Apple Layoffs: iPhone मेकर ने फिर की छंटनी, 200 लोगों की नौकरी पर खतरा; इस बार कौन सी टीम्स प्रभावित

आईफोन मेकर एपल इंक अपने सिरी डिजिटल असिस्टेंट और विजन प्रो हेडसेट से जुड़ी टीमों में नौकरियां कम कर रही है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कहा गया है कि Apple अपनी ‘इंटेलिजेंट सिस्टम्स एक्सपीरियंस’ टीम के कर्मचारियों की भी छंटनी कर रही है। यह टीम सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग विभाग का हिस्सा है और डिवाइसेज के कुछ AI फीचर्स की जिम्मेदारी इस पर है।

बदलावों के तहत, कंपनी Vision Pro के लिए गेमिंग पर फोकस्ड टीम को काफी हद तक शट डाउन कर रही है और डिवाइस के लिए इमर्सिव वीडियो कंटेंट बनाने वाली यूनिट का साइज भी घटा रही है। कुल मिलाकर, इस जॉब कट से 200 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। Vision Pro विभाग से लगभग 100 पद खत्म किए गए हैं। Siri व सॉफ्टवेयर टीमों से भी 100 पद हटाए गए हैं।

लॉन्च के समय से ही इमर्सिव वीडियो Vision Pro की बिक्री का एक मुख्य आकर्षण रहा है। लेकिन हर 3D वीडियो बनाने के लिए Apple कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्टर्स की कई टीमों की जरूरत होती है। इमर्सिव वीडियो सीरीज के एक एपिसोड को शूट करने में कई मिलियन डॉलर का खर्च आ सकता है। Vision Pro के एक्टिव यूजर्स की कम संख्या को देखते हुए, इन खर्चों ने बिजनेस पर दबाव डाला है।

किस टीम में किस तरह की रीस्ट्रक्चरिंग

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, Siri में बदलाव, इस असिस्टेंट के आने वाले AI-इनफ्यूज्ड वर्जन से जुड़े हैं। इस बदलाव के लिए जरूरी विशेषज्ञता में बदलाव की जरूरत है, जिसके कारण कंपनी को कुछ मौजूदा भूमिकाओं को खत्म करना पड़ा। साथ ही रिसोर्सेज को को फिर से एलोकेट करना पड़ा और अपडेटेड Siri को सपोर्ट करने वाली नई भूमिकाएं क्रिएट करनी पड़ीं।

‘इंटेलिजेंट सिस्टम्स एक्सपीरियंस’ टीम में बदलाव AI-संचालित क्षमताओं पर काम को फिर से व्यवस्थित करने के प्रयास को दर्शाते हैं। जैसे-जैसे और अधिक ग्रुप्स की ओर से ऐप्स, फीचर्स और सर्विसेज में AI फंक्शन लाए जा रहे हैं, Apple प्राथमिकताओं के अनुरूप टीमों को फिर से व्यवस्थित कर रही है। इस रीस्ट्रक्चरिंग से कुछ मौजूदा पद खत्म होंगे और नई भूमिकाएं क्रिएट होंगी।

Vision Pro में बदलावों के बारे में कर्मचारियों को बताया गया है कि यह ग्राहकों द्वारा डिवाइस के इस्तेमाल के तरीके के आधार पर प्राथमिकताओं को फिर से व्यवस्थित करने और भविष्य के अन्य उत्पादों की ओर रिसोर्सेज को बेहतर ढंग से निर्देशित करने का प्रयास है।

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Vision Pro और visionOS ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं हो रहा बंद

Apple इमर्सिव वीडियो को पूरी तरह से बंद नहीं कर रही है। कंपनी की योजना है कि वह खुद कम संख्या में वीडियो बनाएगी। साथ ही थर्ड-पार्टी कंपनियों को इस डिवाइस के लिए कंटेंट बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। कंपनी ने कर्मचारियों से कहा है कि Vision Pro और इसका visionOS ऑपरेटिंग सिस्टम बंद नहीं होने वाला है। ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 2028 के आखिर तक एक नया Vision Pro मॉडल लॉन्च करने पर भी विचार कर रही है।

एक बयान में एपल ने माना कि वह कुछ टीमों को फिर से व्यवस्थित कर रही है ताकि अपने यूजर्स को बेहतरीन अनुभव देने के लिए बिजनेस को आगे बढ़ा सके। कंपनी के मुताबिक, “हालांकि इस बदलाव के तहत हम नए जॉब रोल क्रिएट करेंगे, लेकिन इसका असर कुछ मौजूदा रोल्स पर भी पड़ेगा। हम इन टीम मेंबर्स के योगदान के लिए आभारी हैं और इस बदलाव के दौरान उनकी मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसमें Apple में अन्य भूमिकाओं के लिए आवेदन करने के अवसर भी शामिल हैं।”

iPhone नहीं दिलाया तो पहाड़ पर चढ़ा बेटा, बचाने में गई माता-पिता की भी जान; रोंगटे खड़े कर देगी यह घटना

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महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आईफोन खरीदने की जिद पर अड़े 18 वर्षीय युवक और उसे बचाने की कोशिश में उसके माता-पिता की पहाड़ी से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। दिल दहला देने वाली इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। ALSO READ: भावनगर में जहरीली शराब से 8 की मौत, 14 आरोपी गिरफ्तार

 

