Market Outlook: बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 19 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook: 16 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 23,100 के स्तर के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 413.66 अंक या 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,729.27 पर और निफ्टी 148.80 अंक या 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ है। इस दौरान लगभग 2221 शेयरों में तेजी आई, 1791 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, टीसीएस, इंफोसिस, भारती एयरटेल और एमएंडएम (M&M) शामिल रहे, जबकि इंटरग्लोब एविएशन, बीएसई लिमिटेड, मैक्स हेल्थकेयर, टाटा कंज्यूमर और जियो फाइनेंशियल के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

FMCG, ऑयल एंड गैस और फार्मा को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। इनमें इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, मेटल, PSU बैंक और इंफ्रा सेक्टर में 1-2 प्रतिशत की तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक बिना किसी बड़े बदलाव के (फ्लैट) बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय इक्विटी बाजार में रिकवरी का सिलसिला जारी रहा। इसमें IT शेयरों में लगातार हुई खरीदारी का अहम योगदान रहा। मजबूत तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की अच्छी टिप्पणियों ने इस सेक्टर की कमाई के आउटलुक को लेकर भरोसा बढ़ाया है।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मजबूती ने भी बाजार के सेंटीमेंट को सहारा दिया। हालांकि,इनपुट कॉस्ट बढ़ने के कारण दूसरी तिमाही (Q2) में मार्जिन घटने की चिंताओं के चलते FMCG शेयरों पर दबाव बना रहा। अलग-अलग सेक्टरों में दिख रहा यह अंतर बताता है कि लगातार बने लागत के दबाव के बीच निवेशक ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनके अर्निंग आउटलुक अच्छे नजर आ रहे हैं। रुपये की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से भले ही नियर टर्म में कुछ सपोर्ट मिले,लेकिन ग्लोबल महंगाई बढ़ने और भू-राजनीतिक जोखिमों को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। इस रिकवरी को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि IT के अलावा अन्य सेक्टरों में भी अर्निंग मजबूत हो। इसके लिए घरेलू मांग में सुधार और मार्जिन पर दबाव का कम होना जरूरी है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि शुक्रवार को बाजार में लगातार दूसरे दिन रिकवरी देखने को मिली। गुरुवार की जोरदार तेजी के बाद,बेंचमार्क इंडेक्स ऊंचे स्तर पर कारोबार करते नजर आए। बाजार की शुरुआत सपाट रही,लेकिन बाद में कुछ खास शेयरों,खासकर टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को मजबूती मिली। इसके बाद बाजार एक रेंज में आ गया,लेकिन इसने अपनी अधिकांश बढ़त बनाए रखी। अंत में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही अपने दिन के उच्चतम स्तरों के करीब बंद हुए।

सेक्टर के लिहाज से देखें तो,IT शेयरों ने लगातार चौथे सत्र में बढ़त को लीड किया। तिमाही नतीजों से मिले मोमेंटम के कारण इनमें करीब 4% की तेजी आई। मेटल और ऑटो शेयरों ने भी बाजार की तेजी में योगदान दिया। हालांकि, कुछ FMCG, रियल्टी और एनर्जी शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की तेजी सीमित रही। ब्रॉडर मार्केट के इंडेक्स लगातार दूसरे सत्र में सुस्त रहे और मिडकैप तथा स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए।

तिमाही नतीजों के बाद IT शेयरों में आई तेजी,बाजार की रिकवरी की मुख्य वजह रही है, जबकि दूसरे सेक्टरों ने भी इसमें सहायक भूमिका निभाई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ, जिससे घरेलू बाजार को कुछ राहत मिली। हालांकि, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रही। इसके अलावा, लगातार बनी हुई महंगाई और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को लेकर चिंताएं अभी भी हैं,जिसके चलते सतर्क रहने की जरूरत है।

