बाजार का टेक्सचर अब पूरी तरह बदला, जब तक निफ्टी 10 और 20 DEMA के ऊपर है “गिरावट में खरीदारी” की रणनीति करेगी काम

Trading Plan : कल की तूफानी तेजी के बाद मार्केट में आज भी मोमेंटम देखने को मिल रहा है। निफ्टी 23100 के ऊपर कारोबार कर रहा है। स्मॉलकैप स्पेस में भी एक्शन वापस लौटा है। लेकिन बैंक निफ्टी और मिडकैप का अंडरपरफॉमेंस देखने को मिल रहा है। बाजार को IT, मेटल और ऑटो का सपोर्ट है। लेकिन FMCG और एनर्जी में सुस्ती है। मार्केट रेगुलेटर सेबी ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में बड़े बदलाव किए हैं। एक्सपायरी के दिन CAS के बजाए पुराने VWAP सिस्टम से सेटलमेंट होगा। CAS की टाइमिंग भी बदली गई है। ये फैसले 7 दिसंबर से लागू होंगे। हालांकि कैपिटल मार्केट थीम में CAS पर बड़े बदलाव के बाद सेल ऑन न्यूज का रुझान देखने को मिल रहा है।

बाजार में तेजी की कमान IT के हाथ में नजर आ रही है। 4 दिनों में IT इंडेक्स करीब 10 फीसदी चला है। टेक महिंद्रा और विप्रो की जोरदार जुगलबंदी देखने को मिल रही है। अच्छे नतीजों के बाद दोनों शेयर 7 फीसदी तक भागे हैं। इधर दिग्गज इंफोसिस और TCS में भी अच्छी खरीदारी आई है। वहीं बड़े गैप-डाउन के बाद परिस्टेंट में रिकवरी की कोशिश हो रही है।

त्योहार और छुट्टियों के दौरान एयरफेयर बढ़ाने के मामले में जल्द नए नियम जारी किए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा है कि अगले दो हफ्ते के अंदर नए रूल्स जारी किए जाएं। इस खबर के बाद इंडिगो का शेयर दबाव के साथ ट्रेड कर रहा है।

जानें अब कैसी रह सकती है बाजार की चाल

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी ट्रेडर्स के लिए एक और शानदार दिन देखने को मिला है। निफ्टी बिल्कुल पहले सपोर्ट लेवल से घूमा है। गिरावट में खरीदारी की रणनीति कारगर रही। एक बार फिर निफ्टी IT ने कमान संभाली है। मल्टी डे निफ्टी IT की हमारी कॉल सटीक पड़ी है। बैंक निफ्टी और मिडकैप आज थोड़े ढीले दिख रहे हैं। हालांकि स्मॉल कैप में एक्शन लौटा है। विप्रो और टेक महिंद्रा आज के हीरो बने हैं। दोनों सुबह आज के दांव में टॉप पिक्स थे। इसके अलावा टाटा एलेक्सी और KPIT TECH पर भी पैसा बना है। कैपिटल मार्केट शेयरों में मुनाफावसूली दिखी है। इंटरग्लोब में गिरावट है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि त्योहारों में फेयर रेगुलेशन का प्रस्ताव है।

बाजार:अब क्या?

अनुज सिंघल की राय है कि बाजार का टेक्सचर अब पूरी तरह बदल चुका है। जब तक निफ्टी 10 और 20 DEMA के ऊपर है “गिरावट में खरीदारी” की रणनीति काम करेगी। अगर ये लेवल टूटते हैं तो शॉर्ट के बारे में सोचें। IT में लॉन्ग रहें और गिरावट पर खरीदारी करें। अर्निंग सीजन की शुरुआत तो बढ़िया हुई है। अगर ऐसे ही नंबर आते रहे तो बाजार के लिए राहत की बात होगी। बस रिस्क है कच्चे तेल और FIIs की बिकवाली का।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,050-23,100 पर सपोर्ट और 23,200-23,250 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 55,500-55,700 पर सपोर्ट और 56,000-56,200 पर रेजिस्टेंस है।

 

 

अगले 5 साल में क्रिटिकल मिनरल्स बिजनेस 5 गुना बढ़ाएगा वर्ल्ड बैंक ग्रुप, जानिए क्या है भारत और दुनिया के लिए प्लान

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Outlook: ‘शेयर बाजार में निवेश का सही मौका’, राजेश कोठारी ने कहा- 3 साल में मिल सकता है तगड़ा रिटर्न

