Market Insight : अगले दो साल बाजार के लिए रहेंगे शानदार, बैंकिंग और फार्मा शेयर जोरदार तेजी के लिए तैयार

Market Insight : मार्केट आउटलुक पर बात करते हुए वैलेंटिस एडवाइजर्स (Valentis Advisors) के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा कि हाल के दिनों में स्टॉक मार्केट में काफी उथल-पुथल देखने को मिली। बाजार दो तरफा रहा है। लार्ज कैप इन्वेस्टर्स है को तो रिटर्न नहीं मिला है। लेकिन स्माल कैप और मिड कैप इन्वेस्टर्स के लिए बाजार बहुत अच्छा रहा है। अगर पिछले 6 महीनों पर नजर डालें तो स्माल कैप में करीब 25% की तेजी आई है। वहीं, लार्ज कैप फ्लैट रहा है। कंपनियों के नतीजे भी अच्छे रहे हैं। जून तिमाही के नतीजे काफी अच्छे थे। लार्ज कैप में भी अच्छे नतीजे देखने को मिले। स्मॉल और मिड कैप में काफी ग्रोथ देखने को मिला है। स्मॉल और मिड कैप में करीब 20 से 25 फीसदी ग्रोथ रही।

इकोनॉमी में अर्निंग्स ग्रोथ हो रही है। अनुमान है अगले दो साल में लार्ज कैप में भी 12-13% की अर्निंग ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वहीं स्मॉल और मिड कैप में 18 से 20% ग्रोथ हो सकता है। ऐसे में अगले दो साल मार्केट के लिए अच्छे रहने चाहिए। दो साल तक बाजार कंसोलिडेट हुआ। पिछले दो साल में लार्ज कैप, स्माल कैप और मिड कैप में कहीं पैसा नहीं बना। लेकिन अगला 2 साल बेटर रहेगा।

लेकिन छोटी अवधि के नजरिए से देखें तो अगले दो-तीन महीने में बाजार में बॉन्ड डील का बहुत ज्यादा रिस्क रहेगा। बाजार बहुत हद तक कच्चे तेल से लिंक्ड है। अगर ईरान और यूएस का कोई समझौता हो जाता है और है और कच्चा तेल गिर जाता है तो फिर इनफ्लेशन वापस नीचे आ सकता है। इससे बॉन्ड ईल्ड में जो बड़ा स्पाइक देखने मिला है वह थम सकता है। कल रात को यूएस से कुछ अच्छे संकेत आए। अगर अगले कुछ दिनों में अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत वापस चालू हो जाती है तो यह बाजार के लिए अच्छा रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि अगले दो-चार क्वार्टर में भी कॉर्पोरेट नतीजे अच्छे आने चाहिए और उसके कारण बाजार को थोड़ा सपोर्ट मिलेगा। हम ग्लोबल मार्केट के असर से पूरी तरह अछूते तो नहीं रह सकते। तो जब ग्लोबल मार्केट में करेक्शन आएगा तब भारत में भी करेक्शन आएगा। लेकिन यह करेक्शन दूसरे बाजारों की तुलना में कम रह सकता है। इसकी वजह ये है कि पिछले दो साल में भारत के बाजार ने दूसरे बाजारों की तुलना में बहुत खराब प्रदर्शन किया है। ऐसे में अब इसमें ग्लोबल मार्केट्स के हिसाब से शायद थोड़ा कम करेक्शन आएगा। आगे हमें बैंकिंग सेक्टर में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वित्त वर्ष 2026 में बैंकिंग के नतीजे कमोबेश सपाट रहे थे। ग्रोथ कुछ नहीं आया था। अगले एक साल में इसमें ग्रोथ आएगी और इनको नेट इंटरेस्ट मार्जिन में बढ़त का फायदा मिलेगा। बैंकिंग सेक्टर में 15 से 17% के ग्रोथ का अनुमान है।

इसके अलावा फार्मा सेक्टर भी आगे अच्छा कर सकता है। फार्मा अब तक बेस्ट अल्फा परफॉर्मर रहा है। इसमें आगे भी ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। इस सेक्टर में सीडीएमओ कंपनियां काफी अच्छी लग रही हैं। यहां पर अगले 4-5 सालों में 25 से 30% की अर्निंग ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इस सेक्टर में यूएस जेनरिक्स पर फोकस करने वाली कंपनियां भी अच्छी लग रही हैं। अब अमेरिका में भाव में स्थिरता आ रही है। इस सेक्टर ने पिछले 5 साल में काफी खराब प्रदर्शन किया है। लेकिन अब यहां तेजी आ सकती है।

ऑटो सेक्टर पर बात करते हुए ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा कि पिछले साल GST कट से ऑटो में तेजी बढ़ी थी। अगले एक साल में ऑटो वॉल्यूम में नरमी संभव है। ब्याज दरें और कच्चे माल का भाव बढ़ने से ऑटो पर असर पड़ेगा।

