पनामा में 7.7 तीव्रता के भूकंप से मची तबाही, धरती कांपते ही घरों और दफ्तरों से बाहर भागे लोग

मध्य अमेरिकी देश पनामा में शुक्रवार को 7.7 तीव्रता का तेज भूकंप आया। धरती हिलते ही लोग घरों और दफ्तरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। भूकंप से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और छह प्रांतों में बिजली चली गई। हवाई अड्डे पर उड़ानें रोक दी गईं और मेट्रो सेवा भी प्रभावित हुई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप जमीन से 12.6 किलोमीटर नीचे आया। इसके बाद 40 से ज्यादा बार हल्के झटके महसूस किए गए। फिलहाल किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है। अधिकारी नुकसान का पता लगा रहे हैं।

घर अपना, लेकिन दीवारों से लगने लगा डर

भूकंप के बाद की तस्वीरें बताती हैं कि प्राकृतिक आपदा का डर केवल इमारतों के गिरने तक सीमित नहीं रहता। हेर्रेरा प्रांत में 74 वर्षीय रिकार्डो ब्राउन का घर भी क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि घर में दरारें पड़ने के बाद उन्हें डर है कि कहीं छत या दीवार उनके ऊपर न गिर जाए। घर में दो बुजुर्गों के रहने के कारण उनकी चिंता और बढ़ गई है।

कई इलाकों में लोग आफ्टरशॉक के डर से इमारतों के भीतर जाने से बचते रहे। पेनोनोमे शहर के वीडियो में एक चर्च को नुकसान पहुंचा दिखाई दिया, जबकि आसपास की कुछ इमारतें भी प्रभावित हुईं।

बिजली, विमान और मेट्रो थमे; शहर की जिंदगी बेपटरी

भूकंप का असर जनजीवन पर भी व्यापक रहा। छह प्रांतों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई और टोकेमेन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें रोकनी पड़ीं। पनामा सिटी में दफ्तरों ने कर्मचारियों को जल्दी छुट्टी दे दी, जबकि स्कूलों में कक्षाएं स्थगित कर विद्यार्थियों को घर भेजा गया। मेट्रो सेवा भी प्रभावित हुई।

हालांकि, देश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम पनामा नहर का संचालन सामान्य बना रहा। करीब 90 मालवाहक जहाज, टैंकर और कंटेनर जहाज नहर के दोनों छोर पर पारगमन या बंदरगाह सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे थे।

सुनामी का खतरा टला, अब तैयारी की बारी

विशेषज्ञों ने भूकंप के पीछे अज़ुएरो-सोना भ्रंश प्रणाली में जमा दबाव को संभावित कारण बताया। USGS ने आर्थिक नुकसान पनामा की GDP के 1 से 10 प्रतिशत तक होने का अनुमान जताया है। शुरुआती सुनामी चेतावनी बाद में हटा ली गई।

हूती मिसाइल ने रियाद एयरपोर्ट को बनाया निशाना, Air India Express और Akasa Air ने रद्द की उड़ानें

हूती मिसाइल ने रियाद एयरपोर्ट को बनाया निशाना, Air India Express और Akasa Air ने रद्द की उड़ानें

रियाद एयरपोर्ट के आसपास हुए धमाकों के बाद सऊदी अरब की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालात को देखते हुए Air India Express और Akasa Air ने गुरुवार को रियाद से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दीं। इससे यात्रियों की यात्रा पर भी असर पड़ा है।

उड़ानें रद्द किए जाने के पीछे यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का एक दावा भी सामने आया है। हूती विद्रोहियों ने कहा है कि उन्होंने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया था।

इस बीच, हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने राजधानी की ओर दागी गई दो मिसाइलों को रोक दिया है। हालांकि, हूती विद्रोहियों की ओर से किए गए इस दावे की तत्काल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

Air India Express ने रियाद की उड़ानें रोकीं

रियाद में बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच Air India Express ने 10 अक्टूबर तक रियाद से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयरलाइन ने इसके पीछे क्षेत्र में तेजी से बदलती स्थिति को वजह बताया है।

