दिल्ली-मुंबई छोड़िए इन 11 शहरों में आया प्रॉपर्टी मार्केट का नया बूम! 5 साल में 63% बढ़ी कीमतें, यहां देखिए पूरी लिस्ट

घर खरीदना हर किसी का सपना होता है। घर खरीदने के लिए लोग लंबे समय से पैसे बचाते हैं और अपने बजट की तैयारी करते हैं। वहीं अगर आप घर खरीदने की योजना कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए काम की है। भारत के बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों में भी घरों की कीमतों और प्रॉपर्टी की मांग में तेजी से बढ़ रही है। इस बात का खुलासा हाल ही में आई सीआईआई और नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 11 छोटे शहर आने वाले समय में रियल एस्टेट ग्रोथ के बड़े केंद्र बन सकते हैं। इनमें घरों की कीमतों में पिछले कुछ सालों में बड़े शहरों के मुकाबले ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से

11 छोटे शहरों में घरों की कीमतों में हुई वृद्धि

शुक्रवार को उद्योग संगठन सीआईआई और प्रॉपर्टी सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया ने ‘इंडियाज नेक्स्ट रियल एस्टेट मार्केट्स’ नाम से एक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 से अब तक 11 छोटे शहरों में घरों की कीमतों में औसतन 63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस रिपोर्ट में देश के 11 ऐसे शहरों की पहचान की गई है, जहां आने वाले समय में रियल एस्टेट कारोबार तेजी से बढ़ने की संभावना बताई गई है। इन शहरों में भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़ ट्राईसिटी, गोवा, इंदौर, जयपुर, कोच्चि, लखनऊ, नागपुर, विशाखापत्तनम और कोयंबटूर शामिल हैं। इन शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी आठ बड़े रियल एस्टेट बाजारों के मुकाबले ज्यादा रही है।

2016 से 2026 में हुई इतनी वृद्धि

रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 से 2026 के बीच इन 11 शहरों में घरों की औसत कीमत हर साल करीब 8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। वहीं, मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद और कोलकाता जैसे देश के 8 बड़े शहरों में घरों की कीमतों में सालाना औसत बढ़ोतरी करीब 4 प्रतिशत रही। कंसल्टेंट ने कहा, “ये शहर भारत के टॉप आठ शहरों की तुलना में तेजी से रेजिडेंशियल प्राइस ग्रोथ दिखा रहे हैं, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और कंजम्पशन में ग्रोथ के सपोर्ट से उनके इकोनॉमिक फंडामेंटल्स के मजबूत होने की वजह से मोमेंटम में बढ़ोतरी का संकेत है।”

कहां हुई कितनी वृद्धि

नाइट फ्रैंक के मुताबिक, पिछले पांच सालों में इन 11 शहरों और देश के 8 बड़े रियल एस्टेट बाजारों के बीच घरों की कीमतों में बढ़ोतरी का अंतर और बढ़ा है। 2021 से 2026 के बीच इन 11 शहरों में घरों की कीमतें 63 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि 8 बड़े शहरों में 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इन 11 शहरों में घरों की औसत कीमत करीब 4,500 रुपये से 13,500 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच है।

भारत में तेजी से बढ़ रहा रियल एस्टेट

नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल ने कहा कि ‘भारत में रियल एस्टेट का विकास अब सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है। टियर-2 और टियर-3 शहरों, आसपास के नए इलाकों और तेजी से विकसित हो रहे कॉरिडोर में भी निवेश के मौके बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर विकास सिर्फ नए इंफ्रास्ट्रक्चर बनने से नहीं होगा, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी को लगातार आर्थिक गतिविधियों में बदलना भी जरूरी होगा।’

उन्होंने कहा कि, जिन शहरों में रोजगार, कारोबार, बढ़ती आबादी, लोगों की बढ़ती जरूरतें और बेहतर शहरी सुविधाएं एक साथ मौजूद हैं, वहां रियल एस्टेट बाजार के ज्यादा मजबूत होने की संभावना है। ऐसे शहरों में प्रॉपर्टी के बाजार में अलग-अलग तरह के विकल्प और ज्यादा विकास देखने को मिल सकता है।

