Market Outlook : आज मिलाजुला रहा शेयर बाजार का रुख, जानिए 21 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार में मिलाजुला रुख रहा। निफ्टी में 75.80 अंकों की बढ़त हुई, जबकि सेंसेक्स लगभग सपाट बंद हुआ। मेटल,सीमेंट, मीडिया,रियल्टी और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी से बाज़ार को सहारा मिला,जबकि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) शेयरों पर दबाव बना रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,294.96 पर बंद हुआ। जबकि,निफ्टी 50 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत बढ़कर 23,346.40 पर बंद हुआ।

निफ्टी में लगातार तीसरे सत्र में बढ़त दर्ज की गई। हालांकि,सप्ताह के दौरान इसमें 0.22 प्रतिशत की गिरावट आई,जो लगातार छठी वीकली गिरावट है। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 50 में 1.73 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.74 प्रतिशत की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप 50 में 0.87 प्रतिशत की तेजी आई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि उतार-चढ़ाव के बावजूद बाजार में रिकवरी का सिलसिला तीसरे सेशन में भी जारी रहा। डेली चार्ट पर एक छोटी पॉजिटिव कैंडल बनी है,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ छोटी शैडो हैं। बाजार की चाल सुस्त बनी हुई है।

शेट्टी ने बताया कि निफ्टी लगातार छठे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ है और इसमें वीकली बेसिस पर 0.22% की गिरावट आई है। उनके मुताबिक,हालांकि शॉर्ट-टर्म में थोड़ी रिकवरी दिख रही है,लेकिन ओवरऑल स्थिति अभी भी कमजोर है।

उन्होंने कहा निफ्टी 23100-23000 के अहम निचले सपोर्ट लेवल से मजबूत रिकवरी करने में नाकाम रहा। अब कोई तेजी आने पर निफ्टी के 23,500-23,600 के लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। जबकि, गिरावट की स्थिति में 23,100-23,000 के लेवल पर सपोर्ट मिल सकता है।

स्टॉक्सकार्ट के डायरेक्टर और CEO प्रणय अग्रवाल ने कहा कि फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 25-बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी और 2026 में और सख्ती के संकेतों से यह बात पक्की हो गई है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी। इससे निकट भविष्य में ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अमेरिका में ऊंची यील्ड और मजबूत डॉलर का असर डॉलर एसेट्स में कैपिटल एलोकेशन पर पड़ सकता है, जिससे भारत समेत तमाम उभरते बाजारों में FII का निवेश कुछ हद तक सतर्कता भरा रह सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि विदेशी निवेश की निकासी और ग्लोबल स्तर पर ऊंची यील्ड के कारण भारतीय इक्विटी मार्केट पर भी बीच-बीच में दबाव बन सकता है। उन सेक्टरों पर ज्यादा दबाव देखने को मिल सकता है जो ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील हैं या जिनका वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है। हालांकि,घरेलू मांग में मजबूती,घरेलू संस्थागत निवेशकों की भागीदारी और कंपनियों की अर्निंग को लेकर स्पष्टता से ब्रॉडर मार्केट को कुछ सहारा मिल सकता है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि निफ्टी हाल के निचले स्तरों से रिकवरी की कोशिश को जारी रखते हुए 23,335 के स्तर के पास थोड़ी बढ़त के साथ खुला। हालांकि,बड़ा तकनीकी ढांचा अभी भी कमजोर बना हुआ है। मोमेंटम इंडिकेटर में कोई खास बदलाव नहीं आया है और वे अभी भी खरीदारी में सुस्ती ही दिखा रहे हैं। इंडेक्स को 23,500–23,600 की ओर बढ़ने के लिए लगातार 23,400 के ऊपर टिके रहना होगा।

उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी के लिए नीचे की तरफ 23,200 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। उसके बाद 23,100–23,070 का ज़ोन ज़्यादा मज़बूत सपोर्ट के तौर पर काम करेगा। कुल मिलाकर नियर टर्म में बाजार में सतर्कता का रुख बने रहने की उम्मीद है। बाजार के सेंटीमेंट में और सुधार के लिए निफ्टी को 23,400 के ऊपर एक मजबूत चाल की जरूरत है। जबकि, नीचे की तरफ इसके लिए 23,100–23,070 पर सपोर्ट है। यह सपोर्ट टूटने पर बाजार में गिरावट का ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है।

 

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Market Outlook : मिलेजुले रुख के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 18 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : गुरुवार को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। जबकि निफ्टी ने अपनी बढ़त बनाए रखी। दोपहर 3:30 बजे CAS के बाद बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 21.86 अंक या 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,314.59 पर था, जबकि निफ्टी 53 अंक या 0.23 प्रतिशत बढ़कर 23,270.60 पर पहुंच गया।

रियल्टी और फार्मा सेक्टर में 1.5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखी गई। जबकि मीडिया में 1.35 प्रतिशत और ऑटो व मेटल सेक्टर में लगभग 1-1 प्रतिशत की तेजी आई। बैंकिंग इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। छोटे-मझोले शेयरों (ब्रॉडर मार्केट) का प्रदर्शन बेहतर रहा। इसके चलते मिडकैप 0.92 प्रतिशत और स्मॉलकैप 0.71 प्रतिशत ऊपर बंद हुए। मार्केट ब्रेथ पॉजिटिव रहा। आज 1,487 शेयरों में गिरावट के मुकाबले 2,480 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। जबकि इंडिया VIX में लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि उम्मीद के मुताबिक यूएस फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने और बॉन्ड यील्ड में कमी से ग्लोबल इक्विटी मार्केट को कुछ समय के लिए सहारा मिला और महंगाई के धीरे-धीरे कम होने की उम्मीदें भी मजबूत हुईं। इसके बावजूद,घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। लेकिन हालिया गिरावट के बाद ‘वैल्यू बाइंग’के चलते बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और US टैरिफ के जोखिम के कारण ब्याज दरें और बढ़ाने के दौर की आशंका बनी हुई है, जिससे निवेशकों का रुख सतर्क रहने की संभावना है।