एयरलाइन ने कहा कि उड़ानें रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को मुफ़्त में यात्रा की तारीख बदलने (रीशेड्यूलिंग) या बुकिंग रद्द करने पर पूरा रिफंड पाने का विकल्प दिया जाएगा।

बता दें कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब सुरक्षा से जुड़ी ताजा घटना के बाद किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाओं में फिर से रुकावट आई है।

आकासा एयर ने कोच्चि-रियाद सेवाएं रद्द कीं

आकासा एयर ने 8 अक्टूबर को होने वाली अपनी QP 523 कोच्चि-रियाद और QP 524 रियाद-कोच्चि फ्लाइट्स भी रद्द कर दीं।

एयरलाइन ने कहा कि फ्लाइट रद्द होने से प्रभावित यात्री या तो पूरा रिफंड ले सकते हैं या बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपनी यात्रा का समय बदल सकते हैं।

आकासा एयर ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और आगे किसी भी बदलाव के बारे में यात्रियों को जानकारी देगी। उसने यह भी कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा और भलाई उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

रियाद एयरपोर्ट ने यात्रियों को फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी

किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने यात्रियों से कहा है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करें और अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक कर लें।

यह सलाह गुरुवार को रियाद में कई धमाकों की आवाज सुनाई देने और एयरपोर्ट के पास एक बड़े धमाके की खबर के बाद जारी की गई। एक चश्मदीद ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि फ्लाइट्स रोक दी गईं और यात्रियों से एयरपोर्ट से बाहर निकलने को कहा गया।

एयरपोर्ट ने ‘X’ पर एक बयान में कहा: “हम यात्रियों को बताना चाहते हैं कि एयरपोर्ट आने से पहले वे सीधे अपनी एयरलाइन से संपर्क करें और अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक कर लें।”

हूतियों ने बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया

हूती मिलिट्री के प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि उनके ग्रुप ने दोपहर के समय किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया और दावा किया कि मिसाइल “अपने निशाने पर लगी”।

हालांकि, सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसकी सेना ने रियाद की ओर दागी गई दो मिसाइलों को रोक दिया। वहीं, सऊदी अधिकारियों ने तुरंत इस बात की पुष्टि नहीं की कि हूती मिसाइल एयरपोर्ट से टकराई है।

यह ताजा घटना इस हफ्ते सऊदी एयरपोर्ट्स पर हुए हूती हमलों की कड़ी में एक और घटना है। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हो गए।

रियाद एयरपोर्ट पर पहले से ही उड़ानें प्रभावित

ताजा हमले ने किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहले से चल रही दिक्कतों को और बढ़ा दिया है। ‘द नेशनल’ के मुताबिक, गुरुवार को दर्जनों उड़ानों पर असर पड़ा। एक समय पर 58 उड़ानें देर से चलीं और 11 उड़ानें रद्द कर दी गईं।

इस स्थिति ने सऊदी एयरस्पेस से गुजरने वाली इंटरनेशनल एयरलाइंस के लिए भी बड़ी चिंताएं पैदा कर दी हैं, क्योंकि हूती और सऊदी-नेतृत्व वाली सेनाओं के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है।

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Tamil nadu gold ring scheme: जन्म के साथ इस राज्य के बच्चे पाएं सोने की अंगूठी, 28 सितंबर को सीएम विजय करेंगे योजना की शुरुआत

Tamil nadu gold ring scheme: तमिलनाडु की मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की सरकार ने राज्य में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं को एक बहुमूल्य उपहार देने की घोषणा की है। सरकार नवजात शिशुओं के कल्याण के लिए उनके जन्म पर एक ग्राम सोने की अंगूठी देने की योजना शुरू कर रही है। सीएम विजय 28 सितंबर से इस योजना की शुरुआत करेंगे। राज्य सरकार ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।

सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले शिशुओं को मिलेगी अंगूठी

इस योजना के तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले सभी बच्चों को एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। अंगूठियों के वितरण में सुरक्षा और पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

