कल का मौसम 19 अक्टूबर: दिल्ली-UP से लेकर बिहार तक बारिश और आंधी का कहर, दक्षिण भारत के इन राज्यों में गरज-चमक का अलर्ट

IMD Weather Update: देशभर में इस समय धूमधाम से दुर्गापूजा और नवरात्रि मनाया जा रहा है। वहीं त्योहारों के मौसम के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने टेंशन भरा अलर्ट जारी कर दिया है। देश के कई हिस्सों में 19 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। आने वाले कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा कई राज्यों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। मौसम को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं दिल्ली से लेकर केरल तक कैसा होगा कल का मौसम

19 अक्टूबर को दक्षिण भारत समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली कड़कने की संभावना है। वहीं दिल्ली और यूपी में भी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर ध्यान देने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली में 19 अक्टूबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी में बारिश होने के साथ 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं। तापमान की बात करें तो दिन में पारा 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि रात में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

कैसा होगा यूपी और बिहार का मौसम

उत्तर प्रदेश और बिहार में 19 अक्टूबर को मौसम बदलने की संभावना है। यूपी के मेरठ, आगरा, गाजियाबाद, मथुरा, प्रयागराज, देवरिया, बिजनौर, गोरखपुर, अमरोहा, बुलंदशहर, कानपुर और झांसी में कुछ जगहों पर बारिश के साथ आंधी चल सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, बिहार के पटना, गया, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, बेगूसराय, कटिहार, भागलपुर और मुंगेर में हल्की से भारी बारिश हो सकती है। यहां भी तेज हवाएं चलने की संभावना है।

इन जगहों पर होगी तेज बारिश

आईएमडी के मुताबिक देश के दक्षिणी हिस्से में तेज बारिश की संभावना है। आईएमडी के अलर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तेलंगाना और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी मौसम बदल सकता है। यहां बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बारिश के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

इन जगहों पर गरज-चमक के साथ होगी बारिश

इसके अलावा छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, कोंकण और गोवा तथा महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

चलेंगी तेज हवाएं

समुद्र में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उत्तर-पश्चिमी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के आसपास 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ समय के लिए इनकी गति बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे मौसम में समुद्र में जाने वाले लोगों और मछुआरों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

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कल का मौसम: इन 20 राज्यों में बदलेगा मौसम, बारिश के साथ 60 kmph की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

Weather Tomorrow: अगर आप अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव का इंतजार कर रहे हैं, तो देश के कई राज्यों में बारिश दस्तक दे सकती है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 16 से 19 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, मध्य, पूर्वी, उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश देखने को मिल सकती है।

दिल्ली-NCR में कल कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-NCR में आने वाले दिनों में हल्की बारिश होने का अनुमान है। इससे मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

उत्तर प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कुछ इलाकों में सप्ताह के बाकी दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

उत्तराखंड में कल कैसा रहेगा मौसम?

उत्तराखंड में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश होने के आसार हैं। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

जम्मू-कश्मीर में कल कैसा रहेगा मौसम?

जम्मू-कश्मीर के साथ लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भी मौसम बदल सकता है। इन इलाकों में कई जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। यानी आने वाले दिनों में यहां के लोगों को बारिश का सामना करना पड़ सकता है।

हिमाचल प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

हिमाचल प्रदेश में 16 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली भी गिर सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 17 अक्टूबर को भी कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

राजस्थान में कल कैसा रहेगा मौसम?

राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर को कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मध्य प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

मध्य प्रदेश में भी मौसम बदलने के आसार हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश होने का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ में कल कैसा रहेगा मौसम?

छत्तीसगढ़ में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान राज्य के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

महाराष्ट्र में कल कैसा रहेगा मौसम?

महाराष्ट्र के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदल सकता है। विदर्भ में 17 और 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, मुंबई और ठाणे में 17 और 18 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

रत्नागिरी में 16 अक्टूबर को गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में लू जैसी स्थिति भी बन सकती है। हालांकि, दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 17 अक्टूबर को भी बारिश हो सकती है। वहीं, 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

सिंधुदुर्ग में 16 अक्टूबर को गर्मी और उमस परेशान कर सकती है। दोपहर या शाम के समय हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 17 और 18 अक्टूबर को कुछ जगहों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

ओडिशा में कल कैसा रहेगा मौसम?

ओडिशा में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

पश्चिम बंगाल में कल कैसा रहेगा मौसम?

पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है। वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी इसी अवधि के दौरान बारिश होने का अनुमान है।

सिक्किम में कल कैसा रहेगा मौसम?

सिक्किम में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश होने की संभावना है। ऐसे में राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है।

बिहार में कल कैसा रहेगा मौसम?

बिहार में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान राज्य के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कल कैसा रहेगा मौसम?

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में शुरुआत में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

कल पूर्वोत्तर भारत का मौसम

16 से 18 अक्टूबर के बीच असम में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। इसी दौरान मेघालय में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।

अरुणाचल प्रदेश में 16 से 17 अक्टूबर के बीच बारिश होने के आसार हैं।

16 अक्टूबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। पूरे हफ्ते पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

केरल में कल कैसा रहेगा मौसम?

केरल में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर तेज हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 से 18 अक्टूबर के बीच केरल और माहे में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

16 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। शुक्रवार को उत्तरी केरल में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान कई इलाकों में तेज बारिश होने के आसार हैं।

केरल में दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व, दोनों मानसून के दौरान बारिश होती है। हालांकि, राज्य की सालाना बारिश में उत्तर-पूर्व मानसून का योगदान अपेक्षाकृत कम रहता है। उत्तर-पूर्व मानसून आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर तक सक्रिय रहता है। तमिलनाडु और दक्षिण भारत के आसपास के इलाकों के लिए यह मानसून काफी अहम है।

तमिलनाडु में कल कैसा रहेगा मौसम?

तमिलनाडु के साथ पुडुचेरी और कराईकल में भी 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 16 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है। वहीं, 16 से 18 अक्टूबर के दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

कर्नाटक में अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। इसके बाद 17 और 18 अक्टूबर को कई जगहों पर बारिश का दौर तेज होने का अनुमान है।

उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, तटीय कर्नाटक में 17 और 18 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका है। राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के बीच हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। कुछ जगहों पर हवा के तेज झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आंध्र प्रदेश में कल कैसा रहेगा मौसम?

तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 16 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 16 और 17 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

कल तेलंगाना का मौसम

16 से 18 अक्टूबर के बीच तेलंगाना में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है।

कल रायलसीमा का मौसम

16 अक्टूबर को रायलसीमा में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

अगले कुछ दिनों के लिए IMD का ताजा पूर्वानुमान

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 से 19 अक्टूबर के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है, जबकि मध्य, पूर्वी, उत्तरी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है।

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कल का मौसम: तमिलनाडु-केरल में बरसेंगे बादल, उत्तराखंड के 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी

Tomorrow Weather: देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने तमिलनाडु और केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और कुछ उत्तरी राज्यों में भी बारिश हो सकती है, हालांकि यहां बारिश हल्की रहने का अनुमान है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के आठ जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में अगले चार दिनों के दौरान मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलने की संभावना है।

इसके अलावा, उत्तराखंड के कुछ इलाकों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं, 4,200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी भी हो सकती है।

दिल्ली में बादल, यूपी में बारिश; हिमाचल से पंजाब तक आंधी-तूफान का अलर्ट

दिल्ली में 9 अक्टूबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है। राजधानी लखनऊ में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश में भी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। राज्य के कुछ हिस्सों में 11 अक्टूबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी बारिश और आंधी-तूफान आ सकता है। कुछ इलाकों में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

वहीं, पंजाब के कुछ हिस्सों में रविवार तक आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चल सकती हैं।

दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर, कई राज्यों में गरज-चमक के आसार

इसके अलावा, आने वाले दिनों में दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। IMD के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं।

इन राज्यों से पीछे हट रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून

इस बीच, दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ हिस्सों से लगातार पीछे हट रहा है। आने वाले दिनों में मानसून की वापसी का असर मौसम में बदलाव के रूप में देखने को मिल सकता है।

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यूपी, पंजाब, हरियाणा, MP से अगले 2-3 दिनों में मानसून की विदाई! उधर मौसम विभाग ने इन राज्यों में दिया भारी बारिश का अलर्ट

IMD Mausam Update: देश भर में मानसून की वापसी का समय अब नजदीक आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 30 सितंबर की दोपहर जारी विशेष बुलेटिन के मुताबिक उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष इलाकों के साथ-साथ गुजरात, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, संपूर्ण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ भागों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा।

दूसरी ओर मानसून की वापसी के बीच देश के दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान छिटपुट जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

