Tamil nadu gold ring scheme: जन्म के साथ इस राज्य के बच्चे पाएं सोने की अंगूठी, 28 सितंबर को सीएम विजय करेंगे योजना की शुरुआत

Tamil nadu gold ring scheme: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की सरकार ने राज्य में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं को एक बहुमूल्य उपहार देने की घोषणा की है। सरकार नवजात शिशुओं के कल्याण के लिए उनके जन्म पर एक ग्राम सोने की अंगूठी देने की योजना शुरू कर रही है। सीएम विजय 28 सितंबर से इस योजना की शुरुआत करेंगे। राज्य सरकार ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।

सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले शिशुओं को मिलेगी अंगूठी

इस योजना के तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले सभी बच्चों को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। अंगूठियों के वितरण में सुरक्षा और पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

सरकार ने खरीदीं 1.28 लाख सोने की अंगूठियां

सरकार ने बताया कि पहली किस्त में वितरण के लिए 1.28 लाख सोने की अंगूठियां खरीदी जा चुकी हैं। सरकार के अनुसार, प्रत्येक सोने की अंगूठी पर एक विशेष सीरियल नंबर दर्ज होगा। इसे पूरी तरह सुरक्षित और छेड़छाड़-मुक्त (टैम्पर-प्रूफ) पैकेट में बंद करके दिया जाएगा।

राज्य के स्थानीय निवासियों को मिलेगा लाभ

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। योजना का फायदा लेने के लिए लाभार्थियों का तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना जरूरी है। केवल राज्य के स्थायी निवासियों के बच्चों को ही यह उपहार दिया जाएगा।

Air India Express: टेस्ट में पास मगर नौकरी से बर्खास्त, जानें एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने 8 क्रू मेंबर्स पर क्यों की कार्रवाई

दिल्ली-मुंबई छोड़िए इन 11 शहरों में आया प्रॉपर्टी मार्केट का नया बूम! 5 साल में 63% बढ़ी कीमतें, यहां देखिए पूरी लिस्ट

घर खरीदना हर किसी का सपना होता है। घर खरीदने के लिए लोग लंबे समय से पैसे बचाते हैं और अपने बजट की तैयारी करते हैं। वहीं अगर आप घर खरीदने की योजना कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए काम की है। भारत के बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों में भी घरों की कीमतों और प्रॉपर्टी की मांग में तेजी से बढ़ रही है। इस बात का खुलासा हाल ही में आई सीआईआई और नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 11 छोटे शहर आने वाले समय में रियल एस्टेट ग्रोथ के बड़े केंद्र बन सकते हैं। इनमें घरों की कीमतों में पिछले कुछ सालों में बड़े शहरों के मुकाबले ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से

11 छोटे शहरों में घरों की कीमतों में हुई वृद्धि

शुक्रवार को उद्योग संगठन सीआईआई और प्रॉपर्टी सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया ने ‘इंडियाज नेक्स्ट रियल एस्टेट मार्केट्स’ नाम से एक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 से अब तक 11 छोटे शहरों में घरों की कीमतों में औसतन 63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस रिपोर्ट में देश के 11 ऐसे शहरों की पहचान की गई है, जहां आने वाले समय में रियल एस्टेट कारोबार तेजी से बढ़ने की संभावना बताई गई है। इन शहरों में भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़ ट्राईसिटी, गोवा, इंदौर, जयपुर, कोच्चि, लखनऊ, नागपुर, विशाखापत्तनम और कोयंबटूर शामिल हैं। इन शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी आठ बड़े रियल एस्टेट बाजारों के मुकाबले ज्यादा रही है।

2016 से 2026 में हुई इतनी वृद्धि

रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 से 2026 के बीच इन 11 शहरों में घरों की औसत कीमत हर साल करीब 8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। वहीं, मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद और कोलकाता जैसे देश के 8 बड़े शहरों में घरों की कीमतों में सालाना औसत बढ़ोतरी करीब 4 प्रतिशत रही। कंसल्टेंट ने कहा, “ये शहर भारत के टॉप आठ शहरों की तुलना में तेजी से रेजिडेंशियल प्राइस ग्रोथ दिखा रहे हैं, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और कंजम्पशन में ग्रोथ के सपोर्ट से उनके इकोनॉमिक फंडामेंटल्स के मजबूत होने की वजह से मोमेंटम में बढ़ोतरी का संकेत है।”

