दिल्ली के एक एक्सिडेंट में पैर गंवाने वाली 26 साल की रीना को मिलेगा 2.55 करोड़ का मुआवजा! ट्रिब्यूनल ने सुनाया गजब का फैसला

दिल्ली में एक मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने 2024 में हुई दुर्घटना में पैर गंवाने वाले महिला उद्यमी के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। इस दुर्घटना में 26 साल की एंटरप्रेन्योर रीना के स्कूटर को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी, जिसके बाद घुटने के नीचे उसका बायां पैर कट गया था। दिल्ली की ट्रिबयूनल ने इस मामले में 2.55 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का फैसला किया है।

पीठासीन अधिकारी गुंजन गुप्ता रीना की दावा याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने ट्रक की बीमा कंपनी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 22 फरवरी, 2025 से 30 दिनों के अंदर 9% सालाना ब्याज के साथ 2.55 करोड़ रुपये देने का निर्देश दिया। 15 अक्टूबर के अपने आदेश में, ट्रिब्यूनल ने कहा, “इस फैसले के पहले के हिस्से में याचिकाकर्ता की फंक्शनल डिसेबिलिटी को 100% माना गया है। बताई गई डिसेबिलिटी और उससे होने वाली दिक्कतों के साथ, सुधार की कोई संभावना नहीं होने पर, याचिकाकर्ता वैसी जिंदगी नहीं जी पाएगी जैसी वह एक्सीडेंट से पहले जीती थी।”

यह एक्सीडेंट 5 नवंबर, 2024 को पीरागढ़ी चौक पर हुआ था। रीना अपने दो साल के बेटे के साथ पीछे बैठी थी, तभी ट्रक ने स्कूटर को टक्कर मार दी। ट्रक का एक पहिया उसके बाएं पैर पर चढ़ गया, जिसे बाद में काटना पड़ा। उसकी तीन सर्जरी हुईं। बीमा कंपनी ने स्कूटर चलाने वाले को दोषी ठहराया और कहा कि महिला ने हेलमेट नहीं पहना था। ट्रिब्यूनल ने इन बातों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि रैश ड्राइविंग पर रीना की गवाही का कोई जवाब नहीं था। ट्रक का ड्राइवर-कम-मालिक, महिंदर सिंह, ट्रिब्यूनल के सामने पेश नहीं हुआ और उसके खिलाफ एक उल्टा नतीजा निकाला गया।

ट्रिब्यूनल ने भविष्य में कमाने की क्षमता के नुकसान के लिए याचिकाकर्ता रीना को 1.68 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा अवॉर्ड किया। हालांकि बाएं निचले अंग के लिए विकलांगता 80% सर्टिफाइड थी, ट्रिब्यूनल ने फंक्शनल विकलांगता को 100% माना क्योंकि रीना को अपना कारोबार बंद करना पड़ा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला दिया गया।

घटना के समय याचिकाकर्ता परिवार की महीने की इनकम 58,915 रुपये थी, जिसमें एक होममेकर के तौर पर उसके योगदान के 6,000 रुपये शामिल थे। उसके दो से चार साल के तीन बच्चे हैं। ट्रिब्यूनल ने कहा कि बिल न होने की वजह से मेडिकल खर्च से मना नहीं किया जा सकता और गलत काम करने वाले को पीड़ित की मेडिक्लेम पॉलिसी का फायदा नहीं मिल सकता। ट्रिब्यूनल ने पीड़ित को अलग-अलग मदों में कुल 2.55 करोड़ रुपये दिए।

Papankusha Ekadashi 2026: पापांकुशा एकादशी का व्रत करने से मिलती है सभी पापों से मुक्ति, 21 या 22 अक्टूबर कब है अश्विन एकादशी व्रत

Nestle India Share Price : Q2 नतीजों के बाद नेस्ले इंडिया में हुआ बड़ा एक्सीडेंट, कल 8% टूटने के बाद आज भी दबाव में है शेयर

Nestle India Share Price : शुक्रवार, 16 अक्टूबर को नेस्ले इंडिया के शेयरों में और गिरावट आई है। इससे पहले कंपनी के वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद कल इसके शेयरों में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। ब्रोकरेज फर्म HSBC ने इस स्टॉक पर अपनी ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस 1,480 रुपये तय किया है। इसका मतलब है कि गुरुवार के क्लोजिंग प्राइस से इसमें लगभग 16 प्रतिशत की तेजी आ सकती है। साथ ही, फर्म ने यह भी चेतावनी दी है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ धीमी हो सकती है।

