आकाश अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स की प्राथमिकताएं बताईं, कहा-इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा उठाने पर होगा फोकस

जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी के फोकस में बदलाव कर रही है। अब तक कंपनी का जोर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर रहा है। अब कंपनी अपने नेटवर्क का मैक्सिमम फायदा उठाने पर फोकस कर रही है। कंपनी ने पिछले सालों में पूरे देश में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भारी निवेश किया है। अब वह अपने सर्विसेज पोर्टफोलियो का विस्तार करना चाहती है और निवेश की गई पूंजी पर रिटर्न बढ़ाना चाहती है। इस बारे में जियो प्लेटफॉर्म्स के एमडी आकाश अंबानी ने बताया।

इंफ्रास्ट्रक्चर से मैक्सिमम वैल्यू हासिल करने पर होगा फोकस

मनीकंट्रोल को दिए ईमेल इंटरव्यू में अंबानी ने कहा, “हमारे कैपिटल एलोकेशन की दिशा सस्टेनेबल लॉन्ग टर्म वैल्यू क्रिएट करने के मकसद पर निर्भर करेगी। हम वहां निवेश करना जारी रखेंगे, जहां हमें टेक्नोलॉजी, कस्टमर डिमांड और उपलब्ध मौकों का फायदा उठाने के लिहाज से ऐसा करना सही लगेगा।” उन्होंने कहा कि मीडियम और लॉन्ग टर्म में हमारा फोकस उस इंफ्रास्ट्रक्चर से मैक्सिमम वैल्यू हासिल करना है, जिसे हमने बनाया है।

पिछले सालों में कंपनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश किया है

जियो प्लेटफॉर्म्स ने व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है। मार्च 2026 में कंपनी के 3,60,382 नेटवर्क टावर्स थे। इसमें 10 लाख रूट किलोमीटर से ज्यादा लंबा फाइबर नेटवर्क शामिल है। कंपनी के वायरलेस ब्रॉडबहैंड नेटवर्क के तहत देश की आबादी का 99 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आता है। फिक्स्ड ब्रॉडबैंड का कवरेज करीब 98 फीसदी पिन कोड्स तक है। FY26 में इंडिया के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में जियो की हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी थी।

अब पूंजीगत निवेश की रफ्तार में धीर-धीरे कमी आ रही

कई सालों तक भारी निवेश करने के बाद अब इनवेस्टमेंट की तेज रफ्तार कम हुई है। FY26 में कंपनी का कैश कैपिटल एक्सपेंडिचर घटकर 34,184 करोड़ रुपये रही। यह FY25 में 44,268 करोड़ रुपये थी। FY24 में 53,510 करोड़ रुपये थी। नेटवर्क कैपेक्स अकेले 40,617 करोड़ रुपये से घटकर 29,377 करोड़ रुपये पर आ गया। उधर, बिजनेस की ऑपरेटिंग अर्निंग्स अब अच्छे लेवल पर पहुंच गई है। जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेशन से रेवेन्यू FY26 में बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 76,255 करोड़ रुपये रहा। यह करीब 52 फीसदी का मार्जिन है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 30,049 करोड़ रुपये रहा।

जियो की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल विदेश में करने पर भी होगा फोकस

कंपनी ने शॉर्ट टर्म में कंपनी की प्राथमिकताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा इसमें नेटवर्क क्वालिटी बनाए रखना, होम ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस का विस्तार करना और एंटरप्राइज एंड डिजिटल सर्विसेज का विस्तार शामिल हैं। जियो AI-एनेबल्ड एंटरप्राइज सॉल्यूशंस, IoT, क्लाउड कंप्यूटिंग और AR/VR में भी मौकों पर नजर रखेगी। उन्होंने कहा कि जियो की टेक्नोलॉजी कपैबिलिटी के लिए विदेश में मौकों की तलाश भी प्राथमिकता में शामिल होगी।

यह भी पढ़ें: Jio IPO: ‘कमाई बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर फोकस’, आकाश अंबानी ने कहा- सिर्फ टैरिफ बढ़ाने पर नहीं रहेगा जोर

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को निवेश के लिए खुल जाएगा

जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,200 करोड़ रुपये के आईपीओ में सिर्फ नए शेयर इश्यू होंगे। इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है। यह आईपीओ 21 अक्तूबर यानी बुधवार को खुलेगा और 23 अक्तूबर यानी शुक्रवार को बंद होगा। कंपनी ने प्रति शेयर 1,065-1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये है। कंपनी आईपीओ से आने वाले पैसे के बड़े हिस्से का इस्तेमाल अपनी सब्सिडियरी रिलायंस का कर्ज चुकाने के लिए करेगी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Jio IPO: ‘कमाई बढ़ाने के लिए नई रणनीति पर फोकस’, आकाश अंबानी ने कहा- सिर्फ टैरिफ बढ़ाने पर नहीं रहेगा जोर

Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी कमाई बढ़ाने के लिए सिर्फ मोबाइल रिचार्ज महंगे करने पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी अब डेटा की बढ़ती खपत, प्रीमियम डिजिटल सेवाओं, होम ब्रॉडबैंड और कॉरपोरेट सेवाओं से कमाई बढ़ाने की तैयारी में है। Jio का लक्ष्य अपने 50 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों से ज्यादा रेवेन्यू हासिल करना है।

Jio Platforms के चेयरमैन आकाश अंबानी ने Moneycontrol को बताया कि कंपनी हर GB डेटा के लिए ज्यादा पैसे वसूलने को ही कमाई बढ़ाने का एकमात्र तरीका नहीं मानती। उनके मुताबिक, टैरिफ कारोबार का एक हिस्सा है। लेकिन कमाई बढ़ाने के दूसरे रास्ते भी हैं।

Jio ग्राहकों को देगी प्रीमियम सेवाएं

Jio अपनी डिजिटल सेवाओं को और बेहतर बनाने पर काम कर रही है। कंपनी चाहती है कि ग्राहक प्रीमियम सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करें। इसके अलावा, होम ब्रॉडबैंड और फिक्स्ड वायरलेस इंटरनेट का विस्तार भी किया जाएगा।

कंपनी कॉरपोरेट ग्राहकों के साथ अपना कारोबार बढ़ाना चाहती है। साथ ही, इंटरनेट कनेक्शन के साथ दूसरी सेवाएं भी जोड़ी जाएंगी। इनमें OTT वीडियो, म्यूजिक, क्लाउड स्टोरेज और AI आधारित सेवाएं शामिल हैं।

आकाश अंबानी के मुताबिक, ग्राहक इन सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे, तो कमाई बढ़ाने के नए मौके मिलेंगे। प्रीमियम इंटरनेट कनेक्टिविटी और AI सेवाएं भी इसमें अहम भूमिका निभा सकती हैं।

Airtel से पीछे है Jio की प्रति ग्राहक कमाई

वित्त वर्ष 2026 में Jio की औसत प्रति यूजर कमाई यानी ARPU 214 रुपये प्रति माह रही। वहीं, Bharti Airtel की ARPU 257 रुपये थी।

एनालिस्ट्स का मानना है कि Jio के पास कमाई बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। कंपनी के पास ग्राहकों की संख्या ज्यादा है। उसके नेटवर्क पर डेटा का इस्तेमाल भी काफी होता है। ऐसे में प्रीमियम सेवाओं और डेटा की बढ़ती खपत से कंपनी को फायदा मिल सकता है।

हालांकि, आकाश अंबानी ने यह नहीं बताया कि अगली बार मोबाइल टैरिफ कब बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि आने वाले समय में कीमतें किस स्तर पर स्थिर हो सकती हैं। उनके मुताबिक, टैरिफ का फैसला ग्राहकों की जरूरत, बाजार में प्रतिस्पर्धा, महंगाई और नेटवर्क पर होने वाले निवेश को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO

Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO 21 अक्टूबर को खुला है और 23 अक्टूबर को बंद होगा। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है। इसके लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है।

इस IPO में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं है। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये है। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर होनी है।

₹27,500 करोड़ से चुकाया जाएगा कर्ज

वित्त वर्ष 2026 में Jio Platforms का रेवेन्यू 1.47 लाख करोड़ रुपये रहा। कंपनी को 30,049 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ। वहीं, EBITDA 76,255 करोड़ रुपये रहा।

IPO से मिलने वाली रकम में से 27,500 करोड़ रुपये Reliance Jio Infocomm का कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। यह Jio Platforms की सब्सिडियरी कंपनी है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Neogen Chemicals Share Price: एनालिस्ट की पसंद बना ये केमिकल स्टॉक, दे सकता है 24% का रिटर्न

Neogen Chemicals Share Price: पिछले 6 महीनों में अच्छे रिटर्न के बाद घरेलू ब्रोकरेज फर्म ‘एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग’ ने Neogen Chemicals पर कवरेज शुरू किया है। उन्होंने इसे ‘Buy’ की रेटिंग दी है और ₹3,050 का टारगेट प्राइस तय किया है। इसका मतलब है कि ₹2,482 के मौजूदा मार्केट प्राइस से इसमें लगभग 23% की तेजी आ सकती है।

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि स्पेशलिटी केमिकल्स बनाने वाली यह कंपनी अब कमाई में तेज बढ़ोतरी के दौर में प्रवेश करने वाली है। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि कंपनी का बैटरी केमिकल्स का कारोबार बढ़ रहा है, जिसे घरेलू बैटरी मैन्युफैक्चरिंग, ग्राहकों की मंजूरी और चीन के बाहर की सप्लाई चेन में मिल रहे मौकों का समर्थन मिल रहा है।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा Neogen Chemicals के पास एक मजबूत स्पेशलिटी केमिकल्स कारोबार है और साथ ही बैटरी के क्षेत्र में भी बड़े मौके हैं। चूंकि प्लांट काफी हद तक तैयार हो चुके हैं और ग्राहकों द्वारा मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए मुख्य रुकावटें अब पीछे छूट गई हैं। अब कमाई में तेजी आना बाकी है, जो विकास और री-रेटिंग का एक बेहतरीन मौका बनाता है।”