Top Stock Picks : बाजार में क्रूड को देख कर ही करें ट्रेड, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Top Stock Picks : बाजार में क्रूड को देख कर ही करें ट्रेड, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

Top Stock Picks : शुक्रवार दोपहर के कारोबारी सेशन में भारतीय शेयर बाज़ार में बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।। दोपहर करीब 1 बजे सेंसेक्स 192 अंक यानी 0.26% बढ़कर 74,507 पर और निफ्टी 56 अंक यानी 0.24% बढ़कर 23,327 पर दिख रहा था। सेक्टर के हिसाब से देखें तो सर्विसेज़,कैपिटल गुड्स और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज़्यादा तेज़ी नजर आ रही है। जिनमें से हर एक में 1.4% से ज़्यादा की बढ़त हुई है। वहीं ऑयल एंड गैस सेक्टर में लगभग 1% की बढ़त दर्ज की गई है। IT सेक्टर दबाव में है। इसमें 1.39% की गिरावट आई है। स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया और इनमें 1.11% की बढ़त दिख रही है। मिडकैप शेयरों में 0.54% की तेज़ी आई है। इंडिया VIX में 5% से ज़्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है।

मार्केट टेक्निकल्स

मार्केट टेक्निकल्स पर चर्चा करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि अब ट्रेंड साफ तौर पर निफ्टी बनाम क्रूड ऑयल का हो गया है। क्रूड ऑयल में थोड़ी नरमी जरूर देखने को मिली है। अगर क्रूड 100 $ के नीचे आ जाता है तो अभी 23100 के लेवल के आसपास सपोर्ट ले रहे निफ्टी में दो दिन से दिख रहा बाउंस बैक 23,800 तक जा सकता है। इसका मतलब यह है कि निफ्टी में यहां से तकरीबन 500 पॉइंट तक का बाउंस बैक देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर कहें तो हमें क्रूड ऑयल को देखकर ही ट्रेड करना चाहिए। अगर ग्लोबल सेटअप की बात करें तो अगर यूएस के 10 ईयर बॉन्ड ईल्ड्स में नरमी आती है तो इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट पॉजिटिव होता हुआ दिखाई देगा। ओवरऑल अभी भी मार्केट रेंज बाउंड है।

डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा में अच्छा ट्रैक्शन

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि बाजार में स्टॉक स्पेसिफिक एक्टिविटी जारी है। ऐसे जब तक क्रूड ऑयल में नरमी नहीं आती है तब तक फार्मा पर फोकस करें। एक डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा में हमें अच्छा ट्रैक्शन देखने को मिल सकता है। इस सेक्टर में लॉरेस लैब्स का शेयर काफी अच्छा लग रहा है। राहुल शर्मा ने डिस्क्लेमर के तौर पर बताया कि उन्होंने अपने क्लाइंट्स को भी यह शेयर रेकमेंड किया है। उनके मुताबिक लॉरेस लैब्स में बहुत ही अच्छा हायर हाई हायर लो सेटअप है। गिरते बाजार में भी फार्मा सेक्टर काफी अच्छे से डटा हुआ है। अगर मार्केट थोड़े और समय ऐसा ही रहता है तो फार्मा में मोमेंटम कंटिन्यू रहेगा। लॉरेस लैब्स में तकरीबन 2050-2080 रुपए तक के टारगेट आते हुए दिख सकते हैं। इसमें इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। 1920 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा।

बैंक और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे पहले आएगा मोमेंटम

राहुल शर्मा ने आगे कहा कि अगर क्रूड ऑयल में नरमी आती है तो बैंक और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे पहले मोमेंटम देखने को मिलेगा। इसमें पीएसयू बैंक से PNB बैंक सबसे बेहतर पिक है। यह शेयर अपने 20 दिन के मूविंग एवरेज के आसपास लगातार कंसोलीडेट हो रहा है। गिरते बाजार में भी इसमें कमजोरी नहीं आई है। क्रूड ऑयल में नरमी आते ही इस शेयर में ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है। शॉर्ट टर्म में इस शेयर में 130 रुपए तक के लेवल देखने को मिल सकते हैं। इसमें 112 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी करें

 

Tata Group Stocks : टाटा संस के चेयरमैन के नियुक्ति पर मचे घमासान से बाजार नाखुश, टाटा ग्रुप के शेयरों में तेज गिरावट

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Top Stock Picks : निफ्टी कंपनियों के साथ ग्रोथ की दिक्कत, दीपन मेहता से जाने अब कहां नजर आ रहे कमाई के मौके

