गडकरी पूरे देश में चाहते हैं बाइक टैक्सी पर राज्यों के हाथ में चाबी! ऐसा हुआ तो 8 करोड़ लोगों को होने लगेगी टू-व्हीलर से कमाई

Bike Taxi Update: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने प्राइवेट टू-व्हीलर का इस्तेमाल सवारी ढोने यानी बाइक टैक्सी के रूप में करने की वकालत की है। उन्होंने राज्यों से अपील की है कि वे निजी मोटरसाइकिल और स्कूटर मालिकों को यात्रियों को ले जाने की अनुमति दें। गडकरी का तर्क है कि अगर ऐसा हुआ तो ग्रामीण इलाकों में करीब 8 करोड़ लोगों के लिए कमाई के नए मौके पैदा हो सकते हैं। वैसे आपको बता दें कि केंद्र सरकार भले ऐसा चाह ले लेकिन इसक बावजूद यह पूरी तरह से राज्यों पर निर्भर करता है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में बाइक टैक्सी चलाने की इजाजत देते हैं या नहीं।

राज्यों के पास क्यों है अंतिम फैसला?

महाराष्ट्र में सरकार के ‘सुरक्षा’ पायलट प्रोग्राम के शुभारंभ के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि, ‘हमने इसकी अनुमति दे दी है, लेकिन कुछ राज्य ऐसा नहीं कर रहे हैं। ट्रांसपोर्ट स्टेट सब्जेक्ट है। मैं उनसे ऐसा करने का आग्रह करूंगा क्योंकि इससे कई लोगों को आजीविका का साधन मिलेगा।’ Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2025 एक ऐसा फ्रेमवर्क देती है जिससे एग्रीगेटरों को पैसेंजर जर्नी के लिए नॉन-ट्रांसपोर्ट मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकते हैं।

क्या आपकी अपनी बाइक बन सकती है टैक्सी?

हर जगह खुद ब खुद किसी प्राइवेट बाइक का इस्तेमाल टैक्सी के रूप में नहीं किया जा सकता है। अलग-अलग राज्यों में इसे लेकर अलग-अलग रूल हैं। इसे कर्नाटक और महाराष्ट्र के हिसाब से समझा जा सकता है। इस साल जनवरी में कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा था कि मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल ट्रांसपोर्ट गाड़ियों के रूप में किया जा सकता है और अधिकारियों को पीले रंग की प्लेट रजिस्ट्रेशन और कॉन्ट्रैक्ट पैसेंजर्स कैरियर्स के रूप में काम करने के लिए परमिट मांगने वाले मालिकों के आवेदनों पर विचार करने का निर्देश दिया था। हालांकि राज्य सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा, इंश्योरेंस, महिलाओं की सेफ्टी और बाइक टैक्सियों के लिए एक व्यापक फ्रेमवर्क की कमी से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी।

दूसरी ओर महाराष्ट्र ने 2025 में अपने बाइक-टैक्सी नियमों को नोटिफाइड कर दिया था। इसमें एग्रीगेटर्स, परमिट और ऑपरेटिंग कंडिशन को कवर करने वाले प्रावधान शामिल हैं। इस फ्रेमवर्क में ई-बाइक और स्कूटर भी शामिल हैं।

ट्रैफिक नियमों के लिए ‘नेगेटिव पॉइंट सिस्टम’ और ‘सुरक्षा’ कार्यक्रम

बाइक टैक्सी पर बात करने के साथ ही गडकरी ने भारत के सड़क सुरक्षा नियमों में एक और प्रस्तावित बदलाव की जानकारी दी है। मंत्रालय ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए एक नेगेटिव पॉइंट सिस्टम पेश करने की तैयारी कर रहा है। इस प्रस्तावित सिस्टम के तहत बार-बार नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों के नेगेटिव पॉइंट जमा होंगे और दोबारा उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है। इस कदम का उद्देश्य जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार को बढ़ावा देना है।

आपको बता दें कि सुरक्षा नाम के पायलट कार्यक्रम का उद्देश्य राजमार्गों और खनन कार्यों में शामिल ड्राइवरों और श्रमिकों को मुफ्त चिकित्सा जांच, परामर्श देना है। यह पायलट प्रोजेक्ट एनएच 44 पर नागपुर से काम्टी तक 150 किलोमीटर के हिस्से और चंद्रपुर के खनन क्षेत्र को कवर करेगा। इसमें शुरुआती चरण में 10000 लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

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‘किसिंग कार’ को एक नहीं 3 महिला फ्रेंड्स ने किया था किस; कानून में क्या प्रावधान?

ग्वालियर में एक शख्स ने रील वायरल करने के लिए कार पर अपनी 3 महिला मित्रों से 3400 किस के निशान बनवाए। वीडियो को 55 लाख से ज्यादा व्यूज मिले लेकिन ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने जुर्माना भी लगा दिया।

यूपी में सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम

यूपी में सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम

Transport Department in UP has taken stringent measures towards road safety and achieving a zero-fatality rate

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्युदर का लक्ष्य पाने का दे चुके हैं निर्देश

– ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों से पिछले वित्तीय वर्ष में वसूला 474 करोड़ का प्रशमन शुल्क

– चालू वित्तीय वर्ष के 4 महीने में 5 लाख चालान किए और 172 करोड़ रुपए लगाया जुर्माना

– परिवहन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती वाहन संख्या के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का फोकस लगातार बढ़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और शून्य मृत्यु दर की दिशा में विभिन्न अवसरों पर विभागों को जरूरी निर्देश देते रहे हैं। इसका असर सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई में भी दिखाई दे रहा है। बीते वित्तीय वर्ष में 474 करोड़ रुपए और चालू वित्तीय वर्ष में 172 करोड़ रुपएप्रशमन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया है। इस अवधि में 20 लाख से ज्यादा चालान भी किए गए हैं।

 

अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का पालन कराना परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी क्रम में विभाग के प्रवर्तन दल ने नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान चलाया। कार्रवाई का उद्देश्य महज जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है।

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15 लाख चालान के जरिए 474 करोड़ का जुर्माना

वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल ने प्रदेशभर में करीब 15 लाख चालान किए। इन कार्रवाई के माध्यम से 474 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला गया। यह बड़े पैमाने पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई को दर्शाता है, जिसके जरिए सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

 

इस वर्ष 5 लाख चालान काटे गए

वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में ही करीब 5 लाख चालान किए जा चुके हैं। इन कार्रवाई से 172 करोड़ रुपए का प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ है। इससे साफ है कि सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है।

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चालान से सड़क सुरक्षा पर असर

परिवहन विभाग के मुताबिक इस सख्ती का व्यापक उद्देश्य वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना है। नियमों का पालन होने से सड़क पर ओवरस्पीडिंग, बिना जरूरी दस्तावेज वाहन चलाने, क्षमता से अधिक सवारी या माल ढोने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन जैसी स्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलती है।

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सुरक्षित यातायात के लिए वाहन चालकों और आम नागरिकों की भी बराबर भागीदारी जरूरी है। परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई इसी जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का काम कर रही है। यही प्रयास प्रदेश को शून्य मृत्युदर के लक्ष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

पटना में बाइक सवार को अचानक पुलिस ने रोका, वजह जान हैरान रह गए लोग, VIDEO वायरल

बिहार की राजधानी पटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। पटना में रात के समय बाइक से जा रहे एक युवक को पुलिस ने अचानक रोक लिया। पुलिस के अचानक रोकने पर युवक घबरा गया। आमतौर पर पुलिस ट्रैफिक नियम तोड़ने या दस्तावेजों की जांच के लिए किसी वाहन को रोकती है, लेकिन इस मामले में वजह कुछ अलग थी। पुलिस ने युवक को उसकी जैकेट में छिपे एक छोटे से पिल्ले की वजह से उसे रुकवाया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

पिल्ले की वजह से रोका

X पर शेयर किए गए एक वीडियो में एक युवक रात के समय बाइक चलाता नजर आया। उसने अपनी जैकेट के अंदर एक छोटे पपी को सेफ रखा हुआ था। सड़क लगभग खाली थी और दोनों बाइक से घूम रहे थे। इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने उसे रुकने का इशारा किया। युवक को पहले लगा कि शायद पुलिस सामान्य ट्रैफिक जांच के लिए उसे रोक रही है। लेकिन पुलिस ने युवक को किसी नियम के उल्लंघन के लिए नहीं रोका था। पुलिसवालों की नजर उसकी जैकेट के अंदर बैठे छोटे पपी पर पड़ी थी।

वायरल हुआ वीडियो

एक पुलिसकर्मी ने प्यार से पपी को बाहर निकालकर सहलाया। शुरुआत में पपी थोड़ा घबराया हुआ था, लेकिन कुछ देर बाद वह सहज हो गया। पुलिसकर्मी ने उसके सिर पर हाथ फेरते हुए उसका हाल भी पूछा। पुलिसवाले ने पूछा, “ठीक है, अच्छे से हो ना?” वहां मौजूद दूसरे लोग राइडर और उसके पपी को देखकर मुस्कुराते नजर आए, जब पुलिसकर्मी उसे प्यार कर रहा था। इसके बाद पुलिसवालों ने युवक को जाने दिया और वह पपी को जैकेट के अंदर आराम से बैठाकर वहां से चला गया।

 

लोगों ने किया कमेंट

सोशल मीडिया ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आते ही यूजर्स का ध्यान इस पर गया और लोगों ने इस खूबसूरत पल की जमकर तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, “भाई सड़क पर सबसे प्यारे पैसेंजर को ले जा रहा था!” दूसरे यूजर ने लिखा, “उसने कितने प्यारे तरीके से पूछा, ‘ठीक है, अच्छे से होना।’” एक अन्य यूजर ने मजाक में कहा, “दिन का सबसे अच्छा ट्रैफिक स्टॉप। चालान के बजाय छोटे पैसेंजर के सिर पर प्यार से हाथ फेरा गया। कभी-कभी दयालुता का एक छोटा सा काम हर किसी का दिन बेहतर बना देता है।” वहीं, एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “सबसे प्यारे छोटे को-राइडर ने एक सामान्य ट्रैफिक स्टॉप को यादगार पल में बदल दिया।”

₹50 हजार की स्कूटी पर 10 लाख रुपये का चालान! गुरुग्राम में पुलिस ने रोका तो सामने आया 96 बार नियम तोड़ने का हैरान करने वाला रिकॉर्ड

गुरुग्राम में ट्रैफिक नियमों को लेकर पुलिस की सख्ती के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया है। राजीव चौक पर नियमित जांच के दौरान पुलिस ने एक स्कूटी सवार को रोका, लेकिन दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ते ही मामला काफी अलग निकला। वाहन के रिकॉर्ड में कुछ ऐसा सामने आया, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। यह मामला सिर्फ एक चालान या नियम उल्लंघन तक सीमित नहीं था, बल्कि लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का खुलासा कर रहा था।

ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर लिया और अन्य वाहन चालकों को भी नियमों का पालन करने की सलाह दी है। आखिर स्कूटी के रिकॉर्ड में ऐसा क्या मिला, जिसने इसे चर्चा का विषय बना दिया? आगे जानिए पूरी कहानी।

96 बार तोड़े ट्रैफिक नियम, 10 लाख रुपये का जुर्माना लंबित

जांच में पता चला कि इस स्कूटी के खिलाफ कुल 96 चालान दर्ज थे, जिनकी जुर्माना राशि करीब 10 लाख रुपये तक पहुंच चुकी थी। ये सभी चालान लंबे समय से लंबित थे। पुलिस के अनुसार, वाहन पर कई बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया गया था, लेकिन चालान का भुगतान नहीं किया गया।

गलत दिशा में चला रहा था स्कूटर, हेलमेट भी नहीं था

पुलिस ने बताया कि जब युवक को रोका गया, उस समय भी वह नियमों की अनदेखी कर रहा था। वह गलत दिशा में स्कूटी चला रहा था और उसने हेलमेट भी नहीं पहना था। पूछताछ के दौरान जब उससे वाहन के दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई कागज पेश नहीं कर सका।

कैमरों और ई-चालान से पकड़ी गईं गलतियां

ट्रैफिक अधिकारियों के मुताबिक, स्कूटी पर दर्ज चालानों में कुछ ई-चालान मशीन के जरिए जारी किए गए थे, जबकि ज्यादातर चालान कैमरा आधारित निगरानी प्रणाली से बनाए गए थे। ये चालान मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अलग-अलग नियमों के उल्लंघन से जुड़े थे।

2017 मॉडल की स्कूटी बहन के नाम पर थी

पूछताछ में युवक की पहचान निशांत के रूप में हुई। जानकारी के मुताबिक, वह मेदांता अस्पताल के पास एक मेडिकल स्टोर पर काम करता है। यह 2017 मॉडल की स्कूटी उसकी बहन दीपिका के नाम पर रजिस्टर्ड थी।

पुलिस ने वाहन मालिकों को दी चेतावनी

गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्कूटी को जब्त कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि लंबित चालान वाले वाहन मालिकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है और लोगों से अपील की गई है कि वे समय पर अपने चालानों का भुगतान करें, ताकि भविष्य में ऐसी कार्रवाई से बचा जा सके।

Independence Day 2026: भारत का अनोखा शहर! जहां 15 अगस्त की सुबह नहीं, 14 अगस्त की रात ही फहराया जाता है तिरंगा

पंजाबी युवक ने 280 की स्पीड में दौड़ाई कार,VIDEO:कनाडा में 81 लाख की कार्वेट गाड़ी से स्टंट, टायरों से धुआं भी निकला

कनाडा के कैलगिरी में पंजाबी युवक की रैश ड्राइविंग का एक वीडियो सामने आया है। युवक ने 280 की स्पीड में अपनी कार्वेट कार को ट्रैफिक भरे रोड पर भगाया। वीडियो में कार का स्पीडोमीटर भी दिखाया गया है। युवक ने कार के टायरों से धुआं निकालने का एक अन्य वीडियो भी शेयर किया है। कनाडा के लोगों ने इस युवक का वीडियो एक्स (पूर्व ट्विटर) पर शेयर कर इसे डिपोर्ट करने और कार्रवाई करने की मांग की है। कार चला रहे युवक की पहचान जस सिंह के रूप में हुई है। युवक पंजाब में कहां का रहने वाला है, इसके बारे में पता नहीं लग पाया है। युवक ने इंस्टाग्राम पर अपने अकाउंट jas_singh_25 से 2 अगस्त को वीडियो अपलोड किया। वीडियो के साथ युवक ने अपने फोटो भी शेयर किए हैं। इसमें गोल्डन टेंपल में माथा टेकते दिख रहा है। फिल्हाल युवक के खिलाफ अभी कनाडा पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया है। बता दें कि कनाडा में इस तरह से रैश ड्राइविंग पर लाइसेंस रद्द हो सकता है। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल का भी प्रावधान है। अब पढ़िए वीडियों में क्या दिख रहा है… युवक को डिपोर्ट करने की उठी मांग
सोशल मीडिया यूजर्स ने जस सिंह को कनाडा में पढ़ाई का मौका मिलने के बावजूद कानून और जनसुरक्षा का अनादर करने का आरोप लगाया। कई पोस्ट में कहा गया कि इससे पहले कि कोई गंभीर दुर्घटना हो, उसे देश से बाहर भेज दिया जाए। अभी तक कैलगरी पुलिस या किसी आधिकारिक एजेंसी ने इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है। इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की बढ़ रही शिकायतों पर चिंता
कनाडा में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने के साथ कई शहरों में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और खतरनाक ड्राइविंग की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। स्थानीय प्रशासन से इस वीडियो की जांच की मांग की जा रही है। रैश ड्राइविंग पर कनाडा में 2 साल जेल हो सकती है
कनाडा में खतरनाक ड्राइविंग (क्रिमिनल कोड धारा 320.13) गंभीर अपराध है। चोट और मौत न होने पर अधिकतम 10 साल की जेल या 2 साल से कम या जुर्माना दोनों हो सकते हैं। चोट लगने पर अधिकतम 14 साल जेल, मौत होने पर आजीवन कारावास तक सजा संभव है। पहले अपराध पर न्यूनतम 1000 डॉलर जुर्माना, दोहराए जाने पर जेल की अवधि बढ़ती है। लाइसेंस रद्द, आपराधिक रिकॉर्ड और गैर-नागरिकों के लिए डिपोर्टेशन भी हो सकता है।

बारिश की बूंदे, समंदर की लहरे और एक लंबी सड़क! ये है भारत की सबसे खूबसूरत कोस्टल रोड ट्रिप्स

आपको लंबी ड्राइव, ठंडी हवाएं और समुद्र की लहरों का सुकून पसंद है, तो भारत की कोस्टल रोड ट्रिप्स (coastal road trip) आपके लिए परफेक्ट हैं। इन रास्तों पर सफर करते हुए एक तरफ नीला समंदर, दूसरी ओर हरियाली, पहाड़ और नारियल के पेड़ों का मनमोहक नजारा देखने को मिलता है। खासकर मानसून (monsoon) के मौसम में ये सड़कें और भी खूबसूरत हो जाती हैं। आप भी अपनी अगली छुट्टियों को यादगार बनाना चाहते हैं, तो कार या बाइक से इन सी-व्यू रोड ट्रिप्स (Sea-view road trips) का एक्सपीरियंस जरूर लें:

Goa to Gokarna (गोवा से गोकर्ण: सुकून और समुद्र का परफेक्ट कॉम्बिनेशन)

The Ultimate Road Trip Guide To India: 6 Scenic Routes | Outlook Traveller

अगर आप भीड़भाड़ से दूर शांति भरा सफर करना चाहते हैं, तो गोवा से गोकर्ण की रोड ट्रिप आपके लिए बेहतरीन रहेगी। इस पूरे रास्ते में कभी समुद्र की लहरें आपका साथ देती हैं तो कभी हरियाली से घिरे खूबसूरत नजारे मन मोह लेते हैं। बीच-बीच में छोटे-छोटे बीच (beache) और तटीय गांव (coastal village) मिलते हैं, जहां कुछ देर रुककर ताजा हवा का आनंद लिया जा सकता है। यह रूट उन लोगों के लिए खास है, जो ड्राइव के साथ प्रकृति का भरपूर मजा लेना चाहते हैं।

Chennai to Puducherry (चेन्नई से पुडुचेरी: समंदर के साथ दौड़ती शानदार सड़क)

Best Road Trips from Chennai by Car for a Perfect Getaway

चेन्नई से पुडुचेरी तक की ईस्ट कोस्ट रोड (East Coast Road) भारत की सबसे खूबसूरत सी-फेसिंग सड़कों में गिनी जाती है। कई जगह सड़क समुद्र के बिल्कुल पास से गुजरती है, जिससे पूरे रास्ते बंगाल की खाड़ी का शानदार नजारा दिखाई देता है। सुबह की हल्की धूप या शाम की ठंडी हवा में इस रूट पर ड्राइव (Driving) करना एक अलग ही एक्सपीरियंस देता है। रास्ते में कई बीच, कैफे और व्यू पॉइंट (viewpoints) भी मिलते हैं, जहां रुककर सफर को और यादगार बनाया जा सकता है।

Kochi to Kanyakumari (कोच्चि से कन्याकुमारी: हरियाली और समुद्र का खूबसूरत संगम)

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अगर आप प्रकृति के बीच लंबी ड्राइव का आनंद लेना चाहते हैं, तो कोच्चि से कन्याकुमारी का सफर जरूर करें। इस रूट पर नारियल के ऊंचे-ऊंचे पेड़, हरे-भरे नजारे और समुद्र का खूबसूरत दृश्य पूरे रास्ते आपका स्वागत करते हैं। जैसे-जैसे आप कन्याकुमारी के करीब पहुंचते हैं, समुद्र का नजारा (coastal scenery) और भी मनमोहक होता जाता है। यहां पहुंचकर सूर्योदय और सूर्यास्त देखना इस पूरी यात्रा की सबसे यादगार बात बन सकता है।

Mumbai to Goa (मुंबई से गोवा: हर मोड़ पर बदलता खूबसूरत नजारा)

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मुंबई से गोवा की रोड ट्रिप (road trip) देश की सबसे पसंदीदा ट्रिप में शामिल है। कोंकण तट (Konkan coast) से गुजरने वाला यह रास्ता हरे-भरे पहाड़ों, घुमावदार सड़कों, छोटे गांवों और समुद्र के खूबसूरत दृश्यों से भरपूर है। अगर आप बिना जल्दबाजी के सफर करें, तो रास्ते में आने वाले कई बीच, लोकल मार्केट और खाने-पीने की जगहों का भी आनंद ले सकते हैं। मानसून (monsoon) में यह रूट और भी ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है।

Mangaluru to Goa (मंगलुरु से गोवा: शांत सफर और मनमोहक नजारे)

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मंगलुरु से गोवा तक की ड्राइव उन लोगों के लिए शानदार है, जिन्हें लंबा और शांत सफर पसंद है। इस रूट पर कई जगह सड़क के एक ओर समुद्र और दूसरी ओर हरियाली का नजारा देखने को मिलता है। रास्ते में छोटे-छोटे बीच, नारियल के पेड़ों से घिरे गांव और शांत माहौल सफर को खास बना देते हैं। अगर आप नेचर के बीच आरामदायक रोड ट्रिप (road trip) चाहते हैं, तो यह रूट आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए।

ये जरूरी बातें रखें ध्यान

8 Epic Monsoon Road Trips in India That Are Worth Every Mile

समुद्र किनारे रोड ट्रिप (coastal road trip) का मजा तभी आता है, जब सफर पूरी तरह सेफ हो। निकलने से पहले अपनी कार या बाइक के टायर, ब्रेक, इंजन ऑयल और सभी जरूरी दस्तावेज अच्छी तरह जांच लें। मानसून (monsoon) के दौरान तटीय इलाकों की सड़कें (Coastal road) फिसलन भरी हो सकती हैं, इसलिए वाहन धीरे और सावधानी से चलाएं। ट्रैफिक नियमों का पालन करें, स्पीड लिमिट का ध्यान रखें और समुद्र किनारे बने खतरनाक जगहों पर वाहन रोकने से बचें। थोड़ी-सी सावधानी आपकी रोड ट्रिप (road trip) को सेफ और यादगार दोनों बना सकती है।

दिल्ली के इस इलाके में फूड डिलीवरी और ई कॉमर्स सर्विस बंद? जानें दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी में क्या

दिल्ली पुलिस ने राजधानी के दिल्ली के कुछ हिस्सों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों को देखते हुए नई दिल्ली जिला, जंतर-मंतर, संसद, सेंट्रल विस्टा और कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में बिना जरूरत यात्रा करने से बचें। पुलिस ने ऑनलाइन ऐप आधारित टैक्सी और अन्य सेवाएं देने वाली कंपनियों से भी इन क्षेत्रों में अपने संचालन को जरूरत के अनुसार नियंत्रित रखने को कहा है।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि यह एडवाइजरी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और इलाके में बढ़ती भीड़ को देखते हुए जारी की गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा की योजना बना लें और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

सेंट्रल दिल्ली में लागू पाबंदियां, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

दिल्ली पुलिस ने बताया कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के मद्देनजर सेंट्रल दिल्ली के तय इलाकों में प्रतिबंध लागू किए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि बहुत जरूरी काम न होने पर इन क्षेत्रों में जाने से बचें और जहां संभव हो, वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस, दमकल विभाग और अधिकृत सरकारी वाहनों जैसी सभी आपातकालीन सेवाएं पहले की तरह बिना किसी रोक-टोक के चलती रहेंगी।

इसके साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी व आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की गई है। वाहन चालकों से धैर्य रखने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का सहयोग करने को कहा गया है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

ऐप आधारित सेवाओं के लिए भी पुलिस की सलाह

दिल्ली पुलिस ने ऐप आधारित सेवाएं देने वाली कंपनियों, जैसे ऑनलाइन टैक्सी, फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों से भी प्रतिबंधित इलाकों में अपने कामकाज को नियंत्रित करने को कहा है। पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक, कंपनियां जरूरत पड़ने पर जियो-फेंसिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर सकती हैं या जहां संभव हो, वहां कुछ समय के लिए अपनी सेवाएं बंद रख सकती हैं। इसका उद्देश्य संवेदनशील इलाकों में लोगों की आवाजाही कम करना और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि इन कदमों का मकसद ड्राइवरों, डिलीवरी पार्टनर्स और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही इससे प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने में भी मदद मिलेगी। किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए लोग दिल्ली पुलिस हेल्पलाइन 112 या अन्य आधिकारिक माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं।

राइजिंग भारत समिट में बोले प्रियांक खड़गे- कर्नाटक में विजिलेंटिज्म पर जीरो टॉलरेंस, कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं

Priyank Kharge news: कर्नाटक के गृह, आईटी और बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा है कि राज्य सरकार विजिलेंटिज्म के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और कानूनी प्रावधान हर किसी पर समान रूप से लागू होते हैं। न्यूज 18 के राइजिंग भारत समिट के दौरान मनीकंट्रोल के मैनेजिंग एडिटर नलिन मेहता के साथ आयोजित ‘फायरसाइड चैट – हाउ कर्नाटक इज बिल्डिंग द इनोवेशन इकोनॉमी ऑफ भारत? में बोलते हुए खड़गे ने कहा कि राज्य में किसी भी तरह के विजिलेंटिज्म की इजाजत नहीं है। उन्होंने आगे जोड़ा कि कोई भी कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता। कानून सबके लिए एक बराबर है।

पुलिसिंग और प्रशासन में टेक्नोलॉजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल

कर्नाटक में गवर्नेंस और कानून-व्यवस्था के क्रियान्वयन पर बात करते हुए खड़गे ने बताया कि राज्य ने पुलिसिंग और सार्वजनिक प्रशासन में तकनीक को तेजी से इंटिग्रेट किया है। ट्रैफिक मैनेजमेंट, साइबर सिक्योरिटी और पुलिसिंग के क्षेत्रों में डिजिटल टूल्स का काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रियांक खड़गे ने कहा कि हम ट्रैफिक, साइबर सुरक्षा और पुलिसिंग आदि में तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते हैं। गवर्नेंस में तकनीक के उपयोग के हमारे प्रयासों की केंद्र सरकार ने भी सराहना की है।

पुलिस की उपस्थिति और निगरानी में सुधार के लिए सरकार ने एक नया एप्लिकेशन पेश किया है। खड़गे ने कहा कि अब पुलिस की मौजूदगी पर नजर रखने के लिए ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कड़ा एक्शन: ₹2700 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना

राज्य में सड़क सुरक्षा और प्रवर्तन उपायों को उजागर करते हुए खड़गे ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के खिलाफ की गई बड़े पैमाने की कार्रवाई के आंकड़े साझा किए। पूरे राज्य में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के 7.7 करोड़ से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों से राज्य भर में ₹2700 करोड़ से अधिक का जुर्माना लिया गया है।

क्विक कॉमर्स और गिग वर्कर्स पर क्या बोले मंत्री?

तेजी से बढ़ती ऐप-बेस्ड डिलीवरी सर्विस पर बात करते हुए खड़गे ने माना कि क्विक कॉमर्स के आने से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन बढ़ा है लेकिन उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस कार्रवाई में सिर्फ डिलीवरी कर्मचारियों को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। खड़गे ने कहा कि 10 मिनट की डिलीवरी के इस दौर में कई तरह के उल्लंघन हो रहे हैं। हम अब उन्हें चार घंटे के लेक्चर दे रहे हैं। ट्रैफिक अपराधों को एक गंभीर मुद्दा बताते हुए उन्होंने कहा कि लेकिन हम सिर्फ गिग वर्कर्स को दोष नहीं दे सकते।

बेंगलुरु के ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए ‘अर्बन मोबिलिटी मिशन’

प्रियांक खड़गे ने बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम को कम करने के प्रयासों पर भी बात की। उन्होंने बेंगलुरु को भारत का इनोवेशन हब होने के साथ-साथ इसकी ट्रैफिक कैपिटल के रूप में भी परिभाषित किया। उन्होंने बताया कि भीड़भाड़ की समस्या से निपटने और परिवहन योजना में सुधार के लिए राज्य सरकार ने एक अर्बन मोबिलिटी मिशन की स्थापना की है।

खड़गे ने कहा कि, ‘हम अधिक से अधिक लोगों को मास ट्रांजिट सिस्टम का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। हम ई-कॉमर्स कंपनियों, फ्लीट मैनेजर्स, ट्रैफिक पुलिस, जीबीए (GBA) और दूसरे स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर एक मिशन मोड कमेटी बना रहे हैं।’

शहर के परिवहन परिदृश्य पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। गवर्नेंस, पुलिसिंग और शहरी बुनियादी ढांचे पर हुई इस व्यापक चर्चा के दौरान प्रियांक खड़गे ने जोर देकर दोहराया कि कर्नाटक की सरकार इस सिद्धांत पर चल रही है कि कानून सबके लिए समान है।

सड़क हादसों में बढ़ोतरी के बाद गोवा सरकार अलर्ट, किराए पर मिलने वाली महिंद्रा थार के लिए नियम करेगा सख्त

Mahindra Thar Goa Ban: गोवा सरकार ‘रेंट-ए-कार’ सेगमेंट में महिंद्रा थार गाड़ियों के लिए नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने पर विचार कर रही है, ऐसा इसलिए क्योंकि इन SUV से जुड़े सड़क हादसों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। राज्य के परिवहन मंत्री मॉविन गोडिन्हो ने कहा कि यह प्रस्ताव स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) के सामने रखा जाएगा, जो इस पर अंतिम निर्णय लेगा।

मंत्री ने कहा, “हम दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को लेकर चिंतित हैं और हमने इसके कारणों और इन्हें रोकने के तरीकों पर चर्चा की है। जहां तक ​​थार गाड़ियों की बात है, हम किराए पर चलने वाली थार गाड़ियों के ऑपरेटरों को नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने जा रहे हैं… यह मामला अगली STA बैठक में उठाया जाएगा और वे तय करेंगे कि क्या कार्रवाई की जानी है।”

गोडिन्हो ने कहा कि अगर कानूनी रूप से संभव होता तो सरकार किराए पर चलने वाली गाड़ियों के बेड़े से थार गाड़ियों पर पूरी तरह से रोक लगा देती। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद लोगों की सुरक्षा को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि यह फैसला सड़क दुर्घटनाओं में किराए की थार गाड़ियों के बढ़ते इस्तेमाल और खासकर पर्यटकों द्वारा चलाई जा रही गाड़ियों से जुड़ी कई दुर्घटनाओं के बाद उठाया गया है।

दो महीने में दो हादसे

बता दें कि मई में, उत्तरी गोवा में किराए की एक थार गाड़ी ने कथित तौर पर एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में 32 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और एक नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहीं जांच में पुलिस को पता चला कि गाड़ी चलाने वाला पर्यटक कथित तौर पर शराब के नशे में था।

दूसरी घटना फरवरी में नॉर्थ गोवा में हुई। यहां पर भी किराए की एक ‘थार’ गाड़ी के कथित तौर पर टक्कर मारने से मध्य प्रदेश के एक 65 वर्षीय पर्यटक की मौत हो गई थी।

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट रेंट पर कार देने वाली कंपनी की जांच करेगा

गोडिन्हो ने कहा कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ‘रेंट-ए-कार’ ऑपरेटरों का ऑडिट भी करेगा ताकि यह पक्का किया जा सके कि वे लाइसेंसिंग नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। इसमें गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा भी शामिल होगी। इसके अलावा, अधिकारी किराए की गाड़ियों में लगे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और स्पीड गवर्नर की जांच और तेज करेंगे।

मंत्री ने शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि शराब के नशे में गाड़ी चलाते हुए पाए जाने वाले और जानलेवा सड़क हादसों में शामिल ड्राइवरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही, जरूरत पड़ने पर वाहन देने वाली कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग ने यह भी पाया है कि किराए पर चलने वाली कई गाड़ियों में अनिवार्य स्पीड गवर्नर के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। जून से अब तक 200 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें आरोप है कि ऑपरेटरों ने स्पीड लिमिट से बचने के लिए या तो डिवाइस को डिस्कनेक्ट कर दिया या फिर छिपे हुए स्विच लगा दिए।

लगेगा 10 हजार का जुर्माना

विभाग ने कहा कि, नियम तोड़ने वालों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, बार-बार नियम तोड़ने वाले ऑपरेटरों के परमिट निलंबित कर दिए जाएंगे।

रोड सेफ्टी से जुड़ी एक और पहल में, गोडिन्हो ने कहा कि पूरे गोवा में 26 जगहों पर लगाए गए AI-पावर्ड ट्रैफिक कैमरे 15 जुलाई से ई-चालान जारी करना शुरू कर देंगे। तब तक, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को जुर्माने के बजाय जागरूकता संदेश भेजे जाएंगे, ताकि वे नए लागू सिस्टम से परिचित हो सकें।

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