कहां हुई कितनी वृद्धि

नाइट फ्रैंक के मुताबिक, पिछले पांच सालों में इन 11 शहरों और देश के 8 बड़े रियल एस्टेट बाजारों के बीच घरों की कीमतों में बढ़ोतरी का अंतर और बढ़ा है। 2021 से 2026 के बीच इन 11 शहरों में घरों की कीमतें 63 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि 8 बड़े शहरों में 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इन 11 शहरों में घरों की औसत कीमत करीब 4,500 रुपये से 13,500 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच है।

भारत में तेजी से बढ़ रहा रियल एस्टेट

नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल ने कहा कि ‘भारत में रियल एस्टेट का विकास अब सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है। टियर-2 और टियर-3 शहरों, आसपास के नए इलाकों और तेजी से विकसित हो रहे कॉरिडोर में भी निवेश के मौके बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर विकास सिर्फ नए इंफ्रास्ट्रक्चर बनने से नहीं होगा, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी को लगातार आर्थिक गतिविधियों में बदलना भी जरूरी होगा।’

उन्होंने कहा कि, जिन शहरों में रोजगार, कारोबार, बढ़ती आबादी, लोगों की बढ़ती जरूरतें और बेहतर शहरी सुविधाएं एक साथ मौजूद हैं, वहां रियल एस्टेट बाजार के ज्यादा मजबूत होने की संभावना है। ऐसे शहरों में प्रॉपर्टी के बाजार में अलग-अलग तरह के विकल्प और ज्यादा विकास देखने को मिल सकता है।

Air India Express: टेस्ट में पास मगर नौकरी से बर्खास्त, जानें एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने 8 क्रू मेंबर्स पर क्यों की कार्रवाई

Air India Express: टेस्ट में पास मगर नौकरी से बर्खास्त, जानें एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने 8 क्रू मेंबर्स पर क्यों की कार्रवाई

Air India Express: भारतीय विमानन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने क्रू के कुछ सदस्यों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया है। इनमें चार पायलट और चार केबिन क्रू मेंबर शामिल हैं। एयरलाइन कंपनी ने सभी सदस्या को 3 महीने के लिए सस्पेंड करने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि यह सभी क्रू सदस्य एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट के थे, जिन्होंने फ्लाइट लैंड होने के दो घंटे भीतर अनिवार्य ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट नहीं दिया।

2 घंटे 35 मिनट के बाद ब्रेथ ऐनेलाइजर टेस्ट देने पहुंचा क्रू

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के मुताबिक, इंटरनेशनल फ्लाइट के क्रू को विमान के लैंड होने के दो घंटे के भीतर अल्कोहल टेस्ट देना होता है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में क्रू पहले अपने होटल चला गया क्योंकि एक सदस्य की तबीयत ठीक नहीं थी। हालांकि, इसके बाद सभी सदस्य वापस एयरपोर्ट लौटे और टेस्ट दिया। इस सब में 2 घंटे 35 मिनट का समय बीत चुका था। सभी आठों क्रू मेंबर का टेस्ट बाद में निगेटिव आया, यानी किसी में अल्कोहल नहीं पाया गया।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने खुद दी डीजीसीए को जानकारी

बाद में पता चलने पर एयर इंडिया एक्सप्रेस ने खुद इस चूक की जानकारी डीजीसीए को दी और नियमों के तहत तुरंत क्रू को ड्यूटी से हटाकर तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया। यह मामला दो अगस्त का है। दुबई से आई फ्लाइट एएक्स-192 सुबह नौ बजकर पचास मिनट पर अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुई थी। एक सूत्र के मुताबिक, क्रू इंटरनेशनल फ्लाइट के बाद होने वाली कई प्रक्रियाओं, जैसे लॉगबुक एंट्री, कस्टम्स और इमिग्रेशन क्लीयरेंस में उलझा रहा, जिसकी वजह से टेस्ट का ध्यान नहीं रहा। क्रू में दो पायलट इन कमांड, दो को पायलट और चार केबिन क्रू मेंबर थे।

