कल का मौसम 20 अक्टूबर: अरब सागर में तेज हवाओं का अनुमान! MP, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत इन 12 राज्यों में आंधी-लाइटनिंग का अलर्ट

IMD Weather Update: देश के मौसम में अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के एक्टिव होने की वजह से एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा और विस्तृत मौसम बुलेटिन के मुताबिक मंगलवार 20 को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी कड़ा रहने वाला है। मौसम विभाग ने दक्षिण प्रायद्वीप से लेकर पश्चिमी, मध्य और पूर्वी राज्यों तक करीब 12 राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में तेज हवाओं के चलने की चेतावनी दी गई है।

आइए जानते हैं कल 20 अक्टूबर को देश के विभिन्न राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल:-

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून और अन्य सक्रिय प्रणालियों के असर से बारिश का दौर पूरी तरह चरम पर है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 20 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इसके अलावा केरल और माहे संग तटीय आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी।

केरल, माहे, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना के हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी जबकि तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी आकाशीय बिजली चमकने के साथ छिटपुट बौछारें पड़ने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में आंधी-लाइटनिंग का अलर्ट

दक्षिण भारत के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी चक्रवातों और मौसमी गतिविधियों की वजह से मौसम बिगड़ा रहेगा। मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की भी संभावना है।

इसके अलावा पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में कल 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तेज आंधी-तूफान और झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है, जिससे इन क्षेत्रों में भी मौसम प्रभावी बना रहेगा।

अरब सागर में स्क्वॉली वेदर और तेज हवाओं की चेतावनी

समुद्री और तटीय इलाकों में उठने वाली हलचल को देखते हुए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में स्क्वॉली वेदर के एक्टिव रहने की संभावना है, जिसके तहत वहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चल सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतें।

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IMD Rain Alert: इन राज्यों में अगले 7 दिन होगी आफत वाली बारिश! 25 अक्टूबर तक आंधी-बिजली का भी खतरा, आपके इलामें ऐसा रहेगा मौसम

IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के राज्यों में 25 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और माहे में आज यानी 19 से 25 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी खतरा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हवा की रफ्तार झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कुछ दिनों तक बारिश और खराब मौसम देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे तक समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में बारिश की मात्रा 12 से 20 सेंटीमीटर के बीच रही। वहीं, केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। लगातार बारिश के कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।

किस राज्य में कब होगी बारिश? जानिए IMD का पूरा पूर्वानुमान

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आज यानी 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 19 से 25 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

केरल और माहे में सात दिन बारिश की आशंका

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 21 से 23 अक्टूबर के बीच गरज-चमक, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

कर्नाटक में अलर्ट

तटीय कर्नाटक में 19 से 22 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 और 24 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर तक व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी 22 और 23 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रह सकता है।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 20 और 21 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। रायलसीमा में 21 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। यहां 19 से 23 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं का भी अनुमान है।

लक्षद्वीप

19 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। 22 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को तेज हवाएं तथा 21 से 23 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के झोंके आने की संभावना है।

अंडमान-निकोबार में भी बारिश का दौर

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और ओडिशा में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान-निकोबार में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 20 से 25 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। द्वीप समूह में 20 अक्टूबर और फिर 23 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

ओडिशा में 19 से 22 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 19 और 20 अक्टूबर को यहां गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का भी अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र, चक्रवात बनने की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 19 अक्टूबर की सुबह भी उसी इलाके में सक्रिय था। अगले 24 घंटों के दौरान इसके और मजबूत होकर डिप्रेशन यानी अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह मौसम तंत्र अगले 2 से 3 दिनों में पहले पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा और फिर दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर बढ़ सकता है।

हालांकि, मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान में इस सिस्टम के चक्रवात में बदलने की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल इसके अवदाब में मजबूत होने की संभावना जताई गई है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु के तट के आसपास ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और आसपास के पंजाब क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों तथा दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश और त्रिपुरा के पास भी ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

दिल्ली-UP समेत उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत का कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पश्चिम भारत और पूर्वोत्तर भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। इसका मतलब है कि फिलहाल इन क्षेत्रों के लिए कोई महत्वपूर्ण व्यापक मौसमी गतिविधि का अनुमान नहीं है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