Top Stock Picks :मार्केट में इस समय इंडेक्स में पैसा बनना बंद हो गया है। स्टॉक स्पेसिफिक अच्छे मौके बन रहे हैं। लेकिन इंडेक्स तकलीफ में हैं। ऐसे में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए एलिक्सिर इक्विटीज (Elixir Equities) के डायरेक्टर दीपन मेहता ने कहा कि अगर आपको स्टॉक प्राइस में रिटर्न्स चाहिए तो तीन चीजें खोजनी चाहिए और वो तीनों की चीजें हैं सिर्फ ग्रोथ। अब निफ्टी स्टक्स में ग्रोथ नहीं है। आप सॉफ्टवेयर सर्विज देख लीजिए, बैंक्स देख लीजिए या फिर आप सीमेंट कंपनीज देख लीजिए, कहीं पर भी ग्रोथ नहीं है। जहां ग्रोथ नहीं हैं वहां पर पैसा नहीं आएगा। इस समय लोकल इन्वेस्टर्स और एफआईआई का जितना भी पैसा है वह सिर्फ स्मॉल और मिड कैप स्टॉक, आईपीओ और प्राइवेट इक्विटी में जा रहा है। प्रॉब्लम निफ्टी के साथ है और यह स्ट्रक्चरल प्रॉब्लम है, निफ्टी में ग्रोथ नहीं है।

ऐसे में जब तक छोटी-छोटी कंपनियां बड़ी होकर निफ्टी में नहीं आएगी तब तक हमें बाजार में हिस्टोरिकल रिटर्न की तुलना में साइडवेज मूवमेंट या लो रिटर्न्स ही देखने को मिलेंगे। इन बातों को ध्यान में रखते हुए अगर आपको अगले कई सालों तक अपना पोर्टफोलियो बनाना है तो आपको मिड और स्मॉल कैप की अच्छी कंपनियों पर ही फोकस करना होगा। वहीं पर आपको अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं। निफ्टी की कंपनियां काफी बड़ी और मैच्योर हो चुकी हैं, अब इनमें बहुत बड़ी ग्रोथ की उम्मीद नहीं है। हमें अब ग्रोथ के लिए क्वालिटी छोटी-मझोली कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि जहां ग्रोथ होगी वहीं पैसा बनेगा और इस समय डिफेंस, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, रेलवे स्टक्स, प्लेटफार्म कंपनियों, प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और एआई रिलेटेड कंपनियों में ग्रोथ नजर आ रही है। हमें इन पर फोकस करिए। इस समय बाजार में बहुत सारी माइक्रो इन्वेस्टमेंट थीम्स हैं। एक ही इन्वेस्टमेंट थीम या एक इंडस्ट्री या एक ही ग्रुप में पैसा लगानें से बचें। आपके लिए बहुत सारी माइक्रो इन्वेस्टमेंट थीम में इन्वेस्ट करना जरूरी है। इससे थोड़ी कॉम्प्लेक्सिटी तो आ जाती है लेकिन पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन भी हो जाता है।

न्यू एज कंपनियों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि इन पर बहुत गहराई से रिसर्च करने की जरूरत है। इनको ट्रैक करना चाहिए क्योंकि ग्रोथ यहीं पर आ रही है। इनमें से कुछ कंपनियां घाटे में हैं। लेकिन जब ये मुनाफे में आएंगी तो उसके अगले 2-3 साल में इनके मुनाफे में सॉलिड ग्रोथ देखने को मिलेगा,क्योंकि उनकी ऑपरेटिंग लेवेज बहुत ही बढ़िया है। दीपन मेहता ने बताया कि पेटीएम और इटरनल में उनका निवेश है। इसके अलावा उनको इस सेगमेंट में फिजिक्स वाला,लेंस स्टार्ट और मीशो भी अच्छे लग रहे हैं। उनकी इन शेयरों को ट्रैक करने और इनमें बॉस्केट बना कर निवेश करने की सलाह है। उनका कहना है कि अगर इनमें दो-तीन मल्टीबैगर बन गए और बाकी 2-3 अगर अच्छा रिटर्न नहीं देते हैं तो भी बास्केट के रिटर्न काफी बढ़िया आ सकते हैं। इन कंपनियों में आपको कापी लॉन्ग टर्म नजरिए से निवेश करना चाहिए अगले कुछ दशक में इनमें से कुछ कंपनियां कमाल कर सकती हैं।

डिफेंस शेयरों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और भारत इलेक्टॉनिक्स तो उनकी कोर होल्डिंग में शामिल हैं, इसके अलावा ड्रोन बनाने वाली कंपनी आइडिया फोर्ज भी उनके पोर्टफोलियो में है। इस सेक्टर की एक और कंपनी पारस डिफेंस पर भी उनकी करीबी से नजर बनी हुई है। इस कंपनी की खास बात ये है कि जितने भी ड्रोन बनते हैं वहां पर इस कंपनी के कैमरे लगते हैं। इस समय यही तीन-चार कंपनियां अच्छी दिख रही हैं। लेकिन कुल मिला कर देखें तो इस समय डिफेंस स्पेस थोड़ महंगा दिख रहा है। हमें इस स्पेस में सही समय के लिए थोड़ा रुकना चाहिए।

