Muhurat Trading: क्या इस दिवाली भी दोपहर में होगी मुहूर्त ट्रेडिंग? ब्रोकर्स और अन्य मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने स्टॉक एक्सचेंजों से की अपील

पिछले साल की तरह इस बार भी दिवाली पर ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ का आयोजन दिन के समय किया जाए। ऐसा अनुरोध स्टॉक ब्रोकरों और अन्य मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने एक बार फिर स्टॉक एक्सचेंजों से किया है। ब्रोकरों ने ‘ब्रोकर्स इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स फोरम’ (BISF) के माध्यम से एक्सचेंजों को एक प्रस्ताव सौंपा है। पिछले साल दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग को शाम के पारंपरिक समय के बजाय दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे के बीच आयोजित किया गया था। इससे पहले भी साल 2012 में एक बार मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन दोपहर 3:45 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच रखा गया था। ऐसा शुभ समय को देखते हुए किया गया था।

मनीकंट्रोल को ब्रोकरों से पता चला है कि इस साल 8 नवंबर को दिवाली पर शुभ मुहूर्त का समय दोपहर 1:47 बजे से 3:12 बजे के बीच है। उन्होंने दोपहर 2 बजे से 3 बजे के बीच ट्रेडिंग सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है। भारतीय शेयर बाजारों में दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा कई सालों से चली आ रही है।

निवेशक इस विशेष सत्र में एक प्रतीकात्मक शुरुआत के तौर पर हिस्सा लेते हैं, जिसे हिंदू परंपरा में देवी लक्ष्मी की पूजा से जोड़कर देखा जाता है और यह धन-समृद्धि लाने का प्रतीक माना जाता है। यह सत्र विक्रम संवत कैलेंडर के अनुसार नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने 1957 में ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ की परंपरा शुरू की थी।

दोपहर 2:20 बजे से 3:20 बजे के बीच हो सकती है मुहूर्त ट्रेडिंग

आमतौर पर, ट्रेडिंग शेड्यूल और छुट्टियों को अंतिम रूप देने से पहले एक्सचेंज आपस में परामर्श करते हैं। इन चर्चाओं के पूरा होने के बाद ही मुहूर्त ट्रेडिंग के फाइनल शेड्यूल की घोषणा होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, एक्सचेंज इस अनुरोध पर विचार कर रहे हैं। शुरुआती योजना के तहत, मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर 2:20 बजे से 3:20 बजे के बीच हो सकती है। इससे पहले दोपहर 1:50 बजे से 2:05 बजे तक ‘ब्लॉक डील विंडो’ और उसके बाद 2:05 बजे से 2:20 बजे तक ‘प्री-ओपनिंग सेशन’ हो सकता है। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक सर्कुलर जारी नहीं किया गया है।

ब्रोकरों का तर्क है कि दोपहर में मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र होने से ब्रोकरेज फर्मों, स्टॉक एक्सचेंजों, क्लियरिंग कॉरपोरेशंस, डिपॉजिटरीज, कस्टोडियंस, बैंकों और बाजार से जुड़े अन्य संस्थानों में काम करने वाले हजारों कर्मचारी अपना काम समय पर पूरा कर सकेंगे। इससे वे शाम के शुभ समय में अपने परिवारों के साथ दिवाली मना सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य नियमों में कोई ढील मांगना नहीं है, बल्कि मार्केट प्रोफेशनल्स को अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने में मदद करना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि बाजार का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे।

UltraTech Cement Q2 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 21% बढ़ा, रेवेन्यू रहा 19% ज्यादा

ANMI ने भी किया अनुरोध

‘एसोसिएशन ऑफ NSE मेंबर्स ऑफ इंडिया’ (ANMI) ने भी अलग से एक्सचेंजों से दोपहर में मुहूर्त ट्रेडिंग कराने के प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया है। उन्होंने इसके पीछे ‘परंपरा, समावेशिता और वर्क-लाइफ बैलेंस’ का तर्क दिया है। ANMI के नेशनल प्रेसिडेंट कमलेश श्रॉफ का कहना है, “इससे हमारी बाजार की पुरानी परंपरा भी बनी रहेगी और ब्रोकरों, कर्मचारियों व उनके परिवारों को देर शाम तक चलने वाले ट्रेडिंग सत्र के दबाव के बिना, साथ में दिवाली मनाने का मौका मिलेगा।”