आज शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में नेस्ले इंडिया के शेयर 1.05 प्रतिशत गिरकर 1,262.40 रुपये पर आ गए। फिलहाल यह शेयर 11.90 रुपए यानी 0.93 फीसदी की कमजोरी के साथ 1263 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। कल गुरुवार को भी इसमें 7.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी। दो दिनों की इस भारी गिरावट के बावजूद,2026 में अब तक यह शेयर केवल 1.5 प्रतिशत ही नीचे आया है। यह निफ्टी 50 के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन है,जो इसी अवधि में लगभग 12 प्रतिशत गिरा है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.46 लाख करोड़ रुपये है।

स्टॉक पर HSBC की राय

HSBC का कहना है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में नेस्ले इंडिया का रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 20 प्रतिशत बढ़ा है, जो काफी हद तक अनुमानों के अनुरूप है। वहीं, इसका दो साल का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 15 प्रतिशत रहा है। EBITDA बाजार के अनुमानों से लगभग 3 प्रतिशत अधिक रहा है।

ब्रोकरेज ने नेस्ले इंडिया के न्यूट्रिशन बिज़नेस में धीरे-धीरे हो रहे सुधार की ओर इशारा किया है। इसके चॉकलेट और कॉफी कारोबार ने भी लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, HSBC ने चेतावनी दी है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।

नेस्ले इंडिया Q2 नतीजे

सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही में नेस्ले इंडिया के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 35.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह 1,009.6 करोड़ रुपये पर रहा है। वहीं,इसकी कामकाजी आय 20.3 प्रतिशत बढ़कर 6,788.3 करोड़ रुपये पर रही है। स्टैंडअलोन बेसिस पर नेट प्रॉफिट 36.2 प्रतिशत बढ़कर 1,026.8 करोड़ रुपये रहा है जो CNBC-TV18 के 1,018 करोड़ रुपये के अनुमान से ज्यादा है।

कंपनी का EBITDA मार्जिन 23.8 प्रतिशत रहा, जबकि विज्ञापन और मार्केटिंग पर होने वाला खर्च 46 प्रतिशत बढ़ है। नेस्ले ने अपने ब्रांडों में निवेश बढ़ा दिया है, जिसकी वजह से विज्ञापन और मार्केटिंग पर होने वाला खर्च भी बढ़ा है।

कंपनी ने खाद्य महंगाई और कमोडिटी की लागत बढ़ने पर जताई चिंता

तिमाही के मजबूत प्रदर्शन के बावजूद, गुरुवार को नेस्ले इंडिया के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। कंपनी के मैनेजमेंट ने बढ़ती महंगाई और कमोडिटी की लागत से जुड़ी चुनौतियों पर चिंता जताई है। जिसका असर शेयर पर देखने को मिला। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी ने कहा कि बढ़ती महंगाई,खासकर खाने-पीने की चीजों की महंगाई,एक सच्चाई है। कंपनी कमोडिटी की लागत के दबाव को कम करने के लिए उत्पादकता बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार लाने पर फोकस करेगी।

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Andhra Pradesh: डिवाइडर से टकराई EV, धू-धू कर जली कार, चार लोगों की जिंदा जलकर मौत

आंध्र प्रदेश के NTR जिले में विजयवाड़ा वेस्ट बाईपास पर सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। विजयवाड़ा वेस्ट बाईपास पर एक इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) डिवाइडर से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गई। इस हादसे में तीन साल के बच्चे समेत चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, कार में सवार लोग गुंटूर जिले के नंबुरु गांव में एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। ये एक्सीडेंट शाम करीब 6 बजे हुआ।

हादसे में 4 लोगों की हुई मौत

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान विजयवाड़ा के नुन्ना इलाके के रहने वाले 39 वर्षीय कोम्मारेड्डी रामदेव के रूप में हुई है। उनके साथ उनकी 65 वर्षीय मां कोम्मारेड्डी अरुणा और 30 वर्षीय बहन तिगुरु विजया की भी मौत हो गई। दोनों महिलाएं गुंटूर जिले के नंबुरु की रहने वाली थीं। हादसे में एक बच्चे की भी जान चली गई, जिसकी पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का इलाज जारी है।

कुछ ही देर में फैल गई आग

हादसे से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार को आग की तेज लपटों में घिरा देखा जा सकता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, तेज रफ्तार कार सड़क के किनारे लगे डिवाइडर या रेलिंग से टकरा गई, जिसके बाद उसमें आग लग गई। आग कुछ ही समय में पूरी गाड़ी में फैल गई और अंदर बैठे चार लोग बाहर नहीं निकल सके। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।  हादसे में घायल हुए पांचवें व्यक्ति को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड ने कार में लगी आग बुझाई, जबकि पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुट गई। अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में कार की तेज रफ्तार को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसा कैसे हुआ और टक्कर के बाद कार में आग किस वजह से लगी, इसका पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

