दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने एक्सप्रो इंडिया में लगभग 1% हिस्सेदारी बेची, ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिंग में बढ़ाई हिस्सेदार

जाने-माने निवेशक आशीष कचोलिया ने सोमवार को ओपन-मार्केट ट्रांजैक्शन के जरिए, बिड़ला समूह से जुड़ी पॉलीमर प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ‘एक्सप्रो इंडिया’ में अपनी लगभग 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा 19 अक्टूबर को जारी बल्क डील डेटा के मुताबिक आशीष कचोलिया ने 21.53 करोड़ रुपये मूल्य के 2.22 लाख इक्विटी शेयर बेचे हैं जो कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 0.94 प्रतिशत है। ये शेयर 970.11 रुपये प्रति शेयर के औसत भाव पर बेचे गए हैं।

सितंबर 2026 तक,एक्सप्रो इंडिया  में कचोलिया की 2.01 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो 4.71 लाख शेयरों के बराबर है। हिस्सेदारी बेचे जाने के बावजूद, सोमवार को एक्सप्रो इंडिया के शेयरों में 1.79 प्रतिशत की तेजी आई और ये 995 रुपये पर बंद हुए। इसके साथ ही इसमें लगातार पांच दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला भी थम गया।

हालांकि,बीच-बीच में आने वाली खरीदारी के बावजूद, सितंबर के अपने स्विंग हाई पर पहुंचने के बाद से ही यह स्टॉक दबाव में बना हुआ है। यह स्टॉक सितंबर 2026 में बने 1,408.70 रुपये के हाई से लगभग 31 प्रतिशत गिर चुका है।

ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में खरीदी 0.73% अतिरिक्त हिस्सेदारी

इस बीच एक दूसरे दिग्गज निवेशक ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में 0.73% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल (HNI) निवेशक ऋषि कजारिया ने स्वराज सूटिग में 1.94 लाख और इक्विटी शेयर खरीदे हैं, जो कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 0.73 प्रतिशत है। ये शेयर 6.29 करोड़ रुपये में खरीदे गए हैं, जिनकी औसत कीमत 323.38 रुपये प्रति शेयर रही। सितंबर 2026 तक, स्वराज सूटिग में कजारिया की 1.24 प्रतिशत हिस्सेदारी थी,जो 3.26 लाख शेयरों के बराबर है। बता दें कि स्वराज सूटिंग सूती और सिंथेटिक कपड़े बनाती है।

FIIs ने की बिकवाली, DIIs से मिला सपोर्ट

उधर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को भारतीय बाजारों में 1,148.64 करोड़ रुपये की बिकवाली की। यह इस महीने की उनकी सबसे कम नेट सेलिंग रही थी। यह 15 अक्टूबर को हुई 5,285.37 करोड़ रुपये की बिक्री से कम है। एक्सचेंज के प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 3,201.19 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

कल के सेशन में FIIs ने 11,240.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 12,389.28 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। DIIs ने 14,781.31 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 11,580.12 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, शुक्रवार, 16 अक्टूबर को FIIs नेट बॉयर रहे थे और उन्होंने 1,165.92 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। यह इस महीने उनका एकमात्र ऐसा सत्र था जिसमें उन्होंने नेट बाइंग की। हालांकि, शुक्रवार DIIs ने 3,661.28 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग की थी।

बाजार पर एक नजर

सोमवार को भारतीय बाजारों में गिरावट आई। निफ्टी257.20 अंक या 1.11% गिरकर 22,888.95 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 876.37 अंक या 1.17% की गिरावट के साथ 73,852.90 पर बंद हुआ। इस गिरावट में प्राइवेट बैंकों की अहम भूमिका रही। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.85% की गिरावट आई। FMCG में 1.44% और IT में 1.28% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स में लगभग 2.4% की तेजी आई।

निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.09% और 1.01% की गिरावट आई। सोमवार को FIIs ने अपनी बिकवाली काफी कम कर दी,लेकिन फिर भी बेंचमार्क सूचकांकों में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई।