उन्होंने आगे कहा कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन बेहतर बना रहा क्योंकि निवेशकों ने उन कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं जिनकी कमाई की संभावना मजबूत है,जिनके पास अच्छे ऑर्डर हैं और जिनकी बैलेंस शीट मजबूत है। इनमें खासकर कैपिटल गुड्स,इंडस्ट्रियल,डिफेंस,पावर और हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनियां शामिल रहीं।

HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेलवन राधाकृष्णन ने कहा कि निफ्टी 23,300 के रेजिस्टेंस लेवल के करीब पहुंच रहा है। अगर यह मजबूती से इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो रिकवरी 23,500 तक जा सकती है,जबकि इसके लिए सपोर्ट लेवल 23,200 और 23,000 पर बना हुआ है। जब तक निफ्टी 23,300 के लेवल को साफ तौर पर पार नहीं कर लेता,तब तक बाजार के कंसोलिडेशन मोड में रहने की संभावना है।

ग्लोब कैपिटल मार्केट में AVP-रिसर्च,विपिन कुमार ने कहा कि निफ्टी इंडेक्स में रिकवरी की रैली जारी रही और यह मामूली बढ़त के साथ फ्लैट-टू-पॉज़िटिव बंद हुआ। हालांकि,उन्होंने कहा कि पोज़िशनल चार्ट का स्ट्रक्चर अभी भी नेगेटिव बना हुआ है,जिसमें 23,450–23,600 के दायरे में कई रेजिस्टेंस लेवल हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जब तक इंडेक्स इस रेजिस्टेंस ज़ोन के नीचे ट्रेड करता है तब तक उछाल पर बिकवाली की ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी अपनाने की सलाह होगी। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए 23,100–23,000 का दायरा तत्काल सपोर्ट जोन का काम करेगा।

टेक्निकल व्यू

एनालिस्ट्स का कहना है कि मार्केट में तेजी लौटने के लिए निफ्टी को 23,300 के स्तर को मजबूती से पार करना होगा। बजाज ब्रोकिंग में रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पवित्रो मुखर्जी ने कहा कि निफ्टी ने अभी तक ‘हायर हाई-हायर लो’ का स्ट्रक्चर नहीं बनाया है,जिससे बाज़ार का मूड अभी भी सतर्क बना हुआ है। मंगलवार के हाई के पास स्थित 23,600 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर निफ्टी 23,600 के ऊपर टिकता है,तो इससे मौजूदा गिरावट के थमने का संकेत मिलेगा। उन्होंने आगे कहा कि नीचे की तरफ 23,116 (मंगलवार और बुधवार का लो) का जोन अभी भी तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर यह स्तर टूटता है तो आने वाले सेशन में गिरावट का दौर 23,000 और 22,800 के स्तर तक बढ़ सकता है।

एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पलविया ने कहा कि टेक्निकल नज़रिए से देखें तो 23,350 के नीचे निफ्टी का रुख सावधानी के साथ मंदी (बेयरिश) वाला बना हुआ है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,100 पर है। अगर यह इस लेवल के नीचे टूटता है तो इंडेक्स 22,800 की ओर जा सकता है। ऊपर की तरफ, 23,350 और 23,500 अहम रेजिस्टेंस लेवल बने हुए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में और कमी या फेड का रुख कम सख्त होने से रिकवरी को सपोर्ट मिल सकता है और निकट भविष्य के सेंटीमेंट में सुधार हो सकता है।

HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड देवर्स वकील ने कहा कि अगर निफ्टी 23,100 के पास स्थित हाल के स्विंग लो से ऊपर बना रहता है तो यह 23,500 के रेजिस्टेंस ज़ोन की ओर वापसी कर सकता है। हालांकि,23,100 के नीचे जाने पर निफ्टी 22,700 के पोजीशनल सपोर्ट तक गिर सकता है।

 

NSE IPO : लिस्टिंग के बाद NSE के निफ्टी में शामिल होने पर SEBI से अभी कोई चर्चा नहीं-एनएसई

 

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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 17 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 16 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,200 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर और निफ्टी 99.00 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 1913 शेयरों में बढ़त हुई, 2241 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में SBI लाइफ इंश्योरेंस,HDFC लाइफ,ITC,एक्सिस बैंक और SBI शामिल रहे। वहीं TCS,विप्रो,इंफोसिस,टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व में गिरावट देखी गई।

IT और फार्मा को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स बिना किसी बदलाव के बंद हुआ,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में मामूली गिरावट आई।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि भारतीय बाजार आज बढ़त के साथ बंद हुआ। पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद इसमें रिकवरी हुई। सेंसेक्स लगभग 74,336 पर बंद हुआ और इसमें करीब 333 अंकों की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी भी बढ़त के साथ 99 अंक ऊपर बंद हुआ। US में कच्चे तेल का स्टॉक बढ़ने से सप्लाई से जुड़ी कुछ चिंताएं कम हुईं,जिसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।

FMCG शेयरों में सबसे ज़्यादा तेजी रही और चार दिन से जारी इनकी गिरावट का सिलसिला थम गया। आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए निवेशकों के रुझान के कारण HUL,ITC,डाबर इंडिया,इमामी,गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और P&G हाइजीन के शेयरों में 2-4% की बढ़त हुई।

सरकार ने 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% MDR लागू किया है, जिसमें 75,000 रुपये और उससे ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन के लिए अधिकतम शुल्क 300 रुपये तय किया गया है। ये नए शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होंगे। इससे 2020 में शुरू किया गया ज़ीरो MDR सिस्टम खत्म हो जाएगा। जिन छोटे व्यापारियों का मासिक UPI QR कलेक्शन 1 लाख रुपये तक है,उन्हें इससे छूट मिलेगी। P2P ट्रांज़ैक्शन पहले की तरह मुफ़्त रहेंगे। इस बदलाव से बैंकों,पेमेंट एग्रीगेटर्स और फिनटेक कंपनियों को अतिरिक्त रेवेन्यू मिल सकता है।

PhonePe के CEO समीर निगम ने कहा है कि नए MDR फ्रेमवर्क से कंपनी के IPO प्लान को मदद मिल सकती है और चालू वित्त वर्ष में इसकी लिस्टिंग हो सकती है। उम्मीद है कि यह IPO पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ होगा।

SEMICON India 2026 का आयोजन 17-19 सितंबर के बीच नई दिल्ली में किया जाएगा। इसमें 600 से ज्यादा एग्ज़िबिटर्स के शामिल होने की उम्मीद है,जिससे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शेयरों पर सबकी नजर रहेगी। सरकार ने 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है, जिनमें से तीन में पहले से ही कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।

NSE का IPO कल खुलने वाला है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहने की संभावना है। सेक्टर-स्पेसिफिक डेवलपमेंट,कच्चे तेल की कीमतो और विदेशी निवेश इसके मुख्य कारण होंगे। NSE का यह बड़ा IPO प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी का भी एक बड़ा टेस्ट होगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी और US फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद (जिसका असर बाजार पहले ही पचा चुका है) से निवेशकों का भरोसा बढ़ा,जिससे भारतीय इक्विटी बाजार में भी तेजी आई। बैंक ऑफ जापान के पॉलिसी फैसले से पहले जापानी बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से भी पॉजिटिव माहौल को और मजबूती मिली,जिससे पूरे एशिया में जोखिम लेने की इच्छा को सपोर्ट मिला।

घरेलू स्तर बाजार में बैंकिंग,FMCG और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी के कारण लार्ज-कैप शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त रही,जबकि IT सेक्टर में हालिया शानदार प्रदर्शन के बाद कुछ चुनिंदा शेयरों में मुनाफा वसूली दिखी।

निवेशक अब भविष्य में ब्याज दरों की चाल के बारे में और जानकारी पाने के लिए फेड चेयरमैन के बयान का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस गाइडेंस का असर ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,कैपिटल फ़्लो और फ़ाइनेंशियल मार्केट की निकट भविष्य की दिशा पर पड़ेगा।

HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेल्वन राधाकृष्णन का कहना है कि मंगलवार को आई भारी गिरावट के बाद बुधवार को बैंकिंग शेयरों और कुछ बड़े शेयरों में वैल्यू बाइंग के चलते भारतीय इक्विटी मार्केट में थोड़ी रिकवरी देखने को नजर आई।

इस रिकवरी में बैंक निफ्टी सबसे आगे रहा। इसने 56,000 का स्तर फिर से हासिल किया और बेंचमार्क इंडेक्स को सपोर्ट दिया। हालांकि, रिकवरी में बहुत अधिक तेजी नहीं थी क्योंकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें $107-$108 प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर बनी रहीं और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी घोषणा से पहले अमेरिकी 10-साल के ट्रेजरी यील्ड 5% के आसपास रही।

ग्लोबल मार्केट में निवेशकों का रुख सावधानी के साथ पॉजिटिव रहा। बाजार फेड के फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। इंडिया VIX घटकर 13.15 पर आ गया,जो बताता है कि निकट भविष्य की चिंता में थोड़ी कमी आई है,हालांकि उतार-चढ़ाव हाल के स्तरों से ऊपर बना हुआ है।

तकनीकी स्थिति में मामूली सुधार हुआ है लेकिन यह अभी भी कमजोर है। निफ्टी 23,200 के ऊपर बंद हुआ। लेकिन 23,300-23,500 के दायरे में उसे अभी भी रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,000 पर है और उसके बाद 22,800 पर अहम सपोर्ट है।

बैंक निफ्टी को 56,500-56,800 की ओर रिकवरी जारी रखने के लिए 56,000 के स्तर से ऊपर बने रहना होगा। अगर यह फिर से 56,000 के नीचे जाता है तो 55,500 का स्तर फिर से फोकस में आ सकता है।

फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों पर फैसला और उसके साथ दी जाने वाली पॉलिसी गाइडेंस ही बाजार की अगली चाल तय करेगी। फेड की संतुलित कमेंट्री से रिकवरी में मदद मिल सकती है,जबकि सख्त रुख (हॉकिश आउटलुक),बॉन्ड यील्ड में फिर से तेजी या ब्रेंट क्रूड का $110 की ओर बढ़ना बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ा सकता है और बाजार की रिकवरी को सीमित कर सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फैसले से पहले बनी अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में सावधानी का माहौल बने रहने की संभावना है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट ने कहा कि आज भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव वाला दिन रहा। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,रुपये में कमजोरी और FII की लगातार बिकवाली निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें,करेंसी में उतार-चढ़ाव और US फेड की पॉलिसी को लेकर उम्मीदें बाजार की दिशा तय करेंगी।

 

Trading Plan : कोई भी ट्रेड आज 3:40 बजे तक निपटा कर जाएं, कल का अनुमान अभी लगाना काफी मुश्किल

 

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Trading Plan : कोई भी ट्रेड आज 3:40 बजे तक निपटा कर जाएं, कल का अनुमान अभी लगाना काफी मुश्किल

Trading Plan : आज दरों पर US फेड के फैसले से पहले बाजार में शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी निचले स्तरों से करीब 100 अंक सुधरा है और 23200 के ऊपर आ गया है। बैंक निफ्टी भी 56200 के अहम लेवल के ऊपर है। मिड और स्मॉलकैप ने भी यूटर्न मारा है। इधर INDIA VIX 3 फीसदी फिसला है। 2:35 बजे के आसपास सेंसेक्स 311.82 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 74,315.64 पर और निफ्टी 115.90 अंक या 0.50 प्रतिशत बढ़कर 23,234.50 पर दिख रहा था। FMCG सेक्टर में सबसे ज़्यादा,लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। जबकि PSU बैंक, रियल्टी और मीडिया सेक्टर में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी दिख रही है।

हालांकि IT शेयरों में गिरावट दिख रही और इसका सेक्टर इंडेक्स 1.59 प्रतिशत गिर गया है । बेंचमार्क में बढ़त के बावजूद मार्केट ब्रेड्थ नेगेटिव है। 1,727 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,176 शेयरों में गिरावट आई है। मिडकैप शेयरों में हल्की बढ़त दिख रही है। स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट है।

बैंकों और ग्रुप लाइफ कंपनियों के कमीशन पर कैंची चलाने की तैयारी है। इंडिविजुल एजेंट्स को राहत मिल सकी है। इस जल्द IRDAI का कंसल्टेशन पेपर जारी होगा। CNBC-TV की इस एक्सक्लूसिव खबर के बाद PB फिनटेक 5 फीसदी ऊपर भागा है। सिगरेट महंगी होने से ITC में उछाल आया है।चुनिंदा ब्रांड्स के दाम 9-13% बढ़े हैं। यह शेयर 2% चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। गॉडफ्रे फिलिप्स भी 2.5% उछला है।

