Nykaa Q1 Results: ब्यूटी कंपनी का मुनाफा 226% बढ़ा, वेलनेस कंपनी में 51% हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी

Nykaa Q1 Results: ब्यूटी और लाइफस्टाइल ई-कॉमर्स कंपनी Nykaa की पैरेंट कंपनी FSN E-Commerce Ventures ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर तीन गुना से ज्यादा यानी 226.6% बढ़कर ₹79.7 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹24.4 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू 29.1% बढ़कर ₹2,782 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹2,155 करोड़ था। रेवेन्यू के मुकाबले मुनाफे में कहीं ज्यादा तेज बढ़ोतरी से साफ है कि कंपनी ने लागत पर बेहतर नियंत्रण रखा और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार किया।

EBITDA और मार्जिन में मजबूत सुधार

जून तिमाही में Nykaa का EBITDA 67.8% बढ़कर ₹236 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹141 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 6.5% से बढ़कर 8.5% पर पहुंच गया।

कंपनी का कहना है कि बढ़ते कारोबार, बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी और बिजनेस मिक्स में सुधार की वजह से मार्जिन मजबूत हुआ है।

ब्यूटी और फैशन कारोबार से मिली रफ्तार

Nykaa का कारोबार ब्यूटी, पर्सनल केयर और फैशन कैटेगरी में है। इन सेगमेंट में ग्राहकों की दोबारा खरीदारी (Repeat Purchase) ज्यादा होती है। इससे कंपनी की ग्रोथ को लगातार सहारा मिल रहा है। ताजा नतीजे बताते हैं कि कंपनी अब सिर्फ बिक्री बढ़ाने पर नहीं, बल्कि मुनाफे को भी मजबूत करने पर फोकस कर रही है।

वेलनेस कारोबार में बढ़ाया निवेश

Nykaa के बोर्ड ने Aminu Wellness Private Limited में 51% हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दी है। इस डील पर कंपनी अधिकतम ₹32 करोड़ खर्च करेगी।

इस अधिग्रहण के जरिए Nykaa वेलनेस और पर्सनल केयर सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य सिर्फ थर्ड पार्टी ब्रांड बेचने वाला मार्केटप्लेस बने रहने के बजाय एक व्यापक ब्यूटी और वेलनेस इकोसिस्टम तैयार करना है।

नतीजों से पहले मंगलवार को Nykaa का शेयर NSE पर 0.70% की गिरावट के साथ ₹342.50 पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

दिल्ली के इस इलाके में फूड डिलीवरी और ई कॉमर्स सर्विस बंद? जानें दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी में क्या

दिल्ली पुलिस ने राजधानी के दिल्ली के कुछ हिस्सों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों को देखते हुए नई दिल्ली जिला, जंतर-मंतर, संसद, सेंट्रल विस्टा और कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में बिना जरूरत यात्रा करने से बचें। पुलिस ने ऑनलाइन ऐप आधारित टैक्सी और अन्य सेवाएं देने वाली कंपनियों से भी इन क्षेत्रों में अपने संचालन को जरूरत के अनुसार नियंत्रित रखने को कहा है।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि यह एडवाइजरी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और इलाके में बढ़ती भीड़ को देखते हुए जारी की गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा की योजना बना लें और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

सेंट्रल दिल्ली में लागू पाबंदियां, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

दिल्ली पुलिस ने बताया कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के मद्देनजर सेंट्रल दिल्ली के तय इलाकों में प्रतिबंध लागू किए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि बहुत जरूरी काम न होने पर इन क्षेत्रों में जाने से बचें और जहां संभव हो, वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस, दमकल विभाग और अधिकृत सरकारी वाहनों जैसी सभी आपातकालीन सेवाएं पहले की तरह बिना किसी रोक-टोक के चलती रहेंगी।

इसके साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी व आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की गई है। वाहन चालकों से धैर्य रखने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का सहयोग करने को कहा गया है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

ऐप आधारित सेवाओं के लिए भी पुलिस की सलाह

दिल्ली पुलिस ने ऐप आधारित सेवाएं देने वाली कंपनियों, जैसे ऑनलाइन टैक्सी, फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों से भी प्रतिबंधित इलाकों में अपने कामकाज को नियंत्रित करने को कहा है। पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक, कंपनियां जरूरत पड़ने पर जियो-फेंसिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर सकती हैं या जहां संभव हो, वहां कुछ समय के लिए अपनी सेवाएं बंद रख सकती हैं। इसका उद्देश्य संवेदनशील इलाकों में लोगों की आवाजाही कम करना और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि इन कदमों का मकसद ड्राइवरों, डिलीवरी पार्टनर्स और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही इससे प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने में भी मदद मिलेगी। किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए लोग दिल्ली पुलिस हेल्पलाइन 112 या अन्य आधिकारिक माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं।

कस्टमर ने ऑर्डर किया iPhone तो उसकी जगह भेज दिया Beard Oil, अब Flipkart और सेलर को देना होगा इतना जुर्माना

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart और उसपर मौजूद सेलर से जुड़े एक केस में उपभोक्ता अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। आईफोन का ऑर्डर देने वाले एक ग्राहक को फोन की जगह बियर्ड ग्रोथ ऑयल डिलिवर करने के मामले में अदालत ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और सेलर को ग्राहक को 1.11 लाख रुपये से अधिक की रकम लौटाने के साथ-साथ 70000 हजार रुपये का मुआवजा और मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, अतिरिक्त डीसीएफ, मुंबई ने इस महीने की शुरुआत में दिए अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि बिना किसी प्रभावी राहत के ग्राहक की शिकायतों को बार-बार बंद करना अनुचित व्यापार व्यवहार है।

क्या है पूरा मामला?

मुंबई के पवई इलाके के रहने वाले शिकायतकर्ता ने 22 अप्रैल 2023 को फ्लिपकार्ट के जरिए नो-कॉस्ट ईएमआई स्कीम पर 111793 रुपये में Apple iPhone 14 Pro (128 GB) खरीदा था। अलग से ऑर्डर किया गया चार्जर और कवर तो बायर को डिलीवर हो गया लेकिन अगले दिन डिलीवर हुए मुख्य पैकेज में महंगे स्मार्टफोन की जगह बियर्ड ग्रोथ ऑयल (दाढ़ी बढ़ाने वाला तेल) और पैकिंग सामग्री निकली। शिकायतकर्ता ने अप्रैल से मई 2023 के बीच फ्लिपकार्ट के कस्टमर सपोर्ट से बार-बार संपर्क किया और सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए लेकिन कंपनी इस मुद्दे को सुलझाने में नाकाम रही। इसके बजाय कोई रिफंड या रिप्लेसमेंट दिए बिना शिकायत को बार-बार रिजॉल्व्ड मार्क करके बंद कर दिया गया।

उपभोक्ता आयोग ने क्या सुनाया फैसला?

उपभोक्ता आयोग ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आवश्यक भुगतान करके ऑर्डर दिया गया था। इसलिए फ्लिपकार्ट की यह जिम्मेदारी थी कि वह यह सुनिश्चित करे कि उपभोक्ता को वही उत्पाद मिले जो उसने ऑर्डर किया है और उपभोक्ता की शिकायतों के निवारण के लिए एक प्रभावी तंत्र प्रदान करे। फोरम ने कहा कि एक ई-कॉमर्स संस्था बिक्री को सुगम बनाने के बाद खुद को सौदे से अलग नहीं कर सकती, विशेष रूप से तब जब उपभोक्ता तुरंत रिपोर्ट करता है कि पूरी तरह से अलग उत्पाद डिलीवर किया गया है।

शिकायत की जांच करने, गलत तरीके से डिलीवर किए गए पार्सल को वापस लेने, रिप्लेसमेंट या रिफंड देने में विफलता और राहत दिए बिना शिकायत को बार-बार बंद करना स्पष्ट रूप से सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार है। कोर्ट ने पाया कि सेलर इंटरनेशनल वैल्यू रिटेल प्राइवेट लिमिटेड भी बार-बार अनुरोध के बावजूद उत्पाद डिलीवर करने और शिकायत को ठीक करने में विफल रहा। इसलिए प्लेटफॉर्म और सेलर दोनों संयुक्त और अलग-अलग रूप से ग्राहक को हुए नुकसान और असुविधा के लिए जिम्मेदार हैं।

कितना देना होगा मुआवजा?

उपभोक्ता फोरम ने फ्लिपकार्ट और सेलर को 45 दिनों के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया है। मूल राशि 111793 रुपये का रिफंड जिस पर 22 अप्रैल 2023 से वास्तविक भुगतान तक 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज देना होगा। मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के मुआवजे के रूप में ₹50000, अदालती कार्यवाही के खर्च के रूप में ₹20,000 शिकायतकर्ता को रिफंड करने पड़ेंगे।

Apple India को मिली राहत

मामले में एक पक्ष ऐपल इंडिया ने भी लिखित बयान दाखिल कर तर्क दिया था कि शिकायत कानून या तथ्यों के आधार पर पोषणीय नहीं है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। ऐपल इंडिया ने कहा कि वह स्वतंत्र डीलरों और रीसेलर्स के माध्यम से ऐपल ब्रांडेड उत्पादों को बेचने के व्यवसाय में लगी हुई है और ग्राहकों के प्रति ऐसे स्वतंत्र विक्रेताओं के दायित्वों पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है। आयोग ने उनके तर्क को स्वीकार करते हुए ऐपल इंडिया के खिलाफ शिकायत को खारिज कर दिया। आयोग ने नोट किया कि विवाद केवल एक गलत उत्पाद की डिलीवरी से संबंधित था और निर्माता को पैकेजिंग, डिस्पैच या सेवा में कथित कमी से जोड़ने वाला कोई सबूत नहीं था।

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Meesho Q1 Results: मीशो का घाटा 54% घटा, रेवेन्यू 48% उछला; शेयरों पर रहेगी नजर

Meesho Q1 Results: ई-कॉमर्स कंपनी मीशो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस दौरान कंपनी का घाटा पिछले साल के मुकाबले काफी कम हुआ है, जबकि रेवेन्यू में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

घाटा आधे से भी कम हुआ

जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस 54.1% घटकर ₹132.8 करोड़ रह गया। एक साल पहले की समान तिमाही में यह ₹289.4 करोड़ था।

वहीं, ऑपरेशन से रेवेन्यू 48% बढ़कर ₹3,712.8 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,503.9 करोड़ था।

EBITDA और कारोबार में सुधार

तिमाही के दौरान मीशो का EBITDA लॉस ₹224.7 करोड़ रहा। पिछले साल यह ₹264.4 करोड़ था। यानी इस मोर्चे पर भी सुधार देखने को मिला।

कंपनी का नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) 34% बढ़कर ₹11,614 करोड़ हो गया। यह प्लेटफॉर्म पर बढ़ते ग्राहकों और ज्यादा खरीदारी का संकेत है।

ऑर्डर और ग्राहकों की संख्या बढ़ी

अप्रैल-जून तिमाही में मीशो पर 72.5 करोड़ ऑर्डर दिए गए। यह पिछले साल के मुकाबले 29% ज्यादा है।

कंपनी के एनुअल ट्रांजैक्टिंग यूजर्स (ATUs) की संख्या भी 29% बढ़कर 27.4 करोड़ हो गई। वहीं, हर ग्राहक ने सालाना औसतन 10.3 ऑर्डर किए। प्रीपेड ऑर्डर की हिस्सेदारी बढ़कर 37% हो गई। इससे ऑर्डर कैंसिलेशन और रिटर्न-टू-ओरिजिन (RTO) में कमी आई।

AI पर लगातार बढ़ा रही निवेश

मीशो ने कहा कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी के मुताबिक, AI की मदद से इंजीनियरों की उत्पादकता दोगुने से ज्यादा बढ़ी है।

AI आधारित कैटलॉगिंग, डिमांड इंटेलिजेंस और मल्टीलिंगुअल वॉयस एजेंट्स की मदद से प्लेटफॉर्म पर सक्रिय सेलर्स की संख्या 81% बढ़कर 10.4 लाख से ज्यादा हो गई। इनमें से करीब 45% सेलर्स टियर-2 और उससे छोटे शहरों से हैं।

Meesho Mall में तेज ग्रोथ

मीशो का Meesho Mall अब 1,200 से ज्यादा ब्रांड्स के साथ काम कर रहा है। इस कारोबार में सालाना आधार पर करीब 93% की ग्रोथ दर्ज की गई।

वहीं, Content Commerce NMV में 141% की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का कहना है कि AI से जुड़े क्रिएटर टूल्स की वजह से कंटेंट के जरिए आने वाले ऑर्डर तेजी से बढ़े हैं।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

मीशो के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर धीरज बंसल ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे कंपनी के मजबूत ऑपरेटिंग मॉडल को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, AI अब कंपनी के हर हिस्से का अहम हिस्सा बन चुका है। इसी तिमाही में मीशो ने करीब 72.5 करोड़ ऑर्डर प्रोसेस किए, यानी औसतन हर सेकेंड 90 से ज्यादा ऑर्डर प्लेटफॉर्म पर आए।

मीशो के शेयरों का हाल

मीशो का शेयर गुरुवार को 0.71% की गिरावट के साथ ₹188.40 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 10.82% चढ़ा है। इसका मार्केट कैप 87.06 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।