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भारत में प्रॉपर्टी खरीदने की होड़ शुरू! इन शहरों में निवेश से मिलेगा बम्पर रिटर्न

अब्रॉड में रहने वाले इंडियन (NRI) अब भारत में घर और प्रॉपर्टी (property) खरीदने में पहले से ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। अच्छी कमाई, बेहतर रिटर्न (returns) और भारत के रियल एस्टेट बाजार (real estate market) में बढ़ते भरोसे की वजह से वे बड़े शहरों में तेजी से इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं, इन शहरों में सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं NRI:

Delhi-NCR (दिल्ली-एनसीआर)

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दिल्ली-एनसीआर, खासकर गुरुग्राम (Bengaluru), NRI इंवेटर्स की पसंदीदा जगहों में शामिल है। यहां लग्जरी प्रोजेक्ट्स, अच्छी सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी (metro connectivity), बड़े कॉर्पोरेट ऑफिस (corporate office) और तेजी से डेवलप हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण प्रॉपर्टी की मांग लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि यहां इन्वेस्टमेंट करने पर अच्छे रिटर्न (return) की उम्मीद रहती है।

 

Bengaluru (बेंगलुरु)

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बेंगलुरु को भारत की IT केपिटल कहा जाता है। यहां देश-विदेश की बड़ी टेक कंपनियां (tech companies) मौजूद हैं, जिससे नौकरी के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। बढ़ती आबादी और किराये के घरों की मांग के कारण NRI इस शहर को लंबे समय के इन्वेस्टमेंट के लिए अच्छा ऑप्शन मानते हैं।

 

Hyderabad (हैदराबाद)

 

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हैदराबाद तेजी से आगे बढ़ता हुआ रियल एस्टेट (real estate) बाजार है। यहां बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी सेक्टर (IT sector) का विस्तार और दूसरे बड़े शहरों की तुलना में किफायती प्रॉपर्टी कीमतें इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट करती हैं। यही कारण है कि हाल के वर्षों में NRI का रुझान इस शहर की ओर तेजी से बढ़ा है।

 

Mumbai (मुंबई)

 

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मुंबई देश की आर्थिक राजधानी होने के साथ-साथ NRI इन्वेस्टर्स की सबसे पसंदीदा रियल एस्टेट मार्केट भी है। यहां लग्जरी अपार्टमेंट, प्रीमियम प्रोजेक्ट्स और ऊंची प्रॉपर्टी वैल्यू (property value) इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट करती है। 2024 में भारतीय रियल एस्टेट के प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टमेंट का लगभग 50% हिस्सा मुंबई को मिला, जिससे इसकी पॉपुलैरिटी और मजबूत हुई।

 

अच्छे रिटर्न (Good Returns) की उम्मीद

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भारत के कई शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में NRI मानते हैं कि आज किया गया इन्वेस्टमेंट आने वाले वर्षों में अच्छा प्रॉफिट दे सकता है। इसी वजह से वे रियल एस्टेट को सिक्योर और फायदेमंद इन्वेस्टमेंट मानते हैं।

 

किराये से कमाई (Rental Income) का मौका

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कई NRI भारत में घर खरीदकर उसे किराये पर दे देते हैं। इससे उन्हें हर महीने रेगुलर इनकम होती है और साथ ही समय के साथ प्रॉपर्टी की कीमत (property’s value) बढ़ने का भी फायदा मिलता है।

 

निवेश (Investment) करना हुआ आसान

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सरकार ने NRI के लिए प्रॉपर्टी खरीदने की प्रोसेस पहले से ज्यादा आसान बना दी है। डिजिटल बैंकिंग (digital banking), ऑनलाइन डॉक्यूमेंटेशन (documentation) और सिंपल रेगुलेशन की वजह से अब विदेश में रहकर भी भारत में इन्वेस्टमेंट करना आसान हो गया है।

 

परिवार (Family) और भविष्य (Future) की जरूरत

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कई NRI अपने माता-पिता या परिवार के रहने के लिए भारत में घर खरीदते हैं। वहीं कुछ लोग रिटायरमेंट (retirement) के बाद भारत लौटने की प्लानिंग बनाकर पहले से ही प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं।