Happy Dussehra 2026 Wishes: विजयादशमी पर अपनों को भेजें ये 15 बेस्ट बधाई संदेश, कोट्स और WhatsApp स्टेटस

Happy Dussehra 2026 Wishes: असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक महापर्व विजयादशमी (दशहरा) इस साल देश भर में पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के मुताबिक साल 2026 में उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में मुख्य दशहरा पर्व 20 अक्टूबर मंगलवार को मनाया जा रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में दुर्गा पूजा की स्थानीय परंपराओं और उदयातिथि के आधार पर 21 अक्टूबर बुधवार को विजयादशमी मनाई जाएगी। त्योहारों के इस पावन अवसर पर लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं भेजकर सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। अगर आप भी अपने परिवार, दोस्तों और प्रियजनों को व्हाट्सएप, फेसबुक या इंस्टाग्राम के जरिए बेहतरीन बधाई संदेश भेजना चाहते हैं तो यहां आपके लिए चुनिंदा शुभकामनाएं, कोट्स और स्टेटस दिए गए हैं।

विजयादशमी 2026: शुभ मुहूर्त और तिथियां

पंचांग के मुताबिक आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र का समय 19 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम 6 बजकर 2 मिनट तक रहा। उत्तर भारत में 20 अक्टूबर को अपराह्न काल में दशमी तिथि रहने के कारण मुख्य रूप से इसी दिन दशहरा मनाया जा रहा है, जबकि माता की विदाई परंपरा के अनुसार 21 अक्टूबर को होगी।

अपनों को भेजने के लिए 15 बेस्ट बधाई संदेश और शुभकामनाएं

1 – शुभ विजयादशमी! भगवान राम की कृपा से आपके जीवन में हमेशा अच्छाई की जीत हो और हर चुनौती में आपको सफलता मिले। आपको और आपके परिवार को दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!

2- Happy Dussehra! असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व आपके जीवन में नई रोशनी, सकारात्मकता और अपार खुशियां लेकर आए।

3- मां दुर्गा और भगवान श्री राम के आशीर्वाद से आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। आप सभी को विजयादशमी की बहुत-बहुत बधाई!

4 – आइए इस दशहरे पर अपने अंदर के अहंकार, क्रोध और बुराइयों का दहन करें और नेकी के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। हैप्पी दशहरा 2026!

5- सफलता और समृद्धि की कामना: आपकी मेहनत रंग लाए और आपके जीवन में हर कार्य में सफलता व आर्थिक स्थिरता बनी रहे। आपको और आपके अपनों को दशहरा की शुभकामनाएं।

6- परिवार के लिए संदेश: मां दुर्गा और भगवान राम के आशीर्वाद से हमारा परिवार हमेशा एकजुट, खुशहाल और स्वस्थ रहे। आप सभी को विजयादशमी की मंगलकामनाएं!

7- धैर्य, सत्य और साहस ही मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। विजयादशमी का यह पवित्र पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत लेकर आए।

8 – नया सवेरा, नई शुरुआत: पुरानी चिंताओं को पीछे छोड़कर विश्वास और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। आपको दशहरा की ढेरों बधाइयां!

9 – हर चुनौती एक नया अवसर लेकर आती है। भगवान राम आपको हर बाधा से लड़ने का साहस दें। Happy Dussehra 2026!

10 – आपके जीवन का हर अंधकार दूर हो और आपका भविष्य उम्मीदों और उजालों से जगमगा उठे। विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!

WhatsApp Status के लिए

1 – अधर्म का नाश हो, धर्म की रक्षा हो, हर दिल में श्रीराम का वास हो। आप सभी को दशहरा की शुभकामनाएं!

2 – आपके और आपके परिवार के लिए यह पावन पर्व उत्तम स्वास्थ्य, सौभाग्य और ढेरों खुशियां लेकर आए। शुभ दशहरा!

3- रिश्तों में प्यार बढ़े, आपसी सौहार्द बना रहे और हर तरफ खुशहाली हो। विजयादशमी के इस पावन दिन पर यही कामना है।

4- हर बुराई को हराकार अच्छाई को अपनाने का दिन है दशहरा। आइए मिलकर इस पर्व को धूमधाम से मनाएं। Happy Vijayadashami!

5 – भगवान श्रीराम आपको बुद्धि, बल और पराक्रम प्रदान करें ताकि आप जीवन की हर कठिनाई पर विजय प्राप्त कर सकें। दशहरा की शुभकामनाएं!