Stock Market Outlook: AlfAccurate Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कोठारी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अगले 3 से 5 साल में अच्छा रिटर्न दे सकता है। इसके पीछे कंपनियों की कमाई में सुधार, अर्थव्यवस्था की मजबूती और शेयरों की वाजिब वैल्यूएशन जैसे कारण हैं।

CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कोठारी ने कहा कि अब इक्विटी में निवेश बढ़ाने का समय है। निवेशकों को लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप, तीनों तरह के शेयरों में मौके तलाशने चाहिए। पिछले दो साल में बाजार से खास रिटर्न नहीं मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है।

अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा

कोठारी के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल और ऊंची ब्याज दरों की चिंताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 17-18%, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 20% और पर्सनल लोन में 16% की बढ़ोतरी इसका संकेत है। उनके मुताबिक, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 2011 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है।

खपत, सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर और निर्यात में सुधार भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। कंपनियों की कमाई में भी सुधार दिख रहा है। साथ ही, बाजार की वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत P/E रेशियो से नीचे है।

FII की बिकवाली हर कंपनी के लिए खतरे का संकेत नहीं

कोठारी ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली को सिर्फ भारत से उनकी नाराजगी के तौर पर नहीं देखना चाहिए। निवेशकों को नेट खरीद-बिक्री के बजाय कुल खरीद और बिक्री पर भी नजर डालनी चाहिए।

उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक उन कंपनियों से पैसा निकाल रहे हैं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसलिए बिकवाली का कारण कई बार देश के बजाय किसी खास कंपनी का कमजोर प्रदर्शन होता है।

इन सेक्टरों में दिख रहे हैं मौके

कोठारी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), एयरोस्पेस, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में संभावनाएं दिख रही हैं। EMS सेक्टर को सरकार की PLI स्कीम और भारतीय कंपनियों की बढ़ती उत्पादन क्षमता से मदद मिल रही है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज भी उनकी पसंद में शामिल हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और नियंत्रित क्रेडिट लागत से इस सेक्टर को फायदा मिल सकता है। उन्हें स्पेशियलिटी केमिकल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और ट्रैवल, मीडिया व डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म कारोबार में भी अवसर दिखते हैं।

हर शेयर में तेजी की उम्मीद न करें

कोठारी ने स्टॉक चुनते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, पिछले पांच साल में कोई भी लार्जकैप कंपनी हर साल 20% की ग्रोथ दर्ज नहीं कर पाई। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी करीब 8% ही लगातार इतनी ग्रोथ हासिल कर पाईं।

उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म कंपनियां अब कर्ज-मुक्त हो चुकी हैं। इससे कारोबार को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

Reliance Jio Origin Story: ईशा अंबानी ने सुनाया जियो की शुरुआत का दिलचस्प किस्सा, वो घटना जिसने भारत में ला दी डिजिटल क्रांति

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में जोरदार तेजी, जानिए आगे के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Plan : IT शेयरों के दम पर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। वीकली एक्सपायरी पर निफ्टी करीब 190 प्वाइंट उछलकर 22550 के करीब कारोबार कर रहा है। हालांकि बैंक निफ्टी में 20 DEMA पर रजिस्टेंस दिखा है। फिर भी यह 200 प्वाइंट ऊपर है। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ऊपरी स्तरों से दबाव है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 7% से ज्यादा फिसलकर ठंडा पड़ा है।

आज सबसे दमदार और सुपरहिट प्ले साबित हुआ IT सेक्टर। अच्छे नतीजे और कमेंट्री के बाद HCL टेक 4 परसेंट चढ़कर निफ्टी का टॉप गेनर बना है। उधर TCS, एम्फैसिस, LTM, कोफोर्ज, पर्सिस्टेंट में भी जोश है। AI ट्रेड में रिवर्सल से सपोर्ट मिला है।

MDR चार्ज लागू होने की तारीख बढ़ा दी गई है। अब यह 15 अक्टूबर की बजाए दिवाली के तुरंत बाद लागू होगा। तारीख का एलान जल्द होगा। NPCI के बयान के बाद फिनटेक शेयरों में निचले स्तरों से रिकवरी दिखीहै।

अमेरिका में AI शेयरों में रिवर्सल से GE वर्नोवा, हिताची और CG पावर का सेंटीमेंट बिगड़ा है। तीनों शेयर वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल है। वहीं जनवरी सीरीज में वायदा से बाहर होने से पॉलिकैब में मिनी एक्सिडेंट हुआ है। उधर नतीजों के बाद RBL बैंक में तेज गिरावट है, यह करीब 7 परसेंट टूटा है।