सरकार ने खरीदीं 1.28 लाख सोने की अंगूठियां

सरकार ने बताया कि पहली किस्त में वितरण के लिए 1.28 लाख सोने की अंगूठियां खरीदी जा चुकी हैं। सरकार के अनुसार, प्रत्येक सोने की अंगूठी पर एक विशेष सीरियल नंबर दर्ज होगा। इसे पूरी तरह सुरक्षित और छेड़छाड़-मुक्त (टैम्पर-प्रूफ) पैकेट में बंद करके दिया जाएगा।

राज्य के स्थानीय निवासियों को मिलेगा लाभ

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। योजना का फायदा लेने के लिए लाभार्थियों का तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना जरूरी है। केवल राज्य के स्थायी निवासियों के बच्चों को ही यह उपहार दिया जाएगा।

Air India Express: टेस्ट में पास मगर नौकरी से बर्खास्त, जानें एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने 8 क्रू मेंबर्स पर क्यों की कार्रवाई

दिल्ली-मुंबई छोड़िए इन 11 शहरों में आया प्रॉपर्टी मार्केट का नया बूम! 5 साल में 63% बढ़ी कीमतें, यहां देखिए पूरी लिस्ट

घर खरीदना हर किसी का सपना होता है। घर खरीदने के लिए लोग लंबे समय से पैसे बचाते हैं और अपने बजट की तैयारी करते हैं। वहीं अगर आप घर खरीदने की योजना कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए काम की है। भारत के बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों में भी घरों की कीमतों और प्रॉपर्टी की मांग में तेजी से बढ़ रही है। इस बात का खुलासा हाल ही में आई सीआईआई और नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 11 छोटे शहर आने वाले समय में रियल एस्टेट ग्रोथ के बड़े केंद्र बन सकते हैं। इनमें घरों की कीमतों में पिछले कुछ सालों में बड़े शहरों के मुकाबले ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से

11 छोटे शहरों में घरों की कीमतों में हुई वृद्धि

शुक्रवार को उद्योग संगठन सीआईआई और प्रॉपर्टी सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया ने ‘इंडियाज नेक्स्ट रियल एस्टेट मार्केट्स’ नाम से एक रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 से अब तक 11 छोटे शहरों में घरों की कीमतों में औसतन 63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस रिपोर्ट में देश के 11 ऐसे शहरों की पहचान की गई है, जहां आने वाले समय में रियल एस्टेट कारोबार तेजी से बढ़ने की संभावना बताई गई है। इन शहरों में भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़ ट्राईसिटी, गोवा, इंदौर, जयपुर, कोच्चि, लखनऊ, नागपुर, विशाखापत्तनम और कोयंबटूर शामिल हैं। इन शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी आठ बड़े रियल एस्टेट बाजारों के मुकाबले ज्यादा रही है।

2016 से 2026 में हुई इतनी वृद्धि

रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 से 2026 के बीच इन 11 शहरों में घरों की औसत कीमत हर साल करीब 8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। वहीं, मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद और कोलकाता जैसे देश के 8 बड़े शहरों में घरों की कीमतों में सालाना औसत बढ़ोतरी करीब 4 प्रतिशत रही। कंसल्टेंट ने कहा, “ये शहर भारत के टॉप आठ शहरों की तुलना में तेजी से रेजिडेंशियल प्राइस ग्रोथ दिखा रहे हैं, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और कंजम्पशन में ग्रोथ के सपोर्ट से उनके इकोनॉमिक फंडामेंटल्स के मजबूत होने की वजह से मोमेंटम में बढ़ोतरी का संकेत है।”

कहां हुई कितनी वृद्धि

नाइट फ्रैंक के मुताबिक, पिछले पांच सालों में इन 11 शहरों और देश के 8 बड़े रियल एस्टेट बाजारों के बीच घरों की कीमतों में बढ़ोतरी का अंतर और बढ़ा है। 2021 से 2026 के बीच इन 11 शहरों में घरों की कीमतें 63 प्रतिशत बढ़ीं, जबकि 8 बड़े शहरों में 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इन 11 शहरों में घरों की औसत कीमत करीब 4,500 रुपये से 13,500 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच है।

