Weather Update : उत्तर भारत में हल्की ठंडक, दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट, कैसा है मुंबई का मौसम?

Weather Update : उत्तर भारत में हल्की ठंडक, दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट, कैसा है मुंबई का मौसम?

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Weather Update 19 October: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। उत्तर भारत में जहां सुबह-शाम गुलाबी ठंडक ने दस्तक दे दी है, वहीं पश्चिमी भारत (विशेषकर मुंबई) में गर्मी और उमस परेशान कर रही है। इसके साथ ही, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। आइए जानते हैं देश भर के प्रमुख शहरों और क्षेत्रों के मौसम का ताजा हाल:

 

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु के तटों पर चक्रवाती परिसंचरण का क्षेत्र बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, 19 से 25 अक्तूबर तक हिमाचल प्रदेश में बारिश या बर्फबारी का पूर्वानुमान नहीं है। अगले 4-5 दिनों में कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

 

दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में हल्की ठंडक

राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में मौसम सुहाना बना हुआ है। राजधानी में आज आसमान साफ है। अधिकतम तापमान 31°C से 33°C और न्यूनतम तापमान 18°C से 20°C के बीच रहने का अनुमान है। सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है, जबकि दिन में खिली हुई धूप निकलेगी। बारिश की संभावना फिलहाल बहुत कम है।

 

मुंबई और पश्चिमी भारत में गर्मी के तेवर तीखे

गर्मी और उमस से लोग परेशान पश्चिमी भारत और खासकर मुंबई में गर्मी के तेवर अभी भी तीखे बने हुए हैं। अधिकतम तापमान 35°C से 36°C के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जिससे गर्मी और उमस अधिक रहेगी। न्यूनतम तापमान लगभग 27°C के आसपास रह सकता है।

 

दक्षिण भारत: भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिण भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां या मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी गई है।

 

मध्य प्रदेश में कैसा है मौसम?

मौसम विभाग (IMD) द्वारा मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई थी। इसके चलते इंदौर समेत कुछ जगहों पर छिटपुट गतिविधियां देखने को मिलीं।

Delhi Weather: बारिश के बाद राजधानी ने ली राहत की सांस, AQI सुधरकर 149 पर पहुंचा; तापमान में भी आई गिरावट

Delhi Weather: दिल्ली में बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत देने के साथ-साथ हवा की सेहत में भी सुधार किया है। गुरुवार को हुई बारिश के बाद राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) घटकर 149 पर पहुंच गया। इससे पहले यानी बुधवार को यह 181 दर्ज किया गया था। बारिश के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट आई। हालांकि, कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का AQI कुछ समय के लिए सुधरकर 83 पर आ गया था, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है। हालांकि, बाद में यह फिर से मध्यम श्रेणी में आ गया और गुरुवार को गिरकर 149 पर पहुंच गया।

AQI के अलग-अलग स्तरों को इस तरह समझा जा सकता है:

0-50 के AQI को ‘अच्छा’, 51-100 को ‘संतोषजनक’, 101-200 को ‘मॉडरेट’ (मध्यम), 201-300 को ‘खराब’, 301-400 को ‘बहुत खराब’ और 401-500 को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा जाता है।

बारिश से मिली राहत, दिल्ली के AQI में सुधार

गुरुवार को दिल्ली के कई हिस्सों में बारिश होने से हवा की गुणवत्ता (एयर क्वालिटी) में सुधार आया है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट भी आई है। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 28.3°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग पांच डिग्री कम है और बुधवार के तापमान के मुकाबले छह डिग्री कम है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच सफदरजंग में 15.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। लोधी रोड पर 20 मिमी, रिज में 25.2 मिमी, पालम में 11.2 मिमी और आयानगर में 7.2 मिमी बारिश हुई।

दिल्ली के अन्य मौसम केंद्रों पर भी अधिकतम तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। पालम में अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि लोधी रोड में यह 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, रिज में अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री और आया नगर में 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

दिन के तापमान में गिरावट के बावजूद, सभी पांचों मौसम केंद्रों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 23.3°C, लोधी रोड पर 22°C और अयानगर में 23.4°C दर्ज किया गया।

दिल्ली भर में जलभराव और ट्रैफिक जाम की खबरें

बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली और हवा की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ, वहीं कई जगहों पर जलभराव के कारण लोगों परेशानी उठानी पड़ी। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था बाधित भी हुई।