म्यांमार से उठा लो प्रेशर सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक तटीय म्यांमार और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 30 सितंबर की सुबह उत्तरी म्यांमार, दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश, मिजोरम और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पास सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में बदल चुका है। अगले 12 घंटों के भीतर इसके मिजोरम, त्रिपुरा और बांग्लादेश की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे और कमजोर होकर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

इसके साथ ही उत्तरी हरियाणा और आसपास के इलाकों में निचले व मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। उधर पूर्वोत्तर असम, उत्तरी तटीय तमिलनाडु, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर भी अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा फैली हुई है।

बीते 24 घंटों में मराठवाड़ा में हुई बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और नागालैंड में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।

दक्षिण भारत के राज्यों में 1 से 4 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। केरल में 1, 2 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है। केरल में 1 से 6 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु और रायलसीमा में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर राज्यों में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 सितंबर को व्यापक रूप से बारिश होगी, जबकि 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को इन राज्यों के साथ-साथ असम व मेघालय में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारों के अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मौसम साफ व शुष्क रहेगा। मध्य भारत के मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 30 सितंबर से मौसम साफ होने लगेगा और सिर्फ नाममात्र की छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 30 सितंबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिसके बाद वहां भी बारिश में भारी कमी आएगी।

UP Weather Update: यूपी में अगले कुछ घंटे आसमान से होगी आफत की बारिश! IMD का इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मानसून की विदाई से पहले बादल एक बार फिर जमकर बरसने वाले हैं। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने 25 सितंबर 2026 को जारी पूर्वानुमान में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। आईएमडी के मुताबिक, 25 और 27 सितंबर को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही आंधी जैसी तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। बारिश से लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिलेगी।

मौसम विभाग के मुताबिक, 28 और 29 सितंबर को प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं इन दोनों दिनों के लिए मौसम विभाग ने कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।

इन शहरों में होगी ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 25 सितंबर को सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। वहीं बांदा, प्रयागराज, लखनऊ, अयोध्या, सीतापुर, बस्ती, सुल्तानपुर समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं 26 सितंबर को भी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं लखनऊ, बस्ती, गोंडा, बाराबंकी, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है।

कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा

यूपी के कई जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के चलते कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा है। आजमगढ़, गोरखपुर, लखनऊ, अयोध्या, बहराइच, सीतापुर, बांदा, चित्रकूट समेत कई जिलों में मध्यम जोखिम बताया गया है। ऐसे में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर जलभराव और कुछ स्थानों पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।

27 सितंबर को भी बारिश और तेज हवा

27 सितंबर को बारिश का असर कुछ कम हो सकता है, लेकिन कई जिलों में भारी बारिश का खतरा बना रहेगा। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भारी बारिश की संभावना है। इन इलाकों में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और गरज-चमक के दौरान घर में रहने, पेड़ों के नीचे न जाने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। जलभराव वाली सड़कों और नालों से भी दूर रहने को कहा गया है।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को भी बारिश के दौरान खेतों में जलभराव से बचाने के लिए पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी है। फसल के हिसाब से अलग-अलग सावधानियां बताई गई हैं। खासकर गन्ना, अरहर, मक्का, धान, मूंगफली, तिल और सब्जियों की फसलों पर ज्यादा बारिश का असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। 26 सितंबर को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इन दिनों कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाओं, बिजली गिरने और कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है।

24 घंटे में उत्तर गुजरात-राजस्थान की तरफ बढ़ेगा वेदर सिस्टम, 14 सितंबर तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

IMD Heavy Rain Forecast: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर से बेहद तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी विदर्भ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक यह मौसमी सिस्टम अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के इलाकों की तरफ खिसकेगा। इसके असर से अगले 24 से 48 घंटों में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और कोंकण-गोवा सहित देश के कई राज्यों में अत्यंत भारी से मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है।

मानसून ट्रफ इस समय अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर सक्रिय बनी हुई है। इसके साथ ही अरब सागर और मध्य प्रदेश से लेकर मन्नार की खाड़ी तक फैली ऊपरी हवाओं के चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूरे मध्य, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत में तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

गुजरात और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का संकट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक गुजरात क्षेत्र और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में कुदरत का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिल सकता है। 13 सितंबर को गुजरात रीजन और उत्तर मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी गुजरात में 30 सेंटीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

