इजरायल चुनाव : ट्रंप ने किया नेतान्याहू का समर्थन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 27 अक्टूबर को होने वाले संसदीय चुनावों में कड़े मुकाबले का सामना कर रहे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू का औपचारिक रूप से समर्थन किया है।

रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जारी पोस्ट में श्री ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध में अमरीका का साथ देने के लिए इजरायली नेता की सराहना की। उन्होंने कहा कि वे श्री नेतान्याहू को अपना ‘पूर्ण और समग्र समर्थन’ दे रहे हैं। श्री ट्रंप ने लिखा बीबी नेतान्याहू आपको कभी निराश नहीं करेंगे!

अमरीकी राष्ट्रपति का यह समर्थन इजरायली चुनाव से ठीक नौ दिन पहले सामने आया है, जबकि इससे पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि शायद वे किसी का समर्थन नहीं करेंगे।इससे पहले इस महीने की शुरुआत में ‘टाइम’ पत्रिका को दिए साक्षात्कार में जब श्री ट्रंप से इजरायली प्रधानमंत्री के कामकाज को लेकर बार-बार सवाल पूछे गए थे, तो उन्होंने नेतान्याहू का समर्थन करने से इनकार कर दिया था।

साक्षात्कारकर्ता के जोर देने पर भी श्री ट्रंप इस मुद्दे से बचते रहे और बातचीत को अपनी लोकप्रियता तथा पश्चिम एशिया की सुरक्षा की ओर मोड़ दिया। श्री ट्रंप ने रविवार को समाचार वेबसाइट ‘एक्सियोस’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि नेतन्याहू का समर्थन करने को लेकर उनके मन में कभी कोई संदेह नहीं था।

श्री ट्रंप ने संक्षिप्त टेलीफोन वार्ता में कहा मैं हमेशा से उनका समर्थन करने वाला था, बस बहुत जल्दी ऐसा नहीं करना चाहता था। यह जरूरी है कि इजरायल के पास एक ऐसा नेता हो जिस पर भरोसा किया जा सके। एक्सियोस के अनुसार, जब श्री ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे नेतन्याहू के अलावा किसी अन्य इजरायली नेता के साथ काम कर सकते हैं, तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया।

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श्री ट्रंप ने कहा शायद करूं, शायद न भी करूं, लेकिन यह जोखिम कौन लेना चाहता है?” समर्थन का ऐलान करते हुए श्री ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर वे पहल न करते तो ईरान जल्द ही अमरीका और इजरायल दोनों पर हमला कर देता।

श्री ट्रंप ने कहा कि इस युद्ध ने सैन्य और वित्तीय रूप से ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया है, और अगर उसने जल्द ही अपना रवैया नहीं बदला तो काम पूरा कर दिया जाएगा। श्री ट्रंप ने लिखा यदि इजरायल में गलत नेता चुना गया, जो श्री बीबी (नेतन्याहू) के अलावा कोई भी हो सकता है, तो अमरीका को यह काम अकेले करना पड़ेगा, और मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं है।

उन्होंने लिखा इजरायल के भीतर से भी हो रहे भारी विरोध के बावजूद श्री बीबी नेतन्याहू पूरी मजबूती, साहस और बुद्धिमत्ता से टिके रहे हैं। श्री ट्रंप के इस बयान के जवाब में श्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अमरीकी राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया।श्री नेतन्याहू ने कहा आपके इस अभूतपूर्व समर्थन से मैं बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं। ह्वाइट हाउस में इजरायल का इससे बड़ा दोस्त कभी नहीं रहा।

ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर हो रही घरेलू आलोचनाओं के आगे न झुकने के लिए श्री नेतन्याहू ने श्री ट्रंप की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने महंगाई से जूझ रहे अमरीकी मतदाताओं से सीधे अपील करते हुए श्री ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन किया।

श्री नेतन्याहू ने कहा मैं अमरीकी जनता से कहना चाहता हूं कि अगर आप आज ईंधन की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं, तो सोचिए कि अगर ईरान ने परमाणु हथियार हासिल कर लिए तो क्या होगा। ऐसा हम और श्री डोनाल्ड ट्रंप कभी नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा जब उस शासन का खतरा खत्म हो जाएगा, तो ईंधन के दाम तेजी से नीचे आ जाएंगे। लेकिन ऐसा केवल श्री ट्रंप के नेतृत्व में ही संभव है, उन लोगों के हाथ में नहीं जो तानाशाहों के आगे झुकना चाहते हैं।

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प्रवासियों के कारण जल रहा है फ्रांस

नई दिल्ली। फ्रांस में पिछले कई दिन से हो रहे दंगे और भड़क गए हैं। राजधानी पेरिस से लेकर दूर दराज के शहरों में भी हिंसा फैल गई है। फ्रांस की पुलिस के मुताबिक रविवार तक करीब दो हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने फ्रांस के हालात पर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप और वेंस दोनों ने कहा है कि प्रवासियों के कारण फ्रांस के ऐसे हालात हैं। दोनों ने फ्रांस को सीमा बंद करने को कहा है।

राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने फ्रांस से अपनी सीमाएं बंद करने की अपील की है और कहा है कि यह सब कुछ प्रवासियों के कारण हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी दुनिया से आए लोगों के मन सिर्फ नफरत भरी है। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, ‘फ्रांस जल रहा है। एक बिल्कुल अलग दुनिया से आए लोगों के आप्रवासन ने, जिसके दिलों में नफरत भरी है, इस कभी महान रहे देश को तबाह कर दिया है। बहुत देर होने से पहले अपनी सीमाएं बंद करें और नियंत्रण अपने हाथ में लें’।