नए MDR फ्रेमवर्क से PAYTM में जोश है और ये करीब 2.5 फीसदी चढ़कर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंच गया है। उधर यस बैंक में भी खरीदारी कायम है। हालांकि ऊपरी स्तरों से दोनों शेयर हल्के हुए हैं।

बाजार: रिकवरी का दिन

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिट अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी आई है। बाजार ने एक शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दी। पहले शॉर्ट ट्रेड ने काम किया और फिर लॉन्ग ट्रेड ने और अब फैसले की घड़ी से पहले का सेशन बाकी है। आज शाम को आएगा US फेड का फैसला। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में अच्छी रिकवरी आई है। दोनों में ठीक सपोर्ट लेवल से रिकवरी आई। निफ्टी में 23,100 और बैंक निफ्टी में 55,800 से रिकवरी आई। मिडकैप, स्मॉलकैप में भी निचले स्तरों से शानदार रिकवरी हुई। बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार अब दरों में कटौती को पचा चुका है?

बाजार: अब क्या?

अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में शॉर्ट साइड के सारे टारगेट हिट हुए हैं और इसीलिए हमने शॉर्ट समेटने का नजरिया लिया है। कोई भी ट्रेड आज 3:40 तक निपटा कर जाएं। कल का अभी अनुमान लगाना काफी मुश्किल है। आज फेड चीफ क्या कहेंगे कोई नहीं कह सकता। मगर बाजार बहुत कुछ निगेटिव पचा चुका है। यहां से और गिरने के लिए फेड का एक्ट्रीम हॉकिस होना जरूरी है और अगर ज्यादा हॉकिस नहीं हुए तो रिकवरी भी संभव है। जो भी है अब मंदी 23,100 के नीचे बंद होने पर ही होगी। अभी भी बाजार ने पोजीशनल लॉन्ग का संकेत नहीं दिया है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,100-23,150 पर सपोर्ट और 23,400-23,450 पर रेजिस्टेंस है। निफ्टी बैंक के लिए 55,800-56,000 पर सपोर्ट और 56,500-56,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

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Market Insight : बाजार में आज फैसले का दिन, आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे

Market Insight : बाजार की आगे की दशा और दिशा पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज फैसले का दिन है। ग्लोबल बाजारों के लिए आज की रात फैसले की घड़ी है। आज रात को US फेड का फैसला आएगा। US में दरों में बढ़ोतरी की संभावना अब 94% पर है। इसका मतलब बाजार में दरों में बढ़ोतरी 94% भाव में शामिल है। अगर दरों में बढ़ोतरी हुई तो शायद कल एक बॉटम भी बने। लेकिन अगर दरों में बढ़ोतरी नहीं आई तो काफी दिलचस्प होगा। निफ्टी हमारे सारे टार्गेट हासिल कर चुका है। जैक्सन होल के बाद हमने CNBC-आवाज़ पर एक शॉर्ट का नजरिया लिया था। 23,100-23,300 के हमारे सारे टार्गेट स्क्रीन पर हासिल हुए। कल सुबह भी खुलते ही 23,650 के SL के साथ शॉर्ट का नजरिया था। कल क्लोजिंग में फिर शॉर्ट में मुनाफावसूली का नजरिया रहा। आज भी वही नजरिया है, इंट्राडे भले शॉर्ट करें, लेकिन निपटा कर जाएं। आज कुछ हिम्मत दिखाने वाले लोग शायद लॉन्ग भी लेकर जाएंगे।

फेड के फैसले से पहले ग्लोबल बाजार में घबराहट

अमेरिका में 10-साल की बॉन्ड यील्ड 5.041% के इंट्राडे हाई पर है। 2007 के बाद 10-साल की यील्ड सबसे ऊंचे स्तर पर है। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल के ऊपर है। आज रात फेड के दरों में बढ़ोतरी की 94% संभावना है।

क्यों उबल रहा है कच्चा तेल?

रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब ने सितंबर की कुछ डिलीवरी रद्द की है। यूरोपीय ग्राहकों की सितंबर की डिलीवरी रद्द की गई है। सऊदी ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद की है। सऊदी ने एहतियातन पाइपलाइन बंद की है। हूतियों के हमले में पाइपलाइन को नुकसान हुआ है। पाइपलाइन की मरम्मत कबतक होगी ये साफ नहीं है।

ईरान युद्ध की कीमत

अमेरिकी कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में कहा गया है कि ईरान युद्ध से अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर बोझ बढ़ा है। पहले 5 महीनों में टैक्सपेयर्स पर 38 अरब डॉलर का बोझ पड़ा है। अगले साल की शुरुआत तक महंगाई 0.5% बढ़ सकती है। युद्ध का हर अतिरिक्त महीना 2-3 अरब डॉलर महंगा पड़ रहा है। तनाव बढ़ने पर युद्ध की लागत और बढ़ सकती है। कोर महंगाई पुराने अनुमान से 0.3% ज्यादा रह सकती है।

US डिफेंस सिस्टम पर असर

कांग्रेस बजट ऑफिस स्टडी में आगे कहा गया है कि इस युद्ध में US बेस पर सैकड़ों इमारतें और स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं।कुवैत, बहरीन, कतर में US बेस स्ट्रक्चर तबाह हो गए हैं। UAE, सऊदी अरब, इराक, ओमान, जॉर्डन में भी स्ट्रक्चर तबाह हुए हैं।’Operation Epic Fury’ में विमान नष्ट हुए या क्षतिग्रस्त हुए हैं।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान आया है। इसमें कहा गया है कि ये तो सिर्फ शुरुआत है।

फेड का फैसला: हमारे लिए क्यों अहम?

पुरी दुनिया की नजर इस समय यूएस फेड पर है। बाजार के मुताबिक 25 Bps दरें बढ़ेंगी। एनालिस्ट का कहना है कि होल्ड या dovish hike के लिए बाजार तैयार नहीं है। BoA का कहना है कि इस स्तर पर रेट होल्ड करना “अभूतपूर्व” होगा। केविन वॉर्श की कोई भी टिप्पणी अहम होगी।

फेड की दर बढ़ोतरी का असर?