भारत में तेजी से बढ़ रहा रियल एस्टेट

नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल ने कहा कि ‘भारत में रियल एस्टेट का विकास अब सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है। टियर-2 और टियर-3 शहरों, आसपास के नए इलाकों और तेजी से विकसित हो रहे कॉरिडोर में भी निवेश के मौके बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर विकास सिर्फ नए इंफ्रास्ट्रक्चर बनने से नहीं होगा, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी को लगातार आर्थिक गतिविधियों में बदलना भी जरूरी होगा।’

उन्होंने कहा कि, जिन शहरों में रोजगार, कारोबार, बढ़ती आबादी, लोगों की बढ़ती जरूरतें और बेहतर शहरी सुविधाएं एक साथ मौजूद हैं, वहां रियल एस्टेट बाजार के ज्यादा मजबूत होने की संभावना है। ऐसे शहरों में प्रॉपर्टी के बाजार में अलग-अलग तरह के विकल्प और ज्यादा विकास देखने को मिल सकता है।

Air India Express: टेस्ट में पास मगर नौकरी से बर्खास्त, जानें एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने 8 क्रू मेंबर्स पर क्यों की कार्रवाई

Air India Express: टेस्ट में पास मगर नौकरी से बर्खास्त, जानें एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने 8 क्रू मेंबर्स पर क्यों की कार्रवाई

Air India Express: भारतीय विमानन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने क्रू के कुछ सदस्यों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया है। इनमें चार पायलट और चार केबिन क्रू मेंबर शामिल हैं। एयरलाइन कंपनी ने सभी सदस्या को 3 महीने के लिए सस्पेंड करने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि यह सभी क्रू सदस्य एक अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट के थे, जिन्होंने फ्लाइट लैंड होने के दो घंटे भीतर अनिवार्य ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट नहीं दिया।

2 घंटे 35 मिनट के बाद ब्रेथ ऐनेलाइजर टेस्ट देने पहुंचा क्रू

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के मुताबिक, इंटरनेशनल फ्लाइट के क्रू को विमान के लैंड होने के दो घंटे के भीतर अल्कोहल टेस्ट देना होता है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में क्रू पहले अपने होटल चला गया क्योंकि एक सदस्य की तबीयत ठीक नहीं थी। हालांकि, इसके बाद सभी सदस्य वापस एयरपोर्ट लौटे और टेस्ट दिया। इस सब में 2 घंटे 35 मिनट का समय बीत चुका था। सभी आठों क्रू मेंबर का टेस्ट बाद में निगेटिव आया, यानी किसी में अल्कोहल नहीं पाया गया।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने खुद दी डीजीसीए को जानकारी

बाद में पता चलने पर एयर इंडिया एक्सप्रेस ने खुद इस चूक की जानकारी डीजीसीए को दी और नियमों के तहत तुरंत क्रू को ड्यूटी से हटाकर तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया। यह मामला दो अगस्त का है। दुबई से आई फ्लाइट एएक्स-192 सुबह नौ बजकर पचास मिनट पर अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड हुई थी। एक सूत्र के मुताबिक, क्रू इंटरनेशनल फ्लाइट के बाद होने वाली कई प्रक्रियाओं, जैसे लॉगबुक एंट्री, कस्टम्स और इमिग्रेशन क्लीयरेंस में उलझा रहा, जिसकी वजह से टेस्ट का ध्यान नहीं रहा। क्रू में दो पायलट इन कमांड, दो को पायलट और चार केबिन क्रू मेंबर थे।

क्यों जरूरी है यह टेस्ट

डीजीसीए के नियमों के तहत फ्लाइट क्रू के लिए इंटरनेशनल फ्लाइट के बाद ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट देना अनिवार्य है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ड्यूटी के दौरान पायलट और केबिन क्रू ने शराब का सेवन नहीं किया है। इंटरनेशनल फ्लाइट के लैंड होने के बाद तय समय के भीतर यह टेस्ट कराना होता है। इस मामले में सभी आठ क्रू मेंबर्स की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद तय प्रक्रिया का पालन नहीं होने पर एयर इंडिया एक्सप्रेस ने नियमों के तहत कार्रवाई की।

