1 बाइक और 50 चालान! 3.22 लाख रुपये का बकाया देख उड़ गए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस के भी होश

Gurugram Traffic Challan: गुरुग्राम में ट्रैफिक पुलिस ने एक ऐसी बाइक के खिलाफ ऐक्शन लिया है, जिस पर 1-2 नहीं बल्कि 50 चालान बकाया थे, वहीं जब इस बाइक पर जुर्माने की रकम निकाली गई तो खुद अधिकारी भी उसे जानकर हैरान रह गए। दरअसल इस बाइक पर कुल 3.22  लाख रुपए की जुर्माने की रकम पेंडिंग निकली, जिसके बाद CRPF चौक के पास चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान विभाग ने इस बाइक को जब्त कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, बाइक पर ज्यादातर चालान बिना हेलमेट गाड़ी चलाने, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं होने और नंबर प्लेट के बिना बाइक चलाने जैसे उल्लंघनों के लिए काटे गए थे। इसके अलावा भी ट्रैफिक नियमों से जुड़े कई उल्लंघन सामने आए।

जानकारी के अनुसार, CRPF चौक पर तैनात जोनल अधिकारी ASI संदीप अपनी टीम के साथ नियमित वाहन जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बाइक को रुकवाया और चालक से गाड़ी के दस्तावेज दिखाने को कहा। हालांकि, बाइक सवार कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने बाइक को जब्त कर लिया।

वहीं, जांच करने पर पुलिस को पता चला कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अलग-अलग प्रावधानों के तहत उस मोटरसाइकिल पर 50 चालान बकाया थे, जिनका कुल जुर्माना 3,22,500 रुपये था।

ट्रैफिक पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “बकाया चालानों की वजह से नियमों के अनुसार कार्रवाई करते हुए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया और उसे तय पार्किंग जगह पर खड़ा कर दिया।”

हालांकि, पुलिस ने अभी यह जानकारी नहीं दी है कि बाइक पर ये 50 चालान कितने समय के दौरान काटे गए थे।

काया चालान नहीं भरे तो होगी कार्रवाई, गुरुग्राम पुलिस चला रही विशेष अभियान

बता दें कि गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ खास अभियान चला रही है। इन अभियानों के तहत, उन वाहन मालिकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है, जिन्होंने लंबे समय से अपने बकाया चालान का भुगतान नहीं किया है।

पुलिस ने बताया कि वाहन चालकों को उनके बकाया चालान के बारे में भी जानकारी दी जा रही है और उन्हें समय पर बकाया राशि का भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

गुरुग्राम पुलिस की वाहन चालकों को सलाह

गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने वाहन चालकों से अपील की कि वे ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें और वैध बीमा और PUC सर्टिफिकेट समेत गाड़ी से जुड़े जरूरी दस्तावेजों को अपडेट रखें।

प्रवक्ता ने कहा कि वाहन चालकों से बकाया चालान समय पर भरने का भी आग्रह किया गया, क्योंकि वाहन चालकों और सड़क का इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना जरूरी है।

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Delhi CJP Protest: दिल्ली में सभी मेट्रो स्टेशन खुले! रेल और इंटरनेट सेवाएं भी बहाल, बैरिकेडिंग और पुलिस हिरासत पर भी सुप्रीम कोर्ट सख्त

Delhi CJP Protest News: राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई, मेट्रो और रेल सेवाओं पर प्रतिबंध, इंटरनेट सेवाएं बंद करने तथा लोगों को हिरासत में लिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रविवार (11 अक्टूबर) को अहम निर्देश जारी किए। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होने वाले लोगों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। अदालत ने कहा, “ऐसे लोगों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए।” साथ ही शीर्ष अदालत ने मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से चलाने, कानून के मुताबिक इंटरनेट सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रखने और लोगों एवं ट्रैफिक की आवाजाही की अनुमति देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर लगी धारा 163 का बोर्ड हटाने का भी निर्देश दिया, ताकि न्याय तक पहुंच को लेकर कोई आशंका न रहे।

दिल्ली में मेट्रो-ट्रेन और इंटरनेट चालू रहेंगी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहनी चाहिए। शीर्ष अदालत ने उसके निर्देश के उल्लंघन के आरोप में अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही शुरू करने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। अदालत ने कहा कि वकीलों को उनके पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने में किसी तरह की बाधा नहीं पहुंचायी जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि शांतिपूर्ण तरीके से जुटने वालों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए। शीर्ष अदालत ने ट्रैफिक नियमों के अधीन लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही बैरिकेड्स लगाने की जरूरत की समीक्षा करने को कहा। उच्चतम न्यायालय ने कहा, “कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहनी चाहिए।”