बिचौलियों का खेल खत्म! आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी सरकार का नया प्लान, जानिए कैसे 20 लाख लोगों की बदलेगी जिंदगी

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बहुत जल्द बिचौलियों का खेल खत्म करने की तैयारी की रही है। राज्य सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने पर तेजी से काम कर रही है। उत्तर प्रदेश कॉरपोरेशन फॉर आउटसोर्सिंग सर्विसेज (UPCOS) के लॉन्च से करीब 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारी और उनके परिवार एक नए कल्याणकारी ढांचे के केंद्र में आ गए हैं। सरकार का कहना है कि परिवार के सदस्यों को शामिल करने पर इस पहल से 17 से 20 लाख लोग लाभांवित हो सकते हैं।

सरकार की व्यवस्था से दूर होंगी आउटसोस वर्करों की चिंताएं

बीजेपी के लिए यह प्रशासनिक सुधार से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। आउटसोर्स कर्मचारी सरकारी विभागों, हॉस्पिटल, लोकल बॉडी और दूसरे सार्वजनिक संस्थानों में काम करते हैं। इससे वे एक बड़ा कार्यबल बन जाते हैं जिनका सीधा लिंक सरकारी मशीनरी से होता है। नए सिस्टम का मकसद उनकी कुछ पुरानी चिंताओं को दूर करना है, जिसमें वेतन में देरी, एजेंसियों द्वारा कटौती, सामाजिक सुरक्षा की कमी और नौकरी को लेकर अनिश्चितता शामिल है।

आउटसोर्स कर्मियों के बैंक खाते में जाएगी सैलरी

यूपीसीओएस के तहत, सैलरी सीधे वर्कर के बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी, जबकि ईपीएफ और ईएसआई योगदान नियमित जमा किए जाएंगे। सरकार ने कहा है कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों को वर्कर की सैलरी से सर्विस चार्ज काटने की इजाजत नहीं होगी। कैटेगरी के आधार पर 20 लाख रुपये से 40 लाख रुपये के एक्सीडेंट इंश्योरेंस की भी घोषणा की गई है।

बड़े वेलफेयर मॉडल पर काम कर रही सरकार

प्रदेश सरकार के हाल के फैसले बताते हैं कि वह एक बड़े वेलफेयर मॉडल पर आगे बढ़ रही है। इसके तहत नकद लाभ को एक बड़े वेलफेयर मॉडल का केंद्र बिंदु माना जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य, बीमा और रोजगार सुरक्षा भी शामिल है। हाल ही में पंचायत असिस्टेंट का मानदेय बढ़ाने पर सहमती के साथ ही सरकार ने रोजगार और सामाजिक आर्थिक सुरक्षा से जुड़े कई सहूलियतें प्रदान करने की घोषणा की। इसी तरह अगस्त में 3.5 लाख से अधिक मिड-डे मील कुक का मानदेय बढ़ाने का फैसला किया था। सरकार ने उन्हें कैशलेस हेल्थ कवर सहित कई अन्य सुविधाओं की घोषणा की थी। आंगनवाड़ी वर्कर्स को भी बढ़ते वेलफेयर नेट में लाया गया है। 8 सितंबर को, योगी ने हेल्पर्स और हेल्थ इंश्योरेंस के लिए उनके महीने के मानदेय को 8,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये करने की घोषणा की। बड़ी वेलफेयर स्कीमों की तुलना में अलग-अलग रकम कम लग सकती है, लेकिन राजनीतिक महत्व कवर किए जा रहे ग्रुप्स की संख्या और नेचर में है।

कल्याणकारी योजनाओं की सोच में बदलाव

लखनऊ में गिरी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज में एसोसिएट प्रोफेसर नोमिता पी कुमार ने कहा कि इन उपायों से सरकार की कल्याकारी योजनाओं की सोच में बदलाव का संकेत मिलता है। उन्होंने कहा, “पंचायत असिस्टेंट के मानदेय में 50% की बढ़ोतरी से लेकर आंगनवाड़ी वर्कर, मिड-डे मील कुक और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बढ़ी हुई आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा तक, उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वेलफेयर पॉलिटिक्स का एक नया पैटर्न उभर रहा है।”

Market Insight : बाजार में हालात पलटे, इंश्योरेंस सेक्टर में होगा बड़ा एक्सीडेंट, ऑटो और रियल्टी शेयरों में भी गिरावट का डर

Market Insight : बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में हालात पलट गए हैं। कल अच्छी क्लोजिंग के बावजूद हमने लॉन्ग लेकर जाने से मना किया था। नजरिया यही था कि ट्रेड लेकर जाना जुआ खेलने जैसा होगा। परसों के आउटसाइड डे के बाद कल इनसाइड डे बना था। अगर गिफ्ट निफ्टी सही है तो आज हम 23,250-23,300 पर खुलेंगे। 23,100-23,150 का जोन बाजार के लिए लक्ष्मण रेखा है। आज इंश्योरेंस सेक्टर में बड़ा एक्सीडेंट होगा। IRDAI का कंसल्टेशन पेपर उम्मीद से एकदम उल्टा आया है।

बाजार: आज के संकेत

बॉन्ड यील्ड से कोहराम मच गया है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.135% पर आ गई है। जुलाई 2007 के बाद 10 साल की यील्ड सबसे ज्यादा ऊंचाई पर है।इसमें 7 अप्रैल 2025 के बाद एक-दिन की सबसे बड़ी तेजी आई है। 2 साल की यील्ड 4.947% पर पहुंच गई है। मई 2024 के बाद सबसे ऊंची 2 साल की यील्ड दिखी है। 30 साल की यील्ड 5.398% पर पहुंच गई है। 30 साल की यील्ड जून 2007 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर है।

यील्ड में तेजी के कारण

US के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI के आंकड़े मजबूत रहे हैं। सर्विसेज PMI 5 साल के हाई पर पहुंच गई है। S&P Global सितंबर सर्विसेज PMI 58.7 पर है। अगस्त में सर्विसेज PMI 56.5 पर थी। मैन्युफैक्चरिंग PMI 56.7 पर, 4 साल के हाई पर है। यह कोरोना के बाद 2015 से सबसे तेज उछाल है।

अभी और बढ़ेगी ब्याज दर?

फेड गवर्नर माइकल बार की हॉकिस चेतावनी आई है। उन्होंने कहा है कि महंगाई को समय पर नीचे लाने के लिए पॉलिसी में बदलाव जरूरी है। टिकाऊ ग्रोथ और ज्यादा रोजगार के लिए प्राइस स्टेबिलिटी अहम है। CME फेडवॉच टूल के मुताबिक Oct में 0.25% बढ़ोतरी की संभावना 70% है। पहले 0.25% बढ़ोतरी की संभावना 55% ही थी।

बॉन्ड की कमजोर नीलामी

5 साल के ट्रेजरी नोट की नीलामी में डिमांड कमजोर रही है। ऑप्शन 5.033% यील्ड पर पूरा हुआ। 6 ऑप्शन का औसत यील्ड 4.186% रहा।

कच्चे तेल में फिर तेजी

ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान के UNGA में भाषण के बाद कच्चे तेल में तेजी आई। ब्रेंट $102 के ऊपर है। WTI भी $91/बैरल के पार चला गया है। UK मैरीटाइम एजेंसी का दावा है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में एक कार्गो जहाज में आग लगी है।

पॉलिटिको की रिपोर्ट है कि US डीजल एक्सपोर्ट पर रोक लगा सकता है। प्रशासन रोक के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। 90 दिनों के लिए एक्सपोर्ट पर रोक की योजना है। अमेरिका के एनर्जी सेक्रेटरी हैं क्रिस राइट ने कहा है कि पूरा बैन नहीं होगा,कुछ पाबंदियों पर विचार किया जा रहा है। एक्सपर्ट्स की चेतावनी है कि डीजल एक्सपोर्ट पर रोक का फैसला गलत होगा। इससे US में रिटेल गैसोलीन महंगा हो सकता है।

ट्रंप पर बरसे मसूद पेजेशकियान

UNGA में ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन की इजाजत नहीं। सबसे पहले प्रतिबंध और नेवल ब्लॉकेड हटना जरूरी है। अब तक हॉर्मुज से सभी ने फायदा उठाया है। लेकिन ईरान प्रतिबंध झेले,ये मंजूर नहीं है। किसी भी हाल में बल की भाषा स्वीकार नहीं है।

पेजेशकियान ने कहा कि ईरान की एटॉमिक हथियार बनाने में दिलचस्पी नहीं है। लेकिन विकास के लिए न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी जरूरी है। न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी विकसित करना ईरान का अधिकार है। किसी भी सूरत में अपना अधिकारी नहीं छोड़ेंगे। प्रोग्राम से जुड़े सवाल युद्ध के मैदान पर हल नहीं होंगे। पेजेशकियान ने आगे कहा कि स्ट्रेट से अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड तुरंत हटे। ईरानी एसेट्स को अनफ्रीज करना जरूरी है। सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना भी जरूरी है।

आज का एक्सीडेंट: PB Fintech

IRDAI का कंसल्टेशन पेपर उम्मीद से एकदम उल्टा है। PB Fintech आज 10% नीचे खुल सकता है और हो सकता है उसके बाद और भी गिरे। बाजार की उम्मीद से कहीं ज्यादा खराब कंसल्टेशन पेपर आया है।

इस कंसल्टेशन पेपर का सबसे ज्यादा असर PB Fintech, Turtlemint, Max Fin, HDFC Life, LTF, IndusInd Bank और IDFC First Bank पर पड़ेगा। वहीं, LIC और SBI Life पर इसका सबसे कम असर होगा।

आज कहां लगाएं दांव?

