Weather Alert: दिल्ली-NCR में अचानक बदला मौसम, यूपी-बिहार समेत इन 17 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर के आज तड़के मौसम ने अचानक बदलाव हुआ है। राजधानी दिल्ली समेत आसपास के शहरों में सुबह से ही बारिश हो रही है। वहीं दिल्ली के लोगों को बारिश की वजह से उमस और गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी दिल्ली-एनसीआर में आज और कल यानि रविवार को पूरे दिन हल्की बारिश की संभावना है। वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने 22 अगस्त के लिए यूपी, बिहार समेत 17 राज्यों में मौसम खराब रहने का अनुमान जताया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आज कैसा होगा दिल्ली का मौसम

22 अगस्त को राजधानी में मौसम बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शाम के समय दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और रात में न्यूनतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं रविवार को भी राजधानी में बारिश की संभावना जताई गई है।

यूपी और बिहार का हाल

22 अगस्त को उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के नोएडा, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, बिहार के गया, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट है, जहां हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लखनऊ में तापमान 27 से 32 डिग्री और पटना में 28 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

आईएमडी का अलर्ट

पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है और कुछ जगहों पर ओले गिर सकते हैं। वहीं, पश्चिमी भारत में तेज बारिश का दौर फिर शुरू हो सकता है, जिससे कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी हरियाणा और दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश के आसपास हवा में चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। इसका असर आसपास के इलाकों के मौसम पर पड़ सकता है।

इन राज्यों में होगा भारी बारिश

मौसम विभाग ने 22 अगस्त को देश के कई राज्यों में खराब मौसम की आशंका जताई है। यूपी, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और असम में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

असम बाढ़ : 10 हजार परिवारों तक राहत पहुंचाएगा रिलायंस फाउंडेशन, 4 हजार मवेशियों की भी होगी देखभाल

Reliance Foundation has launched relief operation to assist flood-affected people in Assam

– वनतारा, रिलायंस रिटेल और जियो भी इस अभियान में सहयोग कर रहे

– शिवसागर और चराइदेव जिलों में 5 लाख से अधिक लोग प्रभावित

– पशुधन की सहायता के लिए वनतारा की 39 सदस्यीय टीम तैनात

ऊपरी असम में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए रिलायंस फाउंडेशन ने राहत अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत शिवसागर और चराइदेव जिलों के कम से कम 10 हजार परिवारों तक भोजन, सुरक्षित पेयजल, राशन, स्वास्थ्य और अस्थाई आश्रय से जुड़ी सहायता पहुंचाई जाएगी। दोनों जिलों में पांच लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 

 

रिलायंस फाउंडेशन की आपदा प्रबंधन टीम ने जिला प्रशासन और स्थानीय संगठनों के साथ प्रभावित इलाकों का आकलन करने के बाद राहत कार्य शुरू किए हैं। वनतारा, रिलायंस रिटेल और जियो भी इस अभियान में सहयोग कर रहे हैं। 

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जिन परिवारों के पास भोजन या राशन की व्यवस्था नहीं है, उनके लिए सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। इसके साथ ही सूखे राशन के पैकेट भी बांटे जाएंगे। विस्थापित परिवारों के लिए तिरपाल, ग्राउंडशीट, मच्छरदानी, रस्सी और बिस्तर वाले आपातकालीन आश्रय किट की व्यवस्था की जा रही है। 

 

बाढ़ के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। स्वास्थ्य सेवाएं जल्द बहाल करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सफाई और मरम्मत शुरू की गई है। प्रभावित परिवारों को स्वच्छ पेयजल तथा साफ-सफाई से जुड़ी जरूरी किट्स भी उपलब्ध कराई जा रही है।

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पालतू पशुओं को हुए नुकसान को देखते हुए वनतारा की 39 सदस्यीय टीम भी मौके पर तैनात की गई है। टीम पशुओं के इलाज और देखभाल के साथ स्थानीय समुदाय के दूसरे जानवरों की भी सहायता करेगी। रिलायंस फाउंडेशन ने करीब 4 हजार प्रभावित मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। 

 

राहत सामग्री जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे, इसके लिए फाउंडेशन की टीमें जिला प्रशासन, सरकारी विभागों, स्थानीय संस्थाओं और सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।

असम में बाढ़ का कहर, एक दिन में 10 लोगों की मौत, 6.53 लाख से ज्यादा लोग हुए प्रभावित

Assam Flood Update: असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बुधवार को राज्य के 11 जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिला, जिससे करीब 6.53 लाख लोग प्रभावित हुए और एक ही दिन में 10 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात में जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, मंगलवार आधी रात से लेकर 24 घंटों के भीतर बाढ़ के कारण 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही, इस साल बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है। इससे पहले गुवाहाटी में एक व्यक्ति की मौत हुई थी।

प्राधिकरण ने बताया कि शिवसागर और जोरहाट जिलों में तीन-तीन लोगों की मौत हुई, जबकि चराइदेव में दो और कार्बी आंगलोंग तथा धेमाजी में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।

अगले चार दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कर लोगों से किसी भी आपदा के लिए तैयार रहने को कहा। साथ ही, विभाग ने अगले चार दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया है, क्योंकि कुछ जगहों पर आंधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 11 जिलों में 6,53,100 से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें शिवसागर, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग और नगांव जिले शामिल हैं।

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित शिवसागर जिला है, जहां करीब 4 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, चराइदेव में लगभग 1.11 लाख लोग और जोरहाट में 97 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं।

मंगलवार तक राज्य के 12 जिलों में करीब 5.65 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, असम में 939 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 24,897.27 हेक्टेयर खेती की जमीन को नुकसान पहुंचा है।

राज्य प्रशासन बचाव कार्य में जुटा

ASDMA ने बताया कि राज्य प्रशासन 10 जिलों में 487 शेल्टर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जहां 24,418 लोगों की देखभाल की जा रही है।

इसमें आगे कहा गया कि सेना, NDRF, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, पुलिस और सिविल एजेंसियों ने चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग और शिवसागर से 8,500 से ज्यादा लोगों को बचाया है।

ASDMA ने आगे बताया कि खोवांग में बुरीदिहिंग नदी, शिवसागर में दिखौ नदी, नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी और श्रीभूमि में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं, नांगलमुराघाट में दिसांग नदी का जलस्तर अब तक के सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर से ऊपर पहुंच गया है।