आगे की बात करें तो सोमवार को शुरुआती कारोबार में बाजार बड़े बैंकों जैसे HDFC बैंक, एक्सिस बैंक और ICICI बैंक के तिमाही नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा। इसके साथ ही वीकेंड के दौरान ग्लोबल स्तर पर होने वाली घटनाओं का भी बाजार पर असर पड़ सकता है। तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी 23,300 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। अगर यह मजबूती से इस स्तर के ऊपर निकलता है तो रिकवरी 23,500–23,700 के स्तर तक बढ़ सकती है। वहीं,गिरावट की स्थिति में 22,700–22,900 का दायरा सपोर्ट का काम कर सकता है। मिले-जुले संकेतों और तिमाही नतीजों के मौसम को देखते हुए, बाजार पर रुख पॉजिटिव लेकिन सतर्क है। हमें चुनिंदा शेयरों में निवेश करने और अनुशासित तरीके से ट्रेड मैनेज करने पर जोर देना चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी ने लगातार दूसरे सत्र में अपनी तेजी जारी रखी और 0.65% की बढ़त के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने एक ऐसी कैंडल बनाई है जिसमें नीचे की तरफ एक ‘विक’ (wick) है। यह शुरुआती प्रॉफिट बुकिंग के बाद पूरे सत्र में लगातार बनी रही खरीदारी की दिलचस्पी को दिखाता है। लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद निफ्टी ने लगातार दूसरे हफ्ते भी बढ़त के साथ क्लोजिंग जो निचले स्तरों पर फिर से खरीदारी लौटने का संकेत है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-डे EMA के ऊपर कारोबार करता रहा। RSI निचले स्तरों से ऊपर की ओर बढ़ता रहा, जबकि पॉजिटिव MACD क्रॉसओवर और बढ़ता हुआ हिस्टोग्राम बेहतर होते मोमेंटम और दिशा में धीरे-धीरे हो रहे बदलाव का संकेत देते हैं। हालांकि,चालू रिकवरी को मजबूत करने के लिए,तत्काल रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर लगातार खरीदारी होना जरूरी होगा।

आगे 25-डे EMA के पास मौजूद 22980–23000 का जोन, तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर निफ्टी इस रेंज के नीचे टूटता है तो 22850 के स्तर तक शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है। ऊपर की तरफ, 50-डे EMA के पास वाला 23300–23320 का जोन एक रुकावट का काम कर सकता है। अगर इस रेंज के ऊपर तेजी बनी रहती है तो मौजूदा रिकवरी और तेज हो सकती है और भाव और ऊंचे स्तरों तक जा सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी एक दायरे में बना रहा,हालांकि प्राइस एक्शन में धीरे-धीरे ऊपर की ओर झुकाव बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत देता है। इंडेक्स ने नीचे की तरफ एक विक (wick) के साथ छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई और लगभग फ्लैट बंद हुआ। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी तो है, लेकिन किसी स्पष्ट दिशा को लेकर अभी भी पक्का भरोसा नहीं है। पोजीशनल नजरिए से देखें तो कंसोलिडेशन जारी है। अगली दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत होगी। RSI अभी भी न्यूट्रल दायरे में है, जबकि फ्लैट ADX यह बताता है कि किसी खास दिशा में कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है।

55200–55300 का जोन बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस रेंज के नीचे जाता है तो इसमें फिर से बिकवाली का दबाव आ सकता है और यह 54800 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 56300–56400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। अगर इंडेक्स मजबूती से इस रेंज के ऊपर निकलता है तो नई खरीदारी आ सकती है और बैंक निफ्टी 56900 के स्तर तक जा सकता है।

 

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy : IT, FMCG और बैंकिंग के ट्रिपल पावर के दम पर निफ्टी 24500 के पार, जानिए सोमवार के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Strategy : लगातार आठ हफ्ते की बिकवाली के बाद इस हफ्ते निफ्टी की पॉजिटिव क्लोजिंग की उम्मीद बढ़ी है। IT, FMCG और बैंकिंग के ट्रिपल पावर के दम पर निफ्टी 24500 के पार निकल गया है। बैंक निफ्टी में भी 800 प्वाइंट का उछाल देखने को मिला है। मिडकैप शेयरों में भी जबरदस्त जोश है। INDIA VIX भी करीब 5 फीसदी की गिरावट के साथ ठंडा पड़ा है। TCS के नतीजों ने पूरे IT सेक्टर में जोश बढ़ा दिया है। आईटी इंडेक्स 2.5 फीसदी उछला है। 4 फीसदी उछाल के साथ TCS निफ्टी का टॉप गेनर बना है। वहीं एम्फैसिस, LTM, विप्रो, कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट में भी जोरदार तेजी देखने को मिल रही है।

GST के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट का दायरा बढ़ने से FMCG शेयरों में रौनक है। यह इंडेक्स दो फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। ITC और कोलगेट करीब पांच फीसदी उछाल के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। वहीं ऑटो, प्राइवेट बैंक, NBFCs में भी अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। हॉस्पिटल शेयरों में भी तेज रफ्तार देखने को मिल रही है। मैक्स हेल्थ और अपोलो हॉस्पिटल करीब 4 फीसदी चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। उधर फोर्टिस और KIMS में भी फुल जोश है। सिर्फ NON-SCHEDULED कैंसर दवाओं के मार्जिन पर सख्ती के संकेत से इनमें जोश है।

कल वायदा में शामिल कंपनी डीमार्ट के नतीजे आएंगे। इसके मुनाफे में 16.5% का उछाल दिख सकता है। लेकिन मार्जिन कमजोर रहने का अनुमान है। इधर सोमवार को HCL टेक के नतीजे आएंगे। इसकी CC रेवेन्यू ग्रोथ 2.5% रहनी संभव है। मार्जिन में भी सुधार दिख सकता है।