गौरतलब है कि फ्रांस में बड़े पैमाने पर विरोध, प्रदर्शन चल रहे हैं। कहा जा रहा है कि बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं। लेकिन ज्यादातर जगहों पर प्रवासी इस हिंसा में शामिल हैं। इस प्रदर्शन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, बड़े पैमाने पर लूटपाट हुई और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, इन प्रदर्शनों में साढ़े पांच लाख के करीब लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी दुकानें लूट रहे हैं और उसमें आग लगा रहे हैं।

अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इसके लिए आव्रजन को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि फ्रांस और अन्य पश्चिमी देश, लोगों को समाज में शामिल करने और उनके बीच तालमेल बिठाने के मुद्दे को सुलझाने में विफल रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में वेंस ने कहा, ‘पश्चिमी उदारवादियों ने विविधता और करुणा के नाम पर ‘तीसरी दुनिया’ के लोगों को फ्रांस और अन्य देशों में लाकर बसा दिया। उन्होंने समाज में घुलने मिलने और तालमेल बिठाने जैसे बुनियादी सवालों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया’।

कौन हैं केटी जकारिया, जिन्हें ट्रंप ने 5 दिन में ही प्रेस सेक्रेटरी के पद से हटाया?

Katie Zacharia: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी बनीं केटी जकारिया का कार्यकाल कुछ ही दिनों में खत्म हो गया। ट्रंप ने हाल ही में अचानक उनकी नियुक्ति का ऐलान किया था, लेकिन अब उन्हें इस पद से हटा दिया गया है। इस घटनाक्रम ने ट्रंप के पहले कार्यकाल की यादें ताजा कर दी हैं, जब व्हाइट हाउस में अधिकारियों को बार-बार बदला जाता था।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, शुक्रवार को व्हाइट हाउस के दो अधिकारियों ने जकारिया के पद छोड़ने की पुष्टि की। इनमें से एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें पद से हटा दिया गया है, जबकि दूसरे ने बताया कि वह अब इस जिम्मेदारी से अलग हो रही हैं।

केटी जकारिया को पद से हटाने से पहले के पांच दिन काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे। इस दौरान उन्हें कई असहज सवालों का सामना करना पड़ा। सवाल पूछने वालों में डोनाल्ड ट्रंप के कुछ प्रमुख मीडिया समर्थक भी शामिल थे। दिलचस्प बात यह है कि जकारिया को पद से हटाए जाने की पुष्टि होने से कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से उन्हें इस नौकरी पर दोबारा विचार करने की सलाह दी थी।

व्हाइट हाउस में केटी जकारिया का कार्यकाल कैसे लड़खड़ा गया

ट्रम्प ने 9 अक्टूबर को जकारिया की नियुक्ति की घोषणा की थी। उन्हें कैरोलीन लेविट की जगह नियुक्त किया गया था, जो अब तक की सबसे कम उम्र की व्हाइट हाउस प्रेस सचिव थीं और कई सालों से ट्रम्प के करीबी लोगों में शामिल रही थीं।

केटी जकारिया रूढ़िवादी विचारों वाली राजनीतिक टिप्पणीकार हैं। ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) की मूल कंपनी ‘ट्रम्प मीडिया’ के संचार विभाग में काम कर चुकी थीं। इसके अलावा, ट्रम्प के दूसरे प्रशासन के दौरान उन्होंने कुछ समय के लिए ‘डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी’ में भी काम किया था।

हालांकि, मंगलवार को जब वह पहली बार व्हाइट हाउस प्रेस कोर के सामने आईं, तो तुरंत ही उन पर सवाल उठने लगे।

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, ब्रीफिंग के दौरान जकारिया असहज दिखीं। वे रुक-रुक कर बोल रही थीं और ट्रम्प की उपलब्धियों का जिक्र कर रही थीं। उन्होंने केवल तीन पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए-ये सभी पत्रकार ऐसे मीडिया संस्थानों से थे जिनका झुकाव रूढ़िवादी विचारधारा की ओर था या जो ट्रम्प के समर्थक थे। लगभग 14 मिनट बाद उन्होंने बातचीत खत्म कर दी।

बाद में जकारिया ने बताया कि उन्होंने जानबूझकर इस सेशन को छोटा रखा था, क्योंकि उसी दिन सुबह ट्रम्प को पत्रकारों के सवालों के जवाब देने थे। उन्होंने यह भी कहा कि व्हाइट हाउस के कर्मचारियों ने उन्हें पहले से पूरी जानकारी (ब्रीफिंग) नहीं दी थी।

इसके बाद, बुधवार और गुरुवार को वे अलास्का, एरिजोना और मोंटाना में ट्रम्प की रैलियों में उनके साथ गईं, लेकिन उन्होंने कोई और प्रेस ब्रीफिंग नहीं की।

हालांकि, पत्रकारों के सामने उनका यह प्रदर्शन उन कई मुद्दों में से सिर्फ एक था, जो उनके छोटे कार्यकाल के दौरान चर्चा का मुख्य विषय बने रहे।

केटी जकारिया की कानूनी योग्यताओं को लेकर विवाद

जकारिया की प्रोफेशनल बैकग्राउंड पर भी सवाल उठे, खासकर तब जब उन्होंने कुछ रूढ़िवादी टीवी नेटवर्कों पर खुद को वकील बताया।

जकारिया ने पेपरडाइन यूनिवर्सिटी के लॉ स्कूल से पढ़ाई की है, लेकिन वह कैलिफोर्निया की बार परीक्षा पास नहीं कर पाई थीं। इसके अलावा, उनके पास अमेरिका में वकालत करने के लिए जरूरी कोई अन्य योग्यता भी नहीं थी।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला जिससे पता चले कि वह अमेरिका के किसी भी राज्य या डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया में वकील के तौर पर पंजीकृत थीं या उन्हें बार में शामिल किया गया था।

हालांकि, जकारिया ने खुद को ‘वकील’ कहने का बचाव करते हुए कहा कि जब वह कानूनी विश्लेषण देती थीं, तो यह शब्द इस्तेमाल करना सही था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने चीन में वकील के तौर पर काम किया था।

रॉयटर्स को दिए एक बयान में उन्होंने कहा, “मैंने सभी जरूरी योग्यताओं के साथ इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन लॉ (अंतरराष्ट्रीय लेन-देन कानून) की प्रैक्टिस की है।”

इस विवाद ने उन रूढ़िवादी मीडिया हस्तियों का भी ध्यान खींचा, जो आमतौर पर ट्रम्प प्रशासन का समर्थन करते हैं।

वहीं, फॉक्स न्यूज के होस्ट शॉन हैनिटी, जो लंबे समय से ट्रम्प के सहयोगी रहे हैं, ने सवाल उठाया कि जकारिया ने अपनी योग्यताओं के बारे में खुलकर बात क्यों नहीं की। जब उन्होंने यह स्वीकार कर लिया कि वह कैलिफोर्निया बार परीक्षा पास नहीं कर पाई थीं, तो हैनिटी ने पूछा, “सीधे यह क्यों नहीं कह दिया कि ‘मैंने पेपरडाइन लॉ स्कूल से पढ़ाई की, फिर करियर का एक अलग रास्ता चुन लिया, और मैंने एक बार बार परीक्षा दी थी, लेकिन पास नहीं हो पाई’?”

उन्होंने ‘लॉयर’ (वकील) और ‘अटॉर्नी’ (कानूनी प्रतिनिधि) शब्दों के बीच उनके द्वारा किए गए अंतर को भी चुनौती दी और सवाल किया कि उन्होंने सीधे तौर पर यह क्यों नहीं कहा कि उन्होंने कभी वकालत नहीं की है।

जकारिया ने फिर दोहराया कि वह वकील के तौर पर काम नहीं कर रही थीं और न ही कोई कानूनी सलाह दे रही थीं। शुक्रवार को फॉक्स न्यूज के एक अलग इंटरव्यू में, उन्होंने कहा कि उनसे यह कभी नहीं पूछा गया था कि प्रेस सेक्रेटरी बनने से पहले उन्होंने बार परीक्षा पास की है या नहीं।

जकारिया और ट्रम्प, दोनों का यही कहना था कि उन्हें प्रशासन में वकील के तौर पर नहीं, बल्कि कम्युनिकेशंस (संचार) विभाग में काम करने के लिए रखा गया था।

‘मैं फिर से विचार करने को कहूंगा’: ट्रम्प ने उनके भविष्य पर सवाल उठाए

शुक्रवार तक, जकारिया के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों को नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया था। उसी दिन फॉक्स न्यूज चैनल पर एक कार्यक्रम के दौरान, उनसे पूछा गया कि क्या राष्ट्रपति का उन पर अभी भी भरोसा है।

उन्होंने जवाब दिया, “मुझे उम्मीद है कि मैं अपने आस-पास के सभी लोगों का भरोसा और विश्वास जीत सकूंगी।” उन्होंने यह बताने से भी इनकार कर दिया कि वह व्हाइट हाउस में अपनी अगली प्रेस ब्रीफिंग कब करेंगी।

कुछ घंटों बाद, ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने उन्हें अपने पद पर फिर से विचार करने की सलाह दी थी। जॉर्जिया में एक रैली के लिए रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में पत्रकारों से बात करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि उनका मानना ​​है कि मीडिया ने जकारिया के साथ अनुचित व्यवहार किया है।

ट्रंप ने कहा, “मैंने उससे कहा, ‘मुझे लगता है कि खुश रहना तुम्हारे लिए बेहतर होगा।'”

“मैंने कहा, ‘सच कहूं तो, अगर मैं तुम्हारी जगह होता, तो मैं फिर से सोचता।’ मैंने कहा, ‘तुम इस बारे में सोच लो, लेकिन मैं तो फिर से विचार करता।'”

ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने उससे पूछा था, “‘केटी, क्या तुम्हें इसकी जरूरत है? मुझे नहीं लगता कि तुम्हें इसकी जरूरत है।'” उन्होंने कहा कि वह चाहते थे कि “उसका जीवन अच्छा रहे,” न कि वह “मीडिया के हाथों बुरी तरह परेशान” हो।

उस समय, राष्ट्रपति ने उन्हें पद से हटाने की घोषणा तो नहीं की, लेकिन संकेत दिया कि अपनी यात्राओं से लौटने के बाद वे उनके भविष्य पर चर्चा करेंगे। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “जब मैं वापस आऊंगा, तो हम बात करेंगे।”

जब उनसे किसी संभावित विकल्प (रिप्लेसमेंट) के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने कहा कि इस पद के लिए कई लोग इच्छुक हैं।

व्हाइट हाउस में एक जाना-पहचाना फेरबदल, लेकिन जकारिया के लिए आगे क्या?