प्रेरणादायक कोट्स (Inspirational Quotes for Dussehra)

  • सत्य को अपना मार्ग बनाएं और दयालुता को अपनी ताकत बनाएं।
  • भय जब आपका नियंत्रण छोड़ देता है, तभी वास्तविक साहस की शुरुआत होती है।
  • अहंकार और बुराई पर विजय पाना ही जीवन की सबसे बड़ी जीत है।
  • हर चुनौती इंसान को अंदर से मजबूत और बेहतर बनने का अवसर देती है।
  • आप इन संदेशों और कोट्स को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए शेयर करके अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ इस पावन पर्व की खुशियां बांट सकते हैं।

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इजरायल चुनाव : ट्रंप ने किया नेतान्याहू का समर्थन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 27 अक्टूबर को होने वाले संसदीय चुनावों में कड़े मुकाबले का सामना कर रहे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू का औपचारिक रूप से समर्थन किया है।

रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जारी पोस्ट में श्री ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध में अमरीका का साथ देने के लिए इजरायली नेता की सराहना की। उन्होंने कहा कि वे श्री नेतान्याहू को अपना ‘पूर्ण और समग्र समर्थन’ दे रहे हैं। श्री ट्रंप ने लिखा बीबी नेतान्याहू आपको कभी निराश नहीं करेंगे!

अमरीकी राष्ट्रपति का यह समर्थन इजरायली चुनाव से ठीक नौ दिन पहले सामने आया है, जबकि इससे पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि शायद वे किसी का समर्थन नहीं करेंगे।इससे पहले इस महीने की शुरुआत में ‘टाइम’ पत्रिका को दिए साक्षात्कार में जब श्री ट्रंप से इजरायली प्रधानमंत्री के कामकाज को लेकर बार-बार सवाल पूछे गए थे, तो उन्होंने नेतान्याहू का समर्थन करने से इनकार कर दिया था।

साक्षात्कारकर्ता के जोर देने पर भी श्री ट्रंप इस मुद्दे से बचते रहे और बातचीत को अपनी लोकप्रियता तथा पश्चिम एशिया की सुरक्षा की ओर मोड़ दिया। श्री ट्रंप ने रविवार को समाचार वेबसाइट ‘एक्सियोस’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि नेतन्याहू का समर्थन करने को लेकर उनके मन में कभी कोई संदेह नहीं था।

श्री ट्रंप ने संक्षिप्त टेलीफोन वार्ता में कहा मैं हमेशा से उनका समर्थन करने वाला था, बस बहुत जल्दी ऐसा नहीं करना चाहता था। यह जरूरी है कि इजरायल के पास एक ऐसा नेता हो जिस पर भरोसा किया जा सके। एक्सियोस के अनुसार, जब श्री ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे नेतन्याहू के अलावा किसी अन्य इजरायली नेता के साथ काम कर सकते हैं, तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया।

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श्री ट्रंप ने कहा शायद करूं, शायद न भी करूं, लेकिन यह जोखिम कौन लेना चाहता है?” समर्थन का ऐलान करते हुए श्री ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर वे पहल न करते तो ईरान जल्द ही अमरीका और इजरायल दोनों पर हमला कर देता।

श्री ट्रंप ने कहा कि इस युद्ध ने सैन्य और वित्तीय रूप से ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया है, और अगर उसने जल्द ही अपना रवैया नहीं बदला तो काम पूरा कर दिया जाएगा। श्री ट्रंप ने लिखा यदि इजरायल में गलत नेता चुना गया, जो श्री बीबी (नेतन्याहू) के अलावा कोई भी हो सकता है, तो अमरीका को यह काम अकेले करना पड़ेगा, और मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं है।

उन्होंने लिखा इजरायल के भीतर से भी हो रहे भारी विरोध के बावजूद श्री बीबी नेतन्याहू पूरी मजबूती, साहस और बुद्धिमत्ता से टिके रहे हैं। श्री ट्रंप के इस बयान के जवाब में श्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अमरीकी राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया।श्री नेतन्याहू ने कहा आपके इस अभूतपूर्व समर्थन से मैं बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं। ह्वाइट हाउस में इजरायल का इससे बड़ा दोस्त कभी नहीं रहा।

ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर हो रही घरेलू आलोचनाओं के आगे न झुकने के लिए श्री नेतन्याहू ने श्री ट्रंप की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने महंगाई से जूझ रहे अमरीकी मतदाताओं से सीधे अपील करते हुए श्री ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन किया।

श्री नेतन्याहू ने कहा मैं अमरीकी जनता से कहना चाहता हूं कि अगर आप आज ईंधन की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं, तो सोचिए कि अगर ईरान ने परमाणु हथियार हासिल कर लिए तो क्या होगा। ऐसा हम और श्री डोनाल्ड ट्रंप कभी नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा जब उस शासन का खतरा खत्म हो जाएगा, तो ईंधन के दाम तेजी से नीचे आ जाएंगे। लेकिन ऐसा केवल श्री ट्रंप के नेतृत्व में ही संभव है, उन लोगों के हाथ में नहीं जो तानाशाहों के आगे झुकना चाहते हैं।

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UP Holiday List 2026: 18 से 20 अक्टूबर तक दफ्तर बंद, चलिए जानते हैं मायावती, अखिलेश या योगी-किस सरकार में मिलीं ज्यादा छुट्टियां?