बाजार: शानदार रैली

बाजार के आगे के ट्रेंड पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी ने कल की बड़ी गिरावट के बाद आज शानदार रिकवरी दी। निफ्टी ने अब तक 22,200 को निर्णायक रूप से नहीं तोड़ा है। कल क्लोजिंग में हमने शॉर्ट कवर करने का नजरिया रखा था। आज निफ्टी IT और निफ्टी बैंक दोनों से शानदार सपोर्ट मिला और निफ्टी ने 22,421 का बड़ा रजिस्टेंस क्रॉस किया। मिड और स्मॉल कैप शेयरों में भी तेजी लौटी। एंटी AI ट्रेड पूरी तरह से आज प्ले हुई है। IT ऊपर और पावर इक्विपमेंट शेयर नीचे आए। बड़ा सवाल ये है कि क्या ये रैली टिकेगी या फिर से फेल होगी?

बाजार: अब क्या?

बाजार में एक टेम्पलेट चल रही है। हर बड़ी गिरावट के बाद एक शार्प रिकवरी। हर बार ये रिकवरी 10 DEMA पर फेल होती है। एक अच्छी बात यह है कि बैंक निफ्टी अब 20 DEMA के ऊपर आने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में अगर बैंक निफ्टी 55,500 के ऊपर आया तो बड़ा पॉजिटिव होगा। निफ्टी का बड़ा ट्रेंड 23,200 के ऊपर ही बदलेगा। तब तक रैली ट्रेड करने लायक रहेगी, लेकिन फेल होने का रिस्क रहेगा। रुपये में अभी तक बड़ी रिकवरी के संकेत नहीं हैं। ऐसे में इस रैली के फिर फेल हो इसका रिस्क रहेगा।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर स्ट्रैटेजी

अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी के लिए 22,400-22,450 पर पहला सपोर्ट और 22,300-22,350 पर बड़ा सपोर्ट है। इसके लिए 22,550-22,600 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 54,800-55,000 पर सपोर्ट और 55,500-55,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market View : निफ्टी अगले 1-2 दिन 200 अंकों के दायरे में ही रहेगा, उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम

Market View : 5 अक्टूबर को कारोबारी हफ्ते के पहले दिन बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 473 अंक चढ़कर 72382 पर और निफ्टी 134 अंक बढ़कर 22556 पर बंद हुआ। बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी रही। कैपिटल मार्केट और FMCG शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। PSE और एनर्जी इंडेक्स भी बढ़त पर बंद हुए, तो वहीं फार्मा शेयरों में दबाव रहा और IT इंडेक्स ऊपरी स्तरों से फिसलकर फ्लैट बंद हुआ। बैंक निफ्टी 263 अंक चढ़कर 54,714 पर बंद हुआ। मिडकैप 392 अंक चढ़कर 59,124 पर बंद हुआ।

निफ्टी के 50 में से 31 शेयरों में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंक निफ्टी के 14 में 11 शेयरों में खरीदारी रही। डॉलर के मुकाबले रुपया 2 पैसे मजबूत होकर 96.29 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

बाजार की चाल पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि बाजार में काफी ज्यादा वोलैटिलिटी है। कल के सत्र में हमें एक रिकवरी देखने को मिली लेकिन अभी भी हम ये नहीं कह सकते कि बाजार दबाव ले उबर चुका है। चार पांच दिनों की सेलिंग के बाद एक बाउंस जरूर दिखा है। निफ्टी अभी भी 10 डेमा के नीचे ट्रेड कर रहा है। ओवरसोल्ड लेवल्स से एक टेक्निकल बाउंस जरूर नजर आ रहा है। लेकिन 22650 के आसपास स्थित 10 डेमा अभी भी एक क्रूशियल रेजिस्टेंस रहेगा। हालांकि बाजार में एक बाउंस जरूर देखने को मिल सकता है। ऐसे में अगर निफ्टी 22,650-22700 के आसपास आए तो 50 अंकों के स्टॉप लॉस के साथ शॉर्ट करना चाहिए। बेसिकली हम दोनों तरफ खेल सकते हैं। लेकिन अभी के लिए लॉन्ग होने की सलाह होगी। अगर निफ्टी आज के सत्र में फ्लैट ओपनिंग करता है और 22,500 को होल्ड करता है तो 50 अंकों के स्टॉप लॉस के साथ हम लॉन्ग भी जा सकते हैं। निफ्टी अगले 1-2 दिन 22500 से लेकर 22650-22700 की रेंज में रह सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी में भी कमजोरी बनी हुई है। हालांकि पिछले तीन चार दिनों थोड़े से लेवल्स जरूर होल्ड हुए है। लेकिन जब तक बैंक निफ्टी 55000 के ऊपर नहीं जाता तब तक कन्विक्शन नहीं आएगा। ऐसे में बैंक निफ्टी को एवॉइड करें और स्टॉक स्पेसिफिक रहें।

