IMD Weather Update: दक्षिण भारत में दस्तक दे रहा पूर्वोत्तर मानसून, 14 से 19 अक्टूबर तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

North-East Monsoon 2026: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा और मौसमी बदलाव दर्ज किया जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक देश के शेष हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अगले दो दिनों के दौरान इसके पूरी तरह पीछे हटने के साथ ही दक्षिण प्रायद्वीप में पूर्वोत्तर मानसून की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पूर्वोत्तर मानसून के आगमन के साथ ही दक्षिण भारत के कई राज्यों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का एक लंबा और व्यापक दौर शुरू होने वाला है।

पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है जबकि पूर्वी राजस्थान में छिटपुट जगहों पर ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आई हैं।

दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय, इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण प्रायद्वीप में मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश का जोर काफी बढ़ गया है। श्रीलंका तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जिससे जुड़ी एक ट्रफ रेखा मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली है। इसके अलावा दक्षिण अंडमान सागर पर भी एक चक्रवाती सिस्टम मौजूद है। इन प्रणालियों के असर से दक्षिण भारत के अलग अलग राज्यों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का कड़ा पहरा रहेगाय़ तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान व्यापक बारिश होगी और कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

केरल और माहे में 15 से 19 अक्टूबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 से 18 अक्टूबर के दौरान और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर के बीच भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा के कुछ हिस्सों में 14 से 18 अक्टूबर तक भारी बारिश का दौर चलेगा। तेलंगाना में भी 17 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है। तमिलनाडु, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के तटीय इलाकों में 15 से 17 अक्टूबर के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

उत्तर-पश्चिम भारत और पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर

उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर नजर डालें तो उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू-कश्मीर पर तथा उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान पर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 13 से 15 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से बारिश और बर्फबारी होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 14 और 15 अक्टूबर को झमाझम बारिश के साथ-साथ 40 से 60 किमी/घंटे की गति से तेज आंधी और ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी की गई है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी 13 से 19 अक्टूबर के बीच रुक-रुक कर बारिश और 15 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि व आंधी का दौर रहेगा। राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 से 16 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बौछारें और तेज हवाएं चल सकती हैं।

मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत का मौसम हाल

मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में 13 से 19 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी। पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 13 और 14 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी, जबकि ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के कुछ हिस्सों में 14 से 19 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 17 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा। पश्चिम भारत के कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 14 से 19 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश के साथ-साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

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23 सितंबर की रात टकराएगा चक्रवाती दबाव, 12 घंटों में बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन बनेगा डीप डिप्रेशन! इन 8 राज्यों के लिए अलर्ट जारी

IMD Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती दबाव (डिप्रेशन) अब और ज्यादा खतरनाक रूप लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के एक विशेष बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना यह डिप्रेशन पिछले 6 घंटों के दौरान 17 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। आज सुबह 5:30 बजे यह डिप्रेशन अक्षांश 17.9°N और देशांतर 86.3°E के पास स्थित था। यह ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 220 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 220 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 230 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 320 किमी पूर्व में केंद्रित था।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह चक्रवाती दबाव और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच एक डीप डिप्रेशन के रूप में विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से देश के 8 राज्यों में भीषण बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

चक्रवाती दबाव के सीधे असर की वजह से ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश (यणम सहित) में मौसम सबसे ज्यादा बिगड़ेगा। ओडिशा में 22 सितंबर को ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं 23 और 24 सितंबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश होगी जबकि दक्षिणी ओडिशा में कुछ जगहों पर बहुत भारी और अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 25 सितंबर को भारी से बहुत भारी और 26 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी।

तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 सितंबर को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 23 और 24 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश व यणम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश, जबकि उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके बाद 25 सितंबर को भी तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है।

छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश का मौसम

इस चक्रवाती सिस्टम का असर मध्य भारत तक देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 22 सितंबर को भारी बारिश, 23 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 24 सितंबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। राज्य में 25 और 26 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश जारी रहने का अलर्ट है। तेलंगाना में 22, 23 और 24 सितंबर को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 25 सितंबर को अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 और 24 सितंबर को भारी बारिश होगी, जो 25 और 26 सितंबर को और बढ़कर बहुत भारी बारिश में बदल सकती है। वहीं विदर्भ क्षेत्र में 23 से 26 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल पर भी असर

पूर्वी भारत के दूसरे राज्यों में झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल शामिल हैं, जहां इस चक्रवाती दबाव की वजह से लगातार बारिश होगी। झारखंड में 22 से 26 सितंबर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होगी। राज्य में 24 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक कई जगहों पर भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। यहां भी 24 सितंबर को अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

समुद्र में तूफानी हवाओं और तटीय इलाकों के लिए चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में इस डिप्रेशन के कारण समुद्र की स्थिति बेहद उग्र और तूफानी बनी हुई है। वर्तमान में पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिनके झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रहे हैं। 22 सितंबर की शाम से हवा की गति बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) और 23 सितंबर से 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी प्रति घंटे (झोंके 75 किमी प्रति घंटे) तक पहुंचने की संभावना है।

उत्तर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों में 22 सितंबर की सुबह से 45 से 55 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल रही हैं, जो 23 सितंबर को बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) हो जाएंगी। तटीय इलाकों की बात करें तो दक्षिणी ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के तटों पर 22 सितंबर की तड़के से ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से तूफानी मौसम शुरू हो चुका है। यह आज शाम से बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे) और 23 सितंबर की तड़के से 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी प्रति घंटे (झोंके 75 किमी प्रति घंटे) तक पहुंच जाएगा, जिसके बाद धीरे-धीरे कमी आएगी।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश व यणम के तटीय इलाकों में 23 और 24 सितंबर के दौरान 45 से 55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) की गति से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

अंडमान से उठ रहा नया चक्रवाती सिस्टम, एमपी से दिल्ली-यूपी, बिहार 24 सितंबर तक इन राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 सितंबर को देश के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर एक नया मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके से 24 सितंबर तक देश के अधिकांश राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं।

अंडमान सागर में बनेगा लो प्रेशर, ओडिसा-आंध्र की तरफ बढ़ेगा सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर में उभरने की संभावना है। इसके असर से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इसके बाद यह धीरे-धीरे और मजबूत होकर अगले 3-4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों की ओर रुख करेगा। इसके अलावा उत्तरी गुजरात, सिक्किम और पूर्वी बांग्लादेश पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। वहीं, सिक्किम से उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक और मराठवाड़ा से दक्षिण-पूर्वी अरब सागर तक ट्रफ रेखाएं गुजर रही हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-एनसीआर का मौसम (18 से 24 सितंबर)

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 से 19 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 20 सितंबर तक हल्की से छिटपुट बारिश के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में 18 सितंबर को व्यापक बारिश होगी और बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 सितंबर को भी यहां भारी बारिश हो सकती है जबकि 19 से 22 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश जारी रहने की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 18 सितंबर और 23-24 सितंबर को छिटपुट बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 24 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

मध्य और पूर्वी भारत: एमपी, बिहार और ओडिशा का हाल

पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 19 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 18 और 24 सितंबर को पश्चिम मध्य प्रदेश में तथा 24 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 18-19 सितंबर और 21-24 सितंबर तक जबकि छत्तीसगढ़ में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 22 से 24 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार में 18 से 24 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश का अनुमान है जिसमें 18 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 19 व 24 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 23-24 सितंबर को भारी बारिश होगी। ओडिशा में 18-19 सितंबर और 22 सितंबर को भारी बारिश तथा 23-24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है।

18 सितंबर को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 और 24 सितंबर को तथा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 24 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। 18 सितंबर को असम-मेघालय में और 19-20 सितंबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में भारी बारिश का अलर्ट है। कोंकण और गोवा में 18 सितंबर तथा 21 से 24 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 18 सितंबर को तथा 20 से 22 सितंबर तक भारी वर्षा हो सकती है।

