कल का मौसम 21 अक्टूबर: इन 6 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट, MP से लेकर केरल, आंध्र तक बदलेगा मौसम

IMD Weather Alert: देश भर में एक बार फिर मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। दक्षिण भारत से लेकर मध्य भारत तक कई राज्यों में सक्रिय मौसमी प्रणालियों का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक बुधवार 21 अक्टूबर को देश के कई प्रमुख राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के इन अलर्ट्स ने कई इलाकों के लिए चिंता बढ़ा दी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 21 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है और किन राज्यों में आंधी-बारिश का सबसे ज्यादा असर दिखेगा।

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून और अन्य चक्रवाती प्रणालियों के मजबूत होने की वजह से बारिश का दौर पूरी तरह आक्रामक हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के विभिन्न जिलों में भी भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चल सकते हैं और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़क सकती है।

मध्य प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप में आंधी-तूफान के साथ बौछारें

दक्षिण भारत के अलावा मध्य और तटीय क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मध्य प्रदेश, तेलंगाना, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और केरल व माहे के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। मध्य प्रदेश के कई अंदरूनी हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

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कर्नाटक और तटीय इलाकों में वज्रपात की चेतावनी

कर्नाटक के विभिन्न अंदरूनी और तटीय इलाकों में कल गरज-चमक के साथ तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों पर न जाने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है।

अरब सागर में स्क्वॉली वेदर और तेज हवाओं का पहरा

समुद्री और तटीय क्षेत्रों में लगातार बन रही मौसमी हलचल को देखते हुए मछुआरों और नौका चालकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में स्क्वॉली वेदर के सक्रिय रहने के कारण वहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए संबंधित समुद्री इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

SLMG Beverages: कोका-कोला की भारत में सबसे बड़ी बॉटलर होगी लिस्ट, 5 साल में कारोबार ₹20000 करोड़ पर पहुंचाने का लक्ष्य

कोका-कोला की भारत में सबसे बड़ी बॉटलिंग कंपनी SLMG बेवरेजेस अगले 5 साल में अपना कारोबार बढ़ाकर 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाना चाहती है। साथ ही कंपनी की योजना अगले 3 से 4 साल में IPO लाकर स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने की है। यह बात कंपनी के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर परितोष लधानी ने एक इंटरव्यू में कही। SLMG Beverages की उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख बाजारों में अच्छी मौजूदगी है। कंपनी भारत में खपत बढ़ने से पैदा होने वाले अवसरों का फायदा उठाने के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी विस्तार की संभावनाएं तलाश रही है।

यह कंपनी कोका-कोला के दुनिया के टॉप 15 बॉटलिंग पार्टनर्स में शामिल है। इसका लक्ष्य अगले 5 सालों में वैश्विक स्तर पर टॉप 10 में जगह बनाना है। इसके अलावा, कंपनी अगले 10 सालों में दुनिया की टॉप 5 बॉटलिंग कंपनियों में शामिल होना चाहती है। कंपनी के पास उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में कोका-कोला की बॉटलिंग के अधिकार हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, लधानी ने इंटरव्यू में कहा, ‘‘हमें अगले 5 साल में कम से कम 20,000 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करना चाहिए। तब तक हम निश्चित रूप से शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएंगे।’’

अभी 9,000 करोड़ रुपये है टर्नओवर

SLMG बेवरेजेस का मौजूदा ग्रॉस टर्नओवर करीब 9,000 करोड़ रुपये है। लधानी के मुताबिक, अगले साल तक इसके 10,000 करोड़ रुपये से अधिक पर पहुंचने की उम्मीद है। कंपनी अगले 3 साल में कारोबार को 15,000 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। आगे कहा कि कंपनी फिलहाल डबल डिजिट ग्रोथ रेट से आगे बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के कारोबार में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले 4 सालों में इसकी कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 20 प्रतिशत से अधिक रही है।

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SLMG Beverages के गोरखपुर प्लांट का निर्माण शुरू

विस्तार योजनाओं के तहत कंपनी बिहार के बक्सर स्थित अपने प्लांट में करीब 1,200 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है। वहीं, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में प्रस्तावित प्लांट बनना शुरू हो गया है। इस प्लांट पर करीब 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। लधानी का कहना है कि कंपनी ने उत्तर प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में बॉटलिंग प्लांट लगाने के लिए जमीन भी खरीद ली है। इनका निर्माण जल्द शुरू होगा। इसके अलावा, बिहार में दूसरा प्लांट 2027 के बाद लगाया जाएगा। विस्तार योजनाओं का उद्देश्य उत्तर प्रदेश और बिहार में पेय पदार्थों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों में कारोबार बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं।

SLMG बेवरेजेस की मौजूदा बॉटलिंग क्षमता करीब 35,000 बोतल प्रति मिनट है। कंपनी अगले 5 सालों में इसमें 10,000 बोतल प्रति मिनट की अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है। अगर कारोबार में वृद्धि की मौजूदा रफ्तार जारी रही तो अगले 10 सालों में कंपनी की बॉटलिंग क्षमता 1 लाख बोतल प्रति मिनट तक पहुंच सकती है।

Dussehra 2026: आज या कल कब होगा रावण दहन? जानें सही तारीख, विजय मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Dussehra 2026: धर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक महापर्व विजयादशमी (दशहरा) इस वर्ष देश भर में भव्य रूप से मनाया जा रहा है। दशहरे के पावन अवसर पर मां अपराजिता की पूजा, शस्त्र पूजन (आयुध पूजा), शमी वृक्ष के पत्तों के आदान-प्रदान और शाम को रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों के दहन की परंपरा निभाई जाती है। हालांकि, तिथियों की गणना और क्षेत्रीय परंपराओं की वजह से लोगों के मन में इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है कि रावण दहन 20 अक्टूबर को होगा या 21 अक्टूबर को। पंचांग और शास्त्रीय मान्यताओं के आधार पर आइए समझते हैं कि रावण दहन की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि क्या है।

20 या 21 अक्टूबर: कब मनाया जाएगा दशहरा और रावण दहन?

हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है।

दशमी तिथि का प्रारंभ: 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से।

दशमी तिथि का समापन: 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक।

श्रवण नक्षत्र: 19 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम 6 बजकर 2 मिनट तक।

उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में 20 अक्टूबर को दशहरा

उत्तर भारत, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में विजयादशमी का निर्धारण अपराह्न काल (दोपहर के समय) में दशमी तिथि की उपस्थिति के आधार पर किया जाता है। 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे के बाद दशमी तिथि लग रही है, इसलिए उत्तर भारत में मुख्य दशहरा पर्व और रावण दहन 20 अक्टूबर मंगलवार को ही संपन्न होगा। हालांकि मंगलवार के दिन माता की मूर्ति का विसर्जन नहीं किया जाता, इसलिए देवी दुर्गा की विदाई 21 अक्टूबर बुधवार को होगी।

पूर्वी भारत में 21 अक्टूबर को विजयादशमी

पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में दुर्गा पूजा का निर्धारण सूर्योदय कालीन तिथि (उदयातिथि) के आधार पर होता है। 20 अक्टूबर को सूर्योदय के समय नवमी तिथि रहेगी (जो दोपहर 12:50 तक चलेगी), जबकि 21 अक्टूबर को सूर्योदय के समय दशमी तिथि मौजूद रहेगी। इसलिए बंगाल और पूर्वी भारत में 21 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।

रावण दहन का सही समय और प्रदोष काल मुहूर्त

दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन हमेशा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल के दौरान किया जाता है। शास्त्रानुसार 20 अक्टूबर को रावण दहन के लिए सबसे उत्तम समय इस तरह रहेगा:

प्रदोष काल का समय: 20 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 47 मिनट से रात 8 बजकर 17 मिनट (कुछ गणनाओं में 8:21 बजे) तक।

रावण दहन का सर्वोत्तम मुहूर्त: 20 अक्टूबर की शाम 5 बजकर 47 मिनट से 6 बजकर 12 मिनट के बीच का समय रावण दहन के लिए सबसे शुभ और फलदायी माना गया है।

पूजा के शुभ मुहूर्त: अपराजिता पूजन और आयुध पूजा

विजयादशमी के दिन मां अपराजिता और अस्त्र-शस्त्रों की पूजा का विशेष विधान है। इस दिन अगर आप नया वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान या प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन विजय और शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखें:

मां अपराजिता पूजा मुहूर्त: 20 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 14 मिनट से दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक।

आयुध/शस्त्र पूजा मुहूर्त: 20 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक।

विजयादशमी पर क्या करें और क्या है धार्मिक महत्व?

विजयादशमी का पर्व केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह जीवन में धर्म और मर्यादा को स्थापित करने का संदेश देता है। इस दिन मां अपराजिता का ध्यान कर जीवन में हर क्षेत्र में विजय की कामना की जाती है। इसके साथ ही शमी के वृक्ष की पूजा की जाती है और शमी के पत्तों को ‘सोना’ मानकर अपनों में बांटकर आशीर्वाद लिया जाता है। विजयादशमी को अभूज मुहूर्त माना जाता है। इस दिन अपने काम में आने वाले उपकरणों, अस्त्र-शस्त्रों, गाड़ियों और व्यापारिक बही-खातों की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

बुराइयों के दहन का संकल्प

रावण दहन का प्रतीक हमें यह याद दिलाता है कि व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली या विद्वान क्यों न हो, अहंकार, क्रोध और असत्य का अंत विनाशकारी ही होता है। इस दिन अपने अंदर की बुराइयों को त्याग कर सत्य और अच्छाई के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया जाता है।

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जगह अलग, कहानी वही!

एनडीएमए के भीड़ प्रबंधन संबंधी दिशा-निर्देशों को धार्मिक आयोजनों के कर्ता-धर्ताओं ने शायद पढ़ने की जरूरत भी नहीं समझी है। नतीजतन, हंसी-खुशी के मौकों पर ग़म की कहानियों का लिखा जाना जारी है!

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पंडाल में मची भगदड़ के अगले ही दिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास दर्दनाक दुर्घटना हुई। कोलकाता में 19 और ग्वालियर में 15 श्रद्धालुओं की जान गई। हालांकि दो अलग जगहें हैं, दो घटनाएं हैं, और हादसों के शिकार पात्र अलग हैं, लेकिन दोनों दुर्घटनाओं में कई समान बातें हैं। बेशक, एक सड़क हादसा है, दूसरा भीड़ प्रबंधन की विफलता- लेकिन दोनों की जड़ में एक ही सच्चाई छिपी है कि धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा को लग्जरी मानने का नजरिया कायम है। ऐसा इसलिए है कि हर साल धार्मिक स्थलों पर ऐसे अनगिनत हादसे होने के बावजूद ना कोई सीख ली जाती है, और ना ही कोई प्रभावी जवाबदेही तय होती है। ग्वालियर में ट्रक उस सड़क पर पहुंच गया जहां “नो एंट्री” थी और दोपहिया वाहनों तक को रोका जा रहा था।

ऐसे में बैरिकेड तोड़ कर ढलान से नीचे उतरते हुए ट्रक ने कैसे श्रद्धालुओं को कुचला, यह रहस्यमय है। पुलिस को मालूम था कि नवरात्रि में भारी भीड़ होगी, फिर भी वह पुख्ता इंतजाम करने में नाकाम रही। राहत कार्य का आलाम यह था कि पीड़ित परिवारों को खुद क्रेन किराए पर लेनी पड़ी, ताकि शव बाहर निकाले जा सकें। उधर कोलकाता के चोरबागान पंडाल में एक ही निकास था, गलियां संकरी थीं, अंदर अंधेरा था, और बारिश की स्थिति में लोगों को नियमित रूप से निकालने की व्यवस्था नहीं थी। आयोजकों की “सुरक्षा” संबंधी घोषणा और सुरक्षा गार्डों की सीटियों ने भगदड़ को और भड़का दिया।

गौरतलब है कि यह कोई अचानक आई आपदा नहीं थी- बीते दिनों ही बैरिकेड कई बार टूट चुके थे, फिर भी अतिरिक्त तैयारियों की जरूरत नहीं समझी गई। हादसों के बाद की कहानी भी घिसीपिटी हैः कुछ पुलिसकर्मियों का निलंबन, आयोजकों की गिरफ्तारी, मुआवजे की घोषणा और जांच आयोग का गठन। जबकि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 2014 में ही भीड़ प्रबंधन के दिशा-निर्देश तैयार किए थे। धार्मिक आयोजनों के कर्ता-धर्ताओं ने शायद उसे पढ़ने की जरूरत भी नहीं समझी है। नतीजतन, हंसी-खुशी के मौकों पर ग़म और दर्द की कहानियों का लिखा जाना जारी है!

कल का मौसम 20 अक्टूबर: अरब सागर में तेज हवाओं का अनुमान! MP, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत इन 12 राज्यों में आंधी-लाइटनिंग का अलर्ट

IMD Weather Update: देश के मौसम में अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के एक्टिव होने की वजह से एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा और विस्तृत मौसम बुलेटिन के मुताबिक मंगलवार 20 को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी कड़ा रहने वाला है। मौसम विभाग ने दक्षिण प्रायद्वीप से लेकर पश्चिमी, मध्य और पूर्वी राज्यों तक करीब 12 राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में तेज हवाओं के चलने की चेतावनी दी गई है।

आइए जानते हैं कल 20 अक्टूबर को देश के विभिन्न राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल:-

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून और अन्य सक्रिय प्रणालियों के असर से बारिश का दौर पूरी तरह चरम पर है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 20 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इसके अलावा केरल और माहे संग तटीय आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी।

केरल, माहे, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना के हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी जबकि तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी आकाशीय बिजली चमकने के साथ छिटपुट बौछारें पड़ने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में आंधी-लाइटनिंग का अलर्ट

दक्षिण भारत के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी चक्रवातों और मौसमी गतिविधियों की वजह से मौसम बिगड़ा रहेगा। मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की भी संभावना है।

इसके अलावा पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में कल 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तेज आंधी-तूफान और झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में भी मौसम प्रभावी बना रहेगा।

अरब सागर में स्क्वॉली वेदर और तेज हवाओं की चेतावनी

समुद्री और तटीय इलाकों में उठने वाली हलचल को देखते हुए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में स्क्वॉली वेदर के एक्टिव रहने की संभावना है, जिसके तहत वहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चल सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतें।

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IMD Rain Alert: इन राज्यों में अगले 7 दिन होगी आफत वाली बारिश! 25 अक्टूबर तक आंधी-बिजली का भी खतरा, आपके इलामें ऐसा रहेगा मौसम

IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्यों में 25 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में आज यानी 19 से 25 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी खतरा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हवा की रफ्तार झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कुछ दिनों तक बारिश और खराब मौसम देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे तक समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में बारिश की मात्रा 12 से 20 सेंटीमीटर के बीच रही। वहीं, केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। लगातार बारिश के कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।

किस राज्य में कब होगी बारिश? जानिए IMD का पूरा पूर्वानुमान

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आज यानी 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 19 से 25 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में सात दिन बारिश की आशंका

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 21 से 23 अक्टूबर के बीच गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

कर्नाटक में अलर्ट

तटीय कर्नाटक में 19 से 22 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 और 24 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर तक व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी 22 और 23 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रह सकता है।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 20 और 21 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। रायलसीमा में 21 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। यहां 19 से 23 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं का भी अनुमान है।

लक्षद्वीप

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को तेज हवाएं तथा 21 से 23 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

अंडमान-निकोबार में भी बारिश का दौर

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और ओडिशा में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान-निकोबार में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 20 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। द्वीप समूह में 20 अक्टूबर और फिर 23 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

ओडिशा में 19 से 22 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को यहां गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का भी अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र, चक्रवात बनने की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 19 अक्टूबर की सुबह भी उसी इलाके में सक्रिय था। अगले 24 घंटों के दौरान इसके और मजबूत होकर डिप्रेशन यानी अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह मौसम तंत्र अगले 2 से 3 दिनों में पहले पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा और फिर दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर बढ़ सकता है।

हालांकि, मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान में इस सिस्टम के चक्रवात में बदलने की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल इसके अवदाब में मजबूत होने की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु के तट के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और आसपास के पंजाब क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों तथा दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और त्रिपुरा के पास भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