UP Holiday List 2026: त्योहारों के बीच उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को लगातार तीन दिन की छुट्टी मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महानवमी के मौके पर 19 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का फैसला लिया है। वहीं, रविवार की साप्ताहिक छुट्टी और मंगलवार को विजयादशमी की छुट्टी पहले से तय है। ऐसे में अब सरकारी दफ्तर लगातार तीन दिन बंद रहेंगे।

राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने 2026 की छुट्टियों की पहले जारी की गई सूची में बदलाव को लेकर आदेश जारी किया है। हालांकि, पुराने आदेश की बाकी सभी बातें पहले की तरह लागू रहेंगी।

बता दें कि शिक्षकों और कर्मचारियों के संगठनों ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर महानवमी पर छुट्टी देने की मांग की थी। इससे पहले राज्य सरकार ने 20 अक्टूबर को महानवमी और विजयादशमी, दोनों त्योहारों के लिए एक ही दिन की छुट्टी घोषित की थी।

दफ्तर कब तक बंद रहेंगे?

तारीखदिनस्थितिकारण
18 अक्टूबररविवारबंदसाप्ताहिक छुट्टी (महाअष्टमी)
19 अक्टूबरसोमवारबंदनए आदेश के तहत महानवमी की सार्वजनिक छुट्टी
20 अक्टूबरमंगलवारबंदपहले से घोषित विजयादशमी/दशहरा की छुट्टी
21 अक्टूबरबुधवारखुलेंगेसरकारी दफ्तर दोबारा खुलेंगे

क्या योगी सरकार ने पहली बार किसी त्योहार की छुट्टी बढ़ाई है?

नहीं। इस साल की शुरुआत में, राज्य सरकार ने 26 और 27 मार्च को राम नवमी के मौके पर दो दिन की छुट्टी की घोषणा की थी, और 15 जनवरी को मकर संक्रांति के लिए सार्वजनिक अवकाश था। अक्टूबर 2024 में, सरकार ने नवमी के दिन छुट्टी घोषित की।

अलग-अलग सरकारों के दौरान यूपी में छुट्टियों को लेकर क्या बदलाव आए हैं?

राज्य सरकारें पहले भी अपनी छुट्टियों की सूची का इस्तेमाल एक राजनीतिक संकेत देने के लिए करती रही हैं। मई 2007 में मायावती सरकार ने 9 अक्टूबर को-जो बीएसपी संस्थापक कांशी राम की पुण्यतिथि है-छुट्टी घोषित की थी। हालांकि, अक्टूबर 2012 में अखिलेश यादव सरकार ने इस छुट्टी को खत्म कर दिया।

बता दें कि सपा सरकार ने महर्षि कश्यप और निषादराज जयंती, अजमेर उर्स, तथा चंद्रशेखर और महाराणा प्रताप की जयंती पर भी छुट्टियां घोषित की थीं।

वहीं अप्रैल 2017 में, योगी कैबिनेट ने 15 छुट्टियां रद्द कर दीं थी, जिनमें चेटी चंड, परशुराम जयंती, छठ पूजा और वाल्मीकि जयंती शामिल थीं। सरकार का कहना था कि स्कूलों को इन महापुरुषों के बारे में पढ़ाना चाहिए, न कि उनके नाम पर छुट्टी देनी चाहिए।

सरकारछुट्टीफैसलासमयकिससे संबंधित
मायावती (BSP)कांशीराम की पुण्यतिथि (9 अक्टूबर)नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत छुट्टी घोषितमई 2007बहुजन समाज के प्रमुख नेता
मायावती (BSP)कांशीराम की जयंती (15 मार्च)यूपी की छुट्टियों की सूची में शामिल2012 तकबहुजन समाज के प्रमुख नेता
अखिलेश यादव (SP)कांशीराम की पुण्यतिथि (9 अक्टूबर)छुट्टी रद्द कीअक्टूबर 2012BSP सरकार के फैसले में बदलाव
अखिलेश यादव (SP)महर्षि कश्यप और निषादराज जयंती (5 अप्रैल)छुट्टी घोषित की2012–2017धार्मिक और सामुदायिक महत्व
अखिलेश यादव (SP)अजमेर गरीब नवाज उर्सछुट्टी घोषित की2012–2017धार्मिक महत्व
अखिलेश यादव (SP)चंद्रशेखर जयंती (17 अप्रैल) और महाराणा प्रताप जयंती (9 मई)छुट्टी घोषित की2012–2017महापुरुषों की जयंती
योगी आदित्यनाथ (BJP)चेती चंद, परशुराम जयंती, अजमेर उर्स, जमात-उल-विदा, विश्वकर्मा पूजा, वाल्मीकि जयंती, छठ पूजा और ईद-ए-मिलाद समेत 15 छुट्टियांछुट्टियां रद्द कींअप्रैल 2017त्योहार और जयंती
योगी आदित्यनाथ (BJP)महानवमी (11 अक्टूबर)छुट्टी घोषित की2024धार्मिक त्योहार
योगी आदित्यनाथ (BJP)मकर संक्रांति (15 जनवरी)छुट्टी घोषित की2026धार्मिक त्योहार
योगी आदित्यनाथ (BJP)रामनवमी (26–27 मार्च)दो दिन की छुट्टी घोषित की2026धार्मिक त्योहार
योगी आदित्यनाथ (BJP)महानवमी (19 अक्टूबर)छुट्टी घोषित की2026धार्मिक त्योहार

क्या योगी ने नवरात्रि के दौरान कुछ और भी कहा?

छुट्टी का यह आदेश नवरात्रि के छठे दिन आया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं की शक्ति के बारे में एक संदेश भी दिया। उन्होंने इस संदेश के जरिए लड़कियों और खेलों के क्षेत्र में अपनी सरकार के कामकाज को सामने रखा।

मां कात्यायनी को समर्पित इस दिन, योगी ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने देवी को महिलाओं के साहस, संकल्प और वीरता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “सभी बाधाओं और राक्षसी प्रवृत्तियों का नाश करने वाली मां कात्यायनी, महिलाओं के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय वीरता का प्रतीक हैं।”

उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले, “राज्य में डर और अराजकता का माहौल था, जहां बेटियों के सपनों को दबा दिया जाता था, उनका आत्मविश्वास कुचल दिया जाता था और मौकों की कमी के कारण उनकी प्रतिभा मुरझा जाती थी।”

सीएम योगी ने कहा कि खेल के मैदान माफियाओं के नियंत्रण में थे, और लड़कियों के सपनों को उड़ान मिलने के बजाय, उन्हें “चार दीवारों के भीतर कैद” कर दिया गया था।

उन्होंने कहा, “पिछले साढ़े नौ वर्षों में, राज्य में बदलाव का एक नया अध्याय लिखा गया है। डर की जगह सुरक्षा ने ले ली है, उपेक्षा की जगह प्रोत्साहन ने, और संसाधनों की कमी की जगह खेल सुविधाओं के विस्तार ने ले ली है।”

योगी ने खेलों से जुड़ी किन सुविधाओं का जिक्र किया?

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लड़कियों के पास अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए एक मजबूत आधार है, जिसमें “गांव के खेल के मैदानों और ब्लॉक-स्तरीय मिनी स्टेडियमों से लेकर जिला स्टेडियम, मंडल स्तरीय खेल कॉलेज और मेरठ में स्थित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय” शामिल हैं।

उन्होंने ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को मिलने वाले लाखों-करोड़ों रुपये के नकद पुरस्कारों और खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये चीजें प्रतिभा को बढ़ावा देती हैं, उपलब्धियों का सम्मान करती हैं और खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाती हैं।

मुख्यमंत्री ने किन महिला खिलाड़ियों के नाम गिनाए?

सीएम योगी आदित्यनाथ ने एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी; जूडो में अस्मिता डे; क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह; हॉकी में वंदना कटारिया; और कुश्ती में दिव्या काकरान का नाम लिया। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में उनके प्रदर्शन ने भारत और उत्तर प्रदेश, दोनों का मान बढ़ाया है।

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24 साल में पहली बार वेस्टइंडीज भारत दौरे पर जीती 3 सीमित ओवर के मैच

वेस्टइंडीज ने हैदराबाद में खेले गए टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम को घुटने पर लाकर एक नया रिकॉर्ड बना लिया है। यह 24 सालों में पहली बार है जब वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ भारतीय जमीन पर एक दौरे में 3 मैच जीते हों। गौरतलब है कि वेस्टइंडीज ने एकदिवसीय सीरीज में 352 रनों का पीछा करते हुए 5 विकेट से जीत अर्जित की थी।

वहीं  रांची टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में कैरिबियाई टीम ने 250 रनों का पीछा कर मेजबान टीम से 6 विकेट से मैच जीता इसके बाद कल हैदराबाद में मेहमान टीम को 24 रनों से सफलता मिली। इससे पहले वेस्टइंडीज ने साल 2002 में 7 मैचों की एकदिवसीय सीरीज में 4-3 से जीत हासिल की थी। उस वक्त टी-20 अंतरराष्ट्रीय खेला नहीं जाता था।

इसके अलावा भारतीय जमीन बीते सभी टेस्ट, वनडे या टी-20 दौरों पर कभी ऐसा नहीं हुआ जब वेस्टइंडीज तीन मैच भारत को हरा पाई हो।इन तीन मैचों में जिनमें वेस्टइंडीज ने जीत हासिल की है एक बात समान है। इन तीनों मैचों में कप्तान शाई होप का शतक आया है।

हैदराबाद में 24 रनों से जीता टी-20 मैच

शाई होप (नाबाद 102) के आतिशी शतक और कीमो पॉल के 19वें ओवर में तीन विकेट सहित कुल 41 रन पर पांच विकेट की बदौलत वेस्ट इंडीज ने भारत को चौथे टी 20 में बुधवार को 24 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 2-2 से बराबरी हासिल कर ली।

वेस्ट इंडीज ने तीन विकेट पर 247 रन का मजबूत स्कोर बनाने के बाद भारत की चुनौती को 19.3 ओवर में 223 रन पर रोक दिया। अब सीरीज का फैसला बेंगलुरु में आखिरी मैच से होगा। कीमो पॉल ने घातक गेंदबाजी करते हुए पांचवें ओवर में दो विकेट और 19वें ओवर में तीन विकेट लेकर भारत की आज ही सीरीज कब्जाने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

