ईरान में एक डॉलर की कीमत 25 लाख रियाल के बराबर पहुंची! युद्ध के असर के बाद ये हाल आया सामने

पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध का सबसे गंभीर और विनाशकारी असर ईरान की इकॉनमी पर देखने को मिल रहा है। मंगलवार को ईरानी मुद्रा रियाल में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। तेहरान के मुद्रा बाजार में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 25 लाख (2.5 मिलियन) रियाल के आंकड़े को पार कर गई। यह अब तक के इतिहास में ईरानी रियाल का सबसे निचला स्तर है। यह साफ इशारा कर रहा है कि युद्ध ने ईरान के आर्थिक संतुलन को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी मुद्रा में यह बड़ी गिरावट सिर्फ 27 दिनों के भीतर आई है। इससे पहले 2 सितंबर को रियाल ने 22 लाख (2.2 मिलियन) प्रति डॉलर का निचला स्तर छुआ था। फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से ही ईरानी मुद्रा लगातार नए निचले रिकॉर्ड बना रही है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खोलने के लिए मध्यस्थता वार्ता में तेजी

एक तरफ जहां ईरान की इकॉनमी चरमरा रही है, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक मोर्चे पर हलचल तेज हो गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने के उद्देश्य से संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत अब और अधिक गंभीर मोड़ में पहुंच गई है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के बाद और पाकिस्तानी व कतर के मध्यस्थों से मुलाकात के बाद ईरानी मीडिया को बताया कि मौजूदा समय में पूरा ध्यान सिर्फ युद्ध के मुख्य केंद्र यानी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर फोकस्ड है। कतर के मध्यस्थ जल्द ही अमेरिकी पक्ष से इस मुद्दे पर दोबारा चर्चा करेंगे। अमेरिका का अंतिम रुख सामने आने के बाद तेहरान में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अमेरिकी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच लड़ाई रोकने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुजे को खोलने के लिए एक समझौते पर काम किया जा रहा है।

हालांकि, यह मध्यस्थता प्रयास ऐसे समय में जारी हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था जिसमें ईरान ने अमेरिकी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाने, ईरानी संपत्ति को बहाल करने और तेल बिक्री पर प्रतिबंध हटाने की शर्त पर 7 दिनों में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खोलने की बात कही थी।

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी जनता को दिया सीधा संदेश

ईरान की इकॉनमी पर बढ़ते दबाव के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के मुख्य प्रवक्ता जनरल हुसैन मोहेबी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधे अमेरिकी नागरिकों से अपील की। उन्होंने एक पत्र पढ़कर सुनाया और अमेरिकी जनता से आह्वान किया कि वे अपनी सरकार पर दबाव बनाएं ताकि अमेरिका मिडिल ईस्ट में जारी इस युद्ध को समाप्त करे। जनरल मोहेबी ने कहा कि इस युद्ध को खत्म करने का एकमात्र रास्ता यह है कि वाशिंगटन अपनी हार स्वीकार करे और ये इलाका छोड़कर चला जाए। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम का बहाना बनाकर देश की संपत्ति को लूटने और उसे फिर से एक उपनिवेश बनाने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन और आर्थिक संकट

ईरान का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में 3 नवंबर को महत्वपूर्ण मिडटर्म इलेक्शन होने जा रहे हैं। युद्ध की वजह से अमेरिका में भी ईंधन और गैसोलीन की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। इसका सीधा असर वहां की राजनीति और लोगों पर पड़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके वरिष्ठ सलाहकारों का मानना है कि ईरान की इकॉनमी अब इस लंबे संघर्ष को झेलने में सक्षम नहीं है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि नई पाबंदियों और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की वजह से ईरान का तेल व्यापार रुक गया है जिससे तेहरान एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। अमेरिका का दावा है कि तेल की कमाई रोकने से ईरान को उन संसाधनों के इस्तेमाल से रोका जा रहा है, जिनका प्रयोग वह सैन्य गतिविधियों के लिए करता है।

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Market Insight : बाजार में हालात पलटे, इंश्योरेंस सेक्टर में होगा बड़ा एक्सीडेंट, ऑटो और रियल्टी शेयरों में भी गिरावट का डर

Market Insight : बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में हालात पलट गए हैं। कल अच्छी क्लोजिंग के बावजूद हमने लॉन्ग लेकर जाने से मना किया था। नजरिया यही था कि ट्रेड लेकर जाना जुआ खेलने जैसा होगा। परसों के आउटसाइड डे के बाद कल इनसाइड डे बना था। अगर गिफ्ट निफ्टी सही है तो आज हम 23,250-23,300 पर खुलेंगे। 23,100-23,150 का जोन बाजार के लिए लक्ष्मण रेखा है। आज इंश्योरेंस सेक्टर में बड़ा एक्सीडेंट होगा। IRDAI का कंसल्टेशन पेपर उम्मीद से एकदम उल्टा आया है।

बाजार: आज के संकेत

बॉन्ड यील्ड से कोहराम मच गया है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.135% पर आ गई है। जुलाई 2007 के बाद 10 साल की यील्ड सबसे ज्यादा ऊंचाई पर है।इसमें 7 अप्रैल 2025 के बाद एक-दिन की सबसे बड़ी तेजी आई है। 2 साल की यील्ड 4.947% पर पहुंच गई है। मई 2024 के बाद सबसे ऊंची 2 साल की यील्ड दिखी है। 30 साल की यील्ड 5.398% पर पहुंच गई है। 30 साल की यील्ड जून 2007 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर है।

यील्ड में तेजी के कारण

US के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI के आंकड़े मजबूत रहे हैं। सर्विसेज PMI 5 साल के हाई पर पहुंच गई है। S&P Global सितंबर सर्विसेज PMI 58.7 पर है। अगस्त में सर्विसेज PMI 56.5 पर थी। मैन्युफैक्चरिंग PMI 56.7 पर, 4 साल के हाई पर है। यह कोरोना के बाद 2015 से सबसे तेज उछाल है।

अभी और बढ़ेगी ब्याज दर?

फेड गवर्नर माइकल बार की हॉकिस चेतावनी आई है। उन्होंने कहा है कि महंगाई को समय पर नीचे लाने के लिए पॉलिसी में बदलाव जरूरी है। टिकाऊ ग्रोथ और ज्यादा रोजगार के लिए प्राइस स्टेबिलिटी अहम है। CME फेडवॉच टूल के मुताबिक Oct में 0.25% बढ़ोतरी की संभावना 70% है। पहले 0.25% बढ़ोतरी की संभावना 55% ही थी।

बॉन्ड की कमजोर नीलामी

5 साल के ट्रेजरी नोट की नीलामी में डिमांड कमजोर रही है। ऑप्शन 5.033% यील्ड पर पूरा हुआ। 6 ऑप्शन का औसत यील्ड 4.186% रहा।

कच्चे तेल में फिर तेजी

ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान के UNGA में भाषण के बाद कच्चे तेल में तेजी आई। ब्रेंट $102 के ऊपर है। WTI भी $91/बैरल के पार चला गया है। UK मैरीटाइम एजेंसी का दावा है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में एक कार्गो जहाज में आग लगी है।

पॉलिटिको की रिपोर्ट है कि US डीजल एक्सपोर्ट पर रोक लगा सकता है। प्रशासन रोक के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। 90 दिनों के लिए एक्सपोर्ट पर रोक की योजना है। अमेरिका के एनर्जी सेक्रेटरी हैं क्रिस राइट ने कहा है कि पूरा बैन नहीं होगा,कुछ पाबंदियों पर विचार किया जा रहा है। एक्सपर्ट्स की चेतावनी है कि डीजल एक्सपोर्ट पर रोक का फैसला गलत होगा। इससे US में रिटेल गैसोलीन महंगा हो सकता है।

ट्रंप पर बरसे मसूद पेजेशकियान

UNGA में ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन की इजाजत नहीं। सबसे पहले प्रतिबंध और नेवल ब्लॉकेड हटना जरूरी है। अब तक हॉर्मुज से सभी ने फायदा उठाया है। लेकिन ईरान प्रतिबंध झेले,ये मंजूर नहीं है। किसी भी हाल में बल की भाषा स्वीकार नहीं है।

पेजेशकियान ने कहा कि ईरान की एटॉमिक हथियार बनाने में दिलचस्पी नहीं है। लेकिन विकास के लिए न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी जरूरी है। न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी विकसित करना ईरान का अधिकार है। किसी भी सूरत में अपना अधिकारी नहीं छोड़ेंगे। प्रोग्राम से जुड़े सवाल युद्ध के मैदान पर हल नहीं होंगे। पेजेशकियान ने आगे कहा कि स्ट्रेट से अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड तुरंत हटे। ईरानी एसेट्स को अनफ्रीज करना जरूरी है। सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना भी जरूरी है।

आज का एक्सीडेंट: PB Fintech

IRDAI का कंसल्टेशन पेपर उम्मीद से एकदम उल्टा है। PB Fintech आज 10% नीचे खुल सकता है और हो सकता है उसके बाद और भी गिरे। बाजार की उम्मीद से कहीं ज्यादा खराब कंसल्टेशन पेपर आया है।

इस कंसल्टेशन पेपर का सबसे ज्यादा असर PB Fintech, Turtlemint, Max Fin, HDFC Life, LTF, IndusInd Bank और IDFC First Bank पर पड़ेगा। वहीं, LIC और SBI Life पर इसका सबसे कम असर होगा।

आज कहां लगाएं दांव?

PB फिनटेक आज का एक्सीडेंट होगा। बाकी इंश्योरेंस शेयरों में भी आज गिरावट संभव है। ONGC और OIL में आज वापस रिकवरी आ सकती है। इंटरग्लोब और एशियन पेंट्स पर क्रूड में रैली का असर दिख सकता है। मुथूट,मणप्पुरम में आज सोने में गिरावट और NBFCs में दबाव का असर दिख सकता है। चांदी में गिरावट से हिंदुस्तान जिंक में दबाव संभव है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती से मेटल शेयरों में गिरावट आ सकती है। बैंक और NBFCs में आज दबाव संभव है। लार्जकैप IT शेयरों में भी आज गिरावट का खतरा है। ऑटो और रियल्टी शेयरों में आज बड़ी गिरावट की आशंका है।