IT के साथ साथ FMCG और PSU बैंकों में ज्यादा खरीदारी आई है। ये दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब एक परसेंट मजबूत दिख रहे हैं। फाइनेंशियल और रियल्टी में भी तेजी है। लेकिन फार्मा और डिफेंस में हल्का दबाव है।

बंधन बैंक में आज जोरजदार तेजी है। यह शेयर 8 परसेंट उछलकर वायदा का टॉप गेनर बना है। न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक IHC और दूसरे निवेशक बंधन फाइनेंशियल होल्डिंग्स में हिस्सा खरीद सकते हैं। हालांकि खबर पर बैंक ने सफाई जारी करते हुए कहा है कि उसे ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

उधर कल वायदा में शामिल केनरा बैंक, BHEL और ICICI लोम्बार्ड के नतीजे आएंगे। दूसरी तिमाही में केनरा बैंक की ब्याज से कमाई यानी NII 17% से ज्यादा बढ़ सकती है। वहीं मुनाफा फ्लैट रह सकता है। असेट क्वॉलिटी में भी सुधार दिख सकता है। वहीं BHEL का प्रॉफिट 78% बढ़ सकता है।

एक्सपायरी के दिन उठापटक

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज उतार-चढ़ाव भरा दिन रहा,लेकिन ज्यादातर बढ़त के साथ कारोबार हुआ। निफ्टी का हाई एक बार फिर 10 DEMA पर थमा। इसी तरह बैंक निफ्टी का हाई भी एक बार फिर 20 DEMA पर थमता दिखा। बड़ी तेजी IT में आई। आज सुबह के शो की शुरुआत हमने IT के साथ की थी। सिर्फ आवाज ने बताया,आज IT क्यों चलेगा और पावर शेयर क्यों गिरेंगे। HCL Tech की अगुवाई में IT में बड़ी रैली देखने को मिली। वहीं, GVT&D, हिताची जैसे शेयरों में गिरावट दिखी। कॉस्पी की बड़ी गिरावट का सीधा असर दिखा। आज स्मॉल कैप ने काफी खराब प्रदर्शन किया।

बाजार: अब क्या?

अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में अभी भी रिस्क वही है। 10 और 20 DEMA पर रुकावट है। आज एक्सपायरी है,आखिरी घंटे में बड़े मूव आ सकते हैं। आज पूरे बाजार को IT ने संभाला है। सुबह गैप अप खुलने के बाद भी IT में बड़ा ट्रेड मिला और रोज आपको एक बड़ी थीम पर फोकस करना है। आज सुबह हमने सिर्फ इसी ट्रेड पर फोकस किया। निफ्टी को चलने के लिए 3-4 और सेक्टर्स को चलना होगा। बैंक निफ्टी 20 DEMA के पास आकर रुक रहा है। रुपये में दूसरे दिन भी मजबूती है,जो पॉजिटिव है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर स्ट्रटैटेजी

अनुज सिंघल के मुताबिक निफ्टी के लिए 22,550-22,600 और फिर 22,650 पर रेजिस्टेंस है। इसके लिए 22,400-22,450 पर सपोर्ट है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 55,050-55,250, फिर 55,500 पर रेजिस्टेंस है। इसके लिए 54,800-55,000 पर सपोर्ट है।

 

 

Market View : बाजार का ओवरऑल ट्रेंड अभी भी नेगेटिव, डिफेंस और आईटी के इन शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Strategy : IT, FMCG और बैंकिंग के ट्रिपल पावर के दम पर निफ्टी 24500 के पार, जानिए सोमवार के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Strategy : लगातार आठ हफ्ते की बिकवाली के बाद इस हफ्ते निफ्टी की पॉजिटिव क्लोजिंग की उम्मीद बढ़ी है। IT, FMCG और बैंकिंग के ट्रिपल पावर के दम पर निफ्टी 24500 के पार निकल गया है। बैंक निफ्टी में भी 800 प्वाइंट का उछाल देखने को मिला है। मिडकैप शेयरों में भी जबरदस्त जोश है। INDIA VIX भी करीब 5 फीसदी की गिरावट के साथ ठंडा पड़ा है। TCS के नतीजों ने पूरे IT सेक्टर में जोश बढ़ा दिया है। आईटी इंडेक्स 2.5 फीसदी उछला है। 4 फीसदी उछाल के साथ TCS निफ्टी का टॉप गेनर बना है। वहीं एम्फैसिस, LTM, विप्रो, कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट में भी जोरदार तेजी देखने को मिल रही है।

