Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : भारतीय बाजारों में आज पॉजिटिव शुरुआत होने की की उम्मीद है। सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त देखने को मिली है। लगातार 15 सत्रों के बाद FIIs शुद्ध खरीदार बनते दिखे हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

16 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी बाजारों में लगातार दूसरे सत्र में तेजी जारी रही। बाजार को आईटी,मीडिया और मेटल शेयरों में हुई खरीदारी से सपोर्ट मिला। कमजोर ग्लोबल संकेतों के बावजूद,शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी पर बिकवाली का दबाव दिखा,लेकिन जैसे-जैसे सेशन आगे बढ़ा, इनमें धीरे-धीरे सुधार आया। निफ्टी 23,149.85 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा और कारोबारी सत्र के अंत में दिन के हाई के करीब बंद हुआ,जो लगातार बनी हुई खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत है।

कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 413.66 अंक या 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,729.27 पर और निफ्टी 148.80 अंक या 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ।

बाजार के लिए मिले-जुले संकेत

निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत हैं। FIIs की करीब 1200 करोड़ रुपये की खरीदारी देखने को मिली है। लेकिन 108 डॉलर के करीब पहुंचकर कच्चा तेल फिक्र बढ़ा रहा है। वहीं शुक्रवार को US INDICES में तेज गिरावट रही। नैस्डैक दो फीसदी से ज्यादा फिसला है, एशिया भी कमजोर दिख रहा है। हालांकि गिफ्ट निफ्टी बिल्कुल फ्लैट है।

ट्रंप के फैसले से राहत, 100% टैरिफ खतरा टला

रूस से तेल खरीदने पर भारत को बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी राष्टपति ट्रंप ने 100% टैरिफ वाला कानून 60 दिनों के लिए टाला है।

अनुमान के करीब HDFC बैंक के नतीजे

HDFC BANK के दूसरी तिमाही के नतीजे अनुमान पर खरे उतरे हैं। बैंक का मुनाफा 5% तो ब्याज से कमाई करीब 10% बढ़ी है। बैंक की असेट क्वॉलिटी में भी सुधार दिखा है। हालांकि तिमाही आधार पर नेट इंटरेस्ट मार्जिन में10 बेसिस प्वाइंट का दबाव दिखा है। हालांकि बैंक के CEO शशिधर जगदीशन ने अगली तिमाही से मार्जिन में सुधार की उम्मीद जताई है।

ICICI बैंक ने पेश किए शानदार नतीजे

ICICI बैंक ने शानदार नतीजे पेश किए हैं। दूसरी तिमाही में बैंक का मुनाफा 20 परसेंट बढ़ा है। NII में भी पौने 18% का उछाल दिखा है। बैंक ने NIM के मामले में भी चौंकाया है। Q2 में मार्जिन 4.18% रहे। मार्जिन इंडस्ट्री में सबसे शानदार रहे हैं। एसेट क्वालिटी भी सुधरी है।

एक्सिस बैंक के Q2 नतीजे रहे अच्छे

एक्सिस बैंक के भी Q2 नतीजे अच्छे रहे हैं। बैंक का दूसरी तिमाही में मुनाफा 38% बढ़ा है। NII 12% बढ़ा है। बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार दिखा है। तिमाही और सालाना आधार पर NIM में हल्की कमजोरी दिखी है।

DLF का मुनाफा बढ़ा, लेकिन मार्जिन पर मार

दूसरी तिमाही में DLF का मुनाफा 10% बढा है। लेकिन रेवेन्यू 23% तो EBITDA 92% घटा है। कंपनी के मार्जिन पर भी तगड़ी मार पड़ी है। वहीं ओबेरॉय रियल्टी का प्रॉफिट फ्लैट रहा। रेवेन्यू में 6% की कमी आई है। लेकिन मार्जिन में सुधार हुआ है।

नतीजों के लिहाज से आज बड़ा दिन

नतीजों के लिहाज से आज बड़ा दिन है। निफ्टी की दो कंपनियों अल्ट्राटेक और बजाज फाइनेंस के नतीजे आएंगे । दूसरी तिमाही में बजाज फाइनेंस का मुनाफा 31 परसेंट बढ़ सकता है । वहीं ब्याज से कमाई यानी NII में 24% का उछाल संभव है। साथ ही HIND ZINC, IREDA, UNION BANK के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। इनमें इंडोनेशियाई रुपया सबसे ज्यादा 0.49 प्रतिशत गिरा है। फिलीपीन पेसो और ताइवान डॉलर में भी 0.27 प्रतिशत की कमजोरी आई, जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन 0.13 प्रतिशत फिसल गया है। दूसरी ओर जापानी येन में 0.08 प्रतिशत की मजबूती आई है और चीनी रेनमिनबी 0.06 प्रतिशत चढ़ गया है। थाई बाहत और मलेशियाई रिंगित में क्रमशः 0.06 प्रतिशत और 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई है, जबकि सिंगापुर डॉलर में 0.04 प्रतिशत की गिरावट आई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमी

लगातार 15 कारोबारी सत्रों तक नेट बिकवाली करने के बाद, 16 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट खरीदार (net buyers) बन गए और उन्होंने लगभग 1,166 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार 45 सत्रों से चली आ रही अपनी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और इस सत्र के दौरान 3,661 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

Stock market news : अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। इनमें इंडोनेशियाई रुपया सबसे ज्यादा 0.49 प्रतिशत गिरा है।

 

 

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा सुस्त शुरुआत के संकेत, एशिया, यूएस के बाजार गिरे

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : भारतीय बाजार के लिए अच्छे संकेत दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में 80 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी है। FIIs की कैश में बिकवाली हुई है, लेकिन वायदा में बड़ी कवरिंग नजर आई है। अमेरिकी बाजार में भी कल जोरदार रिकवरी दिखी। डाओ में 550 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल दिखा। नैस्डैक और S&P में भी बढ़त रही। एशियाई बाजारों में भी रौनक दिख रही है। क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब दिख रहा है। US बॉन्ड यील्ड में भी नरमी आई है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

गुरुवार को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में तेजी आई। जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO की घोषणा के बाद ऑटो, IT, प्राइवेट बैंकों और रिलायंस इंडस्ट्रीज में जोरदार खरीदारी के चलते निफ्टी और सेंसेक्स, दोनों में 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 1,533.72 अंक यानी 2.11 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,315.61 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 374.65 अंक यानी 1.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ।

