MCX में हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट, जानिए क्या वजह

कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर 4 सितंबर को सोने और चांदी में गिरावट दिखी। शाम 4:15 गोल्ड फ्यूचर्स 0.34 फीसदी यानी 531 रुपये गिरकर 1,55,244 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.31 फीसदी यानी 734 रुपये गिरकर 2,35,320 रुपये पर चल रहा था।

विदेश में भी सोने और चांदी में गिरावट 

कमोडिटीज के जानकारों का कहना है कि अमेरिका में नॉन-फॉर्म पेरोल्स के डेटा आने से पहले बाजार में सावधानी बरती जा रही है। सोने और चांदी के फ्यूचर्स पर रुपये में मजबूती का भी असर पड़ा। विदेश में भी सोने और चांदी में गिरावट दिखी। सोना मामूली 0.02 फीसदी की गिरावट के साथ 4,472.12 डॉलर प्रति औंस पर था। सिल्वर 0.22 फीसदी की कमजोरी के साथ 66.80 डॉलर प्रति औंस था।

इस हफ्ते सोने में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने कहा कि उतार-चढ़ाव वाले इस हफ्ते में सोना 4,480 डॉलर के आसपास बना हुआ है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने आक्रामक रुख के संकेत दिए हैं। डॉलर में कमजोरी से सोने को सपोर्ट मिला है।

अमेरिका में नॉन-फॉर्म पेरोल्स डेटा का असर सोने पर पड़ेगा

उन्होंने कहा कि ग्लोबल मनी मैनेजर्स बीते कुछ हफ्तों से गोल्ड में पोजीशन बना रहे हैं। गोल्ड ईटीएफ में भी दिलचस्पी बनी हुई है। लेमन में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि नॉन-फॉर्म पेरोल्स रिपोर्ट का असर डॉलर, बॉन्ड यील्ड और सोने और चांदी पर पड़ सकता है। इधर, 3 सितंबर को रुपये में 0.5 फीसदी मजबूती आई। डॉलर के मुकाबले यह 94.48 के लेवल पर बंद हुआ।

क्रूड की ऊंची कीमतों ने भी बुलियन पर बढ़ाया दबाव 

गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर क्रूड की ऊंची कीमतों का भी असर पड़ रहा है। ब्रेट क्रूड 95 डॉलर से ऊपर है, जबकि WTI क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार है। इस हफ्ते क्रूड करीब 10 फीसदी चढ़ा है। क्रूड के हाई लेवल पर बने रहने से महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ेगा। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

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फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर टिकीं निगाहें

इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी है। फेड 16 सितंबर को अपनी पॉलिसी का ऐलान करेगा। इससे पहले अमेरिका में इनफ्लेशन के डेटा आएंगे। अगर इनफ्लेशन में कमी नहीं दिखती है तो फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स का इजाफा कर सकता है। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

Commodity Market: कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल! ब्रेंट $95 के पार, जानिए सोने-चांदी का हाल

Commodity Market Updates: आज शुक्रवार, 4 सितंबर को वैश्विक कमोडिटी बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। मध्य पूर्व में गहराते सैन्य तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच एक बार फिर से भड़की तबाही की चिंगारी के चलते कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका गहरा गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। दूसरी ओर, अमेरिकी एंप्लॉयमेंट डेटा से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती व स्थिरता बनी हुई है।

कच्चे तेल में आई यह तेजी मध्य जुलाई के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर इशारा कर रही है। आइए आपको बताते हैं कमोडिटी बाजार का पूरा अपडेट।

कच्चे तेल की कीमतों में उबाल: ब्रेंट $95 और WTI $91 के पार

मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई रुकने के डर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों की कीमतों में शुक्रवार को बढ़त दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 15 सेंट (0.2%) चढ़कर $95.67 प्रति बैरल पर पहुंच गया। वीकली आधार पर इसमें 7.1% की भारी बढ़त देखी जा रही है। वही अमेरिकी WTI क्रूड 26 सेंट (0.3%) की बढ़त के साथ $91.56 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। हफ्ते भर में WTI में 9.8% का उछाल दर्ज किया गया है। यह 20 जुलाई के बाद कच्चे तेल में दर्ज की गई अब तक की सबसे बड़ी साप्ताहिक तेजी है।

सोने-चांदी का हाल: US Fed के नरम रुख से मिला सहारा

कच्चे तेल की आग के बीच सोने की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है और यह भी मामूली साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $4,477.10 प्रति औंस के मजबूत स्तर पर टिका हुआ है। दिसंबर का अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.4% गिरकर $4,522.60 प्रति औंस पर रहा। सिल्वर (चांदी) 0.1% बढ़कर $66.90 प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि प्लैटिनम और पैलेडियम में मामूली सुस्ती रही।

निवेशक अब आज शाम जारी होने वाले अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर अगला कदम उठाने का संकेत मिलेगा।

गुरुवार को गोल्ड में क्यों आई थी 2% की तेजी?