चंबल नदी में बड़ा हादसा टला, ईंधन खत्म होने से बीच धारा में फंसा स्टीमर, 40 यात्री थे सवार

चंबल नदी में बड़ा हादसा टला, ईंधन खत्म होने से बीच धारा में फंसा स्टीमर, 40 यात्री थे सवार

मध्यप्रदेश के भिंड जिले में रविवार सुबह चंबल नदी के उफान के बीच उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 35 से 40 यात्रियों को लेकर जा रहे स्टीमर का बीच नदी में ईंधन खत्म हो गया। ईंधन खत्म होने के कारण स्टीमर तेज बहाव के बीच कुछ समय तक फंसा रहा। अधिकारियों के मुताबिक, स्टीमर में यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट भी उपलब्ध नहीं थे। मुरैना कलेक्टर लोकेश जांगिड़ ने बताया कि स्टीमर में उत्तर प्रदेश से आए यात्री सवार थे। नदी का जलस्तर बढ़ा होने के कारण ईंधन खत्म होने के बाद स्टीमर तेज बहाव में बेबस होकर बहने लगा।

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डीजल पहुंचाकर स्टीमर को किनारे लाया गया

 

स्थानीय प्रशासन को घटना की जानकारी मिलने के बाद तत्काल डीजल की व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने स्टीमर तक डीजल पहुंचाया, जिसके बाद उसमें दोबारा ईंधन भरा गया और उसे सुरक्षित तरीके से नदी के किनारे लाया गया। कलेक्टर के मुताबिक, स्टीमर में सवार सभी 35 से 40 लोग सुरक्षित हैं। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

 

आगरा से संचालित हो रहा था स्टीमर

 

अधिकारियों के अनुसार, यह स्टीमर उत्तर प्रदेश के आगरा से संचालित किया जा रहा था और इसका ऑपरेटर भी आगरा का रहने वाला है। जांच में यह भी सामने आया कि स्टीमर में यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट की व्यवस्था नहीं थी। उफनती चंबल नदी में बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के स्टीमर का संचालन किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

 

मध्य प्रदेश से निकलकर यूपी तक जाती है चंबल

 

चंबल नदी का उद्गम मध्य प्रदेश की विंध्य पर्वतमाला में महू के पास जनापाव पहाड़ियों से होता है। यह नदी मध्य प्रदेश से निकलकर राजस्थान और उत्तर प्रदेश से होकर बहती है और इटावा के पास यमुना नदी में मिल जाती है। मानसून के दौरान चंबल में जलस्तर बढ़ने के कारण नदी का बहाव काफी तेज हो जाता है। ऐसे में नाव और स्टीमर संचालन में सुरक्षा उपायों को लेकर विशेष सावधानी जरूरी होती है।

Varanasi Airport Firing: वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियारों की जांच के दौरान अचानक पिस्तौल से चली गोली! Air India Express के 2 कर्मचारी घायल

Varanasi Airport Firing: उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन में रविवार (16 अगस्त) सुबह जांच के दौरान एक यात्री के लाइसेंसी पिस्तौल से अचानक गोली चल जाने से हड़कंप मच गया। गोली की चपेट में आने से एयरपोर्ट पर तैनात एक महिला कर्मचारी और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि मुंबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस से यात्रा करने के लिए आजमगढ़ निवासी कमलेश राय पत्नी के साथ एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनके पास लाइसेंसी पिस्तौल थी।

उन्होने बताया कि जांच के दौरान पिस्टल की जांच और उसमें मौजूद गोलियों की गिनती की जा रही थी, तभी अचानक फायरिंग हो गई। उन्होंने बताया कि इस घटना में जांच कर रही महिला कर्मचारी के पैर में और पास खड़े एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पत्नी के साथ जा रहा था मुंबई

‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री अपनी पत्नी के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट नंबर IX-1810 से मुंबई जा रहा था। उसके पास एक पिस्तौल और मैगजीन थी। उसने फ्लाइट में चढ़ने से पहले अधिकारियों को हथियारों की जानकारी दी। वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर पुनीत गुप्ता के मुताबिक, जब हथियार और उसके कागजात की जांच हो रही थी, तभी बंदूक अचानक से चल गई। उन्होंने बताया कि हथियार और उसके कागजात की जांच के समय हथियार का मालिक और एयरपोर्ट का स्टाफ दोनों मौजूद थे।

फायरिंग में दो कर्मचारी घायल

गोली पहले जमीन पर लगी और फिर पास खड़े दो स्टाफ सदस्यों को जा लगी। एक महिला स्टाफ सदस्य की जांघ में गोली लगी। जबकि एक पुरुष स्टाफ सदस्य के हाथ में चोट आई। वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर के मुताबिक, यह घटना 16 अगस्त, 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे हुई। गुप्ता ने बताया कि घायल दोनों स्टाफ सदस्यों की हालत स्थिर है। फिलहाल, उनका इलाज चल रहा है। ANI के मुताबिक, एयरपोर्ट डायरेक्टर ने कहा कि स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है। जांच चल रही है।

वाराणसी एयरपोर्ट के डायरेक्टर ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, “आज सुबह करीब 9:30 बजे, मुंबई जाने वाली फ्लाइट IX-1810 में अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर रहे एक यात्री ने फ्लाइट में हथियार ले जाने की जानकारी दी। हथियारों की जांच के दौरान यात्री ने एक राउंड गोली चलाई, जिससे दो AAICLAS स्क्रीनर घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है। स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया गया है। जांच चल रही है।” पुलिस और एयरपोर्ट अधिकारी अब इस घटना की विस्तार से जांच कर रहे हैं।

फुकेट-दिल्ली फ्लाइट हादसे पर एयर इंडिया का बड़ा एक्शन! सभी पायलटों की डोप टेस्टिंग शुरू, एयरबस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा!

Air India Pilot Dope Test: 4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड का डोप टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद, एयरलाइन ने गुरुवार से अपने ग्रुप – एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस – के सभी पायलटों का ड्रग टेस्ट करने का फैसला किया है। यह एक बार की जाने वाली प्रक्रिया है और साइकोएक्टिव पदार्थों की टेस्टिंग के लिए DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के नियमों में बताई गई जरूरतों से कहीं ज्यादा है।

एयरलाइन ने ग्रुप के पायलटों को भेजे एक इंटरनल मैसेज में कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, एयर इंडिया पहले से ही भारत के DGCA की सभी जरूरी शर्तों का पूरी तरह पालन करती है। ये शर्तें यूरोप और अमेरिका जैसे बड़े एविएशन क्षेत्रों में लागू नियमों जैसी ही हैं। फिर भी, हमें लगता है कि अब इससे आगे बढ़कर कदम उठाने की जरूरत है। इसलिए, हमने ग्रुप के सभी पायलटों की पूरी स्क्रीनिंग करने का फैसला किया है ताकि यह पता चल सके कि वे ऐसे किसी पदार्थ या दवा का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे हैं जिनकी मौजूदा नियमों के तहत इजाजत नहीं है। यह टेस्टिंग जरूरी है और आज, 13 अगस्त 2026 से शुरू होगी।”

दोनों ग्रुप एयरलाइंस के पास कुल मिलाकर लगभग 5,000 पायलट और करीब 300 विमानों का बेड़ा है। हालांकि, एयर इंडिया ने पायलटों को भेजे गए इस मैसेज पर कोई टिप्पणी नहीं की। सूत्रों के मुताबिक, यह टेस्टिंग सुरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने और यात्रियों व इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भरोसा दिलाने के लिए की जा रही है।