SEBI ने CAS में किए बड़े बदलाव, एक्सपायरी पर VWAP से होगा सेटलमेंट

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में बड़े बदलाव किए है। एक्सपायरी के दिन CAS के बजाए पुराने VWAP सिस्टम से सेटलमेंट होगा। CAS की टाइमिंग बदली गई है। अब CAS 3.30 बजे से 10 मिनट का होगा। यह फैसला 7 दिसंबर से लागू होगा।

टेक महिंद्रा के नतीजे अनुमान के मुताबिक, Q2 में 0.9% रही विप्रो की IT सर्विसेज रेवेन्यू ग्रोथ

टेक महिंद्रा के दूसरी तिमाही के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे है। इसके मुनाफे में 7 परसेंट तो रेवेन्यू में 3 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। विप्रो के Q2 रिजल्ट भी उम्मीद के करीब रहे हैं। इसकी CC रेवेन्यू ग्रोथ फ्लैट रही है। IT सर्विसेज रेवेन्यू ग्रोथ 0.9% रही है। हालांकि Q3 में इसके माइनस 1.5% से 0.5% की रेंज में रहने का अनुमान किया गया है। वहीं, परसिस्टेंट सिस्टम का मुनाफा 27 परसेंट गिरा है। लेकिन CC रेवेन्यू ग्रोथ 7.8% रही है।

एंजेव वन का Q2 मुनाफा 44.7% बढ़ा, रेवेन्यू फ्लैट

दूसरी तिमाही में एंजेव वन के मुनाफे में तिमाही आधार पर 45 परसेंट का उछाल आया है। लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ फ्लैट रही है। मार्जिन में 1060 Bps का तगड़ा उछाल देखने को मिला है। वहीं L&T FINANCE का Q2 मुनाफा 33 परसेंट बढ़ा है। इसे मजबूत रिटले ग्रोथ और NII में उछाल से बूस्ट मिला है।

JIO के IPO पर बोले आकाश अंबानी

JIO के IPO पर आकाश अंबानी ने कहा कि देश को डिजिटल सर्विस से कनेक्ट करना Jio का मिशन है। भारत में विकसित टेक्नोलॉजी का दूसरे देशों में इस्तेमाल होगा। IPO पर ईशा अंबानी ने कहा कि लॉन्ग टर्म प्लानिंग, स्केल और एग्जीक्यूशन पर फोकस है। यह आईपीओ 21 अक्टूबर से खुलेगा। इसकी प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपए प्रति शेयर है।

चीनी 21 सेंट के पार

सप्लाई की चिंता से इंटरनेशनल मार्केट में चीनी की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। इसका भाव 21 सेंट प्रति पाउंड के साथ करीब 2 सालों की ऊंचाई पर पहुंच गया है। ब्राजील में क्रशिंग में देरी और भारत में कमजोर मॉनसून से उत्पादन गिरने की आशंका से इसके भाव में तेजी आई है।

एशियन करेंसी

शुक्रवार, 16 अक्टूबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अधिकांश एशियाई मुद्राओं में कमजोरी आई है, जिसमें दक्षिण कोरियाई वॉन और फिलीपीन पेसो सबसे ज्यादा गिरे हैं। इंडोनेशियाई रुपिया में 0.20 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन 0.36 प्रतिशत और फिलीपीन पेसो 0.23 प्रतिशत कमजोर हुए हैं। जापानी येन में 0.08 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं थाई बाह्ट और सिंगापुर डॉलर में 0.05-0.05 प्रतिशत की कमी आई है। मलेशियाई रिंगित और चीनी रेनमिनबी में भी मामूली गिरावट देखी गई है। ये 0.02 प्रतिशत और 0.018 प्रतिशत नीचे आए हैं। इसके विपरीत, ताइवान डॉलर में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.05 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। यह 9 लिस्टेड एशियाई मुद्राओं में एकमात्र ऐसी मुद्रा है जिसमें तेजी आई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली का सिलसिला जारी रखा और 15 अक्टूबर को लगभग 5,285 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को कुछ सहारा दिया और इस दौरान 3,319 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

Market cues : 22850 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी के लिए खुलेगा 23000 की ओर बढ़ने का रास्ता

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : महंगाई के आंकड़ों के बाद अमेरिका में रेट-हाइक की आशंका से ग्लोबल मार्केट का मूड खराब है। कल अमेरिकी बाजार गिरकर बंद हुए, S&P500 इंडेक्स 1% तो नैस्डेक 2% से ज्यादा लुढ़का। एशिया में भी दबाव देखने को मिल रहा है। हालांकि गिफ्ट निफ्टी में निचले स्तरों से रिकवरी दिख रही है। इधर ब्रेंट क्रूड फिसलकर 105 डॉलर के नीचे पहुंचने से सेंटिमेंट में थोड़ा सुधार हुआ है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

14 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाला। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 251.89 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 72,781.89 पर और निफ्टी 99.25 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 22,622.70 पर बंद हुआ।

अमेरिका में AI शेयरों में भारी गिरावट, कॉस्पी करीब 8% फिसला

भारतीय IT कंपनियों के लिए पॉजिटिव संकेत हैं। कल अमेरिका में चिप और AI शेयरों में तगड़ी बिकवाली दिखी। AMD, माइक्रॉन, सैनडिस्क और ऑरेकल तीन से नौ परसेंट फिसले। Philadelphia सेमीकंडक्टर इंडेक्स में लगातार छठे दिन दबाव रहा। दूसरी ओर AI शेयरों की बिकवाली से कॉस्पी में 8 परसेंट की भारी गिरावट आई है। वहीं अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनियों में रौनक दिखी।

सोने-चांदी में भारी गिरावट

अमेरिका में अनुमान से ज्यादा रिटेल महंगाई आंकड़ों से सोने-चांदी में भारी गिरावट आई है। गोल्ड 4100 डॉलर के नीचे फिसल गया है। चांदी में 6 परसेंट की गिरावट आई है।