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26 से FY30 के बीच Neogen का रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स के बाद का एडजस्टेड प्रॉफिट (PAT) क्रमशः 45%, 49% और 87% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। हालांकि, इस निवेश की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नई सुविधाएं समय पर शुरू होती हैं या नहीं, ग्राहक कितना माल खरीदते हैं, और कंपनी अपने बढ़े हुए कर्ज को कैसे संभालती है।

ब्रोकरेज स्टॉक पर बुलिश क्यों

आने वाले वर्षों में बैटरी केमिकल्स, नियोजेन के विकास का सबसे बड़ा जरिया बनने की उम्मीद है। इसकी सब्सिडियरी कंपनी, ‘नियोजेन आयोनिक्स’, बैटरी इलेक्ट्रोलाइट और लिथियम हेक्साफ्लोरोफॉस्फेट (LiPF6) बनाती है। LiPF6 एक महत्वपूर्ण सॉल्ट है जिसका इस्तेमाल लिथियम-आयन बैटरी में किया जाता है। कंपनी इसके लिए ‘MU आयोनिक सॉल्यूशंस’ की जापानी मैन्युफैक्चरिंग तकनीक का इस्तेमाल करती है और जापान की ‘मोरिता’ के साथ एक जॉइंट वेंचर के जरिए अपना सॉल्ट कारोबार चलाती है।

एंटीक का अनुमान है कि नियोजेन के कुल रेवेन्यू में बैटरी केमिकल्स का हिस्सा FY26 के 4% से बढ़कर FY30 तक 62% हो जाएगा। FY26 तक यह सेगमेंट घाटे में था, क्योंकि उस दौरान इलेक्ट्रोलाइट और सॉल्ट बनाने की सुविधाएं तैयार हो रही थीं और ग्राहकों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया चल रही थी। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY27 तक यह कारोबार EBITDA के स्तर पर ‘ब्रेक-ईवन’ (यानी बिना नुकसान या मुनाफे की स्थिति) तक पहुंच जाएगा। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का कहना है कि, “कमीशनिंग में देरी के कारण काम की गति (रैंप-अप) कुछ आगे खिसक गई है, लेकिन इससे मध्यम अवधि की कमाई के अनुमानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि FY30E (वित्त वर्ष 2030) के हमारे अनुमान जिन क्षमताओं और ग्राहकों की मंजूरी पर आधारित हैं, वे पहले से ही मौजूद हैं।”

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि ग्राहकों द्वारा दी जाने वाली योग्यता(क्वालिफिकेशन) कंपनी को एक प्रतिस्पर्धी बढ़त दिला सकती है। इस तरह की मंजूरी मिलने में 12-24 महीने लग सकते हैं, और एक बार किसी उत्पाद को मंजूरी मिल जाने के बाद, बैटरी निर्माता आमतौर पर अपने सप्लायर को बदलना नहीं चाहते। नियोजेन ने अमेरिका के तीन इलेक्ट्रोलाइट निर्माताओं के साथ अपने प्लांट का अंतिम ऑडिट पूरा कर लिया है। इससे कंपनी उन अमेरिकी टैक्स-क्रेडिट नियमों से जुड़ी मांग को पूरा करने की स्थिति में आ गई है, जो 2027 से कुछ चीनी सप्लायरों से सामान लेने पर रोक लगाते हैं।

भारत में बैटरी निर्माण क्षमता बढ़ने के साथ, घरेलू स्तर पर भी अवसर बढ़ सकते हैं। नियोजेन की दहेज और पाखाजन इकाइयां स्थानीय सेल निर्माताओं को सेवा देने के लिए तैयार हैं, जबकि इसकी लिथियम सॉल्ट क्षमता निर्यात के अतिरिक्त अवसर प्रदान करती है। बैटरी रसायनों के अलावा, कंपनी का स्पेशलिटी केमिकल्स का स्थापित कारोबार कमाई का एक स्थिर आधार देता है। इसे कॉन्ट्रैक्ट सिंथेसिस एंड मैन्युफैक्चरिंग (CSM), एडवांस्ड इंटरमीडिएट्स और दहेज प्लांट में आग लगने की घटना के बाद उत्पादन में हुए सुधार से भी मजबूती मिलती है।

स्टॉक का परफॉर्मेंस

इस केमिकल स्टॉक में पिछले 3 महीनों में 14%, 6 महीनों में 64% और पिछले 1 साल में 70% की तेजी आई है। हालांकि, हाल के समय में इसमें 1 हफ्ते में 2% और पिछले 1 महीने में 0.3% की गिरावट देखी गई है। अक्टूबर 2026 में यह स्टॉक अपने 52-हफ्तों के उच्चतम स्तर ₹2785 पर पहुंच गया था, जबकि दिसंबर 2025 में यह अपने 52-हफ्तों के निचले स्तर ₹978 पर था।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने एक्सप्रो इंडिया में लगभग 1% हिस्सेदारी बेची, ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिंग में बढ़ाई हिस्सेदार