दक्षिण भारत: 40-50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

केरल व माहे और लक्षद्वीप में 18 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तटीय कर्नाटक में 20 से 24 सितंबर, आंतरिक कर्नाटक व तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर तक, केरल-माहे में 18-20 सितंबर व 24 सितंबर, तटीय व आंतरिक कर्नाटक में 20-24 सितंबर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18-24 सितंबर, तटीय आंध्र प्रदेश में 18-20 सितंबर व 23-24 सितंबर और तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर के बीच 40 से 50 किमी/घंटे की गति से (झोंके 60 किमी/घंटे तक) तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा में 18 से 22 सितंबर तक तेज सतही हवाएं चलेंगी। केरल और माहे में 18 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

मछुआरों के लिए अलर्ट और समुद्री स्थिति

सोमालिया तट के पास और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 23 सितंबर तक तथा पश्चिम-मध्य अरब सागर में 18 सितंबर को मछुआरों को न जाने की सलाह दी गई है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के इलाकों में 23 सितंबर तक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 19 से 23 सितंबर तक और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी व म्यांमार तट के पास 21-22 सितंबर को तूफानी मौसम रहेगा।

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Heavy Rain Alert: कहीं भारी बारिश तो कहीं लैंडस्लाइड का खतरा! IMD ने इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Weather Alert: देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है। देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज होने वाली है, जिससे आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, पूर्वी भारत में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, वहीं पश्चिम बंगाल के आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी पंजाब के ऊपर चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हो रहा है, वहीं ओडिशा के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने से आसपास के इलाकों में बारिश बढ़ सकती है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण कई राज्यों में बादल छाए रहने और अलग-अलग जगहों पर बारिश होने के आसार हैं

आईएमडी ने आज दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत 16 राज्यों के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में भारी बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में बारिश से भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है। कुछ जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी मानने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन राज्यों में होगी तेज बारिश

मानसून की सक्रियता के चलते देश के कई राज्यों में मौसम बिगड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 30 अगस्त को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, हरियाणा समेत कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भी बारिश के कारण परेशानी बढ़ सकती है। वहीं झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में भी कई जगहों पर जोरदार बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को जलभराव और अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

कैसा होगा दिल्ली का मौसम

दिल्ली में मौसम एक बार फिर बदलता हुआ नजर आ सकता है। राजधानी के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। लोगों को बारिश और तेज हवा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार में 30 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। यूपी के कई जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चल सकती है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

Weather Alert: दिल्ली-NCR में अचानक बदला मौसम, यूपी-बिहार समेत इन 17 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर के आज तड़के मौसम ने अचानक बदलाव हुआ है। राजधानी दिल्ली समेत आसपास के शहरों में सुबह से ही बारिश हो रही है। वहीं दिल्ली के लोगों को बारिश की वजह से उमस और गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी दिल्ली-एनसीआर में आज और कल यानि रविवार को पूरे दिन हल्की बारिश की संभावना है। वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने 22 अगस्त के लिए यूपी, बिहार समेत 17 राज्यों में मौसम खराब रहने का अनुमान जताया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आज कैसा होगा दिल्ली का मौसम

22 अगस्त को राजधानी में मौसम बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शाम के समय दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और रात में न्यूनतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं रविवार को भी राजधानी में बारिश की संभावना जताई गई है।

यूपी और बिहार का हाल

22 अगस्त को उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों राज्यों के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के नोएडा, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, बिहार के गया, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट है, जहां हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लखनऊ में तापमान 27 से 32 डिग्री और पटना में 28 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

आईएमडी का अलर्ट

पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है और कुछ जगहों पर ओले गिर सकते हैं। वहीं, पश्चिमी भारत में तेज बारिश का दौर फिर शुरू हो सकता है, जिससे कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी हरियाणा और दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश के आसपास हवा में चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। इसका असर आसपास के इलाकों के मौसम पर पड़ सकता है।