21 अक्टूबर को खुलेगा JIO का IPO, प्राइस बैंड 1065-1119 रुपए तय

देश का सबसे बड़ा IPO, 21 अक्टूबर को खुलेगा। JIO PLATFORMS के IPO का प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपए प्रति शेयर के बीच है। इस आईपीओ से 30,000 करोड़ रुपए रुपए से ज्यादा जुटाने की योजना है। इसके तहत फ्रेश इश्यू के जरिए 27 करोड़ शेयर जारी होंगे। कंपनी के कर्मचारियों और शेयर होल्डरों के लिए अलग से कोटा रखा गया है।

IDBI बैंक स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी

IDBI बैंक डील पर कैबिनेट का बड़ा फैसला आया है। IDBI बैंक की स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी मिल गई है। कुल 60.72% हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया गया है। Fairfax सरकार और LIC की हिस्सेदारी खरीदेगी। इससे 52 हजार करोड़ से ज्यादा की FDI आने की उम्मीद है।

15% बढ़ा ICICI लोम्बार्ड का मुनाफा, टाटा टेक का मुनाफा और मार्जिन घटा

दूसरी तिमाही में ICICI लोम्बार्ड के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे। कंपनी मुनाफा 15% बढ़कर 946 करोड़ पर रहा है। Net Earned Premium में 18% की बढ़त हुई है। हालांकि अंडराइटिंग घाटे में बढ़त दिखी है। वहीं दूसरी ओर टाटा टेक का प्रॉफिट पांच परसेंट घटा है। मार्जिन पर भी दबाव दिखा है।

निफ्टी की चार कंपनियों के नतीजे आज

नतीजों के लिहाज से आज बड़ा दिन है। निफ्टी की चार कंपनियां टेक महिंद्रा, नेस्ले, जियो फाइनेंशियल और HDFC LIFE आज अपने रिजल्ट जारी करेंगी। टेक महिंद्रा की CONSTANT CURRENCY रेवेन्यू ग्रोथ डेढ़ परसेंट रह सकती है। मार्जिन फ्लैट रह सकते हैं। साथ ही इंडियन बैंक, पॉलीकैब, परसिस्टेंट समेत वायदा के नतीजों की भी लंबी लिस्ट है।

नवंबर सीरीज से वायदा में 6 नई कंपनियां

नवंबर सीरीज से वायदा में 6 नई कंपनियां शामिल होंगी। कोरोमंडल, सिटी यूनियन बैंक, डाटा पैटर्न, Karur Vysya Bank, नवीन फ्लूराइन और सिरमा SGS में 28 अक्टूबर से वायदा ट्रेडिंग शुरू होगी। वायदा में शामिल शेयरों की संख्या 218 से बढ़कर 224 हो जाएगी।

SEBI ने बुलाई SMAC की बैठक

CAS को लेकर MONEYCONTROL की बड़ी खबर आई है। सेबी ने आज सेकेंडरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी बैठक बुलाई है। इसमें CAS पर मिले फीडबैक पर मंथन होगा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

14 अक्टूबर को, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगभग 1,857 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान 2,670 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

Market cues : मंदड़ियों का दबाव कम होने के बावजूद ओवरऑल टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर, रहें सतर्क

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए ठीक-ठाक संकेत नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 1800 करोड़ की बिकवाली हुई है। डाओ फ्यूचर्स में भी हल्की बढ़त है। उधर कल US इंडेक्स मिले-जुले रहे। लेकिन एशिया में कमजोर कारोबार होता दिख रहा है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

अनुमान के आसपास रहे HCL टेक के नतीजे

दूसरी तिमाही में HLC टेक के नतीजे अनुमान के आसपास रहे। रेवेन्यू में तीन तो मुनाफे में 11% की बढ़त दिखी। मार्जिन का आंकड़ा उम्मीद से अच्छा रहा। Advanced AI से रेवेन्यू 29% बढ़कर 219 मिलियन डॉलर पर रही। कंपनी ने पूरे कारोबारी साल के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस का लोअर रेंज 1%-4% से बढ़ाकर 2.5%-4% कर दिया है।

RBL Bank के Q2 नतीजे अच्छे

दूसरी तिमाही में RBL Bank ने अच्छे नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा करीब तीन गुना हो गया है। ब्याज से होने वाली कमाई में 37 परसेंट का उछाल आया है। एसेट क्वालिटी में भी सुधार दिखा है।

ICICI प्रू लाइफ, टाटा एलेक्सी के नतीजे आज

आज वायदा में शामिल ICICI प्रूडेंशियल लाइफ और Tata elxsi के नतीजे आएंगे। दूसरी तिमाही में ICICI Pru life का annual premium equivalent यानी APE 18% बढ़ सकता है। वहीं VNB मार्जिन में भी सुधार दिख सकता है। वहीं टाटा Tata elxsi के मुनाफे में तीन परसेंट तो रेवेन्यू में दो परसेंट की बढ़त संभव है।

TVS ग्रुप में पारिवारिक विवाद

TVS ग्रुप में उत्तराधिकार प्लान पर विवाद शुरू हो गया है। परिवार ओनरशिप और मैनेजमेंट के अधिकारों पर आमने-सामने है। मां मल्लिका श्रीनिवासन और बेटी लक्ष्मी वेणु ने सेटलमेंट का प्रस्ताव खारिज करते हुए कहा है कि 2024 का फैमिली MOU कोई आर्थिक समझौता नहीं है। परिवार की सभी संपत्तियां कोई एक आदमी नहीं बांट सकता।

23 महीने के ऊपरी स्तर पर रिटेल महंगाई

रिटेल महंगाई 23 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। सितंबर में CPI महंगाई 4.83% से बढ़कर 5.54% पर रही है। खाने-पीने की चीजों के साथ ग्रामीण और शहरी महंगाई में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

कच्चे तेल में उबाल, 106 डॉलर के करीब

जियो पॉलिटिकल संकट गहराने से कच्चे तेल में उबाल आया है। इसके भाव 106 डॉलर पर पहुंच गए हैं। रुस के यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रा पर हमले से कीमतों में उछाल आया है। हॉर्मूज संकट और हूती-सऊदी के बीच घमासान ने भी सेंटिमेंट खराब किए हैं।

मार्केट ओवरव्यू

पिछले सेशन में रिकवरी के बाद,12 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क पर फिर से बिकवाली का दबाव दिखा। IT, FMCG और फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट के बीच निफ्टी 22,300 के स्तर की ओर फिसल गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 547.65 अंक या 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 अंक या 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी बढ़त के साथ 22,415.50 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत है।

