12 लाख का पैकेज, फिर भी वीकेंड पर चलाते हैं रैपिडो! कमाई जान हो जाएंगे हैरान

Viral Post: अगर आप हर महीने एक लाख से ज्यादा कमाते हो और फिर वीकेंड पर आप अपने एंटरटेरमेंट के लिए रैपिडो चलाए…सुनने में ये आपको थोड़ा अजीब लगेगा पर पुणे से एक ऐसी ही कहानी सामने आई है। पुणे में रहने वाले एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने सोशल मीडिया पर अपने दो रूममेट्स से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया है। उसने बताया कि उसके दोनों रूममेट सालाना 12 लाख रुपये से ज्यादा कमाते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने वीकेंड पर रैपिडो बाइक टैक्सी चलाने का फैसला किया है।

खास बात ये है कि वे ऐसा पैसे कमाने की जरूरत के लिए नहीं, बल्कि अपने खाली समय में कुछ नया करने और शौक के लिए कर रहे हैं। उनके इस फैसले ने सोशल मीडिया पर एक अलग बहस छेड़ दी है।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सॉफ्टवेयर डेवलपर ने लिखा कि उसके दो रूममेट हैं, जो हर साल 12 लाख रुपये से ज्यादा कमाते हैं। इसके बावजूद, पिछले सप्ताहांत दोनों ने रैपिडो बाइक टैक्सी चलाने के लिए पजिस्ट्रेशन कराया और सिर्फ शौक के लिए कुछ यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया। दोनों के पास स्पोर्ट्स बाइक हैं। इस दौरान एक ने 900 रुपये कमाए, जबकि दूसरे की कमाई 500 रुपये रही। डेवलपर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब कोई महीने में एक लाख रुपये कमाता हो और फिर भी ऐसा करे, तो समझिए कि लड़के अपने शौक के लिए कुछ भी कर सकते हैं।

 

900-500 रुपए कमाए

पोस्ट के मुताबिक, दोनों रूममेट के पास स्पोर्ट्स बाइक हैं और रैपिडो चलाकर एक ने 900 रुपये, जबकि दूसरे ने 500 रुपये कमाए। इस घटना से पता चलता है कि कुछ लोग सिर्फ पैसे कमाने के लिए नहीं, बल्कि नए अनुभव हासिल करने और मनोरंजन के लिए भी अलग-अलग काम करना पसंद करते हैं। दोनों इंजीनियरों के लिए वीकेंड पर बाइक टैक्सी चलाना भी कुछ ऐसा ही अनुभव रहा। उनका यह कदम अतिरिक्त कमाई से ज्यादा कुछ नया आजमाने और खाली समय को मजेदार बनाने की कोशिश नजर आता है।

यूजर्स ने किया कमेंट

इस पोस्ट के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर लोगों के बीच इसकी खूब चर्चा हो रही है। पुरुषों की दोस्ती, अचानक बनाए गए प्लान और सिर्फ मजे के लिए कुछ अलग करने के उनके अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा है। यह किस्सा दिखाता है कि कई बार दोस्त मिलकर ऐसे काम भी कर जाते हैं, जिनका मकसद कमाई नहीं, बल्कि साथ में अच्छा समय बिताना और नई चीजों का अनुभव लेना होता है। वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा, “मैंने भी नए लोगों से मिलने और उनसे जान-पहचान बढ़ाने के लिए ऐसा करने के बारे में सोचा था।”

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गडकरी पूरे देश में चाहते हैं बाइक टैक्सी पर राज्यों के हाथ में चाबी! ऐसा हुआ तो 8 करोड़ लोगों को होने लगेगी टू-व्हीलर से कमाई

Bike Taxi Update: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने प्राइवेट टू-व्हीलर का इस्तेमाल सवारी ढोने यानी बाइक टैक्सी के रूप में करने की वकालत की है। उन्होंने राज्यों से अपील की है कि वे निजी मोटरसाइकिल और स्कूटर मालिकों को यात्रियों को ले जाने की अनुमति दें। गडकरी का तर्क है कि अगर ऐसा हुआ तो ग्रामीण इलाकों में करीब 8 करोड़ लोगों के लिए कमाई के नए मौके पैदा हो सकते हैं। वैसे आपको बता दें कि केंद्र सरकार भले ऐसा चाह ले लेकिन इसक बावजूद यह पूरी तरह से राज्यों पर निर्भर करता है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में बाइक टैक्सी चलाने की इजाजत देते हैं या नहीं।

राज्यों के पास क्यों है अंतिम फैसला?

महाराष्ट्र में सरकार के ‘सुरक्षा’ पायलट प्रोग्राम के शुभारंभ के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि, ‘हमने इसकी अनुमति दे दी है, लेकिन कुछ राज्य ऐसा नहीं कर रहे हैं। ट्रांसपोर्ट स्टेट सब्जेक्ट है। मैं उनसे ऐसा करने का आग्रह करूंगा क्योंकि इससे कई लोगों को आजीविका का साधन मिलेगा।’ Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2025 एक ऐसा फ्रेमवर्क देती है जिससे एग्रीगेटरों को पैसेंजर जर्नी के लिए नॉन-ट्रांसपोर्ट मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकते हैं।

क्या आपकी अपनी बाइक बन सकती है टैक्सी?

हर जगह खुद ब खुद किसी प्राइवेट बाइक का इस्तेमाल टैक्सी के रूप में नहीं किया जा सकता है। अलग-अलग राज्यों में इसे लेकर अलग-अलग रूल हैं। इसे कर्नाटक और महाराष्ट्र के हिसाब से समझा जा सकता है। इस साल जनवरी में कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा था कि मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल ट्रांसपोर्ट गाड़ियों के रूप में किया जा सकता है और अधिकारियों को पीले रंग की प्लेट रजिस्ट्रेशन और कॉन्ट्रैक्ट पैसेंजर्स कैरियर्स के रूप में काम करने के लिए परमिट मांगने वाले मालिकों के आवेदनों पर विचार करने का निर्देश दिया था। हालांकि राज्य सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा, इंश्योरेंस, महिलाओं की सेफ्टी और बाइक टैक्सियों के लिए एक व्यापक फ्रेमवर्क की कमी से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी।

दूसरी ओर महाराष्ट्र ने 2025 में अपने बाइक-टैक्सी नियमों को नोटिफाइड कर दिया था। इसमें एग्रीगेटर्स, परमिट और ऑपरेटिंग कंडिशन को कवर करने वाले प्रावधान शामिल हैं। इस फ्रेमवर्क में ई-बाइक और स्कूटर भी शामिल हैं।

ट्रैफिक नियमों के लिए ‘नेगेटिव पॉइंट सिस्टम’ और ‘सुरक्षा’ कार्यक्रम

बाइक टैक्सी पर बात करने के साथ ही गडकरी ने भारत के सड़क सुरक्षा नियमों में एक और प्रस्तावित बदलाव की जानकारी दी है। मंत्रालय ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए एक नेगेटिव पॉइंट सिस्टम पेश करने की तैयारी कर रहा है। इस प्रस्तावित सिस्टम के तहत बार-बार नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों के नेगेटिव पॉइंट जमा होंगे और दोबारा उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है। इस कदम का उद्देश्य जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार को बढ़ावा देना है।

आपको बता दें कि सुरक्षा नाम के पायलट कार्यक्रम का उद्देश्य राजमार्गों और खनन कार्यों में शामिल ड्राइवरों और श्रमिकों को मुफ्त चिकित्सा जांच, परामर्श देना है। यह पायलट प्रोजेक्ट एनएच 44 पर नागपुर से काम्टी तक 150 किलोमीटर के हिस्से और चंद्रपुर के खनन क्षेत्र को कवर करेगा। इसमें शुरुआती चरण में 10000 लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

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