इन राज्यों में होगा भारी बारिश

मौसम विभाग ने 22 अगस्त को देश के कई राज्यों में खराब मौसम की आशंका जताई है। यूपी, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और असम में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

Weather Update: अगले 48 घंटे भारी! यूपी, MP और झारखंड समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, चक्रवाती सिस्टम हुआ एक्टिव

IMD Weather Bulletin: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां प्रचंड रूप पकड़ने की वजह से भारी बारिश का दौर चल रहा है। आने वाले दिनों में भी इसमें राहत की उम्मीद नहीं दिख रही क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 अगस्त को जारी अपने वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटे देश के कई राज्यों में भारी बारिश देखने को मिलेगी। झारखंड और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों पर बने डिप्रेशन (अवदाब) के असर से मौसम का मिजाज काफी आक्रामक हो गया है।

इसके चलते उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उठा यह डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए झारखंड और आसपास के इलाकों में केंद्रित हो गया है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके इसी दिशा में झारखंड और बिहार से होकर गुजरने और धीरे-धीरे कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है। त्तर हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पंजाब के ऊपर ऊपरी हवा का साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जबकि मानसूनी ट्रफ भी अपने सामान्य स्थान पर सक्रिय है।

पिछले 24 घंटों में बदला मौसम का मिजाज

IMD के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भारी बारिश देखने को मिली है। उत्तराखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 21 सेमी से अधिक की बेहद भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं छत्तीसगढ़, असम व मेघालय, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में 12 से 20 सेमी की बहुत भारी बारिश हुई है। इसके अलावा कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में भी 7 से 11 सेमी तक की भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

दक्षिण-पूर्वी UP, MP और झारखंड में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर भारत और मध्य भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर बेहद मूसलाधार यानी अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसी तरह उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड में 18 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य क्षेत्रों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में 18 अगस्त को, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 19 अगस्त के दौरान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 और 20 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में भी अलग-अलग दिनों में तेज बौछारों के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड में 18 से 24 अगस्त तक गरज और चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी।

मध्य भारत और ओडिशा-छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं के साथ बरसेगी आफत

मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 20 अगस्त तक और छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 18 से 22 अगस्त के दौरान तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का अनुमान है। पूर्वी भारत में झारखंड में 18 अगस्त को 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

इनकी स्पीड 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ओडिशा में 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 से 20 अगस्त के दौरान हल्की से मीडियम और कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के राज्यों का हाल

पूर्वोत्तर भारत में असम और मेघालय में 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18 से 24 अगस्त तक लगातार भारी बारिश और बिजली चमकने का दौर जारी रहेगा। पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 18 से 24 अगस्त तक व्यापक बारिश होगी, जबकि मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी गरज-चमक देखने को मिलेगी।

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दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 18 और 19 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और कर्नाटक के अलग अलग इलाकों में तेज सतही हवाएं और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

डीप डिप्रेशन संग 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 7 दिनों तक यूपी समेत 25+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, तूफानी रहेगा मौसम

Heavy Rain Alert: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तटों पर बना डिप्रेशन अब और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक यह मौसमी सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए बालासोर और कैनिंग के बीच पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तटों को पार कर रहा है। इसके असर से देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले सात दिनों (27 जुलाई से 2 अगस्त) तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य महाराष्ट्र में 21 सेमी से अधिक की अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा में अति भारी बारिश (12-20 सेमी) और हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात रीजन, कोंकण-गोवा व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड हुई है।

  • उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का पूर्वानुमान
  • उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
  • उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 30 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। पूरे हफ्ते गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।
  • हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान मूसलाधार से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। इस पूरे क्षेत्र में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई, 29 जुलाई और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। 27 से 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अनुमान है। 27 जुलाई, 30 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।
  • हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: इन क्षेत्रों में 28 से 31 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी, जिसमें 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28-29 जुलाई और 1-2 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। 28 जुलाई से 2 अगस्त के बीच 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान तेज हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच मानसून का मजबूत असर दिखाई देगा।