जाने-माने निवेशक आशीष कचोलिया ने सोमवार को ओपन-मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए, बिड़ला समूह से जुड़ी पॉलीमर प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ‘एक्सप्रो इंडिया’ में अपनी लगभग 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा 19 अक्टूबर को जारी बल्क डील डेटा के मुताबिक आशीष कचोलिया ने 21.53 करोड़ रुपये मूल्य के 2.22 लाख इक्विटी शेयर बेचे हैं जो कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 0.94 प्रतिशत है। ये शेयर 970.11 रुपये प्रति शेयर के औसत भाव पर बेचे गए हैं।

सितंबर 2026 तक,एक्सप्रो इंडिया  में कचोलिया की 2.01 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो 4.71 लाख शेयरों के बराबर है। हिस्सेदारी बेचे जाने के बावजूद, सोमवार को एक्सप्रो इंडिया के शेयरों में 1.79 प्रतिशत की तेजी आई और ये 995 रुपये पर बंद हुए। इसके साथ ही इसमें लगातार पांच दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला भी थम गया।

हालांकि,बीच-बीच में आने वाली खरीदारी के बावजूद, सितंबर के अपने स्विंग हाई पर पहुंचने के बाद से ही यह स्टॉक दबाव में बना हुआ है। यह स्टॉक सितंबर 2026 में बने 1,408.70 रुपये के हाई से लगभग 31 प्रतिशत गिर चुका है।

ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में खरीदी 0.73% अतिरिक्त हिस्सेदारी

इस बीच एक दूसरे दिग्गज निवेशक ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में 0.73% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल (HNI) निवेशक ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में 1.94 लाख और इक्विटी शेयर खरीदे हैं, जो कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 0.73 प्रतिशत है। ये शेयर 6.29 करोड़ रुपये में खरीदे गए हैं, जिनकी औसत कीमत 323.38 रुपये प्रति शेयर रही। सितंबर 2026 तक, स्वराज सूटिग में कजारिया की 1.24 प्रतिशत हिस्सेदारी थी,जो 3.26 लाख शेयरों के बराबर है। बता दें कि स्वराज सूटिंग सूती और सिंथेटिक कपड़े बनाती है।

FIIs ने की बिकवाली, DIIs से मिला सपोर्ट

उधर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को भारतीय बाजारों में 1,148.64 करोड़ रुपये की बिकवाली की। यह इस महीने की उनकी सबसे कम नेट सेलिंग रही थी। यह 15 अक्टूबर को हुई 5,285.37 करोड़ रुपये की बिक्री से कम है। एक्सचेंज के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 3,201.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

कल के सेशन में FIIs ने 11,240.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 12,389.28 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। DIIs ने 14,781.31 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 11,580.12 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, शुक्रवार, 16 अक्टूबर को FIIs नेट बॉयर रहे थे और उन्होंने 1,165.92 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। यह इस महीने उनका एकमात्र ऐसा सत्र था जिसमें उन्होंने नेट बाइंग की। हालांकि, शुक्रवार DIIs ने 3,661.28 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग की थी।

बाजार पर एक नजर

सोमवार को भारतीय बाजारों में गिरावट आई। निफ्टी257.20 अंक या 1.11% गिरकर 22,888.95 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 876.37 अंक या 1.17% की गिरावट के साथ 73,852.90 पर बंद हुआ। इस गिरावट में प्राइवेट बैंकों की अहम भूमिका रही। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.85% की गिरावट आई। FMCG में 1.44% और IT में 1.28% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में लगभग 2.4% की तेजी आई।

निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.09% और 1.01% की गिरावट आई। सोमवार को FIIs ने अपनी बिकवाली काफी कम कर दी,लेकिन फिर भी बेंचमार्क सूचकांकों में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई।

 

 

India-New Zealand FTA: न्यूजीलैंड के साथ भारत का ऐतिहासिक व्यापार समझौता लागू! जानिए सस्ते सेब, कीवी और आपके करियर पर क्या पड़ेगा असर

Varun Dhawan: वरुण धवन ने किया कन्या पूजन, सोशल मीडिया शेयर की खूबसूरत तस्वीर

Varun Dhawan: पूरा देश नवरात्रि का त्योहार मना रहा है। सेलिब्रिटी भी इसमें पीछे नहीं हैं। बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन ने पारंपरिक ‘कन्या पूजन’ के साथ नवरात्रि मनाई और अपने प्रशंसकों को इस उत्सव की एक झलक दिखाई। अभिनेता ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वे इस रस्म के दौरान कुछ छोटी बच्चियों के साथ बैठे नजर आ रहे हैं।

वरुण धवन ने कन्या पूजन की एक तस्वीर शेयर की

वरुण ने अपने प्रशंसकों को नवरात्रि के जश्न की झलक दिखाई। तस्वीर में वे मैरून रंग की टी-शर्ट पहने फर्श पर पालथी मारकर बैठे हैं। उनके हाथ में हाथ से बना एक “हैप्पी नवरात्रि” का साइन है। वे कैमरे की ओर देखकर मुस्कुरा रहे हैं। उनके आस-पास कुछ छोटी बच्चियां बैठी हैं। उनके सामने आर्ट का सामान और ड्रॉइंग से भरा एक गुलाबी डिब्बा रखा है। अभिनेता ने हिंदी में लिखा- “आप सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।”

