Zerodha संभालेगी IPO का काम! SEBI ने मर्चेंट बैंकर बनने का रास्ता किया साफ

बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने मर्चेंट बैंकिंग लाइसेंस के लिए जीरोधा (Zerodha) के एप्लीकेशन का रास्ता साफ कर दिया। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। हालांकि सेबी के साथ औपचारिक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है। जीरोधा की जीरोधा कॉरपोरेट एडवाइजर्स ने इसका एप्लीकेशन 27 अप्रैल 2026 को फाइल किया था। सेबी ने ऐसे समय में एप्लीकेशन को मंजूरी दी है, जब मर्चेंट बैंकिंग इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी और फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म्स देश में बढ़ते प्राइमरी कैपिटल मार्केट का फायदा उठाने के लिए इसमें दिलचस्पी बढ़ा रहे हैं।

Merchant Banker बनने से क्या मिलेगा Zerodha को?

मर्चेंट बैंकर का लाइसेंस मिलने के बाद जीरोधा अपने मौजूदा ब्रोकिंग बिजनेस से आगे बढ़कर इंवेस्टमेंट बैंकिंग सेक्टर में एंट्री कर सकेगी। इसके तहत कंपनी कई तरह के काम कर सकेगी, जैसे कि कंपनियों के IPO और FPO (फॉलो-ऑप पब्लिक ऑफर) मैनेज करने के साथ-साथ राइट्स इश्यू और कैपिटल मार्केट के दूसरे ट्रांजैक्शंस में कंपनियों का काम करना। इस कदम से जीरोधा की इंवेस्टमेंट बैंकिंग में एंट्री होगी।

जीरोधा ने ब्रोकिंग बिजनेस के बाहर तेजी से बढ़ाया कारोबार

पिछले कुछ वर्षों में जीरोधा ने अपने ट्रेडिशनल ब्रोकिंग बिजनेस से आगे बढ़कर कई फाइनेंशियल सर्विसेज शुरू की जैसे कि एसेट मैनेजमेंट, जीरोधा कैपिटल के जरिए लेंडिंग, और अपने प्रोप्रॉयटरी फंड के जरिए इंवेस्टमेंट्स। इसके अलावा इसे गिफ्ट सिटी में ब्रोकर-डीलर के रूप में काम करने के लिए IFSCA (इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी) से रजिस्ट्रेशन मिल चुका है, जिससे यह भारतीय निवेशकों को विदेशी निवेश की सुविधा दे सकती है। अब यह मर्चेंट बैंकिंग में भी एंट्री करने वाली है। 31 अगस्त, 2026 तक सेबी के पास कुल 248 रजिस्टर्ट मर्चेंट बैंकर्स थे तो सेबी के एप्लीकेशन स्टेटस डेटा के मुताबिक 10 मर्चेंट बैंकिंग रजिस्ट्रेशन एप्लीकेशन पर काम चल रहा है।

मर्चेंट बैंकिंग के लिए नियम हुए और सख्त

जीरोधा के मर्चेंट बैंकिंग में आने से पहले सेबी ने मर्चेंट बैंकर्स के लिए नियम सख्त किए थे। सेबी ने कैटेगरी I मर्चेंट बैंकर्स की मिनिमम नेटवर्थ ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹50 करोड़ तो कैटेगरी II मर्चेंट बैंकर्स के लिए मिनिमम ₹10 करोड़ की नेटवर्थ तय की है। इसमें सिर्फ पहली कैटेगरी वाले ही मर्चेंट बैंकर्स मेनबोर्ड सेगमेंट के आईपीओ को मैनेज कर सकते हैं। नए नियमों में लिक्विड नेटवर्थ से जुड़ी शर्तें भी रखी गई हैं और मर्चेंट बैंकर्स की कुल अंडरराइटिंग ऑब्लिगेशंस को लिक्विड नेटवर्थ के 20 गुना तक सीमित किया गया है। मौजूदा मर्चेंट बैंकर्स के लिए इन बढ़ी हुई जरूरतों को धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है तो जीरोधा जैसी नई कंपनियों को शुरुआत से ही नए नियमों के मुताबिक जरूरी नेटवर्थ बनाए रखना होगा।

HDFC Bank के नए CEO कौन होंगे? कैजाद भरूचा का नाम सबसे आगे, बाहरी उम्मीदवार की भी तलाश

HDFC Bank New CEO: प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा लेंडर HDFC Bank अक्टूबर में नए एमडी और CEO का ऐलान कर सकता है। मौजूदा एमडी और CEO शशिधर जगदीशन अक्टूबर में अपने पद से रिटायर हो रहे हैं। बैंक अपने डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा का नाम आगे कर सकता है। हालांकि, अभी इस पर आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।

बाहरी उम्मीदवार भी तलाश रहा बैंक

रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बैंक एक बाहरी उम्मीदवार की भी तलाश कर रहा है। RBI के नियम के तहत CEO पद के लिए एक से ज्यादा नाम भेजने होते हैं। बैंक जिन नामों का प्रस्ताव देगा, उन पर RBI फैसला करेगा। HDFC Bank और कैजाद भरूचा ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

क्यों अहम है कैजाद भरूचा का नाम

कैजाद भरूचा बैंक के पुराने अधिकारियों में शामिल हैं। वह रिटेल और होलसेल, दोनों बिजनेस संभाल रहे हैं। इसलिए उन्हें जगदीशन का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है। वह 2029 तक रिटायर नहीं होंगे, जो उनके पक्ष में एक अहम बात है।

RBI के नियमों में कैसे फिट बैठते हैं

RBI के नियमों के तहत फुल-टाइम डायरेक्टर का अधिकतम कार्यकाल 15 साल हो सकता है। 2029 तक भरूचा के 15 साल पूरे होंगे। ऐसे में वह CEO पद के लिए पात्र हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर कार्यकाल की सीमा में छूट के लिए भी आवेदन किया जा सकता है।

जगदीशन ने दोबारा कार्यकाल क्यों नहीं लिया

शनिवार को HDFC Bank ने बताया कि शशिधर जगदीशन ने दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। वह अक्टूबर 2020 से बैंक के MD और CEO हैं। उनका दूसरा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। बैंक ने उनके फैसले के पीछे कोई खास वजह नहीं बताई।

छह महीने से नेतृत्व को लेकर उठापटक

पिछले करीब छह महीने HDFC Bank के लिए आसान नहीं रहे हैं। मार्च में बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि बैंक की कुछ प्रथाएं उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खातीं। इसके बाद बैंक के टॉप मैनेजमेंट को लेकर सवाल उठने लगे।

जांच में नहीं मिले आरोपों के सबूत

चेयरमैन के आरोपों की बाद में बाहरी कानूनी समीक्षा कराई गई। इस जांच में गवर्नेंस से जुड़े आरोपों को साबित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला। हालांकि, पिछले महीने बड़े डिपॉजिट की प्राइसिंग के एक अलग मामले में जगदीशन समेत चार अधिकारियों पर कार्रवाई हुई। इससे बैंक के नेतृत्व पर दबाव बढ़ा।

शेयर पर भी दिखा असर

इस साल HDFC Bank के शेयर में करीब 27% की गिरावट आई है। मार्च में चेयरमैन के इस्तीफे के बाद गिरावट और तेज हो गई। जून के अंत तक बैंक में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी करीब 40% थी। 2023 में HDFC Ltd के साथ हुए बड़े मर्जर का फायदा भी निवेशकों को उम्मीद के मुताबिक नहीं दिखा है।

नए CEO के सामने क्या चुनौती

HDFC Bank को अब जल्द नया CEO चुनना है। बोर्ड ने भी उत्तराधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने की बात कही है। नए CEO के सामने शेयर की गिरावट रोकने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की चुनौती होगी। साथ ही HDFC Ltd के साथ मर्जर का पूरा फायदा निकालना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक्स 55% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Mantra : चिराग दारूवाला से जानें 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा सितंबर, ग्लोबल अनिश्चितता में कहां करें निवेश

Market Mantra : सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर चिराग दारूवाला ने सितंबर महीने में सितारों के हिसाब से बाजार की चाल पर बात करते हुए कहा कि ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो गणेश जी कहते हैं कि महीने की शुरुआत में सूर्य और जो बृहस्पति यानी जो गुरु है वो कर्क राशि में होंगे। मंगल और बुध सिंह राशि में होंगे। शुक्र कन्या राशि में होंगे। जबकि शनि ग्रह मीन राशि में वक्री रहेंगे। 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र के अपनी राशि तुला में आने से बाजार में सकारात्मक माहौल और खरीददारी बढ़ सकती है। इस दौरान बैंकिंग सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर,एफएमजीसी सेक्टर,ज्वेलरी और लग्जरी सेक्टर को अच्छा लाभ देखने को मिल सकता है।

7 सितंबर को बुध कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। यह बाजार में ट्रेडिंग,गतिविधियों और वित्तीय निर्णयों के लिए बहुत अनुकूल रह सकता है। आईटी,टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम,बैंकिंग और ब्रोकरेज सेक्टर में तेजी देखने को मिल सकती है। 17 सितंबर को सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। जबकि 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। जिससे बाजार में अचानक थोड़ा सा उतार-चढ़ाव और अस्थिरता बढ़ सकती है। लेकिन आपको मायूस नहीं होना है। रियलस्टेट, कंस्ट्रक्शन सेक्टर,ऑयल गैस सेक्टर,केमिकल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेज हलचल देखने को मिल सकती है।

26 सितंबर को बुध फिर से अपनी स्थिति बदलेंगे और तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इससे विदेशी निवेशकों और पारंपरिक निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है। बाजार में बुलिश ट्रेंड देखने को मिल सकता है। इस दौरान बैंकिंग सेक्टर,आईटी सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर,मीडिया सेक्टर और टेलीकॉम सेक्टर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अच्छी खरीदारी आ सकती है। कुल मिलाकर हम यह कह सकते हैं कि यह महीना इन सेक्टर्स के लिए बहुत ही बेहतरीन रहने वाला है और ग्रह भी इन सेक्टर्स वालों को अच्छा फेवर करेंगे।

राशियों के अनुसार कैसा रहेगा यह महीना?

मेष राशि

चिराग दारूवाला ने कहा कि गणेश जी कहते हैं कि मेष राशि वालों इस महीने आपके लिए बैंकिंग सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में निवेश अच्छा रहेगा। इनमें आपको निवेश के लिए काफी अच्छे मौके मिलेंगे। संपत्ति की लेनदेन कर रहे हैं तो सावधानी पूर्वक जांच करें। किसी भी प्रकार का फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर रहे हैं तो सोच समझकर कीजिए। जल्दबाजी में लिया हुआ फैसला आपके लिए गलत साबित हो सकता है। आपकी इच्छा पूर्ण हो सकती है। आपका सपना पूरा हो सकता है। आपका खुद का घर आप इस महीने बना सकते हैं। खर्चे बहुत अधिक रहने की भी संभावना है।

उपाय

हर शनिवार को नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी अवश्य मिलाएं। यह समझ लीजिए कि मेष राशि वालों यह महीना आपको कुछ ना कुछ अवश्य देगा।

वृषभ राशि

गणेश जी कहते हैं वृषभ राशि वालों रेलवे सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश अच्छा रहेगा। म्यूच्यूल फंड में निवेश किया हुआ है तो आपको अच्छे रिटर्न्स देखने को मिल सकते हैं। संपत्ति में निवेश करना चाहते हैं तो थोड़ा सा धैर्य रखना होगा। यह महीना क्रिएटिविटी का महीना है। यानी कि आपको नए-नए विचार,नए-नए तरीके सोचने होंगे और उसे आप अमल में लेकर आइए। अवश्य आपको लाभ होगा। खर्चों पर भी नियंत्रण रखने की आवश्यकता है।

उपाय

हर मंगलवार को गणेश जी की पूजा अर्चना करें। ओम गण गणपताए नमः 108 बार यह मंत्र का उच्चारण करें। जरूर से आपको लाभ देखने को मिलेगा।

मिथुन राशि

गणेश जी कहते हैं मिथुन राशि वालों इस महीना जो उतार-चढ़ाव चल रहा था,जो इनस्टेबिलिटी चल रही थी,वह इनस्टेबिलिटी दूर होगी। व्यापार में अच्छा मुनाफा देखने को मिल सकता है। आपको नए इन्वेस्टर्स,नए क्लाइंट्स मिल सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। ऑटोमोबाइल सेक्टर,एनर्जी सेक्टर,स्टील सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। इंश्योरेंस और फाइनेंस सेक्टर में भी निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो वह बेहतरीन रहेगा। खर्चे आपके थोड़े कम होंगे और आप यह कह सकते हैं कि आप राहत की सांस लेंगे।

उपाय

जब भी भी संभव हो लाल कपड़ों का लाल चीजों का दान अवश्य करें और मंगलवार के दिन यह अवश्य आप करिए। आपको अवश्य कुछ ना कुछ लाभ देखने को मिलेगा।

कर्क राशि

गणेश जी कहते हैं कर्क राशि वालों अभी नहीं तो कभी नहीं। जो दिमाग में चल रहे हैं जो आपके आइडियाज हैं जो थॉट्स हैं उसे आप इंप्लीमेंट करना शुरू कर दीजिए। आईटी सेक्टर,टेक्नोलॉजी सेक्टर,विज्ञान सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। लेकिन पैसों के लेनदेन से आपको बचना है। व्यापार में मेहनत और परिश्रम आपको अच्छी सफलता दिलाएगा। व्यवसाय में कुछ बदलाव नए बदलाव से आपको अच्छा फायदा देखने को मिलेगा। बिजनेस को आगे बढ़ाने में आपको थोड़ा सा सक्रिय रहना होगा।

उपाय

प्रतिदिन सुबह गाय माता को हरा घास,हरा चारा अवश्य खिलाइए।

सिंह राशि

गणेश जी कहते हैं सिंह राशि वालों इस महीने स्टील सेक्टर और सीमेंट सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। अच्छा लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। लेकिन आपके जो आय के स्त्रोत है वह बढ़ेंगे। करियर के लिहाज से यह महीना काफी अच्छा रहेगा। प्रॉपर्टी खरीदने के लिए समय योग्य नहीं है। थोड़ा सा रुक जाइए। जल्दबाजी मत कीजिएगा।