जकारिया को हटाना उसी तरह के अचानक किए गए बदलावों की वापसी है, जो अक्सर ट्रम्प के पहले कार्यकाल में देखने को मिलते थे, लेकिन उनके दूसरे कार्यकाल में ऐसे बदलाव कम ही हुए थे।

उनका कार्यकाल एंथनी स्कारामुची से भी छोटा रहा, जो 2017 में व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर के तौर पर सिर्फ 10 दिन तक इस पद पर रहे थे।

उनके जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए, स्कारामुची ने ‘X’ पर लिखा, “रिकॉर्ड तो टूटने के लिए ही बनते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन मुझे दूसरों के दुख में कोई खुशी नहीं मिलती।”

प्रेस सेक्रेटरी के पद से हटाए जाने के बावजूद, हो सकता है कि जकारिया ट्रम्प प्रशासन को पूरी तरह से न छोड़ें। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें प्रशासन में कोई दूसरी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

ABC न्यूज ने दो सूत्रों के हवाले से बताया कि केटी जकारिया को ट्रंप प्रशासन में ही किसी दूसरी जिम्मेदारी में भेजे जाने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बारे में जल्द ही आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है।

हालांकि, व्हाइट हाउस ने अभी तक यह नहीं बताया है कि प्रेस सेक्रेटरी के पद पर जकारिया की जगह कौन लेगा।

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रूस के प्रति ट्रंप की नरमी से रिपब्लिकन पर बढ़ा दबाव

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ संपर्क बढ़ाते हुए रूस को कई रियायतें दी हैं। उनके इन कदमों की अमेरिका में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने आलोचना की है, जिससे मध्यावधि चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी को मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ रहा है।

मतदान में करीब तीन सप्ताह शेष रहने के बीच ट्रंप के हाल के फैसलों ने पुतिन के साथ उनके एक दशक पुराने संबंधों को फिर चर्चा में ला दिया है। शुक्रवार को पुतिन से बातचीत के बाद ट्रंप ने ऐसे कई कदम उठाए, जिनकी आलोचकों के अनुसार रूस को बिना किसी ठोस रियायत के फायदा हुआ है।

श्री ट्रंप ने शुक्रवार को वैश्विक बाजार में लाखों टन रूसी डीजल की आपूर्ति की अनुमति देने संबंधी समझौते की घोषणा की। आलोचकों का कहना है कि इससे रूस के युद्ध से होने वाली आय सीमित करने के उद्देश्य से लगाए गए प्रतिबंधों में ढील मिली है। उन्होंने शनिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की रूसी तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाने के लिए आलोचना की और यूक्रेन से अपना नेता बदलने की मांग की।

इसके अगले दिन श्री ट्रंप ने तत्काल ‘ऊर्जा संघर्षविराम’ की घोषणा की। रूस ने हालांकि यूक्रेन की ऊर्जा अवसंरचना पर हमले जारी रखे और अमेरिका की ओर से इसका कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया।

श्री ट्रंप ने सोमवार को उन खुफिया आकलनों पर आधारित खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि रूस ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की जानकारी देकर उसके युद्ध प्रयासों में मदद कर रहा है।

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उन्होंने मंगलवार को डीजल समझौते का बचाव करते हुए इस आशंका को भी खारिज किया कि इससे होने वाली आय रूस के युद्ध को वित्तपोषित करने में मदद कर सकती है। रिपब्लिकन सांसदों ने हालांकि इस समझौते को ‘विश्वासघात’ और ‘दुश्मन को दिया गया उपहार’ बताया।

ऊर्जा विश्लेषकों ने सवाल उठाया है कि क्या डीजल समझौते से ईरान से जुड़े युद्ध के कारण बढ़ी ईंधन कीमतों में उल्लेखनीय कमी आएगी। यूरोप में अमेरिकी रुख को लेकर नाटो के भीतर मतभेद बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। रूस पर तोड़फोड़, साइबर हमलों और ड्रोन घुसपैठ की घटनाओं को तेज करने के आरोप भी हैं।

राजनीतिक रूप से श्री ट्रंप ऐसे रूसी नेता के साथ नजदीकी बढ़ा रहे हैं, जो अमेरिकी मतदाताओं के बीच अलोकप्रिय हैं। जनवरी में यूगोव के एक सर्वेक्षण में श्री ट्रंप को 2024 में वोट देने वाले 81 प्रतिशत लोगों ने श्री पुतिन के प्रति प्रतिकूल राय व्यक्त की थी।

रूसी राष्ट्रपति के साथ श्री ट्रंप के संबंध 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद से विवादों में रहे हैं। श्री ट्रंप ने सोमवार को फिर कहा कि श्री पुतिन, श्री जेलेंस्की की तुलना में युद्ध समाप्त करने के लिए अधिक इच्छुक हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मुझे वास्तव में लगता है कि पुतिन, जेलेंस्की से अधिक समझौता करना चाहते हैं।

मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के कांग्रेस में अपना नियंत्रण खोने की आशंका है। ऐसा होने पर श्री ट्रंप का विधायी एजेंडा प्रभावित हो सकता है और उनके प्रशासन को कांग्रेस की बढ़ती जांच तथा समन का सामना करना पड़ सकता है।

श्री ट्रंप ने चुनावी नतीजों से अपने संबंध को अलग रखने की कोशिश की है। उन्होंने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं, मैं पहले ही भारी बहुमत से जीत चुका हूं।