PB फिनटेक आज का एक्सीडेंट होगा। बाकी इंश्योरेंस शेयरों में भी आज गिरावट संभव है। ONGC और OIL में आज वापस रिकवरी आ सकती है। इंटरग्लोब और एशियन पेंट्स पर क्रूड में रैली का असर दिख सकता है। मुथूट,मणप्पुरम में आज सोने में गिरावट और NBFCs में दबाव का असर दिख सकता है। चांदी में गिरावट से हिंदुस्तान जिंक में दबाव संभव है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती से मेटल शेयरों में गिरावट आ सकती है। बैंक और NBFCs में आज दबाव संभव है। लार्जकैप IT शेयरों में भी आज गिरावट का खतरा है। ऑटो और रियल्टी शेयरों में आज बड़ी गिरावट की आशंका है।

NSE की लिस्टिंग

NSE की लिस्टिंग शायद बहुत ज्यादा प्रीमियम पर ना हो। प्री-IPO निवेशकों का लॉक इन है लेकिन करीब 15,000 करोड़ के फ्लोट पर नहीं हैं। कुछ चुनिंदा AIFs पर लॉक इन लागू नहीं है। NSE में आज AIF की सप्लाई आएगी। 1 महीने के बाद एंकर निवेशकों की सप्लाई आएगी और 6 महीने बाद प्री-IPO निवेशकों की सप्लाई आएगी। NSE में डिमांड भी मजबूत रह सकती है। MSCI शायद फास्ट ट्रैक पर NSE को शामिल करे।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,300-23,350 पर और सबसे अहम सपोर्ट 23,100-23,150 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,400-23,450 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,500-23,550 पर है। 200 पॉइंट नीचे खुलने के बाद थोड़ा रुकें। आज देखना होगा 23,100-23,150 बचता है या नहीं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी पर पहला सपोर्ट 56,000-56,200 पर और क्रिटिकल सपोर्ट 55,500-55,800 पर है। फिलहाल रजिस्टेंस की बात करना बेमानी है।

 

Trading Plan: बाजार के दायरे में रहने की उम्मीद, SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जानें आज के लिए ट्रेडिंग रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Video: ‘दोस्त ले गया था गाड़ी’ गुरुग्राम में महिला राइडर को टक्कर मामले में आया नया मोड़, कार के मालिक ने बताई सच्चाई

गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइकर को कार से टक्कर मारने के मामले में गाड़ी के मालिक ने सफाई दी है। कार के मालिक ने बताया कि हादसे के समय वह खुद कार नहीं चला रहा था। उसने अपनी कार एक दोस्त को चलाने के लिए दी थी और घटना के समय कार उसके दोस्त के पास थी। बता दें, गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड पर एक महिला स्पोर्ट्स बाइक राइडर को कथित तौर पर एक कार ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। इस घटना का पूरा वीडियो महिला की बाइक पर लगे एक्शन कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

कार के मालिक ने क्या कहा

ANI से बात करते हुए कार के मालिक मनीष ने कहा कि, उसके दोस्त कल्याण सिंह ने दो दिन पहले उससे कार उधार ली थी। कल्याण ने कहा था कि उसे किसी काम से बाहर जाना है, इसलिए मनीष ने उसे गाड़ी दे दी थी। मनीष के मुताबिक, “यह मेरी गाड़ी है। मैं काम पर था। एक दोस्त ने मेरी कार उधार ली थी। कल्याण सिंह ने कहा था कि उसे कहीं जाना है। वह दो दिन पहले गाड़ी ले गया था। मुझे आज सुबह एक्सीडेंट के बारे में पता चला। मैंने उसे कॉल किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। मैंने अपने पिता और कुछ दूसरे लोगों को भी उसके घर भेजा। वह हरियाणा के पलवल जिले का रहने वाला है… मैं आर्मी में काम करता हूं।”

