TomTom Layoffs: नीदरलैंड की कंपनी फिर करेगी छंटनी, इस बार 200 लोगों की जा सकती है नौकरी

नीदरलैंड्स की लोकेशन डेटा कंपनी टॉमटॉम एनवी (TomTom NV) एक बार फिर रीस्ट्रक्चरिंग कर रही है। इसके तहत वैश्विक स्तर पर 200 नौकरियां कम की जाएंगी। इससे सालाना लगभग 2.1 करोड़ यूरो (2.36 करोड़ डॉलर) की बचत होने की उम्मीद है। यह बात रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कही गई है। कंपनी AI को अपनाने के लिए पहले ही साल 2025 में 300 नौकरियां कम कर चुकी है। टॉमटॉम अब नए ड्राइविंग समाधान विकसित करने के लिए धीरे-धीरे अपना फोकस पार्टनरशिप्स पर शिफ्ट कर रही है।

इसके तहत कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ जेनरेटिव AI पर और मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के साथ ऑटोमेटेड ड्राइविंग पर काम कर रही है। टॉमटॉम अपने नए मैपिंग प्लेटफॉर्म ‘टॉमटॉम ऑर्बिस’ (TomTom Orbis) में निवेश भी कर रही है। TomTom का शेयर इस साल अब तक लगभग 30 प्रतिशत नीचे आया है।

ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस बढ़ाया

रॉयटर्स के मुताबिक, कंपनी ने 2026 के लिए अपने ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर लगभग 4 प्रतिशत कर दिया है। इसमें चौथी तिमाही में होने वाले 1.5 करोड़ यूरो के रीस्ट्रक्चरिंग खर्च का प्रभाव भी शामिल है। टॉमटॉम ने पूरे साल के लिए अपने रेवेन्यू के अनुमान को भी रिवाइज किया है। अब रेवेन्यू 50.5 करोड़ से 53 करोड़ यूरो के बीच रहने की उम्मीद है। पहले यह अनुमान 49.5 करोड़ से 55.5 करोड़ यूरो के बीच था। तीसरी तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में टॉमटॉम का रेवेन्यू गिरकर लगभग 13 करोड़ यूरो रह गया। यह कंपनी के अनुमान से कम है।

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नेटफ्लिक्स में 1000 लोगों की छंटनी

नेटफ्लिक्स अपने 6% कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। लगभग 1,000 लोगों की नौकरी जाने वाली है। यह साल 2022 के बाद से कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी छंटनी है। रॉयटर्स के मुताबिक, यह जानकारी को-CEO ग्रेग पीटर्स और टेड सारंडोस की ओर से कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल से सामने आई है। छंटनी मुख्य रूप से नेटफ्लिक्स की प्रोडक्ट, टेक, लीगल और ह्यूमन रिसोर्सेज टीमों में होगी। पिछले साल के अंत में कंपनी के पास लगभग 16,000 कर्मचारी थे।

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नेटफ्लिक्स (Netflix) में एक बार फिर छंटनी होने जा रही है। इस बार लगभग 5 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा सकता है। इसकी घोषणा अगले हफ्ते तक हो सकती है। यह बात पक न्यूज (Puck News) की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से कही गई है। पिछले साल के आखिर में नेटफ्लिक्स के पास लगभग 16,000 फुल-टाइम कर्मचारी थे। कंपनी एक ऑन डिमांड ओवर द टॉप स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है। सब्सक्रिप्शन के जरिए इस प्लेटफॉर्म पर टीवी शो, फिल्म, डॉक्युमेंट्री, गेम्स, एनीमे, गेम्स आदि का मजा लिया जा सकता है।

स्ट्रीमिंग मार्केट में कॉम्पिटीशन तेजी से बढ़ रहा है। मीडिया कंपनियां कंसोलिडेटेड हो रही हैं और यूट्यूब (YouTube) व्यूअरशिप और विज्ञापन पर होने वाले खर्च का एक बड़ा हिस्सा हासिल कर रहा है। नेटफ्लिक्स अपने रेवेन्यू के सोर्स बढ़ाने के लिए सब्सक्रिप्शन बिजनेस से आगे बढ़कर विज्ञापन, लाइव प्रोग्रामिंग और गेमिंग में भी निवेश कर रही है।

2022 में निकाले थे सैकड़ों कर्मचारी

इससे पहले नेटफ्लिक्स ने साल 2022 में बड़े पैमाने पर छंटनी की थी। उस वक्त कंपनी ने धीमी ग्रोथ और सब्सक्राइबर घटने के कारण सैकड़ों नौकरियां खत्म कर दी थीं। एक दशक से ज्यादा समय में पहली बार नेटफ्लिक्स के ग्राहकों में भारी गिरावट देखी गई थी।

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Amazon ने लगभग 1000 लोगों को निकाला

ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन ने भी एक बार फिर छंटनी की है। हाल ही में रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी ने कुछ नौकरियां कम की हैं, खासकर अपनी ‘स्टोर्स’ यूनिट में। यह यूनिट मुख्य ई-कॉमर्स वेबसाइट को देखती है। इंटरनल स्लैक चैनल से सामने आया है कि कस्टमर सर्विस और सेलिंग पार्टनर सर्विसेज समेत स्टोर्स के कई डिवीजन पर छंटनी का असर पड़ा है। हो सकता है कि एमेजॉन की दूसरी यूनिट्स के कर्मचारी भी इस जॉब कट से प्रभावित हुए हों।

नौकरी गंवाने वालों में अमेरिका, भारत और यूके के कर्मचारी शामिल हैं। इस बार एमेजॉन द्वारा निकाले गए व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों की संख्या 1,000 से कम बताई जा रही है। पिछले साल कंपनी ने बड़े पैमाने पर छंटनी की थी और 30,000 नौकरियां कम की थीं। यह सिलसिला इस साल जनवरी तक चला था।

JLR Layoffs: टाटा मोटर्स की जगुआर लैंड रोवर में जाएंगी 4000 नौकरियां

टाटा मोटर्स की जगुआर लैंड रोवर ऑटोमोटिव पीएलसी (JLR) अगले दो सालों में 4,000 नौकरियां कम करने जा रही है। कंपनी बढ़ती लागत, गिरती बिक्री और अमेरिकी टैरिफ के असर जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। JLR ब्रिटेन की सबसे बड़ी कार कंपनी है। ‘द टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार देर रात कर्मचारियों को चेतावनी दी गई कि सोमवार को रिडंडेंसी प्रोग्राम (छंटनी) की घोषणा हो सकती है।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, एक बयान में कंपनी ने कहा है कि वह एक स्वैच्छिक छंटनी कार्यक्रम (वॉलंटरी रिडंडेंसी प्रोग्राम) शुरू कर रही है। कंपनी दो सालों में लगभग 2.3 अरब डॉलर की बचत करना चाहती है। बयान के अनुसार, JLR वैश्विक बाजार की स्थितियों को देखते हुए अपने ब्रेक-ईवन पॉइंट को घटाकर 300,000 गाड़ियां करना चाहती है। साथ ही अपने कारोबार को आसान बनाना चाहती है।

JLR दिए हुए है 33000 लोगों को रोजगार

JLR ब्रिटेन में लगभग 33,000 लोगों को रोजगार दिए हुए है। कंपनी की मालिक भारत की टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड है। हाल की तिमाही में JLR का रेवेन्यू लगभग 10 प्रतिशत गिर गया। प्रॉफिट बिफोर टैक्स 69 प्रतिशत घटकर 10.9 करोड़ पाउंड रह गया। कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक रेंज रोवर इस महीने की शुरुआत में बिक्री के लिए आई। यह बाजार की सबसे महंगी इलेक्ट्रिक SUV में से एक है।

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Volkswagen में और 50000 लोगों की छंटनी को मंजूरी

जर्मनी की फॉक्सवैगन में जल्द ही और 50000 नौकरियां जा सकती हैं। कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड ने एक बदलाव योजना ‘फ्यूचर प्लान 2030’ को मंजूरी दी है। इसमें 50,000 और नौकरियां खत्म करना, 2035 तक अपने व्हीकल मॉडल लाइनअप को आधा करना और 2027-2031 के दौरान कैपिटल खर्च को 16 प्रतिशत तक कम करना जैसी 12 पहलें शामिल हैं। 50,000 नौकरियां कम करने पर सहमति पहले ही बन चुकी थी और प्रक्रिया चल रही है। अब दुनियाभर में लगभग और 50,000 नौकरियां कम करने के प्लान को मंजूरी मिल गई है।

इसके अलावा फॉक्सवैगन ग्रुप की भारतीय यूनिट अपने 3 साल के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को तेज कर रही है। इसके कारण कंपनी की लगभग 12 प्रतिशत वर्कफोर्स कम हो जाएगी। स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 2025 में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की थी। अब 2027 तक तेजी से छंटनी करने की तैयारी है।

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जर्मनी की फॉक्सवैगन में जल्द ही और 50000 नौकरियां जा सकती हैं। कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड ने एक बदलाव योजना ‘फ्यूचर प्लान 2030’ को मंजूरी दी है। इसमें 50,000 और नौकरियां खत्म करना, 2035 तक अपने व्हीकल मॉडल लाइनअप को आधा करना और 2027-2031 के दौरान कैपिटल खर्च को 16 प्रतिशत तक कम करना जैसी 12 पहलें शामिल हैं। कंपनी ने इसके पीछे ग्लोबल कॉम्पिटीशन, बदलती मांगों और टेक्नोलॉजी में बदलाव का हवाला दिया है।

फॉक्सवैगन यूरोप की सबसे बड़ी कार मेकर है। यह AG, Porsche और Audi की भी मालिक है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, यह फॉक्सवैगन के 89 साल के इतिहास में सबसे बड़ा रीस्ट्रक्चरिंग प्लान है। इसमें जर्मनी के उन 4 प्लांट के लिए दूसरे विकल्पों पर विचार करना भी शामिल है, जिनके मॉडल अगले दशक में खत्म हो जाएंगे। कंपनी के CEO ओलिवर ब्लूम ने एक बयान में कहा, “यह फॉक्सवैगन ग्रुप के भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत है। हम अपने सभी कर्मचारियों, अपने पार्टनर्स और दुनिया भर में इंडस्ट्रियल जॉब्स के लिए जिम्मेदारी ले रहे हैं।”

AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, फॉक्सवैगन के मैनेजमेंट और यूनियनों के बीच इस दशक के आखिर तक कुल 1,00,000 नौकरियां कम करने पर सहमति बन गई है। 50,000 नौकरियां कम करने पर सहमति पहले ही बन चुकी थी और प्रक्रिया चल रही है। अब दुनियाभर में लगभग और 50,000 नौकरियां कम करने के प्लान को मंजूरी मिल गई है।

तगड़ा दबाव झेल रही है Volkswagen

यह फ्यूचर प्लान ऐसे समय में आया है, जब फॉक्सवैगन पर हर तरफ से दबाव है। कंपनी एक ओर अमेरिका के इंपोर्ट टैरिफ और दूसरी तरफ कमजोर चीनी बाजार के बीच फंसी हुई है। फॉक्सवैगन का कहना है कि ग्लोबल वर्कफोर्स क्षमता में और बुनियादी बदलाव की जरूरत है।

Volkswagen India 12% जॉब करने वाली है कट

ब्लूमबर्ग की एक दूसरी रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कहा गया है कि फॉक्सवैगन ग्रुप की भारतीय यूनिट अपने 3 साल के रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को तेज कर रही है। इसके कारण कंपनी की लगभग 12 प्रतिशत वर्कफोर्स कम हो जाएगी। कंपनी भारत में अपने अगले इन्वेस्टमेंट साइकिल से पहले लागत कम करना चाहती है। स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 2025 में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की थी। अब 2027 तक तेजी से छंटनी करने की तैयारी है। इसके तहत कुछ सौ व्हाइट-कॉलर और शॉप-फ्लोर नौकरियां खत्म हो सकती हैं।

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कहा जा रहा है कि इस बदलाव का मकसद फॉक्सवैगन के भारत में नेक्स्ट जनरेशन गाड़ियां लॉन्च करने से पहले कामकाज में करोड़ों डॉलर बचाना है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पीयूष अरोड़ा का कहना है, “वैसे तो हम अपनी वर्कफोर्स के बारे में अनुमानित आंकड़ों पर कोई टिप्पणी नहीं करते हैं, लेकिन अपनी भारतीय बिजनेस यूनिट्स में कामकाज को बेहतर बनाने की हमारी कोशिशें तेज हो रही हैं।”

यह भी कहा कि आगे चलकर कंपनी अपनी लोकल इंजीनियरिंग टीम को बढ़ा सकती है। साथ ही ग्रुप के लिए एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और एक्सपोर्ट हब के तौर पर भारत में निवेश भी बढ़ा सकती है। भारत में दो दशक यानि कि 20 साल से ज्यादा समय बिताने के बाद भी फॉक्सवैगन की मौजूदगी अपेक्षाकृत कम है।

Apple Layoffs: iPhone मेकर ने फिर की छंटनी, 200 लोगों की नौकरी पर खतरा; इस बार कौन सी टीम्स प्रभावित

आईफोन मेकर एपल इंक अपने सिरी डिजिटल असिस्टेंट और विजन प्रो हेडसेट से जुड़ी टीमों में नौकरियां कम कर रही है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कहा गया है कि Apple अपनी ‘इंटेलिजेंट सिस्टम्स एक्सपीरियंस’ टीम के कर्मचारियों की भी छंटनी कर रही है। यह टीम सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग विभाग का हिस्सा है और डिवाइसेज के कुछ AI फीचर्स की जिम्मेदारी इस पर है।

बदलावों के तहत, कंपनी Vision Pro के लिए गेमिंग पर फोकस्ड टीम को काफी हद तक शट डाउन कर रही है और डिवाइस के लिए इमर्सिव वीडियो कंटेंट बनाने वाली यूनिट का साइज भी घटा रही है। कुल मिलाकर, इस जॉब कट से 200 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। Vision Pro विभाग से लगभग 100 पद खत्म किए गए हैं। Siri व सॉफ्टवेयर टीमों से भी 100 पद हटाए गए हैं।

लॉन्च के समय से ही इमर्सिव वीडियो Vision Pro की बिक्री का एक मुख्य आकर्षण रहा है। लेकिन हर 3D वीडियो बनाने के लिए Apple कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्टर्स की कई टीमों की जरूरत होती है। इमर्सिव वीडियो सीरीज के एक एपिसोड को शूट करने में कई मिलियन डॉलर का खर्च आ सकता है। Vision Pro के एक्टिव यूजर्स की कम संख्या को देखते हुए, इन खर्चों ने बिजनेस पर दबाव डाला है।

किस टीम में किस तरह की रीस्ट्रक्चरिंग

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, Siri में बदलाव, इस असिस्टेंट के आने वाले AI-इनफ्यूज्ड वर्जन से जुड़े हैं। इस बदलाव के लिए जरूरी विशेषज्ञता में बदलाव की जरूरत है, जिसके कारण कंपनी को कुछ मौजूदा भूमिकाओं को खत्म करना पड़ा। साथ ही रिसोर्सेज को को फिर से एलोकेट करना पड़ा और अपडेटेड Siri को सपोर्ट करने वाली नई भूमिकाएं क्रिएट करनी पड़ीं।

‘इंटेलिजेंट सिस्टम्स एक्सपीरियंस’ टीम में बदलाव AI-संचालित क्षमताओं पर काम को फिर से व्यवस्थित करने के प्रयास को दर्शाते हैं। जैसे-जैसे और अधिक ग्रुप्स की ओर से ऐप्स, फीचर्स और सर्विसेज में AI फंक्शन लाए जा रहे हैं, Apple प्राथमिकताओं के अनुरूप टीमों को फिर से व्यवस्थित कर रही है। इस रीस्ट्रक्चरिंग से कुछ मौजूदा पद खत्म होंगे और नई भूमिकाएं क्रिएट होंगी।

Vision Pro में बदलावों के बारे में कर्मचारियों को बताया गया है कि यह ग्राहकों द्वारा डिवाइस के इस्तेमाल के तरीके के आधार पर प्राथमिकताओं को फिर से व्यवस्थित करने और भविष्य के अन्य उत्पादों की ओर रिसोर्सेज को बेहतर ढंग से निर्देशित करने का प्रयास है।

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Vision Pro और visionOS ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं हो रहा बंद

Apple इमर्सिव वीडियो को पूरी तरह से बंद नहीं कर रही है। कंपनी की योजना है कि वह खुद कम संख्या में वीडियो बनाएगी। साथ ही थर्ड-पार्टी कंपनियों को इस डिवाइस के लिए कंटेंट बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। कंपनी ने कर्मचारियों से कहा है कि Vision Pro और इसका visionOS ऑपरेटिंग सिस्टम बंद नहीं होने वाला है। ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 2028 के आखिर तक एक नया Vision Pro मॉडल लॉन्च करने पर भी विचार कर रही है।

एक बयान में एपल ने माना कि वह कुछ टीमों को फिर से व्यवस्थित कर रही है ताकि अपने यूजर्स को बेहतरीन अनुभव देने के लिए बिजनेस को आगे बढ़ा सके। कंपनी के मुताबिक, “हालांकि इस बदलाव के तहत हम नए जॉब रोल क्रिएट करेंगे, लेकिन इसका असर कुछ मौजूदा रोल्स पर भी पड़ेगा। हम इन टीम मेंबर्स के योगदान के लिए आभारी हैं और इस बदलाव के दौरान उनकी मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसमें Apple में अन्य भूमिकाओं के लिए आवेदन करने के अवसर भी शामिल हैं।”