  • छत्तीसगढ़: 27 और 28 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 29 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • विदर्भ: 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग अलर्ट, बंगाल-बिहार में मूसलाधार

डीप डिप्रेशन का सबसे सीधा प्रभाव पूर्वी भारत के तटीय और मैदानी क्षेत्रों पर पड़ रहा है।

ओडिशा: 27 जुलाई को ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होगी। 27 जुलाई को ही 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश होगी, जबकि 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड: 27 जुलाई को दोनों राज्यों में अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को बंगाल में 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक रोजाना भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • बिहार: 27 जुलाई और 29-30 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।
  • पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी से अति भारी बारिश
  • कोंकण और गोवा: 27 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • मध्य महाराष्ट्र: 27, 28, 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अति भारी बारिश होने का अनुमान है। 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र व कच्छ में 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: अंधड़ और तेज सतही हवाओं की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 27 जुलाई को 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 27 से 29 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है। 27 और 28 जुलाई को इस क्षेत्र में उमस भरी गर्मी बनी रहेगी।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश और 31 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। 27 से 31 जुलाई के दौरान कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

केरल और माहे: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। 27 और 28 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चल सकती हैं।

तेलंगाना और तमिलनाडु: तेलंगाना में 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दोनों क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से अगले 7 दिन खतरनाक मौसम, इन 18 राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश का अलर्ट, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत विकराल और सक्रिय रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में मानसून की स्थिति काफी आक्रामक रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक वायुमंडल में 5 प्रमुख चक्रवाती परिसंचरण और 2 बड़ी ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और असम-मेघालय सहित देश के 18 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश का जोर थोड़ा धीमा रहेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के मुताबिक आने वाले 7 दिनों में आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाल।

वायुमंडल में एक्टिव हैं ये 5 चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां

  • मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में बने ये मौसमी सिस्टम बारिश की गतिविधि को तेज कर रहे हैं:
  • पंजाब पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पंजाब और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण यूपी के मध्य में चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में दक्षिण उत्तर प्रदेश के मध्य भागों पर एक चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है।
  • उत्तरी झारखंड और बिहार पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी झारखंड और उससे सटे बिहार पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इस सिस्टम से लेकर त्रिपुरा तक निचले क्षोभमंडल में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।
  • दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके पड़ोस पर चक्रवाती सिस्टम बरकरार है।
  • पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यहाँ से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन फैली हुई है।
  • इसके अलावा निचले क्षोभमंडल में मध्य असम और उससे सटे नागालैंड पर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जबकि मानसून ट्रफ समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों में कहां कैसी हुई बारिश?

  • अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): उत्तराखंड और मेघालय में बेहद मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
  • बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में दर्ज हुई।
  • भारी बारिश (7 से 11 सेमी): जम्मू-कश्मीर, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में रिकॉर्ड की गई।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई को देश के कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की है। 20 जुलाई को यूपी और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने का अलर्ट है। 20 जुलाई को बिहार के कई जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की बात करें तो 20 और 21 जुलाई को दोनों राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। 20 जुलाई को असम और मेघालय में भीषण बारिश देखने को मिल सकती है।

अगले 7 दिनों का विस्तृत राज्यवार पूर्वानुमान

  • 1-उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान)

उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में 20-23 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को पूरे यूपी में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा 20-21 जुलाई को पूर्वी यूपी और 20-22 जुलाई को पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश हो सकती है। 22-24 जुलाई (पूर्वी यूपी) और 23-25 जुलाई (पश्चिमी यूपी) के दौरान भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

उत्तराखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश, 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: दोनों राज्यों में 20-24/26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20-21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में 22-23 जुलाई और हिमाचल में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: यहां 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 20 से 22 जुलाई के बीच हरियाणा, दिल्ली, पंजाब में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 23-26 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-25 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 20-24 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

  • 2 – पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा)

बिहार: 20 से 22 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी (23-26 जुलाई को छिटपुट)। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 20 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का दौर बना रहेगा।

झारखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 21 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 20-26 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी, जिसमें 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 20, 22 और 23 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

ओडिशा: 20 से 22 जुलाई के दौरान ओडिशा के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

  • 3- उत्तर-पूर्व भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश)

असम और मेघालय: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का अलर्ट है। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिसके बाद 22-26 जुलाई तक भारी बारिश होगी।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: यहाँ 20-26 जुलाई तक भारी से व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश: 20-21 जुलाई और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

  • 4- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ)

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 20-26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-23 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22-24 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश और भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

विदर्भ: 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

  • 5- पश्चिम भारत (महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात)

कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र: कोंकण व गोवा में 20-26 जुलाई और मध्य महाराष्ट्र में 22-23 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 21 और 22 जुलाई को कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 20 और 23-25 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात क्षेत्र: 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 21-22 और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

  • 6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना)

दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 7 दिनों में बारिश थोड़ी सुस्त रहेगी लेकिन 20 जुलाई को तटीय आंध्र प्रदेश व यानम, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। केरल और तटीय कर्नाटक में 24 से 26 जुलाई के दौरान एक बार फिर व्यापक बारिश का दौर लौट सकता है।

आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

जम्मू-कश्मीर (20-26 जुलाई): गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश (20-25 जुलाई): गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल: बिहार व अंडमान-निकोबार (20-26 जुलाई) और झारखंड व ओडिशा (20-24 जुलाई) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और बिजली कड़कने की आशंका है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 20 से 24 जुलाई के दौरान तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में 20 से 26 जुलाई के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

IMD Heavy Rain Alert: 9 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई को जारी ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान मानसून की स्थिति बेहद सक्रिय रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 9 बड़े चक्रवाती सिस्टम, ट्रफ और मौसमी प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी धीमी बनी रहेंगी।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

देश में एक्टिव हैं 9 चक्रवाती सिस्टम

18 जुलाई के मुताबिक देश के आसमान में अभी कई ताकतवर सिस्टम बने हुए हैं-

  • झारखंड-बंगाल पर चक्रवाती परिसंचरण: गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उससे सटे उत्तरी झारखंड पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण इसी क्षेत्र पर समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक लगातार सक्रिय है।
  • बिहार से बंगाल की खाड़ी तक ट्रफ: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी बिहार से लेकर झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।
  • उत्तरी हरियाणा पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पूर्वी यूपी के ऊपर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
  • दक्षिण ओडिशा पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण ओडिशा और उसके आस-पास के इलाके पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
  • उत्तर-पूर्वी असम पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तर-पूर्वी असम और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण लगातार बरकरार है।
  • उत्तरी केरल पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी केरल और उसके आस-पास के क्षेत्र पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ के रूप में 70°E देशांतर के साथ और 30°N अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है जबकि मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): छत्तीसगढ़ और मेघालय में रिकॉर्ड तोड़ बरसात दर्ज की गई है।

बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में दर्ज हुई।

भारी बारिश (7 से 11 सेमी): हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा, ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम और केरल में दर्ज की गई।

अगले 6-7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर)

पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई के दौरान और पश्चिमी यूपी में 19-24-जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 18 जुलाई को छिटपुट बारिश की संभावना है। 18 से 21 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 18 से 20 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 22-24 जुलाई के बीच भारी बारिश भी होगी।

उत्तराखंड में 18-24 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड में अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। इसके साथ ही 18 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 19-20 व 22-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को हिमाचल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 व 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18, 20-21 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में18 जुलाई को छिटपुट और 19-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश और 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश की आशंका है। 18-21 और 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18-19 जुलाई और 24 जुलाई को छिटपुट जबकि 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। 20 से 22 जुलाई के दौरान इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वी राजस्थान में 18-23 जुलाई को छिटपुट और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 20-24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 18-24 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

2- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 18-21 जुलाई तक व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है। 18 से 20 जुलाई के बीच बिहार में बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट है जबकि 21 से 24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। झारखंड में 18-23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी (24 जुलाई को छिटपुट)। राज्य में 18 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 18 और 19 जुलाई को यहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18-19 व 21-22 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 21-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश (20-24 जुलाई को छिटपुट) होगी और 18-20 जुलाई के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को छिटपुट, जबकि 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी।

3- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

असम और मेघालय में राज्यों में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी (21-22 जुलाई को छिटपुट)। 18 जुलाई को असम और मेघालय में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 19-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 21-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 18-20 जुलाई और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 18 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18-24-जुलाई के दौरान लगातार व्यापक बारिश होगी जिसमें 18 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।

आज का मौसम: 7 चक्रवाती सिस्टम हुए एक्टिव, IMD ने बिहार-यूपी समेत इन 16+ राज्यों में धुंआधार बारिश का अलर्ट दिया, 2 जगहों पर रेड वॉर्निंग

India Weather Update: देश भर में मानसून का सबसे रौद्र और व्यापक रूप देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 18 जुलाई के लिए देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 7 बड़े चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इन प्रणालियों के आपस में जुड़ने के कारण देश के 16 से अधिक राज्यों में धुंआधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 2 विशिष्ट क्षेत्रों के लिए रेड वॉर्निंग यानी अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के मुताबिक आज आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

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आसमान में सक्रिय हैं ये 7 बड़े सिस्टम

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक वायुमंडल में एक साथ सात बड़ी मौसमी प्रणालियां मानसून को अत्यधिक तीव्र और खतरनाक बना रही हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उसके पड़ोस पर बना कम दबाव का क्षेत्र आज सुबह पश्चिमी गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी झारखंड के ऊपर स्थित है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। अगले 24 घंटों में इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।

मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अमृतसर, करनाल, बरेली, लखनऊ, पटना, उत्तरी झारखंड व पश्चिमी गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया के केंद्र और डायमंड हार्बर से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।

उत्तरी हरियाणा के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: पूर्वी यूपी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 1.5 और 3.1 किमी की ऊंचाई के बीच लगातार बना हुआ है।

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के इलाकों पर समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर चक्रवाती परिसंचरण: दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।

उत्तरी केरल पर चक्रवाती सिस्टम: उत्तरी केरल और उसके आस-पास के इलाके पर समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

उत्तरी लक्षद्वीप क्षेत्र से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक उत्तरी केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तरी तमिलनाडु से होकर गुजरने वाली ट्रफ लाइन समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर बनी हुई है। उत्तर-पाकिस्तान के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पूर्वी असम का सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ की ट्रफ लाइन अभी भी सक्रिय है।

इन 2 जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की ‘रेड वॉर्निंग’

मौसम विभाग ने आज कुछ इलाकों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ और जलभराव की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज का दिन सबसे भारी रहने वाला है। यहां अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ-साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी (IMD) के मुताबिक, आज देश के चार प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, यहां बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। असम और मेघालय में कई जगहों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

बिहार-यूपी और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के मैदानी और तटीय इलाकों के कुल 11 राज्यों में आज भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों में आज भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में आज कई जगहों पर भारी वर्षा का अनुमान है। मध्य प्रदेश के पूर्वी अंचलों में आज बादल जमकर बरसेंगे। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता से आज कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय राज्य ओडिशा में आज भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। दक्षिण भारत के केरल और माहे में आज भारी बारिश की संभावना है। कर्नाटक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आज भारी वर्षा होने की उम्मीद है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में आज मानसून की छिटपुट से लेकर व्यापक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

तेलंगाना में थंडरस्क्वाल; कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने हवाओं की रफ्तार और आकाशीय बिजली को लेकर भी सख्त चेतावनी जारी की है। तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में आज गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की बहुत संभावना है, जहां हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आज गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, विदर्भ, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में आज गरज-चमक के साथ तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आज दिन भर काफी तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में आज जारी रहेगा उमस का कहर

मौसम के इस अनोखे पैटर्न के बीच देश का एक हिस्सा ऐसा भी होगा जहाँ बारिश न होने से लोग परेशान रहेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक आज हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग जगहों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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