इससे इमर्जिंग मार्केट्स में आने वाले निवेश फ्लो पर सीधा असर पड़ता है। सोने और चांदी में रेट हाइक से गिरावट आती है। डॉलर की मांग बढ़ने से डॉलर मजबूत होता है। बेस मेटल्स पर भी दबाव आ सकता है। लोग खर्च कम करते हैं, जिससे मंदी का खतरा बढ़ता है। FCNR डिपॉजिट्स जो हमने जुटाए हैं,उनकी देनदारी भी बढ़ेगी। दर बढ़ोतरी किस मैक्रो हालात में होती है,ये सबसे अहम होता है। अगर इकोनॉमी मजबूत हो तो दर बढ़ोतरी हमेशा निगेटिव नहीं होती। पिछले 2-3 साल में भारत में ETF निवेश नहीं हुआ बल्कि पैसा बाहर ही गया है। ऐसे में काफी लोग कहेंगे कि हमें क्या फर्क पड़ता है? लेकिन अगर ग्लोबल बाजार में मंदी का खतरा बढ़े तो फर्क पड़ता है।

बाजार: आज का दांव

ब्रेंट $108/बैरल के ऊपर है। इसमें 4 महीने के शिखर के करीब कारोबार हो रहा है। कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में एक्शन जारी रह सकता है। ONGC, OIL इंडिया के लिए पॉजिटिव है। वहीं, OMCs, एशियन पेंट्स और इंडिगो के लिए निगेटिव है। फेड के फैसले से पहले सोने-चांदी की कीमती में कमजोरी है। सोना 6 हफ्तों के और चांदी 5 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह टाइटन और कल्याण के लिए पॉजिटिव है। वहीं, मणप्पुरम, मुथूट फाइनेंस और हिंद जिंक के लिए निगेटिव है। डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर के करीब पहुंच रहा है। यह फार्मा और IT के लिए पॉजिटिव है लेकिन बैंकों के लिए निगेटिव है।

मेटल्स पर रखें नजर

डॉलर की मजबूती से मेटल्स में गिरावट आ सकती है। Nickel 10 हफ्तों के निचले स्तर पर है। कॉपर फ्यूचर्स 7 हफ्तों के निचले स्तर पर है। यह मेटल शेयरों के लिए निगेटिव है। खास तौर पर हिंद कॉपर,नाल्को और हिंडाल्को पर खराब असर पड़ सकता है।

रबर पर रखें नजर

रबर की कीमतें 1 हफ्ते के निचले स्तर पर हैं। यह अपोलो टायर्स,सिएट और MRF जैसे टायर शेयरों के लिए पॉजिटिव है।

AI और IT: अब आगे क्या?

एंथ्रोपिक के सीईओ अमोदेई (Amodei) ने कहा है कि AI डेवलपमेंट की रफ्तार धीमा करना जरूरी है। यही इंडस्ट्री को आगे लेकर जाने का सबसे अच्छा तरीका है। वहीं, एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग ने कहा है कि बाजार की ताकतें पहले से मौजूद हैं, नए रेगुलेशन की जरूरत नहीं है। जब तक वो ऐसी चीज जारी ना करें जो बाजार पसंद करेगा,कंपनियों को सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए।

इस बीच खबर आई है कि OpenAI नई फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। कंपनी $1.2 ट्रिलियन वैल्यूएशन पर फंडिंग जुटाने की तैयारी में है। अनुज सिंघल ने कहा कि अभी ये कहना जल्दबाजी होगा कि AI ट्रेड खत्म हो गई है। किसी भी बड़ी बुल मार्केट में बड़े करेक्शन सामान्य होते हैं। पहले भी हमने AI के टॉप की बात की है और हर बार AI शेयरों ने नया हाई लगाया। AI अब यहां रहने और आगे बढ़ने के लिए आया है। हर गिरावट में पावर और डाटा सेंटर शेयर खरीदें। IT में अब आपको सावधान और स्टॉक स्पेसिफिक रहना होगा।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए आखिरी सपोर्ट 23,000-23,100 पर है। इसके नीचे बंद हुए तो 200 WMA यानी 22,500 का रास्ता खुलेगा। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,300-23,350 पर है और बड़ा रजिस्टेंस 23,400-23,500 पर है। आज हम निफ्टी पर न्यूट्रल रहेंगे और कल नया नजरिया लेंगे। कल सारे शॉर्ट्स क्लोजिंग में निपटाने का नजरिया था। आज शायद आपको 1 शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दोनों मिलेंगे।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी का मेक ऑर ब्रेक जोन 55,100-55,500 है। अगर 55,100 के नीचे बंद हुए तो 53,500-54,000 का रिस्क है। लेकिन अगर 55,100-55,500 बचा रहा तो शॉर्ट कवरिंग संभव है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 56,000-56,200 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56,500-56,700 पर है। आज कोई ट्रेड कैरी ना करें, कल नया नजरिया लेंगे।

 

Trading Ideas :उतार-चढ़ाव भरे सेशन में बेंचमार्क इंडेक्स में तेजी, जानिए आज किन शेयरों में हो सकती है कमाई

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : 23150 के नीचे बंद हुआ निफ्टी, जानिए 16 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 15 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 23,150 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 777.94 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 74,003.82 पर और निफ्टी 279.50 अंक या 1.19 प्रतिशत गिरकर 23,118.60 पर बंद हुआ। लगभग 1132 शेयरों में बढ़त हुई, 3154 शेयरों में गिरावट आई और 163 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, श्रीराम फाइनेंस, अडानी एंटरप्राइजेज, इंटरग्लोब एविएशन और ग्रासिम इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, TCS, टेक महिंद्रा और विप्रो शामिल रहे।

IT को छोड़कर, बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। रियल्टी इंडेक्स में 4% की गिरावट आई,जबकि ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी, मेटल, मीडिया और PSU बैंक इंडेक्स में 2-2% की गिरावट दर्ज की गई।

ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमज़ोर रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई।

इक्विरस वेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर अंकुर पुंज का कहना है कि आज बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मज़बूत शुरुआत के बाद बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में तेजी ने आज ज़्यादातर समय बाज़ार का मूड कमजोर बनाए रखा।