क्यों जरूरी है यह टेस्ट

डीजीसीए के नियमों के तहत फ्लाइट क्रू के लिए इंटरनेशनल फ्लाइट के बाद ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट देना अनिवार्य है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ड्यूटी के दौरान पायलट और केबिन क्रू ने शराब का सेवन नहीं किया है। इंटरनेशनल फ्लाइट के लैंड होने के बाद तय समय के भीतर यह टेस्ट कराना होता है। इस मामले में सभी आठ क्रू मेंबर्स की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद तय प्रक्रिया का पालन नहीं होने पर एयर इंडिया एक्सप्रेस ने नियमों के तहत कार्रवाई की।

10 सितंबर को किया था चेक-इन…अंदर से बंद था कमरा, दिल्ली के होटल में पायलट की संदिग्ध हालत में मौत

दिल्ली के वसंत कुंज इलाके से हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। वसंत कुंज इलाके के एक होटल में एयर इंडिया के एक पायलट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक एयरलाइन में कैप्टन के तौर पर काम कर रहे थे। पुलिस और एयरलाइन अधिकारियों के मुताबिक, पायलट लेओवर के दौरान एक होटल में ठहरे हुए थे। होटल के कमरे में उन्हें बेहोशी की हालत में पाया गया, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।

होटल में पाए गए बेहोश

एयरलाइन अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई के रहने वाले पायलट बोइंग 787 की कन्वर्जन ट्रेनिंग के सिलसिले में दिल्ली पहुंचे थे और 10 सितंबर को वसंत कुंज के एक होटल में ठहरे थे। अगले दिन शाम को वह अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिले। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, मृतक पायलट इससे पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ काम कर चुके थे और कुछ महीने पहले ही एयर इंडिया में शामिल हुए थे। वह दिल्ली में ट्रेनिंग के लिए आए हुए थे और शनिवार सुबह उन्हें एक फ्लाइट की कमान संभालनी थी।

भाई ने किया कॉन्टैक्ट

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में एक होटल में ठहरे व्यक्ति की तबीयत खराब होने के बारे में एक PCR कॉल आई थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पायलट कमरे के अंदर बेहोशी की हालत में मिले। बताया गया कि उनके भाई ने कई बार फोन किया, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने होटल मैनेजर से संपर्क किया। मैनेजर ने मास्टर चाबी की मदद से कमरे का दरवाजा खोला, जहां पायलट बेहोश मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस कर रही मामले की जांच

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने क्राइम टीम को होटल भेजा और मामले से जुड़े सबूत जुटाए। पायलट का पोस्टमॉर्टम 12 सितंबर को सफदरजंग अस्पताल में कराया गया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई है। लेकिन, मौत की सही वजह पोस्टमॉर्टम की अंतिम मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।

एयर इंडिया ने पायलट के निधन पर गहरा दुख जताया है। एयरलाइन ने कहा कि वह इस मुश्किल समय में पायलट के परिवार के लगातार संपर्क में है और उन्हें हर संभव मदद और सहयोग प्रदान कर रही है।

ईंधन की बढ़ती कीमतों की मार! हिंडन से उड़ानों पर IndiGo की कैंची, कोलकाता-नवी मुंबई और वाराणसी की फ्लाइटें घटीं

IndiGo cuts flights: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट से देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने तीन प्रमुख घरेलू रूट्स पर उड़ानों की संख्या कम कर दी है। विमान ईंधन यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 5.5% बढ़ोतरी को इसके पीछे प्रमुख कारण बताया गया है। सितंबर में ATF की कीमत बढ़कर ₹121.3 प्रति लीटर हो गई है। इस वजह से इंडिगो अब हिंडन से सिर्फ 5 रूट्स वाराणसी, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई और नवी मुंबई पर संचालन कर रही है। पश्चिम एशिया संकट (West Asia crisis) और ईंधन की कीमतों में उछाल के कारण एयरलाइंस अपनी कैपेसिटी घटाने पर मजबूर हैं।