अमेरिकी फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने कहा था कि अगर महंगाई दर स्थिर रहती है तो वे ब्याज दरें न बढ़ाने का समर्थन करेंगे। उनके इस बयान के बाद ट्रेडर्स ने सितंबर में रेट हाइक की उम्मीदें कम कर दीं, जिससे गुरुवार को सोने में 2% का बड़ा उछाल आया था।

डॉलर इंडेक्स में हल्की नरमी

दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की ताकत मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.05% घटकर 99.54 पर आ गया। डॉलर कमजोर होने से विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर में कोटेड कमोडिटी (सोना-तेल) खरीदना तुलनात्मक रूप से सस्ता हो जाता है, जिससे कीमतों को सहारा मिलता है।

यूरो (Euro): $1.1589 पर स्थिर।

जापानी येन (Yen): डॉलर के मुकाबले 0.07% मजबूत होकर 158.59 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

Top News 4 September: देशभर में जन्माष्टमी की धूम, ISRO का EOS-05 लॉन्च, क्रूड 100 डॉलर के करीब

Top News 4 September: देशभर में जन्माष्टमी की धूम, ISRO का EOS-05 लॉन्च, क्रूड 100 डॉलर के करीब

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Top News 4 September : देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, इसरों ने अंतरिक्ष में ईओएस-05 उपग्रह प्रक्षेपित किया। इंडियन बास्केट में क्रूड फिर 100 डॉलर के करीब पहुंचा। नेपाल भीषण बाढ़ के बाद भूकंप से थर्राया। अभिजीत दीपके की पीएम मोदी को अनोख चुनौती। 4 सितंबर की बड़ी खबरें :   

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम 

देशभर में जन्माष्‍टमी पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। मथुरा, वृंदावन समेत देशभर के कृष्ण मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़। शुक्रवार मध्यरात्रि 12 बजे होने वाले कृष्ण जन्मोत्सव की सभी तैयारियां हो चुकी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी। ALSO READ: कान्हा की नगरी में गूंजा कृष्ण नाम, जन्मभूमि से निकली भव्य श्रीकृष्णोत्सव शोभायात्रा, भक्तों का उमड़ा सैलाब

 

इसरो ने अंतरिक्ष में भेजा ईओएस-05 उपग्रह

इसरो ने ईओएस-05 उपग्रह का आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण किया। जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट के माध्यम से प्रक्षेपित उपग्रह भारत का पहला अत्याधुनिक भू-तुल्यकालिक इमेजिंग सैटेलाइट है।

 

क्रूड फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब

अमेरिका और ईरान के बीच जंग से तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचती नजर आ रही है। इंडियन बास्केट में आज कच्चे तेल के दाम 99.35 डॉलर प्रति बैरल हो गए। ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 91.92 डॉलर प्रति बैरल है। 

 

नेपाल में भूकंप

नेपाल और तिब्बत में ग्लेशियर आपदा के बाद आई विनाशकारी बाढ़ के बीच गुरुवार को तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से करीब 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। भूकंप के बाद फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। ALSO READ: Tibet Earthquake : भीषण बाढ़ की तबाही के बाद नेपाल पर एक और मुसीबत, हिमालयी क्षेत्र में क्यों मंडरा रहा है खतरा

 

अभिजीत दीपके की पीएम मोदी को चुनौती

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी शैक्षणिक योग्यता पर उठ रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक अनोखी चुनौती दी है। अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई के रिकॉर्ड पर हाल ही में शुरू हुए विवाद के बाद दीपके ने पीएम मोदी से कहा कि चलिए दोनों अपनी-अपनी डिग्री सार्वजनिक करते हैं। ALSO READ: अमेरिका में पढ़ाई पर घिरे अभिजीत दीपके ने PM मोदी को दी चुनौती, जानिए क्या कहा…

GIFT निफ्टी से मिल रहे बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत, क्रूड 96 डॉलर के करीब

बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना दिख रही है। GIFT निफ्टी हल्की गिरावट के साथ शुरुआत का संकेत दे रहा है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी,US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में जोखिम से बचने का माहौल बन गया है। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट और वॉल स्ट्रीट में कमजोरी से दबाव और बढ़ सकता है, हालांकि घरेलू स्तर पर संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जारी रहने से कुछ राहत मिल सकती है।

सुबह करीब 8.30 बजे GIFT निफ्टी 24,027 पर ट्रेड कर रहा था। इसमें 24 अंक यानी 0.1 प्रतिशत की गिरावट दिख रही थी। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 12.99 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 76,944.28 पर आ गया,जबकि निफ्टी 24.60 अंक या 0.10 प्रतिशत गिरकर 24,055.80 पर बंद हुआ।

ग्लोबल हालात काफी खराब हो गए हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत $96 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,US 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड 4.8 प्रतिशत के करीब है और जियोपॉलिटिकल तथा ब्याज दरों से जुड़ी चिंताएं फिर से उभर आई हैं।

