कल का मौसम 21 अक्टूबर: इन 6 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट, MP से लेकर केरल, आंध्र तक बदलेगा मौसम

IMD Weather Alert: देश भर में एक बार फिर मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। दक्षिण भारत से लेकर मध्य भारत तक कई राज्यों में सक्रिय मौसमी प्रणालियों का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक बुधवार 21 अक्टूबर को देश के कई प्रमुख राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के इन अलर्ट्स ने कई इलाकों के लिए चिंता बढ़ा दी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 21 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है और किन राज्यों में आंधी-बारिश का सबसे ज्यादा असर दिखेगा।

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव

दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्वी मानसून और अन्य चक्रवाती प्रणालियों के मजबूत होने की वजह से बारिश का दौर पूरी तरह आक्रामक हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के विभिन्न जिलों में भी भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चल सकते हैं और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़क सकती है।

मध्य प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप में आंधी-तूफान के साथ बौछारें

दक्षिण भारत के अलावा मध्य और तटीय क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मध्य प्रदेश, तेलंगाना, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और केरल व माहे के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। मध्य प्रदेश के कई अंदरूनी हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

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कर्नाटक और तटीय इलाकों में वज्रपात की चेतावनी

कर्नाटक के विभिन्न अंदरूनी और तटीय इलाकों में कल गरज-चमक के साथ तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों पर न जाने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है।

अरब सागर में स्क्वॉली वेदर और तेज हवाओं का पहरा

समुद्री और तटीय क्षेत्रों में लगातार बन रही मौसमी हलचल को देखते हुए मछुआरों और नौका चालकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में स्क्वॉली वेदर के सक्रिय रहने के कारण वहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 60 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए संबंधित समुद्री इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

कल का मौसम 13 अक्टूबर: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर! दिल्ली-NCR और पंजाब में आंधी-बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में बिगड़ेगा मौसम

IMD Weather Update: देश के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और विभिन्न चक्रवाती प्रणालियों की वजह से बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक मंगलवार 13 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने दिल्ली, एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत कई इलाकों में तेज आंधी-तूफान और झमाझम बारिश की चेतावनी जारी की है। आइए जानते हैं कल 13 अक्टूबर को देश के विभिन्न हिस्सों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

दिल्ली-NCR और पंजाब में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बारिश का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसमी हलचल तेज हो गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 13 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी। इस दौरान इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की भी पूरी संभावना है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है।

हिमाचल प्रदेश, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक की चेतावनी

पर्वतीय राज्य हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के तटीय और अंदरूनी क्षेत्रों में भी मौसमी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। 13 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग इलाकों में बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा राज्यों में भी पृथक स्थानों पर आंधी और बिजली चमकने का दौर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी का असर

पश्चिम भारत के तटीय क्षेत्रों में नमी और तापमान बढ़ने की वजह से लोगों को हल्की चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक कोंकण और गोवा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है। राहत भरी खबर यह है कि समुद्री और तटीय क्षेत्रों में चल रही हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां पूरी तरह नियंत्रण में हैं। इसे देखते हुए भारत मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

Weather Alert Today: 8 घंटे में बदलेगा मौसम, यूपी-बिहार समेत 20 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी!

Weather Alert Today: 8 घंटे में बदलेगा मौसम, यूपी-बिहार समेत 20 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी!

Weather Alert Today: एक तरफ देश के बड़े हिस्से से मानसून विदाई ले चुका है, दूसरी ओर कई स्थानों पर बारिश का दौर अब भी जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार (8 अक्टूबर 2026) के लिए देश के कई हिस्सों में मौसम में अचानक बदलाव की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और बंगाल की खाड़ी तथा ओडिशा तट के आसपास सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव से अगले कुछ घंटों में मौसम करवट ले सकता है। यूपी और बिहार में अब भी कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात हैं।

 

कई रिपोर्ट्स में अगले 8-13 घंटों में बारिश और आंधी की गतिविधि बढ़ने का अनुमान जताया गया है। यूपी और बिहार समेत दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल और कुछ अन्य राज्यों में आंधी-तूफान, गरज-चमक, बिजली गिरने तथा हल्की से मध्यम या कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