रांची टी-20 में वेस्टइंडीज ने किया रिकॉर्ड 250 रनों का पीछा

झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में कैरेबियाई टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को छह विकेट से हरा दिया। भारत के 249 रनों के विशाल स्कोर के बावजूद वेस्टइंडीज ने दमदार बल्लेबाजी के दम पर लक्ष्य हासिल कर लिया।

वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने 45 गेंदों में शानदार शतक जड़कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले टॉस के बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 249 रन बनाए। भारत की ओर से संजू सैमसन ने 82 रनों की विस्फोटक पारी खेली।


शाई होप के शतक से वेस्टइंडीज ने एकदिवसीय सीरीज में बचाया वाइट वॉश

कप्तान शाई होप की नाबाद 162 रन की साहसिक शतकीय पारी की बदौलत वेस्ट इंडीज ने भारत को तीसरे वनडे में 10 गेंदें शेष रहते पांच विकेट से हराकर अपना सम्मान बचा लिया। यह मैच हारने के बावजूद भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीती।

के एल राहुल (नाबाद 129) के आतिशी शतक और ओपनर रोहित शर्मा की 92 रन की बेहतरीन पारी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में सात विकेट पर 351 रन का विशाल स्कोर बनाया लेकिन उसे बचा नहीं सके। वेस्ट इंडीज ने 48.2 ओवर में पांच विकेट पर 352 रन बनाकर जीत अपने नाम की। शाई होप ने 143 गेंदों पर नाबाद 162 रन में 17 चौके और तीन छक्के लगाए। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।


CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका भेजे गए तिहाड़ जेल

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को शांति बनाए रखने के लिए भरे गए बॉण्ड का कथित तौर पर उल्लंघन करने और जंतर-मंतर पहुंचने के लिए एक निजी परिसर में अनधिकृत प्रवेश करने के आरोप में बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि दास और रांका को तिहाड़ जेल में रखा गया है। उनके सहयोगी अजिंक्य शिंदे को छह महीने तक शांति बनाए रखने और अच्छा व्यवहार करने की शर्त पर एक निजी मुचलके और 5,000 रुपये की जमानत राशि पर रिहा कर दिया गया।

पुलिस ने बताया कि विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत ने निवारक पुलिस रिपोर्ट, कार्यकर्ताओं द्वारा बार-बार कानून का उल्लंघन किए जाने और जमानत पर रिहा होने पर फिर से कानून तोड़ने तथा अन्य लोगों को उकसाने की गंभीर आशंका को ध्यान में रखते हुए दास और रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन तीनों को बुधवार सुबह विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था।

कॉजपा नेताओं को मंगलवार तड़के हिरासत में लिया गया था। वे कथित रूप से बैरिकेड तोड़कर जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश गए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए और वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

पुलिस ने कहा कि दास और रांका को शनिवार को भी हिरासत में लिया गया था और उन्होंने एक साल तक शांति बनाए रखने के लिए बॉण्ड पर हस्ताक्षर किए थे।

कॉजपा नेताओं के खिलाफ यह कार्रवाई विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर सीईसी कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कॉजपा और अन्य संगठनों के कई प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ाए जाने के बीच हुई है।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने असहमति की आवाज दबाने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आशु और सौरव को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनका दोष क्या है? जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना।

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उन्होंने कहा कुछ हिम्मत दिखाइए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। यदि आप असहमति की आवाज दबाने के लिए इतने दृढ़ हैं, तो इन कायरतापूर्ण तरीकों के पीछे छिपने के बजाय आधिकारिक तौर पर आपातकाल घोषित करने का साहस दिखाइए।”

दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि 13 अक्टूबर की सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे और कॉजपा के 11 अन्य सदस्य एक निजी परिसर से होते हुए जंतर-मंतर पहुंच गए, जबकि इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उन्हें उनके आधिकारिक कर्तव्य निर्वहन में बाधा डाली।

पुलिस के बयान के अनुसार, सभी 14 लोगों को हिरासत में ले लिया गया। उनके खिलाफ 13 अक्टूबर को कनॉट प्लेस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223(ए) (लोक सेवक के आदेश का उल्लंघन), 332 (अपराध करने के इरादे से घर में अनधिकृत प्रवेश) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

इसके अलावा, संसद मार्ग थाने में धारा 221 (लोक सेवक के कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालना), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 132 (ड्यूटी करने से रोकने के लिए लोक सेवक पर हमला या बल प्रयोग), 121(1) (लोक सेवक को ड्यूटी से रोकने के लिए जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाना) और 3(5) (साझा मंशा) के तहत एक अन्य प्राथमिकी दर्ज की गई। भारतीय न्याय संहिता की धारा 332, 132 और 121(1) गैर-जमानती धाराएं हैं।