अमित सेठ की टॉप पिक

अमित सेठ ने अपने पसंदीदा शेयर पर बात करते हुए कहा कि इस समय डीएलएफ का स्ट्रक्चर काफी पॉजिटिव लग रहा है। पिछले 4-5 दिनों की गिरावट में डीएलएफ ने अपने अहम लेवल्स को काफी अच्छे से होल्ड किया है। मूविंग एवरेज भी पॉजिटिवली अलाइन हैं। बाजार की दो-तीन दिनों की गिरावट में भी डीएलएफ ने अपना रिलेटिव स्ट्रेंथ और अपने अहम लेवल्स काफी अच्छे से होल्ड किए। कल के सत्र में हमें इसमें वापस पुलबैक दिखाा। अगर आज बाजार में थोड़ी बहुत भी स्टेबिलिटी आती है तो इस शेयर में शॉर्ट टर्म ट्रेड के नजरिए से 666 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 685 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की जानी चाहिए।

 

 

Market Outlook : बाजार ने लगातार 4 दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा, जानिए 6 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market View : 500-700 अंक और गिर सकता है निफ्टी, सोमवार को इन दो शेयरों पर रहे नजर

Market View : शुरुआती गिरावट के बाद बाजार ने कल गुरुवार को निचले स्तरों से रिकवरी तो की,लेकिन दबाव कम नहीं हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स-निफ्टी निचले स्तरों से सुधरकर बंद हुए,मगर सेंसेक्स 31 महीने के निचले स्तर पर क्लोज हुआ। कल इसमें 14 फरवरी 2024 के बाद की सबसे निचली क्लोजिंग देखने को मिली। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट का दबाव रहा। IT को छोड़ सभी सेक्टर इंडेक्स में दबाव में रहे। ऑटो,मेटल और FMCG शेयरों में दबाव देखने को मिला। FIIs की बिकवाली जारी रही। इन्होंने 10,041.84 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं, DIIs की तरफ से बाजार को सपोर्ट जारी रहा। इन्होंने 9484.22 करोड़ रुपए की खरीदारी की।

बाजार अगले हफ्ते

अब सवाल ये है कि जब लॉन्ग वीकेंड के बाद अगले हफ्ते बाजार खुलेगा तो किस तरह का एक्शन देखने को मिल सकता है? क्या ट्रेंड है जो आप ध्यान में रख सकते हैं? इसका जवाब देते हुए त्रिशक्ति एसोसिएट्स (Trishakti associates)के पवन माहेश्वरी ने कहा कि मार्केट ने इस पूरे वीक में एक अच्छी लाल कैंडल बनाई है। इसके अलावा 8 हफ्ते से बैंक टू बैक रेड कैंडल्स ही बन रही हैं। लेकिन कल जो मार्केट में हुआ वह एक ध्यान में रखने वाली बात है। 2:30 बजे के आसपास में बाजार ने 22200 पर सपोर्ट लिया जो मल्टीपल टाइम टेस्ट हो चुका है। वहां से एक सपोर्ट लेकर निफ्टी 22400 के आसपास टिका रहा। तो ऐसा लगता है कि 22200-22180 के आसपास निफ्टी की लोअर रेंज रह सकती है जिसको स्टॉप लॉस रखते हुए बाजार में लॉन्ग के ट्रेड्स लिए जा सकते हैं और इंडेक्स में खरीदारी की जा सकता है। अगर सोमवार को निफ्टी इन लेवल्स को बचाए नहीं रख पाता तो फिर बाजार और टूट सकता है। इसके चलते निफ्टी में 500-700 अंक तक की और गिरावट दिखाई दे सकती है।

पवन माहेश्वरी की टॉप पिक्स

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए पवन माहेश्वरी ने कहा कि कल के क्लोजिंग सेशन में बैंक और आईटी सेक्टर ने जिस तरह का मूवमेंट दिया है उसको देखते हुए इन सेक्टरों पर फोकस रहना चाहिए। Infosys ने कल गुरुवार को काफी स्ट्रांग कैंडल बनाई है जिसमें वॉल्यूम्स भी अच्छे रहे हैं। इसको देखते हुए इंफोसिस में खरीदारी की सलाह है। Infosys में ₹980 के स्टॉप लॉस के साथ, ₹1250 तक के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