NSE की लिस्टिंग

NSE की लिस्टिंग शायद बहुत ज्यादा प्रीमियम पर ना हो। प्री-IPO निवेशकों का लॉक इन है लेकिन करीब 15,000 करोड़ के फ्लोट पर नहीं हैं। कुछ चुनिंदा AIFs पर लॉक इन लागू नहीं है। NSE में आज AIF की सप्लाई आएगी। 1 महीने के बाद एंकर निवेशकों की सप्लाई आएगी और 6 महीने बाद प्री-IPO निवेशकों की सप्लाई आएगी। NSE में डिमांड भी मजबूत रह सकती है। MSCI शायद फास्ट ट्रैक पर NSE को शामिल करे।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,300-23,350 पर और सबसे अहम सपोर्ट 23,100-23,150 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,400-23,450 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,500-23,550 पर है। 200 पॉइंट नीचे खुलने के बाद थोड़ा रुकें। आज देखना होगा 23,100-23,150 बचता है या नहीं।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी पर पहला सपोर्ट 56,000-56,200 पर और क्रिटिकल सपोर्ट 55,500-55,800 पर है। फिलहाल रजिस्टेंस की बात करना बेमानी है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी, $102 के नीचे आया; सऊदी अरब की पाइपलाइन से मिली राहत

Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में 17 सितंबर को भी गिरावट जारी रही। संकेत हैं कि मध्य पूर्व में सप्लाई पर बना दबाव अब कुछ कम हो सकता है। इसकी बड़ी वजह सऊदी अरब की एक अहम पाइपलाइन का कुछ हिस्सा फिर से चालू होना है।

Brent crude $102 प्रति बैरल से नीचे आ गया। बुधवार को भी इसमें 2.7% की गिरावट आई थी। सऊदी अरब अगले कुछ दिनों में अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की करीब आधी क्षमता बहाल करने की कोशिश कर रहा है।

ड्रोन हमलों के बाद पिछले हफ्ते इस पाइपलाइन को बंद कर दिया गया था। अब इसे धीरे-धीरे शुरू करने की तैयारी है। सऊदी अरब ने एशियाई रिफाइनरों को ज्यादा तेल भी बेचा है। इसकी डिलीवरी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के ठीक बाहर की जगहों पर की जा रही है।

इस साल 70% से ज्यादा चढ़ा तेल

कच्चे तेल की कीमत इस साल 70% से ज्यादा बढ़ चुकी है। इससे महंगाई का दबाव बढ़ा है। इसी दबाव को देखते हुए अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरें बढ़ाईं। फेड ने आगे भी सख्ती के संकेत दिए हैं।

हालांकि, गुरुवार को तस्वीर थोड़ी बदली। शेयर बाजार में तेजी आई। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और तेल की कीमतों में गिरावट रही।

मध्य पूर्व में खतरा अभी टला नहीं

तेल की सप्लाई को लेकर जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। अमेरिका-ईरान युद्ध से मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध भी जारी है।

ट्रेडर्स की नजर हूती लड़ाकों पर भी है। वे लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में मौजूद Bab el-Mandeb Strait की ओर बढ़ रहे हैं। इस बीच सऊदी अरब के तेल और शिपिंग से जुड़े ठिकानों पर हमले भी बढ़े हैं।

Yanbu से तेल की लोडिंग भी रुकी थी

इस हफ्ते की शुरुआत में तेल की कीमत करीब चार महीने के हाई पर पहुंच गई थी। शिपिंग इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, सऊदी अरब के Red Sea एक्सपोर्ट हब Yanbu से कच्चे तेल की लोडिंग रोक दी गई थी।

रियाद ने यूरोप के कुछ ग्राहकों की तेल डिलीवरी भी रद्द की थी। यह फैसला ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए हमलों के बाद लिया गया। यही पाइपलाइन Yanbu तक कच्चा तेल पहुंचाती है।

पाइपलाइन लंबे समय बंद रही तो बड़ा असर

ट्रेडर्स के मुताबिक, अगर पाइपलाइन लंबे समय तक बंद रहती है तो दुनिया की करीब 4% तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

सऊदी अरब ने अभी यह नहीं बताया है कि पाइपलाइन पूरी तरह कब चालू होगी। हालांकि, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री Chris Wright ने मंगलवार को CNBC से कहा था कि अगले कुछ दिनों में इस पाइपलाइन से कच्चे तेल की सप्लाई फिर शुरू हो सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ट्रम्प बोले- होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का पैसा दे दुनिया:कहा- अमेरिका ने तेल सप्लाई जारी रखी, दूसरे देशों ने कोई मदद नहीं की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का खर्च दूसरे देशों से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि उन देशों को अमेरिका को पैसा देना चाहिए, जिन्होंने ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका की मदद नहीं की। ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई अभी भी जारी है। उनके मुताबिक, अमेरिका कई पीढ़ियों से अपने हितों की जगह दूसरे देशों के लिए ज्यादा काम करता रहा है। ट्रम्प ने कहा, दुनिया के जिन देशों ने हमारी बिल्कुल मदद नहीं की, उन्हें इस SCAM संकट के खत्म होने पर अमेरिका को भुगतान करना चाहिए और वे ऐसा करेंगे। ट्रम्प ने अमेरिका में महंगाई के लिए बाइडेन को जिम्मेदार बताया ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर अमेरिका में बढ़ती कीमतों और तेल के दाम के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि महंगाई के लिए उनकी सरकार जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि बाइडेन के कार्यकाल में तेल की कीमत अभी से ज्यादा थी। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया। ट्रम्प बोले- ईरान जल्द समझौता करना चाहता है ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहता है और जल्द समझौता करने की कोशिश कर रहा है। ट्रम्प ने साफ किया कि अमेरिका ईरान से बातचीत करेगा या नहीं, इसका फैसला वही करेंगे। उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि हॉर्मुज से तेल की आवाजाही से जिन देशों को फायदा हो रहा है, उन्हें इसकी सुरक्षा का खर्च भी उठाना चाहिए। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…