GST के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट का दायरा बढ़ने से FMCG शेयरों में रौनक है। यह इंडेक्स दो फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। ITC और कोलगेट करीब पांच फीसदी उछाल के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। वहीं ऑटो, प्राइवेट बैंक, NBFCs में भी अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। हॉस्पिटल शेयरों में भी तेज रफ्तार देखने को मिल रही है। मैक्स हेल्थ और अपोलो हॉस्पिटल करीब 4 फीसदी चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। उधर फोर्टिस और KIMS में भी फुल जोश है। सिर्फ NON-SCHEDULED कैंसर दवाओं के मार्जिन पर सख्ती के संकेत से इनमें जोश है।

कल वायदा में शामिल कंपनी डीमार्ट के नतीजे आएंगे। इसके मुनाफे में 16.5% का उछाल दिख सकता है। लेकिन मार्जिन कमजोर रहने का अनुमान है। इधर सोमवार को HCL टेक के नतीजे आएंगे। इसकी CC रेवेन्यू ग्रोथ 2.5% रहनी संभव है। मार्जिन में भी सुधार दिख सकता है।

बाजार: शानदार रैली

बाजार के आगे के ट्रेंड पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी ने कल की बड़ी गिरावट के बाद आज शानदार रिकवरी दी। निफ्टी ने अब तक 22,200 को निर्णायक रूप से नहीं तोड़ा है। कल क्लोजिंग में हमने शॉर्ट कवर करने का नजरिया रखा था। आज निफ्टी IT और निफ्टी बैंक दोनों से शानदार सपोर्ट मिला और निफ्टी ने 22,421 का बड़ा रजिस्टेंस क्रॉस किया। मिड और स्मॉल कैप शेयरों में भी तेजी लौटी। एंटी AI ट्रेड पूरी तरह से आज प्ले हुई है। IT ऊपर और पावर इक्विपमेंट शेयर नीचे आए। बड़ा सवाल ये है कि क्या ये रैली टिकेगी या फिर से फेल होगी?

बाजार: अब क्या?

बाजार में एक टेम्पलेट चल रही है। हर बड़ी गिरावट के बाद एक शार्प रिकवरी। हर बार ये रिकवरी 10 DEMA पर फेल होती है। एक अच्छी बात यह है कि बैंक निफ्टी अब 20 DEMA के ऊपर आने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में अगर बैंक निफ्टी 55,500 के ऊपर आया तो बड़ा पॉजिटिव होगा। निफ्टी का बड़ा ट्रेंड 23,200 के ऊपर ही बदलेगा। तब तक रैली ट्रेड करने लायक रहेगी, लेकिन फेल होने का रिस्क रहेगा। रुपये में अभी तक बड़ी रिकवरी के संकेत नहीं हैं। ऐसे में इस रैली के फिर फेल हो इसका रिस्क रहेगा।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर स्ट्रैटेजी

अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी के लिए 22,400-22,450 पर पहला सपोर्ट और 22,300-22,350 पर बड़ा सपोर्ट है। इसके लिए 22,550-22,600 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 54,800-55,000 पर सपोर्ट और 55,500-55,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

भारत की घरेलू स्थिति काफी अच्छी, FIIs के लौटने पर बैंक शेयर लगाएंगे सबसे तेज दौड़ – मिहिर वोरा

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty छह महीनों के निचले स्तर पर, एनालिस्ट्स से जानिए आगे बाजार चढ़ेगा या गिरेगा

निफ्टी 50 में 29 सितंबर को भी गिरावट देखने को मिली। इससे सूचकांक गिरकर छह महीने के निचले स्तर पर आ गया। 28 सितंबर को भी बाजार में बड़ी गिरावट आई थी। ब्रेंट क्रूड में उछाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का हाई लेवल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है। सवाल है कि अगले साल की शुरुआत में निफ्टी का लेवल क्या होगा?

एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग का कहना है कि बाजार पर कई वजहों से दबाव दिख रहा है। इनमें क्रूड में उछाल, रुपये में कमजोरी और फॉरेन इनवेस्टर्स की बिकवाली शामिल है। BofA ने पिछले महीने भारतीय बाजारों के लिए 8 बड़े रिस्क बताए थे। इनमें क्रूड की ऊंची कीमतें, मानसून की कमजोर बारिश, रुपये में कमजोरी और आईपीओ की ज्यादा संख्या शामिल थी।

जेफरीज के क्रिस वुड ने ऑयल की ऊंची कीमतों को शॉर्ट टर्म के लिए सबसे बड़ा रिस्क बताया है। उनका मानना है कि निफ्टी में ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं है। उनका यह भी कहना है कि आरबीआई के इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाने पर हैरानी होगी। आरबीआई 7 अक्तूबर को मॉनेटरी पॉलिसी पेश करेगा। अनुमान है कि वह रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की वृद्धि कर सकता है।