यूपी में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर प्रदेश में लगभग 42 जिलों में थंडरस्टॉर्म और बारिश का अलर्ट है। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, बहराइच, अयोध्या, प्रयागराज, सुल्तानपुर, वाराणसी, मीरजापुर, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर समेत कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। राज्य में बाढ़ प्रभावित कुछ इलाकों में गोमती नदी का जल स्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन अतिरिक्त बारिश से जलजमाव बढ़ सकता है।

बिहार में येलो अलर्ट

बिहार में IMD पटना केंद्र ने आज थंडरस्टॉर्म और लाइटनिंग का येलो अलर्ट जारी किया है। कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, सहरसा, कैमूर, बक्सर, औरंगाबाद, पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर समेत लगभग 26 जिलों में गरज-चमक, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। उत्तर-पश्चिम बिहार के चंपारण क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। राज्य में पहले से बाढ़ प्रभावित लगभग 466 गांव और करीब आठ लाख लोग प्रभावित हैं। अतिरिक्त बारिश से स्थिति और बिगड़ने का खतरा है। 

कहीं तेज हवाएं, कहीं बारिश और बर्फबारी संभव

दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब में थंडरस्टॉर्म और हल्की बारिश की संभावना है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी तथा भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। पश्चिम बंगाल (सब-हिमालयन क्षेत्र) और सिक्किम में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिण में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में भी आंधी-बारिश की गतिविधि रहेगी। हवा की रफ्तार कुछ क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे या उससे अधिक पहुंच सकती है। 

 

हालांकि मानसून की वापसी की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवातीय परिसंचरण के कारण इसकी विदाई में देरी हो रही है। यह अस्थिर मौसम 10-12 अक्टूबर तक कुछ क्षेत्रों में बना रह सकता है। इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी और ठंडक बढ़ेगी। 

कल का मौसम 4 October: रविवार को इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी! IMD ने जारी किया ये अलर्ट

Weather forecast for October 4: मौसम विभाग ने कल यानी 4 अक्टूबर के लिए वेदर का लेटेस्ट बुलेटिन जारी कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं, तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट है।

IMD बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में कल बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। बता दें कि भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई है। यह 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है।

केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी

  • मौसम विभाग ने चार अक्टूबर को केरल एवं माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई है। बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।

तमिलनाडु में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

  • IMD के मुताबिक, रविवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और गरज के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
  • लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

आंध्र प्रदेश और केरल में भी आंधी-बारिश का अलर्ट

  • आंध्र प्रदेश तथा केरल और माहे में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश में कुछ इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने की भी आशंका है।

पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली गिरने का खतरा

  • मौसम विभाग ने असम और मेघालय, साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है।
  • ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

कोंकण-गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम

  • दूसरी ओर, कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। दिन के समय उमस के कारण लोगों को परेशानी महसूस हो सकती है।
  • IMD की ओर से जारी बुलेटिन में मछुआरों के लिए किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

2001 के बाद मानसून के दौरान चौथी बार सबसे कम बारिश 

भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई, जो 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है। IMD ने अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा कि इस मानसून में बारिश की कमी का एक प्रमुख कारण प्रशांत क्षेत्र में जून में उभरी अल नीनो की स्थिति थी, जो उसके बाद से मजबूत होती गई। आईएमडी ने कहा कि फिलहाल अल नीनो की स्थिति मजबूत है। इसके मार्च 2027 तक बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून देश में 759.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि सामान्य बारिश 868.6 मिलीमीटर होती है। यह सामान्य से 13 प्रतिशत कम है।

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IMD के महानिदेशक मौसम विज्ञान डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने एक बयान में कहा कि यदि कम दबाव की प्रणालियों के कारण अतिरिक्त बारिश नहीं हुई होती तो देश में बारिश की कमी और अधिक हो सकती थी। उन्होंने कहा कि इस मौसम में 14 कम दबाव की प्रणालियां बनीं और कुल 77 दिन कम दबाव की प्रणालियां सक्रिय रहीं। जबकि सामान्य तौर पर यह अवधि 57 दिन होती है। मानसून की वापसी के बारे में महापात्र ने कहा कि अब तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पूरी दिल्ली से मानसून की वापसी हो चुकी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट चुका है।