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ट्रम्प बोले- जेलेंस्की से ज्यादा पुतिन शांति समझौता चाहते हैं:एनर्जी सीजफायर के दावे के 2 दिन बाद रूस ने 6 ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से ज्यादा शांति समझौता करना चाहते हैं। ट्रम्प ने 11 अक्टूबर को रूस-यूक्रेन युद्ध में ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सीजफायर का दावा किया था। इसके दो दिन बाद यूक्रेन ने कहा कि रूस ने उसके 6 ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए और 33 लोग घायल हुए। ट्रम्प बोले- इस महीने युद्ध में 32 हजार लोग मारे गए ट्रम्प ने दावा किया कि इस महीने युद्ध में 32 हजार लोग मारे गए हैं। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ट्रम्प ने दावा किया कि दोनों देश एनर्जी सीजफायर के लिए तैयार हो गए हैं। सोमवार को जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि रूस और यूक्रेन ने सहमति से इनकार किया है, तो उन्होंने कहा, वे सहमत हो गए। पता है क्यों? क्योंकि मैंने कहा कि वे सहमत हैं। इसी वजह से वे सहमत हुए। इस मामले को सुलझाना ही होगा। ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि रूस ने सीजफायर तोड़ा है या नहीं। यूक्रेन बोला- जवाबी कार्रवाई करेंगें यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस की ओर से ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। उनके मुताबिक, रूस ने सोमवार को यूक्रेन के 6 ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में देशभर में 33 लोग घायल हुए। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि यूक्रेन अमेरिका के प्रस्ताव के तहत ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए तैयार है। लेकिन इसके लिए रूस को भी ऐसा करना होगा। इससे पहले उन्होंने वारसॉ सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अगर रूस ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले नहीं रोके, तो यूक्रेन भी जवाबी कार्रवाई करेगा। यूक्रेन के मुताबिक, अमेरिकी प्रस्ताव के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद पूर्वी यूक्रेन के एक बिजलीघर पर हमला हुआ। रूस बोला- लंबे समय की शांति चाहिए रूस ने भी ऊर्जा सीजफायर लागू होने की पुष्टि नहीं की है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस कुछ समय के लिए लड़ाई रोकने के बजाय ऐसी शांति चाहता है, जो लंबे समय तक बनी रहे। पेस्कोव के मुताबिक, पुतिन यूक्रेन में चुनाव के दिन रूसी सेना को गोलीबारी रोकने का आदेश देंगे। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि स्थायी शांति के लिए रूस किन शर्तों पर सहमत हो सकता है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी जेलेंस्की को अस्थायी राहत देने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की ऐसी राहत के हकदार नहीं हैं। रूस के हमले में यूक्रेन के 8 लोगों की मौत सीजफायर के दावे के बाद रूस के हमलों के चलते यूक्रेन के अलग-अलग इलाकों में कम से कम 8 लोगों की मौत हुई है। रूस ने सोमवार को यूक्रेन की राजधानी कीव के एक रिहायशी इलाके में 25 मंजिला इमारत पर हमला किया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुताबिक, हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 9 लोग घायल हुए। इमारत के पास खड़ी एक कार में भी एक शव मिला। यूक्रेन के दूसरे बड़े शहर खार्किव में रूसी गोलाबारी से एक अपार्टमेंट की इमारत का प्रवेश द्वार ढह गया, जिसमें 5 लोग घायल हुए। मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है। इसके अलावा, खार्किव क्षेत्र के लोजोवा शहर में ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई। पूर्वी डोनेत्स्क क्षेत्र के क्रामातोर्स्क के पास एक गांव में गोलाबारी से 3 लोग मारे गए। वहीं, कीव के पास फास्टिव कस्बे और दक्षिण-पूर्वी शहर निप्रो में भी एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। रूस और यूक्रेन के लिए ऊर्जा ठिकाने क्यों अहम हैं? रूस लंबे समय से यूक्रेन के बिजलीघरों और बिजली सप्लाई करने वाले ठिकानों पर हमले कर रहा है। इससे यूक्रेन में बिजली की कमी हो जाती है। सर्दियों में इसका असर लोगों के घर गर्म रखने और रोजमर्रा के कामों पर भी पड़ सकता है। दूसरी ओर, यूक्रेन रूस की तेल रिफाइनरियों और ईंधन बनाने वाले ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले करता रहा है। इन हमलों से रूस में कच्चे तेल से पेट्रोल-डीजल बनाने का काम प्रभावित होता है। इससे रूस के तेल कारोबार को भी नुकसान पहुंचता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में यूक्रेन के हमलों के कारण रूस का डीजल उत्पादन करीब 30% घट गया। रूस में तेल से ईंधन बनाने का काम भी पिछले 20 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका पिछले एक साल से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवाने के लिए बातचीत करा रहा है। इससे पहले भी दोनों देशों के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की कोशिश हुई थी, लेकिन दोनों के बीच सहमति नहीं बन सकी या समझौते ज्यादा समय तक नहीं चल पाए। ————————— ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- रूस और यूक्रेन में एनर्जी सीजफायर हुआ:एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया है कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। उन्होंने रविवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और दोनों देशों को इसका पालन करना चाहिए। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ट्रम्प बोले- रूस से डीजल खरीदने में अमेरिका का फायदा:EU ने भी 250 अरब डॉलर की एनर्जी खरीदी, अमेरिकी मीडिया इसे नजरअंदाज कर रहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह सौदा अमेरिका के हित में है। ट्रम्प ने दावा किया कि यूरोपीय संघ (EU) ने भी रूस से ऊर्जा खरीदने पर 250 अरब डॉलर खर्च किए हैं, लेकिन अमेरिकी मीडिया इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है। ट्रम्प ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि EU ने रूस को ऊर्जा के लिए 250 अरब डॉलर दिए, लेकिन फेक न्यूज मीडिया इस खबर पर बात नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अमेरिकी लोगों के हित में फैसले लिए हैं और उनकी नीति ‘अमेरिका फर्स्ट’ है। रूस अमेरिका को लाखों टन डीजल भेजेगा ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा था कि रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल अमेरिका भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल भेजने की बात कही गई। ट्रम्प के मुताबिक, रूस की रिफाइनरियों की स्थिति के आधार पर कुछ समय बाद 30 लाख टन डीजल और भेजा जा सकता है। ट्रम्प ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इस समझौते के लिए धन्यवाद दिया था। उन्होंने इसे बड़ा सौदा बताते हुए कहा कि अमेरिका को बड़ी मात्रा में डीजल मिलेगा। पुतिन ने भी कहा कि रूस अमेरिका और दुनिया के दूसरे बाजारों को तेल और पेट्रोलियम उत्पाद देने के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। EU ने 826 रूसी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए ट्रम्प के रूस से डीजल खरीदने के फैसले का बचाव करने के बीच यूरोपीय संघ ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। यूरोपीय परिषद के मुताबिक, नए प्रतिबंधों में 1,569 लोगों और संस्थाओं को शामिल किया गया है। इनमें 826 रूसी कंपनियां और उन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर काम करने वाले 743 लोग शामिल हैं। इन प्रतिबंधों का मकसद रूस के सैन्य उद्योग को सामान और सेवाएं देने वाली कंपनियों पर दबाव बढ़ाना है। यूरोपीय परिषद के मुताबिक, इन कंपनियों का सालाना कारोबार कम से कम 20 अरब यूरो है और इनमें 2.5 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। जेलेंस्की बोले- रूस को युद्ध के लिए ज्यादा पैसा मिलेगा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को EU के नए प्रतिबंधों का स्वागत किया, लेकिन रूस से डीजल खरीदने के अमेरिकी फैसले की आलोचना की। उनका कहना है कि ऊर्जा बेचकर रूस की कमाई बढ़ेगी और वह इस पैसे का इस्तेमाल युद्ध जारी रखने के लिए कर सकता है। जेलेंस्की ने दावा किया कि अमेरिका की ओर से ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए संघर्षविराम की घोषणा के अगले ही दिन रूस ने यूक्रेन की 6 ऊर्जा सुविधाओं पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों में देशभर में 33 लोग घायल हुए। ट्रम्प ने रविवार को रूस और यूक्रेन में एनर्जी सीजफायर की जानकारी दी ट्रम्प ने रविवार को बताया था कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और दोनों देशों को इसका पालन करना चाहिए। ————————-