एशियाई बाजार

इस साल मार्केट के सबसे चर्चित सेक्टर में से एक,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों पर नतीजों के सीज़न से पहले फिर से दबाव बना है,जिससे एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट आई है।

दक्षिण कोरिया और जापान में शेयरों में गिरावट के कारण MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.9% गिर गया है और अगस्त के मध्य के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर बंद होने की राह पर है।

AI ट्रेड का पैमाना माने जाने वाले कोस्पी इंडेक्स में 4.8% तक की गिरावट आई है और यह जुलाई के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर बंद होने की राह पर है,क्योंकि चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियों SK Hynix Inc. और Samsung Electronics Co. के शेयरों में 5% से ज़्यादा की गिरावट आई। टोक्यो में ट्रेडर्स के लंबे वीकेंड के बाद लौटने पर निक्केई 225 इंडेक्स में 2% की गिरावट दर्ज की गई है।

अमेरिकी बाजार

सोमवार को नैस्डैक कंपोजिट गिरावट के साथ बंद हुआ। इसकी वजह सऊदी अरब के एक एयरपोर्ट पर हमले के बाद तेल की कीमतों में लगभग $2 प्रति बैरल की बढ़ोतरी रही।

डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 195.60 अंक या 0.38% बढ़कर 51,850.55 पर बंद हुआ। S&P 500 में 4.30 अंक या 0.06% की गिरावट आई और यह 7,807.24 पर बंद हुआ,जबकि नैस्डैक कंपोजिट 120.27 अंक या 0.44% गिर कर बंद हुआ।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

12 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सहारा देना जारी रखा और सेशन के दौरान 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

 

 

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 13 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

RBI क्या 7 अक्तूबर को बढ़ाएगा इंटरेस्ट रेट, क्या होम लोन, कार लोन सहित दूसरे लोन होंगे महंगा ?

आरबीआई 7 अक्तूबर यानी बुधवार को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करेगा। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की मीटिंग 5 अक्तूबर को शुरू हुई। इसके नतीजे बुधवार को आएंगे। सवाल है कि क्या केंद्रीय बैंक इसमें रेपो रेट बढ़ाने का ऐलान करेगा?

रेपो रेट एक चौथाई-फीसदी बढ़ सकता है

इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि RBI 7 अक्तूबर को रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स यानी एक चौथाई-फीसदी बढ़ा सकता है। इसकी वजह यह है कि रिटेल इनफ्लेशन लगातार बीते कई महीनों से केंद्रीय बैंक के 4 फीसदी के तय लक्ष्य से ऊपर बना हुआ है। मध्यपूर्व में अमेरिका-ईरान की लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। इसने इनफ्लेशन पर दबाव बढ़ाया है।

फेडरल रिजर्व ने बढ़ाया था इंटरेस्ट रेट

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स में ग्लोबल चीफ इकोनॉमिस्ट्स पॉल ग्रुएनवाल्ड ने कहा कि आरबीआई उन केंद्रीय बैंकों की लिस्ट में शामिल है सकता है, जिन्होंने महंगाई को बढ़ने से रोकने के लिए इंटरेस्ट रेट बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, उनका मानना है कि दुनिया में इंटरेस्ट रेट में होने वाली वृद्धि सीमित रहेगी।

दिसंबर में भी बढ़ सकता है रेपो रेट 

क्रिसिल के चीफ इकोनॉमिस्ट डी के जोशी का भी मानना है कि आरबीआई अक्तूबर की पॉलिसी में रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा सकता है। हालांकि, उनका कहना है कि फिर दिसंबर की पॉलिसी में भी इंटरेस्ट रेट बढ़ने की काफी उम्मीद है। उसके बाद इंटरेस्ट रेट में वृद्धि इकोनॉमी से जुड़े डेटा पर निर्भर करेगी।

अगले साल आर्थिक डेटा पर निर्भर करेगी वृद्धि

जोशी ने कहा, “हमारा मानना है कि इंटरेस्ट रेट में वृद्धि दिसंबर में भी होगी। उसके बाद इसके बढ़ने की कम उम्मीद है। हालांकि, यह इकोनॉमी से जुड़े डेटा पर निर्भर करेगा।” उनका मानना है कि केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट में आक्रामक वृद्धि का साइकिल शुरू करने की जगह नापतौल कर इस बारे में फैसला लेगा।

अगस्त की पॉलिसी के बाद हुए हैं तीन बड़े बदलाव 

उन्होंने अगस्त की आरबीआई की पॉलिसी के बाद हुए तीन बदलावों का जिक्र किया। मानसून की बारिश कम हुई है और असमान रही है। पश्चिम एशिया में स्थिति गंभीर हुई है। ऑयल की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई हैं। इस बीच. पहली तिमाही में देश में जीडीपी की ग्रोथ आरबीआई की उम्मीद से ज्यादा रही है।

इनफ्लेशन पर दबाव जारी रहने के आसार 

उपर्युक्त वजहों से इनफ्लेशन पर दबाव बना रह सकता है। अमेरिका और भारत के इंटरेस्ट रेट के बीच घटता फर्क दूसरी ब़ड़ी वजह है, जिसका असर पॉलिसी से जुड़े आरबीआई के फैसले पर पड़ सकता है। जोशी ने कहा कि 10 साल की भारत और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बीच का फर्क घटकर 190 बेसिस प्वाइंट्स रह गया है, जो तीन साल पहले करीब 450 बेसिस प्वाइंट्स था। फेडरल रिजर्व भी इस महीने के आखिर में पॉलिसी का ऐलान करेगा। वह लगातार दूसरी बार इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

रिटेल इनफ्लेशन अगस्त में 4.82 फीसदी पहुंचा

भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट की फाउंडिंग और मैनेजिंग ट्रस्टी लक्ष्मी वेंकटरमण ने कहा कि अगस्त में भारत में रिटेल इनफ्लेशन बढ़कर 4.82 फीसदी पर पहुंच गया। यह जुलाई में 4.45 फीसदी था। हालांकि, इंडस्ट्रियल आउटपुट जुलाई के 6.7 फीसदी से बढ़कर अगस्त में 8 फीसदी रहा। ऐसे में दोनों के बीच बैलेंस जरूरी है। उन्होंने कहा कि आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी का फोकस मैक्रोइकोनॉमिक स्टैबिलिटी पर होगा। हालांकि, केंद्रीय बैंक की कोशिश कर्ज तक आसान पहुंच बनाए रखने पर भी होगी।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : कच्चे तेल में नरमी से मार्केट के सेंटिमेंट सुधरे हैं।, GIFT निफ्टी में मामूली तेजी है। यह करीब 30 प्वाइंट ऊपर है। एशियाई बाजार मिलेजुले दिख रहे हैं। इधर कल टेक शेयरों के दम पर नैस्डैक नए ऑल-टाइम हाई पर जाता दिखा। डाओ जोन्स में भी निचले स्तरों से रिकवरी दिखी। हालांकि डॉलर इंडेक्स 102 के ऊपर टिका हुआ है। यूएस में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.31 परसेंट पर दिख रही है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