आज का मौसम: IMD ने 28 सितंबर को इन 7 राज्यों में दिया आंधी-बारिश का अलर्ट! बिहार, राजस्थान से दक्षिण भारत तक थंडरस्टॉर्म की चेतावनी

Today Weather Forecast 28 Sep 2026: देश के अलग-अलग हिस्सों में बने मौसमी सिस्टम के चलते आज 28 सितंबर को बारिश और आंधी-तूफान का व्यापक असर देखने को मिलेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों तक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने की गंभीर चेतावनी जारी की है।

उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज देश के तीन प्रमुख क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में भी मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है।

अंडमान में 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल की चेतावनी

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास सक्रिय मौसमी चक्र की वजह से वहां स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है। IMD ने चेतावनी दी है कि आज द्वीप समूह में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

पूर्वोत्तर, हिमाचल और राजस्थान में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अनुमान

देश के 7 से अधिक राज्यों में तेज रफ्तार झोंकेदार हवाओं के साथ थंडरस्टॉर्म का अलर्ट जारी किया गया है। असम व मेघालय, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, राजस्थान और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के मैदानी इलाकों से लेकर हिमाचल प्रदेश की वादियों तक आज बादलों की गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं।

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बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों में भी मौसम का रुख बदला हुआ रहेगा। आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

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कल का मौसम 17 सितंबर: दिल्ली-NCR से बिहार तक आंधी-बारिश का अलर्ट, जानिए कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम

Weather forecast for September 17: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों और मौसमी प्रणालियों के असर से झमाझम बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका बनी हुई है। उत्तर भारत में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर पूर्व में बिहार, पश्चिम बंगाल और दक्षिण में तमिलनाडु व केरल तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

बिहार, बंगाल और केरल समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 17 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 8 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में अलग अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कई हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और झारखंड में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी की चेतावनी

उत्तर और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। झारखंड, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर 40-50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाओं के साथ बिजली कड़कने के आसार हैं।

राजस्थान, बंगाल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 30-40 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं

देश के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में थंडरस्टॉर्म, बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक मेंतेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान जताया गया है।

यूपी, एमपी, राजस्थान और बिहार में बिजली चमकने की आशंका

मौसम विभाग ने देश के 13 से अधिक राज्यों में आकाशीय बिजली कड़कने लेकर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। बिहार, उत्तर प्रदेश (पश्चिम राजस्थान व पूर्वी राजस्थान), मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली चमकने की आशंका है।

समुद्र में तूफानी हलचल: मछुआरों के लिए चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

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दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, दक्षिणी श्रीलंका तटों से लगे इलाकों तथा दक्षिणी अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा। इसके अलावा अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।

Weather Alert: दिल्ली-NCR में अचानक बदला मौसम, यूपी-बिहार समेत इन 17 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर के आज तड़के मौसम ने अचानक बदलाव हुआ है। राजधानी दिल्ली समेत आसपास के शहरों में सुबह से ही बारिश हो रही है। वहीं दिल्ली के लोगों को बारिश की वजह से उमस और गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी दिल्ली-एनसीआर में आज और कल यानि रविवार को पूरे दिन हल्की बारिश की संभावना है। वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने 22 अगस्त के लिए यूपी, बिहार समेत 17 राज्यों में मौसम खराब रहने का अनुमान जताया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आज कैसा होगा दिल्ली का मौसम

22 अगस्त को राजधानी में मौसम बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शाम के समय दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और रात में न्यूनतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं रविवार को भी राजधानी में बारिश की संभावना जताई गई है।

यूपी और बिहार का हाल

22 अगस्त को उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के नोएडा, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, बिहार के गया, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट है, जहां हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लखनऊ में तापमान 27 से 32 डिग्री और पटना में 28 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