ट्रम्प बोले- रूस से डीजल खरीदने में अमेरिका का फायदा:EU ने भी 250 अरब डॉलर की एनर्जी खरीदी, अमेरिकी मीडिया इसे नजरअंदाज कर रहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह सौदा अमेरिका के हित में है। ट्रम्प ने दावा किया कि यूरोपीय संघ (EU) ने भी रूस से ऊर्जा खरीदने पर 250 अरब डॉलर खर्च किए हैं, लेकिन अमेरिकी मीडिया इस मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है। ट्रम्प ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि EU ने रूस को ऊर्जा के लिए 250 अरब डॉलर दिए, लेकिन फेक न्यूज मीडिया इस खबर पर बात नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा अमेरिकी लोगों के हित में फैसले लिए हैं और उनकी नीति ‘अमेरिका फर्स्ट’ है। रूस अमेरिका को लाखों टन डीजल भेजेगा ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा था कि रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल अमेरिका भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल भेजने की बात कही गई। ट्रम्प के मुताबिक, रूस की रिफाइनरियों की स्थिति के आधार पर कुछ समय बाद 30 लाख टन डीजल और भेजा जा सकता है। ट्रम्प ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इस समझौते के लिए धन्यवाद दिया था। उन्होंने इसे बड़ा सौदा बताते हुए कहा कि अमेरिका को बड़ी मात्रा में डीजल मिलेगा। पुतिन ने भी कहा कि रूस अमेरिका और दुनिया के दूसरे बाजारों को तेल और पेट्रोलियम उत्पाद देने के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। EU ने 826 रूसी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए ट्रम्प के रूस से डीजल खरीदने के फैसले का बचाव करने के बीच यूरोपीय संघ ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। यूरोपीय परिषद के मुताबिक, नए प्रतिबंधों में 1,569 लोगों और संस्थाओं को शामिल किया गया है। इनमें 826 रूसी कंपनियां और उन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर काम करने वाले 743 लोग शामिल हैं। इन प्रतिबंधों का मकसद रूस के सैन्य उद्योग को सामान और सेवाएं देने वाली कंपनियों पर दबाव बढ़ाना है। यूरोपीय परिषद के मुताबिक, इन कंपनियों का सालाना कारोबार कम से कम 20 अरब यूरो है और इनमें 2.5 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। जेलेंस्की बोले- रूस को युद्ध के लिए ज्यादा पैसा मिलेगा यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को EU के नए प्रतिबंधों का स्वागत किया, लेकिन रूस से डीजल खरीदने के अमेरिकी फैसले की आलोचना की। उनका कहना है कि ऊर्जा बेचकर रूस की कमाई बढ़ेगी और वह इस पैसे का इस्तेमाल युद्ध जारी रखने के लिए कर सकता है। जेलेंस्की ने दावा किया कि अमेरिका की ओर से ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए संघर्षविराम की घोषणा के अगले ही दिन रूस ने यूक्रेन की 6 ऊर्जा सुविधाओं पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों में देशभर में 33 लोग घायल हुए। ट्रम्प ने रविवार को रूस और यूक्रेन में एनर्जी सीजफायर की जानकारी दी ट्रम्प ने रविवार को बताया था कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और दोनों देशों को इसका पालन करना चाहिए। ————————-