वरुण धवन का वर्क फ्रंट

इस साल अभिनेता की दो फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें जनवरी 2026 में आई ‘बॉर्डर 2’ शामिल है। इस फिल्म में वरुण के साथ सनी देओल, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी, मोना सिंह, मेधा राणा, अन्या सिंह और सोनम बाजवा नजर आए। इसके बाद जून 2026 में ‘है जवानी तो इश्क होना है’ रिलीज हुई। डेविड धवन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वरुण के साथ पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिकाओं में थीं।

खबरों के अनुसार वे यश राज फिल्म्स की पहली हॉरर फीचर फिल्म में काम करने के लिए बातचीत कर रहे हैं, जिसका निर्देशन अभय पन्नू करेंगे। इस प्रोजेक्ट से जुड़े एक सूत्र ने इस साल की शुरुआत में हिंदुस्तान टाइम्स को बताया- “वरुण YRF की पहली हॉरर फिल्म में मुख्य भूमिका निभाएंगे। यश राज फिल्म्स (YRF) पहली बार हॉरर जॉनर में कदम रख रहा है।” अगर सब कुछ ठीक रहा, तो 2018 की ‘स्लाइस-ऑफ-लाइफ’ ड्रामा फिल्म ‘सुई धागा’ के बाद यह YRF के साथ अभिनेता का पहला काम होगा।

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हाल ही में वरुण धवन ने ‘बेटर न्यूट्रिशन’ में निवेश करके न्यूट्रिशन के क्षेत्र में कदम रखा है। यह ब्रांड रोजमर्रा के खाने को अधिक पौष्टिक बनाने पर केंद्रित है और ‘शार्क टैंक इंडिया’ के सीज़न 4 में भी नजर आया था। इस बॉलीवुड अभिनेता को बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु के साथ इस ब्रांड का एंबेसडर बनाया गया है। वरुण के लिए यह साझेदारी एक निजी जुड़ाव भी रखती है। उन्होंने हाल ही में कृषि भूमि खरीदी है और अब वे अपने खेत को ‘बायोफोर्टिफाइड’ खेत में बदलने के लिए इस कंपनी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

कौन है अनिल पंडित? टाइगर श्रॉफ पर हमले से लेकर दिल्ली-पुणे की फायरिंग तक जुड़ा है नाम

Tiger Shroff Attack: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर कथित हमले के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया है। गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में यह भी कहा गया कि टाइगर श्रॉफ को सलमान खान के साथ काम न करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, पुलिस अभी इस सोशल मीडिया पोस्ट और एक वॉयस नोट की जांच कर रही है।

कौन है अनिल पंडित?

32 वर्षीय पंडित के अमेरिका से काम करने का संदेह है। जांचकर्ताओं ने उसे हरियाणा, दिल्ली और पुणे में हुई गोलीबारी और जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) के मामलों से जोड़ा है।

मूल रूप से हरियाणा के पानीपत जिले के एक गांव का रहने वाला अनिल पंडित, 2023 में भारत छोड़कर कनाडा गया था और बाद में अमेरिका चला गया। वहां गैंगस्टर रणदीप मलिक के संपर्क में आने के बाद, वह कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग में शामिल हो गया।

आरोप है कि पिछले छह महीनों में पंडित ने भारत में मौजूद शूटर्स के एक नेटवर्क का इस्तेमाल करके कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। हरियाणा, दिल्ली और पुणे की घटनाओं सहित गोलीबारी के कई मामलों की जांच में भी उसका नाम सामने आया है।

पानीपत से अमेरिका तक

सूत्रों के अनुसार, पंडित का सफर हरियाणा के पानीपत जिले से शुरू हुआ। बताया जाता है कि वह 2023 में भारत छोड़कर कनाडा चला गया था। बाद में, लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े गैंगस्टर बताए जाने वाले रणदीप मलिक के संपर्क में आने के बाद, वह अमेरिका के कैलिफोर्निया पहुंच गया।

जांचकर्ताओं को शक है कि विदेश में रहते हुए भी पंडित भारत में मौजूद शूटर्स के साथ तालमेल बिठाता रहा। उससे जुड़ी कुछ घटनाओं में हरियाणा में गोलीबारी और जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) के मामले शामिल हैं, जिनमें पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने इसमें शामिल होने के शक में शूटर्स को गिरफ्तार किया था।

दिल्ली के जिम में हुई गोलीबारी मामले में नाम सामने आया

पंडित पर दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित एक जिम में गोलीबारी की साजिश रचने का भी आरोप है। इस जिम में अक्सर गायक गुरु रंधावा आते-जाते थे। बताया जा रहा है कि इस घटना का संबंध गायक के सलमान खान के साथ जुड़ाव से है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने इस मामले में पंडित से जुड़े चार शूटरों को गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी पंडित से बातचीत करने के लिए ‘सिग्नल’ ऐप का इस्तेमाल करते थे और उनके पास से विदेशी हथियार बरामद हुए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, जिम के बाहर हुई इस गोलीबारी की जिम्मेदारी पहले ही पंडित ले चुका था।