आईफोन की किस्त को लेकर अपने पिता से विवाद कर एक 18 साल का लड़का कुणाल गुस्से में पहाड़ी पर चढ़ गया। उसे नीचे उतारने के लिए उसके माता पिता ने काफी मिन्नतें की लेकिन वह नहीं माना। उसे बचाने के चक्कर में माता-पिता भी पहाड़ी से नीचे गिर गए और तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना का वीडियो फिलहाल हर जगह वायरल हो रहा है।

 

दरअसल, 19 साल का एक युवक iPhone खरीदवाने की जिद पर अड़ गया। पिता ने इतना महंगा स्‍मार्टफोन दिलाने से साफ इनकार कर दिया। इस पर उसकी पिता से जमकर बहस हुई और नाराज होकर वह खुद को ही मिटाने पर आमाद हो गया और वह खवल्या पहाड़ के सबसे ऊंचे और खतरनाक शिखर पर चढ़ गया। ALSO READ: प्यार का झांसा देकर चलती बाइक पर पिलाया जहर, डेढ़ घंटे तड़पते पति को देखती रही महिला, जयपुर मर्डर केस में बड़ा खुलासा

 

सूचना मिलते ही छत्रपती संभाजीनगर पुलिस, दमकल विभाग और उस युवक के परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। लगभग तीन घंटे तक परिजनों और बचाव दल ने उस युवक को समझाने की कोशिश की, तभी अचानक युवक का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे गिरने लगा। पिता अपने बेटे को बचाने की कोशिश की। लेकिन बाप-बेटा पहाड़ी से नीचे जा गिरे। वहीं खड़ी मां ने जब ये सब देखा तो उन्‍होंने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी। इस हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

 

घटना के तुरंत बाद, छत्रपती संभाजीनगर पुलिस और दमकल विभाग के जवानों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से खदान में उतरकर बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद, तीनों के शव बाहर निकालकर अस्पताल भेज दिए गए। ALSO READ: सांप के डसने से कोमा में जा रहा था एंबुलेंस ड्राइवर, दोस्तों ने 2 घंटे में मारीं 400 थपकियां; 30 इंजेक्शन भी बेअसर
 

मां ने भी फेंका मंगलसूत्र

मीडिया खबरों के अनुसार, कुणाल जब पहाड़ी पर चढ़ गया था तो पिता के साथ मां संगीता भी उसे समझाने के लिए वहां पहुंची थीं। कुणाल की मां बार-बार उसको बचाने और समझाने की कोशिश कर रही थीं। मां ने बेटे के सामने ही अपना मंगलसूत्र निकाल कर फेंक दिया और कहा था कि तुम्हारा झगड़ा पिता के साथ है। मैं भी उनके साथ नहीं रहूंगी, बस तुम यह सब मत करो। हम दोनों अलग रहेंगे। मगर बेटे ने उनकी भी नहीं सुनी।

अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान, कहा-भारत को उत्पादन का हब बना सकती हैं एपल और गूगल

सरकार को उम्मीद है कि एपल और गूगल जैसी दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियां भारत को अपना बड़ा प्रोडक्शन हब बना सकती हैं। एपल आईफोन के अलावा दूसरे प्रोडक्ट्स भी भारत में बनाना शुरू कर सकती है। गूगल एक्सपोर्ट्स के लिए भारत में उन प्रोडक्ट्स का उत्पादन शुरू कर सकती है, जिनका भी वह चीन में उत्पादन कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने यह उम्मीद जताई है। 21 अगस्त को मनीकंट्रोल के एक सवाल के जवाब में उन्होंने ये बातें कहीं।

एपल भारत में आईफोन के अलावा दूसरे प्रोडक्ट्स भी बनाएगी

गूगल के अपनी मैन्युफैक्चरिंग चीन से हटाने की खबरों पर वैष्णव ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि गूगल उन प्रोडक्ट्स के एक बड़े हिस्से का उत्पादन भारत में कर सकती है, जिनका वह एक्सपोर्ट करती है। उन्होंने कहा कि सरकार भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए एपल से भी बात कर रही है। उम्मीद है कि वह भारत में आईफोन के अलावा दूसरे प्रोडक्ट्स का भी उत्पादन करेगी।

गूगल ने भारत में पिक्सल स्मार्टफोन के उत्पादन के प्लान के बारे में बताया था

एपल और गूगल भारत में अपने हार्डवेयर के उत्पादन का विस्तार करना चाहती हैं। गूगल ने अक्तूबर 2023 में कहा था कि वह इंडिया में पिक्सल स्मार्टफोन की मैन्युफैक्चरिंग करेगी। उसका प्लान पिक्सल 8 से इसकी शुरुआत करने का था। इसके लिए वह पार्टनरशिप के लिए भारतीय और विदेशी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों से बातचीत कर रही थी।

डिक्सन टेक्नोलॉजीज गूगल पिक्सल की एसेंबलिंग करती है

Dixon Technologies उन कंपनियों में शामिल है, जो भारत में Google Pixel स्मार्टफोन की एसेंबलिंग करती हैं। गूगल ने 2025 में भारत में पिक्सल रेंज के स्मार्टफोन का उत्पादन बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी थी। उसका प्लान एक्सपोर्ट्स के लिए इंडिया में अपने स्मार्टफोन का उत्पादन करने का था।