मॉर्गन स्टेनली ने कहा था कि भारतीय बाजार में शॉर्ट टर्म में कमजोरी दिख सकती है, क्योंकि एआई कंपनियों वाले देशों और भारतीय बाजार के प्रदर्शन के बीच गैप काफी बढ़ गया है। हालांकि, उसने कहा था कि चूंकि भारतीय बाजार कई साल के निचले स्तर पर हैं, जिसका मतलब है कि बाजार पर खराब खबरों का असर पड़ चुका है।

मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि आगे कई तिमाहियों तक अच्छी ग्रोथ दिख सकती है। एचएसबीसी की भी भारत को लेकर सोच पॉजिटिव है। BofA का मानना है कि अक्तूबर तक भारतीय बाजारों के लिए रिस्क चरम पर पहुंच जाएगा। उसके बाद नवंबर से बाजार में रिकवरी शुरू होगी। जेपी मॉर्गन ने अक्तूबर के अंत तक सावधानी बरतने की सलाह दी है। उसका मानना है कि साल के अंत से बाजार में तेजी शुरू हो सकती है।

एंबिट एसेट मैनेजमेंट में फंड मैनेजर त्रिलोक अग्रवाल ने कहा कि निफ्टी में एक साल की फॉरवर्ड अर्निंग्स के करीब 19 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। इसका मतलब है कि हालिया करेक्शन के बाद भी भारतीय बाजार की वैल्यूएशन दूसरे उभरते बाजारों के मुकाबले प्रीमियम पर है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में हाई बॉन्ड यील्ड को देखते हुए वैल्यूएशन में यह फर्क मायने रखता है।

अग्रवाल का हालांकि मानना है कि भारतीय बाजार में और गिरावट नहीं आएगी। उन्होंने इसकी वजह अर्निंग्स आउटलुक को बताया। उनका मानना है कि FY27 में मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ 17-20 फीसदी रह सकती है। अर्निंग्स ग्रोथ वैल्यूएशन में आई कमी से भारतीय बाजारों को सपोर्ट मिलेगा।

Nifty Outlook: लगातार 7 हफ्ते गिरा निफ्टी, अब 28 सितंबर को कैसी रहेगी चाल? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते बुधवार की तेज बिकवाली के बाद शुक्रवार को निफ्टी संभला। इंडेक्स 77 अंक चढ़कर 23,140 पर बंद हुआ। हालांकि, पूरे हफ्ते निफ्टी 0.88% नीचे रहा। यह लगातार सातवां हफ्ता है, जब इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ है।

निफ्टी दिन के निचले स्तर से करीब 142 अंक संभला। इसके बावजूद अगस्त की शुरुआत के 24,772 के स्तर से इंडेक्स अब 1,750 अंक से ज्यादा नीचे आ चुका है।

इन शेयरों में दिखी तेजी

Axis Bank, Asian Paints और M&M शुक्रवार को निफ्टी के टॉप गेनर्स रहे। दूसरी तरफ Max Healthcare, Tata Motors Passenger Vehicles और Infosys सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में भी तस्वीर मिली-जुली रही। Consumer Durables, Realty और Auto में खरीदारी दिखी। वहीं Healthcare, Media और IT कमजोर रहे।

ब्रॉडर मार्केट में भी ज्यादा हलचल नहीं रही। Nifty Midcap 100 में 0.14% की गिरावट आई। वहीं Nifty Smallcap 100 में 0.15% की बढ़त रही।

रुपये में भी मजबूती

भारतीय रुपया 15 पैसे मजबूत होकर करीब 95.81 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एशियाई करेंसी में मजबूती से रुपये को सपोर्ट मिला।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का भी फायदा मिला। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की संभावित बातचीत से भी बाजार को राहत मिली।

अगले हफ्ते किन चीजों पर नजर?

अगले हफ्ते बाजार की नजर कच्चे तेल और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड पर रहेगी। पश्चिम एशिया की खबरें भी बाजार की चाल तय कर सकती हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। सऊदी अरब और हूती तनाव पर भी नजर रहेगी। इन घटनाक्रमों का असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। अगर होर्मुज रूट को चरणबद्ध तरीके से फिर खोलने की दिशा में कोई प्रगति होती है, तो बाजार को राहत मिल सकती है।

ग्लोबल मार्केट से मिलेंगे ये संकेत

चीन के आधिकारिक और Caixin PMI आंकड़े अगले हफ्ते अहम रहेंगे। अमेरिका के Consumer Confidence और JOLTS Job Openings के आंकड़ों पर भी नजर होगी।