पुणे के ज्वेलरी स्टोर पर गोलीबारी में भी आया नाम

दिल्ली में हुई घटना के करीब 15 दिन बाद पुणे में एक ज्वेलरी स्टोर पर गोलीबारी की खबर सामने आई। इस मामले की जांच के दौरान एक बार फिर अनिल पंडित का नाम सामने आया।

महाराष्ट्र पुलिस ने इस घटना में कथित तौर पर शामिल शूटरों को गिरफ्तार किया। जांच में उनके तार अनिल पंडित और लॉरेंस बिश्नोई के करीबी बताए जाने वाले शुभम लोनकर से जुड़े होने की बात सामने आई।

रिपोर्ट के मुताबिक, गोलीबारी के तीनों आरोपी राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले थे। उन पर शक है कि वे खास तौर पर इस वारदात को अंजाम देने के लिए पुणे पहुंचे थे।

टाइगर श्रॉफ पर हमले का दावा

यह नया घटनाक्रम तब सामने आया जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली। पंडित द्वारा पोस्ट किए गए संदेश में, उसने और हरमन संधू ने अभिनेता के खिलाफ की गई इस कार्रवाई की जिम्मेदारी ली है।

पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि श्रॉफ ने सलमान खान के साथ काम न करने की चेतावनियों को नजरअंदाज किया था। साथ ही, मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के उन अन्य लोगों को भी धमकी दी गई है जो इस सुपरस्टार के साथ काम करना जारी रखे हुए हैं। इसमें विरोधी गैंग के सदस्यों को भी धमकी दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने कथित तौर पर कई दिनों तक श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर रखी थी। पुलिस जांच के हिस्से के रूप में इस सोशल मीडिया पोस्ट और एक वॉयस नोट की पुष्टि कर रही है।

अलग-अलग राज्यों के मामलों में पंडित की कथित भूमिका ने भारत में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क और विदेशों में मौजूद गैंग के सदस्यों के बीच संभावित संबंधों की ओर ध्यान खींचा है। सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे और पंडित को अलग-अलग घटनाओं से जोड़ने वाले आरोप अभी भी पुलिस जांच के दायरे में हैं।

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Rakhi Sawant: यूपी की अदालत में राखी सावंत नहीं हुईं पेश, एक्ट्रेस के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया

Rakhi Sawant: उत्तर प्रदेश के झांसी की एक अदालत ने अभिनेत्री राखी सावंत के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला 2010 में हुई एक आत्महत्या से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि राखी ने अपने टीवी शो के दौरान एक स्थानीय निवासी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। सरकारी वकील ने शनिवार को यह जानकारी दी।

जिला सरकारी वकील (अपराध) मृदुल कांत श्रीवास्तव ने बताया कि सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अंजलि ने शुक्रवार को यह वारंट जारी किया है। क्योंकि राखी कई बार बुलाए जाने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुईं।

राखी सावंत से जुड़ा मामला

पीटीआई के अनुसार यह मामला झांसी के हंसारी प्रेम नगर इलाके के रहने वाले लक्ष्मण अहिरवार से जुड़ा है। वकील ने बताया कि 10 नवंबर 2010 को लक्ष्मण ने आत्महत्या कर ली थी। आरोप है कि राखी ने अपने टीवी शो ‘राखी का इंसाफ’ में कुछ ऐसी टिप्पणियां की थीं, जिनसे लक्ष्मण को अपमानित महसूस हुआ।

लक्ष्मण की मां सावित्री ने प्रेम नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2010 में प्रसारित शो के एक एपिसोड के दौरान राखी ने उनके बेटे के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार लक्ष्मण और उनकी पत्नी अनीता (जो राजगढ़ की रहने वाली थीं) को उनके वैवाहिक विवाद के चलते शो में बुलाया गया था। पति-पत्नी के बीच झगड़े के बाद अनीता अपने मायके लौट गई थीं। श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को तय की गई है।

राखी सावंत चर्चा में

हाल ही में राखी सावंत, गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी को लेकर की गई अपनी टिप्पणियों की वजह से चर्चा में थीं। उन्होंने गोविंदा के अपनी को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ कथित संबंधों पर भी प्रतिक्रिया दी। इस महीने की शुरुआत में पैपराजी से बात करते हुए राखी ने कहा कि वह गोविंदा से इसलिए नाराज हैं क्योंकि उन्होंने अपनी पत्नी को नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा- “गोविंदा जी पूरा देश आपसे नाराज है। जिस महिला ने आपसे शादी की आपके दो बच्चों को जन्म दिया और जो 40 सालों से आपके साथ रही आपने उसे छोड़ दिया। यह कोमल कौन है?”