दिल्ली-UP समेत उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत का कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। इसका मतलब है कि फिलहाल इन क्षेत्रों के लिए कोई महत्वपूर्ण व्यापक मौसमी गतिविधि का अनुमान नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

मछुआरों के लिए चेतावनी, समुद्र में जाने से पहले बरतें सावधानी

IMD ने मछुआरों के लिए समुद्री क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है:- 

  • 19 से 22 अक्टूबर: दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
  • 22 से 24 अक्टूबर: केरल और कर्नाटक के तटों के पास तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
  • बंगाल की खाड़ी: मौसम विभाग के इस बुलेटिन में कोई मछुआरा चेतावनी जारी नहीं की गई है।

    मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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Weather Update : उत्तर भारत में हल्की ठंडक, दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट, कैसा है मुंबई का मौसम?

Weather Update : उत्तर भारत में हल्की ठंडक, दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट, कैसा है मुंबई का मौसम?

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Weather Update 19 October: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। उत्तर भारत में जहां सुबह-शाम गुलाबी ठंडक ने दस्तक दे दी है, वहीं पश्चिमी भारत (विशेषकर मुंबई) में गर्मी और उमस परेशान कर रही है। इसके साथ ही, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। आइए जानते हैं देश भर के प्रमुख शहरों और क्षेत्रों के मौसम का ताजा हाल:

 

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु के तटों पर चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, 19 से 25 अक्तूबर तक हिमाचल प्रदेश में बारिश या बर्फबारी का पूर्वानुमान नहीं है। अगले 4-5 दिनों में कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

 

दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में हल्की ठंडक

राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम सुहाना बना हुआ है। राजधानी में आज आसमान साफ है। अधिकतम तापमान 31°C से 33°C और न्यूनतम तापमान 18°C से 20°C के बीच रहने का अनुमान है। सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है, जबकि दिन में खिली हुई धूप निकलेगी। बारिश की संभावना फिलहाल बहुत कम है।

 

मुंबई और पश्चिमी भारत में गर्मी के तेवर तीखे

गर्मी और उमस से लोग परेशान पश्चिमी भारत और खासकर मुंबई में गर्मी के तेवर अभी भी तीखे बने हुए हैं। अधिकतम तापमान 35°C से 36°C के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जिससे गर्मी और उमस अधिक रहेगी। न्यूनतम तापमान लगभग 27°C के आसपास रह सकता है।

 

दक्षिण भारत: भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां या मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी गई है।

 

मध्य प्रदेश में कैसा है मौसम?

मौसम विभाग (IMD) द्वारा मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई थी। इसके चलते इंदौर समेत कुछ जगहों पर छिटपुट गतिविधियां देखने को मिलीं।

सरकार में कितनी बन गई वैकेंसी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में लगातार रिक्तियां बढ़ती जा रही हैं। एक के बाद एक मंत्री पद खाली हो रहे हैं और उनकी जगह नई नियुक्ति नहीं हो रही है। लोकसभा की कुल संख्या के 15 फीसदी की सीमा के आधार पर केंद्र सरकार में कुल 81 मंत्री हो सकते हैं। इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित मंत्रियों की कुल संख्या 69 है। इनमें 29 कैबिनेट मंत्री हैं, पांच स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री हैं और 34 राज्यमंत्री हैं। यानी अभी 12 वैकेंसी है। इनकी जगह नए मंत्रियों की शपथ होनी है। वह कब होगी यह किसी को पता नहीं है। लेकिन जैसे जैसे वैकेंसी बढ़ती जा रही है वैसे वैसे मंत्री पद के दावेदारों की संख्या भी बढ़ रही है। भाजपा में भी हर दिन नए दावेदार सामने आ रहे हैं।

बहरहाल, मौजूदा 12 रिक्तियों के अलावा कई और पद खाली होने वाले हैं। उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पंकज चौधरी के बारे में कहा जा रहा है कि किसी भी समय उनका इस्तीफा हो सकता है। वे प्रदेश अध्यक्ष के साथ साथ केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भी हैं। इसी तरह दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा का भी इस्तीफा होना है। इन दोनों इस्तीफों के बाद 14 पद खाली हो जाएंगे। वैसे तो पीयूष गोयल भी केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। लेकिन कहा जा रहा है कि वे अभी कुछ दिन तक दोनों पदों पर बने रहेंगे।