यूरोजोन की सितंबर की महंगाई के आंकड़े भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के तीन अधिकारियों के बयान और Bank of Japan की बैठक के मिनट्स भी ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित कर सकते हैं।

23,000 है सबसे अहम सपोर्ट

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर अहम है। अगर इंडेक्स इसके नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है तो कमजोरी बढ़ सकती है। ऐसे में 22,600 तक गिरावट का रास्ता खुल सकता है।

ऊपर की तरफ 23,350 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। यानी इस स्तर के ऊपर टिकना भी बाजार के लिए अहम होगा।

23,000 के नीचे और दबाव संभव

Angel One के ओशो कृष्णन भी 23,000 को अहम सपोर्ट मानते हैं। उनके मुताबिक, इसके नीचे तेज गिरावट आती है तो निफ्टी 22,800-22,700 के जोन तक जा सकता है।

ऊपर की तरफ 23,280-23,350 का स्तर शुरुआती रेजिस्टेंस है। इसके बाद 23,500-23,550 का जोन अहम रहेगा।

23,600 के ऊपर तस्वीर बदल सकती है

HDFC Securities के नंदीश शाह के मुताबिक, 23,300 और 23,600 निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस हैं। 23,600 का स्तर हाल के फ्लैग पैटर्न के ब्रेकडाउन लेवल से भी जुड़ा है।

नीचे की तरफ 23,000 के बाद 22,700 अगला सपोर्ट है। शाह के मुताबिक, 23,600 के ऊपर निफ्टी टिकता है तो शॉर्ट टर्म का रुझान बदलकर न्यूट्रल हो सकता है।

23,300 के ऊपर मजबूती के संकेत

LKP Securities के रूपक डे के मुताबिक, 23,000 तत्काल सपोर्ट है। इसके बाद 22,700 अगला अहम स्तर है।

ऊपर की तरफ 23,200-23,300 तत्काल रेजिस्टेंस है। निफ्टी 23,300 के ऊपर टिकता है तो टेक्निकल तस्वीर बेहतर हो सकती है। वहीं 23,000 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर कमजोरी फिर बढ़ सकती है।

लंबी और मध्यम अवधि के लिहाज से यह शेयरों में निवेश का शानदार मौका, एक्सपर्ट ने बताई इसकी खास वजह

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: 21 सितंबर को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार ने पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन रिकवरी की। हालांकि, कारोबार में उतार-चढ़ाव काफी रहा। इसके बावजूद निफ्टी 75 अंक चढ़कर बंद हुआ। हफ्ते की शुरुआत बाजार ने अच्छी तेजी के साथ की थी। लेकिन ऊपर जाते ही बिकवाली शुरू हो गई। इससे निफ्टी फिर नीचे आ गया।

इसके बाद निचले स्तरों पर खरीदारी लौटी। इससे निफ्टी 23,000 के अहम स्तर के ऊपर बना रहा। हालांकि, पूरे हफ्ते की तस्वीर अभी भी कमजोर रही। निफ्टी लगातार छठे हफ्ते गिरावट में बंद हुआ। इस हफ्ते इंडेक्स 0.22% नीचे रहा।

HDFC Bank और UltraTech में तेजी

निफ्टी के शेयरों में HDFC Bank और UltraTech Cement सबसे ज्यादा चढ़े। दूसरी ओर TCS और TMPV सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे।

सेक्टरों की बात करें तो Cement और Metal शेयरों में खरीदारी दिखी। IT शेयरों पर दबाव बना रहा। बड़े शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 में 1.24% और Nifty Smallcap 100 में 1.74% की तेजी रही।

कच्चे तेल से बाजार को मिली राहत

पिछले तीन कारोबारी सत्रों में बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत मिली है। ब्रेंट क्रूड अपने ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। सऊदी अरब की पाइपलाइनों की मरम्मत का काम आगे बढ़ा है। इसके अलावा तेल निर्यात के दूसरे रास्ते भी मिले हैं। इससे सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहने की चिंता कुछ कम हुई है।

अमेरिकी फेड के ब्याज दर के फैसले के बाद अब बाजार का ध्यान दूसरी चीजों पर है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है। कच्चा तेल भी ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। घरेलू बाजार में लिक्विडिटी भी मजबूत है। ऐसे में बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, अभी इसे पूरी तरह तेजी का संकेत नहीं माना जा सकता।

अभी भी कई बड़े जोखिम

बाजार के सामने चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। ब्रेंट क्रूड अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है। रुपया भी करीब 96 रुपये प्रति डॉलर के आसपास है। इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव भी बड़ा जोखिम है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री पर भी बाजार की नजर रहेगी।

अगले हफ्ते घरेलू स्तर पर सितंबर का फ्लैश PMI डेटा आएगा। अगस्त के इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट के आंकड़े भी आएंगे। इसके अलावा विदेशी मुद्रा भंडार और बैंक क्रेडिट ग्रोथ के आंकड़े भी बाजार को दिशा दे सकते हैं। अमेरिका से इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और कंज्यूमर सेंटीमेंट के आंकड़े आएंगे। चीन के लोन प्राइम रेट पर भी बाजार की नजर रहेगी।

ईरान युद्ध से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव बाजार के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट की यात्रा पर फिर से विचार करने को कहा है।

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध तेजी से बढ़ सकता है। वहीं, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपना सख्त रुख कायम रखा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है।

हूती विद्रोहियों के मुताबिक, उन्होंने रियाद में कुछ अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इससे कुछ घंटे पहले शहर के मुख्य एयरपोर्ट के पास आग और धुएं का गुबार देखा गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने इसकी वजह की पुष्टि नहीं की है।

23,500 के ऊपर जाना आसान नहीं

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में आगे तेजी आती है तो 23,500 से 23,600 का स्तर बड़ी चुनौती होगा। वहीं, गिरावट आने पर 23,100 से 23,000 के बीच सपोर्ट मिल सकता है।

SBI Securities के सुदीप शाह भी 23,150 के आसपास के स्तर को अहम मानते हैं। उनके मुताबिक, निफ्टी अगर लगातार 23,150 के नीचे जाता है तो बिकवाली बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स 23,000 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 23,500 से 23,520 का स्तर बड़ी रुकावट है। अगर निफ्टी 23,520 के ऊपर टिक गया तो शॉर्ट कवरिंग हो सकती है। इससे इंडेक्स 23,650 तक जा सकता है।

23,550 तक जा सकता है निफ्टी

LKP Securities के रुपक डे का कहना है कि कच्चा तेल अगर 96 डॉलर प्रति बैरल के नीचे रहता है तो बाजार में तेजी टिक सकती है। उनके मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 से 23,100 का स्तर अहम सपोर्ट है। मौजूदा रिकवरी जारी रहती है तो इंडेक्स 23,550 तक जा सकता है।

Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, 23,100 से 23,000 का जोन अहम सपोर्ट है। वहीं, 23,250 से 23,200 के आसपास भी सहारा मिल सकता है। ऊपर की तरफ 23,450 से 23,500 का स्तर रेजिस्टेंस है। इसके बाद 23,600 अहम रहेगा। खास बात यह है कि 23,600 पहले सपोर्ट था। अब यह रेजिस्टेंस की तरह काम कर सकता है।

Dividends Stocks: इस हफ्ते डिविडेंड की बहार! जानिए IRCTC, Dixon और BEML जैसी कंपनियों की रिकॉर्ड डेट

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock market Outlook : 23400 के ऊपर जाने पर ही निफ्टी में आ सकती है तेजी, ट्रेडिंग के लिए इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Stock market Outlook : गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी लगभग सपाट बंद हुए। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने और मॉनेटरी पॉलिसी को और सख्त करने के संकेत के बाद बाजार में सावधानी का माहौल रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर पड़ा। इंट्राडे में हुई बढ़त को गंवाते हुए सेंसेक्स 21.86 अंक या 0.03 प्रतिशत गिरकर 74,314.59 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 341.11 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,677.56 पर पहुंच गया था। वहीं, निफ्टी मामूली बढ़त के साथ 5.3 अंक या 0.02 प्रतिशत ऊपर 23,270.60 पर बंद हुआ।

पिछले पांच हफ्तों में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट के बाद कल निफ्टी लगातार दूसरे सेशन में हरे निशान में रहा। इस बढ़त का कारण कुछ खास सेक्टर में ओवरसोल्ड’लेवल से आई शॉर्ट-कवरिंग को बताया जा रहा है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के बाद बाजार में सतर्कता का रुख देखने को मिल रहा है।

बाजार जानकारों का कहना है कि अगर निफ्टी 23,400 के लेवल से ऊपर जाता है तो इसमें और शॉर्ट-कवरिंग देखने को मिल सकती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में टेक्निकल रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट रुचित जैन का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 23,400 और 23,600 के आसपास दिख रहा है। किसी भी टिकाऊ तेजी के लिए इंडेक्स को पहले इन्हें पार करना होगा।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,380-23,400 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 23,400 के स्तर से ऊपर जाने पर बाजार में जारी पुलबैक मज़बूत होगा और नियर टर्म में निफ्टी 23,550 के स्तर तक बढ़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि नीचे की तरफ निफ्टी के लिए 23,130-23,100 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर यह 23,100 के नीचे जाता है और वहां बना रहता है तो फिर से बिकवाली का दबाव दिखेगा और मार्केट में एक और करेक्शन का दौर शुरू हो सकता है,जिससे इंडेक्स शॉर्ट टर्म में 22,950 के लेवल तक गिर सकता है।