आईएमडी का अलर्ट

पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है और कुछ जगहों पर ओले गिर सकते हैं। वहीं, पश्चिमी भारत में तेज बारिश का दौर फिर शुरू हो सकता है, जिससे कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी हरियाणा और दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश के आसपास हवा में चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। इसका असर आसपास के इलाकों के मौसम पर पड़ सकता है।

इन राज्यों में होगा भारी बारिश

मौसम विभाग ने 22 अगस्त को देश के कई राज्यों में खराब मौसम की आशंका जताई है। यूपी, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और असम में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

कनाडा में प्रदर्शन कर रही पंजाबी छात्रा का दर्द:रोकर बोली- जमीन बेच पढ़ने भेजा, यहां वर्क परमिट नहीं दे रहे, घर में आटा भी नहीं आ रहा

कनाडा के पोर्टाज कॉलेज में पढ़ रहे पंजाबी छात्रों का आंदोलन में दर्द छलका है। पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के रिजेक्शन मिलने से स्टूडेंट्स 3 हफ्ते से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों ने आंकड़े शेयर करते हुए बताया कि हालिया पोल्स के मुताबिक, 485 रिजेक्शन के मुकाबले 50 से भी कम अप्रूवल मिले हैं। जबकि, पोटाज कॉलेज ने एडमिशन के वक्त वादा किया था कि उन्हें PGWP मिलेगा और उनकी डिग्री वैध होगी। अब जब उनके लाखों रुपए कोर्स पर बर्बाद हो गए तो घर जाने के लिए कह रहे हैं। पंजाब की एक छात्रा ने बताया- हालात ये हैं कि रेंट मांगकर भरना पड़ रहा है। 3 दिन भूखी रही। हफ्तों आटा नहीं आ पा रहा। मुझे भेजने के लिए ससुरालवालों ने जमीन तक बेच दी। 22 से 25 लाख रुपए बर्बाद हो गए। अब ससुराल वालों को क्या बताऊं, कैसे घर जाऊं? जो लोग सोचते हैं कि कनाडा में मजे हैं, वे देखे लें, ये यहां की कड़वी सच्चाई है। एक अन्य स्टूडेंट ने बताया कि कनाडा में वर्क परमिट के चक्कर में वह दादा की मौत पर नहीं जा पाई। अब पैसा बर्बाद हो चुका है। घरवालों को क्या बताएं? यह कहते ही वह रोने लगी। पिता की मौत पर 1 साल पहले घर गई छात्रा को कनाडा इमिग्रेशन विभाग ने यह कहते हुए वर्क परमिट देने से इनकार कर दिया कि उसकी एंट्री 2024 में नहीं हुई है। धरना दे रहे स्टूडेंट्स की ऐसी ही दर्द भरी कहानियां हैं। कुछ पर कर्ज का बोझ है तो कई पेरेंट्स को न बता पाने से डिप्रेशन में हैं। आइए जानते हैं, उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी… सड़कों पर धरना दे रहे स्टूडेंट्स ने परेशानियां बताईं… ससुरालवालों ने जमीन बेचकर भेजा, यहां भूखी रह रही हूं अपना नाम न बताते हुए एक मैरिड छात्रा ने बताया कि वह 2 साल से ज्यादा वक्त से कनाडा के पोर्टाज कॉलेज में पढ़ रही है। ससुराल वालों ने अपनी जमीन बेचकर उसे यहां भेजा था। अब इमिग्रेशन विभाग ने कहा कि उनकी डिग्री मान्य नहीं है। छात्रा ने बताया- हालात ये हैं कि किराए तक के पैसे नहीं हैं। गैस स्टेशन पर काम तक नहीं मिल रहा। मैं 3 दिन भूखी रही। 7-7 दिन घर पर आटा नहीं आ रहा है। अब मैं अपने ससुरालवालों से क्या कहूं और उनका 22 लाख रुपए का कर्ज कैसे लौटाऊं? जब यहां कोई काम ही नहीं मिल रहा है। 32 हजार डॉलर फीस भरी गई। हम 24 घंटे नियमों और कायदों के दायरे में रहे और कभी कोई गलत काम नहीं किया। मुझे पता है कि उन्होंने फीस के पैसे कैसे जुटाए थे। कॉलेज के खिलाफ वकील तक नहीं कर सकते पंजाबी स्टूडेंट जशन सिंह ने बताया कि किसी को भी इस बात की उम्मीद नहीं थी। वह अपना 2 साल का डिप्लोमा पूरा कर वर्क परमिट के लिए आए थे, लेकिन हाल ही में नियम बदलने के कारण बड़ी संख्या में रिजेक्शन मिलने लगे हैं। उनका सवाल यह है कि अगर मंजूरी या रिजेक्शन मिल रहा है, तो वह किस आधार पर दिया जा रहा है? जशन ने कहा- हम मुख्य कैंपस भी गए थे और इस मुद्दे पर बात की थी, लेकिन वहां से कोई समाधान नहीं मिला। कॉलेज प्रशासन का साफ कहना था कि वे न तो वकील कर सकते हैं और न ही किसी तरह की मदद कर सकते हैं। दादा की मौत पर पंजाब नहीं जा पाई, यहां भी सब बर्बाद हो गया पंजाबी छात्रा जसमीत कौर ने रोते हुए बताया कि वह यहां 3 साल पहले एल्गोमा यूनिवर्सिटी आई थी, लेकिन फीस ज्यादा होने के कारण उसने अपनी पढ़ाई बदल ली। उसने यहां सब पता किया था कि कोर्स के बाद PGWP मिलेगा और इसका भविष्य में अच्छा स्कोप है। 2 साल पढ़ाई करने के बाद अब सब कुछ बेकार लग रहा है। जसमीत कौर ने कहा- मेरे लगभग 32 हजार डॉलर डूब गए हैं। इसी दौरान मेरे दादा की मौत हो गई। अगर मुझे पहले से पता होता कि ऐसा सब होने वाला है, तो मैं सब कुछ छोड़कर तुरंत वापस चली जाती, ताकि कम से कम आखिरी बार अपने दादा को देख पाती। अब न तो वे वापस आ सकते हैं और न ही पैसे वापस मिल सकते हैं। कॉलेज की भेजी हुई ईमेल भी, फिर भी नहीं मान रहे एक अन्य स्टूडेंट ने बताया कि उनके कॉलेज की तरफ से उन्हें साफ कहा गया था कि वे PGWP के लिए एलिजिबल हैं। इसके लिए उनके पास कॉलेज की भेजी हुई ईमेल भी है। कॉलेज ने उन्हें एक पत्र भी दिया था, ताकि वे उसका उपयोग कर वर्क परमिट ले सकें, लेकिन अब इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) उस पत्र को भी खारिज कर रही है और कह रही है कि यह मान्य कारण नहीं है। छात्र मई 2023 में पढ़ाई के लिए आए थे और जब नवंबर 2024 में नया नियम लागू हुआ, तब तक उनकी पढ़ाई लगभग पूरी हो चुकी थी। आशीष बोले- सांसद और विधायक प्रदर्शन में साथ दें स्टूडेंट आशीष बूरा ने कहा कि सभी छात्र आज अपनी मांग उठाने के लिए एकत्र हुए हैं। पहले वे सिटी हॉल गए थे, लेकिन वहां ज्यादा देर रुकने की अनुमति नहीं मिली, इसलिए फिर उन्होंने इस जगह पर इकट्ठा होने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि अब उनके कई साथी भाई-बहन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। वहां काफी संख्या में छात्र जमा हैं और उन्होंने लोगों से समर्थन मांगने के लिए हॉर्न बजाने की अपील करने वाले पोस्टर लगाए हैं, जिस पर सड़कों से गुजरने वाले लोग लगातार हॉर्न बजाकर अपना पूरा समर्थन दिखा रहे हैं। आशीष ने स्थानीय सांसदों (MP) और विधायकों (MLA) से भी इस प्रदर्शन में साथ देने की अपील की है, क्योंकि यह पूरी बिरादरी और समाज का मामला है। उनकी सरकार से बस यही मांग है कि सभी छात्रों के साथ पूरा इंसाफ और न्याय किया जाए। मानसिक और आर्थिक संकट से जूझ रहे पंजाबी स्टूडेंट्स छात्रों ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वे मानसिक तनाव, चिंता, डिप्रेशन और आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। उनके हेल्थ कार्ड और सिन (SIN) नंबर एक्सपायर हो चुके हैं, जिससे वे काम भी नहीं कर पा रहे हैं। छात्रों का तर्क है कि अगर छात्र कोई नियम तोड़ते हैं तो उन पर पेनल्टी लगती है या फीस दोबारा ली जाती है। अब जब IRCC और कॉलेज अपनी कही बातों से मुकर रहे हैं और अचानक नियम बदलकर गलतियां कर रहे हैं, तो वे इसका हर्जाना छात्रों को क्यों नहीं देते? पूर्व सांसद छात्रों के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैलगरी के पूर्व सांसद और वकील देवेंद्र शौरी ने छात्रों के समर्थन में कहा कि कनाडा सरकार को अपने नियमों में मानवीय दृष्टिकोण रखना चाहिए। छात्रों को एक रास्ता दिखाया गया था, उन्होंने पैसे और समय लगाया और जब वे मंजिल के पास पहुंचे तो उनसे सीढ़ी खींच ली गई, जो पूरी तरह से गलत है। PGWP किसे मिलता है? PGWP एक ऐसा ओपन वर्क परमिट है जो अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को कनाडा में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद काम करने की अनुमति देता है। इसके लिए जरूर है कि छात्र ने किसी डेजिग्नेटेड लर्निंग इंस्टीट्यूशन (DLI) से पढ़ाई पूरी की हो जो PGWP देने के लिए पात्र हो। इसके अलावा, प्रोग्राम की अवधि कम से कम 8 महीने की होनी चाहिए। 8 महीने से छोटे कोर्स के लिए PGWP नहीं मिलता। पढ़ाई के दौरान छात्र का लगातार फुल-टाइम स्टूडेंट रहना अनिवार्य है। कोर्स पूरा होने के 180 दिनों के भीतर आवेदन करना होता है। आवेदन के समय छात्र के पास वैध स्टडी परमिट या लीगल टेंपररी स्टेटस होना चाहिए। वे नॉन-क्रेडिट प्रोग्राम जिन पर PGWP नहीं मिल रहा क्रेडिट प्रोग्राम वे कोर्स हैं जो किसी आधिकारिक डिग्री, डिप्लोमा या सर्टिफिकेट की ओर ले जाते हैं। इनके अंक यूनिवर्सिटी या कॉलेज की मुख्य शैक्षणिक डिग्री में जुड़ते हैं। वहीं, नॉन-क्रेडिट प्रोग्राम ऐसे कोर्स होते हैं जो आमतौर पर व्यक्तिगत विकास, भाषा सीखने, स्किल ट्रेनिंग, या कम अवधि के वोकेशनल सर्टिफिकेट के लिए होते हैं। इनके अंक मुख्य डिग्री में नहीं जुड़ते। कनाडा के अप्रवासन नियमों के तहत नॉन-क्रेडिट प्रोग्राम PGWP के लिए पात्र नहीं होते। यदि किसी छात्र ने ऐसा कोर्स किया है जिसमें एकेडमिक क्रेडिट नहीं मिलते, तो उसे पढ़ाई के बाद वर्क परमिट नहीं दिया जाता। IRCC ने ये नियम बदले ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… कनाडा में आंधी-बारिश में सड़कों पर 500 पंजाबी छात्र, बोले- लाखों का कोर्स किया, अब वर्क परमिट से इनकार कनाडा में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के आवेदन खारिज होने के बाद करीब 1000 भारतीय छात्र संकट में हैं। ये पिछले 3 हफ्ते से अल्बर्टा के कैलगरी में प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि कुछ ने 29 जुलाई से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इनमें 500 छात्र पंजाबी हैं। जो बारिश, तेज धूप और खराब मौसम के बावजूद छात्र अल्बर्टा के कैलगरी में सड़कों पर डटे हुए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

कनाडा में 500 पंजाबी स्टूडेंट्स पर डिपोर्टेशन का खतरा:आंधी-बारिश में सड़कों पर डटे; लड़कियां डिप्रेशन में, बोलीं- पढ़ाई में ₹20 लाख खर्च

कनाडा में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के आवेदन खारिज होने के बाद करीब 500 पंजाबी छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। इसके विरोध में करीब 1,000 भारतीय छात्र पिछले तीन हफ्तों से प्रदर्शन कर रहे हैं। बारिश, तेज धूप और खराब मौसम के बावजूद छात्र अल्बर्टा के कैलगरी में सड़कों पर डटे हुए हैं। कनाडाई इमिग्रेशन अधिकारियों से जवाब मांगने के लिए कुछ छात्रों ने 29 जुलाई से भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। छात्रों का कहना है कि जिन नियमों और भरोसे के आधार पर उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया, लाखों रुपए खर्च कर पढ़ाई पूरी की, अब उसी पढ़ाई को नॉन-क्रेडिटेबल बताकर वर्क परमिट से इनकार किया जा रहा है। इससे कई लड़कियां डिप्रेशन में हैं, सिर पर परिवार का कर्ज है। उन्होंने कनाडा में पढ़ाई की है, इसलिए उन्हें वहां काम करने का मौका मिलना चाहिए। वे चाहते हैं कि कनाडाई अधिकारी उनके मामलों की दोबारा समीक्षा करें। इधर, कनाडा सरकार और अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने कहा कि वह पोर्टेज कॉलेज को सीधे तौर पर फर्जी डिग्री देने वाला संस्थान नहीं कहेंगी, लेकिन उनका मानना है कि संस्थान ने स्थायी निवास (PR) को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर जानकारी दी हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन अंतरराष्ट्रीय छात्रों का वीजा खत्म हो जाएगा और जिनके पास स्थायी निवास (PR) नहीं होगा, उन्हें अपने देश वापस लौटना होगा। छात्र प्रदर्शन क्यों कर रहे, 4 पॉइंट में जानिए… गुरुद्वारा कमेटी आई आगे, कहा- लंगर की फिक्र न करें, हिम्मत रखें
कैलगरी के लोकल गुरुद्वारा साहिब ने छात्रों के लिए दरवाजे खोले हैं। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह समय बहुत कठिन है, लेकिन कोई भी बच्चा पैनिक होकर गलत कदम न उठाए। परिवार से कोई बात न छुपाएं। गुरु घर के दरवाजे सबके लिए खुले हैं। किसी को राशन, लंगर या रहने की दिक्कत हो तो निसंकोच आएं, पूरी मदद की जाएगी। लीगल एक्सपर्ट्स बोले- री-अप्लाई न करें, कोर्ट जाएं
बैठक में पहुंचे कानूनी सलाहकार रमन चहल और हरवीर सिद्धू ने छात्रों को कानूनी रास्ते समझाए। वकीलों ने बताया कि इमिग्रेशन विभाग को तुरंत वेब-फॉर्म के जरिए री-कंसीडरेशन की रिक्वेस्ट भेजी जाए। CS इमिग्रेशन ने ऐलान किया है कि वे सभी छात्रों के लिए यह काम मुफ्त करेंगे। रिफ्यूजल मिलने के 15 दिनों के अंदर छात्रों को फेडरल कोर्ट में मामले को चुनौती देनी होगी। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि छात्र दोबारा वर्क परमिट के लिए री-अप्लाई न करें। अगर फाइल दोबारा रिजेक्ट हुई, तो तुरंत देश छोड़ने का नोटिस आ सकता है। 90 दिनों में नए कॉलेज में एडमिशन से बचा सकते स्टेटस
कानूनी सलाहकार रमन चहल और हरवीर सिद्धू ने कहा कि छात्रों को सलाह दी गई है कि कानूनी लड़ाई के साथ-साथ 90 दिनों के भीतर किसी मान्यता प्राप्त पब्लिक कॉलेज में नया कोर्स लेकर अपना स्टूडेंट स्टेटस रीस्टोर करें, ताकि वे कनाडा में लीगल रह सकें। **************** ये खबर भी पढ़ें: कनाडा में 9 हजार पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटकी: नए इमिग्रेशन कानून से शरणार्थी की मान्यता खत्म, 30 हजार स्टूडेंट्स को मिला नोटिस कनाडा में नया इमिग्रेशन बिल पास होने के बाद 9 हजार पंजाबियों पर डिपोर्टेशन की तलवार लटक गई है। इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने C-12 बिल पास होने के बाद 30 हजार शरणार्थियों को नोटिस जारी किए हैं। नए बिल में शरणार्थियों की मान्यता खत्म कर दी गई है। (पढ़ें पूरी खबर)

Weather Update : देशभर में मानसून हुआ सक्रिय, 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़-भूस्खलन से जम्मू-कश्मीर बेहाल

Monsoon becomes active across country, heavy rain alert for 18 states

Weather Update News : भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के लगभग 18 राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात, केरल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत कई राज्‍यों में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने की संभावना जताई है। जम्मू-कश्मीर में लगातार मूसलाधार बारिश से गुरेज में 4 जगह बादल फटने, बडगाम में बाढ़ और कई जिलों में भूस्खलन से तबाही हुई। बडगाम में सुखनाग नाला में बाढ़ से कई दुकानें बह गईं। खराब मौसम को देखते हुए सरकार ने सभी स्कूलों में 26 जुलाई तक छुट्टियां बढ़ा दी हैं।

 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के लगभग 18 राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात, केरल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत कई राज्‍यों में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने की संभावना जताई है।

 

कैसा है जम्मू-कश्मीर का हाल?

जम्मू-कश्मीर में लगातार मूसलाधार बारिश से गुरेज में 4 जगह बादल फटने, बडगाम में बाढ़ और कई जिलों में भूस्खलन से तबाही हुई। बडगाम में सुखनाग नाला में बाढ़ से कई दुकानें बह गईं। खराब मौसम को देखते हुए सरकार ने सभी स्कूलों में 26 जुलाई तक छुट्टियां बढ़ा दी हैं। उत्तर प्रदेश के मेरठ, शामली, बागपत, बिजनौर, आगरा, मथुरा, रामपुर, बरेली, अलीगढ़, झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है।

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मौसम विभाग ने बिहार के कई इलाकों में अगले 24-48 घंटों के दौरान तूफानी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर में आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकतर क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी तथा एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। ओडिशा के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहेगी।

यहां 2 स्थानों पर हुआ भूस्खलन

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के चलते पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2 स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे हाईवे करीब 6 घंटे तक बंद रहा। मदाना और शींदरा क्षेत्र में मलबा आने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सांबा, कठुआ, राजोरी, पुंछ और बनी क्षेत्र में लगातार बारिश से सड़कें बंद हो गईं।

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मौसम विभाग के अनुसार पिछले तीन दिनों में सबसे अधिक बारिश कटड़ा में 245.6 मिमी दर्ज की गई। पुंछ में 204.5 मिमी, राजोरी में 186.2 मिमी, रियासी में 184.5 मिमी और उधमपुर में 155.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने आज हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, किन्नौर और सिरमौर जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 

 

मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून का ब्रेक टूटते ही बादल झूमकर बरसे। सोमवार आधी रात के बाद से प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा का सिलसिला शुरू हुआ तो मंगलवार रात तक रुक-रुक कर चलता रहा। सीधी जिले की मझौली तहसील में सबसे अधिक 124.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। अगले 48 घंटे के दौरान भी प्रदेश के कई जिलों में वर्षा की संभावना है।

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आईएमडी ने की यह अपील

आईएमडी ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन व मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। ट्रेकिंग और अन्य पर्वतीय गतिविधियों से भी फिलहाल परहेज करने का सुझाव दिया गया है।

मौसम की पल-पल की लाइव रिपोर्ट और अपने जिले के सटीक पूर्वानुमान के लिए हमारे साथ बने रहें।