Neogen Chemicals Share Price: एनालिस्ट की पसंद बना ये केमिकल स्टॉक, दे सकता है 24% का रिटर्न

Neogen Chemicals Share Price: पिछले 6 महीनों में अच्छे रिटर्न के बाद घरेलू ब्रोकरेज फर्म ‘एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग’ ने Neogen Chemicals पर कवरेज शुरू किया है। उन्होंने इसे ‘Buy’ की रेटिंग दी है और ₹3,050 का टारगेट प्राइस तय किया है। इसका मतलब है कि ₹2,482 के मौजूदा मार्केट प्राइस से इसमें लगभग 23% की तेजी आ सकती है।

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि स्पेशलिटी केमिकल्स बनाने वाली यह कंपनी अब कमाई में तेज बढ़ोतरी के दौर में प्रवेश करने वाली है। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि कंपनी का बैटरी केमिकल्स का कारोबार बढ़ रहा है, जिसे घरेलू बैटरी मैन्युफैक्चरिंग, ग्राहकों की मंजूरी और चीन के बाहर की सप्लाई चेन में मिल रहे मौकों का समर्थन मिल रहा है।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा Neogen Chemicals के पास एक मजबूत स्पेशलिटी केमिकल्स कारोबार है और साथ ही बैटरी के क्षेत्र में भी बड़े मौके हैं। चूंकि प्लांट काफी हद तक तैयार हो चुके हैं और ग्राहकों द्वारा मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए मुख्य रुकावटें अब पीछे छूट गई हैं। अब कमाई में तेजी आना बाकी है, जो विकास और री-रेटिंग का एक बेहतरीन मौका बनाता है।”

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26 से FY30 के बीच Neogen का रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स के बाद का एडजस्टेड प्रॉफिट (PAT) क्रमशः 45%, 49% और 87% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। हालांकि, इस निवेश की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नई सुविधाएं समय पर शुरू होती हैं या नहीं, ग्राहक कितना माल खरीदते हैं, और कंपनी अपने बढ़े हुए कर्ज को कैसे संभालती है।

ब्रोकरेज स्टॉक पर बुलिश क्यों

आने वाले वर्षों में बैटरी केमिकल्स, नियोजेन के विकास का सबसे बड़ा जरिया बनने की उम्मीद है। इसकी सब्सिडियरी कंपनी, ‘नियोजेन आयोनिक्स’, बैटरी इलेक्ट्रोलाइट और लिथियम हेक्साफ्लोरोफॉस्फेट (LiPF6) बनाती है। LiPF6 एक महत्वपूर्ण सॉल्ट है जिसका इस्तेमाल लिथियम-आयन बैटरी में किया जाता है। कंपनी इसके लिए ‘MU आयोनिक सॉल्यूशंस’ की जापानी मैन्युफैक्चरिंग तकनीक का इस्तेमाल करती है और जापान की ‘मोरिता’ के साथ एक जॉइंट वेंचर के जरिए अपना सॉल्ट कारोबार चलाती है।

एंटीक का अनुमान है कि नियोजेन के कुल रेवेन्यू में बैटरी केमिकल्स का हिस्सा FY26 के 4% से बढ़कर FY30 तक 62% हो जाएगा। FY26 तक यह सेगमेंट घाटे में था, क्योंकि उस दौरान इलेक्ट्रोलाइट और सॉल्ट बनाने की सुविधाएं तैयार हो रही थीं और ग्राहकों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया चल रही थी। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY27 तक यह कारोबार EBITDA के स्तर पर ‘ब्रेक-ईवन’ (यानी बिना नुकसान या मुनाफे की स्थिति) तक पहुंच जाएगा। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का कहना है कि, “कमीशनिंग में देरी के कारण काम की गति (रैंप-अप) कुछ आगे खिसक गई है, लेकिन इससे मध्यम अवधि की कमाई के अनुमानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि FY30E (वित्त वर्ष 2030) के हमारे अनुमान जिन क्षमताओं और ग्राहकों की मंजूरी पर आधारित हैं, वे पहले से ही मौजूद हैं।”

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि ग्राहकों द्वारा दी जाने वाली योग्यता(क्वालिफिकेशन) कंपनी को एक प्रतिस्पर्धी बढ़त दिला सकती है। इस तरह की मंजूरी मिलने में 12-24 महीने लग सकते हैं, और एक बार किसी उत्पाद को मंजूरी मिल जाने के बाद, बैटरी निर्माता आमतौर पर अपने सप्लायर को बदलना नहीं चाहते। नियोजेन ने अमेरिका के तीन इलेक्ट्रोलाइट निर्माताओं के साथ अपने प्लांट का अंतिम ऑडिट पूरा कर लिया है। इससे कंपनी उन अमेरिकी टैक्स-क्रेडिट नियमों से जुड़ी मांग को पूरा करने की स्थिति में आ गई है, जो 2027 से कुछ चीनी सप्लायरों से सामान लेने पर रोक लगाते हैं।

भारत में बैटरी निर्माण क्षमता बढ़ने के साथ, घरेलू स्तर पर भी अवसर बढ़ सकते हैं। नियोजेन की दहेज और पाखाजन इकाइयां स्थानीय सेल निर्माताओं को सेवा देने के लिए तैयार हैं, जबकि इसकी लिथियम सॉल्ट क्षमता निर्यात के अतिरिक्त अवसर प्रदान करती है। बैटरी रसायनों के अलावा, कंपनी का स्पेशलिटी केमिकल्स का स्थापित कारोबार कमाई का एक स्थिर आधार देता है। इसे कॉन्ट्रैक्ट सिंथेसिस एंड मैन्युफैक्चरिंग (CSM), एडवांस्ड इंटरमीडिएट्स और दहेज प्लांट में आग लगने की घटना के बाद उत्पादन में हुए सुधार से भी मजबूती मिलती है।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