Petrol Diesel Price Today: क्रूड ऑयल 108 डॉलर पार, पेट्रोल-डीजल खरीदने से पहले चेक करें आज के नए भाव, अपने शहर की पूरी प्राइज लिस्ट देखें

Petrol Diesel Price Today: 11 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. मिडिल ईस्ट के प्रमुख के ट्रेड रूट्स खासकर समंदर से होने वाले कारोबार पर बढ़ते हमलों और सप्लाई में संभावित रुकावट की वजह से ग्लोबल बाजार में ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक करीब चार महीनों में पहली बार दोनों प्रमुख ग्लोबल बेंचमार्क हफ्ते का अंत 100 डॉलर से ऊपर रहकर करने की ओर बढ़ रहे हैं.

वैसे राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई इस बड़ी तेजी के बावजूद भारतीय बाजार में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं.

पहले जानिए क्रूड ऑयल में तेजी क्यों?

रॉयटर्स के आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $1.05 या 1 फीसदी चढ़कर $108.68 प्रति बैरल पर पहुंच गया है. वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 95 सेंट यानी 1 फीसदी बढ़कर $103.45 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. साप्ताहिक आधार पर दोनों बेंचमार्क में लगभग 13 फीसदी की जोरदार बढ़त दर्ज की गई है। ये 17 जुलाई के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त है.

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से लाल सागर के रास्तों पर खतरा बढ़ गया है. यमन के मोचा बंदरगाह पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण होने और स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज में तेल टैंकरों पर हमले तेज होने से रीजनल ऑयल सप्लाई बाधित होने की आशंका गहरा गई है. यमन से सऊदी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। इससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम चढ़ रहे हैं.

दिल्ली, नोएडा, मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल-डीजल के भाव

देश के अलग अलग शहरों में वैट और स्थानीय टैक्स की अलग-अलग दरों के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग अलग होती हैं. 11 सितंबर को प्रमुख शहरों में ताजा दरें इस प्रकार हैं:

दिल्ली: दिल्ली में आज 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर बिक रहा है. वहीं, प्रीमियम XP95 ₹109.24 और हाई-ऑक्टेन XP100 ₹167.35 प्रति लीटर पर उपलब्ध है.

नोएडा: नोएडा में पेट्रोल ₹101.77  प्रति लीटर और डीजल ₹95.26 प्रति लीटर है.

गुरुग्राम: गुरुग्राम में पेट्रोल ₹102.97और डीजल ₹95.64 प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है.

फरीदाबाद: फरीदाबाद में आज पेट्रोल ₹103.28 और डीजल ₹95.94 प्रति लीटर दर्ज किया गया है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल ₹101.89 और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर बिक रहा है.

पटना: बिहार के पटना में पेट्रोल ₹113.37 प्रति लीटर और डीजल ₹99.36 प्रति लीटर के स्तर पर है.

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में पेट्रोल ₹105.26 और डीजल ₹100.49 प्रति लीटर है.

भोपाल: मध्य प्रदेश के भोपाल में पेट्रोल ₹114.57, डीजल ₹99.64, XP95 ₹123.88 और XG ₹104.90 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है.

जयपुर: राजस्थान के जयपुर में 1 लीटर पेट्रोल ₹112.69 और डीजल ₹97.78 में मिल रहा है.

देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में पेट्रोल ₹100.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.93 प्रति लीटर है.

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पेट्रोल ₹103.25, डीजल ₹95.21 और प्रीमियम XP95 ₹111.90 प्रति लीटर बिक रहा है.

भारत में कौन से फैक्टर तैय करते हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें

भारत में पेट्रोल और डीजल की रिटेल वैल्यू को कई चीजें प्रभावित करती हैं. पहला है कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत. पेट्रोल और डीजल का उत्पादन कच्चे तेल से होता है. जब अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क में कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो तेल रिफाइनरियों की लागत बढ़ जाती है. डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया की स्थिति का भी असर पड़ता है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया जाता है. अगर डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो क्रूड आयात करना महंगा हो जाता है.

पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट (VAT) शामिल होता है, जिसके कारण हर राज्य में दरें अलग होती हैं. क्रूड ऑयल को पेट्रोल और डीजल में बदलने की रिफाइनिंग लागत और उसे देशभर के पेट्रोल पंपों तक पहुंचाने का मालभाड़ा भी अंतिम कीमत में जोड़ा जाता है. बाजार में ईंधन की खपत और आपूर्ति का संतुलन भी कीमतों को प्रभावित करता है. त्योहारों या मौसम के बदलाव के समय मांग बढ़ने पर भी इसका असर पड़ता है.

अपने मोबाइल पर SMS से ऐसे चेक करें अपने शहर के ताजा रेट

अगर आप अपने शहर में पेट्रोल और डीजल की नई दरें एसएमएस के जरिए जानना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया बेहद आसान है-

Indian Oil (IOCL) ग्राहक: अपने मोबाइल से RSP <शहर का कोड> टाइप करें और इसे 9224992249 पर भेज दें.

Bharat Petroleum (BPCL) ग्राहक: मैसेज बॉक्स में RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें.

Hindustan Petroleum (HPCL) ग्राहक: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें.

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Trend : निफ्टी पिछले एक महीने में करीब 1000 अंक नीचे गिरा, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

Nifty Trend : सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि बाजार इस समय मंड़ियों की पकड़ में है। निफ्टी पिछले एक महीने में करीब 1000 अंक नीचे गिरा है। यह 24,775 से धीरे-धीरे गिरकर 23,775 पर आया है। दिक्कत यह कि एक दिन की गिरावट कभी भी 0.57% से ज्यादा नहीं रही है। इस दौरान सिर्फ 6 दिन निफ्टी पॉजिटिव रहा। निफ्टी में अब ट्रेंडलाइन और ट्राइएंगल ब्रेकडाउन कन्फर्म हुआ है। कच्चा तेल अभी भी बाजार का सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स भी नीचे आने को तैयार नहीं हैं। एक बड़ा फैक्टर है निफ्टी IT का वापस गिरना। पिछले 1 महीने में Nifty IT 6% से ज्यादा गिर चुका है। बैंक निफ्टी फ्लैट रहा है लेकिन बार-बार 200 DMA के नीचे आ रहा है। ग्लोबल बाजार भी 11 तारीख तक शायद वेट एंड वॉच मोड में रहें।

क्रूड की तेजी बरकरार

ब्रेंट $97 के पार निकल गया है। इसमें पिछले हफ्ते से 9% की तेजी आई है। सप्लाई की चिंता से क्रूड में तेजी जारी है। US-ईरान में तनाव बढ़ने से सप्लाई की चिंता बढ़ी है।

ईरान-ओमान के बीच हॉर्मुज मैनेजमेंट डील अंतिम दौर में है। सऊदी अरामको की Jazan फैसिलिटी पर हमले की खबरें हैं। चीन की क्रूड खरीद में रिकवरी से भी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।

क्रूड पर Goldman Sachs

Goldman Sachs का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में हमले बढ़े तो कीमतों में और तेजी आएगी। हमले बढ़े तो ब्रेंट $120 तक भी जा सकता है। क्रूड पर बाजार का भरोसा बढ़ा है। हेज फंड्स मई के बाद ब्रेंट पर सबसे ज्यादा बुलिश हैं। WTI में नेट लॉन्ग पोजिशन जून के बाद सबसे ऊंचे हैं। हॉर्मुज सप्लाई रिस्क से क्रूड में तेजी की उम्मीद बढ़ी है।

अमेरिका में पेट्रोल-डीजल महंगा

US में गैसोलीन और डीजल की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर हैं।मिडिल ईस्ट सप्लाई रिस्क से फ्यूल मार्केट पर दबाव है।

चीन की गोल्ड खरीदारी जारी

PBoC ने अगस्त में 6.5 लाख औंस सोना खरीदा है। अगस्त में हुई खरीद अक्टूबर 2023 के बाद सबसे ज्यादा रही है। PBoC लगातार 22वें महीने सोना खरीद रहा है।

शेयर बाजार क्यों चिंता में?

शेयर बाजार पर Societe Generale का कहना है कि 10-साल की US यील्ड में तेजी बाजार के लिए ठीक नहीं है। US यील्ड 5.5% पर पहुंची तो बाजार पर दबाव बढ़ेगा। 5.5% यील्ड पर अर्निंग्स ग्रोथ भी वैल्यूएशन को सपोर्ट नहीं है। बढ़ती बॉरोइंग कॉस्ट से इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव बढ़ेगा। फेड या ECB का दरें बढ़ाना बाजार के लिए काफी नहीं है। रेट हाइक महंगाई की चिंता दूर करने के लिए काफी नहीं है।

इक्विटी बाजार पर JPMorgan की राय है कि 10-साल की यील्ड 5% पर बाजार में तेज प्रतिक्रिया संभव है। 5% यील्ड से निवेशकों की इक्विटी को लेकर चिंता बढ़ेगी। 5% का स्तर अहम साइकोलॉजिकल थ्रेशोल्ड माना जा रहा है।

बाजार: कहां तक गिर सकता है निफ्टी?

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी में इस साल 2 बड़े बॉटम बने थे। युद्ध के तुरंत बाद 22,331 और मई में 23,123 (क्लोजिंग लेवल) देखने को मिले। क्लोजिंग के हिसाब से हम 24,774 तक चले थे। मई के स्तर से जो रैली हुई उसका हम 60% गिर चुके हैं और अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो 61.8% रिट्रेसमेंट होगी। ऐसे में वापस 23,100-23,200 जाने का रिस्क होगा। युद्ध के बाद वाले लो की रैली का भी हम 41% रिट्रेस हो चुके हैं और उसका 50% retracement लेवल आएगा करीब 23,550 पर। यानी कि कुल मिला कर 23,200-23,500 का रास्ता अब शायद खुल चुका है।

बाजार: आज कहां हो नजर?

अनुज सिंघल की राय है कि आज फिर से निफ्टी IT पर दबाव दिख सकता है। एक बार फिर से कोस्पी ऊपर है और बॉन्ड यील्ड्स भी। आज GE Vernova T&D हीरो हो सकता है। CNBC-आवाज ने आपको पिछले हफ्ते ही आज के लिए तैयार किया था। सिर्फ आवाज़ ने कहा था कि पावर ग्रिड का ऑर्डर GVT&D को मिलेगा। इसके अलावा बाकी पावर इक्विपमेंट शेयर भी चल सकते हैं। लग रहा है कि AI ट्रेड वापस अब दौड़ रही है। डिफेंस शेयर भी रडार पर हैं लेकिन ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली संभव है। आज कुछ मेटल शेयर चल सकते हैं। कॉपर रिकॉर्ड हाई पर है और जिंक 4 साल की ऊंचाई पर है। सोने और चांदी में भी चमक लौटी है। आज हिंद कॉपर और हिंद जिंक जैसे शेयरों पर नजर रखें। आज फार्मा शेयरों पर भी नजर रखें। बाजार में Risk Off है, ऐसे में थोड़ा फार्मा चल सकता है। निफ्टी का PCR गिरकर 0.69 पर आ चुका है। एक उम्मीद रहेगी कि एक्सपायरी की वजह से आज दूसरे हाफ में बड़ी कवरिंग आए। लेकिन ये सिर्फ उम्मीद है, स्क्रीन अभी तक रैली के लिए तैयार नहीं है।

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,700-23,750 पर और बड़ा सपोर्ट 23,550-23,600 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,800-23,850 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,900-23,950 पर है। बाजार में ट्रेड वहां करें जहां रिकवरी फेल हो,वहां बेचें। लेकिन आज एक्सपायरी है,एक शॉर्ट कवरिंग भी संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

इसके लिए 56,800-57,000 एक मेक ऑर ब्रेक लेवल है। इसे बचाया तो एक बार वापस 57,300-57,500 जा सकते हैं। लेकिन 56,800 टूटा तो 56,500 तक गिरने का खतरा होगा।

 

 Market Trend : मार्केट में रिकवरी की कोशिश हो रही नाकाम, कमजोर बाजार में भी इन शेयरों में दिख रहा दम

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ईरान बोला- US एयरक्राफ्ट कैरियर और युद्धपोत पर मिसाइलें दागीं:नुकसान के बाद दोनों जहाज इलाका छोड़कर भागे, ईरानी जहाजों को परेशान कर रहे थे

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और एक युद्धपोत पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। IRGC ने बताया कि दोनों अमेरिकी जहाज ईरानी जहाजों को परेशान कर रहे थे और ईरान की समुद्री नाकाबंदी में शामिल थे। हमले में दोनों जहाजों को नुकसान पहुंचा। इसके बाद वे इलाका छोड़कर चले गए। हालांकि, ईरान ने यह नहीं बताया कि उसने किस एयरक्राफ्ट कैरियर पर हमला किया। अमेरिका ने पिछले महीने पश्चिम एशिया में USS जॉर्ज वॉशिंगटन को तैनात किया है। उसने USS अब्राहम लिंकन की जगह ली है। अमेरिका बोला- ईरानी मिसाइल हमलों से बच निकले जहाज अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इससे पहले कहा था कि 5 सितंबर को एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर पर ईरान ने कई हमले किए। CENTCOM के मुताबिक, दोनों अमेरिकी युद्धपोतों ने ईरान के ‘बिना उकसावे के हमलों’ को सफलतापूर्वक टाल दिया। हमले में किसी अमेरिकी सैनिक को चोट नहीं आई। अमेरिका ने ईरानी मिसाइलों से जहाजों को नुकसान पहुंचने या उनके इलाके से भागने की बात नहीं कही है। अमेरिका ने 3 ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया CENTCOM ने बताया कि ईरानी हमलों के बाद अमेरिकी सेना ने तीन ईरानी क्रूड ऑयल टैंकरों को निशाना बनाया। अमेरिका के मुताबिक, M/T Downy को खार्ग द्वीप के पास और M/T Stark 1 को जास्क के पास स्थायी रूप से निष्क्रिय किया गया। तीसरा खाली तेल टैंकर M/T Kylo, जिसे ‘Noxen’ भी कहा जाता है, ओमान की खाड़ी में पूरी तरह नष्ट हो गया। ईरान का जवाबी कार्रवाई में 6 जहाजों पर हमले का दावा ईरानी IRGC नौसेना ने कहा कि अमेरिकी हमले के जवाब में उसने हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे 3 तेल टैंकरों और दूसरे इलाकों में अमेरिका से जुड़े 3 जहाजों को निशाना बनाया। ईरान ने इन जहाजों के रास्ते को ‘अनधिकृत’ बताया और हॉर्मुज के आसपास मौजूद दूसरे जहाजों को भी ऐसे रास्तों से गुजरने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। ईरान ने अमेरिका को और हमलों की चेतावनी दी IRGC ने कहा कि अगर अमेरिका ईरानी जहाजों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखता है तो उसे ईरान की ओर से और कड़े जवाब का सामना करना पड़ेगा। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव में हॉर्मुज स्ट्रेट सबसे अहम इलाकों में से एक है। यहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल समुद्र के रास्ते दूसरे देशों तक पहुंचता है।

दिल्ली-NCR वालों को लगा बड़ा झटका! आज सुबह से ₹3।89 महंगी हुई CNG, जानें आपके शहर में क्या है नया रेट

CNG Price: दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सीएनजी (CNG) का इस्तेमाल करने वालों को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली-एनसीआर और आसपास के शहरों में सीएनजी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें आज शनिवार 29 अगस्त को सुबह 6 बजे से प्रभावी हो गई हैं। कंपनी ने सीएनजी की दरों में प्रति किलोग्राम 3.89 रुपये का इजाफा किया है। इससे निजी कार मालिकों के साथ-साथ ऑटो, कैब और दूसरी कमर्शियल गाड़ियां चलाने वालों को झटका लगा है।

जानिए दिल्ली और आसपास के शहरों में क्या है सीएनजी का नया रेट

आईजीएल द्वारा की गई इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में सीएनजी की कीमत ₹83.09 प्रति किलोग्राम से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलोग्राम हो गई है। इससे पहले 17 मई को सीएनजी की कीमतों में ₹1 प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया था। आज से लागू हुई ₹3.89 प्रति किलोग्राम की वृद्धि इस वर्ष की सबसे बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। सीएनजी की कीमतें बढ़ने का सीधा असर रोजाना सफर करने वाले आम लोगों और कमर्शियल ट्रांसपोर्ट के किराए पर पड़ने की संभावना है।

क्यों बढ़ाए गए सीएनजी के दाम? आईजीएल ने बताई वजह

IGL ने शुक्रवार देर रात जारी एक बयान में सीएनजी की कीमतों में इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की बढ़ती कीमतों को बताया है। कंपनी का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से ग्लोबल लेबल पर एलएनजी के दामों में तेज उछाल आया है।

आईजीएल के मुताबिक सीएनजी सप्लाई के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्राकृतिक गैस का एक बड़ा हिस्सा इंपोर्टेट LNG से आता है। जब से पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू हुआ है तब से स्पॉट मार्केट में एलएनजी की कीमतें काफी तेजी से बढ़ी हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट और इनपुट कॉस्ट का असर

कंपनी के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलएनजी की ऊंची कीमतों और इनपुट गैस कॉस्ट पर पड़ रहे असर को देखते हुए फैसला लिया गया है। आईजीएल ने कहा है कि गैस की बढ़ी हुई इनपुट कॉस्ट की भरपाई आंशिक रूप से करने के लिए प्रति किलोग्राम ₹3.89 कीमत बढ़ाना जरूरी था।

ग्लोबल एनर्जी मार्केट में यह तेजी ईरान युद्ध और ग्लोबल ऑयल शिपमेंट के मेन समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में आने वाली अड़चनों के बाद से ही देखी जा रही है। इस साल फरवरी के अंत से ही क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की वजह से अंतरराष्ट्रीय क्रूड और गैस की दरों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : भारतीय बाजारों के लिए आज नरम संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 4000 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। FIIs ने इंडेक्स फ्यूचर्स में एक ही दिन में 10000 से ज्यादा नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट जोड़े हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

27 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मा शेयरों में खरीदारी के बावजूद मीडिया, मेटल,ऑयल एंड गैस और PSU बैंकों के शेयरों में बिकवाली हावी रही। बाजार शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख सका और पूरे सेशन के दौरान ज्यादातर समय गिरावट के साथ कारोबार करता रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 116.90 अंक या 0.48% गिरकर 24,090.85 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 539.35 अंक या 0.70% की गिरावट के साथ 76,933.59 पर आ गया।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

27 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹298 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बन गए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी का सिलसिला जारी रखते हुए ₹4,977 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे।

एशियाई करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसी में बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। अच्छी बात यह रही कि दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.249% की बढ़त हुई है, जबकि ताइवान डॉलर में 0.19% और मलेशियन रिंगित में 0.124% की बढ़ोतरी हुई है। सिंगापुर डॉलर और चीनी रेनमिनबी में 0.055% और 0.036% की मामूली बढ़त हुई है। जबकि जापानी येन में 0.019% की बढ़त के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है।

उधर फिलीपीन पेसो में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। यह 0.507% गिरा है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया 0.107% और थाई बाहत 0.03% नीचे आया है।

अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी, एशिया में मिला-जुला कारोबार

अच्छे नतीजों के बाद Nvidia में 9% के उछाल ने अमेरिकी बाजारों का सेंटिमेंट सुधारा है। कल नैस्डैक करीब 1.5 फीसदी दौड़ा, S&P में भी रौनक रही। बाजार की अब आज शाम को आने वाले जैक्सन होल में फेड चेयरमैन के बयानों पर नजर रखेगा। वहीं एशियाई बाजार मिलेजुले हैं। जापान के निक्केई में 0.50 फीसदी की बढ़त है। लेकिन कॉस्पी करीब एक फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है।

SEBI चेयरमैन का CAS पर बयान, CAS में कोई बदलाव नहीं

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने साफ कर दिया है कि क्लोजिंग ऑक्शन सेसन यानी CAS में फिलहाल बदलाव नहीं किया जाएगा। सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने इस मुद्दे पर कहा कि इमें अभी कोई बदलाव नहीं होगा। सिस्टम वैसे ही चल रहा है। पार्टिसिपेशन बढ़ेगा और ब्रोकर्स इसे अपने ऐप्स में इनेबल करेंगे और लोग सीखेंगे और इस मार्केट में आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि NSE IPO DRHP मंजूरी के बहुत करीब है।

Market view : इंट्राडे मार्केट का मिजाज कमजोर, चार्ट पर शानदार दिख रहे इन शेयरों पर रहे नजर

हॉर्मुज पर सस्पेंस जारी

हॉर्मुज पर सस्पेंस जारी है। ईरान हॉर्मुज खोलने के लिए शर्तें तैयार कर रहा है। उधर अमेरिका ने कहा कि ईरान से फिलहाल कोई बातचीत नहीं हो रही है। पुराने MoU पर लौटने का सवाल नहीं है। इसबीच क्रूड उछलकर 90 डॉलर के पास आ गया है।