रिस्क-ऑफ़ ट्रेड बढ़ने से एशियाई बाजारों में गिरावट

बुधवार को एशियाई इक्विटी में भारी गिरावट आई है। ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में बिकवाली और अमेरिका-ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई ने निवेशकों के जोखिम लेने के उत्साह को कम कर दिया है। जापान को छोड़कर एशिया पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 0.8 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) खुलते ही 3 प्रतिशत लुढ़क गया,जबकि जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 2.2 प्रतिशत गिर गया।

उधर कल अमेरिकी शेयरों में गिरावट जारी रहने के बाद S&P 500 e-mini फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है।

अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के और सख्त होने की उम्मीदें बढ़ने के साथ US 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड बढ़कर लगभग 4.80 प्रतिशत हो गया है। रॉयटर्स के मुताबिक फेड फंड्स फ्यूचर्स के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि दो हफ़्ते बाद होने वाली US फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 67 प्रतिशत है।

तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी

बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी हुई। पिछले सेशन की तेजी आगे बढ़ी दिखी है। US और ईरान के बीच रात भर हुए हमलों के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बढ़ गईं हैं और मिडिल ईस्ट में तनाव के जल्द कम होने की उम्मीदें कम हो गईं हैं।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 87 सेंट या 0.92% बढ़कर $95.52 प्रति बैरल पर दिख रहा है। जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 80 सेंट या 0.89% बढ़कर $91.02 पर आ गया है। मंगलवार को दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में $4 से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी,जो 24 जुलाई के बाद ब्रेंट में और 23 जुलाई के बाद WTI में सबसे बड़ी बढ़त रही।

बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से वॉल स्ट्रीट में गिरावट

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट जारी रही। ग्लोबल स्तर पर बॉन्ड की बिकवाली तेज हो गई और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। नैस्डैक कम्पोजिट 1.03 प्रतिशत गिरकर 26,099.77 पर आ गया,जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.79 प्रतिशत गिरकर 52,766.93 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.71 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,631.47 पर आ गया।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और US ट्रेजरी यील्ड के 4.8 प्रतिशत के करीब पहुंचने से इक्विटी मार्केट के लिए मुश्किल हालात बन रहे हैं। एक्सटर्नल मैक्रो-इकोनॉमिक और जियो-पॉलिटिकल जोखिमों का असर निकट भविष्य में बाजार की दिशा पर पड़ने की संभावना है।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ्टी का रुख सतर्क से लेकर कमज़ोर बना रहेगा,जिसमें 24,150-24,200 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। 24,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट बना हुआ है। अगर यह स्तर टूटता है और इंडेक्स इसके नीचे बना रहता है तो यह 23,900-23,800 की ओर जा सकता है।

 

Stock Market live Updates : GIFT Nifty से सुस्त शुरुआत के संकेत, US और एशियाई बाजार गिरे

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: टेक शेयरों में बिकवाली बढ़ने से एशिया में गिरावट, Nvidia के नतीजों से पहले KOSPI 3% से ज़्यादा लुढ़का

Asian Market Today:  आज एशिया मार्केट में गिरावट देखने को मिल रही है। निवेशकों ने टेक शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम की, क्योंकि आने वाली कमाई की रिपोर्ट से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रैली को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.4% गिर गया। शुरुआती एशियाई कारोबार में जापान और दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। Kospi 3.37% और Nikkei 225 0.93% गिरे, जबकि Topix में मामूली 0.015% की बढ़त हुई। इसके उलट, Hang Seng फ्यूचर्स में 0.6% की बढ़त हुई।

यह क्षेत्रीय गिरावट चिप बनाने वाली कंपनियों में भारी बिकवाली के बाद आई, जिससे सोमवार को Nasdaq 100 लगभग 1% गिर गया था। Nvidia Corp के शेयरों में लगातार सातवें सेशन में गिरावट आई, जो 2022 के बाद से इस स्टॉक की सबसे लंबी गिरावट का दौर है।

चिप बनाने वाली कंपनी के शेयरों में और 2.9% की गिरावट आई, जब उसने ग्राहकों को बताया कि वह अगले साल की शुरुआत में शिप होने वाले AI सिस्टम की कीमतें बढ़ाएगी। शुरुआती एशियाई कारोबार में US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में भी मामूली गिरावट देखी गई।

निवेशकों का कहना है कि यह बिकवाली इस बढ़ती चिंता को दिखाती है कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारी खर्च से उतना ही मुनाफ़ा होगा। बुधवार को आने वाली Nvidia की कमाई की रिपोर्ट को इस भरोसे के लिए एक अहम परीक्षा माना जा रहा है। ट्रेडर्स इस बात पर नज़र रखे हुए हैं कि क्या चिप शेयरों में हालिया गिरावट जारी रहेगी।

मंगलवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और यह $92 प्रति बैरल के आसपास बना रहा। US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश के खिलाफ़ आर्थिक दंड की चेतावनी दी थी।