ट्रम्प बोले- रूस और यूक्रेन में एनर्जी सीजफायर हुआ:एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करेंगे; समझौता न तोड़ने की चेतावनी दी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया है कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। उन्होंने रविवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और दोनों देशों को इसका पालन करना चाहिए। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि सीजफायर कितने समय तक लागू रहेगा। रूस और यूक्रेन की ओर से इस समझौते की आधिकारिक पुष्टि और इसकी शर्तों की जानकारी भी सामने नहीं आई है। रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमलों से ट्रम्प नाराज ट्रम्प रूस की तेल रिफानरियों पर यूक्रेन के हमलों को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने शनिवार को इन हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि इन हमलों से दुनिया में ईंधन की समस्या बढ़ सकती है। दरअसल, यूक्रेन रूस की तेल से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बना रहा है। इससे रूस की तेल से होने वाली कमाई और उसकी सेना तक ईंधन पहुंचाने की व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया था। तब से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है। जेलेंस्की बोले थे- रूस हमले रोके तो हम भी हमला बंद करेंगे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा था कि अगर रूस यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोक देता है, तो यूक्रेन भी रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले बंद करने को तैयार होगा। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा था कि तनाव कम करने के लिए दोनों देशों को एक साथ कदम उठाने होंगे और इसके लिए पक्की सुरक्षा गारंटी भी जरूरी है। जेलेंस्की ने चुनाव कराने के लिए 2 महीने के सीजफायर की मांग रखी जेलेंस्की ने कहा है कि अगर ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन में चुनाव चाहते हैं, तो रूस को 60 दिन के लिए युद्ध रोकना होगा। जेलेंस्की ने कहा कि इस दौरान पूरी तरह सीजफायर लागू होने पर यूक्रेन चुनाव कराने के लिए तैयार है। 11 अक्टूबर को ABC न्यूज को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि देश का अगला नेता कौन होगा, यह फैसला यूक्रेन की जनता करेगी। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में मार्शल लॉ लागू होने के कारण फिलहाल चुनाव नहीं कराए जा सकते। रूस के हमले के बाद देश में मार्शल लॉ लगाया गया था। जेलेंस्की बोले- पुतिन को रोकना ज्यादा मुश्किल जेलेंस्की ने कहा कि कुछ नेता युद्ध जारी रहने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, क्योंकि वे पुतिन को रोकने का तरीका नहीं खोज पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूसरों पर दबाव डालने के मुकाबले पुतिन को रोकना ज्यादा मुश्किल है। अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों के लिए यूक्रेन के हमलों को जिम्मेदार ठहराने वाले ट्रम्प के दावे को भी जेलेंस्की ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि कीमतें बढ़ने की वजह मध्य पूर्व में युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी है। जेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि अमेरिका, यूरोप और यूक्रेन मिलकर रूस को रोकने की कोशिश जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को अमेरिकी मदद की उम्मीद है, लेकिन वह अपनी आजादी और स्वतंत्रता की रक्षा भी करता रहेगा। खबर अपडेट हो रही है…