जलभराव की शिकायत जखीरा अंडरपास, आश्रम अंडरपास, इंद्रलोक और आजाद मार्केट को जोड़ने वाले अंडरपास, लाजपत नगर फ्लाईओवर और मुनिरका से मिली। वहीं, ITO, आश्रम, कालकाजी मंदिर, ग्रेटर कैलाश, मुनिरका, भैरों मार्ग अंडरपास और मथुरा रोड पर भी ट्रैफिक प्रभावित रहा।

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IMD Heavy Rain Alert: दिल्ली-NCR में मौसम विभाग का ‘रेड अलर्ट’! गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी; घर से निकलने से पहले जान लें अपडेट

IMD Heavy Rain Alert: दिल्ली-NCR में सोमवार, 12 अक्टूबर की सुबह मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की जिला-स्तरीय तात्कालिक चेतावनी (Nowcast Warning) के मुताबिक, दिल्ली के सभी 11 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने, करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

IMD की ओर से जारी यह चेतावनी 12 अक्टूबर 2026 को सुबह 6 बजे जारी की गई थी। यह अलर्ट सुबह 9 बजे तक के लिए वैध थी। इसके अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी आंधी, बिजली गिरने और मध्यम से तेज बारिश की संभावना को देखते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कुछ हिस्सों में सोमवार तड़के भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम बेहद ठंडा हो गया।

दिल्ली के सभी 11 जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के सभी 11 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जबकि बारिश की तीव्रता 15 मिलीमीटर प्रति घंटे से अधिक रहने की आशंका जताई गई है। दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भरने और ट्रैपिक की रफ्तार स्लो होने की आशंका को देखते हुए यात्रा से पहले स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।

दिल्ली में ‘रेड अलर्ट’ वाले जिलों की लिस्ट

– सेंट्रल दिल्ली

– ईस्ट दिल्ली

– नई दिल्ली

– नॉर्थ दिल्ली

– नॉर्थ ईस्ट दिल्ली

– नॉर्थ वेस्ट दिल्ली

– शाहदरा

– साउथ दिल्ली

– साउथ ईस्ट दिल्ली

– साउथ वेस्ट दिल्ली

– वेस्ट दिल्ली

‘रेड अलर्ट’ का मतलब क्या है?

‘रेड अलर्ट’ का मतलब है कि मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए लोगों को तत्काल सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव, ट्रैपिक प्रभावित होने और पेड़ों या कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। बारिश से राजधानी में मौसम ठंडा हो गया है। लेकिन कई इलाकों में जलभराव हो गया। IMD के आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग वेधशाला में सुबह साढ़े पांच बजे तक 40 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि दिल्ली एयरपोर्ट पर 30 मिलीमीटर बारिश हुई।

हरियाणा के इन जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’

दिल्ली से सटे हरियाणा के कई जिलों में भी मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। यहां गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मध्यम से तेज बारिश होने की आशंका है। इन जिलों में बारिश की तीव्रता 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे के बीच रहने की संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ वाले जिले

– फरीदाबाद

– गुरुग्राम

– रोहतक

– सोनीपत

UP के 9 जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी

दिल्ली और हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। IMD के मुताबिक, इन इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इन इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।

‘ऑरेंज अलर्ट’ वाले जिलों की लिस्ट

– अमरोहा

– बागपत

– बिजनौर

– बुलंदशहर

– गौतम बुद्ध नगर

– गाजियाबाद

– हापुड़

– मेरठ

– संभल

रेड और ऑरेंज अलर्ट में क्या अंतर है?

मौसम विभाग की चेतावनियां संभावित मौसम के खतरे और जरूरी कार्रवाई के स्तर को बताती हैं:-

  • रेड अलर्ट: गंभीर मौसम की आशंका होने पर जारी किया जाता है। इसमें लोगों को तत्काल सावधानी बरतने और जरूरी सुरक्षा उपाय करने की सलाह दी जाती है।
  • ऑरेंज अलर्ट: खराब मौसम के लिए तैयार रहने और सतर्कता बरतने का संकेत है। इस दौरान तेज हवाओं, बिजली गिरने और भारी बारिश जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

मौसम खराब होने पर क्या सावधानी बरतें?