5 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स की लगातार चार दिनों की गिरावट का सिलसिला थम गया। उतार-चढ़ाव भरे सेशन में निफ्टी 22,500 के ऊपर बंद हुआ। इसे कच्चे तेल की गिरती कीमतों और फार्मा व हेल्थकेयर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में हुई खरीदारी का सहारा मिला। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 472.77 अंक या 0.66 प्रतिशत बढ़कर 72,382.47 पर और निफ्टी 133.80 अंक या 0.60 प्रतिशत बढ़कर 22,555.75 पर बंद हुआ।

क्रूड में नरमी, $100 के करीब ब्रेंट

वेस्ट एशिया से सप्लाई सुधरने के संकेतों के बीच कच्चा तेल 100 डॉलर के करीब आ गया है। उधर मजबूत डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उछाल से सोने पर दबाव है। कॉमेक्स गोल्ड 2 महीने के निचले स्तर पर आ गया है।

कोटक बैंक, एक्सिस बैंक के Q2 अपडेट अच्छे

कोटक बैंक के Q2 Update अच्छे रहे हैं। बैंक के नेट एडवांस करीब 25% बढ़े हैं। डिपॉजिट में 23 परसेंट का उछाल दिखा है। CASA भी 11% बढ़ा है। एक्सिस बैंक के भी तिमाही अपडेट जोरदार रहे हैं। बैंक के एडवांस 23% और डिपॉजिट करीब 21% बढ़े हैं।

ट्रेंट और गोदरेज कंज्यूमर के Q2 बिजनेस अपडेट अच्छे

दूसरी तिमाही में ट्रेंट ने अच्छे बिजनेस अपडेट पेश किए है। इसके स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 23 परसेंट का उछाल देखने को मिला है। Q2 में Westside के 10 और जूडियो के 17 स्टोर खोले गए हैं। उधर कमजोर मॉनसून के बावजूद गोदरेज कंज्यूमर को दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। कंसो रेवेन्यू ग्रोथ हाई Teens में रहनी संभव है। पूरे साल का गाइडेंस हासिल करने के लिए कंपनी ट्रैक पर है।

इंटरनेशनल मार्केट में चीनी की कीमतों में तेजी

आज शुगर शेयरों पर नजर रहेगी। सप्लाई की चिंता से इंटरनेशनल मार्केट में चीनी की कीमतों में तेजी आई है। इसके दाम 20 सेंट प्रति पाउंड के पार निकल गए हैं। भारत में एल-नीनो से उत्पादन गिरने की आशंका है तो ब्राजील में ज्यादा बारिश से कटाई में देरी से भाव में उछाल आया है।

सूखे के बीच महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, 16 अक्टूबर से 10% पानी की कटौती लागू

सूखे के बीच महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला आया है। 16 अक्टूबर से 10% पानी की कटौती लागू होगी सभी अर्बव और रूरल लोकल बॉडीज में पानी की लीकेज रोकने और सीवेज ट्रीटमेंट प्लान्ट को पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

एशियन करेंसी

शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला रुख रहा। इंडोनेशियाई रुपया 0.20% गिरा,जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.07% और फिलीपींस पेसो में 0.01% की गिरावट आई जो इन मुद्राओं पर हल्के दबाव का संकेत है।

दूसरी ओर ताइवानी डॉलर में 0.10% की बढ़त हुई और यह इस क्षेत्र में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रही। इसके बाद जापानी येन (+0.06%) और मलेशियन रिंगित (+0.04%) का स्थान रहा। चीनी रेनमिनबी (+0.02%), सिंगापुर डॉलर (+0.02%) और थाई बाट (+0.01%) में भी थोड़ी बढ़त देखी गई।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

5 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली का सिलसिला जारी रखा और 4,699 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) खरीदार बने रहे और उन्होंने इस दौरान 5,181 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

 

 

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Copper News: कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए बिग अलर्ट, कॉपर में मई के बाद की सबसे बड़ी वीकली गिरावट

Copper News: शेयर मार्केट में हाहाकार मचा हुआ ही है, कमोडिटी मार्केट में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। निफ्टी (Nifty) वीकली लेवल पर लगातार आठ हफ्ते कमजोर हुआ है और इतनी लंबी गिरावट 25 साल बाद दिखी है। अब कमोडिटी मार्केट में बात करें तो कॉपर जो धड़ाधड़ ऊपर भाग रहा था, अब मई के बाद से सबसे बड़ी वीकली गिरावट की तरफ बढ़ रहा है। शुक्रवार को डॉलर में गिरावट के साथ लंदन मेटल एक्सचेंज पर इसके फ्यूचर्स प्रति टन $14,300 प्रति टन से ऊपर चले गए, लेकिन फिर भी वीकली लेवल पर हफ्ते की समाप्ति पर इसमें लगभग 2% की गिरावट रहने के आसार हैं।

क्यों फीका पड़ा Copper?

एनर्जी की लागत में बढ़ोतरी और चीन के लड़खड़ाते इंडस्ट्रियल सेक्टर की वजह से मांग कम होने के डर से कॉपर को झटका लगा। एनर्जी की लागत इसलिए बढ़ रही है क्योंकि पश्चिमी एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने तेल की सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया हुआ है, जिससे यह उबल पड़ा और कॉपर को भी इसकी आंच महसूस हुई। इसके अलावा चीन में इंडस्ट्रियल कमजोरी के आंकड़ो ने भी कॉपर पर दबाव बनाया।

अभी कितना टूटेगा भाव?