व्हाइट हाउस की नई प्रेस सेक्रेटरी बनीं केटी जकारिया:ट्रम्प बोले- वे मेरी वफादर समर्थक; 7 बार से इस पद पर महिला चुनी गईं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को केटी जकारिया को व्हाइट हाउस की नई प्रेस सेक्रेटरी बनाने का ऐलान किया। कैरोलिना लेविट के पद छोड़ने के बाद करीब दो महीने से यह पद खाली था। जकारिया कैलिफोर्निया की वकील और कंजर्वेटिव विचारों वाली कमेंटेटर हैं। वह ट्रम्प की बड़ी समर्थक हैं और कई बार उनकी जमकर तारीफ कर चुकी हैं। ट्रम्प ने नियुक्ति का ऐलान करते हुए कहा कि जकारिया का उनके समर्थन का रिकॉर्ड बेदाग है। ट्रम्प ने उन्हें वफादार और प्रतिभाशाली समर्थक बताया। केटी जकारिया से पहले लगातार 6 महिलाएं इस पद की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। आखिरी पुरुष प्रेस सेक्रेटरी शॉन स्पाइसर थे, जिन्होंने 2017 में ट्रम्प के पहले कार्यकाल की शुरुआत में यह पद संभाला था। ट्रम्प ने फैसला लेने से पहले लेविट से भी सलाह ली ट्रम्प ने यह फैसला लेने से पहले अपने कई करीबी सलाहकारों से बात की थी। इनमें पूर्व प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिना लेविट भी शामिल थीं। लेविट ने अपने दूसरे बच्चे को जन्म देने के बाद अगस्त के आखिर में प्रशासन छोड़ दिया था। उनकी जगह लेने के लिए CNN के कंजर्वेटिव कमेंटेटर स्कॉट जेनिंग्स, ट्रम्प की पूर्व वकील अलीना हब्बा और डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी एना केली के नाम भी चर्चा में थे। करीब दो महीने तक प्रेस सेक्रेटरी का पद खाली रहने के कारण व्हाइट हाउस के प्रेस ब्रीफिंग रूम में आखिरी औपचारिक ब्रीफिंग 3 सितंबर को हुई थी। जकारिया ट्रम्प की कंपनी में भी काम कर चुकी हैं 42 साल की केटी जकारिया के चार बच्चें हैं। वे कैलिफोर्निया के वेस्टलेक विलेज में रहती हैं। उन्होंने ग्रेजुएशन और कानून की पढ़ाई पेपरडाइन यूनिवर्सिटी से की है। जून से वह ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप में सीनियर कम्युनिकेशन एडवाइजर के तौर पर काम कर रही थीं। यह वही कंपनी है जो ट्रम्प के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ को चलाती है। इसके अलावा पिछले एक साल में फॉक्स न्यूज और न्यूजमैक्स पर वह कई बार नजर आई हैं। जकारिया खुद को फॉक्स न्यूज की कमेंटेटर बता चुकी हैं। हालांकि, चैनल ने साफ किया है कि वह वहां कभी कर्मचारी नहीं रहीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प ने जकारिया को टीवी पर देखने के बाद पसंद किया। जकारिया ने टीवी कार्यक्रमों में ही नहीं, बल्कि लंबे लेख लिखकर भी ट्रम्प के नेतृत्व और उनकी राजनीतिक उपलब्धियों की तारीफ की है। जकारिया ने नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट का विरोध किया था जकारिया फॉक्स न्यूज जैसे बड़े अमेरिकी न्यूज चैनलों पर ट्रम्प की नीतियों का बचाव करती रही हैं। उन्होंने ट्रम्प को अमेरिकी राजनीति का अब तक का सबसे बड़ा खिलाड़ी बताया था और उनकी तुलना खेल जगत के दिग्गजों से की थी। जकारिया के विचार ट्रम्प से काफी मिलते हैं। उन्होंने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के गिरफ्तारी वारंट का भी विरोध किया था। वह ईरान के खिलाफ भी सख्त रुख रखती हैं। जुलाई में जकारिया ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की आलोचना की थी। ममदानी ने कहा था कि नेतन्याहू के न्यूयॉर्क आने पर उन्हें गिरफ्तार कराने के कदम उठाए जा सकते हैं। इस पर जकारिया ने कहा था कि ममदानी ऐसे व्यवहार करते हैं, जैसे वह किसी स्वतंत्र देश के शासक हों।

केटी जकारिया व्हाइट हाउस की नई प्रेस सेक्रेटरी बनीं:ट्रम्प बोले- वे मेरी वफादर; 7 बार से इस पद पर महिला चुनी गईं

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने केटी जकारिया को व्हाइट हाउस का नया सेक्रेटरी बनाया है। उन्होंने कैरोलिन लेविट की जगह ली है, जिन्होंने अगस्त में यह पद छोड़ दिया था। 41 साल की जकारिया वकील रह चुकी हैं और फिलहाल ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप में सलाहकार हैं। यह कंपनी ट्रम्प के सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल को चलाती है। ट्रम्प ने शुक्रवार को उनकी नियुक्ति का ऐलान करते हुए कहा कि वह उनकी बहुत वफादार हैं और उनका रिकॉर्ड बेदाग है। केटी जकारिया से पहले लगातार 6 महिलाएं इस पद की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। आखिरी पुरुष प्रेस सेक्रेटरी शॉन स्पाइसर थे, जिन्होंने 2017 में ट्रम्प के पहले कार्यकाल की शुरुआत में यह पद संभाला था। ट्रम्प ने TV पर देखकर पसंद किया था 42 साल की केटी जकारिया कैलिफोर्निया से हैं और उनके चार बच्चे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प ने जकारिया को टीवी पर देखने के बाद पसंद किया। जकारिया एक्सपर्ट के रूप में लगातार टीवी पर आती रही हैं। ट्रम्प TV पर उनके बात रखने के अंदाज से काफी प्रभावित हुए थे। ट्रम्प ने यह फैसला लेने से पहले अपने कई करीबी सलाहकारों से बात की थी। इनमें पूर्व प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिना लेविट भी शामिल थीं। लेविट ने अपने दूसरे बच्चे को जन्म देने के बाद अगस्त के आखिर में प्रशासन छोड़ दिया था। उनकी जगह लेने के लिए CNN के कंजर्वेटिव कमेंटेटर स्कॉट जेनिंग्स, ट्रम्प की पूर्व वकील अलीना हब्बा और डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी एना केली के नाम भी चर्चा में थे। पिछले कार्यकाल में ट्रम्प के 4 प्रेस सेक्रेटरी रहे ट्रम्प के पहले कार्यकाल के दौरान चार लोगों ने व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी का पद संभाला था। सबसे पहली सीन स्पाइसर को छह महीने बाद ही पद से हटा दिया गया था। उन्होंने 2017 में ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह को सबसे ज्यादा देखे जाने का झूठा दावा किया था। इसके बाद साराह सैंडर्स ने पद संभाला। ट्रम्प ने उनके काम की काफी तारीफ भी की। स्टेफनी ग्रिशम तीसरी प्रेस सेक्रेटरी बनीं, जिन्होंने ट्रम्प के कहने पर कभी प्रेस ब्रीफिंग नहीं की। 6 जनवरी 2021 को ट्रम्प समर्थकों के व्हाइट हाउस घेराव के बाद ग्रिसम ने पद छोड़ दिया था। अब ग्रिशम ट्रम्प विरोधी हैं। कैली मैकनेनी ट्रम्प कार्यकाल में व्हाइट हाउस की आखिरी प्रेस सेक्रेटरी रही। अब वे फॉक्स न्यूज के लिए काम करती हैं।