गूगल चीन की जगह भारत में बनाएगी फोन, वॉचेज और इयरबड्स

इस हफ्ते आईं खबरों में बताया गया कि गूगल 2027 से चीन में पिक्सल फोन, वॉचेज और वायरलेस इयरबड्स का उत्पादन बंद करना चाहती है। उसका प्लान चीन की जगह इंडिया और वियतनाम में इन उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग करने का है। गूगल ने सार्वजनिक रूप से इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की है।

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एपल भारत में 2017 से ही आईफोन की एसेंबलिंग कर रही है

एपल पहले से इंडिया में काफी ज्यादा उत्पादन कर रही है। उसने 2017 में भारत में अपने आईफोन की एसेंबलिंग शुरू कर दी थी। तब से उन्हें Foxconn और टाटा ग्रुप सहित कई सप्लायर्स के जरिए इंडिया में अपना प्रोडक्शन बेस बढ़ाया है। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के अनुमान के मुताबिक, 2026 में एपल के आईफोन के कुल उत्पादन में इंडिया की हिस्सेदारी करीब 26 फीसदी रह सकती है। एपल ने अपने आईफोन के लिए इंडिया को एक एक्सपोर्ट बेस बनाया है।

7000mAh बैटरी, 50MP Sony कैमरा और 120Hz डिस्प्ले… Motorola ने लॉन्च किया धांसू फोन

Moto G Max: अगर आप एक ऐसा स्मार्टफोन लेना चाहते हैं, जो कम बजट में बेहतरीन फीचर्स दे तो यह खबर आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। दरअसल, Motorola ने भारत में अपना नया Moto G Max स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। इसमें आपको 7000mAh की बड़ी बैटरी, 50MP का Sony LYTIA कैमरा, 120Hz डिस्प्ले, Snapdragon प्रोसेसर और Android 16 जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा, इस नए फोन को तीन कलर ऑप्शन में भी खरीद सकेंगे- Pantone Stargazer, Pantone Alaskan Blue और Pantone Malaga।

Moto G Max की भारत में कीमत, कलर और उपलब्धता

भारत में Moto G Max की कीमत 27,999 रुपये रखी गई है। यह कीमत फोन के 6GB RAM और 128GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की है। हालांकि, खरीदारों को 1,000 रुपये का इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट भी मिल सकता है, जिसके बाद फोन की प्रभावी कीमत 26,999 रुपये रह जाएगी।

बता दें कि यह फोन 20 अगस्त से Flipkart, Motorola की वेबसाइट और प्रमुख रिटेल स्टोर पर उपलब्ध होगा।

Moto G Max के स्पेसिफिकेशन्स

इस स्मार्टफोन में 6.72-इंच का Full HD+ LCD डिस्प्ले है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट, 1050 निट्स तक की ब्राइटनेस, डिस्प्ले कलर बूस्ट और वॉटर टच टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करता है। डिवाइस में IP64 वॉटर रेजिस्टेंस और Corning Gorilla Glass 7i भी दिया गया है।

इसके अलावा, यह फोन Qualcomm Snapdragon 6s Gen 4 चिपसेट पर चलता है, जिसमें 6GB LPDDR5X RAM और 128GB UFS 3.1 स्टोरेज दी गई है। Motorola के RAM बूस्ट फीचर से RAM को वर्चुअली 18GB तक बढ़ाया जा सकता है।

इस फोन के अन्य फीचर्स में Dolby Atmos के साथ स्टीरियो स्पीकर, 3.5mm हेडफोन जैक, डुअल सिम सपोर्ट, साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर और 5G कनेक्टिविटी दी गई है।

फोटोग्राफी के लिए, इस Moto G Max में 50MP का Sony LYTIA 600 प्राइमरी कैमरा और 8MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है। इसमें सेल्फी के लिए 32MP का फ्रट कैमरा भी है।

वहीं, कैमरा फीचर्स की बात करें तो इसमें नाइट विजन, पोर्ट्रेट मोड, प्रो मोड, अल्ट्रा-रेस, ऑटो स्माइल कैप्चर और Google Lens इंटीग्रेशन शामिल हैं। यह फोन Google Photos के जरिए AI-पावर्ड एडिटिंग टूल्स को भी सपोर्ट करता है, जिनमें Magic Eraser, Photo Unblur और Reimagine शामिल हैं।

इस स्मार्टफोन में 7000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जिसके बारे में Motorola का दावा है कि यह 63 घंटे तक की बैटरी लाइफ दे सकती है। इसके अलावा, यह फोन Android 16 पर चलता है और इसमें दो Android OS अपग्रेड और तीन साल के सिक्योरिटी अपडेट मिलते हैं।

Motorola India के मैनेजिंग डायरेक्टर T.M. नरसिम्हन ने एक बयान में कहा, “नए Moto G Max के साथ, हमने प्रीमियम डिजाइन और शानदार साटन फिनिश को बेहतरीन फोटोग्राफी, जबरदस्त बैटरी लाइफ, स्मूद परफॉर्मेंस और मजबूती के साथ जोड़ा है। इससे एक ऐसा स्मार्टफोन बना है जो आज की तेजी से बदलती लाइफस्टाइल के हिसाब से बनाया गया है।”

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iPhone 17 Pro Max Offer: प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए एक शानदार मौका है। एप्पल का फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 17 Pro Max (Cosmic Orange, 256 GB) ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट पर बैंक डिस्काउंट और एक्सचेंज ऑफर्स के साथ बेहद कम कीमत पर उपलब्ध है। तमाम ऑफर्स को मिलाकर इस फोन की इफेक्टिव प्राइज 1 लाख रुपये से भी नीचे आ जा रही है।