केंद्र सरकार को नोटिस जारी

अदालत ने केंद्र सरकार को उस याचिका पर नोटिस भी जारी किया, जिसमें दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के कारण मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने संबंधी न्यायालय के निर्देश के कथित उल्लंघन को लेकर अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने विशेष सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो अपनी सामान्य शेड्यूल के अनुसार चले और इंटरनेट सेवाएं बाधित न हों।

पीठ ने कहा, “9 अक्टूबर 2026 के हमारे पिछले आदेश के उल्लंघन और 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने के आरोपों वाली तत्काल सुनवाई की याचिकाओं के मद्देनजर न्यायालय ने विशेष सुनवाई की।”

‘निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया। मेट्रो रेल सेवा संचालित नहीं हो रही थी। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन बंद रहे। ट्रैफिक संबंधी कोई एडवाइजरी जारी नहीं किया गया। बड़ी संख्या में लोगों को अनुचित रूप से परेशान किया गया। लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। जिन स्थानों पर यह सब हुआ, उनमें वे इलाके भी शामिल थे, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा के दायरे में नहीं आते थे।”

पत्रकारों को लेकर पुलिस को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मेहता से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य लोगों को अपने पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने से न रोका जाए। सुनवाई के दौरान मेहता ने कहा कि 10 अक्टूबर को मेट्रो नेटवर्क के कुल 303 स्टेशन में से केवल 45 पर एंट्री और एग्जिट प्रतिबंधित था। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के नौ अक्टूबर के आदेश का उल्लेख किया गया है। यह आदेश दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर 57 मेट्रो स्टेशन को बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने के खिलाफ दायर एक अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार तक सरकार से जवाब मांगा है।

निर्वाचन आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP और कुछ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। सरकार ने शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करके और 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को रोक दिया। हिरासत में लिए गए लोगों में CJP नेता अभिजीत दीपके, विपक्ष के कई नेता और यूट्यूबर ध्रुव राठी भी शामिल थे।

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की मुख्य बातें

  • दिल्ली मेट्रो और रेलवे सेवाएं सामान्य रूप से चलनी चाहिए। पाबंदियां तभी लगाई जा सकती हैं जब वे आर्टिकल 19(2) के तहत सही ठहराई जा सकें।
  • कानूनी पाबंदियां लगाने की वैधानिक शक्तियों पर असर डाले बिना, कानून के अनुसार इंटरनेट सेवाएं चालू रहनी चाहिए।
  • दिल्ली में लोगों और गाड़ियों की आवाजाही में बेवजह रुकावट नहीं आनी चाहिए। कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक की जरूरतों के आधार पर बैरिकेड्स की तुरंत समीक्षा की जानी चाहिए।
  • किसी को भी गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। किसी भी हिरासत के मामले में कानून द्वारा तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
  • कानून के अनुसार शांतिपूर्ण सभाओं की अनुमति दी जानी चाहिए, खासकर उन इलाकों के बाहर जहां धारा 163 BNSS के तहत सख्ती लागू है।
  • सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों तक बिना रुकावट पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास धारा 163 की पाबंदियों वाला कोई भी नोटिस बोर्ड अगर अभी भी लगा है, तो उसे हटा दिया जाना चाहिए।
  • सुप्रीम कोर्ट ने इस आश्वासन को दर्ज किया कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य पेशेवरों को अपना काम करने में नहीं रोका जाएगा।
  • शीर्ष अदालत के 9 अक्टूबर के आदेश के उल्लंघन के आरोप में अवमानना ​​की कार्यवाही के तहत नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों को मंगलवार, 13 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी, जिसमें मेट्रो पाबंदियों और रेलवे की सलाहों का विवरण शामिल हो।
  • बड़े पैमाने पर हिरासत और उससे जुड़े अन्य मामलों के आरोपों वाली ‘हेबियस कॉर्पस’ (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिकाओं पर 13 अक्टूबर को मुख्य मामलों के साथ सुनवाई होगी।
  • अदालत ने कहा कि राज्य को कथित हिरासत के हालात, तरीके और कानूनी आधार के बारे में बताना होगा, क्योंकि आर्टिकल 32 के तहत मौलिक अधिकारों की रक्षा और उन्हें लागू करना कोर्ट का कर्तव्य है।

क्या बिजली बिल के जरिए बकाया ई-चालान की वसूली होगी? जानिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अहम बातें

ई-चालान नहीं भरना अब भारी पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने बकाया ई-चालान को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। रैंडम चेकिंग में अगर किसी गाड़ी का चालान बकाया मिला, तो गाड़ी जब्त की जा सकती है।

इसके अलावा गाड़ी से जुड़ी कई ऑनलाइन सेवाएं भी रोकी जा सकती हैं। इनमें रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराना, डुप्लीकेट RC लेना और मालिक का पता बदलना शामिल है।

सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर के आदेश में ये निर्देश दिए हैं। यह आदेश 1 अक्टूबर को अपलोड हुआ। मामला S Rajaseekaran v Union of India का है। इसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट 2012 से कर रहा है।

₹49,194 करोड़ के चालान

कोर्ट के सामने रखे आंकड़ों के मुताबिक, ई-चालान के जरिए करीब ₹49,194.05 करोड़ की रकम वसूलनी थी। इसमें से ₹26,175.05 करोड़ की वसूली हो चुकी है। करीब ₹23,019 करोड़ अभी भी बकाया है। इसी पर कोर्ट ने सवाल उठाया कि अगर जुर्माना वसूला ही नहीं जा रहा, तो सिर्फ चालान जारी करने का क्या फायदा है।

चार तरह की ऑनलाइन सेवाएं रुक सकती हैं

कोर्ट ने बकाया चालान वाली गाड़ियों की कुछ ऑनलाइन सेवाएं फ्रीज करने को कहा है। चालान नहीं भरने तक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रिन्यू नहीं होगा। डुप्लीकेट RC जारी करने पर भी रोक रहेगी। गाड़ी के मालिक का पता बदलने की रिक्वेस्ट भी नहीं मानी जाएगी। फिटनेस सर्टिफिकेट भी बकाया चालान चुकाने के बाद ही मिलेगा।

गाड़ी ब्लैकलिस्ट होगी

बकाया चालान वाली गाड़ी को Parivahan Portal पर ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। इससे गाड़ी बेचने में दिक्कत आ सकती है। गाड़ी के मालिकाना हक का ट्रांसफर भी रोका जा सकता है। यानी चालान का असर गाड़ी बेचने या उसका मालिक बदलने तक पहुंच सकता है।

PUC भी नहीं मिलेगा

सुप्रीम कोर्ट ने PUC यानी Pollution Under Control Certificate को लेकर भी निर्देश दिए हैं। बकाया चालान रहने पर संबंधित गाड़ी का PUC जारी नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि चालान नहीं भरने पर सिर्फ जुर्माना ही बकाया नहीं रहेगा। गाड़ी के कई जरूरी काम भी अटक सकते हैं।

रैंडम चेकिंग में गाड़ी जब्त हो सकती है

सुप्रीम कोर्ट ने रैंडम व्हीकल चेकिंग के निर्देश भी दिए हैं। अगर चेकिंग में ऐसी गाड़ी मिलती है जिसका ई-चालान बकाया है, तो उसे जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। यानी पुराना चालान सिर्फ ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं रहेगा। सड़क पर चेकिंग के दौरान भी इसकी वजह से कार्रवाई हो सकती है।

एक साल में 5 उल्लंघन पर भी सख्ती

कोर्ट ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 के Rule 21(25) का भी जिक्र किया है। 1 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली एक साल की अवधि में पांच या उससे ज्यादा उल्लंघन होने पर इसे जनता के लिए परेशानी या खतरे वाला आचरण माना जा सकता है।

ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस पर भी कार्रवाई हो सकती है। लाइसेंस रिन्यू करने पर रोक लग सकती है। पहले से जारी लाइसेंस को सस्पेंड करने के कदम भी उठाए जा सकते हैं।

AI कैमरों से ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले पकड़े जाएंगे

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक एनफोर्समेंट मजबूत करने को कहा है। इसके लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के 28 अक्टूबर 2025 के SOP को लागू करना होगा।

इलेक्ट्रॉनिक एनफोर्समेंट सिस्टम AI से लैस होने चाहिए। ये सिस्टम 12 तरह के ट्रैफिक उल्लंघनों को पकड़ने में सक्षम होने चाहिए। इनमें गलत लेन में गाड़ी चलाना और गलत जगह पर गाड़ी रोकना या पार्क करना जैसे उल्लंघन शामिल हैं।

ई-चालान के लिए बनेगा ऑनलाइन डैशबोर्ड

MoRTH को एक ऑनलाइन डैशबोर्ड बनाने का निर्देश दिया गया है। इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इलेक्ट्रॉनिक एनफोर्समेंट की जानकारी मिलेगी। इसमें कैमरों और दूसरे उपकरणों की संख्या भी बताई जाएगी। कितने उपकरण काम कर रहे हैं, इसकी जानकारी भी मिलेगी।

कौन से ट्रैफिक उल्लंघन पकड़े जा रहे हैं, यह भी बताया जाएगा। यह जानकारी कम से कम हर महीने अपडेट करनी होगी। सालाना आंकड़े Road Accidents in India रिपोर्ट में भी शामिल किए जा सकते हैं।

बिजली बिल से चालान वसूली?

सुनवाई के दौरान बकाया ई-चालान की रकम बिजली बिल के जरिए वसूलने की बात भी हुई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के लिखित आदेश में ऐसा कोई निर्देश नहीं है।

लिखित आदेश में फिलहाल गाड़ी जब्त करने और ऑनलाइन सेवाएं रोकने जैसी कार्रवाई की बात है। फिटनेस और PUC रोकने के साथ गाड़ी को ब्लैकलिस्ट करने का भी निर्देश है। कोर्ट ने यह भी कहा कि सिर्फ आदेश जारी करने से काम नहीं चलेगा। अगर ये निर्देश जमीन पर लागू नहीं हुए, तो आगे सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

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नो मोर ट्रैफिक जाम! दिल्ली में आ रहा है AI सिस्टम, करोड़ों का बजट पास

नई दिल्ली। दिल्ली अब रोज सड़क पर लगने वाले जाम और बढ़ते ट्रैफिक को संभालने के लिए नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने जा रहा है। केंद्रीय कैबिनेट ने राजधानी के लिए 1,789.52 करोड़ रुपये के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को मंजूरी दी है। इस सिस्टम में AI और रियल टाइम ट्रैफिक डेटा की मदद से सड़कों पर ट्रैफिक को बेहतर तरीके से संभालने की कोशिश होगी।

यह प्रोजेक्ट दिल्ली पुलिस लागू करेगी। इसके तहत 42 बड़े ट्रैफिक कॉरिडोर को शामिल किया गया है। काम तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।

ट्रैफिक के हिसाब से खुद बदलेंगे सिग्नल

ITMS में ट्रैफिक सिग्नल सड़क पर गाड़ियों की संख्या के हिसाब से खुद बदलेंगे। ज्यादा ट्रैफिक होने पर सिग्नल की टाइमिंग अपने आप एडजस्ट होगी। बड़े रास्तों के सिग्नल आपस में जुड़े रहेंगे, जिससे बार-बार रुकने और देरी को कम किया जा सकेगा। सिस्टम जाम, धीमी रफ्तार और हादसों का भी तुरंत पता लगाएगा। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस जरूरत के अनुसार डायवर्जन कर सकेगी। एंबुलेंस और दूसरी इमरजेंसी गाड़ियों के लिए जरूरत के समय ग्रीन कॉरिडोर बनाने में ITMS मदद करेगा।

स्मार्ट सिस्टम से ट्रैफिक पर रहेगी नजर

  • AI कैमरों से रेड लाइट तोड़ने, तेज रफ्तार और गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों की पहचान होगी।
  • बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर भी नजर रखी जाएगी।
  • ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल और गलत पार्किंग का भी पता चलेगा।
  • सिस्टम चोरी और ब्लैकलिस्टेड वाहनों की पहचान करने में मदद करेगा।
  • लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और सड़कों पर लगे वेरिएबल मैसेज साइन से जाम, डायवर्जन और पार्किंग की जानकारी मिलेगी।
  • ट्रैफिक से जुड़ी ताजा जानकारी नेविगेशन सर्विस के साथ भी शेयर की जाएगी, जिससे लोग बेहतर रास्ता चुन सकेंगे।

1,092 सिग्नल और 1,029 एनफोर्समेंट लोकेशन

इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली में 1,092 जगहों पर स्मार्ट ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम और 1,029 जगहों पर ट्रैफिक नियमों की निगरानी के लिए सिस्टम लगाया जाएगा। इसके साथ ट्रैफिक कमांड और कंट्रोल सेंटर भी बनाया जाएगा। डेटा सिक्योरिटी के लिए डेटा सेंटर और डिजास्टर रिकवरी सिस्टम होगा। जरूरत के हिसाब से आगे इसमें नई टेक्नोलॉजी और फीचर भी जोड़े जा सकेंगे।

ITMS को पूरी दिल्ली में एक साथ लागू नहीं किया जाएगा। इसे तीन चरणों में शुरू किया जाएगा। हर चरण में टेस्टिंग और जांच के बाद ही आगे का काम किया जाएगा। इसका मकसद ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना, जाम कम करना और सड़क सुरक्षा बढ़ाना है।

