिकवाली और ऑटो शेयरों में आई बड़ी गिरावट के चलते बाजार क्रैश हो गया। सेंसेक्स करीब 850 अंक टूटकर 71,650 के स्तर पर आ गया, वहीं एनएसई का निफ्टी 50 263 अंक (1.16%) फिसलकर 22,356.60 के पास कारोबार कर रहा है।

1 ही दिन में डूबे ₹4 लाख करोड़!

बाजार में मचे इस हाहाकार के कारण बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन भारी गिरावट के साथ नीचे आ गया है। इस चौतरफा बिकवाली के चलते निवेशकों की संपत्ति में से करीब 4 लाख करोड़ रुपये एक ही झटके में स्वाहा हो गए।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.36% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.07% तक टूट गया।

ऑटो इंडेक्स 3% गिरा: बजाज ऑटो और M&M के शेयर धड़ाम

बिक्री आंकड़ों में सुस्ती के कारण ऑटो शेयरों की सबसे ज्यादा पिटाई हुई है। बिक्री घटने की खबरों के बीच बजाज ऑटो का शेयर करीब 6% तक फिसल गया। घरेलू बिक्री के निराशाजनक आंकड़ों से एमएंडएम का शेयर भी 2.4% नीचे आ गया।

बाजार में तबाही के 3 मुख्य कारण

 1. FIIs की आक्रामक बिकवाली: विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार को नीचे खींच रही है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी के बाद बीते दो कारोबारी सत्रों में FIIs ने कुल ₹20,128 करोड़ के भारतीय शेयर बेचे हैं।

2. रुपये में बड़ी गिरावट: डॉलर इंडेक्स के 3 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से रुपया 0.16% गिरकर 95.9850 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया।

3. India VIX में उछाल: बाजार में उतार-चढ़ाव और घबराहट को दर्शाने वाला ‘इंडिया विक्स’ 5% बढ़कर 14.13 के स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती अनिश्चितता को दिखाता है।

बाजार का मौजूदा हाल

दोपहर 1:30 बजे तक भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया है, जहां सेंसेक्स 837.38 अंक (1.15%) की बड़ी गिरावट के साथ 71,642.91 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, वहीं निफ्टी 50 भी 287.90 अंक (1.27%) फिसलकर 22,332.55 पर आ गया है। इसके अलावा, ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 में 1.56% (930.45 अंक) की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जबकि निफ्टी बैंक 240.90 अंक (0.44%) गिरकर 54,392.15 पर और बैंकेक्स 361.82 अंक (0.58%) टूटकर 61,363.43 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 28 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : भारतीय बाजार आज बढ़त लेकर बंद हुए हैं। CAS के बाद सेंसेक्स 300 से ज़्यादा अंक ऊपर बंद हुआ है। वहीं, निफ्टी 23,150 के करीब क्लोज हुआ है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद सेंसेक्स 315 अंक बढ़कर 73,895.74 पर बंद हुआ है। जबकि निफ्टी 77 अंक चढ़कर 23,140.50 पर सेटल हुआ है। प्री-CAS क्लोजिंग के मुकाबले, सेंसेक्स में लगभग 14 अंकों और निफ्टी में लगभग 12 अंकों की बढ़त देखी गई। निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 0.89 प्रतिशत और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.88 प्रतिशत की बढ़त हुई। जबकि रियल्टी में 0.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। प्राइवेट बैंक में 0.45 प्रतिशत और मेटल्स में 0.35 प्रतिशत की बढ़त हुई।

निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.23 प्रतिशत गिरा, जबकि ऑयल एंड गैस में 0.18 प्रतिशत और IT में 0.17 प्रतिशत की गिरावट आई। फार्मा भी 0.15 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 84 अंक गिरकर 60,906 पर बंद हुआ। निफ्टी और सेंसेक्स के बढ़त के साथ बंद होने के बावजूद, यह इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ।

बैंक निफ्टी 142 अंक बढ़कर 55,580 पर पहुंच गया। इसमें कुछ खास फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी देखी गई। एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

SEBI रजिस्टर्ड ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म, ‘एनरिच मनी’ के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद निफ्टी में काफी टेक्निकल दबाव बना हुआ है और इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर भी काफी कमजोर है। ऊपर की ओर, 23,200–23,300 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 23,300 के ऊपर क्लोज होता है तो 23,400–23,500 की तरफ थोड़ी राहत की रैली दिख सकती है, लेकिन जब तक यह जोन मजबूती से वापस हासिल नहीं हो जाता, तब तक किसी भी उछाल पर फिर से बिकवाली देखने को मिल सकती है।