दूसरा अगर आप देखें तो कल के मार्केट में लास्ट के एक घंटे के अंदर IDBI बैंक ने भी काफी अच्छा मूव दिया है। पिछले तीन-चार महीने से यह शेयर धीरे-धीरे ऊपर की तरफ ही बढ़ता रहा है। इस शेयर में भी ₹80 के स्टॉप लॉस के साथ, ₹105 तक के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

Market Outlook : लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 5 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 17 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 16 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,200 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर और निफ्टी 99.00 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 1913 शेयरों में बढ़त हुई, 2241 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में SBI लाइफ इंश्योरेंस,HDFC लाइफ,ITC,एक्सिस बैंक और SBI शामिल रहे। वहीं TCS,विप्रो,इंफोसिस,टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व में गिरावट देखी गई।

IT और फार्मा को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स बिना किसी बदलाव के बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में मामूली गिरावट आई।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि भारतीय बाजार आज बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद इसमें रिकवरी हुई। सेंसेक्स लगभग 74,336 पर बंद हुआ और इसमें करीब 333 अंकों की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी भी बढ़त के साथ 99 अंक ऊपर बंद हुआ। US में कच्चे तेल का स्टॉक बढ़ने से सप्लाई से जुड़ी कुछ चिंताएं कम हुईं,जिसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।

FMCG शेयरों में सबसे ज़्यादा तेजी रही और चार दिन से जारी इनकी गिरावट का सिलसिला थम गया। आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए निवेशकों के रुझान के कारण HUL,ITC,डाबर इंडिया,इमामी,गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और P&G हाइजीन के शेयरों में 2-4% की बढ़त हुई।

सरकार ने 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% MDR लागू किया है, जिसमें 75,000 रुपये और उससे ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन के लिए अधिकतम शुल्क 300 रुपये तय किया गया है। ये नए शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होंगे। इससे 2020 में शुरू किया गया ज़ीरो MDR सिस्टम खत्म हो जाएगा। जिन छोटे व्यापारियों का मासिक UPI QR कलेक्शन 1 लाख रुपये तक है,उन्हें इससे छूट मिलेगी। P2P ट्रांज़ैक्शन पहले की तरह मुफ़्त रहेंगे। इस बदलाव से बैंकों,पेमेंट एग्रीगेटर्स और फिनटेक कंपनियों को अतिरिक्त रेवेन्यू मिल सकता है।

PhonePe के CEO समीर निगम ने कहा है कि नए MDR फ्रेमवर्क से कंपनी के IPO प्लान को मदद मिल सकती है और चालू वित्त वर्ष में इसकी लिस्टिंग हो सकती है। उम्मीद है कि यह IPO पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ होगा।

SEMICON India 2026 का आयोजन 17-19 सितंबर के बीच नई दिल्ली में किया जाएगा। इसमें 600 से ज्यादा एग्ज़िबिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है,जिससे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शेयरों पर सबकी नजर रहेगी। सरकार ने 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है, जिनमें से तीन में पहले से ही कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।

NSE का IPO कल खुलने वाला है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहने की संभावना है। सेक्टर-स्पेसिफिक डेवलपमेंट,कच्चे तेल की कीमतो और विदेशी निवेश इसके मुख्य कारण होंगे। NSE का यह बड़ा IPO प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी का भी एक बड़ा टेस्ट होगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी और US फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद (जिसका असर बाजार पहले ही पचा चुका है) से निवेशकों का भरोसा बढ़ा,जिससे भारतीय इक्विटी बाजार में भी तेजी आई। बैंक ऑफ जापान के पॉलिसी फैसले से पहले जापानी बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से भी पॉजिटिव माहौल को और मजबूती मिली,जिससे पूरे एशिया में जोखिम लेने की इच्छा को सपोर्ट मिला।

घरेलू स्तर बाजार में बैंकिंग,FMCG और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी के कारण लार्ज-कैप शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त रही,जबकि IT सेक्टर में हालिया शानदार प्रदर्शन के बाद कुछ चुनिंदा शेयरों में मुनाफा वसूली दिखी।

निवेशक अब भविष्य में ब्याज दरों की चाल के बारे में और जानकारी पाने के लिए फेड चेयरमैन के बयान का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस गाइडेंस का असर ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,कैपिटल फ़्लो और फ़ाइनेंशियल मार्केट की निकट भविष्य की दिशा पर पड़ेगा।

HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेल्वन राधाकृष्णन का कहना है कि मंगलवार को आई भारी गिरावट के बाद बुधवार को बैंकिंग शेयरों और कुछ बड़े शेयरों में वैल्यू बाइंग के चलते भारतीय इक्विटी मार्केट में थोड़ी रिकवरी देखने को नजर आई।

इस रिकवरी में बैंक निफ्टी सबसे आगे रहा। इसने 56,000 का स्तर फिर से हासिल किया और बेंचमार्क इंडेक्स को सपोर्ट दिया। हालांकि, रिकवरी में बहुत अधिक तेजी नहीं थी क्योंकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें $107-$108 प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी रहीं और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी घोषणा से पहले अमेरिकी 10-साल के ट्रेजरी यील्ड 5% के आसपास रही।

ग्लोबल मार्केट में निवेशकों का रुख सावधानी के साथ पॉजिटिव रहा। बाजार फेड के फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। इंडिया VIX घटकर 13.15 पर आ गया,जो बताता है कि निकट भविष्य की चिंता में थोड़ी कमी आई है,हालांकि उतार-चढ़ाव हाल के स्तरों से ऊपर बना हुआ है।

तकनीकी स्थिति में मामूली सुधार हुआ है लेकिन यह अभी भी कमजोर है। निफ्टी 23,200 के ऊपर बंद हुआ। लेकिन 23,300-23,500 के दायरे में उसे अभी भी रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,000 पर है और उसके बाद 22,800 पर अहम सपोर्ट है।

बैंक निफ्टी को 56,500-56,800 की ओर रिकवरी जारी रखने के लिए 56,000 के स्तर से ऊपर बने रहना होगा। अगर यह फिर से 56,000 के नीचे जाता है तो 55,500 का स्तर फिर से फोकस में आ सकता है।

फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला और उसके साथ दी जाने वाली पॉलिसी गाइडेंस ही बाजार की अगली चाल तय करेगी। फेड की संतुलित कमेंट्री से रिकवरी में मदद मिल सकती है,जबकि सख्त रुख (हॉकिश आउटलुक),बॉन्ड यील्ड में फिर से तेजी या ब्रेंट क्रूड का $110 की ओर बढ़ना बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ा सकता है और बाजार की रिकवरी को सीमित कर सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फैसले से पहले बनी अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में सावधानी का माहौल बने रहने की संभावना है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट ने कहा कि आज भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव वाला दिन रहा। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,रुपये में कमजोरी और FII की लगातार बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें,करेंसी में उतार-चढ़ाव और US फेड की पॉलिसी को लेकर उम्मीदें बाजार की दिशा तय करेंगी।

 

Trading Plan : कोई भी ट्रेड आज 3:40 बजे तक निपटा कर जाएं, कल का अनुमान अभी लगाना काफी मुश्किल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market View : निफ्टी में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, ट्रेडर इस ऑटो शेयर में बना सकते हैं अच्छा पैसा

Market View : खराब ग्लोबल संकेतों के चलते कल बाजार में दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स- निफ्टी गिरावट पर बंद हुए। मिडकैप इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 383 प्वाइंट गिरकर 76,133 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 119 प्वाइंट गिरकर 23,779 पर बंद हुआ था। IT, रियल्टी और मेटल शेयरों में बिकवाली आई। PSU बैंक और FMCG शेयरों में भी दबाव रहा। वहीं, फार्मा इंडेक्स बढ़त पर बंद हुए। बैंक निफ्टी 281 प्वाइंट गिरकर 57,088 पर बंद हुआ। मिडकैप 293 प्वाइंट गिरकर 62,787 पर बंद हुआ था।

निफ्टी के 50 में से 37 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 23 शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। बैंक निफ्टी के 14 में से 13 शेयरों में बिकवाली रही। रुपया बिना किसी बदलाव के 94.49/$ पर बंद हुआ।

बाजार के ट्रेंड पर बात करते हुए Trader & Market Expert के अमित सेठ ने कहा कि बाजार पर लगातार दबाव बना हुआ है। काफी दिनों से मार्केट में प्रेशर सस्टेन हो रहा है। इंट्राडे में कोई भी रिकवरी टिक नहीं पा रही है। कोई भी पुलबक आता है तो सस्टेन नहीं होता। जब मार्केट ने 24,000 के संभाले रखा हमें एक दो दिनों का पुलबक जरूर देखने को मिला। लेकिन कल के सत्र में वापस दबाव देखा गया और निफ्टी ने 23,850 के अहम लेवल को भी तोड़ दिया। अब निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट लगभग 23,650 के आसपास आता है। लेकिन यहां पे सेल ऑन राइस की रणनीति ज्यादा बेहतर रहेगी। वहीं, 24,000 का लेवल अब रेजिस्टेंस एरिया बन गया है। जब तक निफ्टी इस रेजिस्टेंस को पार नहीं कर लेता तब तक बाजार पर दबाव बना रहेगा। 24000 का लेवल पार होने पर 24925 की ओर कोई पुलबैक होने पर अगर कोई ओपोरर्चुनिटी मिलती है तो 40-50 पॉइंट के लिए हम शॉर्ट जा सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय निफ्टी बैंक, निफ्टी की तुलना में ज्यादा बेहतर दिख रहा है। यह अपने 200 डेमा के ऊपर है। लेकिन ओवरऑल मार्केट में दबाव है ऐसे में हमें निफ्टी बैंक को अवॉइड करना है। अगर यहां 200 डेमा ब्रेक होता है तब हम इसमें शॉर्ट पोजीशन ले सकते है। लेकिन अभी हमें निफ्टी के साथ ही ट्रेडिंग स्ट्रेटजी में जाना चाहिए।