पुलिस ने कहा कि सार्वजनिक शांति भंग करने और कानून का उल्लंघन करने के कथित प्रयासों के मद्देनजर दास, रांका और शिंदे को एहतियातन गिरफ्तार किया गया। सोशल मीडिया के जरिए अन्य लोगों को भी ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों के लिए उकसाने के उनके कथित प्रयासों पर भी गौर किया गया।

बयान के अनुसार, तीनों को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धाराओं 126 और 170 के तहत कार्यवाही शुरू की गई।

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फैशन ब्रांड ‘नुवा’ की चीफ क्रिएटिव ऑफिसर बनीं बरखा सिंह

अभिनेत्री बरखा सिंह महिलाओं के फुटवियर ब्रांड ‘नुवा’ से चीफ क्रिएटिव ऑफिसर के रूप में जुड़ी हैं। बरखा सिंह इस भूमिका में वह ब्रांड की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवनि जैन के साथ मिलकर उत्पादों के डिजाइन, ब्रांड की पहचान और रचनात्मक प्रस्तुति को विकसित करने में योगदान देंगी।

‘मसाबा मसाबा’, ‘क्रिमिनल जस्टिस’, ‘इंजीनियरिंग गर्ल्स’ और ‘प्लीज फाइंड अटैच्ड’ जैसे प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुकीं बरखा सिंह अब फैशन के प्रति अपने जुनून को कारोबार का रूप दे रही हैं। वह वैश्विक फैशन रुझानों को भारतीय महिलाओं की पसंद और जरूरतों के अनुरूप पेश करने पर ध्यान देंगी।

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वर्ष 2026 में स्थापित ‘नुवा’ महिलाओं के जूतों और सैंडल का ब्रांड है, जो मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से अपने उत्पाद बेचता है। ब्रांड का उद्देश्य स्टाइल और आराम का संयोजन पेश करना है। इसके उत्पादों में ‘स्टेडी-फॉर्म’ फुटबेड और ‘स्टाइल-स्विच’ तकनीक शामिल हैं। इस तकनीक के तहत हील्स बदलने की सुविधा के लिए पेटेंट आवेदन किया गया है।

‘नुवा’ से जुड़ने पर बरखा सिंह ने कहा कि किसी ब्रांड को शुरुआती दौर से विकसित करने और उसकी रचनात्मक पहचान बनाने का अवसर उनके लिए खास है। फैशन हमेशा से उनका जुनून रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश ऐसे उत्पाद तैयार करने की होगी, जो आधुनिक होने के साथ भारतीय महिलाओं की पसंद और आकांक्षाओं के अनुरूप हों।

मनोरंजन जगत में बरखा हाल ही में गायक दर्शन रावल के गीत ‘नाल नाल वे’ में नजर आई थीं। वह दर्शन रावल के साथ एक नए प्रोजेक्ट में भी काम करेंगी। इसके अलावा, उनका एक नया वेब शो भी आने वाला है, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी।

Pic Credit : UNI

फैशन ब्रांड ‘नुवा’ की चीफ क्रिएटिव ऑफिसर बनीं बरखा सिंह

अभिनेत्री बरखा सिंह महिलाओं के फुटवियर ब्रांड ‘नुवा’ से चीफ क्रिएटिव ऑफिसर के रूप में जुड़ी हैं। बरखा सिंह इस भूमिका में वह ब्रांड की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवनि जैन के साथ मिलकर उत्पादों के डिजाइन, ब्रांड की पहचान और रचनात्मक प्रस्तुति को विकसित करने में योगदान देंगी।

‘मसाबा मसाबा’, ‘क्रिमिनल जस्टिस’, ‘इंजीनियरिंग गर्ल्स’ और ‘प्लीज फाइंड अटैच्ड’ जैसे प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुकीं बरखा सिंह अब फैशन के प्रति अपने जुनून को कारोबार का रूप दे रही हैं। वह वैश्विक फैशन रुझानों को भारतीय महिलाओं की पसंद और जरूरतों के अनुरूप पेश करने पर ध्यान देंगी।

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वर्ष 2026 में स्थापित ‘नुवा’ महिलाओं के जूतों और सैंडल का ब्रांड है, जो मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से अपने उत्पाद बेचता है। ब्रांड का उद्देश्य स्टाइल और आराम का संयोजन पेश करना है। इसके उत्पादों में ‘स्टेडी-फॉर्म’ फुटबेड और ‘स्टाइल-स्विच’ तकनीक शामिल हैं। इस तकनीक के तहत हील्स बदलने की सुविधा के लिए पेटेंट आवेदन किया गया है।

‘नुवा’ से जुड़ने पर बरखा सिंह ने कहा कि किसी ब्रांड को शुरुआती दौर से विकसित करने और उसकी रचनात्मक पहचान बनाने का अवसर उनके लिए खास है। फैशन हमेशा से उनका जुनून रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश ऐसे उत्पाद तैयार करने की होगी, जो आधुनिक होने के साथ भारतीय महिलाओं की पसंद और आकांक्षाओं के अनुरूप हों।