एयरलाइन अधिकारियों के मुताबिक, ईंधन की बढ़ती कीमतों और परिचालन लागत के दबाव में क्षमता को कम किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि एयरलाइन की परिचालन लागत में ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40-60% तक हो सकती है। हिंडन एयरपोर्ट पर कमर्शियल उड़ानों के संचालन की शुरुआत जून में हुई थी। जुलाई 2025 में इंडिगो ने यहां से नई उड़ानें शुरू की थीं। हालांकि, एयरपोर्ट पर सुबह से शाम तक संचालन की पाबंदियां और सीमित पार्किंग जैसी दिक्कतें भी एयरलाइनों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

इंडिगो फ्लाइट की संख्या में प्रमुख बदलाव

  • कोलकाता: रोजाना चलने वाली उड़ान अब सप्ताह में केवल 2 दिन (सोमवार और रविवार या बुधवार/रविवार) संचालित होगी।
  • नवी मुंबई: दैनिक (Daily) सेवाओं को घटाकर अब सप्ताह में 4 दिन कर दिया गया है।
  • वाराणसी: सप्ताह में 6 दिन चलने वाली सेवा को घटाकर अब 5 दिन (सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार) कर दिया गया है।

हिंडन से अब केवल 5 रूटों पर संचालन

इंडिगो वर्तमान में हिंडन से केवल 5 रूटों पर ही परिचालन कर रही है। इनमें वाराणसी, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई और नवी मुंबई शामिल है। इसमें बेंगलुरु के लिए रोजाना उड़ानें जारी हैं। जबकि चेन्नई के लिए सप्ताह में 4 दिन (सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार) उड़ानें चल रही हैं।

ऑपरेशनल चुनौतियां और हिंडन की घटती कनेक्टिविटी

हिंडन टर्मिनल से संबंधित समस्याएं जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के जून में हुए कमर्शियल लॉन्च से भी पुरानी हैं। इंडिगो ने जुलाई 2025 में हिंडन से 8 नए रूट शुरू किए थे। लेकिन अहमदाबाद, इंदौर और पटना जैसे रूट कुछ ही महीनों में बंद कर दिए गए। एयर इंडिया एक्सप्रेस भी इस टर्मिनल से पूरी तरह हट चुकी है।

हिंडन मूल रूप से भारतीय वायु सेना (IAF) का केंद्र है, जहां सुबह से शाम (dawn-to-dusk) तक ही उड़ान संचालन की अनुमति है। साथ ही यहां कमर्शियल विमानों के लिए सीमित पार्किंग जगह उपलब्ध है। वर्तमान में यहां केवल दो एयरलाइंस इंडिगो और स्टार एयर (नांदेड़ एवं आदमपुर के लिए) ऑपरेट कर रही हैं।

ईंधन की आसमान छूती कीमतें

  • सितंबर में 5.5% की बढ़ोतरी: सितंबर से ATF की कीमतें 5.5% बढ़कर ₹121.3 प्रति लीटर हो गई हैं।
  • पिछले महीनों का हाल: जुलाई में कीमतें ₹110 प्रति लीटर और अगस्त में ₹115 प्रति लीटर थीं।
  • लागत पर असर: अधिकारियों के अनुसार, एयरलाइन की कुल परिचालन लागत (operating cost) में ईंधन का हिस्सा 40% से 60% तक होता है। घाटे से निपटने के लिए इंडिगो ने अपनी घरेलू क्षमता में 5% से 7% तक की कटौती की है। जबकि एयर इंडिया ने अपनी उड़ानों में 22% तक की कमी की है।

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Varanasi Airport Firing: वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियारों की जांच के दौरान अचानक पिस्तौल से चली गोली! Air India Express के 2 कर्मचारी घायल

Varanasi Airport Firing: उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन में रविवार (16 अगस्त) सुबह जांच के दौरान एक यात्री के लाइसेंसी पिस्तौल से अचानक गोली चल जाने से हड़कंप मच गया। गोली की चपेट में आने से एयरपोर्ट पर तैनात एक महिला कर्मचारी और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि मुंबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस से यात्रा करने के लिए आजमगढ़ निवासी कमलेश राय पत्नी के साथ एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनके पास लाइसेंसी पिस्तौल थी।

उन्होने बताया कि जांच के दौरान पिस्टल की जांच और उसमें मौजूद गोलियों की गिनती की जा रही थी, तभी अचानक फायरिंग हो गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में जांच कर रही महिला कर्मचारी के पैर में और पास खड़े एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पत्नी के साथ जा रहा था मुंबई

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री अपनी पत्नी के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट नंबर IX-1810 से मुंबई जा रहा था। उसके पास एक पिस्तौल और मैगजीन थी। उसने फ्लाइट में चढ़ने से पहले अधिकारियों को हथियारों की जानकारी दी। वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुनीत गुप्ता के मुताबिक, जब हथियार और उसके कागजात की जांच हो रही थी, तभी बंदूक अचानक से चल गई। उन्होंने बताया कि हथियार और उसके कागजात की जांच के समय हथियार का मालिक और एयरपोर्ट का स्टाफ दोनों मौजूद थे।

फायरिंग में दो कर्मचारी घायल

गोली पहले जमीन पर लगी और फिर पास खड़े दो स्टाफ सदस्यों को जा लगी। एक महिला स्टाफ सदस्य की जांघ में गोली लगी। जबकि एक पुरुष स्टाफ सदस्य के हाथ में चोट आई। वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर के मुताबिक, यह घटना 16 अगस्त, 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे हुई। गुप्ता ने बताया कि घायल दोनों स्टाफ सदस्यों की हालत स्थिर है। फिलहाल, उनका इलाज चल रहा है। ANI के मुताबिक, एयरपोर्ट डायरेक्टर ने कहा कि स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है। जांच चल रही है।

वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “आज सुबह करीब 9:30 बजे, मुंबई जाने वाली फ्लाइट IX-1810 में अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर रहे एक यात्री ने फ्लाइट में हथियार ले जाने की जानकारी दी। हथियारों की जांच के दौरान यात्री ने एक राउंड गोली चलाई, जिससे दो AAICLAS स्क्रीनर घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है। जांच चल रही है।” पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारी अब इस घटना की विस्तार से जांच कर रहे हैं।

फुकेट-दिल्ली फ्लाइट हादसे पर एयर इंडिया का बड़ा एक्शन! सभी पायलटों की डोप टेस्टिंग शुरू, एयरबस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा!

Air India Pilot Dope Test: 4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड का डोप टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद, एयरलाइन ने गुरुवार से अपने ग्रुप – एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस – के सभी पायलटों का ड्रग टेस्ट करने का फैसला किया है। यह एक बार की जाने वाली प्रक्रिया है और साइकोएक्टिव पदार्थों की टेस्टिंग के लिए DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के नियमों में बताई गई जरूरतों से कहीं ज्यादा है।

एयरलाइन ने ग्रुप के पायलटों को भेजे एक इंटरनल मैसेज में कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, एयर इंडिया पहले से ही भारत के DGCA की सभी जरूरी शर्तों का पूरी तरह पालन करती है। ये शर्तें यूरोप और अमेरिका जैसे बड़े एविएशन क्षेत्रों में लागू नियमों जैसी ही हैं। फिर भी, हमें लगता है कि अब इससे आगे बढ़कर कदम उठाने की जरूरत है। इसलिए, हमने ग्रुप के सभी पायलटों की पूरी स्क्रीनिंग करने का फैसला किया है ताकि यह पता चल सके कि वे ऐसे किसी पदार्थ या दवा का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे हैं जिनकी मौजूदा नियमों के तहत इजाजत नहीं है। यह टेस्टिंग जरूरी है और आज, 13 अगस्त 2026 से शुरू होगी।”

दोनों ग्रुप एयरलाइंस के पास कुल मिलाकर लगभग 5,000 पायलट और करीब 300 विमानों का बेड़ा है। हालांकि, एयर इंडिया ने पायलटों को भेजे गए इस मैसेज पर कोई टिप्पणी नहीं की। सूत्रों के मुताबिक, यह टेस्टिंग सुरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने और यात्रियों व इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भरोसा दिलाने के लिए की जा रही है।