आज लेंसकार्ट में 1,313 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

आज लेंसकार्ट में 1,313 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। Alphawave 1.2% हिस्सा बेच सकती है। इस डील की फ्लोर प्राइस 630 रुपए प्रति शेयर तय की गई है।

LPG New Connection: LPG के नए कनेक्शन पर लगी रोक कब हटेगी? पेट्रोलियम मंत्रालय ने दिया बड़ा अपडेट

LPG New Connection: अगर आप नया LPG गैस कनेक्शन लेने की तैयारी कर रहे हैं तो फिलहाल आपको थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका-ईरन के बीच चल रहे विवाद के बीच देशभर में नए घरेलू LPG कनेक्शन जारी करने पर अस्थायी रोक लगी हुई है। तेल कंपनियां फिलहाल नए कनेक्शन की बुकिंग नहीं कर रही हैं। मौजूदा ग्राहकों को गैस सिलेंडर की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।

तेल कंपनियों के मुताबिक, मार्च 2026 से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के नए कनेक्शन जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले लोगों को फिलहाल इंतजार करना पड़ रहा है।

सरकार ने नए कनेक्शन पर रोक की वजह बताई

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया के जरिए स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए नए LPG कनेक्शन जारी करना अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मंत्रालय के मुताबिक, इस समय LPG वितरकों का मुख्य फोकस मौजूदा ग्राहकों को समय पर रिफिल उपलब्ध कराने पर है, ताकि पहले से कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए कनेक्शन पर लगी रोक स्थायी नहीं है। पश्चिम एशिया की स्थिति सामान्य होने और LPG आपूर्ति स्थिर रहने के बाद नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सकती है।

अभी सिर्फ मौजूदा ग्राहकों को मिल रही गैस

फिलहाल, तेल कंपनियां नए उपभोक्ताओं के बजाय पुराने ग्राहकों की जरूरत पूरी करने पर जोर दे रही हैं। जिन लोगों के कनेक्शन पहले से मौजूद हैं, उन्हें रिफिल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, निष्क्रिय या बंद पड़े कनेक्शनों को दोबारा सक्रिय करने की प्रक्रिया जारी है।

इसके साथ ही उपभोक्ताओं से KYC पूरा कराने पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट LPG कनेक्शनों को हटाना और वास्तविक उपभोक्ताओं तक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

LPG की सप्लाई फिलहाल स्थिर, लेकिन आगे का अनुमान मुश्किल

‘द हिंदू’ अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, FLDI के महासचिव पवन सोनी ने कहा कि फिलहाल LPG की आपूर्ति की स्थिति स्थिर है। लेकिन यह स्थिरता कितने समय तक बनी रहेगी, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। उनके मुताबिक, पश्चिम एशिया में लगातार बने हुए तनाव के कारण यह निश्चित नहीं है कि तेल कंपनियां LPG लेकर कितने जहाज भारत तक ला पाएंगी। यही वजह है कि सरकार और कंपनियां मौजूदा स्टॉक और सप्लाई को लेकर सतर्कता बरत रही हैं।

नया कनेक्शन नहीं मिल रहा तो क्या विकल्प है?

जिन लोगों को फिलहाल 14.2 किलो का नया घरेलू LPG कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है, उनके लिए कुछ डिस्ट्रीब्यूटर 5 किलो या 10 किलो के सिलेंडर का विकल्प बता रहे हैं। खास तौर पर बड़े शहरों में 10 किलो का FTL (Free Trade LPG) सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसे बुक कराया जा सकता है और जरूरत के मुताबिक डिलीवरी भी ली जा सकती है। हालांकि, उपलब्धता और नियम क्षेत्र तथा वितरक के हिसाब से अलग हो सकते हैं।

होर्मुज संकट का LPG सप्लाई पर क्यों पड़ा असर?

पश्चिम एशिया में तनाव का भारत की LPG सप्लाई पर सीधा असर इसलिए पड़ता है क्योंकि देश अपनी LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। पहले भारत के LPG आयात का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्ग से आता था। करीब 90 फीसदी आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते पहुंचता था।

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स से आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी। इसके बाद भारत ने LPG की उपलब्धता बनाए रखने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अमेरिका से LPG और LNG की खरीद भी बढ़ाई है। अमेरिका से आने वाली LPG को भारत तक पहुंचने में लंबा समुद्री रास्ता तय करना पड़ता है। पश्चिम एशिया से आने वाली आपूर्ति की तुलना में इसकी लागत भी अधिक हो सकती है।

कब से शुरू होगी नए कनेक्शन की बुकिंग?

सबसे अहम सवाल यही है कि नया LPG कनेक्शन कब से मिलना शुरू होगा? फिलहाल सरकार ने कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, यह रोक अस्थायी है। स्थिति सामान्य होने पर नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया बहाल की जाएगी। यानी अभी उपभोक्ताओं को निश्चित तारीख का इंतजार करना होगा।

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फिलहाल सरकार की प्राथमिकता मौजूदा LPG ग्राहकों को नियमित रिफिल उपलब्ध कराना है। पश्चिम एशिया की स्थिति, होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई और देश में LPG की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है। जैसे ही आपूर्ति व्यवस्था पर्याप्त रूप से स्थिर होगी, नए कनेक्शन की बुकिंग दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।