नीचे की तरफ 23,000 का लेवल एक अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट है जिस पर नजर रखनी होगी। ऑप्शन डेटा से भी इसकी पुष्टि होती है, क्योंकि 23,000 के आसपास भारी ‘पुट OI’ जमा है, जो इसे शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर के लिए एक अहम लेवल बनाता है। अगर यह लेवल निर्णायक रूप से टूटता है, तो बिकवाली तेज़ हो सकती है और 22,900–22,800 के लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है। कुल मिलाकर, बाजार का शॉर्ट-टर्म सेटअप ‘बेयरिश’ बना हुआ है। हालांकि ओवरसोल्ड पोजीशन से बीच-बीच में थोड़ी राहत वाली तेजी (रिलीफ रैली) आ सकती है, लेकिन लगातार रिकवरी के लिए इंडेक्स को पहले 23,300 और उसके बाद 23,500 के स्तर को फिर से हासिल करना होगा।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट ने कहा कि गुरुवार को हुई भारी बिकवाली के बाद आज भारतीय इक्विटी मार्केट में थोड़ी रिकवरी दिखी। दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी 73,600 और 23,050 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहे थे। यह रिकवरी रिस्क लेने की इच्छा में किसी बड़े सुधार के बजाय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और चुनिंदा शेयरों में वैल्यू बाइंग की वजह से आई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत अभी भी $106 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, US ट्रेजरी यील्ड 5% से ऊपर है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है, इसलिए मैक्रो रिस्क अभी भी एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। लार्ज-कैप और कमजोर मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों के बीच का अंतर यह भी बताता है कि निवेशक अभी भी चुनिंदा शेयरों में ही निवेश कर रहे हैं। आगे चलकर, इस रिकवरी के टिके रहने का दारोमदार कच्चे तेल की कीमतों के स्थिर होने, ग्लोबल यील्ड में कमी आने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव कम होने पर निर्भर करेगा। तब तक, बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।

ग्लोब कैपिटल मार्केट लिमिटेड में इक्विटी रिसर्च के AVP, विपिन कुमार ने कहा कि जब तक निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 23,500-23,600 के स्पॉट ज़ोन के नीचे ट्रेड करता रहेगा, तब तक चार्ट का स्ट्रक्चर नेगेटिव बना रहेगा। निफ्टी के लिए प्राइस सपोर्ट 23,100-23,000 के लेवल के आसपास है। उन्होंने आगे कहा कि इस ज़ोन के नीचे की क्लोजिंग को नेगेटिव माना जाएगा। ऐसा होने पर निफ्टी निकट भविष्य में 22,500-22,400 की ओर जा सकता है।

सावधानी भरा नजरिया बनाए रखते हुए एक्सिस डायरेक्ट में डेरिवेटिव्स और टेक्निकल रिसर्च के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट, हेमांग गौर ने कहा कि निफ्टी के लिए सबसे करीबी सपोर्ट 23,000 पर है और अगर यह टूटता है तो यह 22,800-22,850 की ओर गिर सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 23,150 के पार जाने पर पुलबैक 23,250-23,300 तक बढ़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में लगातार कमी आने से मार्केट को खोई हुई बढ़त वापस पाने में मदद मिल सकती है।

 

 

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Market This Week :उतार-चढ़ाव के बीच बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ हुआ बंद, रुपये में जारी रही बढ़त

Market This Week : भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। इस हफ्ते बाजार में काफ़ी उतार-चढ़ाव रहा। पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ रहे तनाव,कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और FII की लगातार बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि,रुपये की मजबूती,DII की खरीदारी,अच्छे GST कलेक्शन और अगस्त में ऑटोमोबाइल की अच्छी बिक्री ने बाजार को सपोर्ट दिया। 4 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में BSE सेंसेक्स 749.08 अंक या 0.96% गिरकर 76,515.43 पर बंद हुआ। जबकि निफ़्टी 277.95 अंक या 1.14% की गिरावट के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ।

निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट

इस हफ्ते निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट आई। इस गिरावट में KEI इंडस्ट्रीज, पॉलीकैब इंडिया, हैवेल्स इंडिया, KPIT टेक्नोलॉजीज़, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हीरो मोटोकॉर्प, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, 360 ONE WAM, लॉरस लैब्स, हिताची एनर्जी इंडिया और ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ़ इंडिया जैसी कंपनियों का योगदान रहा। दूसरी ओर, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, LIC हाउसिंग फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक और टाटा कम्युनिकेशंस बढ़त वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रहीं।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट हुआ बंद

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने हफ्ते के दौरान 20,187.80 का नया हाई छुआ, लेकिन आखिर में यह लगभग सपाट बंद हुआ। IFCI, वेल्सपन कॉर्प, कैप्रि ग्लोबल कैपिटल, RBL बैंक, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, अर्बन कंपनी और इंद्रप्रस्थ गैस उन कंपनियों में शामिल थीं जिनमें सबसे ज़्यादा बढ़त देखने को मिली। जबकि आरती इंडस्ट्रीज, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, अमारा राजा एनर्जी एंड मोबिलिटी, स्वान कॉर्प और दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन में सबसे ज़्यादा गिरावट आई।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर एक नजर

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो इंडेक्स 4% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 2.6% नीचे रहा,जबकि निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी FMCG में से हर एक में 2% की गिरावट आई। हालांकि,निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1% की बढ़त हुई।

FIIs की बिकवाली रही जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे हफ़्ते भी बिकवाली जारी रखी, हालांकि इसकी रफ़्तार धीमी रही। उन्होंने इस हफ़्ते 5,611.94 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को मज़बूत सपोर्ट देना जारी रखा और हफ़्ते के दौरान 23,156.38 करोड़ रुपये का निवेश किया।

मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घटा

इस हफ़्ते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घट गया,जिसकी मुख्य वजह बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। मार्केट वैल्यू में सबसे ज़्यादा कमी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की वजह से आई, इसके बाद भारती एयरटेल, मारुति सुज़ुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा का नंबर रहा। दूसरी ओर इस हफ़्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक ने सबसे ज़्यादा वेल्थ क्रिएट की।

अगले 1 महीने में बैंक निफ्टी में आ सकती है 5000 अंकों की तेजी, अगले 12 महीने में डबल हो सकता है सीएनएक्स आईटी

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते हुआ मजबूत

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते मजबूत हुआ और इस दौरान दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 89 पैसे बढ़कर 94.49 रुपये पर बंद हुआ। जबकि, 21 अगस्त को रुपया 95.38 रुपये पर बंद हुआ था। इस हफ़्ते के दौरान,घरेलू मुद्रा 95.48 रुपये से 94.27 रुपये के दायरे में कारोबार करती रही।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, Network18 ग्रुप का हिस्सा है। Network18 को इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट कंट्रोल करता है, और रिलायंस इंडस्ट्रीज इसकी एकमात्र बेनिफिशियरी है।)

 

Market Trend : बैंक, NBFCs, ऑटो और रियल एस्टेट पर दबाव बने रहने की उम्मीद, चुनिंदा IT शेयर कर सकते हैं आउटपरफॉर्म

Market Trend : US-ईरान टेंशन,कच्चे तेल में उछाल और बढ़ती बॉन्ड यील्ड से बाजार डर गया है। निफ्टी करीब दो सौ प्वाइंट टूटकर 23850 के नीचे है। मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का ज्यादा प्रेशर है। हालांकि बैंक निफ्टी की रिकवरी की कोशिश हो रही है। इधर क्रूड 96 डॉलर के ऊपर है तो इंडिया VIX 4 परसेंट उछला है। आज ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली आई है। ऑटो इंडेक्स 2 परसेंट से ज्यादा नीचे आया है। आयशर, बजाज ऑटो निफ्टी के टॉप लूजर हैं। वहीं रियल्टी, IT, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और डिफेंस में भी कमजोरी है। लेकिन चुनिंदा PSU बैंकों में खरीदारी दिख रही है।

बाजार: आज कहां हो नजर

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज रेट सेंसिटिव सेक्टर्स पर काफी दबाव हो सकता है। बैंक, NBFCs, ऑटो और रियल एस्टेट पर दबाव दिख सकता है। सबसे ज्यादा दबाव गोल्ड फाइनेंस शेयरों पर रह सकता है। पिछले 2-3 दिनों से आवाज़ पर मणप्पुरम, मुथूट फाइनेंस पर निगेटिव नजरिया रहा है। हालांकि निवेशकों के लिए खरीदारी के मौके भी हैं। हिंद जिंक और बाकी मेटल शेयरों में भी काफी दबाव दिख सकता है। श्रीराम फाइनेंस, चोला फाइनेंस जैसे ऑटो फाइनेंस शेयर भी गिर सकते हैं। रियल एस्टेट और हाउसिंग फाइनेंस शेयरों में भी दबाव संभव है।

चुनिंदा IT शेयर आज Outperform कर सकते हैं। कल IT शेयरों ने अच्छी रिकवरी दिखाई है। डॉलर और कच्चे तेल का ऊपर आना और कोस्पी का नीचे आना IT के लिए एल्गो पॉजिटिव है। आखिर में, India VIX अपनी Complacency से बाहर आ रहा है। गिरते बाजार में VIX का ना बढ़ना ठीक संकेत नहीं था।

FIIs लगातार शॉर्टिंग कर रहे हैं और उनका ट्रैक रिकॉर्ड बढ़िया है। इस तरह की शॉर्टिंग वो आमतौर पर 500-1000 अंकों के लिए करते हैं। 24,600 से हम पहले ही 24,000 तक आ चुके हैं। 23,950 नहीं बचा तो 23,600-23,800 भी संभव है। 24,200 के ऊपर निकले तभी कोई शॉर्ट कवरिंग संभव है।

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट 23,950-24,000 पर है। इसके नीचे फिसले तो अगला बड़ा सपोर्ट सिर्फ 23,800 पर होगा। निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,100-24,150 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,200-24,250 पर है। 24,000-24,050 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें। सख्त SL 24,100 पर रखें। खरीदारी तभी करें जब 23,900-23,950 को बचाए,सख्त SL 23,875 पर होना चाहिए।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि बैंक निफ्टी कल ठीक 200 DMA पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में अब तक 57,000-58,000 की रेंज रही है। आज 57,000 टूटने का रिस्क रहेगा। 57,400-57,500 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें,SL 57,600 पर रखें। खरीदारी तभी करें जब बैंक निफ्टी 57,900-58,000 को बचाए, SL 57,800 पर सेट करें।

 

Trading Picks : इंडेक्स में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

 

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