इसके अलावा 14 सितंबर को गुजरात रीजन में और 13 से 14 सितंबर के दौरान सौराष्ट्र व कच्छ के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। कोंकण और गोवा के साथ मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में भी 13 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। सौराष्ट्र व कच्छ में 15 सितंबर को भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत और राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम

कम दबाव के क्षेत्र का रुख दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उत्तर गुजरात की तरफ होने की वजह से पूर्वी राजस्थान में 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल में 73 डिग्री पूर्व देशांतर और 30 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसके असर से पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 13 से 17 सितंबर तक छिटपुट से लेकर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

हालांकि, इन मैदानी इलाकों में 16 और 17 सितंबर को व्यापक रूप से तेज बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ेंगी। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 13 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है जबकि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 15 से 17 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत और विदर्भ में बारिश का जोर

मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में मानसूनी सिस्टम पूरी तरह मेहरबान है। पश्चिम मध्य प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि 15 से 19 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 13 सितंबर को तेज बारिश के आसार हैं।

विदर्भ में 13 से 15 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 13 से 16 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। विदर्भ के अलग-अलग हिस्सों में 13 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिसके बाद 16 से 19 सितंबर के दौरान बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आएगी।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बरसेंगे बादल

पूर्वी भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13 से 19 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार में 15 से 17 सितंबर के बीच और ओडिशा में 14 से 17 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 16 से 19 सितंबर तक मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है।

पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम में बने ऊपरी हवा के चक्रवाती तंत्र के कारण अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 17 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 13 से 17 सितंबर और असम व मेघालय में 13 से 16 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत में तेज हवाओं का अलर्ट, केरल में उमस भरा मौसम

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों, यानम और तेलंगाना में 13 सितंबर को व्यापक वर्षा और भारी बारिश होने के आसार हैं। केरल और माहे में 14 और 15 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 13 से 16 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और तेलंगाना में 13 से 17 सितंबर के बीच 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट दिया है। वहीं केरल और माहे में 13 सितंबर को गर्म और बेहद उमस भरा मौसम रहने की संभावना जताई गई है।

मछुआरों के लिए समंदर में जाने पर चेतावनी

समुद्र में उठती ऊंची लहरों और तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। उत्तर महाराष्ट्र तट से सटे अरब सागर में 13 सितंबर को और उत्तर-पूर्वी अरब सागर से सटे गुजरात तटों पर 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

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इसके अलावा सोमालिया तट और दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के इलाकों में 18 सितंबर तक स्थिति खतरनाक रह सकती है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्सों, अंडमान सागर और उससे सटे इलाकों में भी 15 से 18 सितंबर के दौरान मछुआरों को सतर्क रहने और गहरे समुद्र में जाने से बचने का निर्देश दिया गया है।

मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी! फिर बन रहा नया वेदर सिस्टम, MP, छत्तीसगढ़, यूपी समेत 10 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसूनी बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 सितंबर को जारी ताजा वेदर बुलेटिन में एक नए और ताकतवर वेदर सिस्टम के एक्टिव होने की बड़ी चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक 11 सितंबर के आसपास पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से सटे उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तटों पर एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है।

इस नए सिस्टम और देश के अलग-अलग हिस्सों में एक्टिव साइक्लॉनिक सर्कुलेशन की वजह से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत 10 से अधिक राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है।

बीते 24 घंटों का हाल: अंडमान और असम में रिकॉर्ड 20 सेमी तक बारिश

बीते 24 घंटों में देखें तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और असम में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और मिजोरम में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

एक्टिव वेदर सिस्टम: उत्तर प्रदेश से बंगाल की खाड़ी तक बने कई सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है। निचले ट्रोपोस्फीयर में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार के इस सिस्टम तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।

दक्षिण तेलंगाना से मन्नार की खाड़ी तक और उत्तरी हरियाणा के ऊपर भी अलग-अलग ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर साइक्लॉनिक सर्कुलेशन एक्टिव हैं। इन मौसमी प्रणालियों के बीच 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया लो-प्रेशर सिस्टम मानसूनी हवाओं को और अधिक बल देगा।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 10 से 14 सितंबर तक भारी बारिश

IMD के मुताबिक मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश में काफी तेजी देखने को मिलेगी। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 10 से 14 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बादल गरजने और बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होगी। इस दौरान छत्तीसगढ़ में 10 से 14 सितंबर के बीच और पूर्वी मध्य प्रदेश में 12 व 13 सितंबर को भारी बारिश की आशंका है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 से 14 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिसमें 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 12 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है जबकि 8 से 14 सितंबर तक छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में 10 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत के राज्यों में 8 से 14 सितंबर के दौरान भारी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। ओडिशा में 10 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार यानी बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद 11 और 12 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी। 8 सितंबर को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में तेज आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है। बिहार में 8 से 10 सितंबर और 14 सितंबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 सितंबर को और फिर 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में 9 से 11 सितंबर तक और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 8 और 12 से 14 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में 12 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है जबकि 8, 9, 11, 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 से 12 सितंबर के बीच लगातार भारी बारिश और बिजली गिरने का सिलसिला बना रहेगा।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तराखंड में लगातार बारिश, मैदानी इलाकों में छिटपुट बौछारें

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों में मानसून का असर बना रहेगा। उत्तराखंड में 10 से 14 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर बारिश होगी और इस पूरे अंतराल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को व्यापक स्तर पर बारिश होगी। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के बाकी हिस्सों में 14 सितंबर तक छिटपुट स्थानों पर बादलों की गर्जना और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।

पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण, गुजरात और तटीय आंध्र प्रदेश में बिगड़ेगा मौसम

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 8 से 14 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी जहां 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र में 12 और 13 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 13 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बंगाल की खाड़ी के नए सिस्टम का सीधा असर दिखेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 से 14 सितंबर के बीच तथा तेलंगाना में 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश होगी। केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में 10 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में 8 से 12 सितंबर तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही और झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

गर्मी व उमस और मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने 8 और 9 सितंबर को केरल व माहे में और 8 से 10 सितंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में मौसम के बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना जताई है। समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए IMD ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है।

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सोमालिया तट के पास और अरब सागर के हिस्सों में 13 सितंबर तक तथा ओमान तट के पास 11 सितंबर तक तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। वहीं अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के आसपास 10 से 13 सितंबर के दौरान स्थिति खराब रहेगी, इसलिए मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

कल का मौसम: 4 सितंबर को इन इलाकों में नहीं थमेगी बारिश! MP में बहुत भारी बारिश संग दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में अलर्ट

Weather Update for September 4: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार से बरस रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 सितंबर को देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं लेगा। मध्य प्रदेश समेत उत्तर भारत, पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही देश के तटीय और दक्षिणी हिस्सों में तेज तूफानी हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

मध्य प्रदेश में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मध्य प्रदेश के लोगों को 4 सितंबर को मौसम के कड़े मिजाज का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही राज्य में बारिश के दौरान कुछ जगहों पर बादलों की गरज के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव और नदी-नालों के उफान से सतर्क रहने की सलाह दी है।

दिल्ली, यूपी, पंजाब-हरियाणा और उत्तराखंड का मौसम

उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में 4 सितंबर को झमाझम बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 4 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। राजस्थान में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है।

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत: बिहार और बंगाल में बारिश का अलर्ट

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का असर खासा देखने को मिलेगा। बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में बारिश के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।

पूर्वोत्तर के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कल भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। इन सभी राज्यों में बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश होने की आशंका बनी हुई है।

दक्षिण और पश्चिमी भारत में तेज हवाओं का प्रकोप

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश के साथ-साथ तेज सतही हवाओं की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट है। तेलंगाना, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक के इलाकों में दिनभर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

करपुरहत

पश्चिम भारत के मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ क्षेत्रों में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है। इसके अलावा अरब सागर में सोमालिया तट से लगे पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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IMD Weather forecast: कल का मौसम: 5 सितंबर तक इन राज्यों में आफत की बारिश का अलर्ट, यूपी से उत्तराखंड तक मूसलाधार बरसात की चेतावनी

IMD Weather forecast: देश के कई हिस्सों में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज यानी 30 अगस्त से 5 सितंबर के बीच उत्तर भारत से लेकर मध्य, पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।

सबसे ज्यादा चिंता उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और ओडिशा को लेकर है। छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा में 30 और 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

वेदर बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30-31 अगस्त और फिर 1 से 5 सितंबर तक बारिश का दौर रहने का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 31 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की भी संभावना है। इसके अलावा 30 अगस्त से 1 सितंबर तक कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।

आज भी कई इलाकों में जमकर बरसे बादल

पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई। बांदा के बेबेरू में 22 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। जबकि नरैनी में 10 सेमी और अतर्रा में 8 सेमी बारिश हुई। हरियाणा के कालका में भी 16 सेमी बारिश दर्ज की गई। ओडिशा के राजघाट में 16 सेमी, कुसुमी में 13 सेमी और झारखंड के सरयू में 13 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज और रघुनाथनगर में 12-12 सेमी बारिश हुई। मध्य प्रदेश के रामनगर में भी 12 सेमी बारिश दर्ज की गई।

IMD फोरकास्ट के मुताबिक, इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हुई। ओडिशा, झारखंड, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भी बारिश

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। पंजाब में भी इसी अवधि में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, उत्तराखंड में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश की संभावना है। 30 अगस्त से 1 सितंबर के बीच उत्तराखंड में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। 31 अगस्त और 1 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना भी है।

मध्य भारत में भी बिगड़ेगा मौसम

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1-2 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। जबकि 3 से 5 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 3 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश हो सकती है।सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी छत्तीसगढ़ के लिए 31 अगस्त को है। महीने के आखिरी दिन अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी अलर्ट

पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बिहार में 31 अगस्त से 2 सितंबर तक कई स्थानों पर व्यापक बारिश हो सकती है। 31 अगस्त को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में 30 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। वहीं, ओडिशा में 30 और 31 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 1 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर

मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 31 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। जबकि असम-मेघालय में 30 अगस्त को ऐसी ही आशंका है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30-31 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

महाराष्ट्र और पश्चिमी तट पर भी बारिश

कोंकण और गोवा में 30 अगस्त से 5 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 4 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। जबकि गुजरात, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी 30 अगस्त से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत में आंधी-तूफान का खतरा

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 30 अगस्त से 2 सितंबर के बीच गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में भी 30 अगस्त से 3 सितंबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। केरल, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

मछुआरों के लिए भी चेतावनी

IMD ने समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका से लगे दक्षिण-पश्चिमी हिस्से और अंडमान सागर के कुछ क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति प्रतिकूल रह सकती है।

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वहीं, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और बांग्लादेश के तटों के आसपास भी समुद्री गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी की गई है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास भी 4 सितंबर तक कुछ हिस्सों में खराब समुद्री परिस्थितियां रहने की संभावना है।

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में फिर एक्टिव हुआ मानसून, इन 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दरअसल, निचले क्षोभमंडल में पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसूनी प्रवाह बढ़ा है। इसके चलते अगले कुछ दिनों में पूर्वी यूपी में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। वहीं, पश्चिमी यूपी में अगस्त के बाकी दिनों में मानसूनी गतिविधियां सीमित रहने के बाद सितंबर के शुरुआती सप्ताह में बारिश बढ़ने की संभावना है।

पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के मुताबिक, 30 अगस्त तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 29 अगस्त से 30 अगस्त की सुबह तक भारी बारिश की ज्यादा संभावना वाले जिलों में चित्रकूट, प्रयागराज, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, बस्ती, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर शामिल हैं।

इसके बाद 30 से 31 अगस्त के दौरान सोनभद्र और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

31 अगस्त को इन जिलों में बारिश का ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार, 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर और जौनपुर समेत आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

यानी अगले कुछ दिनों में खासतौर पर पूर्वी यूपी के जिलों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।

2 सितंबर को पश्चिमी यूपी में भी बढ़ेगा बारिश का असर

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इससे पहले 29 अगस्त से 1 सितंबर तक पश्चिमी यूपी के लिए भारी बारिश की अलग चेतावनी नहीं है, लेकिन कई जगहों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

जलभराव और अचानक नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा

मौसम विभाग ने भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और सुरंगों में जलभराव की आशंका जताई है। इसके अलावा मौसमी नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही, कच्ची सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण यातायात भी प्रभावित हो सकता है।

वहीं, लोगों को अचानक बाढ़ की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने और सुरक्षित या पक्के मकानों में रहने की सलाह दी गई है। नदियों और मौसमी नालों के आसपास भी सावधानी बरतने को कहा गया है।

किसानों के लिए भी अलर्ट

भारी बारिश और जलभराव का असर फसलों पर भी पड़ सकता है। IMD ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और बारिश के दौरान कुछ कृषि कार्यों से बचने की सलाह दी है। गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल, दलहन और सब्जियों जैसी फसलों में ज्यादा नमी से नुकसान और रोग बढ़ने की आशंका जताई गई है।

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