इसके बाद राखी ने दावा किया कि कोमल उनके बारे में बुरा-भला कह रही हैं और उन्होंने कोमल को चेतावनी दी कि वह उनके सामने न आएं। उन्होंने हिंदी में कहा- “वह मेरी बुराई कर रही है और बाकी सेलिब्रिटीज के बारे में भी बकवास कर रही है। चिची भैया ने ही उसे इतनी छूट दी है। सुन लो मुझसे पंगा मत लेना। मैं सुनीता नहीं हूं, मैं तुम्हारी धज्जियां उड़ा दूंगी।” राखी ने कोमल को “पति चोर” भी कहा।

इससे पहले राखी के साथ फोन पर बातचीत के दौरान सुनीता ने आरोप लगाया था कि गोविंदा और कोमल शादी करने की योजना बना रहे हैं। सुनीता का दावा था कि इसी वजह से उन्होंने कोर्ट जाकर अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली थी। हालांकि बाद में गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने दूसरी शादी के इन दावों को पूरी तरह से गलत बताते हुए खारिज कर दिया।

FPI ने अक्टूबर में अब तक बेचे ₹52100 करोड़ के भारतीय शेयर, किन वजहों से बने हुए हैं सेलर

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने अक्टूबर में अब तक भारतीय शेयर बाजार से 52,100 करोड़ रुपये निकाले हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिका में बॉन्ड पर बढ़ती यील्ड और डॉलर की मजबूती के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है। इससे भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ा है। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने सितंबर में भारतीय शेयरों से 35,861 करोड़ रुपये निकाले थे।

इससे पहले जुलाई में उन्होंने 20,200 करोड़ रुपये और अगस्त में 29,631 करोड़ रुपये का निवेश किया था। अक्टूबर की ताजा सेलिंग के साथ विदेशी निवेशक साल 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजार से 3.12 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। साल 2025 में उन्होंने 1.66 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चॉइस वेल्थ के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी ऑफिसर धीरज गौड़ का कहना है कि अमेरिका में सरकारी बॉन्ड पर हाई यील्ड, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। अमेरिका में महंगाई का ऊंचे स्तर पर बने रहना भी ब्याज दर में बढ़ोतरी की आशंकाओं को बढ़ा रहा है। इससे विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी एसेट्स अधिक आकर्षक हो गए हैं।

यह भी कहा कि महंगा कच्चा तेल भारतीय अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है। इसके अलावा, उत्तर एशियाई बाजारों में आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी के कारण विदेशी पूंजी भारत के बजाय उन बाजारों की ओर जा रही है।

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16 अक्टूबर को की थी खरीद

16 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने कुछ बाइंग की थी। अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर यील्ड के कुछ नीचे आने और रुपये में मजबूती के कारण ऐसा हुआ था। बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्व पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी और शुक्रवार को बाइंग इस बात का संकेत है कि बाजार में निवेशकों की धारणा स्थिर हो सकती है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार में रिकवरी की राह में अब भी जोखिम बनी हुई हैं।

Jailer 2 box office collection day 3: रजनीकांत फिल्म ने ₹144 करोड़ का आंकड़ा पार किया, शनिवार को तोबड़तोड़ नोट छापे

Jailer 2 box office collection day 3: रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। गुरुवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस तमिल फिल्म को लेकर काफी चर्चा थी और इसे दर्शकों और समीक्षकों से अच्छे रिव्यू मिले हैं। अब उम्मीद है कि यह फिल्म वीकेंड पर शानदार कमाई करेगी। आइए देखते हैं कि अब तक फिल्म का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन कैसा रहा है।

‘जेलर 2’ बॉक्स ऑफिस अपडेट

‘जेलर 2’ रजनीकांत की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ ओपनिंग की। भारत में ‘जेलर 2’ की एडवांस बुकिंग रिलीज से पांच दिन पहले 10 अक्टूबर को शुरू हो गई थी। कुछ विदेशी बाजारों में तो यह एक दिन पहले ही शुरू हो गई थी। 14 अक्टूबर (बुधवार) तक फिल्म की दुनिया भर में एडवांस बुकिंग ₹80 करोड़ के पार पहुंच गई थी। सिर्फ भारत में ही, फिल्म के लिए प्री-सेल में 18 लाख टिकट बिके, जिससे ₹37 करोड़ की कमाई हुई। रिलीज के दिन, ‘जेलर’ ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 15,887 शोज़ के जरिए ₹59.70 करोड़ (नेट) की कमाई की। शुक्रवार को फिल्म ने ₹37.10 करोड़ का कलेक्शन किया था।

सैकनिल्क (Sacnilk) के ताजा अपडेट के अनुसार, ‘जेलर 2’ ने अपनी रिलीज़ के तीसरे दिन ₹47.80 करोड़ की कमाई की है। फिल्म ने तीन दिनों में ही ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है और अब इसकी नज़र ₹150 करोड़ के आंकड़े पर है। इसकी कुल कमाई अब ₹144.60 करोड़ हो गई है। रजनीकांत की पिछली रिलीज, ‘कुली’ (Coolie) ने भारत में रिलीज के दो दिनों के भीतर ही ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था। ‘जेलर 2’ उस रिकॉर्ड की बराबरी नहीं कर पाई और एक नया रिकॉर्ड बनाया।