ब्रोकरों ने ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ के बाद पूरी की जाने वाली अनुपालन (Compliance) जरूरतों का भी जिक्र किया है। उन्होंने सुझाव दिया है कि कुछ प्रक्रियाओं, जैसे कि सिक्योरिटीज के ‘अर्ली पे-इन’ और फंड एलोकेशन को अगले कारोबारी दिन पूरा करने की इजाजत दी जाए। अन्य सुझावों में इस स्थिति के कारण होने वाली ‘पीक मार्जिन’ की कमी पर लगने वाले जुर्माने को माफ करना, और ‘एंड-ऑफ-डे’ (EOD) एलोकेशन को अगले कारोबारी दिन सुबह 9 बजे से पहले पूरा करने की छूट देना शामिल है। मौजूदा शेड्यूल के कारण स्टॉक एक्सचेंज और क्लियरिंग कॉर्पोरेशन जैसी संस्थाओं के कर्मचारियों को अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने के लिए बहुत कम समय मिल पाता है।

अनुपालन की बढ़ती जरूरतों और रिपोर्टिंग की सख्त समय-सीमाओं के कारण, कर्मचारियों को अक्सर फंड एलोकेशन और सिक्योरिटीज के ‘अर्ली पे-इन’ जैसी पोस्ट-ट्रेड प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए देर तक रुकना पड़ता है। जब तक वे अपना काम खत्म करके घर पहुंचते हैं, तब तक दिवाली मनाने का आनंद खत्म हो चुका होता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

UltraTech Cement Q2 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 21% बढ़ा, रेवेन्यू रहा 19% ज्यादा

आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट का जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़ गया। आंकड़ा 1,493.77 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले यह 1,231.58 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडटेड रेवेन्यू करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 23,295.07 करोड़ रुपये हो गया। सितंबर 2025 तिमाही में यह 19,606.93 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि सितंबर 2026 तिमाही में कुल खर्च बढ़कर 21,338.88 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 18,119.56 करोड़ रुपये के थे। सितंबर 2026 के आखिर तक कंपनी में प्रमोटर्स के पास 58.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

6 महीनों में कैसा बिजनेस

अप्रैल-सितंबर 2026 यानि कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में अल्ट्राटेक सीमेंट का ऑपरेशंस से कंसोलिडटेड रेवेन्यू 47,943.27 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 40,882.38 करोड़ रुपये था। शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 4,093 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो सितंबर 2025 छमाही में 3,457.48 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडटेड रेवेन्यू 88,511.53 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 8,165.84 करोड़ रुपये रहा था।

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UltraTech Cement के शेयर में गिरावट

19 अक्टूबर को अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर में गिरावट है। शेयर दिन में BSE पर पिछले बंद भाव से 3 प्रतिशत तक टूटकर 10590.05 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 3.13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 10 प्रतिशत गिरा है। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 13,104 रुपये और एडजस्टेड लो 10,329 रुपये है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q2 Results: सीमेंट कंपनी का मुनाफा 340% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Q2 Results: दिग्गज सीमेंट कंपनी UltraTech Cement की सब्सिडियरी India Cements का सितंबर तिमाही में मुनाफा करीब 340% यानी चार गुना से ज्यादा बढ़ गया। कंपनी ने ₹38.8 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹8.8 करोड़ था।

कंपनी की कमाई यानी रेवेन्यू भी बढ़ी है। सितंबर तिमाही में यह 2.2% बढ़कर ₹1,142 करोड़ रहा। पिछले साल इसी दौरान रेवेन्यू ₹1,117 करोड़ था।

India Cements की कमाई में कैसे आया उछाल?