साइकोएक्टिव पदार्थों की टेस्टिंग पर DGCA की सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) के अनुसार, हर साल 10% फ्लाइट क्रू, अन्य पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स का रैंडम डोप टेस्ट करना अनिवार्य है। रूटीन रैंडम टेस्टिंग के अलावा, ये टेस्ट आमतौर पर सुरक्षा से जुड़ी किसी घटना के बाद भी किए जाते हैं, जैसा कि 4 अगस्त की एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के मामले में हुआ।

वहीं, पायलटों को भेजे गए संदेश में कहा गया है, “यह टेस्ट गुरुग्राम एकेडमी में ट्रेनिंग के साथ-साथ, उड़ान के बाद हमारे फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर्स/एयर इंडिया ऑफिस में या आपके संबंधित बेस द्वारा बताई गई जगहों पर किया जाएगा। यह पहल नियमों की जरूरतों से कहीं आगे की है और सुरक्षा व प्रोफेशनलिज्म के उच्चतम मानकों को बनाए रखने तथा हमारे यात्रियों, स्टेकहोल्डर्स और आम जनता को भरोसा दिलाने के हमारे संकल्प को दर्शाती है।” सूत्रों के मुताबिक, जो पायलट फिलहाल छुट्टी पर हैं, उन्हें ड्यूटी पर लौटने के बाद यह टेस्ट देना होगा। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में कुछ दिन लगने की भी संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, संदेश में कहा गया है, “कई दशकों से एयर इंडिया भारतीय एविएशन की पहचान रही है। इस दौरान हमारे पायलटों और दूसरे स्टाफ की प्रोफेशनलिज्म, स्किल और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने लाखों यात्रियों और आम लोगों का भरोसा जीता है। यह भरोसा हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, और इसे बनाए रखना और इसकी रक्षा करना हमारे लिए बहुत जरूरी है। आप में से कई लोगों ने हाल ही में इसी तरह की भावना ज़ाहिर की है।”

बता दें कि पिछले मंगलवार (4 अगस्त) को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एयरबस A320 फ्लाइट (VT-EXO) उड़ान के दौरान अचानक लगभग 300 फीट नीचे आ गई, जिससे 20 यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य घायल हो गए। इनमें से 17 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। विमान में उस समय 137 यात्री, 6 केबिन क्रू सदस्य और 2 पायलट सवार थे। इस घटना को ‘सीरियस इंसिडेंट’ की श्रेणी में रखा गया है और इसकी जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।

गौरतलब है कि शुरुआत में सरकार और एयरलाइन ने इस घटना की वजह जबरदस्त टर्बुलेंस (हवा के तेज झोंके) को बताया था। सूत्रों के मुताबिक, पायलटों के बर्ताव की भी जांच हो रही है, खासकर PIC (पायलट-इन-कमांड) के ड्रग टेस्ट का नतीजा पॉजिटिव आने के बाद। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद PIC के शुरुआती ड्रग टेस्ट का नतीजा ‘नॉन-नेगेटिव’ आया था और कन्फर्मेटरी टेस्ट का नतीजा पॉजिटिव आया, जिसमें मारिजुआना (गांजा) की पुष्टि हुई। हालांकि, यह साफ नहीं है कि यह नशीला पदार्थ कब लिया गया था या क्या वह ड्रग्स के असर में फ्लाइट उड़ा रहे थे।

इसके अलावा, ऐसा माना जा रहा है कि घटना के समय एयरबस A320 जेट के हाइड्रोलिक और कंट्रोल सिस्टम में भी एक के बाद एक कई दिक्कतें आईं। AAIB इस बात की भी जांच करेगा कि क्या ये दिक्कतें घटना का कारण हो सकती हैं। जांच में विमान बनाने वाली कंपनी एयरबस और फ्रांस की विमान दुर्घटना जांच एजेंसी BEA मदद कर रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद PIC ने अधिकारियों को बताया कि वह नींद न आने की समस्या के लिए दवा ले रहे थे, जो उनके फैमिली डॉक्टर ने बताई थी। यह भी पता चला है कि उन्होंने अधिकारियों को बताया कि घटना के समय वह को-पायलट की सीट के पीछे खड़े थे और विमान के कंट्रोल पर नहीं थे।

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