‘जेलर 2’ में पांडियन की कहानी आगे बढ़ती है। जब उनका अतीत उनके सामने आता है, तो उन्हें अपने परिवार की रक्षा करनी पड़ती है और वैश्विक स्तर पर फैले एक खतरनाक अंडरवर्ल्ड साम्राज्य का सामना करना पड़ता है। रजनीकांत के अलावा, इस फिल्म में विद्या बालन, एस. जे. सूर्या, राम्या कृष्णन और सूरज वेंजारामूडु भी हैं। साथ ही, इसमें मोहनलाल, शिव राजकुमार और ऋतिक रोशन जैसे कई अन्य कलाकारों की भी छोटी भूमिकाएं (कैमियो) हैं।

केरल की कार्तियानी अम्मा की कहानी से इंप्रेस आर माधवन ने पोस्ट किया Video, 96 साल की उम्र में लिटरेसी एक्जाम में हासिल किए 100 में 98 नंबर

कभी-कभी किसी की कहानी इतनी प्रेरणादायक होती है कि उनके जाने के लंबे समय बाद भी वो हमें इंस्पायर करती रहती है। ऐसा ही कुछ एक्टर आर माधवन के साथ भी हुआ है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर केरल की कार्तियानी अम्मा की कहानी शेयर की है। कार्तियानी अम्मा ने 96 साल की उम्र में लिटरेसी एग्जाम में 100 में से 98 नंबर लाकर सुर्खियां बटोरी थीं। एक्टर ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर उनकी उप्लब्धि को सेलिब्रेट करते हुए एक वीडियो रीपोस्ट किया। कार्तियानी अम्मा का 2023 में 101 साल की उम्र में निधन हो गया

उनकी लिटरेसी एग्जाम की कहानी देर से पढ़ाई करने के अपने पक्के इरादे से इंस्पायर करती है। बॉलीवुड एक्टर आर माधवन ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर कार्तियानी अम्मा के शानदार सफर की तारीफ की। उन्होंने साबित किया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। एक्टर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें बताया गया कि कैसे कार्तियानी अम्मा ने 96 साल की उम्र में लिटरेसी एग्जाम दिया और 100 में से शानदार 98 नंबर हासिल किए।

आर माधवन ने कार्तियानी अम्मा की इंस्पायरिंग कहानी शेयर की

माधवन के शेयर किए गए वीडियो में कार्तियानी अम्मा की अचीवमेंट को इस मैसेज के साथ हाईलाइट किया गया, “96 साल की उम्र में, केरल की कार्तियानी अम्मा ने 98/100 के साथ लिटरेसी एग्जाम में टॉप किया।” यह कहानी 2018 की है, जब कार्तियानी अम्मा ने केरल के अक्षरलक्षम लिटरेसी प्रोग्राम में हिस्सा लिया था।

अपने जीवन का ज्यादातर हिस्सा बिना औपचारिक शिक्षा के बिताने के बावजूद, उन्होंने नब्बे की उम्र में पढ़ना, लिखना और बेसिक मैथ्स सीखने का फैसला किया।

कार्तियानी अम्मा कौन थीं?

1922 में केरल के अलप्पुझा जिले के चेप्पड़ गांव में जन्मी कार्तियानी अम्मा एक ऐसे घर में पली-बढ़ीं जो पैसे की तंगी से जूझ रहा था। अपनी पीढ़ी की कई औरतों की तरह, उन्हें बचपन में स्कूल जाने का मौका नहीं मिला।

इसके बजाय, उन्होंने अपनी जिंदगी का ज्यादातर समय काम करने और अपने छह बच्चों को पालने में बिताया। कहा जाता है कि उन्होंने अपने परिवार का गुजारा करने के लिए घरेलू मदद और सड़क साफ करने वाली के तौर पर काम किया।

पढ़ाई में उनकी दिलचस्पी तब फिर से जागी जब उनकी 60 साल की बेटी ने एक लिटरेसी प्रोग्राम में एडमिशन लिया और सफलतापूर्वक परीक्षा पास की। अपनी बेटी की कामयाबी से प्रेरित होकर, कार्तियानी अम्मा ने खुद भी पढ़ाई करने का फैसला किया। उनके पोते-पोतियों और परपोते-परपोतियों ने उन्हें पढ़ने, लिखने और मैथ्स की प्रैक्टिस करने में मदद की।

96 साल की उम्र में 98 अंक हासिल किए

2018 में, कार्तियानी अम्मा केरल स्टेट लिटरेसी मिशन अथॉरिटी के तहत हुई एक साक्षरता परीक्षा में शामिल हुईं। इस परीक्षा में 40,000 से ज्यादा उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। 96 साल की उम्र में, उन्होंने 100 में से 98 मार्क्स हासिल किए। उन्हें 2019 में कॉमनवेल्थ ऑफ लर्निंग के लिए गुडविल एंबेसडर भी बनाया गया और उन्हें मशहूर नारी शक्ति पुरस्कार मिला।

कार्तियानी अम्मा का निधन कब हुआ?

कार्तियानी अम्मा का अक्टूबर 2023 में 101 साल की उम्र में निधन हो गया। हालांकि वह अब जीवित नहीं हैं, लेकिन उनकी कहानी को पक्के इरादे और जिंदगी भर सीखने की मिसाल के तौर पर याद किया जाता है।

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