मछुआरों के लिए चेतावनी, समुद्र में जाने से पहले बरतें सावधानी

IMD ने मछुआरों के लिए समुद्री क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है:- 

  • 19 से 22 अक्टूबर: दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है।
  • 22 से 24 अक्टूबर: केरल और कर्नाटक के तटों के पास तथा लक्षद्वीप क्षेत्र में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
  • बंगाल की खाड़ी: मौसम विभाग के इस बुलेटिन में कोई मछुआरा चेतावनी जारी नहीं की गई है।

    मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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Monsoon Withdraws: उत्तर भारत से मानसून विदा, लेकिन इन राज्यों में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट!

Monsoon Withdraws: देश भर में मानसून की वापसी की प्रक्रिया अब एक नए पड़ाव पर पहुंच गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 3 अक्टूबर की दोपहर जारी बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत के शेष बचे सभी इलाकों से पूरी तरह विदा हो चुका है। इसके साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश के संपूर्ण क्षेत्रों, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों से भी मानसून विदा हो चुका है। हालांकि मानसून की वापसी के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 से 6 अक्टूबर के दौरान केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में फिर से भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।

कहां तक पहुंची मानसून की विदाई रेखा? जानें अगले 2-3 दिनों का अपडेट

मौसम विज्ञानियों के अनुसार मानसून की विदाई रेखा वर्तमान में सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर परिस्थितियां मराठवाड़ा और विदर्भ के अधिकांश भागों, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों से मानसून की विदाई के लिए पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी। बीते 24 घंटों में त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज की गई है।

केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का अलर्ट

इस बीच दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों का असर आने वाले दिनों में और बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। इस वजह से केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंग।

मौसम विभाग के मुताबिक, केरल और लक्षद्वीप में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 3 से 7 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

पूर्वोत्तर भारत में 3 अक्टूबर को बारिश और आंधी की स्थिति

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 3 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 3 अक्टूबर को, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 3 व 4 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की विदाई के बाद 5 से 9 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है। 6 से 9 अक्टूबर के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9 अक्टूबर को व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा क्षेत्र में 3 से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

अरब सागर में तूफानी मौसम, मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

समुद्री इलाकों की बात करें तो मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष सलाह जारी की है। 3 अक्टूबर को केरल तट के साथ और उससे सटे इलाकों, लक्षद्वीप क्षेत्र, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र तथा पूर्व-मध्य एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तूफानी मौसम रहने की संभावना है। सोमालिया तट से सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में भी स्थिति खराब रहेगी। इस स्थिति को देखते हुए IMD ने मछुआरों को 3 अक्टूबर को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

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Weather Alert: गुजरात में बेहद भारी बारिश का खतरा, दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भी IMD का अलर्ट! 19 सितंबर से मानसून की वापसी

IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर के मौसम को लेकर लेटेस्ट वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। मानसून की वापसी की आहट के बीच देश के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, उससे सटे कच्छ क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 15 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग इलाकों में बेहद भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

जानिए देशभर में पिछले 24 घंटों का मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात राज्य और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है। पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई है।

गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी भारत में 15 सितंबर को बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। IMD ने सौराष्ट्र एवं कच्छ में 15 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 15 सितंबर को गुजरात रीजन और सौराष्ट्र व कच्छ में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कोंकण और गोवा में 15-16 सितंबर तथा 19-21 सितंबर के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के असर से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 16 और 17 सितंबर को अधिकांश जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ बारिश होगी। 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 17 सितंबर को व्यापक बारिश होने का अनुमान है जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।

बिहार में गंभीर बिजली कड़कने की चेतावनी, बंगाल और ओडिशा का मौसम

पूर्वी भारत में 15 सितंबर को बिहार में मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। बिहार में 17 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 20 सितंबर तक तथा गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 से 20 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 15 से 21 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जहां 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 15 सितंबर और 18 से 21 सितंबर तक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।

मध्य और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 17 सितंबर और पश्चिम मध्य प्रदेश में 17 से 19 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 19 से 21 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विदर्भ में 20 और 21 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में 15 से 17 सितंबर के दौरान भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में तेज हवाओं का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल व माहे और लक्षद्वीप में 15 से 21 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना में 17 से 21 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में 15 से 21 सितंबर तक, केरल व माहे में 15-16 और 19-21 सितंबर को तथा तेलंगाना में 19 से 21 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

समंदर में तूफानी स्थिति: मछुआरों के लिए चेतावनी जारी

तटीय और समुद्री इलाकों में प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को सतर्क किया है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 15 और 16 सितंबर को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर में 19 सितंबर तक तूफानी हवाएं जारी रहेंगी। दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 18 से 20 सितंबर तक तथा अंडमान सागर में 16 से 20 सितंबर के बीच खराब मौसम और चक्रवाती हवाओं के कारण मछुआरों को गहरे समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।

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कल का मौसम: 10 सितंबर को ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग, बिहार-झारखंड संग 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 50kmph स्पीड से आएगी आंधी

IMD Heavy Rain Alert for September 10: देशभर में मानसूनी गतिविधियों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 सितंबर के लिए मौसम का ताजा बुलेटिन जारी करते हुए पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड कलर वॉर्निंग जारी की है। वहीं, उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के करीब 12 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ओडिशा में रेड अलर्ट: अत्यंत भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 10 सितंबर को ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से लेकर बेहद भारी और कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। ओडिशा के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह से राज्य में जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और ट्रैफिक कंजेशन देखने को मिल सकता है।

बिहार, झारखंड और बंगाल समेत 12 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

ओडिशा के अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर देखने को मिलेगा। IMD ने 12 प्रमुख राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश से प्रभावित होने वाले राज्यों में बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और केरल (माहे सहित) शामिल हैं।

इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग जगहों पर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और बादलों की गर्जना की भी संभावना जताई गई है।

50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी, वज्रपात की चेतावनी

10 सितंबर को कई राज्यों में मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रहने वाला है। आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु (पुडुचेरी और कराईकल सहित) में बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।

बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए एहतियात बरतने को कहा गया है।

तटीय इलाकों में तेज हवाएं और अरब सागर में हलचल

मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में दिन के समय तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तापमान और नमी के ऊंचे स्तर की वजह से गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।

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समुद्री गतिविधियों की बात करें तो अरब सागर में मौसम काफी अशांत रहेगा। सोमालिया और ओमान के तटों से सटे उत्तर-पश्चिमी, दक्षिण-पश्चिमी और मध्य-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इस स्थिति को देखते हुए मछुआरों को इन समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

IMD Heavy Rain Alert: इन 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, कई जगहों पर आंधी-तूफान, दिल्ली से यूपी-बिहार तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों के लिए ताजा वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही 13 जुलाई को मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश को लेकर भी चेतावनी दी गई है। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।

अभी कहां कितनी हुई बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति?

मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी वर्षा और तेज हवाएं दर्ज की गईं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज हुई। अरुणाचल प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश (7-11 सेमी) देखी गई।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर 60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज/झंझावाती हवाएं चलीं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ, महाराष्ट्र, गुजरात राज्य, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, केरल और माहे, रायलसीमा, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और बिजली चमकने की घटनाएं दर्ज की गईं।

क्षेत्रीय मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान

मौसम प्रणालियों की बात करें तो मानसून ट्रफ का पश्चिमी छोर समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के करीब है जबकि इसका पूर्वी छोर सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है। इसके अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं और उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है। इन सिस्टम्स के प्रभाव से आने वाले दिनों में देश का मौसम कुछ ऐसा रहेगा-

उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा)

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 13 से 19 जुलाई के दौरान अलग-अलग जगहों पर हल्की से छिटपुट बारिश होने की संभावना है। 18 और 19 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-17 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 18-19 जुलाई को व्यापक रूप से भारी बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तराखंड में 13-19 जुलाई तक व्यापक बारिश और 15-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल प्रदेश में 18-19 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 13-19 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और 18-19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 16-19 जुलाई के दौरान बारिश देखने को मिल सकती है।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 13-15 जुलाई तक व्यापक बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 16-19 जुलाई को छिटपुट बारिश जारी रहेगी। 13-14 जुलाई को बिहार में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 15-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश और 14, 15, 18 व 19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 13-17 जुलाई के दौरान भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

झारखंड में 13, 18 और 19 जुलाई को छिटपुट बारिश और 14-17 जुलाई तक व्यापक बारिश के साथ 13-14 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। ओडिशा में 14-15 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 13 व 16 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और त्रिपुरा)

मेघालय में 13 जुलाई को कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 13-15 जुलाई और 17-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश तथा 16 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 13-19 जुलाई तक लगातार भारी बारिश का अनुमान है। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 और 17 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 14-16 और 18-19 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मध्य और पश्चिमी भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र)

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16-17 जुलाई को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़ में 14-15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। कोंकण और गोवा में 13-16 जुलाई तक छिटपुट बारिश के बाद 17-19 जुलाई के दौरान व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र व कच्छ में 13-19 जुलाई तक छिटपुट बारिश जारी रहेगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु)

तटीय कर्नाटक में 17-19 जुलाई और केरल व माहे, लक्षद्वीप में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 13-17 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

हीटवेव और उमस भरी गर्मी की चेतावनी

बारिश के बीच देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 13 से 15 जुलाई के दौरान अलग-अलग इलाकों में लू चलने की प्रबल संभावना है। ओडिशा में 13-14 जुलाई और रायलसीमा व तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 13-15 जुलाई के दौरान मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

IMD Heavy Rain Alert: इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, MP से राजस्थान तक 30 इलाकों में आंधी-तूफान! 24 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

IMD Heavy Rain Alert: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जून तक के लिए देश का विस्तृत राष्ट्रीय बुलेटिन जारी कर दिया है। इसके तहत दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते देश के 13 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का कड़ा अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार समेत देश के 30 अलग-अलग इलाकों (मौसम उप-मंडलों) में भीषण आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और थंडरस्क्वाल की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों में लू का प्रकोप भी देखने को मिलेगा।

मानसून प्रोग्रेस: अगले 4-5 दिनों में इन राज्यों में बढ़ेगा आगे

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) अभी हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 4-5 दिनों के भीतर मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार के कुछ और हिस्सों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

बिहार, बंगाल, केरल समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट (24 जून तक)

मौसम विभाग ने 18 से 24 जून की अवधि के दौरान देश के 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान जताया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18-19 जून और 21-23 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। वहीं 20 जून को बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 24 जून को भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय: यहां 19 से 22 जून के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके अलावा 18 जून, 23 जून और 24 जून को भी भारी बारिश की चेतावनी है।

18 जून को केरल और माहे में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 21 से 23 जून तक भारी बारिश दर्ज की जाएगी। बिहार में 18 से 20 जून तक लगातार भारी बारिश होने का अनुमान है। तटीय कर्नाटक में 18 जून और 21 से 24 जून तक जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18 जून व 21-22 जून और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 21-22 जून को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 18 से 23 जून तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18-19 जून को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार में 80 Kmph का महातूफान और आंधी

मौसम विभाग ने देश के लगभग 30 मौसम क्षेत्रों (इलाकों) में 40 से 80 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। 18 जून को पश्चिमी राजस्थान में और 18-19 जून को पूर्वी राजस्थान में 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) आएगा। इसके झोंके 80 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद 19-20 जून को पश्चिमी राजस्थान और 20 जून को पूर्वी राजस्थान में 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार की हवाएं चलेंगी। पश्चिमी राजस्थान में 18-20 जून और पूर्वी राजस्थान में 18 जून को धूलभरी आंधी चलेगी।

बिहार में 18-19 जून को 60-70 किमी/घंटे की रफ्तार वाला भीषण थंडरस्क्वाल आएगा। इसकी अधिकतम गति 80 किमी/घंटे तक हो सकती है। इसके बाद 20-24 जून तक 50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली का दौर चलेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18-19 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वाल चलने की आशंका है। इसकी रफ्तार 70 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। इसके बाद 20-22 जून तक 50 किमी/घंटे की आंधी का येलो अलर्ट है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 18-22 जून तक आंधी-तूफान का असर रहेगा। झारखंड में 18-20 जून और ओडिशा में 18-19 जून को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली, यूपी और पंजाब-हरियाणा सहित अन्य 30 इलाकों में आंधी-बिजली का हाल

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18 से 22 जून के बीच लगातार गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18-22 जून और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18-19 जून को आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का असर रहेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18-19 जून को (जम्मू-कश्मीर में 20 जून तक) गरज-चमक के साथ ओले गिरने और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की गंभीर चेतावनी है।

पश्चिम और दक्षिण भारत का मौसम कैसा रहेगा?

कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मारथवाड़ा में 18-19 जून को और कोंकण व मध्य महाराष्ट्र में 22-24 जून को 50 किमी/घंटे की आंधी चलेगी। गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ में 18 जून आंधी-बिजली का अलर्ट है। दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में 18-22 जून तक आंधी और बिजली कड़कने की घटनाएं होंगी। इसके अलावा अंडमान और निकोबार, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी 22 जून तक तेज हवाएं चलेंगी।

उत्तर प्रदेश में 24 जून तक जारी रहेगा हीट वेव का सितम

मौसम में आ रहे इस बदलाव के बीच देश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 24 जून तक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 से 24 जून तक लगातार अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। बिहार, तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 18 जून को लू चलेगी। इसके अलावा महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ) और तेलंगाना में 18 से 20 जून तक लू का प्रकोप जारी रहेगा। गंगीय पश्चिम बंगाल (18-19 जून), ओडिशा (18-20 जून), कोंकण व गोवा (18-21 जून) और तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा (19-20 जून) में असहनीय उमस भरी गर्मी परेशान करेगी।

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कल का मौसम 18 जून: IMD ने बिहार, बंगाल समेत 13 राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट दिया, हरियाणा-दिल्ली समेत इन 26 राज्यों में आंधी-तूफान की चेतावनी

Weather Update 18 June: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर 18 जून के लिए वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। गुरुवार 18 जून को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा। दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से 18 जून को देश के 13 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा समेत देश के 26 से अधिक राज्यों में आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बिजली कड़कने को लेकर गंभीर चेतावनी दी गई है। इस आंधी-पानी के बीच उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में लू का असर भी देखने को मिलेगा।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर समेत इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 18 जून देश के 13 राज्यों के अलग-अलग पॉकेट्स में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। असम, मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 जून को मूसलाधार से बेहद भारी बारिश का अलर्ट है। बिहार, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 18 जून को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

IMD ने बताया है कि मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर पर टिकी हुई है। अगले 4-5 दिनों में इसके बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत 26 राज्यों में आंधी-तूफान का कहर

18 जून को देश के 26 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली और झंझावाती हवाओं का शिकंजा रहेगा। मौसम विभाग ने राज्यों को तीन श्रेणियों में बांटा है:-

40 से 50 किमी/घंटे की आंधी वाले राज्य: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी), मध्य प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी), छत्तीसगढ़, विदर्भ, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, झारखंड, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल।

30 से 40 किमी/घंटे की हवाएं: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे।

सिर्फ बिजली और गरज-चमक: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

राजस्थान में 80 किमी/घंटे की रफ्तार से महातूफान और धूलभरी आंधी

मौसम विभाग ने राजस्थान के लिए सबसे खतरनाक अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में 60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से भयंकर चक्रवाती तूफान चलेगा। इसकी अधिकतम स्पीड 80 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में भीषण धूलभरी आंधी चलने की भी चेतावनी है।

बिहार, ओडिशा और झारखंड में 60 किमी/घंटे का थंडरस्क्वाल

पूर्वी भारत के राज्यों में हवा की रफ्तार बेहद आक्रामक रहेगी। आईएमडी के मुताबिक कल बिहार और ओडिशा के अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तीव्र झंझावाती तूफान आने की आशंका है, जिससे कच्चे मकानों और फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।

हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में ओलावृष्टि की चेतावनी

उत्तर-पश्चिम भारत में 18 जून को एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे रहा है। इसके प्रभाव से हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बल्टिस्तान व मुजफ्फरबाद के अलग-अलग इलाकों में भारी आंधी और आकाशीय बिजली के साथ ओले गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और एमपी समेत इन राज्यों में हीट वेव का भी सितम

मौसम के इस विरोधाभास के बीच, देश के 6 राज्यों में भीषण लू का प्रकोप भी बना रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और महाराष्ट्र के अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू चलने की आशंका है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, कोंकण व गोवा और ओडिशा में अत्यधिक उमस भरी गर्मी लोगों को बेहाल करेगी।

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