चलती बाइक पर कंधे के ऊपर बैठा युवक, नीचे 3 सवार… कैमरे में कैद हुआ पूरा नजारा

अहमदाबाद की सड़क पर बाइक से खतरनाक स्टंट करने वाले चार युवकों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया। वीडियो में चारों युवक एक ही बाइक पर सवार नजर आए थे। इनमें से एक युवक दूसरे के कंधों पर बैठा था, जबकि बाइक को सड़क पर तेजी से इधर-उधर मोड़ा जा रहा था। वीडियो सामने आने के बाद एलिसब्रिज पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और युवकों की पहचान शुरू की। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई में देरी नहीं हुई और 21 सितंबर की सुबह चारों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार युवकों में घी कांटा इलाके के रहने वाले अशोक ठाकोर, अल्केश कनोजिया और मितेश झाला शामिल हैं। चौथे युवक को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने स्टंट से जुड़े इस मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

एलिसब्रिज इलाके में किया स्टंट

बताया जा रहा है कि यह घटना 20 सितंबर की रात अहमदाबाद के एलिसब्रिज इलाके में हुई। कुछ समय बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा। वीडियो में चारों युवक बेहद कम जगह में बाइक पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। एक युवक दूसरे के कंधे पर बैठा था, जिससे बाइक का संतुलन और ज्यादा बिगड़ता नजर आया। इसके बावजूद बाइक चलाने वाला युवक सड़क पर लगातार आगे बढ़ता रहा और कई बार बाइक को खतरनाक तरीके से मोड़ता दिखाई दिया।

राहगीरों की जान भी पड़ सकती थी खतरे में

चलती सड़क पर इस तरह का स्टंट सिर्फ बाइक सवारों के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास मौजूद दूसरे लोगों के लिए भी खतरा बन सकता था। बाइक पर तय संख्या से ज्यादा लोगों के बैठने से वाहन का संतुलन बिगड़ने की आशंका रहती है। अगर अचानक सामने कोई वाहन या राहगीर आ जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। यही वजह है कि वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।

वायरल वीडियो ने पहुंचाया पुलिस तक

एलिसब्रिज पुलिस की नजर जब इस वीडियो पर पड़ी, तो युवकों की पहचान करने की कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने अगले ही दिन 21 सितंबर की सुबह चारों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए युवकों में घी कांटा इलाके के रहने वाले अशोक ठाकोर, अल्केश कनोजिया और मितेश झाला शामिल हैं। मामले में चौथे युवक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला

एलिसब्रिज पुलिस ने युवकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 125 के साथ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 177, 184 और 194(c) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में लापरवाही या खतरनाक तरीके से वाहन चलाने, दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालने और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने जैसे मामलों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर वीडियो, फिर सीधे पुलिस कार्रवाई

इस पूरे मामले में एक बार फिर सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला वीडियो पुलिस की कार्रवाई का आधार बन सकता है। युवकों का कुछ मिनटों का स्टंट कैमरे में रिकॉर्ड हुआ, सोशल मीडिया पर फैला और इसके बाद पुलिस ने उनकी पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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Viral Video: पुणे एक्सप्रेसवे पर चलती कार से अचानक गायब हुई नंबर प्लेट! इस लग्जरी गाड़ी में ऐसी क्या हाईटेक सिस्टम? अब पता चला

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पुणे-मुंबई हाईवे पर चलती हुई एक लग्जरी कार की नंबर प्लेट गायब होती दिख रही है। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना कथित तौर पर 8 सितंबर को हुई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ड्राइवर कार के अंदर से एक मैकेनिकल सिस्टम को चालू करता हुआ दिख रहा है, जिससे चलती हुई कार की नंबर प्लेट कुछ ही सेकंड में मुड़कर अंदर चली जाती है।

बताया जा रहा है कि इस घटना का वीडियो पीछे चल रहे एक दूसरे वाहन में सवार व्यक्ति ने रिकॉर्ड किया था। यह क्लिप तेजी से सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) का ध्यान भी इस मामले पर गया।

RTO ने गाड़ी को ढूंढ निकाला, हटाई मॉडिफाइड नंबर प्लेट

वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पिंपरी-चिंचवड़ RTO की फ्लाइंग स्क्वॉड ने गाड़ी को ढूंढने के लिए जांच शुरू की।

अधिकारियों ने मंगलवार दोपहर गाड़ी को खोज निकाला। इसके बाद कार में लगा नंबर प्लेट को छिपाने वाला मैकेनिकल सिस्टम हटा दिया गया। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, गाड़ी के मालिक पर 4,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

RTO अधिकारियों के अनुसार, गाड़ी के मालिक ने पूछताछ में माना कि यह मैकेनिज्म ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए ई-चालान से बचने के लिए लगाया गया था।

News18 की रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से कहा गया, “मालिक ने बताया कि उसने ई-चालान जुर्माने से बचने के लिए यह सिस्टम लगाया था। पेट्रोलिंग टीम ने मैकेनिकल नंबर प्लेट हटा दी और 4,500 रुपये का जुर्माना वसूला।”

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Delhi traffic advisory: दिल्ली पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी! ब्रिक्स समिट के कारण 3 दिन बंद रहेंगी ये सड़कें, 22 डायवर्जन पॉइंट तय

Delhi traffic advisory: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 11 से 13 सितंबर 2026 यानी तीन दिन तक होने वाले ब्रिक्स नेताओं का शिखर सम्मेलन 2026 (BRICS Leaders Summit 2026) को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने डिटेल्स ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। नई दिल्ली स्थित ‘भारत मंडपम’ में होने वाले इस सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय राष्ट्राध्यक्षों, शासनाध्यक्षों और वैश्विक प्रतिनिधियों की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली और आसपास के इलाकों में कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होगी। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि BRICS Summit के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहयोग करें और यात्रा से पहले अपना रूट जरूर जांच लें।

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, VVIP काफिलों की सुचारु आवाजाही और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रैफिक नियम और डायवर्जन लागू किए जाएंगे। एडवाइजरी में 22 डायवर्जन पॉइंट और 35 से ज्यादा ‘नियंत्रित (इन मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होगी)’ सड़कों का उल्लेख किया गया है।

एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनल के लिए एडवाइजरी

एयरपोर्ट और नई दिल्ली/पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों की ओर जाने वाले यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए मेट्रो सेवाओं का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक सड़क रूट्स की लिस्ट भी जारी की है। हालांकि, इस दौरान एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए अलग रास्ता सुनिश्चित किया जाएगा। सिटी बस और ऑटो/टैक्सी सेवाओं के संचालन को नियंत्रित क्षेत्रों के बाहर डायवर्ट किया जा सकता है।

इन इलाकों और सड़कों पर यात्रा से बचने की सलाह

  • सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण मार्गों पर आम वाहनों की आवाजाही प्रभावित रह सकती है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से इन मार्गों पर अनावश्यक यात्रा नहीं करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
  • प्रमुख प्रभावित/नियंत्रित रूट्स में मथुरा रोड, तिलक मार्ग, जनपथ, सत्य मार्ग, पृथ्वीराज रोड, फिरोजशाह रोड, अशोक रोड, जंतर-मंतर मार्ग, पंचशील मार्ग, सुब्रमण्यम भारती मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, सफदरजंग रोड, रायसीना मार्ग, अकबर रोड, सरदार पटेल मार्ग, एपीजे अब्दुल कलाम रोड, भगवान दास रोड और शेरशाह सूरी मार्ग समेत कई सड़कें शामिल हैं।
  • ट्रैफिक पुलिस ने सम्मेलन की अवधि में यात्रियों से इन सड़कों पर जाने से पहले एडवाइजरी देखने और वैकल्पिक रूट्स चुनने को कहा है।

रेलवे स्टेशन जाने वालों के लिए भी रूट तय

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष रूट सुझाए गए हैं। ट्रैफिक एडवाइजरी में अलग-अलग दिशाओं से स्टेशन पहुंचने के लिए वैकल्पिक रूट बताए गए हैं, ताकि वीआईपी मूवमेंट के कारण यात्रियों को परेशानी कम हो। इसी तरह पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन जाने वाले लोगों के लिए भी वैकल्पिक रूट निर्धारित किए गए हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे ट्रेन के समय से पहले घर से निकलें और संभावित ट्रैफिक प्रतिबंधों को ध्यान में रखें।

एयरपोर्ट जाने वालों के लिए खास सलाह

दिल्ली एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को भी ट्रैफिक पुलिस ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है। एडवाइजरी के अनुसार, एयरपोर्ट जाने के लिए मेट्रो को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है, ताकि सड़क पर वीआईपी मूवमेंट और संभावित ट्रैफिक प्रतिबंधों का असर कम हो। गुरुग्राम, द्वारका, महिपालपुर और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से एयरपोर्ट पहुंचने के लिए वैकल्पिक रूट भी एडवाइजरी में बताए गए हैं। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को पर्याप्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।

मेट्रो से सफर करने की अपील

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा है कि ब्रिक्स समिट के दौरान सड़क ट्रैफिक पर दबाव कम करने के लिए मेट्रो का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए। खासतौर पर उन यात्रियों को मेट्रो को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है जिन्हें नई दिल्ली, मध्य दिल्ली, एयरपोर्ट या अन्य प्रमुख इलाकों में जाना है।

VVIP मूवमेंट के दौरान अचानक लग सकता है प्रतिबंध

BRICS सम्मेलन में विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा कारणों से कुछ मार्गों पर अस्थायी रूप से ट्रैफिक रोका या डायवर्ट किया जा सकता है। इसलिए ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें और प्रतिबंधित रूट्स पर जाने की कोशिश न करें।

पार्किंग को लेकर भी एडवाइजरी

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से कहा है कि वे निर्धारित स्थानों के अलावा सड़क पर वाहन पार्क न करें। एडवाइजरी में बताया गया है कि नियंत्रित क्षेत्रों में सड़क किनारे वाहन खड़े करने से ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जा सकती है।

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एडवाइजरी की बड़ी बातें

  • BRICS Summit के दौरान 11 से 13 सितंबर तक ट्रैफिक प्रतिबंध लागू रहेंगे।
  • 35 से ज्यादा सड़कें बंद रहेंगी।
  • करीब 22 डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं।
  • वीआईपी काफिले के दौरान कुछ मार्गों पर अस्थायी रोक लग सकती है।
  • एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वाले लोग पहले से समय लेकर चलें।
  • संभव हो तो मेट्रो का इस्तेमाल करें।
  • प्रतिबंधित मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • सड़क किनारे अनधिकृत पार्किंग न करें।ॉ
  • ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों और डायवर्जन का पालन करें।
  • रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट के लिए सलाह

यात्रियों और आम जनता के लिए सलाह

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ब्रिक्स समिट के दौरान वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं, अधिक से अधिक मेट्रो का उपयोग करें और सोशल मीडिया पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी किए जा रहे रियल-टाइम अपडेट्स पर नजर रखें।

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गडकरी पूरे देश में चाहते हैं बाइक टैक्सी पर राज्यों के हाथ में चाबी! ऐसा हुआ तो 8 करोड़ लोगों को होने लगेगी टू-व्हीलर से कमाई

Bike Taxi Update: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने प्राइवेट टू-व्हीलर का इस्तेमाल सवारी ढोने यानी बाइक टैक्सी के रूप में करने की वकालत की है। उन्होंने राज्यों से अपील की है कि वे निजी मोटरसाइकिल और स्कूटर मालिकों को यात्रियों को ले जाने की अनुमति दें। गडकरी का तर्क है कि अगर ऐसा हुआ तो ग्रामीण इलाकों में करीब 8 करोड़ लोगों के लिए कमाई के नए मौके पैदा हो सकते हैं। वैसे आपको बता दें कि केंद्र सरकार भले ऐसा चाह ले लेकिन इसक बावजूद यह पूरी तरह से राज्यों पर निर्भर करता है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में बाइक टैक्सी चलाने की इजाजत देते हैं या नहीं।

राज्यों के पास क्यों है अंतिम फैसला?

महाराष्ट्र में सरकार के ‘सुरक्षा’ पायलट प्रोग्राम के शुभारंभ के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि, ‘हमने इसकी अनुमति दे दी है, लेकिन कुछ राज्य ऐसा नहीं कर रहे हैं। ट्रांसपोर्ट स्टेट सब्जेक्ट है। मैं उनसे ऐसा करने का आग्रह करूंगा क्योंकि इससे कई लोगों को आजीविका का साधन मिलेगा।’ Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2025 एक ऐसा फ्रेमवर्क देती है जिससे एग्रीगेटरों को पैसेंजर जर्नी के लिए नॉन-ट्रांसपोर्ट मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे सकते हैं।

क्या आपकी अपनी बाइक बन सकती है टैक्सी?

हर जगह खुद ब खुद किसी प्राइवेट बाइक का इस्तेमाल टैक्सी के रूप में नहीं किया जा सकता है। अलग-अलग राज्यों में इसे लेकर अलग-अलग रूल हैं। इसे कर्नाटक और महाराष्ट्र के हिसाब से समझा जा सकता है। इस साल जनवरी में कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा था कि मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल ट्रांसपोर्ट गाड़ियों के रूप में किया जा सकता है और अधिकारियों को पीले रंग की प्लेट रजिस्ट्रेशन और कॉन्ट्रैक्ट पैसेंजर्स कैरियर्स के रूप में काम करने के लिए परमिट मांगने वाले मालिकों के आवेदनों पर विचार करने का निर्देश दिया था। हालांकि राज्य सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा, इंश्योरेंस, महिलाओं की सेफ्टी और बाइक टैक्सियों के लिए एक व्यापक फ्रेमवर्क की कमी से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी।

दूसरी ओर महाराष्ट्र ने 2025 में अपने बाइक-टैक्सी नियमों को नोटिफाइड कर दिया था। इसमें एग्रीगेटर्स, परमिट और ऑपरेटिंग कंडिशन को कवर करने वाले प्रावधान शामिल हैं। इस फ्रेमवर्क में ई-बाइक और स्कूटर भी शामिल हैं।

ट्रैफिक नियमों के लिए ‘नेगेटिव पॉइंट सिस्टम’ और ‘सुरक्षा’ कार्यक्रम

बाइक टैक्सी पर बात करने के साथ ही गडकरी ने भारत के सड़क सुरक्षा नियमों में एक और प्रस्तावित बदलाव की जानकारी दी है। मंत्रालय ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए एक नेगेटिव पॉइंट सिस्टम पेश करने की तैयारी कर रहा है। इस प्रस्तावित सिस्टम के तहत बार-बार नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों के नेगेटिव पॉइंट जमा होंगे और दोबारा उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है। इस कदम का उद्देश्य जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार को बढ़ावा देना है।

आपको बता दें कि सुरक्षा नाम के पायलट कार्यक्रम का उद्देश्य राजमार्गों और खनन कार्यों में शामिल ड्राइवरों और श्रमिकों को मुफ्त चिकित्सा जांच, परामर्श देना है। यह पायलट प्रोजेक्ट एनएच 44 पर नागपुर से काम्टी तक 150 किलोमीटर के हिस्से और चंद्रपुर के खनन क्षेत्र को कवर करेगा। इसमें शुरुआती चरण में 10000 लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

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‘किसिंग कार’ को एक नहीं 3 महिला फ्रेंड्स ने किया था किस; कानून में क्या प्रावधान?

ग्वालियर में एक शख्स ने रील वायरल करने के लिए कार पर अपनी 3 महिला मित्रों से 3400 किस के निशान बनवाए। वीडियो को 55 लाख से ज्यादा व्यूज मिले लेकिन ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने जुर्माना भी लगा दिया।

यूपी में सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम

यूपी में सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम

Transport Department in UP has taken stringent measures towards road safety and achieving a zero-fatality rate

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्युदर का लक्ष्य पाने का दे चुके हैं निर्देश

– ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों से पिछले वित्तीय वर्ष में वसूला 474 करोड़ का प्रशमन शुल्क

– चालू वित्तीय वर्ष के 4 महीने में 5 लाख चालान किए और 172 करोड़ रुपए लगाया जुर्माना

– परिवहन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती वाहन संख्या के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का फोकस लगातार बढ़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और शून्य मृत्यु दर की दिशा में विभिन्न अवसरों पर विभागों को जरूरी निर्देश देते रहे हैं। इसका असर सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई में भी दिखाई दे रहा है। बीते वित्तीय वर्ष में 474 करोड़ रुपए और चालू वित्तीय वर्ष में 172 करोड़ रुपएप्रशमन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया है। इस अवधि में 20 लाख से ज्यादा चालान भी किए गए हैं।

 

अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का पालन कराना परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी क्रम में विभाग के प्रवर्तन दल ने नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान चलाया। कार्रवाई का उद्देश्य महज जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है।

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15 लाख चालान के जरिए 474 करोड़ का जुर्माना

वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल ने प्रदेशभर में करीब 15 लाख चालान किए। इन कार्रवाई के माध्यम से 474 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला गया। यह बड़े पैमाने पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई को दर्शाता है, जिसके जरिए सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

 

इस वर्ष 5 लाख चालान काटे गए

वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में ही करीब 5 लाख चालान किए जा चुके हैं। इन कार्रवाई से 172 करोड़ रुपए का प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ है। इससे साफ है कि सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है।

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चालान से सड़क सुरक्षा पर असर

परिवहन विभाग के मुताबिक इस सख्ती का व्यापक उद्देश्य वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना है। नियमों का पालन होने से सड़क पर ओवरस्पीडिंग, बिना जरूरी दस्तावेज वाहन चलाने, क्षमता से अधिक सवारी या माल ढोने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन जैसी स्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलती है।

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सुरक्षित यातायात के लिए वाहन चालकों और आम नागरिकों की भी बराबर भागीदारी जरूरी है। परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई इसी जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का काम कर रही है। यही प्रयास प्रदेश को शून्य मृत्युदर के लक्ष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।