इस केमिकल स्टॉक में पिछले 3 महीनों में 14%, 6 महीनों में 64% और पिछले 1 साल में 70% की तेजी आई है। हालांकि, हाल के समय में इसमें 1 हफ्ते में 2% और पिछले 1 महीने में 0.3% की गिरावट देखी गई है। अक्टूबर 2026 में यह स्टॉक अपने 52-हफ्तों के उच्चतम स्तर ₹2785 पर पहुंच गया था, जबकि दिसंबर 2025 में यह अपने 52-हफ्तों के निचले स्तर ₹978 पर था।

 

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टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले पकड़े गए

मुंबई। फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर जानलेवा हमला करने वाले तीन आरोपी पकड़े गए हैं। तीनों को राजस्थान के कोटा से पकड़ा गया। तीनों हमलावरों में से एक बिहार का और दो हरियाणा के रहने वाले हैं। इस बीच टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर मुंबई पुलिस ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें पुलिस ने बताया कि, जिस तरह से गोलियां चलाईं गईं उससे लगता है कि आरोपी हत्या की योजना से ही आए थे।

पुलिस ने बताया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अनिल पंडित ने हमला करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। यह भी बताया गया है कि अनिल ने वीडियो जारी कर इसकी जिम्मेदारी ली। गौरतलब है कि हमले में टाइगर श्रॉफ को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके बाएं हाथ में बारूद और कांच के टुकड़ों से चोट आई है। फायरिंग में उनका ड्राइवर भी घायल हुआ है।

बहरहाल, रविवार की शाम को टाइगर पर हमला करने वालों को करीब 15 घंटे में राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। आरोपी जयपुर, दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने की तैयारी में थे। मुंबई पुलिस से सूचना मिलने के बाद कोटा पुलिस ने सुबह साढ़े 10 बजे तीनों को रेलवे स्टेशन से पकड़ा। कोटा की एसपी तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, तीनों पुणे से जयपुर जाने वाली ट्रेन से जयपुर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि तीनों बिना टिकट ट्रेन में सवार हुए थे। तीनों को जनरल कोच में हिरासत में लिया गया। इनके पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है।

राजस्थान पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए तीनों संदिग्धों में दो हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला है। इनमें हरियाणा के सोनीपत का रेहान और बिहार के बेगूसराय का ऋतिक कुमार उर्फ रोशन शामिल हैं। पहले तीसरे आरोपी के नाबालिग होने की बात सामने आई थी। लेकिन बाद में पुलिस ने इससे इनकार किया। मुंबई पुलिस के जानकार सूत्रों के मुताबिक, आरोपी करीब 10 दिनों से टाइगर श्रॉफ पर नजर रख रहे थे।

Stocks to Watch: 19 अक्टूबर को Axis Bank, Yes Bank, HDFC Bank, RailTel, Zen Tech समेत इन शेयरों पर नजर, दिख सकती है बड़ी उठापटक

सोमवार, 19 अक्टूबर को कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। लिस्ट में एक्सिस बैंक, HDFC Bank, यस बैंक, IDBI Bank, रेलटेल, जेन टेक्नोलोजिज, वेदांता जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में बड़ी उठापटक दिख सकती है। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा सोमवार को एक शेयर एक्स-स्टॉक स्प्लिट ट्रेड करने वाला है। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज, भंसाली इंजीनियरिंग पॉलीमर्स, HFCL, हिंदुस्तान जिंक, जस्ट डायल, डेल्टा कॉर्प, एलीवेट कैंपस, पिरामल फाइनेंस, SML महिंद्रा, वरमोरा ग्रैनिटो, शोभा, तत्व चिंतन फार्मा केम और वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीस

इन शेयरों पर रहेगी खास नजर

ICICI Bank: Q2 (जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही) में स्टैंडअलोन बेसिस पर मुनाफा सालाना आधार पर 20.1% बढ़कर 14,843 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 17.7% बढ़कर 25,338.7 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA घटकर 1.20% हो गया, नेट NPA घटकर 0.30% हो गया।

Axis Bank: Q2 में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 7,003.28 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे से 37.59 प्रतिशत ज्यादा है। शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 11.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 15,371.4 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.36 प्रतिशत दर्ज किया गया। ग्रॉस NPA रेशियो घटकर 1.16 प्रतिशत रहा। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.35 प्रतिशत हो गया।

Yes Bank: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 65% बढ़कर 1,080 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 22.7% बढ़कर 2,822 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA 1.2% और नेट NPA 0.2% दर्ज किया गया।

HDFC Bank: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 4.7% बढ़कर 19,510 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 9.7% बढ़कर 34,619.2 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA घटकर 1.11% और नेट NPA घटकर 0.37% हो गया।

IDBI Bank: Q2 में स्टैंडअलोन मुनाफा सालाना आधार पर 39 प्रतिशत घटकर 2205.45 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 28.7 प्रतिशत बढ़कर 4,228 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA रेशियो घटकर 2.12 प्रतिशत और नेट NPA रेशियो घटकर 0.17 प्रतिशत पर आ गया।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफे में 21.1% का उछाल आया और यह 1,468.9 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 26.3% बढ़कर 4,145.2 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA रेशियो 2.39% और नेट NPA रेशियो 0.31% रहा।