बढ़ते इंपोर्ट बिल को लेकर बनी चिंताएं घरेलू करेंसी पर भारी पड़ रही हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 96 रुपए प्रति-डॉलर के स्तर को तोड़ने के करीब पहुंच गया। इससे इक्विटी बाजार पर और दबाव पड़ा। टेक्नोलॉजी शेयरों को छोड़कर,बैंकिंग,रियल्टी, टेलीकॉम और ऑटो शेयरों में बिकवाली के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट देखी गई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि आज घरेलू बाजार दबाव में रहे और उनमें गिरावट जारी रही। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट पर असर डाला। इस हफ़्ते होने वाली बड़े सेंट्रल बैंकों की बैठकों से पहले निवेशक सतर्क दिखे। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं द्वारा पॉलिसी को और सख्त करने की उम्मीदें बढ़ रही हैं। लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों के माहौल को लेकर बनी चिंताओं ने ट्रेजरी यील्ड को कई सालों के उच्चतम स्तर के करीब बनाए रखा और लगातार विदेशी निवेश की निकासी के चलते उभरते बाज़ारों के सेंटीमेंट कमजोर हुए

मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। ज़्यादातर सेक्टर में भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ। हालांकि,IT शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया क्योंकि AI के धीमे विकास के संकेतों ने पारंपरिक IT सेवाओं में तेजी से बदलाव की चिंताओं को कम किया।

निकट भविष्य में,तेल की ऊंची कीमतें और ऊंची बॉन्ड यील्ड जोखिम लेने की इच्छा पर दबाव डाल सकती हैं। हालांकि मज़बूत घरेलू फंडामेंटल और घरेलू निवेशकों द्वारा वैल्यू बाइंग से गिरावट के जोखिम को सीमित करने में मदद मिल सकती है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का बाजार के सेंटीमेंट पर बुरा असर पड़ा। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल से ऊपर बना रहा, जबकि US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5% के स्तर को पार कर गई, जिससे लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीदें और मजबूत हुईं हैं।

FII की लगातार बिकवाली ने दबाव और बढ़ा दिया,हालांकि IT शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया और HDFC बैंक के CEO पद के उत्तराधिकार से जुड़ी खबरों के बाद बैंक के शेयरों में बढ़त देखी गई। आगे बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल,ग्लोबल यील्ड,FII निवेश और US फेड के फैसले की अहम भूमिका होगी।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। निफ्टी 280 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 778 अंकों की गिरावट आई। टेक्निकल तौर पर गैप-अप ओपनिंग के बाद मार्केट को लगातार ऊपरी लेवल पर बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा। दिन के उच्चतम स्तर से निफ्टी 450 अंक से ज़्यादा नीचे आया। इसके अलावा,डेली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी है और इंट्राडे चार्ट पर अभी भी लोअर टॉप फॉर्मेशन बना हुआ है। यह मौजूदा लेवल से और कमज़ोरी आने का संकेत है।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि जब तक निफ्टी 23,250 के लेवल से नीचे ट्रेड कर रहा है,तब तक करेक्शन जारी रहने की संभावना है। नीचे की तरफ यह 23,000 तक गिर सकता है। गिरावट का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है,जिससे इंडेक्स 22,900-22,850 तक फिसल सकता है। दूसरी ओर 23,250 के ऊपर जाने पर, पुलबैक मूवमेंट 23,400-23,450 तक बढ़ सकता है। मौजूदा मार्केट का मिज़ाज उतार-चढ़ाव वाला है। इसलिए,डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट सुदीप शाह का कहना है कि मंगलवार को निफ्टी में गैपअप के साथ शुरुआत हुई,लेकिन यह ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया और दिन के हाई से लगभग 500 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इसने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो लगातार बने बिकवाली के दबाव का संकेत है।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ्टी अभी अपने 200-डे EMA से लगभग 5% और 100-डे EMA से 4% नीचे ट्रेड कर रहा है जो कमज़ोर मार्केट स्ट्रक्चर को दिखाता है। डेली RSI 22.23 पर है और गिरावट के ट्रेंड में बना हुआ है,जो मज़बूत बेयरिश मोमेंटम को दर्शाता है। इसके अलावा,MACD हिस्टोग्राम नीचे की ओर मोमेंटम में तेज़ी का संकेत देता है। मार्केट में उतार-चढ़ाव भी बढ़ गया है। आज इंडिया VIX 9% से ज़्यादा उछल गया। यह निवेशकों के बीच बढ़ते डर का संकेत है।

आगे 3250-23280 का ज़ोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। जब तक निफ्टी 23280 के स्तर से नीचे रहता है,तब तक निकट भविष्य में बाजार का रुख कमज़ोर रहने की संभावना है। आगे इंडेक्स पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है और यह 22950 की ओर खिसक सकता है। इसके बाद शॉर्ट टर्म में 22800 का स्तर भी देखने को मिल सकता है। मौजूदा मंदी के माहौल से निकलने और रिकवरी की संभावना को बेहतर बनाने के लिए निफ्टी के 23280 के ऊपर जा कर टिकने की जरूरत है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी भी ऊपर की ओर गैप के साथ खुला लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया,जिसके कारण सेशन के दौरान इसमें भारी प्रॉफिट बुकिंग हुई। इसके बाद इंडेक्स में इंट्राडे हाई से 1200 अंकों से ज़्यादा की गिराव देखी गई और अंततः यह 55800 पर बंद हुआ। आज इसमें 1.43% की गिरावट। डेली चार्ट पर, इसने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई, जो ऊपरी स्तरों पर लगातार बने बिकवाली के दबाव को दर्शाती है।

तकनीकी नज़रिए से बैंक निफ्टी अभी अपने अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है,जो निकट भविष्य में कमजोर ट्रेंड का संकेत है। डेली RSI 33.23 पर है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे पता चलता है कि मंदी का मोमेंटम हावी है।

आगे इसके लिए 55400-55300 का ज़ोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। 55300 के स्तर से नीचे जाने पर गिरावट का दबाव बढ़ सकता है,जिससे 54800 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 54300 की ओर गिरावट का रास्ता खुल सकता है। ऊपर की ओर 56300-56400 का ज़ोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। किसी भी अच्छी रिकवरी का संकेत देने के लिए इंडेक्स को इस बाधा से ऊपर जा कर टिके रहने की जरूरत है।

 

Market Trend : बाजार पर हावी हुआ क्रूड, बॉन्ड यील्ड और दरें बढ़ने का ट्रिपल टेंशन, इंट्राडे में शॉर्ट करें लेकिन मुनाफा समेट कर जाएं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market This Week : इस हफ्ते 2% टूटे सेंसेक्स-निफ्टी,जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market This Week : 11 सितंबर को मेटल,रियल्टी और PSU बैंक शेयरों में बिकवाली के बीच,उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स दिन के निचले स्तर से तेजी से सुधरे और मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर लगभग $109 प्रति बैरल पर आ गया, जिससे मार्केट गैप-डाउन खुला और ज्यादातर समय नेगेटिव जोन में रहा। निफ्टी ने 23,231.40 का इंट्राडे लो बनाया,जबकि सेंसेक्स 740 अंक तक गिर गया। हालांकि, बाद में क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से बिकवाली का दबाव कम हुआ,जिससे इंडेक्स दिन के निचले स्तर से रिकवर हुए और मामूली नुकसान के साथ बंद हुए।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 120.83 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 74,781.76 पर और निफ्टी 79.70 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 23,398.10 पर बंद हुआ। वीकली बेसिस पर देखें तो इस हफ्ते BSE सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 2% की गिरावट आई।

बाजार की वीकली चाल पर एक नजर

कोटक सिक्योरिटीज में VP टेक्निकल रिसर्च, अमोल अठावले का कहना है कि आज खत्म हुए हफ्ते में बेंचमार्क इंडेक्स में तेज गिरावट आई। निफ़्टी लगभग 2 प्रतिशत नीचे बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 1,700 अंक गिर गया। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी अहम सेक्टर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग रही। लेकिन रियल्टी और IT इंडेक्स को सबसे अधिक नुकसान हुआ। रियल्टी 6.50 प्रतिशत और IT 5.75 प्रतिशत नीचे गिर कर बंद हुए।

इस हफ्ते मार्केट ने 23,800/76,000 के अहम सपोर्ट जोन को तोड़ा और इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया। टेक्निकल तौर पर डेली और इंट्राडे चार्ट पर मार्केट लोअर हाई और लोअर लो का पैटर्न दिखा रहा है और वीकली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी है,जो काफी हद तक नेगेटिव संकेत है।

अगले हफ्ते कैसा रह सकता है बाजार?

अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म के लिए मार्केट का ट्रेंड कमजोर है,लेकिन ओवरसोल्ड लेवल से संकेत मिलता है कि मौजूदा लेवल से एक पुलबैक रैली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। ट्रेडर्स के लिए,तत्काल सपोर्ट जोन 23,200/74,200 के आसपास है। अगर मार्केट इस लेवल से ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है,तो 23,500/75,000 तक उछाल जारी रह सकता है। इसके बाद और तेजी आ सकती है,जिससे इंडेक्स 23,700–23,750/75,500–75,800 के आसपास पहुंच सकता है। इसके विपरीत अगर मार्केट 23,200/74,200 से नीचे गिरता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ने की संभावना है। इस लेवल से नीचे जाने पर मार्केट 23,000–22,900/73,700–73,500 के लेवल को फिर से टेस्ट कर सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए सबसे नजदीकी सपोर्ट 56,000 पर है। इस लेवल के ऊपर जाने पर यह 57,000–57,500 की ओर बढ़ सकता है। नीचे की तरफ, अगर यह 56,000 से नीचे गिरता है तो इसके 55,500–55,200 तक गिरने की संभावना बढ़ जाती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ में हेड ऑफ़ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि भारतीय इक्विटी बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है। ब्रेंट क्रूड की कीमत US$100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर US$110 प्रति बैरल की ओर बढ़ गई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बढ़ गई हैं।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़त हुई है, जिससे US 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड 5% के करीब पहुंच गई है। इससे इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव बढ़ रहा है और फेड के ज्यादा सख्त रुख अपनाने की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं। रुपया गिरकर ₹95.6/US$ पर आ गया है। जबकि FII की लगातार बिकवाली ने दबाव को और बढ़ा दिया है।

अगले हफ्ते निवेशक भारत के अगस्त के CPI और WPI महंगाई के आंकड़ों, US फ़ेड की पॉलिसी से जुड़े फैसले,US में रिटेल बिक्री और इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन पर नजर रखेंगे। साथ ही कच्चे तेल की कीमतें,रुपये की चाल और ग्लोबल यील्ड भी बाजार के लिए अहम होंगे।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं की बड़ी भूमिका होगी। हालांकि,घरेलू संस्थागत निवेशकों का मजबूत निवेश बाजार को सहारा दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में कोई भी बड़ी गिरावट भारतीय इक्विटी बाजार को राहत दे सकती है। इसलिए, चुनिंदा और स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति अपना सही रहेगा। ऐसी कंपनियों पर फोकस करें जिनकी अर्निंग की संभावना मजबूत है और जिनका वैल्यूएशन सही है।

 

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 15 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT निफ्टी में गिरावट, ब्रेंट क्रूड में उबाल, सेंसेक्स और निफ्टी में हो सकती है सुस्त शुरुआत

बुधवार सुबह GIFT निफ्टी में गिरावट आई है। इससे संकेत मिलता है कि सेंसेक्स और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ खुल सकते हैं। एशियाई बाजारों में तेजी रुख के बावजूद,अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई है,जो बाजार पर दबाव डाल रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,जो भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती है। इसके अलावा,वॉल स्ट्रीट में कल हुई गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना भी बाजार के मूड को सतर्क बनाए रख सकती हैं।

फिलहाल GIFT निफ्टी 23,655 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह पिछले दिन की क्लोजिंग से 0.25 प्रतिशत नीचे दिख रहा है। इससे पहले,मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई थी। निफ्टी लगभग तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 144.05 अंक या 0.61 प्रतिशत गिरकर 23,635.10 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 555.23 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 75,577.58 पर आ गया।

पिछले सेशन में संस्थागत निवेशकों का रुझान मिला-जुला रहा। 8 सितंबर को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने 123 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने सपोर्ट जारी रखा और सेशन के दौरान 566 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Market Trend : मार्केट का ट्रेंड निगेटिव, कमजोर बाजार में भी ये डिफेंस और बैंकिंग शेयर दिखा सकते हैं दम

AI और चिप शेयरों में तेज़ी से एशियाई बाजारों में तेजी

आज बुधवार को एशियाई शेयर बाजारो में तेजी दिख रही है। इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर लगातार बने उत्साह के कारण टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में हुई बढ़त है।

MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा है। इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर का रहा। चिप बनाने वाली कंपनियों SK Hynix और Samsung Electronics के शेयरों में बढ़त के कारण दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स 1.4 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। मंगलवार को वॉल स्ट्रीट पर फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की बढ़त के बाद एशियन टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

जापान का Topix 0.5 प्रतिशत बढ़ा है,जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स में 0.8 प्रतिशत की बढ़त हुई है। Shanghai Composite में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई है,जबकि हांगकांग के Hang Seng में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.1 प्रतिशत गिर गया है। एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में भी कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चा तेल है। ईरान द्वारा खाड़ी में US की सैन्य ठिकानों पर नए हमले करने के बाद लगातार चौथे सेशन में इसकी कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स $1.57 यानी 1.6% बढ़कर $99.49 प्रति बैरल पर आ गया है। जिससे क्रूड $100 के स्तर के बहुत करीब पहुंच गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत $1.60 या 1.72 प्रतिशत बढ़कर $94.63 प्रति बैरल हो गई। अगस्त की शुरुआत से अब तक ब्रेंट की कीमतों में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुआ। सेल्सफोर्स और सॉफ्टवेयर बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। वहीं,मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ गईं और निवेशक महंगाई के आंकड़ों पर नजरे बनाए रहे,जिनका असर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना पर पड़ सकता है। S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई और यह 7,673.52 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.32% गिरकर 26,421.41 अंक पर आ गया, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.18% गिरकर 52,786.07 अंक पर बंद हुआ।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि निफ़्टी के लिए 23,700-23,800 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस का काम करेगा,जबकि 23,600 का स्तर अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर निफ़्टी 23,600 के नीचे टूटता है तो गिरावट 23,400 तक बढ़ सकती है। वहीं, 23,800 के ऊपर रिकवरी से कुछ समय के लिए स्थिरता आ सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Trend : सेंसेक्स और निफ्टी के लिए GIFT निफ्टी से कमजोर संकेत, तेल की कीमतों में तेजी से ठंडा पड़ा जोश

GIFT Nifty Trend : सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के हल्की गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी कमजोर शुरुआत के संकेत दे रहा है। एशियाई बाजारों में अच्छी बढ़त के बावजूद,कच्चे तेल की कीमतें 96 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं। अमेरिका की मजबूत जॉब्स रिपोर्ट ने इस महीने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं। इससे ग्लोबल इक्विटी मार्केट में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

फिलहाल GIFT निफ्टी 47 अंक या 0.2 प्रतिशत गिरकर 23,963 पर ट्रेड कर रहा है। उधर शुक्रवार को मेटल,ऑयल एंड गैस और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया था। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 362.57 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंक या 0.10 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ था।

आज बाजार खुलने से पहले ग्लोबल माहौल मिला-जुला है। अमेरिका में मजबूत जॉब डेटा के बाद एशियाई शेयरों में जबरदस्त तेज़ी आई है,लेकिन इसी रिपोर्ट ने अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की उम्मीदों को भी मज़बूत किया है। रॉयटर्स के मुताबिक बाजार अब 16 सितंबर की बैठक में फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 58 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं,जबकि अक्टूबर तक ऐसा होने की संभावना 70 प्रतिशत है।

एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार

सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में तेजी है। मज़बूत अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट को ग्लोबल ग्रोथ के लिए अच्छा माना जा रहा है भले ही इससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। वहीं,खाड़ी में अमेरिका और ईरान द्वारा जहाजों पर हमले के बाद तेल की कीमतों में हल्की बढ़त हुई। तेहरान ने कहा है कि वह आने वाले दिनों में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र की घोषणा करेगा। यह कदम अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के तीन टैंकरों पर हमले और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद उठाया गया है।

जापान के निक्केई में 2 प्रतिशत की रिकवरी हुई है। जबकि पिछले हफ़्ते इसमें इतनी ही गिरावट आई थी। वहीं,दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 3 प्रतिशत का उछाल आया है। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.9 प्रतिशत की बढ़त हुई है।

अमेरिका के बाजारों में कमजोरी

शुक्रवार को मजबूत जॉब्स रिपोर्ट के बाद US शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51 प्रतिशत गिरकर 53,413.60 पर, S&P 500 0.38 प्रतिशत गिरकर 7,718.41 पर और नैस्डैक कंपोजिट 0.29 प्रतिशत गिरकर 26,506.99 पर बंद हुए। ब्याज दरों बढ़ने की आशंका ने बाजार पर अपना असर दिखाया।

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड $96 के पार

सोमवार को खाड़ी में अमेरिका और ईरान द्वारा जहाजों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। पिछले हफ्ते लगभग 10 प्रतिशत की बढ़त के बाद, ब्रेंट क्रूड 0.2 प्रतिशत बढ़कर 96.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.4 ​​प्रतिशत बढ़कर 91.85 डॉलर प्रति बैरल पर दिख रहा है।

ईरान ने कहा है कि वह आने वाले दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करेगा। यह घोषणा अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के तीन टैंकरों पर हमला करने और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद की गई है।

4 सितंबर को FIIs ने 3112 करोड़ रुपये के शेयर बेचे

NSE के डेटा के मुताबिक शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 3,111.94 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 8,930.12 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ़्टी के लिए 24,000-24,200 का दायरा सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस ज़ोन बना रहेगा। जबकि 23,800 अहम सपोर्ट लेवल है। अगर निफ़्टी लगातार 24,200 के ऊपर बना रहता है,तो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है। वहीं,23,800 के नीचे जाने पर इंडेक्स 23,600 के स्तर तक गिर सकता है।

 

Stock Market LIVE Updates: GIFT निफ्ट से मिल रहे सपाट शुरुआत के संकेत,अमेरिकी बाजार गिरे,एशियाई बाजारों में तेजी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।