शुगर शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सेक्टर बहुत साइक्लिकल है। लेकिन अब लग रहा है कि अगले दो तीन क्वार्टर इसके लिए बहुत ही बढ़िया रहेंगे क्योंकि क्लाइमेटिक फैक्टर्स के कारण ब्राजील में आउटपुट कम हो गया है और यहां पर भी ज्यादातर डिप्लॉयमेंट एथेनॉल की ओर जा रही। ऐसे में अगले कुछ क्वार्टर्स इन कंपनियों के लिए बहुत ही अच्छे रहेंगे और अच्छे रिटर्न मिल सकते है। इन कंपनियों में इस समय एक बहुत ही शानदार ट्रेडिंग ओपोरर्चुनिटी दिख रही है।

दीपन मेहता को फार्मा,हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक में भी निवेश के मौके नजर आ रहे है। उनका मानना है कि अपोलो हॉस्पिटल में एक बहुत ही बढ़िया स्प्लिट होने वाला है जिसकी वजह से वैल्यू अनलॉक हो सकती है। इसके नतीजे भी काफी अच्छे आए हैं। यह स्टॉक लॉन्ग टर्म ग्रोथ के नजरिए से काफी बढ़िया दिख रहा है। कैंसर के इलाज के जानी जाने वाली हेल्थ केयर ग्लोबल भी अच्छी कंपनी है। इस पर नजर रहनी चाहिए। डॉक्टर अग्रवाल जिसका मर्जर हो रहा है, थोड़ा महंगा है अभी लेकिन इसके भी पोटेंशियल बहुत ही बढ़िया लगते हैं।

 

Market Insight : शुगर शेयरों में अभी भी गिरावट पर खरीदारी के मौके, दिवाली के आसपास करें मुनाफावसूली

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Top Stock Picks : केमिकल और सीडीएमओ स्पेस में काफी अच्छे निवेश के मौके, ये तीन ऑटो शेयर करेंगे कमाल

Top Stock Picks : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट देखने के मिल रही है। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा गिरा है और निफ्टी 24,550 के आस-पास बना हुआ। फिलहाल सेंसेक्स 505.76 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 78,449 पर और निफ्टी 100.05 अंक या 0.41 प्रतिशत गिरकर 24,535.95 पर आ गया है। । सेक्टर के हिसाब से प्राइवेट बैंकों में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.90 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। जबकि बैंक निफ्टी में 0.62 प्रतिशत की गिरावट आई है। बाजार की कमजोरी के बावजूद IT और ऑटो शेयरों में तेजी बनी हुई है। वहीं, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 2.63 फीसदी बढ़ा है।

ऐसे में टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा की बाजार में क्रूड की वोलेटिलिटी और जियोपॉलिटिकल अनसर्टेनिटी का असर देखने को मिल रहा है। लेकिन उसके बावजूद भी हमारे बाजार ने एक बहुत ही बढ़िया मजबूती दिखाई है। ब्रॉड बेस मार्केट में अप्रैल महीने से अभी तक जिस तरह की रिकवरी देखने को मिली है वह इस बात का क्लियर रिफ्लेक्शन है कि अब कहीं ना कहीं बाजार इस अनसर्टेनिटी को पचाने की क्षमता दिखाना शुरू कर चुका है।

ये सिर्फ सेंटीमेंटल रिकवरी नहीं है। सभी सेक्टरों के पहली तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं। कई तिमाहियों के बाद हमें इस तरह के उत्साहजनक आंकड़ें देखने को नजर आ रहे हैं। खासतौर पर स्माल कैप ने सबसे ज्यादा सरप्राइज किया है। यहां पर हमें 28% तक की टॉप लाइन एबिट और पैट ग्रोथ देखने को नजर आई है। अभी तक जो रिजल्ट्स उनको देखते हुए बाजार का ट्रेंड साफतौर पर काफी स्ट्रांग है।

ऐसे में अगर हम थीम स्पेसिफिक बात करें तो पूरा ईएमएस स्पेस ही काफी अच्छा लग रहा है। इस सेक्टर के लिए सेमीकॉन 2.0 और सरकारी प्रोत्साहन काफी पॉजिटव फैक्टर है। ऐसे में हमें आगे सिरमा और एवलॉन जैसी कंपनियों में इसका काफी पॉजिटिव असर देखने को मिल सकता है। केन्स (Kynes Tech) जैसा शेयर भी बड़े करेक्शन के बाद तेजी के लिए तैयार दिख रहा है।

इसके अलावा स्पेशलिटी केमिकल और सीडीएमओ स्पेस में भी काफी अच्छे निवेश के मौके दिख रहे हैं। नवीन फ्लोरिन, न्यूलैंड लैब्स और डीवीज लैब जैसी कंपनियों ने जिस तरह के स्ट्रांग टॉप लाइन ग्रोथ और प्रॉफिट ग्रोथ दिखाए हैं, उनको देखकर लगता है कि मार्केट इनको लगातार रिवॉर्ड करता हुआ नजर आएगा।

आशीष चतुरमोहता को इनके अलवा डिफेंस में भी अच्छे मौके दिख रहे हैं। डिफेंस के दिग्गज प्लेयर्स अब तक थोड़े साइडवेज थे। अब ये भी तेजी पकड़ते दिख रहे हैं। डिफेंस कंपनियों की एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटी इंप्रूव होती हुई नजर आ सकती है और जिसका बेनिफिट एचएल जैसे स्टॉक में भी देखने को नजर आ सकता है।

टू व्हीलर स्पेस पर अपनी राय रखते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पहली तिमाही में अक्रॉस द बोर्ड पैसेंजर व्हीकल,कमर्शियल व्हीकल,टू व्हीलर,इलेक्ट्रिक व्हीकल इन सबके नंबर्स बहुत ही ज्यादा अच्छे आए। इनमें डबल डिजिट और किसी-किसी सेगमेंट में तो 20% की भी ग्रोथ देखने को मिली है। अब तो फेस्टिव सीजन भी आने वाला है। ऐसे में नंबर्स यहां से और बढ़ते हुए नजर आ सकते हैं। इसका बहुत अच्छा फायदा M&M, TVS मोटर्स और एथर एनर्जी को हो सकता है। वैसे तो पूरी थीम ही काफी अच्छी लग रही। लेकिन ये तीन शेयर खास हैं, क्योंकि इन्होंने लगातार मार्केट शेयर गेन किया है और नई कैटेगरी क्रिएट करके वहां पर मार्केट लीडर बने हैं।

एसयूवी ईवी सेगमेंट में पैसेंजर व्हीकल की बात करें तो महिंद्रा एंड महिंद्रा लगातार लीड बनाए हुए है। टू व्हीलर की बात करें तो TVS मोटर्स टू व्हीलर में तो अच्छा कर ही रहा है, ईवी सेगमेंट के अंदर भी इसका लगभग 25% का मार्केट शेयर हो गया है। इसी तरह एथर एनर्जी जो कि एक नया खलाड़ी था, पहली बार प्रॉफिटेबल हुआ है। कंपनी का कहना है अब उसकी प्रॉब्लम डिमांड नहीं है। डिमांड तो काफी ज्यादा आ रही। मेन प्रॉब्लम सप्लाई साइड से है। इसका मतलब उनको कैपेसिटी और बढ़ानी पड़ेगी। ऐसे में हमें लगता है यह कंपनी भी बहुत स्ट्रांग टर्न अराउंड फेस में एंटर हो रही है। ऐसे में इस समय ऑटो स्पेस और ऑटो एंसिलरी का स्पेस काफी प्रॉमिसिंग दिख रहा है।

 

Market View : ऑटो और ऑटो एंसिलियरी का फ्यूचर अच्छा, आईटी सेक्टर को लेकर रहें सतर्क-हेमंत कानावाला

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Mantra : AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन महंगे,कैपिटल मार्केट शेयरों में आगे दिखेगी अच्छी तेजी – कैलाश कुलकर्णी

Market Mantra : इस समय बाजार एक दोराहे पर खड़ा है। कच्चा तेल है जिसने बाजार की सांस फूला रखी है। वहीं अबतक आए नतीजे हैं मिलेजुले होने के बाद कमेंट्री के फ्रंट पर अच्छे हैं। IT,बैंक और कंज्यूमर कंपनियां सब आगे की अच्छी राह की बात कर रही हैं। ऐसे में निवेशक कंफ्यूज है कि निवेश को लेकर आगे क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं। इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं। HSBC MF के CEO कैलाश कुलकर्णी (Kailash Kulkarni)।

कैलाश कुलकर्णी की राय

कैलाश कुलकर्णी का कहना है कि जियोपॉलिटिकल हालात के चलते बाजार में काफी ज्यादा अनिश्चितता है। पिछले कुछ सालों में भारतीय निवेशक मैच्योर हुए हैं। इसके चलते भारतीय निवेशकों की तरफ से पैनिक बिकवाली नहीं हुई है। निवेशकों अभी वेट एंड वॉच मोड में ही रहना चाहिए। भारतीय इकोनॉमी के हालात काफी बेहतर है।

डाइवर्सिफाइड इंडेक्स में बना पैसा

उन्होंने आगे कहा कि निवेशकों का पैसा डाइवर्सिफाइड इंडेक्स में बना है। निवेशक लार्जकैप की बजाय मिडकैप और स्मॉलकैप में पैसे डाल रहे हैं। फ्लैक्सीकैप कैटेगरी में काफी निवेश आ रहा है। मिडकैप की तरफ निवेशकों का रुझान बढ़ा है। इनमें रिटर्न भी अच्छे मिले हैं।

मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटाइजेशन थीम ज्यादा चल रही है। कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी थीम भी अच्छी चल रही है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के चलते आगे एक्सपोर्ट सेक्टर भी चल सकता है। PLI और चीन+1 के चलते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा होगा। देश के 8-10 राज्यों में मैन्युफैक्चरिंग हो रही है।

AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन ज्यादा

कैलाश कुलकर्णी ने आगे कहा कि AI से जुड़ी IT कंपनियों के वैल्युएशन महंगे दिख रहे हैं। IT कंपनियों पर अंडरवेट नजरिया है। BFSI फंड में कैपिटल मार्केट शेयरों पर फोकस है। कैपिटल मार्केट शेयरों में आगे अच्छी तेजी दिखेगी। फार्मा शेयरों पर वेट एंड वॉच का नजरिया है।

Market Mantra : कैलाश कुलकर्णी के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटाइजेशन थीम ज्यादा चल रही है। कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी थीम भी अच्छी चल रही है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के चलते आगे एक्सपोर्ट सेक्टर भी चल सकता है

 

Top Stock Picks : बाजार में वेट एंड वॉच मोड में रहें, किसी गिरावट में इन फार्मा और डिफेंस शेयरों में करें खरीदारी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Top Stock Picks : बाजार में वेट एंड वॉच मोड में रहें, किसी गिरावट में इन फार्मा और डिफेंस शेयरों में करें खरीदारी

Top Stock Picks : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखने को मिल रही है। अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बना हुआ। फिलहाल सेंसेक्स 571.57 अंक या 0.75 प्रतिशत गिरकर 75,819.82 पर और निफ्टी 163.20 अंक या 0.68 प्रतिशत गिरकर 23,706.40 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5% की गिरावट दर्ज देखने को मिल रही है।

ऐसे में टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स (JM Financial Services) के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बाजार में काफी अनसर्टेनिटी देखने को मिल रही है। क्रूड ने फिर से 100 डॉलर का लेवल हासिल कर लिया है। इसके अलावा ग्लोबल मार्केट में एआई डेटा सेंटर रिलेटेड पूरी थीम में अच्छी-खासी बिकवाली देखने को मिली है। ताइवान, कोरिया और यूएस जैसे मार्केट में एआई पर भारी कैपेक्स के चलते दबाव बना है। इस भारी कैपेक्स के चलते Apple जैसे शेयरों की रेवेन्यू विजिबिलिटी काफी कम नजर आ रही है। इसके चलते बाजार में काफी अनिश्चितता देखने को मिल रही है।

इस बीच अगर पश्चिम एशिया का संकट और बढ़ता है तो दुनिया के सभी बाजारों पर इसका असर देखने को मिलेगा। अपने बाजार की बात करें तो निफ्टी ने बहुत दिनों तक अपने 200 डे मूविंग एवरेज को मेंटेन करने की कोशिश की। बैंकिंग सेक्टर में भी हमे ड्रॉप देखने को मिल रहा है। निफ्टी तो ऑलरेडी 200 डे मूविंग एवरेज को क्रॉस ही नहीं कर पा रहा है। ऐसे में बाजार में थोड़ा सा अनसर्टेनिटी का माहौल है। इसको ध्यान में रखते हुए बाजार में वेट एंड वॉच की अप्रोच मेंटेन रखने की सलाह होगी। निफ्टी के 23500- 23400 के पिछले कुछ सपोर्ट बने हुए हैं। अगर ये सपोर्ट टूटते होते हैं तो और कमजोरी आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में हमें थोड़ी वेट एंड वॉच की अप्रोच रखनी चाहिए। इंडेक्स में लॉन्ग और शॉर्ट दोनों ही साइड में कोई जल्दबाजी करने से बचें।

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उनकी सबसे पहली पसंद हैं हॉस्पिटल स्टॉक्स। इस समय हॉस्पिटल इंडस्ट्री में बहुत बड़ा कंसोलिडेशन चल रहा है। बड़े हॉस्पिटल लगातार छोटे हॉस्पिटल्स को बहुत कम और रीजनेबल वैल्यूएशन पर एक्वायर कर रहे हैं। कहीं ना कहीं इन हॉस्पिटल्स की तीन क्रिटिकल चीजें इंप्रूव हो रही है। इनका एवरेज लेंथ ऑफ स्टे कम हो रहा है। इनके मिक्स हायर मार्जिन साइड में शिफ्ट हो रहे हैं । तीसरी बात यह है कि इनकी ऑक्युपैंसी रेट्स बढ़ रही है। कुल मिलाकर कहें तो आगे हॉस्पिटल सेगमेंट काफी अच्छा प्रदर्शन करेगा। यहां पर लार्ज हॉस्पिटल में अपोलो हॉस्पिटल और मैक्स हॉस्पिटल जैसे स्टॉक काफी अच्छे लग रहे हैं।

अगर मिड एंड स्मॉल सेगमेंट में देखें तो एस्टरडीएम (Aster DM) और पार्क मेडी जैसी कंपनियां काफी इंटरेस्टिंग नजर आ रही हैं। इसके अलावा फार्मा जुड़े कुछ दूसरे शेयर भी अच्छे लग रह हैं। हालांकि, जेरिक साइड पर हमें कुछ अनसर्टेनिटी नजर आ रही है। लेकिन हम अगर इस सेक्टर के स्पेशियलिटी सीडीएमओ और सीआरडीएमओ स्पेस की बात करें तो हमें लगता है यह एरिया टैरिफ से जुड़ी अनसर्टेनिटी से काफी सेफ है। इसके चलते हमें लगता है कि किसी गिरावट में नवीन फ्लोरीन, बायोकॉन और लॉरस लैब जैसे स्टॉक्स में खरीदारी की जा सकती है।

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तीसरी थीम डिफेंस स्पेस से है। इस सेक्टर पर सरकार का लगातार फोकस बना हुआ है। डिफेंस कंपनियों का ऑर्डर इनफ्लो काफी स्ट्रांग है। ये कंपनियां डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग दोनों साइड पर काफी फोकस कर रही हैं। इस बात को देखते हुए एरोस्पेस इंजीनियरिंग और डिफेंस एक ऐसा बास्केट होगा जिसमें गिरावट पर खरीदारी की जानी चाहिए।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Vishal Mega Mart shares : कमाई और मुनाफे में डबल डिजिट बढ़ोतरी के बावजूद 4% टूटा शेयर, जानिए मैनेजमेंट ने क्या कहा

Vishal Mega Mart stock crash : गुरुवार को विशाल मेगा मार्ट लिमिटेड के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए जाने के बाद शेयर में यह गिरावट आई है। पहली तिमाही में कंपनी ने मुनाफे और रेवेन्यू में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है। फिर भी दोपहर के कारोबार में यह शेयर 4 प्रतिशत नीचे 107.5 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। यह शेयर आज BSE मिडकैप इंडेक्स में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल है।

साल 2026 में अब तक विशाल मेगा मार्ट के शेयर में 20.5 प्रतिशत की गिरावट आई है,जबकि निफ्टी में इसी अवधि में 8.5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग 50,500 करोड़ रुपये है। कंपनी ने यह भी कहा है कि जून तिमाही के दौरान ज्यादा महंगाई का असर डिमांड पर पड़ा है

जून तिमाही में विशाल मेगा मार्ट के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के 206 करोड़ रुपये से बढ़कर 259 करोड़ रुपये हो गया है। इस अवधि में कंपनी की कामकाजी आय सालाना आधार पर 18.7 प्रतिशत बढ़कर 3,727 करोड़ रुपये रही है। जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 3,140 करोड़ रुपये पर रही था। पहली तिमाही में इसका ग्रॉस प्रॉफ़िट 19.9 प्रतिशत बढ़कर 1,068.8 करोड़ रुपये रहा है। वहीं ग्रॉस मार्जिन सालाना आधार पर मामूली सुधार के साथ 28.4 प्रतिशत से बढ़ कर 28.7 प्रतिशत पर रहा है।

EBITDA भी सालाना आधार पर 18.7 प्रतिशत बढ़कर 545 करोड़ रुपये हो गया,जो पिछले साल की समान अवधि में 459.5 करोड़ रुपये रहा था, जबकि EBITDA मार्जिन 14.6 प्रतिशत पर फ्लैट रहा है। टैक्स के बाद का प्रॉफ़िट मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 6.6 प्रतिशत से बढ़कर 6.9 प्रतिशत हो गया है।

इस तिमाही के दौरान कंपनी की ‘सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ’10 प्रतिशत रही है। इस अवधि में कंपनी ने 27 नए स्टोर खोले और 24 नेट स्टोर जोड़े हैं। जिससे 559 शहरों में इसके कुल स्टोरों की संख्या 819 हो गई है और इसका रिटेल फ़ुटप्रिंट लगभग 1.38 करोड़ वर्ग फ़ीट तक पहुंच गया है।

इस तिमाही में रेवेन्यू में अपैरल (Apparel) का हिस्सा 47.4 प्रतिशत रहा, इसके बाद जनरल मर्चेंडाइज़ का हिस्सा 27.3 प्रतिशत और FMCG का 25.2 प्रतिशत हिस्सा रहा। रेवेन्यू में कंपनी के अपने ब्रांड्स का हिस्सा 75.2 प्रतिशत रहा। जबकि जून के आखिर तक कंपनी का क्विक कॉमर्स कारोबार 520 शहरों में 767 स्टोर्स तक पहुंच गया।

आगे के आउटलुक पर बात करते हुए कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO गुनेन्दर कपूर ने कहा कि जून तिमाही में महंगाई ज्यादा होने का असर मांग पर पड़ा,लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में यह असर कम हो जाएगा।

 

 

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Market Trend : 23800 से नीचे जाने पर निफ्टी में आ सकती है बड़ी गिरावट, कमजोर बाजार में भी इन दो शेयरों में हो सकती है कमाई

Market Trend : ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच 23 जुलाई को भारतीय इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। मेटल शेयरों को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली के कारण निफ्टी 23900 के करीब ट्रेड कर रहा है। निफ्टी पर एटरनल,टाटा कंज्यूमर,ONGC,बजाज ऑटो और कोल इंडिया में बढ़त दिख रही है। जबकि डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,इंटरग्लोब एविएशन,इंफोसिस,टाटा स्टील और सिप्ला में गिरावट नजर आ रही है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं।

निफ्टी ट्रेंड

ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट (Mantri FinMart) के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि कल का सेशन काफी खराब रहा। लेकिन यह बात ध्यान रखने की है कि पिछले दो दिनों की गिरावट में मिड कैप और स्माल कैप का पार्टिसिपेशन नहीं था। छोटे-मझोले शेयरों में काफी अच्छा मोमेटम देखने को मिला था। लेकिन कल की गिरावट में मिड कैप और स्माल कैप में भी प्रेशर देखने को मिला। क्रूड का दाम बढ़ने से बाजार का मूड खराब हुआ है। साथ ही ट्रंप टैरिफ का वापस आना भी मार्केट का सेंटीमेंट खराब कर रहा है। ऐसे में अगर निफ्टी 23,800 के नीचे जाता है तो पोजीशन से निकल जाना चाहिए। जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर है एग्जिट की सलाह नहीं होगी। निफ्टी में 23,800 का स्टॉप लॉस होना चाहिए। उसके नीचे जाने पर ही ट्रेंड क्लियरली नेगेटिव होगा। इसके बाद निफ्टी 23,400 तक फिसल सकता है। अपसाइड में निफ्टी के लिए 24,300-24,250 पर रेजिस्टेंस है। ऐसे में लगता है कि अगले कुछ दिन निफ्टी 23,800-24,300 के दायरे में ट्रेड करता दिख सकता है।

बैंक निफ्टी ट्रेंड

जहां तक बैंक निफ्टी की बात है तो यह थोड़ा ज्यादा वीक है। HDFC बैंक इस कमजोरी को लीड कर रहा है। क्रूड का बढ़ना भी बैंक निफ्टी को काफी परेशान करता दिख रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,700 के आसपास एक माइनर सपोर्ट है। अगर 56,700 का लेवल टूटता है तो बैंक निफ्टी मार्केट को और नीचे लो जा सकता है। ऐसे में आपको बैंक निफ्टी 56,700 पर स्टॉप लॉस लगाना है। अगर दोनों में से किसी में लॉन्ग पोजीशंस बनानी है तो निफ्टी ज्यादा बेहतर रहेगा।

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अरुण कुमार मंत्री के पसंदीदा शेयर

अरुण कुमार मंत्री का कहना है कि इस समय उनको दो स्टॉक काफी अच्छे लग रहे हैं। दोनों ही काफी अच्छे मोमेंटम है। इनमें से पहला है नेस्ले इंडिया। कल इसका रिजल्ट आया था। रिजल्ट के बाद एक क्लियर ब्रेकआउट है। इसमें डेली चार्ट पर कप एंड हैंडल का ब्रेकआउट देखने को मिला है। इस स्टॉक को 1497 के आसपास खरीदना है। 1472 रुपए का स्टॉप लॉस लगाएं। शॉर्ट टर्म में 1555 रुपए तक के टारगेट मिल सकते हैं। दूसरा स्टॉक थोड़े बड़े टिकट साइज का है। लेकिन इसमें मोमेंटम नजर आ रहा है। यह शेयर है BOSCH जिसमें 41550 रुपए के आसपास, 41020 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 42300 रुपए तक के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। दोनों ही स्टॉक्स आप दो से तीन दिन के लिए बाय करके चल सकते हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।