चीन में इंडस्ट्रियल एक्टिविटीज की कमजोर और कच्चे तेल में उबाल ने कॉपर को नरम किया है लेकिन सप्लाई की कमी के कारण कीमतें ऊपरी लेवल पर बनी हुई है यानी कि इसमें अधिक गिरावट की गुंजाइश नहीं दिख रही है। रिफाइंड मेटल पर अमेरिकी टैरिफ के डर से ट्रेडर्स ने लाखों टन मेटल अमेरिका भेजा है, जिससे दूसरी जगहों पर कमी का खतरा पैदा हो गया है। चिली की एक बड़ी खदान में भी हड़ताल चल रही है।

बैंक ऑफ अमेरिका कॉरपोरेशन के एनालिस्ट्स ने अपने नोट में जिक्र किया है कि जब तक पश्चिमी एशिया में युद्ध जारी रहेगा, बेस मेटल्स में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है लेकिन एल्युमीनियम, कॉपर और निकेल की सप्लाई में कमी से कीमतों को सपोर्ट मिलना चाहिए।

अभी अमेरिका में सितंबर महीने का रोजगार डेटा आना है, जिसमें मार्केट का अनुमान है कि हायरिंग में बड़ी सुस्ती देखने को मिल सकती है। यह आंकड़ा आज शुक्रवार को आना है। इसमें सुस्ती का असर ये होगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अपनी मौद्रिक नीतियों को और सख्त करने की संभावना फीकी होगी, जो कॉपर के लिए पॉजिटिव हो सकता है।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

El Nino effect: अल नीनो बढ़ा सकता है भारत का फूड बिल! चावल, अरहर दाल और खाद्य तेलों ने दिए महंगाई के संकेत

El Nino effect: भारत में खाद्य कीमतों को लेकर आने वाले महीनों में दबाव बढ़ने की आशंका है। देश की रोजमर्रा की खपत वाली प्रमुख खाद्य वस्तुओं में चावल, अरहर दाल और खाद्य तेलों की कीमतों में अलग-अलग रफ्तार से बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे समय में भारत El Nino की बढ़ती निगरानी के दौर में प्रवेश कर रहा है, जिससे अगर मौसम प्रतिकूल रहता है तो फसल उत्पादन और कमोडिटी सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, अभी ऐसा कोई सबूत नहीं है कि हाल में खाद्य कीमतों में आई तेजी सीधे El Nino की वजह से है। फिलहाल कीमतों की दिशा घरेलू उत्पादन, सरकारी नीतियों, भंडार और वैश्विक कमोडिटी बाजार जैसे कई कारकों पर निर्भर है।

सरकार ने El Nino को बताया जोखिम का कारण

केंद्र सरकार ने अपनी अगस्त 2026 की मासिक आर्थिक रिपोर्ट में El Nino को निगरानी योग्य कारक बताया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि लंबे समय तक El Nino की स्थिति रहने पर मानसून कमजोर या असमान हो सकता है। इसका असर फसल उत्पादन और खाद्य कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि, वित्त मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि El Nino और कृषि उत्पादन के बीच सीधा और एक-से-एक संबंध नहीं माना जा सकता।

सिंचाई, सरकारी खरीद, खाद्यान्न भंडार और जरूरत पड़ने पर आयात जैसे उपाय मौसम के झटकों का असर कम कर सकते हैं। भारत में किसी मौसम संबंधी घटना का असर केवल बारिश पर निर्भर नहीं करता। फसल की स्थिति, जलाशयों में पानी, सरकारी स्टॉक, खरीद व्यवस्था और आयात की क्षमता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

चावल और दालों की कीमतों में भारी तेजी

सरकार के मूल्य निगरानी आंकड़ों के मुताबिक, चावल की कीमत पिछले साल की तुलना में बढ़ी है। 29 सितंबर को थोक चावल की कीमत करीब ₹4,185 प्रति क्विंटल थी, जो एक साल पहले के मुकाबले लगभग 8.5 फीसदी अधिक है। खुदरा बाजार में भी चावल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दालों में भी अलग-अलग किस्मों की कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है।

अरहर या तूर दाल सितंबर के अंत में ₹125 प्रति किलो से अधिक पर बिक रही थी। अब इसकी कीमत करीब 8 फीसदी सालाना बढ़ी थी। उड़द की कीमत भी ऊपर रही। जबकि मूंग, मसूर और चना में साल-दर-साल अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, इन मौजूदा कीमतों को सीधे El Nino का असर मानना सही नहीं होगा। असली जोखिम आने वाले महीनों में सामने आ सकता है, खासकर अगर बारिश का पैटर्न या फसल उत्पादन प्रभावित होता है।

खाद्य तेलों की कीमतें बनीं चुनौती

खाद्य तेल भारत के लिए अलग तरह की चुनौती हैं, क्योंकि देश कच्चे पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के आयात पर काफी निर्भर है। वैश्विक कीमतों के असर को कम करने के लिए सरकार ने हाल में आयात शुल्क में कटौती की है। 24 सितंबर से कच्चे सोयाबीन और कच्चे पाम ऑयल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10% से घटाकर 5% की गई।

  • कच्चे सूरजमुखी तेल पर ड्यूटी शून्य कर दी गई।
  • रिफाइंड सोयाबीन और पाम ऑयल पर ड्यूटी 32.5% से घटाकर 27.5% की गई।
  • रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर ड्यूटी 22.5% कर दी गई।
  • सरकार के मुताबिक, कम आयात शुल्क से खाद्य तेलों की लैंडेड कॉस्ट घट सकती है, जिससे खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही घरेलू रिफाइनिंग को भी समर्थन मिल सकता है।
  • वित्त मंत्रालय की अगस्त रिपोर्ट में वैश्विक वेजिटेबल ऑयल कीमतों को महंगाई के संभावित जोखिमों में शामिल किया गया था। इसका एक कारण यह भी है कि पाम, सोयाबीन और रेपसीड जैसे तेलों का इस्तेमाल तेजी से बायोफ्यूल उत्पादन में हो रहा है।

El Nino से क्या बदलेगा?

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के अंत तक El Nino के बहुत मजबूत स्थिति में पहुंचने का अनुमान जताया गया है। El Nino प्रशांत क्षेत्र से काफी दूर तक बारिश और तापमान के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। हालांकि इसका असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग होता है।

भारत के लिए सबसे अहम सवाल यह नहीं है कि El Nino कितना मजबूत होगा। बल्कि यह है कि यह भारतीय मानसून, फसल चक्र और मौजूदा खाद्य-सप्लाई व्यवस्था के साथ किस तरह इंटरेक्ट करता है। WMO ने जलवायु जोखिमों से निपटने के लिए पहले से मिलने वाले मौसम पूर्वानुमानों के महत्व पर भी जोर दिया है। संगठन की ताजा चेतावनी में गर्मी, बाढ़ और सूखे के साथ खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले व्यापक असर का उल्लेख किया गया है।

सरकार के पास कई विकल्प मौजूद

भारत के पास खाद्य आपूर्ति को संभालने के लिए कई नीतिगत विकल्प मौजूद हैं। सरकारी खरीद और खाद्यान्न भंडार प्रमुख वस्तुओं की कमी के दौरान कीमतों को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर आयात के जरिए घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाई जा सकती है। खाद्य तेलों पर हालिया आयात शुल्क कटौती इसका एक उदाहरण है कि सरकार व्यापार नीति के जरिए घरेलू कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

RBI की भी रहेगी नजर

खाद्य कीमतों का असर देश की व्यापक महंगाई पर भी पड़ सकता है। Reuters की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत की खपत वाली वस्तुओं की टोकरी में महंगाई का दबाव व्यापक हुआ है और करीब आधी वस्तुओं की कीमतें सालाना आधार पर 4% या उससे अधिक बढ़ रही हैं, जबकि मार्च में यह हिस्सा करीब एक-तिहाई था। इसी अवधि में अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में करीब 8% की वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे में RBI के लिए अहम सवाल यह होगा कि क्या मौसम से जुड़े बदलाव केवल कुछ खाद्य वस्तुओं तक सीमित रहते हैं या वे लगातार खाद्य महंगाई में बदलकर व्यापक कीमतों तक पहुंचते हैं।

अभी की तस्वीर क्या है?

फिलहाल भारत में खाद्य कीमतों की तस्वीर एकसमान तेजी वाली नहीं है। चावल और कुछ दालों की कीमतें पिछले साल की तुलना में ज्यादा हैं। जबकि खाद्य तेल वैश्विक सप्लाई और कीमतों से प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर, सरकार ने खाद्य तेलों के आयात शुल्क में कटौती जैसे कदम उठाए हैं। अब आने वाले कुछ महीने यह तय करने में अहम होंगे कि El Nino सिर्फ मौसम से जुड़ा जोखिम बना रहता है या भारत के खाद्य बिल और महंगाई पर इसका स्पष्ट असर दिखाई देने लगता है।

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खत्म हुआ मार्केट में गिरावट का दौर! इस कारण मैक्वेरी को है भरोसा, लगाया इन सेक्टर पर दांव

Market Outlook: मैक्वेरी कैपिटल के एमडी और भारत में इक्विटी हेड संदीप भाटिया का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार फिलहाल अपनी रेंज के निचले स्तर पर हैं। इसके अलावा उनका यह भी मानना है कि मार्केट को झटका देने वाली जितनी भी खबरें हैं, और जो भी दबाव है, उसका खराब दौर अब निश्चित रूप से पीछे छूट चुका है। संदीप के मुताबिक कच्चे तेल के भाव और अमेरिकी टैरिफ का रिस्क बना हुआ है तो भारत और अमेरिका में ब्याज दरें अभी भी मार्केट के लिए एक चुनौती बनी हुई हैं। इसके अलावा भारत को अभी तक हार्डवेयर और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े थीम में बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी का पूरा फायदा नहीं मिला है। इन चिंताओं के बावजूद उनका मानना है कि भारतीय कंपनियों के सितंबर 2026 तिमाही के रिजल्ट उम्मीद से बेहतर रह सकते हैं।

बैंकिंग सेक्टर

किस सेक्टर के कंपनियों के कारोबारी नतीजे धमाकेदार रह सकते हैं, इसे लेकर संदीप ने कोई अनुमान तो नहीं बताया लेकिन यह जरूर कहा कि बैंकिंग सेक्टर में आउटलुक सुधर रहा है। बैंकिंग सेक्टर उन सेक्टर्स में शुमार है, जिनमें सबसे अधिक दबाव दिखा है लेकिन अब संदीप को उम्मीद है कि अगले दो साल में बैंकों के मार्जिन में सुधार होगा और उनके शेयरों की वैल्यूएशन फिर से बढ़ सकती है, हालांकि नियर टर्म में कमाई पर कुछ दबाव रह सकता है। उनका कहना है कि साल 2027 और साल 2028 में यानी अगले दो वर्षों में बैंकों की कमाई अच्छी रहेगी।

फाइनेंशियल सेक्टर

संदीप भाटिया को फाइनेंशियल सेविंग्स में बड़ा मौका दिख रहा है। उनका अनुमान है कि देश की वित्तीय बचत $50 हजार करोड़ से अधिक है, जोकि और बढ़ सकता है। संदीप का मानना है कि एमसीएक्स, बीएसई और एनएसई को इस रुझान से फायदा हो सकता है।

कंज्यूमर और ऑटो सेक्टर

संदीप भाटिया को उम्मीद है कि कंज्यूमर-ड्यूरेबल कंजम्प्शन से अच्छे नतीजे देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने हुंडई इंडिया, मारुति सुजुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी ऑटो कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा कि फेस्टिवल सीजन के दौरान गाड़ियों की बिक्री जबरदस्त रही है।

पावर और एनर्जी सेक्टर

संदीप भाटिया की पावर और एनर्जी स्पेस में दिलचस्पी बनी हुई है। रिन्यूएबल एनर्जी स्पेस में उन्हें क्लीन मैक्स एंवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस तो पावर इक्विपमेंट और ट्रांसमिशन कंपनियों में हिताची एनर्जी इंडिया पसंद है। उनका कहना है कि यह मौका सिर्फ एआई से जुड़ी बिजली की मांग की वजह से नहीं बन रहा है, बल्कि देश में मजबूत इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ से भी इसे बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

आईटी सेक्टर

वैल्यूएशन आकर्षक होने के बावजूद संदीप आईटी सेक्टर को लेकर सतर्क हैं और अभी इस सेक्टर में निवेश करने से बच रहे हैं। संदीप का मानना है कि जब तक एआई के असर को लेकर अधिक स्पष्टता नहीं आती, तब तक दबाव बना रहेगा।

इंश्योरेंस सेक्टर

संदीप भाटिया का कहना है कि इंश्योरेंस सेक्टर के लिए नियमों में बदलाव बड़ी चिंता बनी हुई है। फिलहाल वह पॉलिसीबाजार की पीबी फिनटेक को लेकर सतर्क हैं और इस सेक्टर पर कोई फैसला लेने से पहले बीमा नियामक IRDA की ड्राफ्ट सिफारिशों के फाइनल होने का इंतजार करना चाहते हैं।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : अक्टूबर सीरीज की कमजोर शुरूआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी करीब 4 अंक ऊपर कारोबार कर रहा है। हालांकि ग्लोबल संकेत ठीक-ठाक हैं। एशियाई बाजार मजबूत दिख रहे हैं। निक्केई और कोस्पी 1-1% ऊपर हैं। 30 साल की US ट्रेजरी यील्ड कई दशकों के ऊपरी स्तरों पर पहुंचने के बावजूद अमेरिकी बाजारों में निचले स्तरों से रिकवरी दिखी। डाओ फ्यूचर्स भी 125 प्वाइंट ऊपर दिख रहा है। कच्चे तेल में नरमी आई है। कच्चे तेल में नरमी के बावजूद 30 साल की US ट्रेजरी यील्ड कई दशकों के ऊपरी स्तरों पर पहुंचने से टेंशन है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

उतार-चढ़ाव भरे सेशन में 29 सितंबर को भारतीय शेयर बाज़ार लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। F&O एक्सपायरी के बीच निफ्टी 22,700 के आसपास बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 242.65 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 72,529.07 पर और निफ्टी 64.05 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

GIFT निफ्टी सपाट कारोबार कर रहा है। यह 22,830 के आसपास नजर आ रहा है। ये भारतीय बाजारों के लिए सुस्त शुरुआत के संकेत हैं।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयरों में तीन सेशन में पहली बार बढ़त देखने को मिल रही है। US सेमीकंडक्टर शेयरों के अहम इंडेक्स में बढ़त के बाद टेक्नोलॉजी कंपनियों की अगुवाई में MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.4% ऊपर चढ़ा है। US इक्विटी इंडेक्स फ्यूचर्स में भी थोड़ी बढ़त हुई है। निक्केई में 1.20 फीसदी की तेजी है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.05 फीसदी की हल्की कमजोरी है। हैंग सेंग में भी 0.42 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। ताइवान का बाजार 1.45 फीसदी और कोस्पी 0.08 फीसदी बढ़त दिखा रहा है। शांघाई कंपोजिट में भी 0.24 फीसदी की तेजी है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार में मामूली गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ। महंगाई और लेबर मार्केट के आंकड़ों से पहले सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जारी रही, जबकि निवेशकों ने ब्याज दरों की दिशा को लेकर फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों पर फोकस बनाए रखा। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 131.59 अंक या 0.26% गिरकर 51,349.92 पर आ गया। S&P 500 में 12.85 अंक या 0.17% की गिरावट आई और यह 7,670.84 पर बंद हुआ। जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 22.84 अंक या 0.08% गिरकर 26,797.54 पर आ गया।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला कारोबार दिख रहा है। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज़्यादा 0.43% की गिरावट आई है,जबकि इंडोनेशियाई रुपिया और फिलीपीन पेसो में 0.02% की गिरावट दर्ज की गई है। सिंगापुर डॉलर में 0.01% की मामूली गिरावट आई है।

वहीं दूसरी ओर जापानी येन में 0.16% की मज़बूती आई है,इसके बाद ताइवान डॉलर में 0.11%, मलेशियाई रिंगित में 0.07% और चीनी रेनमिनबी में 0.06% की बढ़त हुई है। थाई बाहत में 0.02% की मामूली बढ़त देखी गई है।

क्रूड कीमतों में नरमी, ब्रेंट $102 के पास, 7 हफ्ते के निचले स्तर पर गोल्ड

पश्चिम एशिया से सप्लाई सुधरने से क्रूड में नरमी आई है। ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर के पास दिख रहा है। होर्मुज के रास्ते तेल शिपमेंट PRE-WAR लेवल के करीब है। रिकवरी के बावजूद सोना 7 हफ्ते के निचले स्तर पर है। कॉमेक्स गोल्ड 4200 डॉलर के ऊपर है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर दिख रहा है।

ट्रंप ने कहा बहुत जल्द खत्म होगा ईरान से युद्ध, जॉन विलियम्स ने कहा दरें बढ़ाने की जल्दबाजी नहीं

बाजारों के लिए 2 पॉजिटिव बयान आए हैं। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से युद्ध बहुत जल्द खत्म होगा। इधर FOMC के रेट तय करने वाली कमिटी के वाइस चेयरमैन जॉन विलियम्स का बड़ा बयान आया है। इसमें कहा गया है कि सितंबर के बाद दरें बढ़ाने की जल्दबाजी नहीं है। इस बयान के बाद अक्टूबर में 25 bps रेट हाइक की संभावना 70% से घटकर 50% हो गई है।

आज से निफ्टी में बदलाव लागू

आज से निफ्टी में बदलाव लागू होगा। निफ्टी 50 में विप्रो की जगह BSE शामिल होगा। वहीं Nifty Next 50 में विप्रो,हिताची एनर्जी पॉलीकैप, Vedanta Aluminium, Vodafone Idea जैसे शेयर जुड़ेंगे।

Avalon Tech और Gland Pharma में बड़े सौदे संभव

आज दो बड़ी ब्लॉक डील्स पर बाजार की नजर रहेगी। Avalon Tech में 862 करोड़ रुपए के ब्लॉक संभव है। प्रोमोटर 6 परसेंट हिस्सा बेच सकते हैं। Indicative प्राइस 2150 से 2302 रुपए प्रति शेयर के बीच है। वहीं, Gland Pharma में 450 करोड़ रुपए के बड़े सौदों की संभावना है। फ्लोर प्राइस 2990 रुपए प्रति शेयर है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

29 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सत्र में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग ₹10,000 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सहारा देना जारी रखा और इस सत्र के दौरान लगभग ₹7,000 करोड़ के शेयर खरीदे।

 

 

Market cues : बाजार का टेक्निकल स्ट्रक्चर सभी पैमानों पर कमजोर, 22570 के नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ेगी गिरावट