सोमवार को बेंचमार्क में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई थी, जिससे छह दिनों की लगातार बढ़त का सिलसिला टूट गया। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.3% बढ़कर $85.23 प्रति बैरल हो गया।

ऊर्जा की कीमतों में गिरावट से सोमवार को US ट्रेजरी बॉन्ड को सहारा मिला और 10-साल की यील्ड चार बेसिस पॉइंट गिरकर 4.70% हो गई।

ट्रेडर्स ने बढ़ते जियोपॉलिटिकल रिस्क और इस हफ़्ते आने वाले ढेर सारे इकोनॉमिक डेटा और कॉर्पोरेट नतीजों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की। व्यापक मार्केट सेंटीमेंट के लिए टेक्नोलॉजी सेक्टर की चाल को अहम माना जा रहा है। लगातार महंगाई और फिस्कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटे) की चिंताओं के कारण यील्ड ऊंचे बने रहे, और बाजार फेड चेयर केविन वॉर्श से इस साल के बाकी समय के लिए फेडरल रिजर्व की संभावित राह के बारे में स्पष्ट गाइडेंस का इंतजार कर रहे थे।

CNBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेजरी को भी सपोर्ट मिला। रिपोर्ट में कहा गया है कि US ट्रेजरी डिपार्टमेंट उधार लेने की लागत को कम करने में मदद के लिए पुराने, अधिक यील्ड वाले सिक्योरिटीज़ को वापस खरीदने (बायबैक) के लिए अपने कैश रिजर्व का इस्तेमाल कर सकता है।

हालांकि, ब्लूमबर्ग के अनुसार, बेसेंट ने सोमवार को एक भाषण के दौरान कर्ज प्रबंधन रणनीति में किसी भी बदलाव की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। बायबैक बढ़ाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा कि विभाग ने “अभी तक एक भी बॉन्ड नहीं खरीदा है”।

दूसरी ओर, जापानी येन 159.11 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.7201 प्रति डॉलर पर लगभग अपरिवर्तित रहा।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty Indicator: क्रूड में नरमी से क्या सुधरेगा बाजार का सेंटिमेंट, गिफ्ट निफ्टी दे रहा मजबूत शुरुआत के संकेत

GIFT Nifty Indicator:  लगातार दो हफ़्तों की गिरावट के बाद, सोमवार को इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के मामूली बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। हालांकि, बाज़ार का मूड सतर्क रहेगा क्योंकि निवेशक ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए जा सकने वाले प्रतिबंधों के बारे में और जानकारी का इंतज़ार कर रहे हैं।

सुबह 8:30 बजे (IST) GIFT निफ्टी फ़्यूचर्स 24,378 पॉइंट्स पर था, जो बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स के लिए अच्छी शुरुआत का संकेत देता है; यह इंडेक्स शुक्रवार को 24,252 पर बंद हुआ था।

पिछले सेशन में घरेलू इक्विटी इंडेक्स फ्लैट बंद हुए थे, जिसमें बेंचमार्क निफ्टी 50 24,300 के लेवल से नीचे बंद हुआ था। सेंसेक्स 3.11 पॉइंट या 0.00% बढ़कर 77,540.83 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 20.15 पॉइंट या 0.08% गिरकर 24,252 पर बंद हुआ।

ग्लोबल संकेत

एशियाई बाज़ार ज़्यादातर स्थिर रहे क्योंकि निवेशक ईरान पर संभावित अमेरिकी प्रतिबंधों और इस हफ़्ते के आखिर में आने वाले Nvidia के नतीजों का इंतज़ार कर रहे थे। इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने इस महीने भारतीय इक्विटी में खरीदारी तेज़ कर दी है। अगस्त में अब तक उन्होंने 23,544 करोड़ रुपये का निवेश किया है, क्योंकि बेहतर तिमाही नतीजों, स्थिर रुपये और बाज़ार की बेहतर संभावनाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा, “FPIs को भारतीय बाज़ार की ओर वापस लाने वाले कारक ये हैं: Q1 नतीजों में दिखी कमाई में बढ़ोतरी, ‘चिप ट्रेड’ से FPIs का बाहर निकलना, रुपये में स्थिरता और व्यापक बाज़ार की कंपनियों की शानदार ग्रोथ की संभावनाएँ।”

यह निवेश तब आया है जब FPIs ने जुलाई में 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया था। यह लगातार चार महीनों की भारी बिकवाली के बाद एक बड़ा बदलाव है और भारतीय इक्विटी में फिर से भरोसा बढ़ने का संकेत है।