बाइक पर लगे एक्शन कैमरे में कैद हुई घटना

सिया नाम की महिला रविवार को अपनी स्पोर्ट्स बाइक ‘अप्रिलिया RS 457’ से दोस्तों के साथ गुरुग्राम में राइडिंग कर रही थीं। इसी दौरान गोल्फ कोर्स रोड पर एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। सिया ने सोशल मीडिया पर शेयर किए वीडियो में बताया कि हादसा अचानक हुआ था। उनकी बाइक पर लगा एक्शन कैमरा इस पूरी घटना को रिकॉर्ड कर रहा था। सिया ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि, गुरुग्राम में राइडिंग के दौरान एक कार उनके करीब आ गई थी।

 

उनके अनुसार, कार में बैठे लोग गुस्से में नजर आ रहे थे। सिया ने जब उनसे दूरी बनाए रखने को कहा, तो कथित तौर पर उन्होंने उन्हें बाइक रोकने के लिए कहा। सिया ने बताया कि कार में सवार लोग नशे में लग रहे थे। इसके कुछ देर बाद कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

बाइक को मारी टक्कर

सिया के मुताबिक, वह कार से बचने के लिए लगातार बाइक चलाती रही। सिया ने बताया कि, कार चालक ने उसका पीछा जारी रखा और बाइक के आगे गाड़ी लाकर उसे रोकने की कोशिश की। इसी दौरान मारुति सुजुकी सियाज ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी और फिर मौके से फरार हो गई। सिया के एक दोस्त ने कार का पीछा किया और ट्रैफिक सिग्नल पर उसे रोक लिया। वहां उसने ड्राइवर से हादसे को लेकर बात की, लेकिन आरोप है कि ड्राइवर ने अपनी गलती मानने से इनकार कर दिया और मौका मिलते ही कार लेकर वहां से चला गया।

सिया ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा: “मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन आज मुझे गुरुग्राम की सड़कों पर असुरक्षित महसूस हुआ। ऐसे लोग लोगों को टक्कर मारकर भागने से नहीं डरते।” उन्होंने गुरुग्राम पुलिस से उन ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी अपील की, जो सड़क पर दूसरे लोगों को खतरे में डालते हैं और एक्सीडेंट के बाद मौके से भाग जाते हैं।

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Video: 9 साल तक गुल्लक में पैसे जमा करती रही महिला, 29 की उम्र में बन गई अपने प्लॉट की मालकिन

उत्तर प्रदेश की 29 साल की दीक्षा जायसवाल ने यह साबित कर दिया कि बड़े सपनों को पूरा करने के लिए हमेशा बड़ी कमाई जरूरी नहीं होती। अगर इरादा मजबूत हो और बचत की आदत पक्की हो, तो छोटी-छोटी रकम भी समय के साथ बड़ी पूंजी बन सकती है। दीक्षा ने करीब नौ साल तक अपनी कमाई का हिस्सा बचाया और आखिरकार जुलाई 2026 में अपने नाम जमीन का एक टुकड़ा खरीद लिया।

बहन की जिंदगी देखकर आया खुद की जमीन का ख्याल

दीक्षा के मन में खुद की प्रॉपर्टी खरीदने का सपना 2017 में आया। शादी के बाद अपनी बड़ी बहन को कुछ असुरक्षाओं से गुजरते देख उन्हें महसूस हुआ कि एक महिला के नाम उसकी अपनी संपत्ति होना कितना जरूरी है। उन्होंने तय किया कि वह ऐसी जमीन खरीदेंगी, जिस पर सिर्फ उनका अधिकार हो। यही सोच आगे चलकर उनके लिए एक लक्ष्य बन गई।

पिता के हादसे के बाद पढ़ाई के साथ शुरू किया काम

दीक्षा का आत्मनिर्भर बनने का सफर भी आसान नहीं था। साल 2012 में उनके पिता का एक्सीडेंट हुआ, जिसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए गांव के बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। कम उम्र में कमाई शुरू करने के इस अनुभव ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास दिया। आगे चलकर उन्होंने अपनी B.Com, M.Com और B.P.Ed की पढ़ाई का खर्च खुद उठाया। साथ ही हॉकी खेलीं और कराटे भी सिखाया।

शेयर बाजार नहीं आता था, बस बचत करना जानती थीं

दीक्षा ने बताया कि उन्हें जटिल निवेश या शेयर बाजार की ज्यादा जानकारी नहीं थी। उनका फॉर्मूला बेहद साधारण था जो भी कमाई हो, उसमें से कुछ हिस्सा हर हाल में बचाना।

स्पोर्ट्स टीचर के तौर पर मिलने वाली कमाई में से वह पैसे अलग रखती थीं। कभी मिट्टी की गुल्लक में सिक्के जमा किए, तो कभी पुराने कपड़े के थैलों में नकदी रखी। इसके अलावा उन्होंने धीरे-धीरे सोना भी जमा किया।

