Market Insight : बाजार में तेजी-मंदी को जानने के लिए निफ्टी सही पैरामीटर नहीं, छोटे-मझोले शेयरों में बनेगा अच्छा पैसा-मनीष सोंथालिया

Market Insight : पहली तिमाही के अर्निंग सीजन के बाद हमको लग रहा था कि बाजार को लेकर एक अच्छा क्लियर विज़न मिलेगा और हमारे लिए यह जानना आसान होगा कि किसको पिक करना है और किसको अवॉइड करना है। लेकिन एक बार फिर से बाजार पर क्रूड की चिंताएं,यूएस मार्केट से जुड़ी दिक्कतें,जिओपॉलिटिकल टेंशंस और बॉन्ड यील्ड ये सब कुछ हावी हो गए हैं। ऐसे में बाजार की चाल पर बात करते हुए एमके इन्वेस्टमेंट (Emkay Investment) के CIO मनीष सोंथालिया ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। निफ्टी की बात करें तो इस पर दबाव है लेकिन निफ्टी से बाहर निकल कर ब्रॉडर मार्केट पर नजर डालें तो वहां स्थिति इतनी खराब नहीं है। यह हम कह सकते हैं कि वहां पर मंदी का माहौल नहीं है।

अगर आप निफ्टी मिड कैप की देखें तो वहां पर पहली तिमाही में अर्निंग्स ग्रोथ 25-26% रही है। स्माल कैप में देखें तो यहां भी 30-32% की अर्निंग्स ग्रोथ रही है। अगर NFTY 500 को भी देखें तो यहाँ पर 15% की अर्निंग्स ग्रोथ रही है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि बाजार में तेजी-मंदी का अंदाजा लगाने के लिए निफ्टी 50 सही पैरामीटर नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि जब तक निफ्टी में हैवी वेटेज रखने वाले बैंकिंग सेक्टर नहीं चलेंगे तब तक आपको निफ्टी में बहुत हल्की बढ़त ही देखने को मिलेगी। रही बात क्रूड की तो इसके लिए 90 डॉलर का लेवल लक्ष्मण रेखा है। अगर क्रूड इस लेवल से ऊपर गया तो भारत के लिए परेशानी पैदा होगी। वहीं, अगर यह 90 डॉलर के नीचे रहा तो इंडिया के लिए न्यूट्रल रहेगा। इसको पॉजिटिव भी कह सकते हैं, क्योंकि हम तो 120 डॉलर का स्तर भी देख चुके हैं। दूसरी बड़ी बात यह है कि हमारा एफसीएआरबी अब 70 बिलियन हो गया। इसका कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट पर पॉजिटिव असर होगा। हमारे यील्ड भी गिर गए हैं। लेकिन आरबीआई सिस्टम में कितनी लिक्विडिटी रहने देता है या सीआरआर बढ़ा देता है या ओपन मार्केट ऑपरेशंस करता है, यह सब देखने वाली बात होगी।

आज की डेट में भारत के नजरिए से देखें ज्यादा कुछ नेगेटिव है नहीं। इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में भारत के वेटेज में भी थोड़ा बहुत इजाफा हो रहा है। ऐसे में मोटा-मोटी भारत में मंदी का माहौल तो नहीं दिख रहा है। हां निफ्टी 50 आपको जरूर रेड टिक दिखा रहा है। लेकिन आउटसाइड निफ्टी अच्छा खासा एक्शन है।

मिड और स्मॉल कैप पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि चार-पांच सेक्टरों में बहुत मजबूत कन्विक्शन है। यहां आप अपने वैल्यू्यूएशन कंफर्ट के हिसाब से फैसले ले सकते हैं। एडवांस टेक्नोलॉजी शेयरों में दम दिख रहा है। इनमें डेटा सेंटर,एआई एडवांस टेक्नोलॉजी,डिफेंस,एरोस्पेस,सेमीकंडक्टर और एनर्जी ट्रांजक्शन की पूरी वैल्यू चेन और हेल्थ केयर से जुड़े शेयर शामिल है। इनमें अगले तीन से पांच साल तक अच्छी-खासी तेजी रहेगी। प्लेटफार्म कंपनीज में भी अच्छी खासी तेजी देखने को मिल सकती है। इनके नतीजे भी काफी बेहतरीन रहे हैं।

आईटी सेक्टर पर बात करते हुए मनीष सोंथालिया ने कहा की आगे एआई और डेटा सेंटर से जुड़ी कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करेंगी। बड़ी आईटी कंपनियों के एआई ट्रांजिशन में लंबा समय लग सकता है। लेकिन छोटी आईटी कंपनिंया तेजी से एआई ट्रांजिशन कर सकती है। इस समय इनका वैल्यूएशन भी अच्छा है। उन्होंने आगे कहा कि पोर्टफोलियो में हमेशा 10 फीसदी एलोकेशन प्रेशियस मेटल्स का होना चाहिए। लंबे नजरिए से देखें तो गोल्ड में 9-10 फीसदी सालाना रिटर्न मिल सकता है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें

आगे खपत से जुड़ी कंपनियों में दिखेगी जोरदार तेजी, फिनटेक और क्विक कॉमर्स शेयरों पर रहे नजर – आशीष चतुरमोहता

शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही है। अलग-अलग सेक्टर में कमजोरी के बीच सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा गिरा है और निफ्टी 24,300 के आसपास बना हुआ है। मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही है। इस सेक्टर का इंडेक्स 1.19 प्रतिशत नीचे आ गया है। जबकि IT सेक्टर के इंडेक्स में 1 प्रतिशत की गिरावट आई है। PSU बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर में भी लगभग 0.7 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है। लेकिन कमजोर बाजार में भी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने 0.66 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। ​​छोटे-मझोले शेयरों में भी बिकवाली आई है। इसके चलते मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है।

टेक्नो फंडा नजरिए से बाजार की चाल पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ( JM Financial Services) में PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजों का सीजन काफी अच्छा रहा। बहुत लंबे समय बाद पहली बार लार्ज कैप में अर्निंग ग्रोथ आई है। हमें इसमें लगभग 19 से 20% की ग्रोथ देखने को मिली है। स्मॉल और मिड कैप ने भी फिर से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। स्माल कैप अर्निंग ग्रोथ 30 से 32% के आसपास रही है। वहीं मिड कैप ने भी लगभग 24 से 25% की ग्रोथ दिखाई। साफतौर पर अर्निंग ट्रेजेक्टरी बहुत ज्यादा स्ट्रांग रही है। जिस तरह से ग्लोबल अनसर्टेनिटी बनी रही और क्रूड से जुड़े रॉ मटेरियल की वजह मार्जिन पर प्रेशर बना, उसके बावजूद भी प्रॉफिटेबिलिटी में अच्छी ग्रोथ देखने को नजर आई। अब हमें साफ दिख रहा है कि यहां से कॉर्पोरेट अर्निंग्स में काफी मजबूत री-रेटिंग होती हुई नजर आएगी।

इसके अलावा पिछले साल मिले जीएसटी और इनकम टैक्स रिलीफ का बेनिफिट अब बाजार को मिलना शुरू हो गया है। इसके संकेत भी पहली तिमाही के नतीजों में मिले हैं। इसी के चलते ऑटो, ऑटो इंसिलरीज और कंज्यूमर सेक्टर से जुड़े नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। यहां तक कि न्यू एज कंपनियों के नतीजे भी काफी अच्छे रहे हैं । हमें लगता है कि एक बहुत अच्छी डबल इंजन ग्रोथ देखने को नजर आ रही है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तो काफी अच्छा कर ही रहा है पर बहुत लंबे समय बाद खपत से जुड़ी कंपनियों से भी अच्छे संकेत मिल रहे है। हमें लगता है कि हमारे मार्केट्स के लिए काफी अच्छी स्थिति बनती हुई नजर आ रही है। क्यूएसआर सेगमेंट पर अपनी राय साझा करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि इस सेगमेंट में काफी ज्यादा प्रतिस्पर्धा का माहौल है। पिछली तिमाहियों में बर्गर किंग, देवयानी और ज्युबिलेंट फूड जैसी कंपनियों के नतीजों पर इसका असर भी देखने को मिला है। हालांकि पहली तिमाही इनके लिए अच्छी रही है। इसके चलते ये शेयर री-रेट भी होंगे। लेकिन स्ट्रचरली हमें लगता है कि अगर हमें कंजम्प्शन थीम को ही प्ले करना है तो न्यू एज सेगमेंट को प्राथमिकता देनी चाहिए। कंजम्प्शन थीम के लिए तमाम पॉजिटिव फैक्टर नजर आ रहे हैं।

क्विक कॉमर्स की बात करें तो अगले 5-6 सालों में इसका मार्केट 5 अरब डॉलर से बढ़कर 55-65 अरब डॉलर का हो सकता है। इस सेगमेंट में हमें 11-12 गुना की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इस सेगमेंट की कंपनियों में आगे हमें काफी तेज ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इसका फायदा इटरनल, स्विगी, मीशो और Honasa जैसी कंपनियों को मिलेगा। इसके अलावा फिन टेक कंपनियों में भी आगे तेज ग्रोथ देखने को मिल सकती है। देश में लोगों की आय और खपत बढ़ने का फायदा इन कंपनियों के मिलेगा। देश में बढ़ेते डिजिटल स्पेंडिंग का सीधा फायदा पेटीएम जैसी कंपनियों को मिलेगा।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।