IMD ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी है:-

  • बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों में रहने से बचें।
  • पेड़ों के नीचे या कमजोर ढांचों के पास शरण न लें।
  • तेज हवाओं के दौरान ढीली वस्तुओं, होर्डिंग और असुरक्षित संरचनाओं से दूर रहें।
  • जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें और सड़क तथा ट्रैफिक की स्थिति की जानकारी लेते रहें।
  • मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

कल का मौसम 4 October: रविवार को इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी! IMD ने जारी किया ये अलर्ट

Weather forecast for October 4: मौसम विभाग ने कल यानी 4 अक्टूबर के लिए वेदर का लेटेस्ट बुलेटिन जारी कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं, तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट है।

IMD बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में कल बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। बता दें कि भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई है। यह 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है।

केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी

  • मौसम विभाग ने चार अक्टूबर को केरल एवं माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई है। बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।

तमिलनाडु में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

  • IMD के मुताबिक, रविवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और गरज के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
  • लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

आंध्र प्रदेश और केरल में भी आंधी-बारिश का अलर्ट

  • आंध्र प्रदेश तथा केरल और माहे में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश में कुछ इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने की भी आशंका है।

पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली गिरने का खतरा

  • मौसम विभाग ने असम और मेघालय, साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है।
  • ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

कोंकण-गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम

  • दूसरी ओर, कोंकण और गोवा में कुछ स्थानों पर गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। दिन के समय उमस के कारण लोगों को परेशानी महसूस हो सकती है।
  • IMD की ओर से जारी बुलेटिन में मछुआरों के लिए किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

2001 के बाद मानसून के दौरान चौथी बार सबसे कम बारिश 

भारत में जून से सितंबर के बीच इस साल 87.4 प्रतिशत बारिश हुई, जो 2001 के बाद मानसून के मौसम में चौथी सबसे कम बारिश है। IMD ने अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा कि इस मानसून में बारिश की कमी का एक प्रमुख कारण प्रशांत क्षेत्र में जून में उभरी अल नीनो की स्थिति थी, जो उसके बाद से मजबूत होती गई। आईएमडी ने कहा कि फिलहाल अल नीनो की स्थिति मजबूत है। इसके मार्च 2027 तक बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून देश में 759.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि सामान्य बारिश 868.6 मिलीमीटर होती है। यह सामान्य से 13 प्रतिशत कम है।

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IMD के महानिदेशक मौसम विज्ञान डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने एक बयान में कहा कि यदि कम दबाव की प्रणालियों के कारण अतिरिक्त बारिश नहीं हुई होती तो देश में बारिश की कमी और अधिक हो सकती थी। उन्होंने कहा कि इस मौसम में 14 कम दबाव की प्रणालियां बनीं और कुल 77 दिन कम दबाव की प्रणालियां सक्रिय रहीं। जबकि सामान्य तौर पर यह अवधि 57 दिन होती है। मानसून की वापसी के बारे में महापात्र ने कहा कि अब तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पूरी दिल्ली से मानसून की वापसी हो चुकी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट चुका है।

IMD Heavy Rain Alert: उत्तराखंड में रेड कलर वॉर्निंग, UP-MP-दिल्ली संग इन राज्यों में भी मौसम बिगड़ेगा, बारिश और आंधी की चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert Today, September 27: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता अभी थमी नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 27 सितंबर (रविवार) को उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

IMD के मुताबिक, दिल्ली-NCR समेत हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।

उत्तराखंड में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा

IMD के मुताबिक, उत्तराखंड में आज कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। देहरादून के लिए IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में भी 27 सितंबर को लगातार बारिश और बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं तथा गरज-चमक की चेतावनी दर्ज है। लगातार बारिश को देखते हुए राज्य में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

दिल्ली-NCR में भी बारिश और आंधी की आशंका

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज भारी बारिश की आशंका है। IMD ने इन इलाकों में गरज-चमक और बिजली के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई है। हालांकि, दिल्ली के एक स्थानीय IMD केंद्र के पूर्वानुमान में 27 सितंबर के लिए अलग से कोई चेतावनी दर्ज नहीं है। जबकि क्षेत्रीय स्तर पर हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के लिए भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी है। यानी बारिश का असर स्थान विशेष के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।

यूपी और हिमाचल में भी बरसेंगे बादल

हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। जबकि 28 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है। IMD के अनुसार यूपी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

इन राज्यों में भी आंधी-तूफान का अलर्ट

  • IMD के 27 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और मध्य प्रदेश में बिजली चमकने के साथ 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश, पूर्वी यूपी, झारखंड, राजस्थान और तेलंगाना में 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है।
  • असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर बिजली चमकने के साथ गरज-चमक हो सकती है।
  • आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

यूपी, झारखंड और उत्तराखंड में जनजीवन प्रभावित

उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसके कारण अधिकारियों को 27 सितंबर तक चारधाम यात्रा स्थगित करनी पड़ी। उत्तर प्रदेश को उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और इससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र का सबसे अधिक असर झेलना पड़ा। यह मौसम प्रणाली दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रही थी, जिसके कारण भारी बारिश हुई। राज्य के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई। ये सभी मौतें लखीमपुर खीरी, अमेठी और बाराबंकी जिलों में हुई।

100 से अधिक मकानों को नुकसान

अधिकारियों के अनुसार भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं से ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलों और राज्यभर में 100 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा। पिछले 24 घंटों में राज्य में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। झारखंड में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगीं। कुछ इलाकों में लोग घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरते नजर आए। जबकि जलभराव वाली सड़कों पर कई वाहन फंस गए।

एक अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कम से कम छह उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें तीन आने वाली और तीन जाने वाली उड़ानें शामिल हैं। संबंधित जिला प्रशासन के आदेश के बाद रांची और जमशेदपुर समेत कई जिलों में स्कूल बंद रहे। पूर्वी सिंहभूम जिले में सुवर्णरेखा नदी खतरे के निशान से 2.02 मीटर ऊपर बह रही थी। जबकि खरकई नदी खतरे के निशान से 4.50 मीटर ऊपर बह रही थी। उन्होंने कहा कि रांची के हटिया और गेतलसूद बांधों में भी जलस्तर काफी बढ़ गया है।

चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित

उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में भारी बारिश के पूर्वानुमान के चलते चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किए जाने के बाद पांच जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह से ही भारी बारिश हो रही है। जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी हुई। अब तक राज्य में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई। जबकि शिमला और धर्मशाला समेत राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्यभर में 29 सितंबर तक लगातार बारिश का अनुमान जताया है। मौसम कार्यालय ने कहा कि मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहने का अनुमान है। जबकि मैदानी इलाकों, निचले और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में दो अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहेगा। देश के पूर्वी हिस्से में, दक्षिण बंगाल में बारिश की तीव्रता रविवार से कम होने का अनुमान है, क्योंकि वहां मौसम को प्रभावित करने वाली प्रणाली राज्य से दूर जा रही है। मौसम कार्यालय ने कहा कि रविवार से इस क्षेत्र के ज्यादातर इलाकों में मौसम काफी हद तक शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, कुछ एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है।

अरब सागर में भी तेज हवाएं

IMD ने दक्षिण-पश्चिमी अरब सागर में सोमालिया तट और उसके आसपास के समुद्री क्षेत्र में 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं, चलने की संभावना जताई है।

क्यों हो रही है इतनी बारिश?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक उत्तर और मध्य भारत में बारिश के पीछे सक्रिय मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं। एक निम्न दबाव क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। यह स्थिति ऐसे समय बनी है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कुछ हिस्सों से वापस लौटना शुरू कर चुका है। लेकिन उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में मानसून अभी पूरी तरह विदा नहीं हुआ है।

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Gorakhpur Rain Alert: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शनिवार (26 सितंबर) को तेज हवा और भारी बारिश के कारण अलग-अलग स्थानों पर पेड़ गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 14 अन्य लोग घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिले के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव के गजरहिया टोला में शाम करीब चार बजे एक पेड़ झोपड़ी पर गिर गया। इस हादसे में सुभाष (55), महानंद की पत्नी ज्ञानमती देवी (45) और किशन प्रजापति (13) की मौत हो गई। जबकि राममिलन एवं सिरजावती नाम की महिला गंभीर रूप से घायल हो गए।

अधिकारियों के अनुसार, तेज हवा के दौरान कई ग्रामीण गांव के बाहरी हिस्से में बनी इस झोपड़ी में शरण लिए हुए थे। उन्होंने बताया कि पेड़ गिरने के बाद स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला। कैंपियरगंज के उपजिलाधिकारी (SDM) और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। एक अन्य घटना में गगहा थाना क्षेत्र के गजपुर पुलिस चौकी के पास महुआ का पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

80 साल पुराना पेड़ गिरा, पूरा परिवार चपेट में आया

पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान गगहा निवासी भीम कुमार विश्वकर्मा के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, करीब साढ़े तीन बजे धर्मशाला क्षेत्र के जटेपुर दक्षिणी मोहल्ले की काली मंदिर गली में करीब 80 वर्ष पुराना एक पेड़ एक मकान पर गिर गया। पुलिस ने बताया कि इस हादसे के समय घर में करीब 12 लोग मौजूद थे। पुलिस के मुताबिक, पेड़ गिरने से सुरेश, सुभाष, मुन्नी और चुन्नी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने बताया कि पेड़ गिरने से बिजली के कई खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रही। जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP) कौस्तुभ ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सहायता कार्य जारी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले कुछ दिनों तक गोरखपुर में मूसलाधार बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की आशंका है।

सांसद रवि किशन के आवास में घुसा पानी

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गोरखपुर शहर में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। इसी दौरान बीजेपी सांसद रवि किशन के आवास में भी बारिश का पानी पहुंच गया। इसके बाद रवि किशन खुद बाहर निकले और शहर में जलभराव की स्थिति तथा जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया। गोरखपुर में लगातार बारिश के बीच प्रशासन और नगर निगम की टीमें जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने में जुटी हैं। मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने शनिवार को शहर के प्रमुख नाले का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भारी बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में भी जलभराव की समस्या सामने आई है। इससे पहले लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने 26 सितंबर को क्लास 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया था। जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने भी नगर निगम के अधिकारियों से शिकायतें की हैं। विभिन्न इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। लोगों को जलभराव की वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

रवि किशन ने जलभराव का निरीक्षण किया

भारी बारिश के बाद गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने शहर के जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया। रवि किशन ने कहा, “15 से 19 साल में कभी किसी ने ऐसी बरसात नहीं देखी… पूरे शहर में काफी पानी भर गया। अब पानी काफी जगह से उतर रहा है… प्रशासन की तैयारी हमेशा रहती है… महादेव से प्रार्थना है कि बरसात न हो और अगर बरसात नहीं होती है तो यह कल-परसों तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।”

अभिनेता से नेता बने बीजेपी सांसद ने आगे कहा, “अगर बरसात होती है तो आप सभी लोग कृपया बचें और घर से न निकलें…आकाशीय बिजली भी गिर रही है। कैंपियरगंज में पेड़ गिरने से 3 लोगों की मौत हुई है। उनके परिवार के प्रति संवेदना है… हम लोग 24 घंटा मुस्तैद हैं, प्रशासन मुस्तैद है तो पैनिक होने की जरूरत नहीं है।”

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उत्तराखंड में मौसम का कहर! चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, कई जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट

उत्तराखंड में खराब मौसम और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए चार धाम यात्रा को दो दिनों के लिए रोक दिया गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई इलाकों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। इसी को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के लिए यात्रा 27 सितंबर से 28 सितंबर तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने यह कदम देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। वहीं मौसम में सुधार होने के बाद चार धाम यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।

भारी बारिश की वजह से रोकी यात्रा

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने सभी जिलाधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग के रेड अलर्ट और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए चार धाम यात्रा को शनिवार दोपहर से रविवार तक रोकने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने कहा कि मौसम में सुधार होने के बाद चार धाम यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी। मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को उत्तराखंड के कई इलाकों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। शनिवार को बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। वहीं देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी के लिए येलो अलर्ट है।

इन जगहों पर जारी है रेड अलर्ट

उत्तराखंड में रविवार को भी कई जिलों में तेज बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट है, वहीं कुछ अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सतर्क रहने और जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मुख्यमंत्री ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि खराब मौसम को देखते हुए बेवजह यात्रा करने से बचें और कहीं जाने से पहले मौसम व सड़कों की ताजा स्थिति जरूर जांच लें। मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बंद होने की आशंका है, वहीं नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। मैदानी इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बन सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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भारी बारिश के बीच चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित

Chardham Yatra

उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच मौसम विभाग के ‘रेड’ और ‘ऑरेंज अलर्ट’ को देखते हुए शनिवार को चारधाम यात्रा 27 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई जबकि एहतियातन पांच जिलों में स्कूल भी बंद कर दिये गये।

राज्य के अधिकतर हिस्सों में सुबह से भारी बारिश हो रही है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुककर बर्फबारी भी हुई। फिलहाल राज्य में किसी जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

गढ़वाल आयुक्त आनन्द स्वरूप की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए 26 सितंबर की दोपहर से 27 सितंबर तक चारधाम यात्रा स्थगित रहेगी। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र जारी कर दिया गया है।

मौसम विभाग ने शनिवार के लिए बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

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एहतियात के तौर पर बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल बंद कर दिये गये हैं।

रविवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग के लिए ‘ऑरेंज’, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बाधित होने, नदियों में जलस्तर बढ़ने तथा मैदानी इलाकों में जलभराव का खतरा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए ‘रेड अलर्ट’ के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है। उन्होंने नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाने तथा तेज बहाव को पार करने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी।

उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने और नदियों-नालों के जलस्तर, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, पहाड़ी सड़कों, चारधाम मार्गों और प्रमुख पर्यटन स्थलों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राहत एवं बचाव के लिए टीम, जेसीबी, आवश्यक उपकरण और अन्य मशीनरी रणनीतिक स्थानों पर तैयार रखने को कहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।

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कल का मौसम: 27 सितंबर को जमकर बरसेंगे बादल, UP-उत्तराखंड समेत इन 23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 50kmph की स्पीड से चलेंगी हवाएं

September 27 Weather: सितंबर के आखिरी हफ्ते में मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। ऐसे में मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावनता जताई है। वहीं, उत्तराखंड में भी कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। इसके अलावा, दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और आंधी-तूफान की उम्मीद है।

कल दिल्ली-NCR का मौसम

शहर के मौसम के अनुमान के मुताबिक, 27 सितंबर को न्यूनतम तापमान 22°C और अधिकतम तापमान 31°C रहने की उम्मीद है और मौसम को लेकर कोई खास चेतावनी नहीं है। वहीं, फरीदाबाद और गुड़गांव में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है क्योंकि हरियाणा-दिल्ली के बड़े इलाके में भारी बारिश की चेतावनी जारी है।

उत्तर प्रदेश में कल का मौसम

IMD ने 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान लगाया है। हालांकि, 28 सितंबर से मौसम की चेतावनी में राहत मिलने की उम्मीद है।

इस अनुमान को देखते हुए राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और अचानक बाढ़ (flash floods) की आशंका वाले इलाकों में व्यवस्थाओं पर नजर रखें।

इसके अलावा, रेड अलर्ट वाले और अचानक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं।

उत्तराखंड में कल का मौसम

27 सितंबर को उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, साथ ही आंधी-तूफान और बिजली भी कड़क सकती है। वहीं, IMD ने चेतावनी दी है कि 28 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रह सकती है, जिस वजह से भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ सकता है, नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ सकता है और मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है।

राज्य सरकार ने लोगों से सतर्क रहने, गैर-जरूरी यात्रा से बचने और मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखने की अपील की है।

हिमाचल प्रदेश में कल का मौसम

IMD ने 27 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान लगाया है। साथ ही 28 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।

पंजाब में कल का मौसम

पंजाब में भी 27 सितंबर को भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। फिलहाल 28 सितंबर से राज्य के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

झारखंड में कल का मौसम

मध्य और पूर्वी भारत से गुजर रहे मौसम सिस्टम के असर से झारखंड में बारिश हो रही है। 27 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है, जबकि 28 सितंबर से हालात में कुछ सुधार होने की उम्मीद है।

अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और पानी भरे इलाकों से गुजरते समय सावधानी बरतें।

कल राजस्थान का मौसम

राजस्थान में 27 सितंबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के लिए फिलहाल कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।

कल जम्मू-कश्मीर का मौसम

27 सितंबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए मौसम की कोई चेतावनी नहीं है। 28 सितंबर से कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है।

कल ओडिशा का मौसम

भुवनेश्वर स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, कल ओडिशा में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि, राज्य के लिए मौसम की कोई गंभीर चेतावनी नहीं है।

कल आंध्र प्रदेश का मौसम

29 सितंबर तक आंध्र प्रदेश के कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 27 से 30 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है। वहीं, 27 और 28 सितंबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा के झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में भी तेज सतही हवाएं चलने की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर में कल का मौसम

27-28 सितंबर को असम और मेघालय में काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि अरुणाचल प्रदेश में 28 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।

इसेक अलावा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 27 सितंबर को काफी ज्यादा से लेकर व्यापक बारिश होने की संभावना है।

वहीं, अरुणाचल प्रदेश में 27 सितंबर और 29-30 सितंबर को कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 29-30 सितंबर को कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 सितंबर तक ऐसे ही हालात बने रह सकते हैं।

पश्चिम बंगाल में कल का मौसम

ओडिशा के अंदरूनी इलाकों में बने डिप्रेशन और सक्रिय मॉनसून की वजह से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हुई है। दार्जिलिंग में भूस्खलन हुआ है, और IMD ने जिले में और बारिश का अनुमान लगाया है।

कालिम्पोंग और जलपाईगुड़ी में भी मौसम के ऐसे ही हालात रहने की संभावना है, और मौसम विभाग ने दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में भूस्खलन की चेतावनी दी है।

महाराष्ट्र और गुजरात का मौसम

अगले कुछ दिनों के दौरान गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश होने की संभावना है।

कल दक्षिण भारत का मौसम

27 से 30 सितंबर के बीच रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है।

इसी दौरान केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी बारिश हो सकती है, जबकि तटीय कर्नाटक में 27 से 29 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है।

इसके अलावा, उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक और तेलंगाना में 27 से 30 सितंबर के बीच कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। वहीं, दक्षिणी अंदरूनी कर्नाटक में भी 27-28 सितंबर को ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है।

27-28 सितंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में, और 27-28 सितंबर को ही रायलसीमा में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है) चलने की संभावना है।

IMD का ताजा अनुमान

IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक, 27 सितंबर के बाद कई उत्तरी राज्यों में मौसम की तेज गतिविधियां कम हो जाएंगी। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 28 सितंबर को भी बारिश जारी रहने की उम्मीद है, जबकि उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के लिए चेतावनी कम होने की उम्मीद है।

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UP Weather Update: यूपी में अगले कुछ घंटे आसमान से होगी आफत की बारिश! IMD का इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मानसून की विदाई से पहले बादल एक बार फिर जमकर बरसने वाले हैं। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने 25 सितंबर 2026 को जारी पूर्वानुमान में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। आईएमडी के मुताबिक, 25 और 27 सितंबर को प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। इसके साथ ही आंधी जैसी तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। बारिश से लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिलेगी।

मौसम विभाग के मुताबिक, 28 और 29 सितंबर को प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं इन दोनों दिनों के लिए मौसम विभाग ने कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।

इन शहरों में होगी ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 25 सितंबर को सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। वहीं बांदा, प्रयागराज, लखनऊ, अयोध्या, सीतापुर, बस्ती, सुल्तानपुर समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं 26 सितंबर को भी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं लखनऊ, बस्ती, गोंडा, बाराबंकी, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है।

कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा

यूपी के कई जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के चलते कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा है। आजमगढ़, गोरखपुर, लखनऊ, अयोध्या, बहराइच, सीतापुर, बांदा, चित्रकूट समेत कई जिलों में मध्यम जोखिम बताया गया है। ऐसे में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर जलभराव और कुछ स्थानों पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।

27 सितंबर को भी बारिश और तेज हवा

27 सितंबर को बारिश का असर कुछ कम हो सकता है, लेकिन कई जिलों में भारी बारिश का खतरा बना रहेगा। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भारी बारिश की संभावना है। इन इलाकों में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और गरज-चमक के दौरान घर में रहने, पेड़ों के नीचे न जाने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। जलभराव वाली सड़कों और नालों से भी दूर रहने को कहा गया है।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को भी बारिश के दौरान खेतों में जलभराव से बचाने के लिए पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी है। फसल के हिसाब से अलग-अलग सावधानियां बताई गई हैं। खासकर गन्ना, अरहर, मक्का, धान, मूंगफली, तिल और सब्जियों की फसलों पर ज्यादा बारिश का असर पड़ सकता है। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। 26 सितंबर को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इन दिनों कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाओं, बिजली गिरने और कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है।