जिंदगी में कई मौके आए, लेकिन बचत को नहीं छुआ

नौ साल तक बचत करना उनके लिए आसान नहीं रहा होगा। रोजमर्रा की जरूरतों और जिंदगी के छोटे-बड़े खर्चों के बीच उन्होंने अपनी जमा पूंजी को हाथ नहीं लगाया। समय के साथ सिक्के, नकदी और सोने की छोटी-छोटी बचत एक बड़ी रकम में बदलती गई। दीक्षा का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक इस बचत को सिर्फ इसलिए नहीं छुआ, क्योंकि उनका लक्ष्य पहले से तय था।

जुलाई 2026 में पूरा हुआ सालों पुराना सपना

आखिरकार जुलाई 2026 में वो दिन आया, जिसका दीक्षा को सालों से इंतजार था। 29 साल की उम्र में उन्होंने अपनी बचत निकाली और अपने नाम जमीन का एक प्लॉट खरीद लिया। उनके लिए यह सिर्फ जमीन खरीदना नहीं था, बल्कि नौ साल की मेहनत, त्याग और आत्मनिर्भरता का नतीजा था। सिक्कों से भरी गुल्लक, हाथ से बांधे गए नकदी के बंडल और सोने की बचत को देखकर उन्हें महसूस हुआ कि उनका सालों पुराना सपना सच हो चुका है।

सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन

दीक्षा की कहानी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने उनकी जमकर तारीफ की। कई यूजर्स ने उनकी मेहनत और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रेरणादायक बताया। एक यूजर ने लिखा कि जमीन कितनी भी बड़ी या छोटी हो, उसे खुद की कमाई से खरीदना अपने आप में बेहद खास उपलब्धि है। वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि हर लड़की को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने और अपने नाम संपत्ति बनाने की अहमियत समझनी चाहिए।

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100 बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहे 23 साल के कृष्णा | Aapka Krishna | Free Education | Rajasthan

100 बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहे 23 साल के कृष्णा | Aapka Krishna | Free Education | Rajasthan

कृष्णा ने बचपन से ही एयरफोर्स में जाकर देश की सेवा का सपना देखा था, लेकिन एक्सीडेंट के बाद ऐसा हो ना सका। लेकिन 23 की उम्र में उन्होंने हार मानने के बजाय देश सेवा का एक नया रास्ता चुन लिया।

आज राजस्थान का ये लड़का अपने गाँव के 100 बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहा है, ताकि जिन हाथों में कभी मजबूरी ने काम थमाया था, उनमें कल किताबें हों और अपने सपने चुनने की आज़ादी हो।

कृष्णा का सफर याद दिलाता है कि देश सेवा सिर्फ वर्दी पहनकर नहीं होती। कभी-कभी एक बच्चे को पढ़ने का मौका देना भी देश का भविष्य संवारना होता है। :heart:

आप भी कृष्णा से पढ़ने वाले एक बच्चे की मदद करें: ₹130 = 1 Stationery Kit & 1 Meal
Donation Now! UPI ID- 917300369081@cnrb
Bank Details:
Account Holder Name: Kanheya Lal
Account Number: 4331119000551
Bank Name: Canara Bank
IFSC Code: CNRB0004331

@aapka_krishnaaa

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फुकेट-दिल्ली फ्लाइट हादसे पर एयर इंडिया का बड़ा एक्शन! सभी पायलटों की डोप टेस्टिंग शुरू, एयरबस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा!

Air India Pilot Dope Test: 4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड का डोप टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद, एयरलाइन ने गुरुवार से अपने ग्रुप – एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस – के सभी पायलटों का ड्रग टेस्ट करने का फैसला किया है। यह एक बार की जाने वाली प्रक्रिया है और साइकोएक्टिव पदार्थों की टेस्टिंग के लिए DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के नियमों में बताई गई जरूरतों से कहीं ज्यादा है।

एयरलाइन ने ग्रुप के पायलटों को भेजे एक इंटरनल मैसेज में कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, एयर इंडिया पहले से ही भारत के DGCA की सभी जरूरी शर्तों का पूरी तरह पालन करती है। ये शर्तें यूरोप और अमेरिका जैसे बड़े एविएशन क्षेत्रों में लागू नियमों जैसी ही हैं। फिर भी, हमें लगता है कि अब इससे आगे बढ़कर कदम उठाने की जरूरत है। इसलिए, हमने ग्रुप के सभी पायलटों की पूरी स्क्रीनिंग करने का फैसला किया है ताकि यह पता चल सके कि वे ऐसे किसी पदार्थ या दवा का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे हैं जिनकी मौजूदा नियमों के तहत इजाजत नहीं है। यह टेस्टिंग जरूरी है और आज, 13 अगस्त 2026 से शुरू होगी।”