इंडेक्स पर किन लेवल पर दें ध्यान

Enrich Money के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय इक्विटी बाज़ार सावधानी के साथ हफ़्ते की शुरुआत करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रिस्क लेने की इच्छा को कम कर रही हैं। कच्चे तेल की कीमतें मज़बूत बनी हुई हैं। WTI $86 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है क्योंकि बाज़ार ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों की तैयारी कर रहे हैं, जबकि पहले से ही लंबे समय से जियोपॉलिटिकल तनाव चल रहा है। GIFT Nifty फ्यूचर्स के शुरुआती संकेत – जो Nifty की पिछली क्लोजिंग 24,252 के मुकाबले 24,300–24,350 की रेंज में ट्रेड कर रहे हैं – घरेलू इक्विटी के लिए काफी हद तक सपाट या थोड़ी बढ़त वाली शुरुआत का संकेत देते हैं।

आज Bank Nifty के आउटलुक पर, Enrich Money के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि Bank Nifty का टेक्निकल सेटअप तुलनात्मक रूप से मज़बूत रहने की उम्मीद है, और इंडेक्स में लगातार मज़बूती दिख रही है। हालांकि, व्यापक स्ट्रक्चर एक रेंज में ही बना हुआ है, और इंडेक्स को ऊंचे लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। टेक्निकल नज़रिए से, 57,800–58,000 का ज़ोन तुरंत रेजिस्टेंस वाला एरिया बना हुआ है। 58,000 के ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 58,300–58,500 के लेवल की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ, 57,400–57,300 तुरंत सपोर्ट ज़ोन बना हुआ है, और उसके बाद 57,100–57,000 का मज़बूत एरिया है। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए इन लेवल के ऊपर बने रहना ज़रूरी होगा, जबकि 57,000 के नीचे निर्णायक रूप से टूटने पर फिर से बिकवाली का दबाव बन सकता है और निकट अवधि का टेक्निकल रुझान कमज़ोर हो सकता है। कुल मिलाकर, Bank Nifty के लिए निकट अवधि का आउटलुक सावधानी के साथ सकारात्मक बना हुआ है, जिसमें 58,000 तुरंत ब्रेकआउट ट्रिगर के रूप में और 57,000 मुख्य डाउनसाइड सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market Today: एशिया बाजार में रौनक, बॉन्ड यील्ड में नरमी से निक्केई 1% और कोस्पी 5% चढ़ा

Asian Market Today: 20 अगस्त को एशियाई शेयर बाजार में तेज़ी देखी गई। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबे समय वाले कर्ज़ को वापस खरीदने की योजना की घोषणा के बाद बॉन्ड मार्केट का दबाव कम हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.8% ऊपर चढ़ा, जिसमें दक्षिण कोरियाई बाज़ार सबसे आगे रहे। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान कोस्पी (Kospi) में 3.86% की उछाल आई, जबकि जापान के निक्केई 225 में 0.95% और टोपिक्स (Topix) में 0.80% की बढ़त हुई। वहीं, हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.9% की बढ़ोतरी के संकेत मिले।

वॉल स्ट्रीट

बुधवार रात वॉल स्ट्रीट पर मज़बूत सेशन के बाद S&P 500 फ्यूचर्स में ज़्यादा बदलाव नहीं हुआ। इस तेज़ी को ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से समर्थन मिला था। S&P 500 फ्यूचर्स में लगभग 0.1% की मामूली बढ़त हुई, जबकि नैस्डैक-100 फ्यूचर्स में 0.3% की बढ़ोतरी हुई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स भी 19 अंक या 0.04% ऊपर चढ़ा।

इससे पहले दिन में, S&P 500 ने लगातार तीन सेशन की गिरावट का सिलसिला खत्म किया, क्योंकि लंबे समय वाले अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर से नीचे आ गए। बॉन्ड मार्केट में हालिया बिकवाली के बाद दबाव कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बाद यील्ड में यह गिरावट आई।

कच्चे तेल की कीमतें

गुरुवार को शुरुआती एशियाई कारोबार में तेल की कीमतें ज़्यादातर स्थिर रहीं। निवेशक अमेरिका-ईरान युद्ध की संभावित दिशा और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग की सुरक्षा को लेकर चिंताओं पर विचार कर रहे थे।

अक्टूबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 25 सेंट या 0.3% बढ़कर $91.87 प्रति बैरल हो गया। वहीं, सितंबर के लिए अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 2 सेंट गिरकर $85.81 प्रति बैरल पर आ गया। ज़्यादा सक्रिय रूप से ट्रेड होने वाला अक्टूबर WTI कॉन्ट्रैक्ट 14 सेंट या 0.2% बढ़कर $84.53 प्रति बैरल हो गया। बुधवार को ब्रेंट और WTI, दोनों में लगातार चौथे सेशन में बढ़त देखी गई और ये 24 जुलाई के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुए। सितंबर WTI कॉन्ट्रैक्ट गुरुवार को बाद में एक्सपायर होने वाला है।

US-ईरान युद्ध

ट्रंप ने कहा कि इन कदमों का मतलब “अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक युद्ध और अलग-थलग करना” होगा। उन्होंने इसे “ECONOMIC D-DAY” बताया और सभी US सहयोगियों से वॉशिंगटन का समर्थन करने को कहा।

उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश वित्तीय संस्थानों, कंपनियों, एयरपोर्ट या सरकारी निकायों को ईरान की मदद करने की इजाज़त देंगे, उन्हें गंभीर आर्थिक नतीजों का सामना करना पड़ेगा, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये सज़ाएं क्या होंगी। ट्रंप ने ईरान का समर्थन करने वाली गतिविधियों, जैसे तस्करी, कैश ट्रांसफर, एक्सचेंज हाउस के ऑपरेशन और शिप रजिस्ट्री के इस्तेमाल को खत्म करने की भी मांग की।

आज सोने का भाव

गुरुवार को सोने की कीमतें दो महीने से ज़्यादा के उच्चतम स्तर के करीब बनी रहीं। US ट्रेज़री की ओर से लिक्विडिटी सपोर्ट की अचानक घोषणा के बाद बॉन्ड यील्ड और डॉलर में गिरावट आई।

0031 GMT पर स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,512.19 प्रति औंस पर लगभग स्थिर रही, जबकि सेशन की शुरुआत में यह $4,525.79 तक पहुंच गई थी, जो 2 जून के बाद इसका उच्चतम स्तर था। बुधवार को इस कीमती धातु की कीमत में 4% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी। आम तौर पर जियोपॉलिटिकल और आर्थिक अनिश्चितता के समय सोने को फायदा होता है क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश करते हैं, जबकि ऊंची ब्याज दरों से इसकी मांग पर असर पड़ सकता है क्योंकि सोने से कोई ब्याज आय नहीं होती है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Gold Price Today : MCX पर सोना 0.50% नीचे, चांदी 1.75% टूटी, जानिए आज कमोडिटी में कहां हो सकती है कमाई

Silver Gold Price Today : MCX पर सोना 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के नीचे फिसल गया है। MCX पर चांदी भी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे फिसल गई है। वहीं, ब्रेंट क्रूड का भाव 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर और WTI क्रूड का भाव 85 डॉलर के ऊपर कायम है। इस बीच डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर के नीचे कायम है। बुधवार,19 अगस्त को MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में इस गिरावट की वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और US-Iran बातचीत के रुकने के बीच US Fed द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती आशंका है। हालांकि,डॉलर इंडेक्स में गिरावट ने सोने की कीमतों में गिरावट को रोक सीमित रखा है।

सोने-चांदी की चाल पर नजर डालें तो एमसीएक्स पर सोना 1 हफ्ते में 1 फीसदी और चांदी 1 हफ्ते में 3 फीसदी गिरी है। वहीं, 1 महीने में सोना 10 फीसदी और चांदी 5 फीसदी टूटी है। 3 महीने में सोना 3 फीसदी और चांदी 15 फीसदी गिरी है। 6 महीने में सोना 1 फीसदी और चांदी 6 फीसदी गिरा है। इस साल अब तक सोने में 14 फीसदी की तेजी आई है, वहीं, चांदी 3 फीसदी गिरी है।

फिलहाल 11.45 बजे के आसपास MCX पर अक्तूबर का गोल्ड वायदा 713.00 रुपए यानी 0.46 फीसदी की गिरावट के साथ 153,500 रुपए पर नजर आ रहा था। वहीं, चांदी का सितंबर वायदा 4,066 रुपए यानी 1.76 फीसदी की कमजोरी के साथ 228,330 रुपए पर दिख रहा है।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन का मानना ​​है कि कच्चे तेल की कीमतों,डॉलर इंडेक्स और जियोपॉलिटिकल तनाव में उतार-चढ़ाव के बीच सोने और चांदी की कीमतें वोलेटाइल बनी रहेंगी। उन्होंने आगे कहा कि MCX पर सोने के लिए 1,53,100 रुपए और 1,52,200 रुपए पर सपोर्ट है। वहीं, 1,55,000 और 1,56,100 रुपए पर इसके लिए रेजिस्टेंस है। जबकि चांदी के लिए सपोर्ट 2,30,000 और 2,26,600 रुपए पर और रेजिस्टेंस 2,23,500 रुपए और 2,37,700 रुपए पर है।

दूसरी कमोडिटीज पर एक नजर

एमसीएक्स पर कॉपर का अगस्त वायदा 4.20 रुपए यानी 0.31 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ 1,364.35 रुपए के आसपास दिख रहा था। वहीं,क्रूड का सितंबर वायदा 38 रुपए यानी 0.47 फीसदी की तेजी के साथ 8,126 रुपए के करीब दिख रहा था। नैचुरल गैस का अगस्त वायदा 2.10 रुपए यानी 0.79 फीसदी की तेजी के साथ 266.90 रुपए पर और ELECDMBL अगस्त वायदा 30 रुपए यानी 0.68 फीसदी की कमजोरी लेकर 4,380 के आसपास ट्रेड कर रहा था।