अमित सेठ की टॉप ट्रेंडिंग पिक

अमित सेठ ने कहा कि उनको Ashok Leeland का स्ट्रक्चर काफी पॉजिटिव लग रहा है क्योंकि यहां पर ऑलरेडी एक पुलबैक आ चुका है। स्टॉक एक अच्छे सपोर्ट ज़ोन पर है। 50 डेमा पर कंसोलिडेशन हो रहा है। 200 डेमा होल्ड कर रहा है। ऐसे में लगता है कि यह शेयर इस बाजार में भी आउटपरफॉर्म कर सकता है। स्टॉप लॉस हमें 167 रुपए का रखना है। टारगेट्स 175 रुपए के रहेंगे।

 

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर हुए और कमजोर, शॉर्ट टर्म में निफ्टी के 23606 की ओर गिरने का डर

 

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Market Outlook : लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 4 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : गुरुवार, 3 सितंबर के ट्रेडिंग सेशन में बाजार की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। US फ़ेडरल रिज़र्व के साथ ही दुनिया भर के केंद्रीय बैंक बढ़ती कीमतों के दबाव से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। इस आशंका के चलते बाजार दबाव में आ गया। कारोबार के अंत में निफ्टी 0.17% की गिरावट के साथ 23,873 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.55% गिरकर 76,152 पर बंद हुआ। ये दोनों इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में गिरावट लेकर बंद हुए। हालांकि, हालांकि, ब्रॉडर मार्केट ने अपनी शुरुआती गिरावट से उबरते हुए अच्छी वापसी की। इसके चलते निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.40% की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.27% की बढ़ोतरी देखने को मिली।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी, मीडिया, केमिकल और प्राइवेट बैंक के शेयरों में खरीदारी आई। वहीं, IT, FMCG, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि बाजार की रिकवरी की कोशिशें असफल हो गईं। ग्लोबल स्तर पर मिले अच्छे संकेतों और FII के नए निवेश के बावजूद, लंबे समय से चले आ रहे जियोपॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल यील्ड में बढ़ोतरी का असर भी देखने को मिल रहा है। बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने बाजारर को सपोर्ट दिया। स्मॉल-कैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी दिखी। यह घरेलू विकास की संभावनाओं में भरोसे को दिखाता है। कच्चे तेल की लगातार बनी ऊंची कीमतें घरेलू बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। हालांकि भारत की मज़बूत ग्रोथ स्टोरी और हाल ही में सॉवरेन रेटिंग में सुधार जैसे पॉजिटिव फैक्टर बने हुए हैं। लेकिन बाजार की निकट भविष्य की दिशा मुख्य रूप से ग्लोबल मैक्रो और जियोपॉलिटिकल जोखिमों में होने वाली घट-बढ़ पर निर्भर करेगी।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च, अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में नाकाम रहा और वीकली एक्सपायरी के दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के कारण निफ्टी गैप-अप के साथ खुला। हालांकि, जैसे-जैसे कारोबारी सेशन आगे बढ़ा बिकवाली के दबाव के कारण इंडेक्स नीचे आ गया। नतीजतन अंत में निफ्टी 0.17% गिरकर दिन के निचले स्तर के पास 24,873.45 पर बंद हुआ। सेंसेक्स लगभग 0.55% गिरकर 76,152.86 पर बंद हुआ।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। रियल्टी, बैंकिंग और एनर्जी शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि IT और FMCG शेयरों पर दबाव रहा। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर रहा। इससे मिडकैप इंडेक्स में लगभग 0.37% की बढ़त हुई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 1.20% ऊपर बंद हुआ।

शुरुआत में मार्केट को ग्लोबल मार्केट में रिकवरी, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी, FII की खरीदारी और RBI के उम्मीद से ज़्यादा FCNR डिपॉजिट रोलओवर से सपोर्ट मिला, जिससे मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। हालांकि, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच निवेशक सतर्क रहे, क्योंकि ये फैक्टर ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता को प्रभावित करते रहते हैं।