आइए जानते हैं फ्लिपकार्ट पर मिल रही इस डील की पूरी डिटेल, बैंक डिस्काउंट और एक्सचेंज ऑफर का गणित।

Flipkart पर iPhone 17 Pro Max की कीमत और डिस्काउंट

फ्लिपकार्ट पर iPhone 17 Pro Max के 256 GB स्टोरेज वेरिएंट की मूल लिस्टेड कीमत 149900 रुपये है। फ्लिपकार्ट पर यह फोन 5% के डिस्काउंट के साथ 141900 रुपये की सेलिंग प्राइस पर लिस्टेड है। फ्लिपकार्ट ग्राहकों के लिए 8000 रुपये का एक्स्ट्रा डिस्काउंट भी दिखा रहा है। फ्लिपकार्ट के प्रोडक्ट पेज पर सभी एलिजिबल ऑफर्स लगाने के बाद फोन की सबसे कम इफेक्टिव प्राइज 98300 रुपये हाइलाइट की जा रही है।

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एक्सचेंज ऑफर और बैंक डिस्काउंट से ऐसे मिलेगी बड़ी बचत

फोन की कीमत को 1 लाख रुपये के नीचे लाने में एक्सचेंज ऑफर और बैंक डिस्काउंट की सबसे बड़ी भूमिका है। फ्लिपकार्ट पर दिखाई गई डील के मुताबिक अगर आप अपने पुराने Apple iPhone 16 को एक्सचेंज करते हैं तो आपको 35600 रुपये तक का एक्सचेंज वैल्यू मिल सकता है। ध्यान रहे कि पुराना फोन बदलने पर मिलने वाली फाइनल एक्सचेंज वैल्यू फोन की कंडिशन और एलिजिबिलिटी पर डिपेंड करती है।

इसके अलावा ग्राहकों को Flipkart Axis Bank Credit Card के जरिए भुगतान करने पर 8000 रुपये का सीधा डिस्काउंट दिया जा रहा है। एक्सचेंज बोनस और बैंक डिस्काउंट को 141900 रुपये की बिक्री कीमत के साथ मिलाने पर ग्राहक के लिए ये कीमत 98300 रुपये बैठती है।

iPhone 17 Pro Max के मुख्य फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस

बेहतरीन ऑफर्स के साथ आने वाले इस प्रीमियम स्मार्टफोन में कई दमदार फीचर्स दिए गए हैं। इस फोन में 6.9-इंच का बड़ा OLED डिस्प्ले दिया गया है। यह डिवाइस 6-कोर प्रोसेसर वाली पावरफुल A19 चिप से लैस है। फ्लिपकार्ट पर लिस्टेड यह मॉडल 256 GB इनबिल्ट स्टोरेज के साथ आता है। इसमें रियर में ट्रिपल कैमरा सेटअप मौजूद है, जिसमें 48MP + 48MP + 48MP के तीन सेंसर्स दिए गए हैं।

वहीं सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए सामने 18MP का कैमरा मिलता है। फोन को पावर देने के लिए इसमें 4823mAh की बैटरी दी गई है। इसके साथ ही एप्पल की 1 साल की लिमिटेड वारंटी भी मिलती है। अगर आप iPhone 17 Pro Max खरीदने की योजना बना रहे हैं तो एक्सचेंज और बैंक डिस्काउंट का यह कॉम्बिनेशन इसे स्टैंडर्ड 1.41 लाख रुपये की लिस्टेड कीमत की तुलना में काफी सस्ता बना देता है।

पहली एंट्री सफलता की गारंटी नहीं; Google, Netflix और Facebook आए लेट लेकिन बदल दी कहानी

मार्केट में पहली एंट्री का शुरुआती फायदा मिल सकता है लेकिन बिजनेस हिस्ट्री के हिसाब से यह इस बात की गारंटी नहीं देता है कि सबसे पुराना ही मार्केट में लंबे समय तक राज करेगा। स्मार्टफोन और इंटरनेट सर्च से लेकर सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट तक कई कंपनियों ने बाद में इंडस्ट्री में एंट्री की और लीडर बन गए। उन्होंने तेजी से अपने को बढ़ाया और ग्राहकों की जरूरतों को अधिक प्रभावी तरीके से अपनाया। इंडस्ट्री में पहली बार जिस कंपनी की एंट्री हुई, वे नए बाजार बनाते है या मौजूदा मार्केट को बदलते हैं लेकिन कई मामलों में ऐसा हुआ कि बाद में आने वाली कंपनियों ने शानदार प्रोडक्ट, मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन और बेहतर इकोसिस्टम बनाकर मार्केट लीडर बन जाते हैं। यहां ऐसे ही पांच उदाहरण दिए जा रहे हैं, जहां बाद में आने वाली कंपनियों ने शुरुआती मार्केट लीडर को पछाड़ दिया

Android vs Apple’s iOS

जून 2007 में जब एपल (Apple) ने आईफोन (iPhone) लॉन्च किया, तो उसने स्मार्टफोन इंडस्ट्री की तस्वीर ही बदल दी। इसने मॉडर्न टचस्क्रीन डिवाइस और ऐप-बेस्ड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए एक नया स्टैंडर्ड सेट किया। इसके 18 महीने से भी कम समय बाद अक्टूबर 2008 में गूगल ने एंड्रॉयड को एक ओपन-सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम के तौर पर लॉन्च किया। एपल के इंटीग्रेटेड हार्डवेयर अप्रोच के विपरीत इसने सैमसंग (Samsung), एचटीसी (HTC) और मोटोरोला (Motorola) जैसी कई हैंडसेट बनाने वाली कंपनियों के साथ साझेदारी की। इससे एंड्रायड को अलग-अलग प्राइस रेंज और इलाकों में तेजी से फैलने में मदद मिली। साल 2010 के आखिर तक यह दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम बन चुका था और आगे भी बना रहा। आज भी लगभग 70% मार्केट शेयर के साथ यह दुनिया भर में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम बना हुआ है।

Facebook vs Yahoo

मायस्पेस (MySpace) अगस्त 2003 में आया और जल्द ही सबसे बड़ा सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म बन गया। इसके लाखों यूजर्स बने और इसने अरबों डॉलर की वैल्यूएशन हासिल की। फिर फरवरी 2024 में फेसबुक ने मार्केट में एंट्री की। शुरुआत में तो यह सिर्फ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स के लिए था और सितंबर 2006 में इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया। साफ-सुथरे इंटरफेस, मजबूत आइडेंटिटी वेरिफिकेशन, अधिक दिलचस्प न्यूज फीड और कम स्पैम के जरिए इसने खुद को दूसरों से अलग बनाया। आम लोगों के लिए खुलने के लगभग 20 महीने बाद अप्रैल 2008 में फेसबुक ने ग्लोबल मंथली विजिटर्स के मामले में मायस्पेस को पीछे छोड़ दिया और 2009 तक इसने यूएस ट्रैफिक में भी पछाड़ दिया। यह सोशल मीडिया की दुनिया में एक बड़ा बदलाव था।

Google vs Yahoo

गूगल से पहले इंटरनेट सर्च और वेब डायरेक्टरी पर 1994 में लॉन्च हुई याहू (Yahoo), 1994 में लॉन्च हुई लाइकोस (Lycos) और 1995 में लॉन्च हुई अल्टाविस्टा (AltaVista) जैसी कंपनियों का दबदबा था। फिर गूगल ने साल 1998 में पेज-रैंक (PageRank) के साथ मार्केट में एंट्री की। यह एक ऐसा सर्च एल्गोरिदम था जो सिर्फ वेबसाइटों की लिस्ट बनाने की बजाय, उनकी महत्ता यानी रेलेवेंस के आधार पर पेजों को रैंक करता था। इसने एक तेज़ और साफ-सुथरा होमपेज भी पेश किया, जो पोर्टल-स्टाइल वाले कॉम्पिटिटर्स से बिल्कुल अलग था। यही सादगी लोगों को भा गया। साल 2000 तक गूगल याहू का सर्च प्रोवाइडर बन गया और तेजी से एक प्रमुख सर्च इंजन के तौर पर उभरा। आगे चलकर ऑनलाइन सर्च का पर्यायवाची बन गया।

Netflix vs Blockbuster

ब्लॉकबस्टर ने 80 के दशक के आखिरी से हजारों फिजिकल स्टोर के जरिए दुनिया के सबसे बड़े वीडियो रेंटल बिजनेस में से एक खड़ा किया। साल 1997 में नेटफ्लिक्स ने ‘मेल के जरिए डीवीडी’ सब्सक्रिप्शन मॉडल के साथ डीवीडी रेंटल मार्केट में एंट्री की। इसमें लेट फीस हटा दी गई और फिर साल 2007 में इसने सब्सक्रिप्शन-बेस्ड वीडियो स्ट्रीमिंग में कदम रखा। एक तरफ ब्लॉकबस्टर कर्ज और स्टोर पर ग्राहकों की घटती संख्या से जूझ रहा था, वहीं नेटफ्लिक्स नए डिलीवरी मॉडल और डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन में निवेश करती रही। ब्लॉकबस्टर ने साल 2010 में दिवालिया होने के लिए अर्जी दी, तो नेटफ्लिक्स दुनिया के सबसे बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म में से एक बन गया।

Nintendo vs Atari

मैग्नावॉक्स (Magnavox) ने 1972 में पहला होम वीडियो गेम कंसोल पेश किया था, लेकिन अटारी ने 1970 के दशक के आखिरी में अटारी 2600 के साथ इस कैटेगरी को मशहूर कर दिया। हालांकि सॉफ्टवेयर की गिरती क्वालिटी और मार्केट में जरूरत से अधिक सप्लाई की वजह से साल 1983 में वीडियो गेम इंडस्ट्री क्रैश हो गई। इसके बाद निनटेंडो ने अक्टूबर 1985 में निनटेंडो एंटरटेनमेंट सिस्टम के साथ नॉर्थ अमेरिकन मार्केट में एंट्री की। इसने गेम डेवलपर्स के लिए सख्त क्वालिटी स्टैंडर्ड्स पर ध्यान दिया और एक्सक्लूसिव फ्रेंचाइजी में भारी निवेश किया, जिससे इसका इकोसिस्टम मजबूत हुआ। साल 1988 तक नॉर्थ अमेरिकन कंसोल मार्केट के अधिकतर हिस्से पर निनटेंडो का कब्जा हो गया, जिससे इंडस्ट्री को फिर से खड़ा करने में मदद मिली और साथ ही अटारी का हार्डवेयर बिजनेस कमजोर पड़ गया।

Flipkart Freedom Sale: iPhone 17 Pro पर 13,000 तक की छूट, जानिए किस मॉडल पर कितना ऑफर