SEBI-रजिस्टर्ड ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म,एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि कल निफ्टी की शुरुआत सपाट रही,लेकिन यह 23,200 के स्तर से ऊपर बना रहा। यह लेवल पूरे सेशन के दौरान बार-बार सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करता रहा। आखिर में यह बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि,आगे और तेज़ी के लिए इस बढ़त को बनाए रखना और 23,300-23,400 के रेजिस्टेंस जोन को मजबूती से पार करना जरूरी होगा। नीचे की तरफ,23,100-23,070 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर इस रेंज के नीचे की गिरावट आती है तो इससे बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि मोमेंटम अभी भी सतर्कता वाला बना हुआ है। RSI 27 के आसपास है और अपनी औसत लाइन से थोड़ा ऊपर तो बढ़ा है,लेकिन अभी भी ओवरसोल्ड स्तर से नीचे है। इससे पता चलता है कि थोड़ी रिकवरी के बावजूद मोमेंटम बहुत कमज़ोर है।

 

 

Market cues : टेक्निकल इंडिकेटर्स दे रहे मंदी के ट्रेंड का संकेत, शॉर्ट टर्म में 23000-23600 के दायरे में रह सकता है निफ्टी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook: इस हफ्ते बाजार में तेजी या गिरावट; फेड के फैसले, पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल समेत इन फैक्टर्स से होगा तय

15 सितंबर से शुरू हो रहे नए कारोबारी सप्ताह में शेयर बाजार की दिशा अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर फैसले, भारत की महंगाई के आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमत और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों से तय होगी। सोमवार, 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहेंगे। बीते सप्ताह सेंसेक्स 1,733.67 अंक या 2.26 प्रतिशत टूटा। निफ्टी में 499.6 अंक या 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम और ब्रेंट कच्चे तेल की चाल बाजार की दिशा तय करने में प्रमुख कारक बने रहेंगे। साथ ही इस सप्ताह मौद्रिक नीति पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और ब्याज दरों के भविष्य के रुख पर उसकी टिप्पणी पर भी नजर रहेगी।

फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की मीटिंग 15-16 सितंबर को होने वाली है। घरेलू मोर्चे पर मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर अगस्त की थोक महंगाई और खुदरा महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी। इसके अलावा बेरोजगारी और व्यापार के आंकड़े भी चर्चा में रहेंगे।

बरकरार हैं महंगाई से जुड़े जोखिम

रिसर्च एनालिस्ट फर्म HST Wealth के फाउंडर और CEO हरिसेल्वन राधाकृष्णन का कहना है कि अमेरिका में हेडलाइन खुदरा महंगाई में मासिक आधार पर 0.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। सालाना आधार पर यह 3.4 प्रतिशत पर बनी रही, जबकि कोर महंगाई पिछले महीने के मुकाबले 0.3 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन साल-दर-साल आधार पर घटकर 2.4 प्रतिशत हो गई। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों में यह मासिक बढ़ोतरी महंगाई से जुड़े जोखिमों को चर्चा में बनाए रखे हुए है। यह ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और डॉलर पर दबाव बढ़ा सकती है, खासकर अगर फेडरल रिजर्व ने ज्यादा सख्त रुख अपनाया तो।

23000 से नीचे फिसला Nifty तो बढ़ सकता है सेलिंग प्रेशर, नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं तगड़ी कमाई

भारत के लिए कच्चा तेल सबसे बड़ा बाहरी जोखिम

राधाकृष्णन ने आगे कहा कि भारत के लिए कच्चा तेल सबसे बड़ा बाहरी जोखिम बना हुआ है। यदि पश्चिम एशिया से कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान बढ़ता है और कीमतों में तेजी आती है, तो महंगाई का दबाव बढ़ सकता है, देश का आयात बिल बढ़ सकता है, रुपये पर दबाव आ सकता है और कंपनियों का मार्जिन घट सकता है।

पिछले हफ्ते बाजार पर काफी दबाव रहा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और महंगाई, वैश्विक ब्याज दरों और आर्थिक विकास को लेकर चिंता बढ़ गई। निफ्टी-50 ने लगातार 5वें हफ्ते लाल निशान में क्लोजिंग की।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।