टेक्निकल तौर पर निफ़्टी को रिकवरी के दौरान रुकावट का सामना करना पड़ रहा है, जो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर के कमजोर होने का संकेत है। इसके लिए 23,800 का जोन शॉर्ट-टर्म के लिए एक अहम सपोर्ट बना हुआ है और अगर यह लेवल टूटता है, तो 23,700–23,600 के जोन की ओर गिरावट आ सकती है। ऊपर की ओर, 24,000–24,150 का जोन रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमजोर मार्केट मोमेंटम को देखते हुए रिस्क मैनेजमेंट पर खास फोकस रखते हुए सतर्क और स्टॉक-स्पेसिफिक अप्रोच अपनाने की सलाह होगी।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आने वाले समय में बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों और मैक्रो-इकोनॉमिक हालात पर निर्भर करेगी। अगर हालात और बिगड़े तो बाजार में सावधानी बरती जा सकती है और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। अच्छी बात यह है कि इंस्टीट्यूशनल निवेश में स्थिरता और भारत की मज़बूत ग्रोथ की उम्मीद बाजार को सहारा दे सकती है। खास तौर पर ब्याज दरों से प्रभावित होने वाले सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की रणनीति अपनाने की जरूरत है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी की शुरुआत गैप-अप के साथ हुई, लेकिन राइजिंग चैनल के निचले बैंड के पास उसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा, जिससे पूरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा। डेली टाइमफ्रेम पर ‘डार्क क्लाउड कवर’ कैंडलस्टिक पैटर्न बना है जो निकट भविष्य में कमजोरी बने रहने का संकेत देता है। निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 23,850 पर सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर इंडेक्स 23,700–23,730 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपरी स्तर पर, 24,000 पर रेजिस्टेंस है। मंदी के रुझान को खत्म करने के लिए निफ्टी के लिए 24,000 के स्तर के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा।

 

बाजार में इस समय निफ्टी का टेक्सचर काफी खराब, अभी इंडेक्स में कोई पोजिशन कैरी नहीं करें

 

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Tata Group Stock: टाटा ग्रुप के स्टॉक में 42% कमाई का मौका! मोतीलाल ओसवाल ने ₹1500 का टारगेट दिया

Tata Group Stock: टाटा ग्रुप की FMCG कंपनी Tata Consumer Products के शेयर को लेकर ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal काफी पॉजिटिव है। ब्रोकरेज ने शेयर पर Buy रेटिंग दी है। साथ ही इसका टारगेट प्राइस ₹1,500 रखा है। अभी शेयर करीब ₹1,057.90 पर है। यानी मौजूदा भाव से शेयर में करीब 42% की तेजी की गुंजाइश है।

₹1,500 तक क्यों जा सकता है शेयर?

टाटा कंज्यूमर अब सिर्फ चाय और नमक की कंपनी नहीं रही। कंपनी लगातार नए कारोबार में उतर रही है। Tata Sampann, Tata Soulfull, Organic India और Capital Foods जैसे ब्रांड तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे कंपनी का ग्रोथ पोर्टफोलियो मजबूत हो रहा है।

कंपनी नए प्रोडक्ट भी तेजी से लॉन्च कर रही है। FY25 में 41 नए प्रोडक्ट आए थे। FY26 में यह संख्या बढ़कर 80 हो गई। इनमें 55% प्रोडक्ट हेल्थ और वेलनेस से जुड़े थे। यानी कंपनी अब इस सेगमेंट पर खास जोर दे रही है।

ऑनलाइन बिक्री बनी बड़ा सहारा

Tata Consumer के लिए ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स भी तेजी से बढ़ रहे हैं। FY22 में भारत के कारोबार में इन चैनलों की हिस्सेदारी 19% थी। FY26 में यह बढ़कर 41% हो गई। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स से मिलकर कंपनी को 19% रेवेन्यू मिल रहा है।

कंपनी की पहुंच भी बढ़ी है। FY26 में कंपनी 45 लाख आउटलेट तक पहुंच चुकी थी। इसका फायदा नए प्रोडक्ट को तेजी से बाजार में उतारने में मिल सकता है।

कमाई बढ़ने का अनुमान

Motilal Oswal को उम्मीद है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी का रेवेन्यू करीब 10% CAGR से बढ़ेगा। EBITDA में 16% और मुनाफे में 21% CAGR का अनुमान है। इसी उम्मीद के आधार पर ब्रोकरेज ने ₹1,500 का टारगेट दिया है।

टाटा कंज्यूमर के इंटरनेशनल कारोबार पर कॉफी की महंगी कीमतों का असर पड़ा था। अब इसमें राहत मिल रही है। FY27 की पहली तिमाही में Arabica की कीमत 6% और Robusta की कीमत 9% तिमाही आधार पर घटी। इससे खासकर अमेरिकी कारोबार के मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।

टाटा कंज्यूमर के शेयर

टाटा कंज्यूमर का शेयर सोमवार को 0.85% की बढ़त के साथ 1,057.90 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में यह 10.20% टूटा है। वहीं, 1 साल में 2.19% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.05 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।