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल

कमोडिटी में कमाई वाले कॉल के लिए आज हमारे साथ हैं Kedia Advisory के अजय केडिया। इनको आज गोल्ड और सिल्वर में बिकवाली करके कमाई के मौके दिख रहे हैं। एमसीएक्स गोल्ड में इनकी 155000 रुपए के आसपास,156000 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 153000 रुपए के टारेगट के लिए बिकवाली की सलाह है। वहीं,एमसीएक्स सिल्वर में भी इनकी 234000 रुपए के आसपास,236000 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 230000 रुपए के टारेगट के लिए बिकवाली की सलाह है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Crude Oil Price: ईरान-US में तनाव बढ़ने क्रूड में भारी उछाल, $91 के पार पहुंचा भाव

US-Iran war: मंगलवार को तेल की कीमतें बढ़ गई। मिडिल ईस्ट में चल रहे झगड़े को खत्म करने के लिए किसी समझौते की उम्मीद कम हो गई। ईरान ने ज़्यादा आक्रामक रुख दिखाया और US ने युद्धविराम को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। इन घटनाक्रमों ने एनर्जी सप्लाई में रुकावट की आशंकाओं को बढ़ा दिया।

पिछले सेशन में 30 जुलाई के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 27 सेंट या 0.3% बढ़कर $91.14 प्रति बैरल हो गए। US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 42 सेंट बढ़कर $85.04 प्रति बैरल हो गए, जबकि इससे पहले इसमें 1% से ज़्यादा की बढ़त हुई थी और यह $85.37 तक पहुंच गया था, जो 31 जुलाई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था।

 कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

US प्रेसिडेंट द्वारा बताए गए मेमोरैंडम पर जून में साइन किए गए थे और तकनीकी रूप से, इसकी समय सीमा सोमवार को खत्म हो गई।

हालांकि, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ समेत कई अहम मुद्दों पर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच गहरी असहमति बनी हुई है। ईरान अभी इस अहम समुद्री रास्ते के मैनेजमेंट को लेकर ओमान के साथ बातचीत कर रहा है, जबकि US इस बातचीत में शामिल नहीं है। फॉक्स न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ओमान ने US के नेतृत्व वाली नाकेबंदी में दखल दिया तो वे ओमान पर बम गिरा देंगे।

US अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि वॉशिंगटन इस झगड़े को खत्म करने की कोई जल्दबाजी में नहीं है, जो अब छठे महीने में प्रवेश कर रहा है। एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट ने फॉक्स न्यूज़ को बताया कि US ईरान से निपटने के लिए लंबे समय का नज़रिया अपना रहा है, जबकि दूत जेरेड कुशनर ने कहा कि ट्रंप समझौते के लिए धैर्य रखने को तैयार हैं।

इस साल क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग 50% बढ़ गई हैं क्योंकि लंबे समय से चल रहे युद्ध ने मिडिल ईस्ट से एनर्जी की सप्लाई में रुकावट पैदा की है। हालांकि, पर्शियन गल्फ के प्रोड्यूसर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ज़रिए तेल भेजने और इंटरनेशनल मार्केट में सप्लाई करने के ज़्यादा असरदार तरीके ढूंढते दिख रहे हैं। सऊदी अरब अब ऐसे कार्गो की पेशकश कर रहा है जो चोकपॉइंट के बाहर से आते हैं, जिससे पता चलता है कि किंगडम तेल एक्सपोर्ट करने के लिए UAE की तरह वैकल्पिक रास्ते खोजने की रणनीति अपना सकता है।

“आज ब्रेंट की कीमतें बढ़कर $89.5 प्रति बैरल हो गईं और WTI $83 के पार पहुंच गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि US-ईरान तनाव कम करने के लिए किसी समझौते की उम्मीदें कम होती जा रही हैं, साथ ही लेबनान में नई लड़ाई और होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर लगातार हमलों के कारण सप्लाई का रिस्क बना हुआ है।

US-ईरान के बीच अंतिम समझौते के लिए तय 60 दिन की समय-सीमा बिना किसी समझौते के खत्म हो गई, और ट्रेजरी सेक्रेटरी बेसेंट द्वारा ईरान पर लगाए जाने वाले अभूतपूर्व प्रतिबंधों की घोषणा – जिनकी उम्मीद इस हफ्ते थी,अभी भी बाकी है। होर्मुज की स्थिति, खत्म हो चुकी समय-सीमा और संभावित प्रतिबंधों को देखते हुए कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की AVP कायनात चेनवाला ने कहा अगर तनाव बढ़ता है या प्रतिबंधों के कारण स्थिति बिगड़ती है तो कच्चे तेल की कीमत $95 तक जा सकती है, जबकि हमलों में कमी आने पर कीमतों में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

नहीं थम रही सोने-चांदी की तेजी, रुपया और ग्लोबल फैक्टर्स कैसे डाल रहे है असर, अब क्या करें निवेशक!