उपाय

जरूरतमंद लोगों को दूध,दही या फिर घी का दान अवश्य करें।

कन्या राशि

गणेश जी कहते हैं कन्या राशि वालों इस महीने शुक्र आपके जीवन में बहुत कुछ लेकर आए हैं। यानी कि अलग-अलग जगह से आपको पैसे कमाने का मौका मिल सकता है। व्यापार में नई-नई अपॉर्चुनिटीज आपको मिल सकती है। साथ-साथ में आपने जहां-जहां निवेश किया है,जिन शेयर्स में आपको अच्छा रिटर्न नहीं मिल रहा था,शायद इस महीने आपको अच्छा रिटर्न भी मिल सकता है। हालांकि, आपको अपने पोर्टफोलियो में कुछ बदलाव लाने की जरूरत है। अनियंत्रित खर्चों पर भी आपको ध्यान देना होगा। एक बजट बनाएं और उसके अनुसार ही खर्च करें।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को ओम ब्रह्म बृहस्पतिए नमः का जाप करें, यह मंत्र का गुरु का मंत्र है। 108 बार जाप अवश्य करिए। गुरु अगर आपके फेवर में होंगे तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकेगा। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

तुला राशि

गणेश जी कहते हैं तुला राशि वालों इस महीने ऑटोमोबाइल सेक्टर,ट्रांसपोर्ट सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर में अगर आप निवेश करना चाहते हैं तो आपके लिए बहुत ही बेहतरीन रहेगा। इनमें आपको अच्छे रिजल्ट मिल सकते हैं। सोना चांदी का व्यवसाय कर रहे हैं या करना चाहते हैं तो कीजिए। जरूर से आपको लाभ होगा और आपके किसी भी प्रकार के कुछ काम अटके हुए थे तो आप यह कह सकते हैं 7 सितंबर से लेकर 21 सितंबर का जो समय है वह बहुत ही बेहतरीन है। इंपोर्ट एक्सपोर्ट के व्यवसाय में अच्छा फायदा देखने को मिलेगा। नौकरी कर रहे हैं तो प्रमोशन मिल सकता है और साथ-साथ में नई अपॉर्चुनिटीज भी मिल सकती है।

उपाय

हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करें और माता जी को खीर का भोग लगाएं। यह समझ लीजिए तुला राशि वालों कि इस महीने अनएक्सपेक्टेड मॉनिटरी गेंस यानी ऐसा पैसा जो शायद आपने सोचा भी नहीं हो,अटका हुआ पैसा भी आपको इस महीने मिल सकता है। यह महीना आपके जीवन में खुशियां लेकर आएगा।

वृश्चिक राशि

गणेश जी कहते हैं वृश्चिक राशि वालों अभी नहीं तो कभी नहीं आपको आलस का त्याग करना है। थोड़ा सा आपको एक्टिव हो जाना है। अलर्ट हो जाना है। आप यह समझ लीजिए कि इस महीने आपकी जो आर्थिक स्थिति है वह पहले से बेहतर दिखाई दे रही है। लंबी अवधि के निवेश से अच्छी आय होगी। लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट आपके लिए बहुत बेहतरीन है। इस महीने किसी भी प्रकार का आप फैसला लें वह जल्दबाजी में मत लीजिएगा। जल्दबाजी में लिया हुआ फैसला आपके लिए नुकसानकारक साबित हो सकता है। शेयर बाजार में निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर से लीजिए। वरना आप फंस सकते हैं। व्यापार में अच्छे ऑर्डर्स आपको मिल सकते हैं। नए क्लाइंट्स मिल सकते हैं। और सबसे बड़ी बात यह है कि इस महीने जो आपका जो नेटवर्किंग है,आपके जो संपर्क है,वह और भी बढ़ेंगे। प्रभावशाली लोगों के साथ आपके संपर्क बढ़ेंगे और कहीं ना कहीं वह आपको मददगार भी साबित होंगे।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी को तेल और सिंदूर अवश्य अर्पण करें और ओम हनुमंताय रामदूताय नमः यह मंत्र का 108 बार जाप करिए। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

धनु राशि

गणेश जी कहते हैं धनु राशि वालों बहुत मेहनत करते हैं। बहुत एफर्ट्स देते हैं। पर परिणाम नहीं मिलता। तो आप यह कह सकते हैं कि आपने जो पास्ट में एफर्ट्स किए थे,जो मेहनत की थी,जिसका परिणाम आपको नहीं मिल रहा था,उसका परिणाम इस महीने आपको मिल सकता है। स्टील सेक्टर और पावर सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। स्माल कैप और मिड कैप शेयर्स आपको अच्छा फायदा कराएंगे। निवेश संबंधित योजनाएं भी बहुत सफल रहेंगी। व्यापार में अच्छी तरक्की देखने को मिल सकती है और अगर आप कोई पार्टनर ढूंढ रहे हैं,कोई इन्वेस्टर ढूंढ रहे हैं अपने व्यापार के लिए तो इस महीने आपको वह इन्वेस्टर भी मिल सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को ओम गुरुवे नमः मंत्र का आप जाप करें और गाय माता को गुड़ अवश्य खिलाइए। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

मकर राशि

गणेश जी कहते हैं मकर राशि वालों जितना ज्यादा विचार करेंगे उतना आप कंफ्यूजन में रहेंगे, स्ट्रेस में रहेंगे, एंग्जायटी में रहेंगे, कुछ भी नहीं कर पाएंगे, तो इस महीने आपको ज्यादा विचार नहीं करना है। कार्य के ऊपर फोकस करना है। शेयर बाजार में निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो जरूर कीजिए आपके लिए फायदेमंद रहेगा पावर सेक्टर, एनर्जी सेक्टर और गैस सेक्टर में निवेश आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा और जिन शेयर्स में आपका आपका पैसा रुका हुआ था उसमें तेजी देखने को मिल सकती है। घर या कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने का आपका जो सपना है वह सपना इस महीने अवश्य पूर्ण होगा। आपकी आर्थिक स्थिति में थोड़ा सा उतार-चढ़ाव आ सकता है। पर आपको धैर्य रखना है। उत्तेजित नहीं हो जाना है। मन को शांत रख के कोई भी कार्य करेंगे तो अवश्य आने वाले समय में आपका डंका बजेगा।