साइकोएक्टिव पदार्थों की टेस्टिंग पर DGCA की सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) के अनुसार, हर साल 10% फ्लाइट क्रू, अन्य पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का रैंडम डोप टेस्ट करना अनिवार्य है। रूटीन रैंडम टेस्टिंग के अलावा, ये टेस्ट आमतौर पर सुरक्षा से जुड़ी किसी घटना के बाद भी किए जाते हैं, जैसा कि 4 अगस्त की एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के मामले में हुआ।

वहीं, पायलटों को भेजे गए संदेश में कहा गया है, “यह टेस्ट गुरुग्राम एकेडमी में ट्रेनिंग के साथ-साथ, उड़ान के बाद हमारे फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर्स/एयर इंडिया ऑफिस में या आपके संबंधित बेस द्वारा बताई गई जगहों पर किया जाएगा। यह पहल नियमों की जरूरतों से कहीं आगे की है और सुरक्षा व प्रोफेशनलिज्म के उच्चतम मानकों को बनाए रखने तथा हमारे यात्रियों, स्टेकहोल्डर्स और आम जनता को भरोसा दिलाने के हमारे संकल्प को दर्शाती है।” सूत्रों के मुताबिक, जो पायलट फिलहाल छुट्टी पर हैं, उन्हें ड्यूटी पर लौटने के बाद यह टेस्ट देना होगा। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में कुछ दिन लगने की भी संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, संदेश में कहा गया है, “कई दशकों से एयर इंडिया भारतीय एविएशन की पहचान रही है। इस दौरान हमारे पायलटों और दूसरे स्टाफ की प्रोफेशनलिज्म, स्किल और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने लाखों यात्रियों और आम लोगों का भरोसा जीता है। यह भरोसा हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, और इसे बनाए रखना और इसकी रक्षा करना हमारे लिए बहुत जरूरी है। आप में से कई लोगों ने हाल ही में इसी तरह की भावना ज़ाहिर की है।”

बता दें कि पिछले मंगलवार (4 अगस्त) को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एयरबस A320 फ्लाइट (VT-EXO) उड़ान के दौरान अचानक लगभग 300 फीट नीचे आ गई, जिससे 20 यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य घायल हो गए। इनमें से 17 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। विमान में उस समय 137 यात्री, 6 केबिन क्रू सदस्य और 2 पायलट सवार थे। इस घटना को ‘सीरियस इंसिडेंट’ की श्रेणी में रखा गया है और इसकी जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।

गौरतलब है कि शुरुआत में सरकार और एयरलाइन ने इस घटना की वजह जबरदस्त टर्बुलेंस (हवा के तेज झोंके) को बताया था। सूत्रों के मुताबिक, पायलटों के बर्ताव की भी जांच हो रही है, खासकर PIC (पायलट-इन-कमांड) के ड्रग टेस्ट का नतीजा पॉजिटिव आने के बाद। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद PIC के शुरुआती ड्रग टेस्ट का नतीजा ‘नॉन-नेगेटिव’ आया था और कन्फर्मेटरी टेस्ट का नतीजा पॉजिटिव आया, जिसमें मारिजुआना (गांजा) की पुष्टि हुई। हालांकि, यह साफ नहीं है कि यह नशीला पदार्थ कब लिया गया था या क्या वह ड्रग्स के असर में फ्लाइट उड़ा रहे थे।

इसके अलावा, ऐसा माना जा रहा है कि घटना के समय एयरबस A320 जेट के हाइड्रोलिक और कंट्रोल सिस्टम में भी एक के बाद एक कई दिक्कतें आईं। AAIB इस बात की भी जांच करेगा कि क्या ये दिक्कतें घटना का कारण हो सकती हैं। जांच में विमान बनाने वाली कंपनी एयरबस और फ्रांस की विमान दुर्घटना जांच एजेंसी BEA मदद कर रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद PIC ने अधिकारियों को बताया कि वह नींद न आने की समस्या के लिए दवा ले रहे थे, जो उनके फैमिली डॉक्टर ने बताई थी। यह भी पता चला है कि उन्होंने अधिकारियों को बताया कि घटना के समय वह को-पायलट की सीट के पीछे खड़े थे और विमान के कंट्रोल पर नहीं थे।

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