 

 

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इस प्राइवेट बैंक के शेयर में आ सकती है तूफानी तेजी, एनालिस्ट ने बताया टॉप पिक

एलारा सिक्योरिटीज ने आईसीआआईसीआई बैंक को अपनी टॉप पिक बताया है। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में से एक है। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1 अक्तूबर को 2 बजे 0.64 फीसदी गिरकर 1,313.30 रुपये पर चल रहा था। बैंक निफ्टी पर भी दबाव दिखा। यह 0.64 फीसदी नीचे था।

करेक्शन के बाद वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर

Elara Securities का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद ICICI Bank की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई है। ब्रोकरेज फर्म के हेड ऑफ रिसर्च बिनो पतिपरामपिल ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में अभी कम रिस्क के साथ स्ट्रॉन्ग ग्रोथ की संभावना दिख रही है। उन्होंने कहा कि अगर अभी निवेश के लिए किसी सेक्टर का चुनाव करना हो तो बैंक सेक्टर को चुना जा सकता है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजी

उन्होंने कहा, “आईसीआईसीआई बैंक टॉप चॉइस बना हुआ है।” अच्छी क्रेडिट ग्रोथ, क्रेडिट की स्ट्रॉन्ग डिमांड और बेहतर एसेट क्वालिटी के बावजूद बीते एक साल में प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन सरकारी बैंकों के मुकाबले कमजोर रहा है। बीते एक साल में निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 4.72 फीसदी चढ़ा है, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.98 फीसदी चढ़ा है।

पीएसयू बैंकों के मुकाबले प्राइवेट बैंक शेयरों का प्रदर्शन कमजोर

मार्केट में रिकवरी शुरू होने पर प्राइवेट बैंकों के शेयरों में अच्छी तेजी दिख सकती है। आईसीआईसीआई बैंक सहित कई बड़े प्राइवेट बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन बीते एक साल में कमजोर रहा है। इस दौरान आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 4.34 फीसदी गिरा है। एचडीएफसी बैंक का शेयर बीते एक साल में करीब 26 फीसदी टूटा है।

जून तिमाही में ICICI Bank का अच्छा प्रदर्शन 

जून तिमाही में आईसीआईसीआई बैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा। इस दौरान बैंक का नेट प्रॉफिट 14800 करोड़ रुपये रहा। यह एनालिस्ट्स की उम्मीद से ज्यादा था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 12.7 फीसदी गिरकर 24300 करोड़ रुपये रही। घरेलू लोन की ग्रोथ 19 फीसदी से ज्यादा रही। नेट इंटरेस्ट मार्जिन भी बढ़कर 4.36 फीसदी रहा। बैड लोन के लिए बैंक की प्रोविजनिंग में काफी कमी देखने को मिली।

बाजार में 1 अक्टूबर को भी बड़ी गिरावट 

1 अक्तूबर को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 1.71 फीसदी यानी 385 अंक गिरकर 22,232 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.58 फीसदी यानी 1137 अंक गिरकर 71,334 पर चल रहा था। बैंक शेयरों पर भी दबाव दिखा। भारतीय शेयर बाजार का सेंटिमेंट काफी कमजोर है। बाजार के प्रमुख सूचकांक अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ चुके हैं।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 15 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 11 सितंबर को एक और उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 23,400 के लेवल के आसपास बंद होने में कामयाब रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 120.83 अंक यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 74,781.76 पर और निफ्टी 79.70 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 23,398.10 पर बंद हुआ। आज लगभग 1773 शेयरों में बढ़त हुई, 2373 शेयरों में गिरावट आई और 190 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

डॉ.रेड्डीज़ लैबोरेटरीज, HDFC बैंक, ITC, टेक महिंद्रा और विप्रो निफ्टी में बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे, जबकि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, JSW स्टील, टाटा स्टील, आयशर मोटर्स और ONGC सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयर रहे।

सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.5% बढ़ा। वहीं, मेटल और रियल्टी इंडेक्स में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई,जबकि ऑटो, एनर्जी, ऑयल एंड गैस और PSU बैंक इंडेक्स में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.26% की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6% गिरा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ग्लोबल स्तर पर ऊंची ब्याज दरों की चिंता ने घरेलू शेयर बाज़ार पर दबाव बनाया,जिससे बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। प्रोड्यूसर महंगाई में बढ़ोतरी और मज़बूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने ब्याज दरों में बढ़त की संभावना को मज़बूत किया है। इससे बॉन्ड यील्ड बढ़ी और FII की बिकवाली जारी रही। हालांकि,यूरोपीय बाज़ारों में अच्छी शुरुआत के बाद कुछ खास सेक्टरों (खासकर IT) में वैल्यू बाइंग की वजह से बाज़ार दिन के निचले स्तरों से संभल गया।

बाज़ार में सुधार के बावजूद,कमज़ोर मार्केट ब्रेड्थ से पता चलता है कि बाज़ार में अभी भी उतार-चढ़ाव के साथ सुस्ती का दौर जारी है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,विदेशी निवेशकों की बिकवाली और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के कारण बाज़ार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है,लेकिन मज़बूत घरेलू फंडामेंटल और संस्थागत निवेशकों के सपोर्ट से निचले स्तरों पर खरीदारी हो रही है। ऐसे में किसी बड़ी गिरावट का डर नहीं है और मध्यम अवधि के नजरिए से बाज़ार का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी गैप-डाउन के साथ खुला। हालांकि,सेशन के पहले हिस्से के बाद बिकवाली का दबाव जारी नहीं रहा और इंडेक्स में निचले स्तरों से थोड़ी शॉर्ट-कवरिंग देखी गई। निफ्टी दिन के निचले स्तर से लगभग 200 अंक सुधरा। हालांकि यह 0.34% नीचे बंद हुआ। डेली चार्ट पर लगातार गिरावट के बाद इंडेक्स ने एक बुलिश कैंडल बनाया,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। हालांकि,एक ठोस रिकवरी की पुष्टि के लिए आगे भी लगातार बढ़त जारी रहने की जरूरत होगी।

टेक्निकल नज़रिए से डेली RSI अभी भी 40 ज़ोन के नीचे ट्रेड कर रहा है। यह मंदी के रुख (बेयरिश बायस) के बने रहने का संकेत है। निफ्टी अपने 20-डे और 50-डे EMA के नीचे भी ट्रेड कर रहा है,जिससे इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर कमज़ोर बना हुआ है। वहीं,बढ़ता ADX और हाई लेवल पर बना इंडिया विक्स ग्लोबल अनिश्चितता के बीच ट्रेंड की तेजी और लगातार उतार-चढ़ाव का संकेत दे रहे हैं। निकट भविष्य में स्ट्रक्चर में ठोस सुधार के लिए लगातार खरीदारी की जरूरत होगी।

आगे निफ्टी के लिए 23250–23230 का ज़ोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है,जो आज के निचले स्तर के आसपास है। अगर यह 23230 के नीचे बना रहता है,तो 23080 के स्तर की ओर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ, 23600–23620 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस हो सकता है। अगर निफ्टी 23620 के ऊपर बना रहता है,तो पुलबैक 23800 के स्तर तक बढ़ सकता है।

बैंक निफ्टी का आउटलुक

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी भी गैप-डाउन के साथ खुला। हालांकि,जोरदार शॉर्ट कवरिंग की वजह से इसमें दिन के निचले स्तर से लगभग 890 अंकों की रिकवरी देखी गई। बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर लोअर विक (lower wick) के साथ एक मज़बूत बुलिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। गैप-डाउन ओपनिंग के बावजूद इंडेक्स 0.24% ऊपर बंद हुआ,जो निचले स्तरों पर खरीदारों की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए 56000–55900 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह 55900 के नीचे बना रहता है तो 55500 के स्तर तक और बिकवाली का दबाव बन सकता है। ऊपर की तरफ 57100–57200 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस दिख सकता है,जबकि 57200 के ऊपर बने रहने पर पुलबैक 57500 के स्तर तक बढ़ सकता है।

 

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प्राइवेट बैंक शेयरों के आने वाले हैं अच्छे दिन, तो क्या यह निवेश का सही वक्त है?

प्राइवेट बैंक शेयरों के अच्छे दिन आने वाले हैं। इस साल प्राइवेट बैंक शेयरों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। लेकिन, अब स्थिति बदलने वाली है। यह अनुमान यूबीएस में इंडिया फाइनेंशियल एनालिस्ट आलोक श्रीवास्तव ने जताया है। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स बीते एक साल में सिर्फ 2.83 फीसदी चढ़ा है, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में इस दौरान 21.69 फीसदी उछाल आया है।

प्राइवेट बैंक शेयरों को लेकर बदल रहा सेंटीमेंट

UBS India Conference 2026 से इतर श्रीवास्तव ने बताया कि अब प्राइवेट बैंक के शेयरों को लेकर सेंटीमेंट बदलता दिख रहा है। काफी समय तक कमजोर प्रदर्शन की वजह से इनवेस्टर्स ने प्राइवेट बैंकों के शेयरों से दूरी बना ली थी। उन्होंने कहा, “प्राइवेट बैंकों के बारे में हमारी सोच काफी पॉजिटिव है। हमें इन शेयरों में दिलचस्पी लौटती दिख रही है।”

नई शाखाएं ओपन करने में प्राइवेट बैंक काफी आगे

उन्होंने यूबीएस थिमैटिक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें यह बताया गया है कि बीते तीन से पांच सालों में नई शाखाएं ओपन करने के मामले में कई बड़े प्राइवेट बैंक प्रतिद्वंद्बी बैंकों से काफी आगे चल रहे हैं। इनमें से कई ब्रांच इतने पुराने हो चुके हैं कि उनसे अच्छा रेवेन्यू आने लगा है। इसका असर प्राइवेट बैंकों की कुल डिपॉजिट के साथ ही करेंट अकाउंट सेविंग अकाउंट (CASA) ग्रोथ पर दिखेगा।

कुछ बैंकों में लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता कायम

उन्होंने हालांकि यह कहा कि कुछ प्राइवेट बैंकों को लीडरशिप के मामले में अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। इनवेस्टर्स नए निवेश से पहले इस क्राइसिस के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी प्राइवेट बैंक शेयरों की वैल्यूएशन सही लग रही है। साथ ही FCNR से जुटाए गए डिपॉजिट से ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।

एचडीएफसी बैंक का शेयर बीते एक साल में 28% गिरा

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank का शेयर बीते एक साल में 28.50 फीसदी गिरा है। ICICI Bank का शेयर बीते एक साल में 1.91 फीसदी कमजोर हुआ है। कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर इस दौरान सिर्फ 4.96 फीसदी चढ़ा है। हालांकि, एक्सिस बैंक के शेयर में इस दौरान 16 फीसदी से ज्यादा तेजी आई है।

लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी

10 सितंबर को लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद शेयर बाजारों में रिकवरी आई। सेंसेक्स 0.19 फीसदी यानी 138 अंक चढ़कर 74,902 पर बंद हुआ। निफ्टी 0.20 फीसदी यानी 46 अंक चढ़कर 23,477 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.31 फीसदी की मजबूती दिखी। हालांकि, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स पर दबाव दिखा।

Top Stock Picks : केमिकल और सीडीएमओ स्पेस में काफी अच्छे निवेश के मौके, ये तीन ऑटो शेयर करेंगे कमाल

Top Stock Picks : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट देखने के मिल रही है। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा गिरा है और निफ्टी 24,550 के आस-पास बना हुआ। फिलहाल सेंसेक्स 505.76 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 78,449 पर और निफ्टी 100.05 अंक या 0.41 प्रतिशत गिरकर 24,535.95 पर आ गया है। । सेक्टर के हिसाब से प्राइवेट बैंकों में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.90 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। जबकि बैंक निफ्टी में 0.62 प्रतिशत की गिरावट आई है। बाजार की कमजोरी के बावजूद IT और ऑटो शेयरों में तेजी बनी हुई है। वहीं, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 2.63 फीसदी बढ़ा है।

ऐसे में टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा की बाजार में क्रूड की वोलेटिलिटी और जियोपॉलिटिकल अनसर्टेनिटी का असर देखने को मिल रहा है। लेकिन उसके बावजूद भी हमारे बाजार ने एक बहुत ही बढ़िया मजबूती दिखाई है। ब्रॉड बेस मार्केट में अप्रैल महीने से अभी तक जिस तरह की रिकवरी देखने को मिली है वह इस बात का क्लियर रिफ्लेक्शन है कि अब कहीं ना कहीं बाजार इस अनसर्टेनिटी को पचाने की क्षमता दिखाना शुरू कर चुका है।

ये सिर्फ सेंटीमेंटल रिकवरी नहीं है। सभी सेक्टरों के पहली तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं। कई तिमाहियों के बाद हमें इस तरह के उत्साहजनक आंकड़ें देखने को नजर आ रहे हैं। खासतौर पर स्माल कैप ने सबसे ज्यादा सरप्राइज किया है। यहां पर हमें 28% तक की टॉप लाइन एबिट और पैट ग्रोथ देखने को नजर आई है। अभी तक जो रिजल्ट्स उनको देखते हुए बाजार का ट्रेंड साफतौर पर काफी स्ट्रांग है।

ऐसे में अगर हम थीम स्पेसिफिक बात करें तो पूरा ईएमएस स्पेस ही काफी अच्छा लग रहा है। इस सेक्टर के लिए सेमीकॉन 2.0 और सरकारी प्रोत्साहन काफी पॉजिटव फैक्टर है। ऐसे में हमें आगे सिरमा और एवलॉन जैसी कंपनियों में इसका काफी पॉजिटिव असर देखने को मिल सकता है। केन्स (Kynes Tech) जैसा शेयर भी बड़े करेक्शन के बाद तेजी के लिए तैयार दिख रहा है।

इसके अलावा स्पेशलिटी केमिकल और सीडीएमओ स्पेस में भी काफी अच्छे निवेश के मौके दिख रहे हैं। नवीन फ्लोरिन, न्यूलैंड लैब्स और डीवीज लैब जैसी कंपनियों ने जिस तरह के स्ट्रांग टॉप लाइन ग्रोथ और प्रॉफिट ग्रोथ दिखाए हैं, उनको देखकर लगता है कि मार्केट इनको लगातार रिवॉर्ड करता हुआ नजर आएगा।

आशीष चतुरमोहता को इनके अलवा डिफेंस में भी अच्छे मौके दिख रहे हैं। डिफेंस के दिग्गज प्लेयर्स अब तक थोड़े साइडवेज थे। अब ये भी तेजी पकड़ते दिख रहे हैं। डिफेंस कंपनियों की एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटी इंप्रूव होती हुई नजर आ सकती है और जिसका बेनिफिट एचएल जैसे स्टॉक में भी देखने को नजर आ सकता है।

टू व्हीलर स्पेस पर अपनी राय रखते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पहली तिमाही में अक्रॉस द बोर्ड पैसेंजर व्हीकल,कमर्शियल व्हीकल,टू व्हीलर,इलेक्ट्रिक व्हीकल इन सबके नंबर्स बहुत ही ज्यादा अच्छे आए। इनमें डबल डिजिट और किसी-किसी सेगमेंट में तो 20% की भी ग्रोथ देखने को मिली है। अब तो फेस्टिव सीजन भी आने वाला है। ऐसे में नंबर्स यहां से और बढ़ते हुए नजर आ सकते हैं। इसका बहुत अच्छा फायदा M&M, TVS मोटर्स और एथर एनर्जी को हो सकता है। वैसे तो पूरी थीम ही काफी अच्छी लग रही। लेकिन ये तीन शेयर खास हैं, क्योंकि इन्होंने लगातार मार्केट शेयर गेन किया है और नई कैटेगरी क्रिएट करके वहां पर मार्केट लीडर बने हैं।

एसयूवी ईवी सेगमेंट में पैसेंजर व्हीकल की बात करें तो महिंद्रा एंड महिंद्रा लगातार लीड बनाए हुए है। टू व्हीलर की बात करें तो TVS मोटर्स टू व्हीलर में तो अच्छा कर ही रहा है, ईवी सेगमेंट के अंदर भी इसका लगभग 25% का मार्केट शेयर हो गया है। इसी तरह एथर एनर्जी जो कि एक नया खलाड़ी था, पहली बार प्रॉफिटेबल हुआ है। कंपनी का कहना है अब उसकी प्रॉब्लम डिमांड नहीं है। डिमांड तो काफी ज्यादा आ रही। मेन प्रॉब्लम सप्लाई साइड से है। इसका मतलब उनको कैपेसिटी और बढ़ानी पड़ेगी। ऐसे में हमें लगता है यह कंपनी भी बहुत स्ट्रांग टर्न अराउंड फेस में एंटर हो रही है। ऐसे में इस समय ऑटो स्पेस और ऑटो एंसिलरी का स्पेस काफी प्रॉमिसिंग दिख रहा है।

 

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Stock Market Fall: निफ्टी 24570 से नीचे, सेंसेक्स 503 अंक तक फिसला; बाजार 6 कारणों से लाल

शेयर बाजार में शुक्रवार, 7 अगस्त को गिरावट है। इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में तेजी रही थी। शुक्रवार को सेंसेक्स लाल निशान में 78,516.08 पर खुला। फिर पिछली क्लोजिंग से करीब 503 अंक तक टूटकर 78,451.99 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 24,538.90 पर खुला और फिर ​पिछली क्लोजिंग से 107 अंक तक टूटकर 24,529.20 के लो तक गया। गुरुवार को सेंसेक्स 373.76 अंक या 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,954.76 पर बंद हुआ था। निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को लौटी गिरावट के अहम कारण डिटेल में…

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत में तेजी है। यह 1.3% चढ़कर 83.8 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। कच्चे तेल की महंगाई भारत के लिए एक नेगेटिव फैक्टर है क्योंकि देश अपनी कच्चे तेल की कुल जरूरत का ज्यादातर हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। तेल की बढ़ती कीमतें आयात की लागत बढ़ा सकती हैं, जिससे व्यापार घाटा बढ़ सकता है। साथ ही देश के अंदर महंगाई भी बढ़ सकती है।

वित्तीय शेयरों में गिरावट

शुक्रवार को फाइनेंशियल स्टॉक्स ​दबाव में हैं। बजाज फाइनेंस का शेयर 4.3 प्रतिशत तक लुढ़का। इसकी पेरेंट कंपनी बजाज फिनसर्व में भी 3.6 प्रतिशत की गिरावट दिखी। निफ्टी बैंक 0.3 प्रतिशत नीचे है, जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स और PSU बैंक इंडेक्स में भी गिरावट आई।

FII की बिकवाली

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को 17.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है।

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वैश्विक बाजारों की चाल

एशियाई बाजारों में गिरावट और तेजी का मिलाजुला रुख है। दक्षिण कोरिया का KOSPI और जापान का Nikkei 225 इंडेक्स लाल निशान में है। वहीं हेंग सेंग, जकार्ता कंपोजिट, शंघाई कंपोजिट में तेजी है। गुरुवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे।

रुपये में गिरावट

शुक्रवार को रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 6 पैसे गिरकर 95.28 प्रति डॉलर पर आ गया। डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच रुपया गुरुवार को 14 पैसे कमजोर होकर 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

India VIX में बढ़ोतरी

मार्केट में अस्थिरता का पैमाना India VIX 3 प्रतिशत बढ़कर 12.46 पर पहुंच गया। यह निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता का संकेत देता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

IT Vs Banks : बैंक निफ्टी के लिए कच्चा तेल एक बड़ा सिरदर्द, इस महीने 18% रिटर्न देने के बाद IT में अभी भी बाकी है दम

IT Vs Banks : IT शेयरों ने आज तेजी का चौका लगाया है। निफ्टी IT इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। निफ्टी के टॉप 5 गेनर्स में से 4 IT सेक्टर के हैं। अमेरिका में Cognizant के EPS आउटलुक बढ़ाने से आईटी स्पेस में जोश आया है। निफ्टी IT इंडेक्स 4 दिन में 11% चढ़ा है। ऐसे में सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज IT की रैली का भी एक टेस्ट होगा,यह अभी भी सबसे मजबूत इंडेक्स है। कल COGNIZANT का अनुमान बढ़ाना एक बड़ा पॉजिटिव है। निफ्टी IT हमारे 32,800 के लक्ष्य से अब 1700 अंक दूर है। 27,000 से हमने निफ्टी IT पर मजबूत लॉन्ग नजरिया लिया था।

उधर हाल के दिनों में बैंक शेयरों पर दबाव देखने को मिला है। बैंक निफ्टी आज भी 0.58 फीसदी की गिरावट के साथ 56,870 को आसपास दिख रहा है। अनुज सिंघल ने बैंक निफ्टी पर अपनी रणनीति साझा करते हुए कहा कि इसके लिए आज पहला सपोर्ट 56,800-57,000 और बड़ा सपोर्ट 56,500-56,700 पर होगा। वहीं, सबसे अहम रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर है। बैंक निफ्टी अभी भी सही ट्रेडिंग मूव्स नहीं दे रहा है

IT Vs बैंक्स: अब क्या?

इन दोनों सेक्टरों के इस महीने के रिटर्न पर नजर डालें तो निफ्टी IT ने 18% रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी बैंक में 0.6% की कमजोरी देखने को मिली है। निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.3% की गिरावट आई है। HCLTech 25% फीसदी भागा है। वहीं, TCS में 20% की और टेक महिंद्रा में 17% की तेजी आई है। इंफोसिस 16% तो परसिस्टेंट 27% भागा है। दूसरी तरफ एक्सिस बैंक 8% तो HDFC बैंक 6% टूटा है। हालांकि ICICI बैंक में 4.5% की तेजी देखने को मिली है।

अनुज सिंघल की राय है कि HDFC बैंक अभी भी सबसे कमजोर शेयर है। कल की रैली एक डेड कैट बाउंस (Dead Cat Bounce) ही है। HDFC बैंक में किसी भी रैली में ना फंसें। सिर्फ वैल्यूएशन कम्फर्ट के कारण निवेश का तर्क नहीं होता। पहले भी 1 महीने की पूरी रैली एक दिन में स्वाहा हुई थी। वहां फोकस करें जहां पर आपको मोमेंटम मिला है।

परसिस्टेंट जैसे शेयर देखिए जहां 4300 रुपए के स्तर से शॉर्ट फंसे हैं। हमने इस पर लांन्ग का बोल्ड नजरिया लिया और शेयर अब वहां से करीब 30% ऊपर है। HCLTech में भी Sarvam में निवेश के बाद से सिर्फ एकतरफा तेजी है। कोफोर्ज ने भी मुड़कर नहीं देखा है। निफ्टी IT में बहुत लोगों ने रैली मिस की है। अब इसीलिए वो ये कहेंगे कि अब ये रिस्की हो गया है। इसका सबसे बड़ा टेस्ट मिलेगा 200 DMA यानी 32,800 पर।

बैंक निफ्टी के लिए अब भी कच्चा तेल बड़ा सिरदर्द है। अगली तिमाही में क्रेडिट कॉस्ट बढ़ेंगी और NIMs पर असर होगा। टेक्निकली निफ्टी बैंक 57,400-57,500 के 200 DMA पर ही अटक रहा है।

 

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