दोनों ग्रुप एयरलाइंस के पास कुल मिलाकर लगभग 5,000 पायलट और करीब 300 विमानों का बेड़ा है। हालांकि, एयर इंडिया ने पायलटों को भेजे गए इस मैसेज पर कोई टिप्पणी नहीं की। सूत्रों के मुताबिक, यह टेस्टिंग सुरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने और यात्रियों व इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भरोसा दिलाने के लिए की जा रही है।

साइकोएक्टिव पदार्थों की टेस्टिंग पर DGCA की सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) के अनुसार, हर साल 10% फ्लाइट क्रू, अन्य पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का रैंडम डोप टेस्ट करना अनिवार्य है। रूटीन रैंडम टेस्टिंग के अलावा, ये टेस्ट आमतौर पर सुरक्षा से जुड़ी किसी घटना के बाद भी किए जाते हैं, जैसा कि 4 अगस्त की एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के मामले में हुआ।

वहीं, पायलटों को भेजे गए संदेश में कहा गया है, “यह टेस्ट गुरुग्राम एकेडमी में ट्रेनिंग के साथ-साथ, उड़ान के बाद हमारे फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर्स/एयर इंडिया ऑफिस में या आपके संबंधित बेस द्वारा बताई गई जगहों पर किया जाएगा। यह पहल नियमों की जरूरतों से कहीं आगे की है और सुरक्षा व प्रोफेशनलिज्म के उच्चतम मानकों को बनाए रखने तथा हमारे यात्रियों, स्टेकहोल्डर्स और आम जनता को भरोसा दिलाने के हमारे संकल्प को दर्शाती है।” सूत्रों के मुताबिक, जो पायलट फिलहाल छुट्टी पर हैं, उन्हें ड्यूटी पर लौटने के बाद यह टेस्ट देना होगा। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में कुछ दिन लगने की भी संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, संदेश में कहा गया है, “कई दशकों से एयर इंडिया भारतीय एविएशन की पहचान रही है। इस दौरान हमारे पायलटों और दूसरे स्टाफ की प्रोफेशनलिज्म, स्किल और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने लाखों यात्रियों और आम लोगों का भरोसा जीता है। यह भरोसा हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, और इसे बनाए रखना और इसकी रक्षा करना हमारे लिए बहुत जरूरी है। आप में से कई लोगों ने हाल ही में इसी तरह की भावना ज़ाहिर की है।”

बता दें कि पिछले मंगलवार (4 अगस्त) को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एयरबस A320 फ्लाइट (VT-EXO) उड़ान के दौरान अचानक लगभग 300 फीट नीचे आ गई, जिससे 20 यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य घायल हो गए। इनमें से 17 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। विमान में उस समय 137 यात्री, 6 केबिन क्रू सदस्य और 2 पायलट सवार थे। इस घटना को ‘सीरियस इंसिडेंट’ की श्रेणी में रखा गया है और इसकी जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।

गौरतलब है कि शुरुआत में सरकार और एयरलाइन ने इस घटना की वजह जबरदस्त टर्बुलेंस (हवा के तेज झोंके) को बताया था। सूत्रों के मुताबिक, पायलटों के बर्ताव की भी जांच हो रही है, खासकर PIC (पायलट-इन-कमांड) के ड्रग टेस्ट का नतीजा पॉजिटिव आने के बाद। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद PIC के शुरुआती ड्रग टेस्ट का नतीजा ‘नॉन-नेगेटिव’ आया था और कन्फर्मेटरी टेस्ट का नतीजा पॉजिटिव आया, जिसमें मारिजुआना (गांजा) की पुष्टि हुई। हालांकि, यह साफ नहीं है कि यह नशीला पदार्थ कब लिया गया था या क्या वह ड्रग्स के असर में फ्लाइट उड़ा रहे थे।

इसके अलावा, ऐसा माना जा रहा है कि घटना के समय एयरबस A320 जेट के हाइड्रोलिक और कंट्रोल सिस्टम में भी एक के बाद एक कई दिक्कतें आईं। AAIB इस बात की भी जांच करेगा कि क्या ये दिक्कतें घटना का कारण हो सकती हैं। जांच में विमान बनाने वाली कंपनी एयरबस और फ्रांस की विमान दुर्घटना जांच एजेंसी BEA मदद कर रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद PIC ने अधिकारियों को बताया कि वह नींद न आने की समस्या के लिए दवा ले रहे थे, जो उनके फैमिली डॉक्टर ने बताई थी। यह भी पता चला है कि उन्होंने अधिकारियों को बताया कि घटना के समय वह को-पायलट की सीट के पीछे खड़े थे और विमान के कंट्रोल पर नहीं थे।

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