Nestle India Share Price : Q2 नतीजों के बाद नेस्ले इंडिया में हुआ बड़ा एक्सीडेंट, कल 8% टूटने के बाद आज भी दबाव में है शेयर

Nestle India Share Price : शुक्रवार, 16 अक्टूबर को नेस्ले इंडिया के शेयरों में और गिरावट आई है। इससे पहले कंपनी के वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद कल इसके शेयरों में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। ब्रोकरेज फर्म HSBC ने इस स्टॉक पर अपनी ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस 1,480 रुपये तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस से इसमें लगभग 16 प्रतिशत की तेजी आ सकती है। साथ ही, फर्म ने यह भी चेतावनी दी है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ धीमी हो सकती है।

आज शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में नेस्ले इंडिया के शेयर 1.05 प्रतिशत गिरकर 1,262.40 रुपये पर आ गए। फिलहाल यह शेयर 11.90 रुपए यानी 0.93 फीसदी की कमजोरी के साथ 1263 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। कल गुरुवार को भी इसमें 7.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी। दो दिनों की इस भारी गिरावट के बावजूद,2026 में अब तक यह शेयर केवल 1.5 प्रतिशत ही नीचे आया है। यह निफ्टी 50 के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन है,जो इसी अवधि में लगभग 12 प्रतिशत गिरा है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.46 लाख करोड़ रुपये है।

स्टॉक पर HSBC की राय

HSBC का कहना है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में नेस्ले इंडिया का रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 20 प्रतिशत बढ़ा है, जो काफी हद तक अनुमानों के अनुरूप है। वहीं, इसका दो साल का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 15 प्रतिशत रहा है। EBITDA बाजार के अनुमानों से लगभग 3 प्रतिशत अधिक रहा है।

ब्रोकरेज ने नेस्ले इंडिया के न्यूट्रिशन बिज़नेस में धीरे-धीरे हो रहे सुधार की ओर इशारा किया है। इसके चॉकलेट और कॉफी कारोबार ने भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, HSBC ने चेतावनी दी है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।

नेस्ले इंडिया Q2 नतीजे

सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही में नेस्ले इंडिया के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 35.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह 1,009.6 करोड़ रुपये पर रहा है। वहीं,इसकी कामकाजी आय 20.3 प्रतिशत बढ़कर 6,788.3 करोड़ रुपये पर रही है। स्टैंडअलोन बेसिस पर नेट प्रॉफिट 36.2 प्रतिशत बढ़कर 1,026.8 करोड़ रुपये रहा है जो CNBC-TV18 के 1,018 करोड़ रुपये के अनुमान से ज्यादा है।

कंपनी का EBITDA मार्जिन 23.8 प्रतिशत रहा, जबकि विज्ञापन और मार्केटिंग पर होने वाला खर्च 46 प्रतिशत बढ़ है। नेस्ले ने अपने ब्रांडों में निवेश बढ़ा दिया है, जिसकी वजह से विज्ञापन और मार्केटिंग पर होने वाला खर्च भी बढ़ा है।

कंपनी ने खाद्य महंगाई और कमोडिटी की लागत बढ़ने पर जताई चिंता

तिमाही के मजबूत प्रदर्शन के बावजूद, गुरुवार को नेस्ले इंडिया के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। कंपनी के मैनेजमेंट ने बढ़ती महंगाई और कमोडिटी की लागत से जुड़ी चुनौतियों पर चिंता जताई है। जिसका असर शेयर पर देखने को मिला। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी ने कहा कि बढ़ती महंगाई,खासकर खाने-पीने की चीजों की महंगाई,एक सच्चाई है। कंपनी कमोडिटी की लागत के दबाव को कम करने के लिए उत्पादकता बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार लाने पर फोकस करेगी।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market Trend : 23800 से नीचे जाने पर निफ्टी में आ सकती है बड़ी गिरावट, कमजोर बाजार में भी इन दो शेयरों में हो सकती है कमाई

Market Trend : ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच 23 जुलाई को भारतीय इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। मेटल शेयरों को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली के कारण निफ्टी 23900 के करीब ट्रेड कर रहा है। निफ्टी पर एटरनल,टाटा कंज्यूमर,ONGC,बजाज ऑटो और कोल इंडिया में बढ़त दिख रही है। जबकि डॉ.रेड्डीज़ लैब्स,इंटरग्लोब एविएशन,इंफोसिस,टाटा स्टील और सिप्ला में गिरावट नजर आ रही है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं।

निफ्टी ट्रेंड

ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट (Mantri FinMart) के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि कल का सेशन काफी खराब रहा। लेकिन यह बात ध्यान रखने की है कि पिछले दो दिनों की गिरावट में मिड कैप और स्माल कैप का पार्टिसिपेशन नहीं था। छोटे-मझोले शेयरों में काफी अच्छा मोमेटम देखने को मिला था। लेकिन कल की गिरावट में मिड कैप और स्माल कैप में भी प्रेशर देखने को मिला। क्रूड का दाम बढ़ने से बाजार का मूड खराब हुआ है। साथ ही ट्रंप टैरिफ का वापस आना भी मार्केट का सेंटीमेंट खराब कर रहा है। ऐसे में अगर निफ्टी 23,800 के नीचे जाता है तो पोजीशन से निकल जाना चाहिए। जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर है एग्जिट की सलाह नहीं होगी। निफ्टी में 23,800 का स्टॉप लॉस होना चाहिए। उसके नीचे जाने पर ही ट्रेंड क्लियरली नेगेटिव होगा। इसके बाद निफ्टी 23,400 तक फिसल सकता है। अपसाइड में निफ्टी के लिए 24,300-24,250 पर रेजिस्टेंस है। ऐसे में लगता है कि अगले कुछ दिन निफ्टी 23,800-24,300 के दायरे में ट्रेड करता दिख सकता है।

बैंक निफ्टी ट्रेंड

जहां तक बैंक निफ्टी की बात है तो यह थोड़ा ज्यादा वीक है। HDFC बैंक इस कमजोरी को लीड कर रहा है। क्रूड का बढ़ना भी बैंक निफ्टी को काफी परेशान करता दिख रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,700 के आसपास एक माइनर सपोर्ट है। अगर 56,700 का लेवल टूटता है तो बैंक निफ्टी मार्केट को और नीचे लो जा सकता है। ऐसे में आपको बैंक निफ्टी 56,700 पर स्टॉप लॉस लगाना है। अगर दोनों में से किसी में लॉन्ग पोजीशंस बनानी है तो निफ्टी ज्यादा बेहतर रहेगा।

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अरुण कुमार मंत्री के पसंदीदा शेयर

अरुण कुमार मंत्री का कहना है कि इस समय उनको दो स्टॉक काफी अच्छे लग रहे हैं। दोनों ही काफी अच्छे मोमेंटम है। इनमें से पहला है नेस्ले इंडिया। कल इसका रिजल्ट आया था। रिजल्ट के बाद एक क्लियर ब्रेकआउट है। इसमें डेली चार्ट पर कप एंड हैंडल का ब्रेकआउट देखने को मिला है। इस स्टॉक को 1497 के आसपास खरीदना है। 1472 रुपए का स्टॉप लॉस लगाएं। शॉर्ट टर्म में 1555 रुपए तक के टारगेट मिल सकते हैं। दूसरा स्टॉक थोड़े बड़े टिकट साइज का है। लेकिन इसमें मोमेंटम नजर आ रहा है। यह शेयर है BOSCH जिसमें 41550 रुपए के आसपास, 41020 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 42300 रुपए तक के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। दोनों ही स्टॉक्स आप दो से तीन दिन के लिए बाय करके चल सकते हैं।

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