मनोरंजन जगत में बरखा हाल ही में गायक दर्शन रावल के गीत ‘नाल नाल वे’ में नजर आई थीं। वह दर्शन रावल के साथ एक नए प्रोजेक्ट में भी काम करेंगी। इसके अलावा, उनका एक नया वेब शो भी आने वाला है, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी।

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महिलाएं सदियों से साहसी और संघर्षशील रही हैं : कुब्रा सैत

अभिनेत्री कुब्रा सैत ने महिला सशक्तिकरण पर अपनी राय रखते हुए कहा कि महिलाएं सदियों से साहसी और संघर्षशील रही हैं तथा उन्हें अपनी शर्तों पर जीवन जीने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। एक कार्यक्रम में महिलाओं की आवाज बनने के लिए सम्मानित किए जाने पर कुब्रा ने कहा कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले मंच से जुड़ना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने हमेशा अपने अधिकारों और इच्छाओं के लिए संघर्ष किया है, लेकिन उनके योगदान को पर्याप्त रूप से दर्ज नहीं किया गया।

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कुब्रा ने कहा मेरा मानना है कि महिलाएं सदियों से साहसी और संघर्षशील रही हैं। हमने हमेशा अपने हक और अपनी इच्छाओं के लिए लड़ाई लड़ी है। यह दर्ज किया गया हो या नहीं, लेकिन कहीं न कहीं हम यह मानने लगे हैं कि यह पुरुषों की दुनिया रही है।”उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की आवाज बनने के लिए सम्मानित होना उनके लिए खुशी की बात है। उनके अनुसार, सशक्तिकरण का अर्थ अपनी जिंदगी जीने, अनुभवों से सीखने, गलतियां करने से नहीं डरने और खुद को बेहतर इंसान बनाने का अवसर मिलना भी है। कुब्रा ने कहा कि महिलाओं को अपनी पसंद से फैसले लेने और अपनी पहचान के साथ जीवन जीने की आजादी मिलनी चाहिए।

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हेजलवुड के 6 विकेट से ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका को हराया

जोश हेजलवुड ने टेस्ट में अपनी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी (49 रन पर छह विकेट) के दम पर दक्षिण अफ्रीका के बाकी छह विकेटों में से चार विकेट चटकाए, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने डरबन में पहले टेस्ट के पांचवें दिन मंगलवार को दूसरे सत्र की शुरुआत में ही 214 रनों से जीत हासिल कर ली और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

हेजलवुड ने 5वें दिन वियान मुल्डर के विकेट के साथ कार्यवाही शुरू की और एनरिक नॉर्टजे के अंतिम विकेट के साथ फिनिशिंग टच भी दिया। इस बीच, एडेन मार्करम ने वही करने का प्रयास किया जो फाफ डु प्लेसिस ने एडिलेड 2012 में किया था, लेकिन निचले क्रम के अधिकांश अन्य बल्लेबाजों का सहयोग नहीं मिला। आख़िरकार, कप्तान टेम्बा बावुमा के नेतृत्व में दक्षिण अफ़्रीका को अपनी पहली टेस्ट हार का सामना करना पड़ा।

चौथी पारी में दक्षिण अफ्रीका का खराब प्रदर्शन चौथे दिन देर से शुरू हुआ जब उसने चार विकेट खो दिए। मार्करम और वियान मुल्डर ने अंत में संघर्ष का कुछ साहस दिखाया, जो पांचवें दिन सुबह के लगभग पूरे सत्र तक चला और घरेलू टीम में आशा की किरण जगाई। उन्होंने 29 रन बनाने के लिए 109 गेंदों तक संघर्ष करने के बाद वियान मुल्डर को लेग साइड पर पीछे से कैच कराया। हेजलवुड ने 204 गेंदों तक चले स्टैंड को तोड़ा और अपनी टीम को ओपनिंग दिलाई। स्टीव स्मिथ ने स्लिप में खेल का तीसरा ब्लाइंडर लेकर काइल वेरेन को वापस भेजा और मैट रेनशॉ को दूसरा विकेट दिया।

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156/6 पर, ऐसा लग रहा था कि लिखावट तब तक दीवार पर थी जब तक मार्को यानसन नहीं आए और ऑस्ट्रेलिया की विजय यात्रा को रोकने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने मार्करम के साथ 103 गेंदों तक बल्लेबाजी की और दक्षिण अफ्रीका को सुबह के सत्र से आगे और दूसरे सत्र में पहुंचाया। लेकिन एक बार फिर, हेजलवुड दक्षिण अफ्रीका के विरोधी के रूप में सामने आये।

उन्हें एक असाधारण निप बैकर मिला – जिसने 1.4 डिग्री में सीम किया, जिसने यानसन की रक्षा को तोड़ दिया और उसके स्टंप को वापस मारकर ऑस्ट्रेलिया को जीत की राह पर ला दिया। उसी ओवर में, उन्होंने साइमन हार्मर को तेजी से उठती हुई डिलीवरी से आश्चर्यचकित कर दिया, जो कि सीम में भी थी। हार्मर नुकसान के रास्ते से बाहर नहीं निकल सके और कैरी के पीछे पहुंच गए। इसके साथ, हेजलवुड ने टेस्ट में अपना 15वां पांच विकेट लेने का कारनामा किया।

