कल का मौसम 4 October: रविवार को इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी! IMD ने जारी किया ये अलर्ट

Weather forecast for October 4: मौसम विभाग ने कल यानी 4 अक्टूबर के लिए वेदर का लेटेस्ट बुलेटिन जारी कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं, तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट है।

IMD बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में कल बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। बता दें कि भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई है। यह 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है।

केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी

  • मौसम विभाग ने चार अक्टूबर को केरल एवं माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई है। बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।

तमिलनाडु में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

  • IMD के मुताबिक, रविवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और गरज के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
  • लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

आंध्र प्रदेश और केरल में भी आंधी-बारिश का अलर्ट

  • आंध्र प्रदेश तथा केरल और माहे में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश में कुछ इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने की भी आशंका है।

पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली गिरने का खतरा

  • मौसम विभाग ने असम और मेघालय, साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है।
  • ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

कोंकण-गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम

  • दूसरी ओर, कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। दिन के समय उमस के कारण लोगों को परेशानी महसूस हो सकती है।
  • IMD की ओर से जारी बुलेटिन में मछुआरों के लिए किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

2001 के बाद मानसून के दौरान चौथी बार सबसे कम बारिश 

भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई, जो 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है। IMD ने अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा कि इस मानसून में बारिश की कमी का एक प्रमुख कारण प्रशांत क्षेत्र में जून में उभरी अल नीनो की स्थिति थी, जो उसके बाद से मजबूत होती गई। आईएमडी ने कहा कि फिलहाल अल नीनो की स्थिति मजबूत है। इसके मार्च 2027 तक बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून देश में 759.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि सामान्य बारिश 868.6 मिलीमीटर होती है। यह सामान्य से 13 प्रतिशत कम है।

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IMD के महानिदेशक मौसम विज्ञान डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने एक बयान में कहा कि यदि कम दबाव की प्रणालियों के कारण अतिरिक्त बारिश नहीं हुई होती तो देश में बारिश की कमी और अधिक हो सकती थी। उन्होंने कहा कि इस मौसम में 14 कम दबाव की प्रणालियां बनीं और कुल 77 दिन कम दबाव की प्रणालियां सक्रिय रहीं। जबकि सामान्य तौर पर यह अवधि 57 दिन होती है। मानसून की वापसी के बारे में महापात्र ने कहा कि अब तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पूरी दिल्ली से मानसून की वापसी हो चुकी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट चुका है।

यूपी, पंजाब, हरियाणा, MP से अगले 2-3 दिनों में मानसून की विदाई! उधर मौसम विभाग ने इन राज्यों में दिया भारी बारिश का अलर्ट

IMD Mausam Update: देश भर में मानसून की वापसी का समय अब नजदीक आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 30 सितंबर की दोपहर जारी विशेष बुलेटिन के मुताबिक उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। अगले 2 से 3 दिनों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष इलाकों के साथ-साथ गुजरात, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, संपूर्ण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ भागों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा।

दूसरी ओर मानसून की वापसी के बीच देश के दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान छिटपुट जगहों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

म्यांमार से उठा लो प्रेशर सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक तटीय म्यांमार और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 30 सितंबर की सुबह उत्तरी म्यांमार, दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश, मिजोरम और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पास सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र में बदल चुका है। अगले 12 घंटों के भीतर इसके मिजोरम, त्रिपुरा और बांग्लादेश की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे और कमजोर होकर निम्न दाब क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

इसके साथ ही उत्तरी हरियाणा और आसपास के इलाकों में निचले व मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। उधर पूर्वोत्तर असम, उत्तरी तटीय तमिलनाडु, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर भी अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा फैली हुई है।

बीते 24 घंटों में मराठवाड़ा में हुई बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और नागालैंड में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।

दक्षिण भारत के राज्यों में 1 से 4 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। केरल में 1, 2 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है। केरल में 1 से 6 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 30 सितंबर से 4 अक्टूबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु और रायलसीमा में 30 सितंबर से 2 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है।

पूर्वोत्तर राज्यों में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 सितंबर को व्यापक रूप से बारिश होगी, जबकि 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को इन राज्यों के साथ-साथ असम व मेघालय में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में छिटपुट बौछारों के अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मौसम साफ व शुष्क रहेगा। मध्य भारत के मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 30 सितंबर से मौसम साफ होने लगेगा और सिर्फ नाममात्र की छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी। पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 30 सितंबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिसके बाद वहां भी बारिश में भारी कमी आएगी।