बहरहाल, दो केंद्रीय मंत्रियों हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को राज्यसभा की टिकट नहीं मिली है। दोनों का कार्यकाल 25 नवंबर तक है। अगर मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद एल मुरुगन के इस्तीफे से खाली की हुई सीट पुरी को नहीं मिलती है तो इन दो मंत्रियों के इस्तीफे होंगे। इस तरह 16 पदों की वैकेंसी हो जाएगी। सो, अगर अब किसी मंत्री का इस्तीफा नहीं हो तब भी 16 नए मंत्री बनाए जा सकेंगे। इस लिहाज से अगली फेरबदल बहुत बड़ी होनी है। कहा जा रहा है कि पूरी सरकार का स्वरूप बदल जाएगा।

ग्वालियर में ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 15 की मौत

भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार की देर रात को एक बड़ा हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार ट्रक ने 41 श्रद्धालुओं को कुचल दिया। इसस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई और दो पुलिसकर्मी सहित 26 लोग घायल हैं। हादसा देर रात करीब डेढ़ बजे चीनौर रोड पर ढलान के पास हुआ, जहां श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए सड़क किनारे लाइन में लगे थे।

बताया गया है कि चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक ढलान पर बेकाबू हो गया। यह भी बताया गया है कि ड्राइवर गूगल मैप की मदद से ट्रक चला रहा था। ढलान पर ट्रक पुलिस चेकपोस्ट तोड़ते हुए लोगों को कुचलकर मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया। इससे मंदिर की दीवार ढह गई। कई लोग मलबे में दब गए।

हादसे में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हालांकि पुलिस ने ट्रक ड्राइवर और ट्रक मालिक दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि ट्रक का ब्रेक फेल हो गया था। इस बीच हादसे के बाद सरकार ने सिटी एसपी को हटा दिया है। साथ ही आठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भी निलंबित स्पेंड किया गया है। इनमें चार टीआई हैं।

कल का मौसम 19 अक्टूबर: दिल्ली-UP से लेकर बिहार तक बारिश और आंधी का कहर, दक्षिण भारत के इन राज्यों में गरज-चमक का अलर्ट

IMD Weather Update: देशभर में इस समय धूमधाम से दुर्गापूजा और नवरात्रि मनाया जा रहा है। वहीं त्योहारों के मौसम के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने टेंशन भरा अलर्ट जारी कर दिया है। देश के कई हिस्सों में 19 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। आने वाले कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। मौसम को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं दिल्ली से लेकर केरल तक कैसा होगा कल का मौसम

19 अक्टूबर को दक्षिण भारत समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली कड़कने की संभावना है। वहीं दिल्ली और यूपी में भी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर ध्यान देने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली में 19 अक्टूबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी में बारिश होने के साथ 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं। तापमान की बात करें तो दिन में पारा 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि रात में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

कैसा होगा यूपी और बिहार का मौसम

उत्तर प्रदेश और बिहार में 19 अक्टूबर को मौसम बदलने की संभावना है। यूपी के मेरठ, आगरा, गाजियाबाद, मथुरा, प्रयागराज, देवरिया, बिजनौर, गोरखपुर, अमरोहा, बुलंदशहर, कानपुर और झांसी में कुछ जगहों पर बारिश के साथ आंधी चल सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, बिहार के पटना, गया, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, बेगूसराय, कटिहार, भागलपुर और मुंगेर में हल्की से भारी बारिश हो सकती है। यहां भी तेज हवाएं चलने की संभावना है।

इन जगहों पर होगी तेज बारिश

आईएमडी के मुताबिक देश के दक्षिणी हिस्से में तेज बारिश की संभावना है। आईएमडी के अलर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तेलंगाना और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी मौसम बदल सकता है। यहां बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बारिश के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

इन जगहों पर गरज-चमक के साथ होगी बारिश

इसके अलावा छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, कोंकण और गोवा तथा महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

चलेंगी तेज हवाएं

समुद्र में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उत्तर-पश्चिमी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के आसपास 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ समय के लिए इनकी गति बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे मौसम में समुद्र में जाने वाले लोगों और मछुआरों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

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