Gold Silver price: भारत में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। इसकी वजह ग्लोबल मार्केट में मजबूती का ट्रेंड था, जिसमें कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों ने कीमती धातुओं की मांग को सहारा दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, अक्टूबर डिलीवरी के लिए सोने के वायदा भाव ₹676 या 0.44% बढ़कर ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम हो गए। सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी के वायदा भाव ₹2,270 या 0.96% बढ़कर ₹2.38 लाख प्रति किलोग्राम हो गए।

ग्लोबल स्तर पर, सोने के वायदा भाव लगभग 0.40% बढ़कर $4,394.01 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के वायदा भाव 1.64% बढ़कर $65.74 प्रति औंस हो गए।

क्यों बढ़ रही कीमतें हैं?

इसका एक मुख्य कारण अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी (मौद्रिक नीति) को लेकर बदलता नज़रिया है। हाल ही में अमेरिका में महंगाई, रोजगार और कंज्यूमर एक्टिविटी के आंकड़े कमज़ोर रहे हैं, जिससे फेडरल रिज़र्व द्वारा और सख्ती बरतने की उम्मीदें कम हो गई हैं। इसका असर अमेरिकी डॉलर पर पड़ा है और सोने को इससे सहारा मिला है।

आमतौर पर डॉलर के कमज़ोर होने से सोने को फायदा होता है क्योंकि दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए यह धातु सस्ती हो जाती है। कम ब्याज दरों की उम्मीदें भी सोने को सहारा दे सकती हैं, क्योंकि सोने जैसी ऐसी एसेट (संपत्ति) को रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ (वैकल्पिक लागत) कम हो जाती है जिससे कोई रेगुलर इनकम नहीं होती।

भारत के लिए खास वजह क्या है?

घरेलू कीमतें करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव को भी दिखाती हैं। सोमवार (17 अगस्त) को शुरुआती कारोबार में रुपया कमज़ोर होकर लगभग ₹95.59 प्रति डॉलर पर आ गया। रुपया कमज़ोर होने से सोने और चांदी जैसी इंटरनेशनल कीमत वाली कमोडिटीज़ की ‘लैंडेड कॉस्ट’ (आयात लागत) बढ़ सकती है, जिससे घरेलू कीमतों को और सहारा मिलता है।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का भी रुपये पर दबाव रहा है। लेमन (Lemonn) में रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, WTI क्रूड लगभग $82.83 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जबकि ब्रेंट $89 के आसपास बना हुआ था। गर्ग ने कहा कि डॉलर के कमज़ोर होने और आर्थिक आंकड़े कमज़ोर रहने से फेड द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो गईं, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। उन्होंने US-ईरान शांति वार्ता के रुकने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से टैंकरों की आवाजाही कम होने के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताओं की ओर भी इशारा किया।

बता दें कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता एक और वजह है जो बुलियन (सोना-चांदी) को सहारा दे रही है। US-ईरान शांति वार्ता में कोई प्रगति न होने और तेल की सप्लाई को लेकर चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क रखा है। ऐसी अनिश्चितता सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों की मांग बढ़ा सकती है।

अब आगे क्या करें निवेशक

सोने के लिए, फेडरल रिजर्व का रेट आउटलुक, US डॉलर, बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रम मुख्य कारक बने रहेंगे। अगर फेड का रुख नरम (dovish) होता है तो कीमतों को सहारा मिल सकता है, जबकि महंगाई का नया झटका या सख्त (hawkish) पॉलिसी रुख बुलियन पर दबाव डाल सकता है।

VT मार्केट्स में ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड, रॉस मैक्सवेल ने कहा कि $4,400-$4,450 प्रति औंस सोने के लिए तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन है। अगर कीमत $4,500 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है तो तेजी का रुझान (bullish trend) मजबूत हो सकता है, जबकि उन्होंने $4,150-$4,200 प्रति औंस को एक महत्वपूर्ण सपोर्ट एरिया बताया।

हालांकि, भारतीय निवेशकों के लिए, ग्लोबल सोना और चांदी की कीमतें समीकरण का सिर्फ़ एक हिस्सा हैं। रुपया-डॉलर एक्सचेंज रेट, इंटरनेशनल कीमतें और घरेलू बाजार की स्थितियां मिलकर MCX कीमतों की दिशा तय करती हैं।

एस्पेक्ट बुलियन एंड रिफाइनरी के CEO दर्शन देसाई ने कहा, “कमज़ोर अमेरिकी डॉलर, दरों को लेकर बदलती उम्मीदों और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) के तौर पर लगातार बनी मांग के कारण सोने और चांदी की कीमतें नए हफ़्ते में मजबूती के साथ आगे बढ़ रही हैं।”

देसाई ने कहा, “भू-राजनीतिक जोखिम और ग्लोबल ग्रोथ को लेकर चिंताएं बुलियन को और सहारा दे रही हैं।” हालांकि, एनालिस्ट कीमतों में सीधी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। हालिया बढ़त के बाद, सोने और चांदी की कीमतों में कुछ ठहराव (कंसोलिडेशन) या मुनाफावसूली (प्रॉफिट-टेकिंग) देखी जा सकती है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।