Nifty ने 52 हफ्ते का निचला स्तर तोड़ा, पूरे एशिया के शेयर बाजारों में कोहराम, सिंगापुर में सबसे ज्यादा गिरावट

शेयर बाजारों में गुरुवार यानी 8 अक्टूबर को कोहराम मच गया। भारत सहित एशियाई शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। बाजार का सेंटिमेंट कमजोर था। लेकिन, अचानक इतनी बड़ी गिरावट की उम्मीद किसी ने नहीं की थी। अचानक मंदड़ियों ने बाजार को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया।

निफ्टी आईटी छोड़ सभी सूचकांक फिसले

Nifty 3:20 बजे 1.71 फीसदी यानी 387 अंक गिरकर 22,216 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.62 फीसदी यानी 1177 अंक गिरकर 71,461 अंक पर था। बैंक निफ्टी में भी 1.04 फीसदी की गिरावट आई। बाजार में गिरावट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि Nifty IT को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में थे। लेकिन, सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी मेटल इंडेक्स में आई। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट दिखी।

एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट 

आज की गिरावट के दायरे में पूरे एशियाई बाजार आ गए। सबसे ज्यादा गिरावट सिंगापुर स्टॉक एक्सचेंज के स्ट्रेट टाइम्स में देखने को मिला। यह 3.49 फीसदी फिसला। दक्षिण कोरिया शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक कोस्पी में 2.62 फीसदी की गिरावट आई। जापान के निक्केई, हांगकांग के हैंगसेंग और चीन के शंघाई कंपोजिट में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। इससे यह संकेत मिलता है कि आज आई गिरावट किसी एक देश के शेयर बाजार तक सीमित नहीं है।

अमेरिकी शेयर बाजारों में 7 अक्टूबर को आई थी गिरावट 

अमेरिकी शेयर बाजारों में 7 अक्टूबर को गिरावट आई थी। इसका असर 8 अक्टूबर को भारत सहित दूसरे एशिया बाजारों पर दिखा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की पिछली मीटिंग के मिनट्स के आने से पता चलता है कि फेड इस महीने के आखिर में अपनी मीटिंग में इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला ले सकता है। इस वजह से बुधवार को अमेरिकी बाजार में गिरावट आई। इसके अलावा 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड हाई लेवल पर बनी हुई है।

क्रूड में 4 फीसदी से ज्यादा उछाल ने बाजार पर बढ़ाया दबाव 

क्रूड की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड 4 फीसदी से ज्यादा के उछाल के साथ 104 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर निकल गया है। WTI क्रूड में भी 4 फीसदी से ज्यादा तेजी दिखी। इससे यह 91 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया। माना जा रहा है कि इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ेगी। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ाना शुरू करेंगे। इससे लंबे समय तक इंटरेस्ट रेट हाई लेवल पर बना रह सकता है। इसका असर ग्रोथ पर पड़ सकता है।

GIFT निफ्टी में गिरावट, ब्रेंट क्रूड में उबाल, सेंसेक्स और निफ्टी में हो सकती है सुस्त शुरुआत

बुधवार सुबह GIFT निफ्टी में गिरावट आई है। इससे संकेत मिलता है कि सेंसेक्स और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ खुल सकते हैं। एशियाई बाजारों में तेजी रुख के बावजूद,अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई है,जो बाजार पर दबाव डाल रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,जो भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती है। इसके अलावा,वॉल स्ट्रीट में कल हुई गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना भी बाजार के मूड को सतर्क बनाए रख सकती हैं।

फिलहाल GIFT निफ्टी 23,655 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह पिछले दिन की क्लोजिंग से 0.25 प्रतिशत नीचे दिख रहा है। इससे पहले,मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई थी। निफ्टी लगभग तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 144.05 अंक या 0.61 प्रतिशत गिरकर 23,635.10 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 555.23 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 75,577.58 पर आ गया।

पिछले सेशन में संस्थागत निवेशकों का रुझान मिला-जुला रहा। 8 सितंबर को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने 123 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने सपोर्ट जारी रखा और सेशन के दौरान 566 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Market Trend : मार्केट का ट्रेंड निगेटिव, कमजोर बाजार में भी ये डिफेंस और बैंकिंग शेयर दिखा सकते हैं दम

AI और चिप शेयरों में तेज़ी से एशियाई बाजारों में तेजी

आज बुधवार को एशियाई शेयर बाजारो में तेजी दिख रही है। इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर लगातार बने उत्साह के कारण टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में हुई बढ़त है।

MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा है। इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर का रहा। चिप बनाने वाली कंपनियों SK Hynix और Samsung Electronics के शेयरों में बढ़त के कारण दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स 1.4 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। मंगलवार को वॉल स्ट्रीट पर फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की बढ़त के बाद एशियन टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

जापान का Topix 0.5 प्रतिशत बढ़ा है,जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स में 0.8 प्रतिशत की बढ़त हुई है। Shanghai Composite में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई है,जबकि हांगकांग के Hang Seng में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.1 प्रतिशत गिर गया है। एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में भी कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चा तेल है। ईरान द्वारा खाड़ी में US की सैन्य ठिकानों पर नए हमले करने के बाद लगातार चौथे सेशन में इसकी कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स $1.57 यानी 1.6% बढ़कर $99.49 प्रति बैरल पर आ गया है। जिससे क्रूड $100 के स्तर के बहुत करीब पहुंच गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत $1.60 या 1.72 प्रतिशत बढ़कर $94.63 प्रति बैरल हो गई। अगस्त की शुरुआत से अब तक ब्रेंट की कीमतों में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुआ। सेल्सफोर्स और सॉफ्टवेयर बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। वहीं,मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ गईं और निवेशक महंगाई के आंकड़ों पर नजरे बनाए रहे,जिनका असर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना पर पड़ सकता है। S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई और यह 7,673.52 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.32% गिरकर 26,421.41 अंक पर आ गया, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.18% गिरकर 52,786.07 अंक पर बंद हुआ।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि निफ़्टी के लिए 23,700-23,800 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस का काम करेगा,जबकि 23,600 का स्तर अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर निफ़्टी 23,600 के नीचे टूटता है तो गिरावट 23,400 तक बढ़ सकती है। वहीं, 23,800 के ऊपर रिकवरी से कुछ समय के लिए स्थिरता आ सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Trend : सेंसेक्स और निफ्टी के लिए GIFT निफ्टी से कमजोर संकेत, तेल की कीमतों में तेजी से ठंडा पड़ा जोश

GIFT Nifty Trend : सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के हल्की गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी कमजोर शुरुआत के संकेत दे रहा है। एशियाई बाजारों में अच्छी बढ़त के बावजूद,कच्चे तेल की कीमतें 96 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं। अमेरिका की मजबूत जॉब्स रिपोर्ट ने इस महीने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं। इससे ग्लोबल इक्विटी मार्केट में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

फिलहाल GIFT निफ्टी 47 अंक या 0.2 प्रतिशत गिरकर 23,963 पर ट्रेड कर रहा है। उधर शुक्रवार को मेटल,ऑयल एंड गैस और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया था। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 362.57 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंक या 0.10 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ था।

आज बाजार खुलने से पहले ग्लोबल माहौल मिला-जुला है। अमेरिका में मजबूत जॉब डेटा के बाद एशियाई शेयरों में जबरदस्त तेज़ी आई है,लेकिन इसी रिपोर्ट ने अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की उम्मीदों को भी मज़बूत किया है। रॉयटर्स के मुताबिक बाजार अब 16 सितंबर की बैठक में फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 58 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं,जबकि अक्टूबर तक ऐसा होने की संभावना 70 प्रतिशत है।

एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार

सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में तेजी है। मज़बूत अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट को ग्लोबल ग्रोथ के लिए अच्छा माना जा रहा है भले ही इससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। वहीं,खाड़ी में अमेरिका और ईरान द्वारा जहाजों पर हमले के बाद तेल की कीमतों में हल्की बढ़त हुई। तेहरान ने कहा है कि वह आने वाले दिनों में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र की घोषणा करेगा। यह कदम अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के तीन टैंकरों पर हमले और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद उठाया गया है।

जापान के निक्केई में 2 प्रतिशत की रिकवरी हुई है। जबकि पिछले हफ़्ते इसमें इतनी ही गिरावट आई थी। वहीं,दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 3 प्रतिशत का उछाल आया है। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.9 प्रतिशत की बढ़त हुई है।

अमेरिका के बाजारों में कमजोरी

शुक्रवार को मजबूत जॉब्स रिपोर्ट के बाद US शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51 प्रतिशत गिरकर 53,413.60 पर, S&P 500 0.38 प्रतिशत गिरकर 7,718.41 पर और नैस्डैक कंपोजिट 0.29 प्रतिशत गिरकर 26,506.99 पर बंद हुए। ब्याज दरों बढ़ने की आशंका ने बाजार पर अपना असर दिखाया।

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड $96 के पार

सोमवार को खाड़ी में अमेरिका और ईरान द्वारा जहाजों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। पिछले हफ्ते लगभग 10 प्रतिशत की बढ़त के बाद, ब्रेंट क्रूड 0.2 प्रतिशत बढ़कर 96.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.4 ​​प्रतिशत बढ़कर 91.85 डॉलर प्रति बैरल पर दिख रहा है।

ईरान ने कहा है कि वह आने वाले दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करेगा। यह घोषणा अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के तीन टैंकरों पर हमला करने और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद की गई है।

4 सितंबर को FIIs ने 3112 करोड़ रुपये के शेयर बेचे

NSE के डेटा के मुताबिक शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 3,111.94 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 8,930.12 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ़्टी के लिए 24,000-24,200 का दायरा सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस ज़ोन बना रहेगा। जबकि 23,800 अहम सपोर्ट लेवल है। अगर निफ़्टी लगातार 24,200 के ऊपर बना रहता है,तो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है। वहीं,23,800 के नीचे जाने पर इंडेक्स 23,600 के स्तर तक गिर सकता है।

 

Stock Market LIVE Updates: GIFT निफ्ट से मिल रहे सपाट शुरुआत के संकेत,अमेरिकी बाजार गिरे,एशियाई बाजारों में तेजी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

South Korea Share Market: दक्षिण कोरिया के बाजार में गिरावट जारी, ऑल-टाइम हाई से 20% फिसला कोस्पी

South Korea Share Market: दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में 8 जुलाई को भी बड़ी गिरावट दिखी। जून में अपने ऑल-टाइम हाई से 20 फीसदी गिरने के बाद यह बाजार अब बेयर मार्केट में प्रवेश कर गया है। 7 जुलाई को बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी 8 फीसदी से ज्यादा गिर गया था। 8 जुलाई को भी कोस्पी पर दबाव दिखा। भारतीय समय के मुताबिक, 11 बजे यह 4.14 फीसदी गिरकर 7,329 अंक पर चल रहा था।

दिग्गज शेयरों में बड़ी गिरावट ने बनाया दबाव

8 जुलाई को दिग्गज कंपनियों में गिरावट ने दक्षिण कोरिया के बाजार पर दबाव बढ़ाया। चिप बनाने वाली दोनों बड़ी कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हायनिक्स में बड़ी गिरावट दिखी। 11 बजे सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर 5.41 नीचे चल रहा था। SK Hynix का शेयर 2.68 फीसदी नीचे था। Hyundai Motor का शेयर भी 4 फीसदी से ज्यादा नीचे चल रहा था।

मध्यूपूर्व में फिर से तनाव बढ़ने का असर

मध्यूपूर्व में एक बार फिर जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ा है। इसका असर भारत सहित दूसरे एशियाई बाजारों पर 8 जुलाई को देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड में उछाल का असर भी एशियाई बाजारों पर पड़ा। जापान, चीन और थाईलैंड के बाजारों में गिरावट दिखी। MSCI Asia Pacific Index करीब 1 फीसदी नीचे चल रहा था। इस साल दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में सबसे ज्यादा तेजी आई थी।

अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट का भी असर

7 जुलाई को अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट दिखी। सबसे ज्यादा गिरावट टेक्नोलॉजी शेयरों में आई थी। इससे नैस्डेक लाल निशान में बंद हुआ था। बाकी दोनों सूचकांक डाओ जोंस और एसएंडपी 500 भी गिरकर बंद हुए थे। इसका असर भी 8 जुलाई को एशिया में टेक्नोलॉजी शेयरों पर दिखा। पिछले कुछ हफ्तों से टेक्नोलॉजी खासकर एआई से जुड़े शेयरों पर दबाव दिख रहा है।

स्थिति पर नजर रख रही दक्षिण कोरिया की सरकार

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में बीते कुछ हफ्तों में आई गिरावट ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। वित्तमंत्री शेयर बाजारों के लिए रिस्क बढ़ाने वाले फैक्टर्स पर विचार करने के लिए तैयार हैं। सरकार ने 7 जुलाई को यह बताया।

यह भी पढ़ें: Cochin Shipyard OFS: आज रिटेल निवेशकों के लिए खुला कोचिन शिपयार्ड का ओएफएस, जानिए कैसे कर सकते हैं अप्लाई

विदेशी निवेशक कर रहे बड़ी बिकवाली

दक्षिण कोरिया के वित्तमंत्री ने केंद्रीय बैंक के गवर्नर और फाइनेंशियल रेगुलेटर्स के प्रमुखों से भी मुलाकात की है। दक्षिण कोरिया स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख सूचकांक कोस्पी में चिप बनाने वाली दोनों कंपनियों की करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी है। दोनों शेयरों में विदेशी इनवेस्टर्स की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है।

यूएस फ्यूचर्स, भारत, दक्षिण कोरिया सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों में मचा कोहराम

दुनियाभर के शेयर बाजारों में 23 जून को बड़ी गिरावट दिखी है। यूएस स्टॉक फ्यूचर्स 2 फीसदी से ज्यादा नीचे हैं। उधर, दक्षिण कोरिया का बाजार 11 फीसदी क्रैश चुका है। इधर, भारत में बाजार के बड़े सूचकांकों पर बड़ा दबाव दिख रहा है। निफ्टी 0.71 फीसदी यानी 172 अंक नीच है, जबकि सेंसेक्स 0.67 फीसदी यानी 513 अंक टूट चुका है। इन सभी बाजारों में गिरावट में आईटी कंपनियों का बड़ा हाथ है।

अमेरिकी बाजारों में आज दिख सकता है दबाव

यूएस फ्यूचर्स में 2 फीसदी गिरावट का मतलब है कि 23 जून को कारोबार शुरू होने पर अमेरिकी बाजारों पर बड़ा दबाव दिख सकता है। 22 जून को अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट आई थी। इसका असर नैस्डेक पर पड़ा था। यह 1.32 फीसदी गिरकर बंद हुआ था। 23 जून को इसका असर भारत सहित प्रमुख एशियाई बाजारों पर पड़ा। इन बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी बिकवाली देखने को मिली। भारत में सबसे ज्यादा गिरावट आईटी शेयरों में दिखी। इससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया।

प्रमुख एशियाई बाजारों में बड़ी बिकवाली 

जापान के प्रमुख सचूकांक Nikkei 225 में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई। हांगकांग का हैंगसेट 1.75 फीसदी नीचे चल रहा था। शंघाई कंपोजिट 1.38 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा था। थाइलैंड का सेट कंपोजिट इंडेक्स 1,69 फीसदी नीचे चल रहा था। इसका मतलब है कि दुनियाभर के प्रमुख शेयर बाजार बड़े दबाव में हैं। अचानक आई इस गिरावट की वजह से इनवेस्टर्स में घबराहट है।

दक्षिण कोरिया का बाजार 10 फीसदी क्रैश

सबसे ज्यादा गिरावट दक्षिण कोरिया के बाजार में आई है। कोस्पी 10 फीसदी क्रैश कर चुका है। SK Hynix और Samsung Electronics में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। इससे कुछ समय के लिए शेयर बाजार में ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। लेकिन, दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने के बाद बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इस साल दक्षिण कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा तेजी आई थी। विदेशी निवेशकों ने सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में खूब निवेश किए थे। इससे शेयरों की कीमतें कई गुनी हो गई थीं।

अमेरिका में टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट

22 जून को अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट आई। हाल में जबर्दस्त तेजी के साथ सूचीबद्ध होने वाला स्पेसएक्स का शेयर 16 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। Alphabet का शेयर 5 फीसदी फिसला। Amazon और Microsoft के शेयरों में 2.3 से 4.7 फीसदी तक की गिरावट आई। अब बाजार की नजरें Micron Technology पर लगी है। कंपनी 24 जून को अपने तिमाही नतीजों का ऐलान करेगी।

यह भी पढ़ें: Share Market Live Update

भारत में आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट 

इधर, भारत में भी आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। TCS का शेयर 3 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। इंफोसिस में भी 3 फीसदी से ज्यादा गिरावट दिखी। एचसीएल टेक में 1.57 फीसदी कमजोरी दिखी। विप्रो 2.85 फीसदी नीचे चल रहा था। टेक महिंद्रा का शेयर 2.15 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा था। एलटीआई माइंडट्री भी 2 फीसदी से ज्यादा नीचे चल रहा था।

यह भी पढ़ें: South Korea Stock Market: दक्षिण कोरिया का स्टॉक मार्केट क्रैश, Kospi 9 फीसदी से ज्यादा फिसला

टेक्नोलॉजी शेयरों की वैल्यूएशन को लेकर चिंता

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका, दणिण कोरिया में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी आई थी। इनवेस्टर्स एआई के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए इन शेयरों में निवेश कर रहे थे। इससे इन शेयरों की कीमतें आसमान में पहुंच गई थीं। अब इनकी हाई वैल्यूएशंस को लेकर चिंता जताई जा रही है। इससे इन शेयरों में बिकवाली दिख रही है।