दक्षिण अफ्रीका के ताबूत में आखिरी कील अगले ओवर में मिशेल स्टार्क ने ठोक दी, जब उन्होंने स्टंप के पीछे कैरी की गेंद पर मार्करम को इनसाइड एज पर कैच कराया। मार्करम को 237 गेंदों में 75 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेलने के लिए भेजने के लिए अंपायर की समीक्षा की आवश्यकता पड़ी। गुस्से से भरे हेजलवुड ने नॉर्टजे को एक छोटी गेंद देकर कार्यवाही पूरी की, जो गेंद को केवल मिड-विकेट पर नाथन लियोन तक ही मार सके। हेजलवुड 6/49 के साथ समाप्त हुए – मार्च 2017 में बेंगलुरु में भारत के खिलाफ 6/67 के अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से बेहतर।

संक्षिप्त स्कोर: ऑस्ट्रेलिया 390 (मैट रेनशॉ 190, पैट कमिंस 43; वियान मुल्डर 4-68, मार्को यानसन 3-68) और 314/6 पारी घोषित। (मैथ्यू रेनशॉ 82, निक मैडिनसन 48; एनरिक नॉर्टजे 2-56, केशव महाराज 2-56) दक्षिण अफ्रीका 284 और 206 से आगे (एडेन मार्करम 75, डेविड बेडिंघम 46; जोश हेजलवुड 6-49, मैट रेनशॉ 2-39)।

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कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

Why is World Mental Health Day observed, When did it begin and what is its objective

World Mental Health Day 2026: मनुष्य की शारीरिक सेहत की भांति ही उसका मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) भी संपूर्ण जीवन का एक महत्वपूर्ण आधार है। इसी विचार को ध्येय बनाकर प्रति वर्ष 10 अक्टूबर को अंतरराष्‍ट्रीय स्तर पर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इस विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नेतृत्व में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने और मानसिक देखभाल को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है। कब हुई विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की शुरुआत और क्‍या है इस दिवस को मनाने का उद्देश्‍य? आइए जानते हैं विस्‍तार से…

 

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का इतिहास

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 1992 में हुई थी। दरअसल उस समय के संयुक्त राष्ट्र के तत्कालीन महासचिव यूजीन ब्रॉडी ने दुनियाभर में इस दिवस को मनाए जाने की सलाह दी थी और स्वास्थ्य संघ की पहल पर ही पहली बार इस दिवस को मनाया गया था। तब से ही यह दिवस अब दुनियाभर में मनाया जाने लगा। 

 

इस अंतरराष्‍ट्रीय अभियान का नेतृत्व विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और ‘वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ’ (WFMH) द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है। यह केवल एक औपचारिक दिन नहीं, बल्कि 100 से अधिक देशों में चलाया जाने वाला एक व्यापक जनजागरूकता अभियान है।

 

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाने का उद्देश्‍य

वर्तमान समय में भागदौड़ वाली जिंदगी में तनावरहित जीना बहुत ही मुश्किल हो गया है। हर साल विश्वभर में 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस या मानसिक दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मेंटल हेल्थ या मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। 

 

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाने का उद्देश्‍य जनसामान्य को यह समझाना कि मन की बीमारियां और तनाव भी शरीर की अन्य बीमारियों की तरह स्वाभाविक हैं। साथ ही इस दिवस के जरिए समाज के हर वर्ग तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और परामर्श की पहुंच सुनिश्चित करना है।

 

पीड़ित व्यक्तियों को सही समय पर अपनों का संबल और चिकित्सीय सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना। मानसिक रोग से पीड़ित लोगों को प्रायः समाज की उपेक्षा या पूर्वाग्रहों का सामना करना पड़ता है। यह दिवस इस झिझक और रुढ़िवादिता को तोड़कर खुलकर बात करने का मंच प्रदान करता है।

 

समय पर लक्षणों की पहचान कर डिप्रेशन, एंग्जायटी (चिंता) और अत्यधिक तनाव जैसी समस्याओं को गंभीर रूप लेने से रोका जा सकता है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि यदि हम स्वयं या हमारे आसपास कोई व्यक्ति मानसिक दबाव से गुजर रहा है, तो सहायता मांगना कमजोरी नहीं बल्कि बुद्धिमत्ता और साहस का लक्षण है।

 

मानसिक बीमारियों से बचाव के लिए क्या करें?

व्यस्तता भरे दिनचर्या से खुद के लिए समय निकालें।

पोषक तत्व वाले भोजन को जीवन का हिस्सा बनाएं।

प्रोफेशनल डॉक्टर का सहारा लें।

नकारात्मक लोगों से दूरी रखें।

तनाव को नियंत्रित करें।

मेडिटेशन को अपनाएं।

योग का सहारा लें।

हमेशा खुश रहें।

अकेले न रहें।