इंडिया सीमेंट्स का EBITDA सालाना आधार पर 78% बढ़कर ₹145 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹81 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन भी 7.3% से बढ़कर 12.7% हो गया।

कंपनी के मुताबिक, प्लांट में कामकाज बेहतर होने और मशीनों का ज्यादा इस्तेमाल होने से मुनाफा बढ़ा है। आसान भाषा में कहें तो कंपनी पहले के मुकाबले अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर रही है।

₹2,000 करोड़ खर्च करने की तैयारी

इंडिया सीमेंट्स ने कारोबार बढ़ाने के लिए ₹2,000 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। सितंबर 2026 तक इसमें से करीब ₹1,728 करोड़ खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई जा चुकी थी।

कंपनी हर साल सीमेंट बनाने की क्षमता 28 लाख टन बढ़ाना चाहती है। इसके अलावा, बिजली का खर्च घटाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। कंपनी 24 मेगावाट का ऐसा सिस्टम लगाने की योजना पर काम कर रही है, जो सीमेंट बनाने के दौरान निकलने वाली गर्मी से बिजली बनाने में मदद करेगा। साथ ही, 263 मेगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता भी डेवलपम की जाएगी।

इंडिया सीमेंट्स के शेयरों का हाल

नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को BSE पर इंडिया सीमेंट्स का शेयर 1.78% चढ़कर ₹302.50 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 23% गिरा है।

India Cements सीमेंट और इससे जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। इसका इस्तेमाल निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में होता है। कंपनी UltraTech Cement की सब्सिडियरी है, जो आदित्य बिड़ला ग्रुप का हिस्सा है।

AI Stocks: एआई शेयरों में कमाई की रफ्तार घटने का अनुमान, Jefferies ने निवेशकों को दी बड़ी सलाह

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Nifty Outlook: 21 सितंबर को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार ने पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन रिकवरी की। हालांकि, कारोबार में उतार-चढ़ाव काफी रहा। इसके बावजूद निफ्टी 75 अंक चढ़कर बंद हुआ। हफ्ते की शुरुआत बाजार ने अच्छी तेजी के साथ की थी। लेकिन ऊपर जाते ही बिकवाली शुरू हो गई। इससे निफ्टी फिर नीचे आ गया।

इसके बाद निचले स्तरों पर खरीदारी लौटी। इससे निफ्टी 23,000 के अहम स्तर के ऊपर बना रहा। हालांकि, पूरे हफ्ते की तस्वीर अभी भी कमजोर रही। निफ्टी लगातार छठे हफ्ते गिरावट में बंद हुआ। इस हफ्ते इंडेक्स 0.22% नीचे रहा।

HDFC Bank और UltraTech में तेजी

निफ्टी के शेयरों में HDFC Bank और UltraTech Cement सबसे ज्यादा चढ़े। दूसरी ओर TCS और TMPV सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे।

सेक्टरों की बात करें तो Cement और Metal शेयरों में खरीदारी दिखी। IT शेयरों पर दबाव बना रहा। बड़े शेयरों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty Midcap 100 में 1.24% और Nifty Smallcap 100 में 1.74% की तेजी रही।

कच्चे तेल से बाजार को मिली राहत

पिछले तीन कारोबारी सत्रों में बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत मिली है। ब्रेंट क्रूड अपने ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। सऊदी अरब की पाइपलाइनों की मरम्मत का काम आगे बढ़ा है। इसके अलावा तेल निर्यात के दूसरे रास्ते भी मिले हैं। इससे सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहने की चिंता कुछ कम हुई है।

अमेरिकी फेड के ब्याज दर के फैसले के बाद अब बाजार का ध्यान दूसरी चीजों पर है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है। कच्चा तेल भी ऊपरी स्तरों से नीचे आया है। घरेलू बाजार में लिक्विडिटी भी मजबूत है। ऐसे में बाजार को थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, अभी इसे पूरी तरह तेजी का संकेत नहीं माना जा सकता।

अभी भी कई बड़े जोखिम

बाजार के सामने चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। ब्रेंट क्रूड अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है। रुपया भी करीब 96 रुपये प्रति डॉलर के आसपास है। इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव भी बड़ा जोखिम है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री पर भी बाजार की नजर रहेगी।

अगले हफ्ते घरेलू स्तर पर सितंबर का फ्लैश PMI डेटा आएगा। अगस्त के इंफ्रास्ट्रक्चर आउटपुट के आंकड़े भी आएंगे। इसके अलावा विदेशी मुद्रा भंडार और बैंक क्रेडिट ग्रोथ के आंकड़े भी बाजार को दिशा दे सकते हैं। अमेरिका से इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन और कंज्यूमर सेंटीमेंट के आंकड़े आएंगे। चीन के लोन प्राइम रेट पर भी बाजार की नजर रहेगी।

ईरान युद्ध से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव बाजार के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट की यात्रा पर फिर से विचार करने को कहा है।

अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध तेजी से बढ़ सकता है। वहीं, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपना सख्त रुख कायम रखा है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है।

हूती विद्रोहियों के मुताबिक, उन्होंने रियाद में कुछ अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इससे कुछ घंटे पहले शहर के मुख्य एयरपोर्ट के पास आग और धुएं का गुबार देखा गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने इसकी वजह की पुष्टि नहीं की है।

23,500 के ऊपर जाना आसान नहीं

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में आगे तेजी आती है तो 23,500 से 23,600 का स्तर बड़ी चुनौती होगा। वहीं, गिरावट आने पर 23,100 से 23,000 के बीच सपोर्ट मिल सकता है।

SBI Securities के सुदीप शाह भी 23,150 के आसपास के स्तर को अहम मानते हैं। उनके मुताबिक, निफ्टी अगर लगातार 23,150 के नीचे जाता है तो बिकवाली बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में इंडेक्स 23,000 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ 23,500 से 23,520 का स्तर बड़ी रुकावट है। अगर निफ्टी 23,520 के ऊपर टिक गया तो शॉर्ट कवरिंग हो सकती है। इससे इंडेक्स 23,650 तक जा सकता है।

23,550 तक जा सकता है निफ्टी

LKP Securities के रुपक डे का कहना है कि कच्चा तेल अगर 96 डॉलर प्रति बैरल के नीचे रहता है तो बाजार में तेजी टिक सकती है। उनके मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 से 23,100 का स्तर अहम सपोर्ट है। मौजूदा रिकवरी जारी रहती है तो इंडेक्स 23,550 तक जा सकता है।

Angel One के हितेश राठी के मुताबिक, 23,100 से 23,000 का जोन अहम सपोर्ट है। वहीं, 23,250 से 23,200 के आसपास भी सहारा मिल सकता है। ऊपर की तरफ 23,450 से 23,500 का स्तर रेजिस्टेंस है। इसके बाद 23,600 अहम रहेगा। खास बात यह है कि 23,600 पहले सपोर्ट था। अब यह रेजिस्टेंस की तरह काम कर सकता है।

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Tata Motors PV Q1 Results: पैसेंजर व्हीकल मेकर के तिमाही नतीजे आज, 13 अगस्त को; शेयर 3% तक चढ़ा

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड आज, 13 अगस्त को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। रिजल्ट सामने आने से पहले कंपनी के शेयर में तेजी है। BSE पर शेयर दिन में पिछले बंद भाव से करीब 3 प्रतिशत तक उछलकर 351.60 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 1.28 लाख करोड़ रुपये है। बता दें कि पहले कंपनी के बोर्ड की मीटिंग होगी, जिसमें नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद इन्हें रिलीज किया जाएगा।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 18,598 करोड़ रुपये रहा था। शुद्ध मुनाफा 455 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 57,859 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 87,569 करोड़ रुपये रहा था।

टाटा मोटर्स में अब अलग-अलग हैं PV और CV बिजनेस

टाटा मोटर्स 1 अक्टूबर 2025 से दो हिस्सों में बंट चुकी है। पैसेंजर व्हीकल बिजनेस अब टाटा मोटर्स PV के नाम से शेयर बाजार में लिस्ट है। वहीं कमर्शियल व्हीकल बिजनेस का नाम टाटा मोटर्स लिमिटेड है। कमर्शियल व्हीकल बिजनेस 12 नवंबर 2025 को BSE पर 330.25 रुपये और NSE पर 335 रुपये पर लिस्ट हुआ था। वहीं टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के शेयरों का कारोबार 14 अक्टूबर 2025 को 400 रुपये प्रति शेयर पर शुरू हुआ था।

टाटा मोटर्स PV में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 42.51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 457.04 रुपये और एडजस्टेड लो 294.15 रुपये है।

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एक दिन पहले Tata Motors ने जारी किए थे नतीजे

एक दिन पहले टाटा ग्रुप के कमर्शियल व्हीकल बिजनेस टाटा मोटर्स ने तिमाही नतीजे जारी किए थे। जून 2026 तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 83 प्रतिशत बढ़कर 2,556 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 1,397 करोड़ रुपये रहा था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 20,667 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 17,324 करोड़ रुपये था। कुल खर्च भी बढ़कर 18,038 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 15,982 करोड़ रुपये था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।