उपाय

हर शनिवार शाम को शनिदेव जी को काले तिल और सरसों का तेल अवश्य चढ़ाइए।

कुंभ राशि

गणेश जी कहते हैं कुंभ राशि वालों इस महीने आप कोई भी प्रकार का लेनदेन कर रहे हैं तो सोच समझकर कीजिए। दूसरा शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं तो प्रॉपर रिसर्च करके निवेश करिए। किसी की भी बातों में आकर अगर आपने निवेश किया तो शायद आपका पैसा फंस सकता है। आपको फाइनेंस सेक्टर,इंश्योरेंस सेक्टर में अच्छा मुनाफा मिलेगा। सोने में या फिर प्रॉपर्टी में निवेश के लिए थोड़ा सा इंतजार करिए। व्यापार में अच्छी आमदनी होगी। अपना पैसा सोच समझकर निवेश करना होगा।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को कौवों को और काले कुत्तों को भोजन अवश्य खिलाइए। शनिदेव जी की मेहरबानी रहेगी तो आपके कर्मों का फल जो आपने एफर्ट्स दिए थे जो आपकी सोच थी उसका आपको अच्छा परिणाम इस महीने देखने को मिलेगा। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों गणेश जी कहते हैं कि बैंकिंग सेक्टर,आईटी सेक्टर, फाइनेंस सेक्टर और एनर्जी सेक्टर में निवेश आपके लिए अच्छा रहेगा। इनमें आपको अच्छा मुनाफा मिल सकता है। महीने के अंत में यानी कि 27 तारीख से लेकर 30 तारीख के बीच में अगर आप प्रॉफिट बुक करने का विचार कर रहे हैं तो आप कर सकते हैं। नौकरी कर रहे हैं अच्छा इंक्रीमेंट मिल सकता है। म्यूच्यूल फंड में निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो उसकी शुरुआत आप इस महीने कर सकते हैं। लोन लेने का विचार कर रहे हैं और नहीं मिल रहा है,कुछ ना कुछ अड़चनें आ रही थी तो वो अड़चनें भी इस महीने दूर होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि अगर आप कोई भी स्टार्टअप शुरू करने का विचार कर रहे हैं,नया व्यवसाय शुरू करने का विचार कर रहे हैं तो उसकी शुरुआत कर दीजिए। सब्र मत रखिए। थोड़ा सा एक्टिव हो जाइए। थोड़ा सा अलर्ट हो जाइए और एकदम पीछे पड़ जाइए। आप यह समझ लीजिए कि इस महीने लिए हुए कोई भी फैसले, इस महीने किए हुए कोई भी कार्य आने वाले समय में आपको एक अच्छे मुकाम पर पहुंचा सकते हैं।

उपाय

रोजाना सूर्यदेव को जल चढ़ाएं और 21 बार गायत्री मंत्र का जाप करें।

बाजार में डिस्काउंट पर मिल रहे शेयर, न चूकें मौका

चिराग दारूवाला का कहना है कि इस समय सभी तरह के निवेशकों सबसे पहले धैर्य रखना है। दुनिया में जितने भी वॉर चल रहे हैं उसके बावजूद आने वाले कुछ समय में आप देखेंगे कि हमारा सेंसेक्स और निफ्टी ऑल टाइम हाई लगाता दिखेगा। आपको सिर्फ धैर्य रखना है। अगर आपको लग रहा है कि आपका पोर्टफोलियो 15, 20 या 30 फीसदी माइनस में है तो आप उसे साइड में रख के आराम से चैन की नींद लीजिए। जिन लोगों ने अभी तक निवेश नहीं किया है, सोच रहे हैं कि शायद बाजार और गिरेगा तो वे यह कर सकते हैं कि थोड़ा सा निवेश करे क्योंकि अभी आपको बाजार में डिस्काउंट मिल रहा है। बाजार में वैसा की डिस्काउंट मिल रहा है जैसा Flipkart Flipkart और Amazon पर मिलता है। इस समय आप डिस्काउंट पर शेयर्स ले सकते हैं। आने वाले समय में आपको जरूर अच्छा रिटर्न मिलेगा।

 

Daily Voice: मौजूदा भाव पर नए न्यू एज स्टॉक्स लग रहे महंगे, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,रियल्टी और डिफेंस शेयरों को लेकर भी रहें सतर्क

 

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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 31 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट और अच्छे ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी दो दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। सेंसेक्स आज 331 अंक या 0.43 फीसदी बढ़कर 77,264.51 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 85 अंक या 0.35% की बढ़त के साथ 24,175.65 पर बंद हुआ। चौतरफा खरीदारी के दम पर मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में भी तेजी आई। BSE 150 मिडकैप 0.16% चढ़ा,जबकि 250 स्मॉलकैप में 0.33% की बढ़त हुई।

बाजार की इस तेजी की मुख्य वजह चुनिंदा IT और बैंकिंग सेक्टर की बड़ी कंपनियों में आई जोरदार खरीदारी रही। सेंसेक्स की बढ़त में इन्फोसिस और HDFC बैंक का सबसे बड़ा योगदान रहा। हालांकि,ICICI बैंक ने इंडेक्स पर सबसे ज्यादा दबाव डाला।

TCS,इन्फोसिस,टेक महिंद्रा,HCL टेक और टाइटन सेंसेक्स की सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाली कंपनियां रहीं। दूसरी ओर ICICI बैंक,अल्ट्राटेक सीमेंट,एशियन पेंट्स और ITC इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वाली कंपनियां रहीं।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि IT शेयरों में जबरदस्त तेजी की वजह से आज भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। इस सेक्टर को Nvidia की शानदार कमाई और बेहतर आउटलुक से सहारा मिला। इससे AI से जुड़े निवेश के जारी रहने को लेकर भरोसा बढ़ा और एंटरप्राइज़ AI डिप्लॉयमेंट और वर्कफ़्लो इंटीग्रेशन से जुड़ी कंपनियों को फायदा हुआ। हालांकि,निवेशकों की भागीदारी चुनिंदा शेयरों में रही क्योंकि बाजार जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेड चेयर की टिप्पणियों पर नजरें बनाए हुए हैं। इससे US में ब्याज दरों के आउटलुक और ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति के बारे में ज्यादा साफ जानकारी मिल सकती है।

घरेलू स्तर पर, Q1FY27 के नतीजों का दौर काफी हद तक अच्छे नतीजों के साथ खत्म हो रहा है,इसलिए अब बाजार का फोकस धीरे-धीरे बदलती ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक स्थितियों के बीच अर्निंग ग्रोथ पर रहेगा।

हालांकि घरेलू लिक्विडिटी की अच्छी स्थिति बाजार को स्थिरता दे रही है,लेकिन वेस्ट एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अभी भी चिंता के विषय हैं,जिससे निवेशक ग्रोथ और कॉर्पोरेट मुनाफे से जुड़े जोखिमों को लेकर सतर्क हैं।

ओमनीसाइंस कैपिटल के प्रेसिडेंट और चीफ पोर्टफोलियो मैनेजर,अश्विनी शमी ने कहा कि अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड के 4.6%–4.7% के 1-साल के हाई के करीब रहने के बावजूद,हाल के हफ्तों में FII का निवेश थोड़ा पॉजिटिव रहा है। हालांकि US में रिस्क-फ्री रेट्स बढ़ने से आमतौर पर उभरते बाजारों में निवेश पर असर पड़ता है। लेकिन निवेश में यह बढ़ोतरी 2 साल से ज्यादा समय तक बाजार के कंसोलिडेशन के बाद भारतीय इक्विटी की ओर धीरे-धीरे बढ़ते रुझान को दिखाती है। घरेलू रिटेल और DII का मजबूत निवेश बाजार में गिरावट को संभालने में मदद कर रहा है।

बेंचमार्क इंडेक्स एक दायरे में बने हुए हैं। लार्ज-कैप निफ्टी 100 (~20x P/E) की तुलना में स्मॉल और मिड-कैप इंडेक्स (~34x और 30x P/E) का वैल्यूएशन प्रीमियम काफी ज्यादा है,जो अच्छे बॉटम-अप मौके देता है। निकट भविष्य में बाजार का फोकस दूसरी छमाही (H2) की अर्निंग, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और RBI के लिक्विडिटी रुख पर रहने की उम्मीद है। अच्छे वैल्यूएशन के कारण BFSI और फाइनेंशियल सर्विसेज के चुनिंदा शेयरों निवेश के मौके हैं। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर,पावर और बिजनेस सर्विसेज में भी निवेश के मौके नजर आ रहे हैं, जिन्हें कैपेक्स (capex) में सुधार और ऑपरेटिंग लेवरेज से फायदा मिल रहा है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि लगातार दो सेशन में गिरावट के बाद आज भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी दिखी। IT शेयरों में खरीदारी और ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले लेकिन पॉजिटिव संकेतों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ ट्रेड कर करते दिखे। हालांकि,कच्चे तेल की ऊंची कीमतों,US बॉन्ड यील्ड और जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व के पॉलिसी आउटलुक को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार का मूड सतर्क बना हुआ है।