फ्लिपकार्ट ने अपनी फ्रीडम सेल 2026 शुरू होने से पहले कई बड़े ऑफर्स की जानकारी दे दी है। इस बार कंपनी ने सिर्फ बड़े-बड़े दावे करने के बजाय कई प्रोडक्ट्स की असली सेल कीमत भी बता दी है। खासकर एप्पल के प्रोडक्ट्स पर मिलने वाली छूट अब साफ हो गई है। फ्रीडम सेल सभी ग्राहकों के लिए 8 अगस्त से शुरू होगी। वहीं, फ्लिपकार्ट प्लस, फ्लिपकार्ट ब्लैक मेंबर और फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड रखने वाले ग्राहक 7 अगस्त से ही सेल का फायदा उठा सकेंगे।

iPhone 17 Pro पर मिलेगा शानदार ऑफर

इस सेल में iPhone 17 Pro पर भी अच्छी छूट मिलेगी। इसकी लॉन्च कीमत 1,34,900 रुपये थी, लेकिन सेल के दौरान यह 1,26,900 रुपये में मिलेगा। यह सीधी छूट है और इसके लिए किसी बैंक कार्ड की जरूरत नहीं होगी। यानी ग्राहकों को सीधे 8,000 रुपये की बचत होगी। अगर ग्राहक एसबीआई बैंक या फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते हैं, तो उन्हें 5,000 रुपये की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी। इस तरह सभी ऑफर्स के बाद iPhone 17 Pro की प्रभावी कीमत 1,21,900 रुपये रह जाएगी, जो इसकी लॉन्च कीमत से 13,000 रुपये कम है।

iPhone 17 Pro Max पर भी फ्लिपकार्ट फ्रीडम सेल में अच्छी छूट मिलेगी। इस फोन की कीमत सेल के दौरान 1,41,900 रुपये होगी। वहीं, एसबीआई बैंक और फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक के पात्र क्रेडिट कार्ड धारक इसे 1,32,900 रुपये की प्रभावी कीमत पर खरीद सकेंगे। सीधी छूट के अलावा, फ्लिपकार्ट कुछ चुनिंदा बैंक कार्ड पर अतिरिक्त कैशबैक और नो-कॉस्ट ईएमआई का भी फायदा देगा। हालांकि, इन ऑफर्स के साथ कुछ नियम और शर्तें लागू होंगी। इसलिए खरीदारी करने से पहले ऑफर की सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ लेना बेहतर रहेगा।

सिर्फ iPhone ही नहीं, एंड्रॉयड फोन पर भी मिलेंगे शानदार ऑफर्स

फ्लिपकार्ट ने सिर्फ आईफोन ही नहीं, बल्कि कई एंड्रॉयड स्मार्टफोन की सेल कीमतों का भी खुलासा कर दिया है। इससे ग्राहकों को अलग-अलग कंपनियों के फोन की कीमत और ऑफर्स की तुलना करने में आसानी होगी। गूगल पिक्सल 10 सीरीज की कीमतें भी सामने आ गई हैं। पिक्सल 10 की कीमत 62,999 रुपये, पिक्सल 10ए की 50,999 रुपये, पिक्सल 10 प्रो की 99,999 रुपये और पिक्सल 10 प्रो एक्सएल की कीमत 1,14,999 रुपये होगी।

वहीं, सैमसंग गैलेक्सी S26 अल्ट्रा और गैलेक्सी S26 प्लस पर भी छूट मिलेगी। हालांकि, इन दोनों फोन की अंतिम सेल कीमत का अभी ऐलान नहीं किया गया है। अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह अच्छा मौका हो सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल मेमोरी चिप समेत कई मोबाइल पार्ट्स की कीमतें बढ़ी हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में स्मार्टफोन की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एप्पल जल्द ही आईफोन 17 सीरीज की कीमत बढ़ा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो फ्लिपकार्ट फ्रीडम सेल में मिल रही मौजूदा कीमतें ग्राहकों के लिए बेहतर सौदा साबित हो सकती हैं। इसलिए जो लोग आईफोन 17 सीरीज खरीदने का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए यह सेल अच्छा अवसर हो सकती है।

अगर आप पहले से ही नया आईफोन खरीदने या अपना पुराना फोन बदलने की योजना बना रहे हैं, तो फ्लिपकार्ट फ्रीडम सेल आपके लिए अच्छा मौका हो सकती है। इस बार कंपनी ने सिर्फ ऑफर्स का प्रचार नहीं किया है, बल्कि कई आईफोन की वास्तविक सेल कीमत भी पहले ही बता दी है। iPhone 17 Pro की प्रभावी कीमत 1,21,900 रुपये तक पहुंच सकती है, जबकि इसकी लॉन्च कीमत 1,34,900 रुपये थी। यानी ग्राहकों को अच्छी-खासी बचत का मौका मिलेगा।

इसके अलावा, आईफोन 15 जैसे पुराने मॉडल, जिसकी शुरुआती कीमत 55,900 रुपये से शुरू होगी, से लेकर iPhone 17 Pro मैक्स तक कई मॉडलों पर आकर्षक छूट दी जा रही है। ऐसे में लगभग हर बजट के ग्राहकों के लिए इस सेल में खरीदारी का अच्छा मौका होगा। फ्लिपकार्ट फ्रीडम सेल सभी ग्राहकों के लिए 8 अगस्त से शुरू होगी। वहीं, फ्लिपकार्ट प्लस और फ्लिपकार्ट ब्लैक मेंबर एक दिन पहले यानी 7 अगस्त से ही इन ऑफर्स का लाभ उठा सकेंगे।

कस्टमर ने ऑर्डर किया iPhone तो उसकी जगह भेज दिया Beard Oil, अब Flipkart और सेलर को देना होगा इतना जुर्माना

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart और उसपर मौजूद सेलर से जुड़े एक केस में उपभोक्ता अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। आईफोन का ऑर्डर देने वाले एक ग्राहक को फोन की जगह बियर्ड ग्रोथ ऑयल डिलिवर करने के मामले में अदालत ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और सेलर को ग्राहक को 1.11 लाख रुपये से अधिक की रकम लौटाने के साथ-साथ 70000 हजार रुपये का मुआवजा और मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, अतिरिक्त डीसीएफ, मुंबई ने इस महीने की शुरुआत में दिए अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि बिना किसी प्रभावी राहत के ग्राहक की शिकायतों को बार-बार बंद करना अनुचित व्यापार व्यवहार है।

क्या है पूरा मामला?

मुंबई के पवई इलाके के रहने वाले शिकायतकर्ता ने 22 अप्रैल 2023 को फ्लिपकार्ट के जरिए नो-कॉस्ट ईएमआई स्कीम पर 111793 रुपये में Apple iPhone 14 Pro (128 GB) खरीदा था। अलग से ऑर्डर किया गया चार्जर और कवर तो बायर को डिलीवर हो गया लेकिन अगले दिन डिलीवर हुए मुख्य पैकेज में महंगे स्मार्टफोन की जगह बियर्ड ग्रोथ ऑयल (दाढ़ी बढ़ाने वाला तेल) और पैकिंग सामग्री निकली। शिकायतकर्ता ने अप्रैल से मई 2023 के बीच फ्लिपकार्ट के कस्टमर सपोर्ट से बार-बार संपर्क किया और सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए लेकिन कंपनी इस मुद्दे को सुलझाने में नाकाम रही। इसके बजाय कोई रिफंड या रिप्लेसमेंट दिए बिना शिकायत को बार-बार रिजॉल्व्ड मार्क करके बंद कर दिया गया।

उपभोक्ता आयोग ने क्या सुनाया फैसला?

उपभोक्ता आयोग ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आवश्यक भुगतान करके ऑर्डर दिया गया था। इसलिए फ्लिपकार्ट की यह जिम्मेदारी थी कि वह यह सुनिश्चित करे कि उपभोक्ता को वही उत्पाद मिले जो उसने ऑर्डर किया है और उपभोक्ता की शिकायतों के निवारण के लिए एक प्रभावी तंत्र प्रदान करे। फोरम ने कहा कि एक ई-कॉमर्स संस्था बिक्री को सुगम बनाने के बाद खुद को सौदे से अलग नहीं कर सकती, विशेष रूप से तब जब उपभोक्ता तुरंत रिपोर्ट करता है कि पूरी तरह से अलग उत्पाद डिलीवर किया गया है।

शिकायत की जांच करने, गलत तरीके से डिलीवर किए गए पार्सल को वापस लेने, रिप्लेसमेंट या रिफंड देने में विफलता और राहत दिए बिना शिकायत को बार-बार बंद करना स्पष्ट रूप से सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार है। कोर्ट ने पाया कि सेलर इंटरनेशनल वैल्यू रिटेल प्राइवेट लिमिटेड भी बार-बार अनुरोध के बावजूद उत्पाद डिलीवर करने और शिकायत को ठीक करने में विफल रहा। इसलिए प्लेटफॉर्म और सेलर दोनों संयुक्त और अलग-अलग रूप से ग्राहक को हुए नुकसान और असुविधा के लिए जिम्मेदार हैं।

कितना देना होगा मुआवजा?

उपभोक्ता फोरम ने फ्लिपकार्ट और सेलर को 45 दिनों के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया है। मूल राशि 111793 रुपये का रिफंड जिस पर 22 अप्रैल 2023 से वास्तविक भुगतान तक 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज देना होगा। मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के मुआवजे के रूप में ₹50000, अदालती कार्यवाही के खर्च के रूप में ₹20,000 शिकायतकर्ता को रिफंड करने पड़ेंगे।

Apple India को मिली राहत

मामले में एक पक्ष ऐपल इंडिया ने भी लिखित बयान दाखिल कर तर्क दिया था कि शिकायत कानून या तथ्यों के आधार पर पोषणीय नहीं है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। ऐपल इंडिया ने कहा कि वह स्वतंत्र डीलरों और रीसेलर्स के माध्यम से ऐपल ब्रांडेड उत्पादों को बेचने के व्यवसाय में लगी हुई है और ग्राहकों के प्रति ऐसे स्वतंत्र विक्रेताओं के दायित्वों पर उसका कोई नियंत्रण नहीं है। आयोग ने उनके तर्क को स्वीकार करते हुए ऐपल इंडिया के खिलाफ शिकायत को खारिज कर दिया। आयोग ने नोट किया कि विवाद केवल एक गलत उत्पाद की डिलीवरी से संबंधित था और निर्माता को पैकेजिंग, डिस्पैच या सेवा में कथित कमी से जोड़ने वाला कोई सबूत नहीं था।

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Apple ने दो पूर्व एंप्लॉयीज और OpenAI पर किया केस, ट्रेड सीक्रेट चुराने का आरोप

आईफोन (iPhone) बनाने वाली एपल (Apple) ने शुक्रवार को चैटजीपीटी (ChatGPT) की पैरेंट कंपनी ओपनएआई (OpenAI) और अपने दो पूर्व एंप्लॉयीज के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। एपल का आरोप है कि ओपनएआई ने उसके ट्रेड सीक्रेट्स का गलत तरीके से इस्तेमाल किया, ताकि यह एआई फोन या अन्य डिवाइस जैसे कंज्यूमर हार्डवेयर के अपने कारोबार को तेजी से आगे बढ़ा सके। एपल का आरोप है कि ओपनएआई ने उसके पूर्व एंप्लॉयीज की भर्ती, सप्लायर नेटवर्क और अन्य जरियों का इस्तेमाल करके उसकी गोपनीय तकनीकी जानकारी हासिल करने और उसका फायदा उठाने की बड़ी योजना बनाई। हालांकि ओपनएआई ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसे दूसरी कंपनियों के ट्रेड सीक्रेट्स में कोई दिलचस्पी नहीं है बल्कि नई तकनीक बनाने पर ध्यान है।

Apple vs OpenAI: मुकदमे का क्या असर?

एआई तकनीक की दौड़ तेज होने के साथ ही एपल और ओपनएआई के बीच कॉम्पटीशन बढ़ गई है। दोनों कंपनियां टैलेंट एंप्लॉयीज और नई तकनीकों के लिए मुकाबला कर रही हैं। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक पीपी फोरसाइट के एनालिस्ट पाओलो पेस्काटोर (Paolo Pescatore) का मानना है कि एपल अब ओपनएआई को सिर्फ एक साझेदार नहीं, बल्कि आने वाले समय के प्रतिद्वंद्वी के रूप में देख रही है। वहीं ओपनएआई आईफोन पर अपनी निर्भरता कम करके सीधे ग्राहकों तक पहुंचना चाहता है।

अब एपल के मुकदमे को लेकर उनका कहना है कि अगर आरोप सही नहीं भी साबित होते हैं तो इस मुकदमे से ओपनएआई की हार्डवेयर योजनाओं में देरी हो सकती है और दोनों कंपनियों की साझेदारी और कमजोर हो सकती है। दोनों कंपनियों के बीच साझेदारी की बात करें तो साल 2024 में एपल ने एपल इंटेलिजेंस लॉन्च किया था और सीरी समेत अपने सभी ऐप से इसे लैस किया। साथ ही अपने डिवाइसेज में ओपनएआई के चैटबॉट चैटजीपीटी को भी जगह दी।

Apple vs OpenAI: क्या और किन पर हैं आरोप

एपल के मुताबिक उसके 400 से अधिक एंप्लॉयीज अब ओपनएआई में काम कर रहे हैं और इनमें से कुछ की इस्तेमाल एपल की गोपनीय जानकारियां हासिल करने के लिए हो रहा है। एपल का कहना है कि उसके पूर्व एंप्लॉयीज के पास एपल की गोपनीय जानकारी होना स्वाभाविक है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि ओपनएआई उन जानकारियों का इस्तेमाल अपने हार्डवेयर प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए कर सकता है।

एपल ने अपने एक पूर्व सीनियर सिस्टम इलेक्ट्रिकल इंजीनियर चांग लियू (Chang Liu) और आईफोन और एपल वॉच के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट (प्रोडक्ट डिजाइन) टैंग यू टैन (Tang Yew Tan) पर आरोप लगाया है। एपल का आरोप है कि चांग ने कंपनी का लैपटॉप वापस नहीं किया और बाद में एक ऑथेंटिकेशन बग का फायदा उठाकर एपल के इंटर्नल नेटवर्क में सेंध लगाकर हार्डवेयर से जुड़ी दर्जनों गोपनीय फाइलें डाउनलोड की।

वहीं एपल ने टैंग पर कंपनी छोड़ने से पहले सप्लायर्स से जुड़ी जानकारी, इटर्नल इंडस्ट्री रिपोर्ट और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपने प्राइवेट ईमेल पर भेजने का आरोप लगाया है। टैंग के लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने 24 साल तक एपल में काम किया और अधिकतर समय वह आईफोन प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे।

एपल का यह भी आरोप है कि टैंग ने कुछ एंप्लॉयीज से ओपनएआई के इंटरव्यू में एपल के हार्डवेयर पार्ट्स लाने के लिए कहा था ताकि उन्हें “Show and Tell” सेशन में दिखाया जा सके। मुकदमे में ऐसे ही एक कैंडिडेट का कथित बयान भी शामिल है, जिसमें उसका कहना है कि उसे तो यह भी नहीं पता था कि वे ये चीजें ऑफिस से बाहर ले जा सकते हैं।

एपल ने मुकदमे में ओपनएआई फाउंडेशन, ओपनएआई की कमर्शियल इकाई ओपनएआई ग्रुप पीबीसी और आईओ प्रोडक्ट्स पर आरोप लगाया है। बता दें कि आईओ प्रोडक्ट्स को एपल के पूर्व डिजाइनर जॉनी आइव ने शुरू किया था और इसे ओपनएआई ने $650 करोड़ में खरीदा है ताकि वह सॉफ्टवेयर के साथ-साथ एआई हार्डवेयर की फील्ड में भी एंट्री कर सके। हालांकि एपल ने मुकदमें में जॉनी आइव को आरोपी नहीं बनाया है।

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