पंजाब नेशनल बैंक: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 12.8% बढ़कर 5,532.2 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 10.8% बढ़कर 11,601.3 करोड़ रुपये रही। ग्रॉस NPA रेशियो 2.55% और नेट NPA रेशियो 0.25% दर्ज किया गया।

अर्बन कंपनी: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड घाटा बढ़कर 182.5 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 41.4% बढ़कर 537.3 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के बोर्ड ने इक्विटी और कनव​र्टिबल सिक्योरिटीज के जरिए 2,500 करोड़ रुपये तक जुटाने को मंजूरी दी है।

LTM: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 0.2% घटकर 1,397.9 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 13.6% बढ़कर 11,807.6 करोड़ रुपये हो गया। LTM ने प्रति शेयर 25 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी (Ixigo): Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 61.3 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले कंपनी 3.2 करोड़ रुपये के घाटे में थी। रेवेन्यू 12.9% बढ़कर 320.96 करोड़ रुपये हो गया।

RailTel: कंपनी को रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB), सिकंदराबाद से 167.52 करोड़ रुपये का ‘लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस’ (LoA) मिला है। यह RRB भर्ती प्रक्रिया के परीक्षा-पूर्व और परीक्षा-बाद के चरणों के लिए AM-RMS सेवाएं प्रदान करने से संबंधित है। इसके अलावा RailTel को ‘हेल्थ इंश्योरेंस TPA ऑफ इंडिया’ से 18.99 करोड़ रुपये का परचेज ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी 3 साल की अवधि के लिए IT इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराएगी।

Zen Technologies: यह कॉग्निट सिमेंटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (CSPL) में 51.98 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद रही है। कंपनी के बोर्ड ने 17 अक्टूबर की मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। उसी दिन कंपनी ने शेयर परचेज एग्रीमेंट, शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट और शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट कर लिया। डील पूरी होने के बाद कॉग्निट सिमेंटिक्स, जेन टेक की सब्सिडियरी बन जाएगी। यह खरीद फुली डाइल्यूटेड बेसिस पर 135.15 करोड़ रुपये में होगी।

GPT इंफ्राप्रोजेक्ट्स: कंपनी को वेस्टर्न रेलवे के भावनगर डिवीजन के ‘चीफ सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर’ (CSTE) से 149.5 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। साथ ही, वेस्टर्न रेलवे के ही रतलाम डिवीजन से सिग्नलिंग कार्यों के लिए 134.11 करोड़ रुपये का एक और वर्क ऑर्डर मिला है।

ACME Solar Holdings: कंपनी की सब्सिडियरी, ‘एक्मे ग्रीनटेक ट्वेंटी’ ने ‘सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ (SECI) के साथ एक ‘पावर परचेज एग्रीमेंट’ किया है। यह समझौता FDRE ट्रेंच IX के तहत 300 MW के ‘अश्योर्ड पीक पावर प्रोजेक्ट’ के लिए है, जिसमें टैरिफ 6 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है।

LCC Projects: कंपनी को गुजरात सरकार से एक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट के लिए ‘एक्सेप्टेंस ऑफ टेंडर’ मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट में मच्छु-I बांध से त्रिवेणी थंगा जलाशय और वांकानेर व चोटिला तालुका के विभिन्न गांवों तक पानी की आपूर्ति करना शामिल है। इस कॉन्ट्रैक्ट में 10 वर्षों तक प्रोजेक्ट के संचालन और रखरखाव का काम भी शामिल है। कॉन्ट्रैक्ट की कुल अनुमानित वैल्यू 151.57 करोड़ रुपये है।

Vedanta: कंपनी ने ‘वेदांता जिंक इंटरनेशनल’ (VZI) के तहत ‘गाम्सबर्ग प्रोजेक्ट’ के दूसरे चरण में लगभग 60 करोड़ डॉलर का निवेश करने की घोषणा की है। इसके जरिए दक्षिण अफ्रीका में कंपनी की सालाना जिंक उत्पादन क्षमता दोगुनी होकर 5 लाख टन हो जाएगी।

ग्लोबल सेटअप क्या बिगाड़ेगा खेल या बाजार दिखाएगा अपनी चाल, जानें गिफ्ट निफ्टी से कैसे मिल रहे संकेत

RBL Bank: बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से ‘एमिरेट्स NBD बैंक PJSC’ की सभी भारतीय शाखाओं को RBL बैंक में विलय करने की मंजूरी मिल गई है। यह विलय 1 दिसंबर, 2026 से प्रभावी होगा।

पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया: कंपनी को ‘बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (BOOT) मॉडल पर 765 kV GIS पुणे वेस्ट ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट लगाने के लिए सफल बोलीदाता घोषित किया गया है। इसके लिए वार्षिक ट्रांसमिशन शुल्क 199.55 करोड़ रुपये तय किया गया है। इस प्रोजेक्ट में महाराष्ट्र के पुणे वेस्ट में एक नया 765/400 kV गैस-इंसुलेटेड स्विचगियर (GIS) सबस्टेशन लगाना शामिल है। इसके अलावा, इसमें पूरे महाराष्ट्र में 765 kV और 400 kV ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण और उनसे जुड़े बे (bays) का काम भी शामिल है।

स्टॉक स्प्लिट के लिए यह शेयर करेगा एक्स-ट्रेड

जटाशंकर इंडस्ट्रीज

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को रेलवे से ₹134 करोड़ का ऑर्डर मिला, फोकस में रहेगा स्टॉक

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी GPT Infraprojects Limited को रेलवे से ₹134.11 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी की सब्सिडियरी Alcon Builders and Engineers Private Limited को पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने दिया है।

रेलवे ट्रैक पर लगाया जाएगा सिग्नलिंग सिस्टम

इसके तहत रेलवे ट्रैक पर सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम ट्रेनों की आवाजाही को सुरक्षित और बेहतर बनाने में मदद करता है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और डिजिटल एक्सल काउंटर भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा, कुछ स्टेशनों पर पहले से लगे सिस्टम में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।

इन चार रूट पर होगा काम

यह काम पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के चार रूट पर होगा। इनमें नागदा-उज्जैन-ताजपुर, फंदा-संत हिरदाराम नगर, उज्जैन-कर्च्छा और मांगलियागांव-इंदौर के बीच के डबल रेलवे ट्रैक शामिल हैं। कंपनी को यह काम शुरू होने की तय तारीख से 548 दिनों के भीतर पूरा करना है।

₹5,651 करोड़ की हुई ऑर्डर बुक

इस ऑर्डर के बाद GPT Infraprojects की बकाया ऑर्डर बुक ₹5,651 करोड़ पर पहुंच गई है। यानी कंपनी के पास अभी इतने रुपये के काम पूरे करने बाकी हैं। वहीं, वित्त वर्ष 2027 में अब तक उसे ₹1,478 करोड़ के नए ऑर्डर मिल चुके हैं।

शेयर में इस साल 15% की तेजी

GPT Infraprojects का शेयर शुक्रवार को करीब 1% की बढ़त के साथ 125.99 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में इसने 10.95% का रिटर्न दिया है। इस साल अब तक शेयर लगभग 15% चढ़ चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 1.59 हजार करोड़ रुपये है।

पुल और रेलवे स्लीपर भी बनाती है कंपनी

GPT Infraprojects इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम करती है। इसमें पुल, रोड ओवरब्रिज और रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम लगाने जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी रेलवे ट्रैक पर इस्तेमाल होने वाले कंक्रीट स्लीपर भी बनाती है। भारत के साथ-साथ अफ्रीका में भी इसका कारोबार है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पश्चिम बंगाल, दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और घाना में हैं।

Yes Bank Q2 Results: यस बैंक को ₹1080 करोड़ का नेट प्रॉफिट, NII में 22% का उछाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tech Mahindra Share Price: Q2 नतीजों के बाद शेयर 7% तक उछला; अब क्या करें- बाय, सेल या होल्ड

IT कंपनी टेक महिंद्रा के शेयर में 16 अक्टूबर को अच्छी तेजी है। शुरुआती कारोबार में शेयर पिछले बंद भाव से 7.5 प्रतिशत तक उछला और BSE पर कीमत 1,774 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1.73 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। एक दिन पहले कंपनी ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही और अप्रैल-सितंबर 2026 छमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए थे। तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 32.74 प्रतिशत बढ़कर 1,585.6 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 1,194.5 करोड़ रुपये रहा था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 15.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 16,180.2 करोड़ रुपये हो गया, जो सितंबर 2025 तिमाही में 13,994.9 करोड़ रुपये था। कंपनी को नए सौदों से कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (टीसीवी) के आधार पर 102.3 करोड़ डॉलर के बिजनेस मिले। यह आंकड़ा एक साल पहले की तुलना में 25.4 प्रतिशत अधिक है।

शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। शेयर एक सप्ताह में 16 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में कीमत लगभग 50 प्रतिशत चढ़ी है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,850 रुपये और एडजस्टेड लो 1,304.25 रुपये है।

Wipro Share Price : दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद 2% भागा शेयर, नोमुरा ने भी जताई 15% अपसाइड की उम्मीद

नोमुरा ने टेक महिंद्रा के स्टॉक पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है। नुवामा ने ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है और 1,950 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसके पीछे मजबूत डील मिलना और कमाई में ग्रोथ की संभावना मुख्य कारण हैं। चॉइस इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इस स्टॉक पर ‘ऐड’ रेटिंग और 1,775 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: PC Jeweller, Wipro और Angel One समेत 15 स्टॉक्स; खास वजहों से आज फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी बढ़त के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 100.50 प्वाइंट्स यानी 0.44% की मजबूती के साथ 23,088.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 15 अक्टूबर को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 1533.72 प्वाइंट्स यानी 2.11% की बढ़त के साथ 74,315.61 और निफ्टी भी 374.65 प्वाइंट्स यानी 1.66% की मजबूती के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Tech Mahindra Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टेक महिंद्रा का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 32.7% बढ़कर ₹1,585.6 करोड़ और रेवेन्यू 15.6% उछलकर ₹16,180.2 करोड़ पर पहुंच गया। डॉलर टर्म में कंपनी का रेवेन्यू इस दौरान 6.7% बढ़कर $169.3 करोड़ हो गया। इसके अलावा कंपनी के बोर्ड ने ₹15 के डिविडेंड और 1:1 के रेश्यो में यानी एक पर एक शेयर बोनस में देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Wipro Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर विप्रो का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 1.4% घटकर ₹3,200.6 करोड़ रह गया लेकिन कंसालिडेटेड रेवेन्यू 9.06% उछलकर ₹24,752.7 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 8.95% बढ़कर ₹24,667 करोड़ और आईटी सर्विसेज डॉलर रेवेन्यू 0.3% बढ़कर $261.15 करोड़ हो गया लेकिन आईटी सर्विसेज ईबीआईटी मार्जिन 20 बीपीएस घटकर 16.5% रह गया। दिसंबर तिमाही के लिए कंपनी का अनुमान है कि आईटी सर्विसेज रेवेन्यू $2,57.1-$262.5 करोड़ के बीच रह सकता है।

Jio Financial Services Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ₹340.44 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में रही। सालाना आधार पर कंपनी की टोटल इनकम (एक्स-डिविडेंडः 132% बढ़कर ₹1,699 करोड़ पर पहुंच गई तो प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट (एक्स-डिविडेंड) 85% बढ़कर ₹574 करोड़ और एयूएम 154% उछलकर ₹37,320 करोड़ पर पहुंच गया।

IIFL Finance Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईआईएफएल फाइनेंस का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 103.7% बढ़कर ₹766.4 करोड़ और नेट इंटेरेस्ट इनकम (NII) 50.2% उछलकर ₹2,160.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Persistent Systems Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.4% गिरकर ₹351.5 करोड़ पर आ गया, लेकिन रेवेन्यू 30.3% उछलकर ₹4,663.9 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का ईबीआईटी 19.5% बढ़कर ₹697.7 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ईबीआईटी मार्जिन 130 बीपीएस फिसलकर 15% पर आ गया।

Angel One Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एंजेल वन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 58.2% बढ़कर ₹335 करोड़ और रेवेन्यू 18.7% उछलकर ₹1,427 करोड़ पर पहुंच गया।

Sri Lotus Developers and Realty Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 77.9% बढ़कर ₹82.1 करोड़ और रेवेन्यू 52.5% उछलकर ₹268.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Solar Industries India

सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया की सब्सिडियरी सोलर एक्सप्लोकेम ने शिवशक्ति इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स के साथ एक शेयर पर्चेज एग्रीमेंट किया है। इसके तहत सोलर एक्सप्लोकेम ₹115.02 करोड़ में शिवशक्ति में 100% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।

Mankind Pharma

मैनकाइंड फार्मा बेल्जियम की बायोटेक्नोलॉजी कंपनी आर्म्ड सेल थेरेप्यूटिक्स में मेजॉरिटी हिस्सेदारी 4.8 करोड़ यूरो में खरीदेगी। यह कंपनी कैंसर के इलाज के लिए अगली पीढ़ी की CAR-T (काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल) थेरेपी डेवलप कर रही है।

Agastya Energy & Infrastructure

अगस्त्य एनर्जी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सब्सिडियरी आईएमसी सोलर बीडीएन से एक सोलर पावर प्लांट प्रोजेक्ट के लिए ₹106.04 करोड़ का EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) और O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) कॉन्ट्रैक्ट मिला है।

Premier Energies

प्रीमियर एनर्जीज की सब्सिडियरी प्रीमियर बैटरी टेक्नोलॉजीज ने जर्मनी के आरसीटी ग्रुप की कंपनी आरसीटी एनर्जी इंडिया के साथ एक शेयर अलॉटमेंट और शेयरहोल्डर एग्रीमेंट किया है। इसके तहत प्रीमियर एनर्जीज स्टोरेज सॉल्यूशंस नाम से एक रणनीतिक जॉइंट वेंचर बनेगा। यह जॉइंट वेंचर 12 GWh की कुल क्षमता वाला BESS (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। पहला चरण 6 GWh का होगा, जो वित्त वर्ष 2027-28 में तेलंगाना के सीतारामपुर में सेटअप हो सकता है।

Eternal

बोफा (BofA) सिक्योरिटीज यूरोप ने गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप SE ODI से प्रति शेयर ₹316 के भाव पर ₹168.67 करोड़ में जोमैटो की एटर्नल के 53.37 लाख शेयर खरीदे।

Vardhman Polytex

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक पाइन ओक ग्लोबल फंड ने प्रति शेयर ₹5.55 के भाव पर ₹1.38 करोड़ में वर्धमान पॉलीटेक्स के 25 लाख शेयर और खरीदे हैं, जो कंपनी में 0.49% हिस्सेदारी के बराबर है। ये सभी शेयर अनुपमा कोठारी ने बेचे हैं। सितंबर 2026 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार वर्धमान पॉलीटेक्स में पाइन ओक ग्लोबल फंड की 5.34% हिस्सेदारी थी, जबकि हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल इन्वेस्टर अनुपमा कोठारी की 9.83% हिस्सेदारी थी।

LCC Projects

नियोमाइल कॉर्पोरेट एडवाइजरी और इसके फाउंडर-डायरेक्टर कीर्तन मानेकलाल रूपारेलिया ने मिलकर ₹55.11 करोड़ में एलसीसी प्रोजेक्ट्स में 1.4% हिस्सेदारी हासिल की है।

PC Jeweller

निवेशक आदित्य कुमार हलवासिया ने प्रति शेयर ₹14.43 के भाव पर ₹73.59 करोड़ में पीसी ज्वेलर के 5.1 करोड़ इक्विटी शेयर (0.52% हिस्सेदारी) खरीदी है।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: पंजाब नेशनल बैंक, एलटीएम, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, डीएलएफ, फेडरल बैंक, जिंदल सॉ, ओबेरॉय रियल्टी, शॉपर्स स्टॉप, तेजस नेटवर्क्स, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, अर्बन कंपनी

कल 17 अक्टूबर को इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, आईडीबीआई बैंक, येस बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, बजाज हेल्थकेयर, इंडिया सीमेंट्स, ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी (इक्सिगो), क्रॉस, रोजरी बायोटेक

एक्स-डिविडेंड: एचसीएल टेक्नोलॉजीज, केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हिंदुस्तान कंपोजिट्स

एक्स-स्प्लिट: बंसल वायर इंडस्ट्रीज

एक्स-शेयर कंसालिडेशन: नोबल पॉलिमर्स

F&O बैन: अंबुजा सीमेंट्स, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

रात में सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी:भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस और अमेरिकी स्टार्टअप का प्रोजेक्ट, विक्रम रॉकेट से भेजे जाएंगे सैटेलाइट

अमेरिकी स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल रात में धरती के चुनिंदा स्थानों पर सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पृथ्वी की कक्षा में बड़े शीशे लगाए जाएंगे। कैलिफोर्निया की यह स्टार्ट-अप भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस की मदद से सैटेलाइट लॉन्च करेगी। दोनों कंपनियों के बीच दो लॉन्च का कॉन्ट्रैक्ट हुआ है। इन सैटेलाइट से आपदा प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान के लिए रोशनी दी जा सकेगी। सोलर फार्म में बिजली बनाने का समय भी बढ़ाया जा सकेगा। दो लॉन्च के लिए हुआ कॉन्ट्रैक्ट रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस के साथ दो लॉन्च का समझौता किया है। दोनों लॉन्च विक्रम रॉकेट से किए जाएंगे। कंपनी ने बयान में कहा, “इन लॉन्च से हमें अमेरिका की अन्य तय लॉन्च सेवाओं के साथ पक्का शेड्यूल और क्षमता मिलेगी।” स्काईरूट एयरोस्पेस के CEO पवन चंदाना ने कहा, “रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के साथ साझेदारी को लेकर उत्साहित हैं। यह कंपनी अंतरिक्ष तकनीक के सबसे नए इस्तेमालों में से एक पर काम कर रही है।” उन्होंने कहा, “हम स्काईरूट ए के साथ उनकी धरती पर मांग के मुताबिक सूरज की रोशनी देने की योजना को लॉन्च करने का इंतजार कर रहे हैं।” पांच किलोमीटर के दायरे में दी जा सकेगी रोशनी जुलाई में रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल को फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन FCC से एक प्रदर्शन सैटेलाइट बनाने, लॉन्च करने और चलाने की मंजूरी मिली थी। स्टार्ट-अप का लक्ष्य ऐसी रोशनी देना है, जिसे कभी भी बंद किया जा सके। इसकी चमक को बदला जा सकेगा और यह पांच किलोमीटर के क्षेत्र में फैलेगी। कंपनी के मुताबिक, मांग पर मिलने वाली यह रोशनी दूरदराज के औद्योगिक इलाकों में काम के घंटे बढ़ा सकती है। इससे रक्षा अभियानों में महत्वपूर्ण ढांचे को रोशन करने में मदद मिल सकती है। कंपनी ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए भी इससे यादगार अनुभव बनाए जा सकते हैं। पहला लॉन्च विक्रम-1 रॉकेट से होगा रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के को-फाउंडर और CEO बेन नोवैक ने कहा, “हम नए लॉन्च प्रोवाइडर स्काईरूट के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं। इससे अंतरिक्ष तक पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।” इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत पहला लॉन्च विक्रम-1 रॉकेट से होगा। दूसरा लॉन्च स्काईरूट के विकासाधीन विक्रम-1U लॉन्च व्हीकल से किया जाएगा। बयान के मुताबिक, विक्रम-1U में पहले चरण के अतिरिक्त बूस्टर लगाए गए हैं। इसमें बेहतर प्रदर्शन की क्षमता भी है। नोवैक ने कहा, “हमें हाल ही में अपने पहले अंतरिक्ष यान को चलाने के लिए फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन से लाइसेंस मिला है।” उन्होंने कहा, “हम खगोलविदों, स्थानीय समुदायों और नियामकों के साथ काम जारी रखेंगे। इससे बड़े स्तर पर विस्तार की अनुमति हासिल करने में मदद मिलेगी।” 1993 में भी कक्षा से भेजी गई थी सूरज की रोशनी 1993 में रूसी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने 65 फीट लंबा शीशा कक्षा में तैनात किया था। इससे धरती पर सूरज की रोशनी की एक घूमती हुई किरण भेजी गई थी। यह प्रयोग सफल रहा था। हालांकि, पैसों की कमी के कारण इसे बंद कर दिया गया। इस प्रयोग का नाम ज़नाम्या था। रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल की योजना को लेकर विवाद भी हुआ है। कई पर्यावरण संगठनों ने FCC से प्रदर्शन सैटेलाइट के लिए दी गई मंजूरी रद्द करने की मांग की है। इन संगठनों का कहना है कि रात में तेज रोशनी वन्यजीवों को परेशान कर सकती है। इससे खगोल विज्ञान से जुड़े अध्ययन प्रभावित हो सकते हैं और इंसानों की जैविक दिनचर्या पर असर पड़ सकता है।

रात में सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी:अंतरिक्ष में लगेंगे बड़े शीशे; भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस और अमेरिकी स्टार्टअप का प्रोजेक्ट

अमेरिकी स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल रात में धरती के चुनिंदा स्थानों पर सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पृथ्वी की कक्षा में बड़े शीशे लगाए जाएंगे। कैलिफोर्निया की यह स्टार्ट-अप भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस की मदद से सैटेलाइट लॉन्च करेगी। दोनों कंपनियों के बीच दो लॉन्च का कॉन्ट्रैक्ट हुआ है। इन सैटेलाइट से आपदा प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान के लिए रोशनी दी जा सकेगी। सोलर फार्म में बिजली बनाने का समय भी बढ़ाया जा सकेगा। दो लॉन्च के लिए हुआ कॉन्ट्रैक्ट रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल ने हैदराबाद में स्काईरूट एयरोस्पेस के साथ दो लॉन्च का समझौता किया है। दोनों लॉन्च विक्रम रॉकेट से किए जाएंगे। कंपनी ने बयान में कहा, “इन लॉन्च से हमें अमेरिका की अन्य तय लॉन्च सेवाओं के साथ पक्का शेड्यूल और क्षमता मिलेगी।” स्काईरूट एयरोस्पेस के CEO पवन चंदाना ने कहा, “रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल अंतरिक्ष तकनीक के सबसे नए इस्तेमालों में से एक पर काम कर रही है। हम स्काईरूट ए के साथ उनकी धरती पर मांग के मुताबिक सूरज की रोशनी देने की योजना को लॉन्च करने का इंतजार कर रहे हैं।” पांच किलोमीटर के दायरे में दी जा सकेगी रोशनी जुलाई में रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल को फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन FCC से एक प्रदर्शन सैटेलाइट बनाने, लॉन्च करने और चलाने की मंजूरी मिली थी। स्टार्ट-अप का लक्ष्य ऐसी रोशनी देना है, जिसे कभी भी बंद किया जा सके। इसकी चमक को बदला जा सकेगा और यह पांच किलोमीटर के क्षेत्र में फैलेगी। कंपनी के मुताबिक, मांग पर मिलने वाली यह रोशनी दूरदराज के औद्योगिक इलाकों में काम के घंटे बढ़ा सकती है। इससे रक्षा अभियानों में महत्वपूर्ण ढांचे को रोशन करने में मदद मिल सकती है। पहला लॉन्च विक्रम-1 रॉकेट से होगा रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के को-फाउंडर और CEO बेन नोवैक ने कहा, “हम नए लॉन्च प्रोवाइडर स्काईरूट के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं। इससे अंतरिक्ष तक पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।” इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत पहला लॉन्च विक्रम-1 रॉकेट से होगा। दूसरा लॉन्च स्काईरूट के विक्रम-1U लॉन्च व्हीकल से किया जाएगा। विक्रम-1U में पहले चरण के एक्स्ट्रा बूस्टर लगाए गए हैं। नोवैक ने कहा, “हमें हाल ही में अपने पहले अंतरिक्ष यान को चलाने के लिए फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन से लाइसेंस मिला है। हम खगोलविदों, स्थानीय समुदायों और रेगुलेटर्स के साथ काम जारी रखेंगे। इससे बड़े स्तर पर विस्तार की अनुमति हासिल करने में मदद मिलेगी।” 1993 में भी कक्षा से भेजी गई थी सूरज की रोशनी 1993 में रूसी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने 65 फीट लंबा शीशा कक्षा में तैनात किया था। इससे धरती पर सूरज की रोशनी की एक घूमती हुई किरण भेजी गई थी। यह प्रयोग सफल रहा था। हालांकि, पैसों की कमी के कारण इसे बंद कर दिया गया। इस प्रयोग का नाम ज़नाम्या था। रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल की योजना को लेकर विवाद भी हुआ है। कई पर्यावरण संगठनों ने FCC से प्रदर्शन सैटेलाइट के लिए दी गई मंजूरी रद्द करने की मांग की है। इन संगठनों का कहना है कि रात में तेज रोशनी वन्यजीवों को परेशान कर सकती है। इससे खगोल विज्ञान से जुड़े अध्ययन प्रभावित हो सकते हैं और इंसानों की जैविक दिनचर्या पर असर पड़ सकता है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कामयाब:स्काईरूट एयरोस्पेस ने खुद बनाकर अंतरिक्ष में भेजा, 2 दोस्तों ने इसरो छोड़कर बनाई थी यह कंपनी हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस ने शनिवार 18 जुलाई को भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च किया। यह टेस्ट पहले ही प्रयास में कामयाब रहा। विक्रम-1 को स्काईरूट एयरोस्पेस ने तैयार किया और लॉन्चिंग भी खुद ही की। सिर्फ लॉन्चपैड इसरो का था। पढ़ें पूरी खबर…

SEBI के नए CAS नियम! शेयरों की क्लोजिंग प्राइस और एक्सपायरी डे ट्रेडिंग में क्या बदलेगा? जानिए पूरी डिटेल

SEBI New CAS Rules: मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने गुरुवार को क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) का अंतिम फ्रेमवर्क जारी कर दिया। इसमें कैश मार्केट में CAS के समय और काम करने के तरीके में बदलाव किए गए हैं। हालांकि, इंडेक्स और स्टॉक डेरिवेटिव्स के एक्सपायरी वाले दिन सेटलमेंट प्राइस तय करने के लिए 30 मिनट के VWAP तरीके को बरकरार रखा गया है।

7 दिसंबर से लागू होंगे नए नियम

नए फ्रेमवर्क के तहत सभी कारोबारी दिनों में CAS दोपहर 3:30 बजे से 3:40 बजे तक चलेगा। ज्यादातर बदलाव 7 दिसंबर 2026 से लागू होंगे। हालांकि, लगातार ट्रेडिंग सेशन के बचे हुए लिमिट और आइसबर्ग ऑर्डर को CAS में ले जाने से जुड़े नियम 8 फरवरी 2027 से लागू होंगे।

कैसे चलेगा Closing Auction Session?

CAS की शुरुआत दोपहर 3:30 बजे से 3:31 बजे तक होगी। इस एक मिनट में रेफरेंस प्राइस की गणना और सेशन में बदलाव की प्रक्रिया पूरी होगी।

इसके बाद 3:31 बजे से 3:36 बजे तक निवेशक लिमिट और मार्केट, दोनों तरह के ऑर्डर दे सकेंगे। 3:36 बजे के बाद केवल लिमिट ऑर्डर की अनुमति होगी। इस दौरान मार्केट ऑर्डर में बदलाव या उन्हें रद्द नहीं किया जा सकेगा।

सेशन 3:38 बजे से 3:40 बजे के बीच किसी भी समय रैंडम तरीके से बंद होगा। इसके बाद ऑर्डर मैच किए जाएंगे।

क्लोजिंग प्राइस कैसे तय होगा?

CAS का रेफरेंस प्राइस लगातार ट्रेडिंग सेशन के आखिरी 15 मिनट के कारोबार के VWAP के आधार पर तय होगा। VWAP यानी वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस। इसमें शेयर की कीमत के साथ कारोबार की मात्रा को भी ध्यान में रखा जाता है।

अगर इन 15 मिनट में कोई ट्रेड नहीं होता, तो उस दिन का आखिरी ट्रेडेड प्राइस इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, अगर पूरे दिन शेयर में कारोबार नहीं हुआ, तो पिछले कारोबारी दिन का क्लोजिंग प्राइस लागू होगा। जरूरत पड़ने पर इसमें कॉरपोरेट एक्शन के हिसाब से बदलाव भी किया जाएगा।

डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग का समय

सामान्य कारोबारी दिनों में इंडेक्स डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग दोपहर 3:45 बजे तक जारी रहेगी। लेकिन एक्सपायरी वाले दिन इंडेक्स डेरिवेटिव्स के कॉन्ट्रैक्ट में ट्रेडिंग 3:30 बजे बंद हो जाएगी।

स्टॉक डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग एक्सपायरी वाले दिन भी दोपहर 3:45 बजे तक जारी रहेगी। वहीं, कैश मार्केट का पोस्ट-क्लोज सेशन 3:50 बजे से 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान ट्रेड क्लोजिंग प्राइस पर होंगे।

एक्सपायरी सेटलमेंट के लिए 30 मिनट का VWAP

इंडेक्स डेरिवेटिव्स के एक्सपायरी सेटलमेंट के लिए संबंधित इंडेक्स की वैल्यू कैश मार्केट के लगातार ट्रेडिंग सेशन के आखिरी 30 मिनट में उसके घटक शेयरों के VWAP के आधार पर निकाली जाएगी।

स्टॉक डेरिवेटिव्स के मामले में संबंधित शेयर का VWAP इसी 30 मिनट की अवधि के दौरान सभी एक्सचेंजों पर हुए कारोबार के आधार पर तय होगा। एक्सचेंज इन संकेतक वैल्यू को रियल टाइम में जारी करेंगे।

लिमिट और आइसबर्ग ऑर्डर के नियम

लगातार ट्रेडिंग सेशन के बाद बचे हुए पात्र लिमिट ऑर्डर आम तौर पर CAS में आगे बढ़ा दिए जाएंगे। हालांकि, स्टॉप-लॉस ऑर्डर और लागू प्राइस बैंड से बाहर के ऑर्डर इसमें शामिल नहीं होंगे।

आइसबर्ग ऑर्डर को भी कुछ शर्तों के साथ CAS में ले जाया जाएगा। ऐसे ऑर्डर आम तौर पर पूरी मात्रा दिखाने वाले लिमिट ऑर्डर में बदल जाएंगे। हालांकि, निवेशक ऑर्डर देते समय इस प्रक्रिया से बाहर रहने का विकल्प चुन सकेंगे।

पहले से आगे बढ़ाए गए पात्र लिमिट ऑर्डर को CAS में नए लिमिट ऑर्डर के मुकाबले प्राथमिकता मिलेगी। बदले गए आइसबर्ग ऑर्डर की प्राथमिकता पहले से आगे बढ़ाए गए दूसरे लिमिट ऑर्डर से नीचे रहेगी।

CAS के दौरान नए आइसबर्ग और स्टॉप-लॉस ऑर्डर नहीं दिए जा सकेंगे। आम तौर पर ऑर्डर पर लागू मार्जिन नियम भी लागू होंगे। हालांकि, लगातार ट्रेडिंग सेशन से आगे बढ़ाए गए पात्र ऑर्डर को छूट मिलेगी। CAS के दौरान ऐसे ऑर्डर में बदलाव करने पर मार्जिन की शर्त लागू होगी।

स्टॉक फ्यूचर्स के प्राइस बैंड में भी बदलाव

दोपहर 3:30 बजे से 3:45 बजे तक स्टॉक फ्यूचर्स के प्राइस बैंड CAS के प्राइस बैंड के मुताबिक रहेंगे। इस अवधि में डायनेमिक प्राइस बैंड में बदलाव नहीं किया जाएगा।

सेबी ने एक्सचेंजों और क्लियरिंग कॉरपोरेशन को निर्देश दिया है कि वे इस सर्कुलर के सात दिनों के भीतर रेगुलेटर से सलाह लेकर अपनी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) में जरूरी बदलाव करें।

Angel One Q2 Results: मुनाफा 58% बढ़कर ₹335 करोड़ हुआ, डिविडेंड का भी ऐलान