कल मंथली एक्सपायरी के दिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान दिखी भारी उतार-चढ़ाव ने भी निवेशकों को दिन के आखिर में होने वाली हलचल को लेकर और सतर्क कर दिया।

आगे चलकर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की कीमतें और इंस्टीट्यूशनल फ्लो बाजार की अगली चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP,रिसर्च,अजीत मिश्रा ने कहा कि आज शुक्रवार को बाजार में सुस्ती रही और मिले-जुले संकेतों के बीच मामूली बढ़त के साथ कारोबार बंद हुआ। सपाट शुरुआत के बाद,निफ्टी पूरे सेशन के दौरान एक सीमित दायरे में घूमता रहा और आखिर में 0.35% की बढ़त के साथ 24,175.65 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 0.43% ऊपर 77,264.51 पर बंद हुआ।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nvidia के शानदार तिमाही नतीजों और रेवेन्यू के अच्छे आउटलुक के बाद ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों में आई तेजी के दम पर IT सेक्टर सबसे आगे रहा। फार्मा और मेटल सेक्टर भी बढ़त के साथ बंद हुए,जबकि FMCG और ऑटो सेक्टर पर दबाव बना रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी सुस्ती रही, जो निवेशकों की सतर्कता को दिखाता है।

ग्लोबल बाजार से मिले-जुले संकेतों और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच निवेशकों का मूड सतर्क बना रहा। अब सबकी नजरें जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के बयान पर टिकी हैं।

टेक्निकल तौर पर निफ्टी के लिए 24,100-24,000 के जोन के आसपास की खींचतान बनी हुई है। अगर यह लेवल टूटता है और गिरावट जारी रहती है तो इंडेक्स 23,800–23,650 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 24,200 का लेवल तत्काल रुकावट का काम कर सकता है और उसके बाद 24,300–24,400 का जोन अहम रेजिस्टेंस लेवल होगा।

मौजूदा अनिश्चितता और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच ट्रेडरों को सलाह है कि इंडेक्स को लेकर सतर्क रुख अपनाएं और चुनिंदा शेयरों पर फोकस करें। निवेशकों को मज़बूत शेयरों और सेक्टर को प्राथमिकता देनी चाहिए और साथ ही रिस्क और पोजीशन मैनेजमेंट में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

 

 

Defense export : डिफेंस सेक्टर को बड़ी राहत, आसान हुए डिफेंस ओपन जनरल एक्सपोर्ट लाइसेंस के नियम

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : बाजार में तेजी-मंदी को जानने के लिए निफ्टी सही पैरामीटर नहीं, छोटे-मझोले शेयरों में बनेगा अच्छा पैसा-मनीष सोंथालिया

Market Insight : पहली तिमाही के अर्निंग सीजन के बाद हमको लग रहा था कि बाजार को लेकर एक अच्छा क्लियर विज़न मिलेगा और हमारे लिए यह जानना आसान होगा कि किसको पिक करना है और किसको अवॉइड करना है। लेकिन एक बार फिर से बाजार पर क्रूड की चिंताएं,यूएस मार्केट से जुड़ी दिक्कतें,जिओपॉलिटिकल टेंशंस और बॉन्ड यील्ड ये सब कुछ हावी हो गए हैं। ऐसे में बाजार की चाल पर बात करते हुए एमके इन्वेस्टमेंट (Emkay Investment) के CIO मनीष सोंथालिया ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। निफ्टी की बात करें तो इस पर दबाव है लेकिन निफ्टी से बाहर निकल कर ब्रॉडर मार्केट पर नजर डालें तो वहां स्थिति इतनी खराब नहीं है। यह हम कह सकते हैं कि वहां पर मंदी का माहौल नहीं है।

अगर आप निफ्टी मिड कैप की देखें तो वहां पर पहली तिमाही में अर्निंग्स ग्रोथ 25-26% रही है। स्माल कैप में देखें तो यहां भी 30-32% की अर्निंग्स ग्रोथ रही है। अगर NFTY 500 को भी देखें तो यहाँ पर 15% की अर्निंग्स ग्रोथ रही है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि बाजार में तेजी-मंदी का अंदाजा लगाने के लिए निफ्टी 50 सही पैरामीटर नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि जब तक निफ्टी में हैवी वेटेज रखने वाले बैंकिंग सेक्टर नहीं चलेंगे तब तक आपको निफ्टी में बहुत हल्की बढ़त ही देखने को मिलेगी। रही बात क्रूड की तो इसके लिए 90 डॉलर का लेवल लक्ष्मण रेखा है। अगर क्रूड इस लेवल से ऊपर गया तो भारत के लिए परेशानी पैदा होगी। वहीं, अगर यह 90 डॉलर के नीचे रहा तो इंडिया के लिए न्यूट्रल रहेगा। इसको पॉजिटिव भी कह सकते हैं, क्योंकि हम तो 120 डॉलर का स्तर भी देख चुके हैं। दूसरी बड़ी बात यह है कि हमारा एफसीएआरबी अब 70 बिलियन हो गया। इसका कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट पर पॉजिटिव असर होगा। हमारे यील्ड भी गिर गए हैं। लेकिन आरबीआई सिस्टम में कितनी लिक्विडिटी रहने देता है या सीआरआर बढ़ा देता है या ओपन मार्केट ऑपरेशंस करता है, यह सब देखने वाली बात होगी।

आज की डेट में भारत के नजरिए से देखें ज्यादा कुछ नेगेटिव है नहीं। इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में भारत के वेटेज में भी थोड़ा बहुत इजाफा हो रहा है। ऐसे में मोटा-मोटी भारत में मंदी का माहौल तो नहीं दिख रहा है। हां निफ्टी 50 आपको जरूर रेड टिक दिखा रहा है। लेकिन आउटसाइड निफ्टी अच्छा खासा एक्शन है।

मिड और स्मॉल कैप पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि चार-पांच सेक्टरों में बहुत मजबूत कन्विक्शन है। यहां आप अपने वैल्यू्यूएशन कंफर्ट के हिसाब से फैसले ले सकते हैं। एडवांस टेक्नोलॉजी शेयरों में दम दिख रहा है। इनमें डेटा सेंटर,एआई एडवांस टेक्नोलॉजी,डिफेंस,एरोस्पेस,सेमीकंडक्टर और एनर्जी ट्रांजक्शन की पूरी वैल्यू चेन और हेल्थ केयर से जुड़े शेयर शामिल है। इनमें अगले तीन से पांच साल तक अच्छी-खासी तेजी रहेगी। प्लेटफार्म कंपनीज में भी अच्छी खासी तेजी देखने को मिल सकती है। इनके नतीजे भी काफी बेहतरीन रहे हैं।

आईटी सेक्टर पर बात करते हुए मनीष सोंथालिया ने कहा की आगे एआई और डेटा सेंटर से जुड़ी कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करेंगी। बड़ी आईटी कंपनियों के एआई ट्रांजिशन में लंबा समय लग सकता है। लेकिन छोटी आईटी कंपनिंया तेजी से एआई ट्रांजिशन कर सकती है। इस समय इनका वैल्यूएशन भी अच्छा है। उन्होंने आगे कहा कि पोर्टफोलियो में हमेशा 10 फीसदी एलोकेशन प्रेशियस मेटल्स का होना चाहिए। लंबे नजरिए से देखें तो गोल्ड में 9-10 फीसदी सालाना रिटर्न मिल सकता है।

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 26 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें

Trading Plan: दायरे में फंसा बाजार, ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने निफ्टी-बैंक निफ्टी में कैसे होगी कमाई

Trading Plan: मार्केट एक्सपर्ट्स की राय है कि निफ्टी में कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। बाजार को साफ दिशा पकड़ने के लिए सोमवार के ट्रेडिंग रेंज (24,150–24,300) से साफ तौर पर बाहर निकलना होगा। मंथली F&O एक्सपायरी से पहले बाजार में सावधानी का माहौल होने के बावजूद, मोमेंटम इंडिकेटर्स ने अंडरलाइंग मोमेंटम में कुछ सुधार के संकेत दिए हैं। अगर इंडेक्स 24,300 के ऊपर मजबूती दिखाता है तो यह 24,500 की ओर बढ़ सकता है। वहीं,अगर यह 24,150–24,100 के नीचे गिरता है तो 24,000 के स्तर की ओर गिरावट की संभावना बढ़ सकती है।

उधर बैंक निफ्टी के 57,235 पर अपने 50-डे EMA को बनाए रखने की संभावना है,जो इस महीने क्लोजिंग बेसिस पर अच्छी तरह से टिका हुआ है। जानकारों के अनुसार,अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स 57,000–56,700 की ओर जा सकता है,जबकि 57,900 के ऊपर जाने पर यह 58,250 की ओर बढ़ सकता है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च, जय ठक्कर का कहना है कि निफ्टी पिछले हफ्ते और इस हफ्ते के पहले दिन भी गिरावट के साथ बंद हुआ,जिससे पता चलता है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव है। बैंक निफ्टी ऊंचे स्तरों से तेजी से गिरा,जिसका असर निफ्टी पर भी पड़ा। निफ्टी का सबसे ज्यादा पुट बेस 24,000 के स्तर पर है,जो इसे निचले स्तरों पर एक अहम सपोर्ट बनाता है,जबकि 24500 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। इसलिए,इंडेक्स के लिए निकट-अवधि की रेंज 24,000–24,500 है। जब तक इस रेंज से ब्रेकआउट नहीं होता,तब तक बाजार के साइडवेज रहने की संभावना है।

अब तक रोलओवर का स्तर ठीक-ठाक रहा है। पिछले शुक्रवार तक,पूरे मार्केट में रोलओवर 40 प्रतिशत था। जबकि सोमवार तक निफ्टी में गिरावट का रुख बना रहा। इससे पता चलता है कि FIIs शॉर्ट पोजीशन बढ़ा रहे हैं या उन्हें रोलओवर कर रहे हैं (कम से कम इंडेक्स में),क्योंकि हाल ही में नेट इंडेक्स शॉर्ट्स 1.5 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स से बढ़कर 2.10 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स हो गए हैं।

हालांकि,India VIX निचले स्तरों पर ट्रेड कर रहा है,लेकिन पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन में इसमें इंट्राडे उछाल देखा गया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें निकट भविष्य में ग्लोबल इक्विटी के लिए एक निगेटिव फैक्टर बनी हुई हैं। जब तक कच्चे तेल की कीमतें कम नहीं होतीं,महंगाई का जोखिम इंडेक्स पर ऊपरी स्तरों पर दबाव बनाए रखता है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,500

अहम सपोर्ट: 24,000

रणनीति: 24,100 के आस-पास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 23,950 के नीचे रखें और टारगेट 24,400 व 24,500 रखें।

बैंक-निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि निफ्टी की तरह ही बैंक निफ्टी भी एक दायरे में फंसा हुआ है। ऊपर की तरफ,58,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल बेस है, जबकि स्विंग रेजिस्टेंस 58,500 पर है। नीचे की तरफ,57,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है,जिससे यह एक तत्काल सपोर्ट लेवल बन गया है, जबकि 56,000 अगला सपोर्ट लेवल है। ऐसे में इसका शॉर्ट-टर्म रेंज 57,000–58,000 है,जबकि मीडियम-टर्म रेंज 56,000–58,500 है। निफ्टी PSU बैंक नेगेटिव ट्रेंड के साथ ट्रेड कर रहे हैं और इनमें काफी संख्या में शॉर्ट पोजीशन बनी हैं। वहीं,पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन में प्राइवेट-सेक्टर बैंक इंडेक्स का प्रदर्शन PSU बैंक इंडेक्स से बेहतर रहा है। हालांकि एक्सिस बैंक और HDFC बैंक इसके अपवाद रहे हैं,क्योंकि बाकी ज्यादातर स्टॉक अपेक्षाकृत बेहतर ट्रेड कर रहे हैं। इसलिए,अगर बैंकिंग सेक्टर में शॉर्ट-कवरिंग होती है तो तेजी से ब्रेकआउट हो सकता है, जिससे इंडेक्स 60,000 और उससे ऊपर जा सकता है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000, 58,500

अहम सपोर्ट: 57,000

स्ट्रेटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें,57,000 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 60,000 का टारगेट रखें।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tata Sons: नोएल टाटा जल्द कर सकते हैं RBI अधिकारियों से मुलाकात, टाटा संस की लिस्टिंग पर हो सकता है अंतिम फैसला

Noel Tata RBI Meeting: टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा इस महीने के अंत से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा टाटा संस को अनलिस्टेड कंपनी के रूप में बनाए रखने और लिस्टिंग से जुड़ी अनिश्चितताओं को खत्म करना है।

एन चंद्रशेखरन के फरवरी 2027 में चेयरमैन पद छोड़ने के ऐलान के बाद, अब नोएल टाटा खुद रेगुलेटरी के साथ बातचीत की कमान संभालने जा रहे हैं।

वार्ता की कमान अब नोएल टाटा के हाथों में

अब तक टाटा संस के अधिकारी और कुछ बोर्ड मेंबर्स आरबीआई के साथ लिस्टिंग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत कर रहे थे। लेकिन अब नोएल टाटा बोर्ड मेंबर और बहुसंख्यक शेयरधारक के प्रतिनिधि के रूप में सीधे आरबीआई से बात करेंगे। नोएल टाटा मई 2025 में ही आरबीआई को पत्र लिखकर टाटा संस को अनलिस्टेड रखने की अपनी इच्छा जाहिर कर चुके हैं। अब वे पिछले तीन साल से चले आ रहे इस मुद्दे का स्थाई समाधान चाहते हैं।

NBFC-CIC डी-रजिस्ट्रेशन और लिस्टिंग का पूरा गणित

साल 2022 में रिजर्व बैंक ने टाटा संस को ‘Upper Layer NBFC’ के रूप में वर्गीकृत किया था, जिसके तहत कंपनी के लिए 3 साल के भीतर (सितंबर 2025 तक) शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य था। हालांकि, टाटा संस ने लिस्टिंग से बचने के लिए कई कदम उठाए हैं:

कर्ज मुक्त हुई कंपनी: टाटा संस ने बैंकिंग सेक्टर से लिया गया अपना पूरा बाहरी कर्ज चुका दिया है।

आरबीआई को आश्वासन: कंपनी ने गारंटी दी है कि वह समूह की अन्य कंपनियों को लोन देने के लिए कोई नया कर्ज नहीं लेगी और न ही फीस लेकर कोई कॉर्पोरेट गारंटी देगी।

NBFC दर्जा रद्द करने की अर्जी: टाटा संस ने दिसंबर 2024 में आरबीआई को आवेदन सौंपकर कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (NBFC-CIC) का दर्जा रद्द करने की मांग की थी। यदि आरबीआई इस अर्जी को स्वीकार कर लेता है, तो टाटा संस पर अनिवार्य IPO/लिस्टिंग की शर्त अपने आप खत्म हो जाएगी।

SP ग्रुप की हिस्सेदारी का मुद्दा भी आ सकता है सामने

शापूरजी पालोनजी (SP Group) की टाटा संस में लगभग 18% हिस्सेदारी है। 31 मार्च 2026 तक एसपी ग्रुप पर करीब 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज था। अपने कर्ज से राहत पाने के लिए एसपी ग्रुप टाटा संस के आईपीओ या शेयर बाय-बैक के जरिए लिक्विडिटी हासिल करने की कोशिश में है। अगर बैठक के दौरान आरबीआई इस विषय को उठाता है, तो एसपी ग्रुप की हिस्सेदारी से बाहर निकलने की योजना पर भी चर्चा की जा सकती है।

आरबीआई की यह शर्त रही है कि टाटा संस को अनलिस्टेड रखने के लिए टाटा ग्रुप के भीतर पूर्ण सहमति होनी चाहिए। नए नेतृत्व के गठन और एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बीच नोएल टाटा की यह बैठक टाटा संस के भविष्य के कॉर्पोरेट ढांचे के लिहाज से सबसे निर्णायक मानी जा रही है।

भारत के बैंकिंग सेक्टर में होगा बड़ा बदलाव! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिए हाई-पावर्ड कमेटी के संकेत, जानिए क्या है पूरा प्लान

High-Powered Committee on Banking: भारतीय बैंकिंग क्षेत्र आने वाले समय में एक बड़े ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बनने जा रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार, 17 अगस्त को घोषणा की कि केंद्र सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंकिंग सेक्टर पर एक ‘हाई-पावर्ड कमेटी’ गठित करने की तैयारी में है।

दो दिवसीय ‘पीएसबी मंथन/संगम’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस सम्मेलन से निकलने वाले सुझाव और विचार इस उच्च स्तरीय समिति के लिए मुख्य आधार तैयार करेंगे। आइए जानते हैं कि भारतीय बैंकों के लिए क्या है सरकार का नया रोडमैप और बीते 10 सालों में बैंकिंग क्षेत्र की कितनी तस्वीर बदली है।

विकसित भारत का विजन: क्या करेगी यह हाई-पावर्ड कमेटी?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कमेटी इस बात का गहन अध्ययन और आकलन करेगी कि ‘विकसित भारत’ के सफर में देश को किस दिशा में आगे बढ़ना है और इसमें बैंकिंग सेक्टर की क्या भूमिका होगी।

सम्मेलन में हो रही चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य ऐसे व्यावहारिक, स्पष्ट और अमल में लाने योग्य विचार तैयार करना है, जिन्हें बैंकिंग क्षेत्र लागू कर सके। वित्त मंत्री के अनुसार, यह सुधार सही समय पर हो रहे हैं क्योंकि भारतीय बैंक आज अब तक की सबसे मजबूत वित्तीय स्थिति में खड़े हैं। दो दिवसीय सम्मेलन में बैंकिंग जगत के दिग्गज 7 प्रमुख विषयों पर चर्चा कर रहे हैं, जो भविष्य के रोडमैप का आधार बनेंगे।

रिकॉर्ड निचले स्तर पर NPA: ऐतिहासिक मजबूती में भारतीय बैंक

बैंकिंग क्षेत्र में इस नए सुधार पैकेज का सबसे मजबूत पहलू यह है कि बैंक अब अपने सबसे कम एनपीए (NPA) के स्तर पर हैं, जिससे उनकी कर्ज देने की क्षमता काफी बढ़ गई है। वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) के सचिव संजय लोहिया ने बताया कि पिछले एक दशक में भारतीय बैंकों के पैमाने, स्थिरता और पहुंच में क्रांतिकारी बदलाव आया है।

मजबूत बैलेंस शीट के दम पर अब सरकारी बैंक (PSBs) देश की आर्थिक वृद्धि, कृषि सेक्टर, MSMEs और समाज के वंचित वर्गों को वित्तीय सहायता देने में कहीं ज्यादा सक्षम हैं।

10 साल में कितना बदला बैंकिंग सेक्टर? आंकड़े दे रहे गवाही

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2015 से मार्च 2026 के बीच भारतीय बैंकों के प्रदर्शन में जबरदस्त उछाल देखा गया है:

कुल कारोबार: मार्च 2015 के ₹128 लाख करोड़ से दोगुना से भी अधिक बढ़कर मार्च 2026 में करीब ₹283 लाख करोड़ तक पहुंच गया।

जमा राशि: बैंकों में जमा राशि ₹72 लाख करोड़ से बढ़कर ₹156 लाख करोड़ हो गई।

कुल लोन: बैंकों द्वारा दिया गया कर्ज ₹36 लाख करोड़ से बढ़कर ₹127 लाख करोड़ हो गया।

नेट प्रॉफिट: बैंकों का शुद्ध मुनाफा 4 गुना से अधिक बढ़ा है। FY15 के ₹45,000 करोड़ के मुकाबले FY26 में बैंकों ने ₹1.9 लाख करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया।

ग्रॉस एनपीए में भारी गिरावट: मार्च 2018 में ग्रॉस NPA 14.6% के शिखर पर था, जो मार्च 2026 में घटकर महज 1.93% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। वहीं नेट NPA भी 8% से घटकर 2.39% रह गया है।

आगे का लक्ष्य: गुणवत्तापूर्ण ग्रोथ और ग्राहकों की नई जरूरतें

वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव संजय लोहिया के अनुसार, पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) की अगली प्राथमिकता इस तेजी को बनाए रखना है। बैंक अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति का उपयोग करके क्वालिटी बिजनेस ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसके अलावा, उभरती हुई नई वित्तीय जरूरतों और बदलते दौर में ग्राहकों की अपेक्षाओं के अनुसार बैंक अपनी सेवाओं में बदलाव करेंगे।

वित्तीय सेक्टर में पिछले एक दशक के ठोस सुधारों के बाद अब सरकार का पूरा ध्यान बैंकों को 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के मुख्य इंजन के रूप में ढालने पर है। जल्द ही गठित होने वाली हाई-पावर्ड कमेटी का रोडमैप आने वाले सालों में भारतीय बैंकिंग प्रणाली की नई दिशा तय करेगा।

सुनील सिंघानिया ने इन 2 शेयरों से निकाला पूरा पैसा, इस नए स्टॉक में लगाई बड़ी बाजी; चेक करें पूरी लिस्ट

Sunil Singhania Abakkus MF Changes: दिग्गज निवेशक सुनील सिंघानिया के अबक्कस म्यूचुअल फंड ने जुलाई महीने में अपने पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल किया है। फंड हाउस की दो प्रमुख इक्विटी स्कीम अबक्कस फ्लेक्सीकैप फंड और अबक्कस स्मॉल कैप फंड से सरकारी बैंक ‘बैंक ऑफ बड़ौदा’ को पूरी तरह बेच दिया है।

इसके अलावा, स्मॉल कैप फंड ने आईटी कंपनी Cyient से भी एग्जिट कर लिया है, जबकि आईजीआई (IGI) जैसे शेयरों में नई हिस्सेदारी खरीदी है। आइए जानते हैं जुलाई के महीने में सुनील सिंघानिया के फंड हाउस ने किन शेयरों में बिकवाली की और किन दिग्गजों पर भरोसा बढ़ाया है।

IGI में नई एंट्री, HDFC Bank और SBI पर बढ़ाया दांव

₹6,338 करोड़ के एसेट साइज वाले अबक्कस फ्लेक्सीकैप फंड ने जुलाई में अपने पोर्टफोलियो के 34 शेयरों में हिस्सेदारी बढ़ाई और 3 में घटाई। महीने के अंत तक इसके पोर्टफोलियो में कुल 45 शेयर थे।

फंड ने IGI में 0.6% हिस्सेदारी के साथ नई पोजीशन ली, जबकि जून में 2.7% वेटेज वाले Bank of Baroda को पूरी तरह से बेचकर एग्जिट कर लिया।

फंड ने HDFC Bank (4% से बढ़ाकर 4.72%), SBI (3.6% से 3.89%), L&T (1.5% से 3.2%), वेदांता एल्युमीनियम (2% से 2.65%) और M&M (2.6% से 2.84%) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।

टॉप-5 होल्डिंग्स: ICICI Bank (5.55%) फंड की सबसे बड़ी होल्डिंग है। इसके बाद HDFC Bank (4.72%), SBI (3.89%), रिलायंस इंडस्ट्रीज (3.10%) और डिविस लैबोरेटरीज (2.95%) का नंबर आता है।

सेक्टर आवंटन: बैंकिंग सेक्टर 17% हिस्सेदारी के साथ सबसे ऊपर है, जिसके बाद फार्मा (7.7%) और कैपिटल मार्केट्स (5.2%) हैं।

अबक्कस स्मॉल कैप फंड: Cyient से एग्जिट, BEML और मिसेज बेक्टर्स की एंट्री

₹2,113 करोड़ के अवाकस स्मॉल कैप फंड में जुलाई में जबरदस्त हलचल देखी गई। फंड ने 56 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई और महीने के अंत में कुल 62 शेयरों का पोर्टफोलियो मेंटेन किया।

नए शेयर शामिल किए: फंड ने BEML (1.5%), मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज (1%) और इंडो-MIM (0.4%) को अपने पोर्टफोलियो में जगह दी।

इन दो शेयरों से पूरी तरह बाहर: स्मॉल कैप फंड ने Bank of Baroda (जून में 1.1% वेटेज) और Cyient (जून में 1.3% वेटेज) को पूरी तरह बेच दिया।

इनमें बढ़ाया निवेश: कॉनकॉर, किर्लोस्कर ऑयल इंजन, लीला पैलेसेस, एलेम्बिक फार्मा, पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट, तानला प्लेटफॉर्म्स और आईजीआई में एक्सपोजर बढ़ाया गया।

टॉप होल्डिंग्स: डॉ लाल पाथलैब्स (1.80%) और वेल्सपन कॉर्प (1.80%) फंड की सबसे बड़ी होल्डिंग्स हैं, जिसके बाद कैम्स (1.79%), आईजीआई (1.76%) और करूर वैश्य बैंक (1.74%) का स्थान है।

दोनों फंड्स का शानदार प्रदर्शन: बेंचमार्क इंडेक्स को पछाड़ा

सुनील सिंघानिया के इन दोनों फंड्स ने जुलाई महीने और बीते कुछ महीनों में अपने संबंधित बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले बेहतरीन रिटर्न दिया है:

दोनों फंड्स का शानदार प्रदर्शन: बेंचमार्क इंडेक्स को पछाड़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Independence Day 2026: 1 करोड़ युवाओं की AI ट्रेनिंग, 6 करोड़ लखपति दीदी… लाल किले से हुए वो 7 ऐलान जो बदल देंगे आपकी जिंदगी

Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए बड़े ऐलान किए हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI), शिक्षा, खेल, सिविल डिफेंस, सेमीकंडक्टर विनिर्माण, परमाणु ऊर्जा और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी प्रमुख योजनाओं और लक्ष्यों की जानकारी शेयर की है। इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाए जाने से देश में करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल सकती है।

आइए आपको विस्तार से उन 7 प्रमुख ऐलानों के बारे में बताते हैं जो आपकी जिंदगी पर असर डालने जा रहे हैं-

1. 1 करोड़ युवाओं की AI ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले एक साल में देश के 1 करोड़ युवाओं को AI (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) स्किल्स में प्रशिक्षित किया जाएगा। तेजी से बढ़ती तकनीक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस कदम से भारत के युवा AI की दुनिया में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने में सक्षम बनेंगे।

2. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क बनाने की घोषणा की गई। कोचिंग संस्थानों के भारी वित्तीय बोझ से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को राहत देने के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), उपलब्ध प्रतिभाओं और शिक्षकों को एक साथ लाकर यह पूरा ढांचा तैयार किया जाएगा।

3. 5-15 वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट

गांवों, शहरों और स्कूलों में 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों की खेल प्रतिभा की पहचान करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। चुने गए बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। जिन ओलंपिक खेलों में भारत वर्तमान में भाग या क्वालीफाई नहीं करता है, उन पर विशेष जोर दिया जाएगा।

4. आधुनिक चुनौतियों के लिए वाइब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क

युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए देश में एक वाइब्रेंट सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा) नेटवर्क तैयार किया जाएगा। आधुनिक समय में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित न रहकर रिफाइनरी, बैंकिंग सेक्टर, डेटा सेंटर और फैक्ट्रियों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रभावित कर सकते हैं। पिछली शताब्दी के पुराने ढर्रे के स्थान पर नागरिकों को आधुनिक प्रणालियों से परिचित कराया जाएगा और एक बड़ा स्वैच्छिक बल तैयार किया जाएगा।

5. 6 करोड़ लखपति दीदी का नया लक्ष्य

देश के विकास में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का पिछला लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। अतिरिक्त 3 करोड़ लखपति दीदी बनने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा।

6. आत्मनिर्भरता के लिए और सेमीकंडक्टर प्लांट्स

भारत में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट्स शुरू हो चुके हैं और उनसे उत्पादन का निर्यात भी शुरू हो गया है। आने वाले 7-8 वर्षों में देश में 5 से 8 और नए सेमीकंडक्टर प्लांट्स स्थापित किए जाएंगे, जो विकसित भारत के निर्माण में सहायक होंगे।

7. 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता

चिप्स, AI और डेटा सेंटरों की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं के मद्देनजर ऊर्जा सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताया गया है। भारत ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत इसी दशक में 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की योजना है। साथ ही फास्ट ब्रिडर टेक्नोलॉजी में मिली सफलता को परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया।