BSE का शेयर एनएसई के आईपीओ के ऐलान से 3% फिसला, क्या यह इसे खरीदने का सही मौका है?

एनएसई के आईपीओ के ऐलान का सीधा असर बीएसई के शेयरों पर पड़ा है। बीएसई के शेयर में 11 सितंबर को 3 फीसदी तक गिरावट दिखी। बीते चार कारोबारी सत्रों में से 3 में यह शेयर गिरा है। यह अपने सपोर्ट जोन के करीब आ गया है। एनालिस्ट्स का कहना है कि सपोर्ट लेवल टूटने पर इस शेयर पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। सवाल है कि क्या यह बीएसई के शेयरों को खरीदने का सही समय है?

शेयर 17 अगस्त से कंसॉलिडेशन में

SBI Securities में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि बीएसई का शेयर 3,474-3,132 रुपये की रेंज में कंसॉलिडेट कर रहा है। 17 अगस्त से ऐसा दिख रहा है। उन्होंने कहा, “गिरता एडीएक्स इस बात का संकेत है कि शेयर में ट्रेंड स्ट्रेंथ की कमी है। एमएसीडी लाइन जीरो लाइन के नीचे बनी हुई है। यह कमजोर मोमेंटम का संकेत है।”

सपोर्ट जोन टूटने पर आएगी बड़ी गिरावट

उन्होंने कहा कि बीएसई के शेयरों के लिए अगला सपोर्ट 3,130-3,100 जोन में है। अगर यह इस रेंज को तोड़ देता है तो इस पर बिकवाली का नया दबाव दिख सकता है। इससे यह शेयर गिरकर 2,970 रुपये के अगले सपोर्ट लेवल तक जा सकता है। तेजी की स्थिति में 3,350-3,370 रुपये पर इसे अगला सपोर्ट मिलेगा।

CAS का असर ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ा

इससे पहले विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने बीएसई के शेयर पर ‘अंडरपरफॉर्म’ की रेटिंग दी थी। बीएसई के शेयर पर एनालिस्ट्स की चिंता की वजह इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम है। एक्सचेंज के मैनेजमेंट ने कहा है कि हाल में लागू क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) का असर इंडेक्स ऑप्शंस वॉल्यूम पर पड़ा है। ऑक्शन सेशन में सीमित लिक्विडिटी का असर पार्टिसिपेशन पर पड़ा है।

बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.31 लाख करोड़

BSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन अभी 1.31 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। एनएसई के आईपीओ का ऐलान हो जाने से इनवेस्टर्स दोनों एक्सचेंजों की वैल्यूएशन और प्रॉफिट बनाने की क्षमता की तुलना कर रहे हैं। एनएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर करीब 4.46 लाख करोड़ रुपये होगा।

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एनएसई का प्रॉफिट बीएसई के प्रॉफिट का चार गुना

एनएसई का FY26 में टैक्स बाद प्रॉफिट 10,302 करोड़ रुपये था, जबकि प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल करीब 42.5 गुना है। इसके मुकाबले बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1.31 लाख करोड़ रुपये है। इसका FY26 का टैक्स बाद प्रॉफिट 2,497 करोड़ रुपये था। इसका पी/ई मल्टीपल करीब 49 गुना है। एनएसई की वैल्यूएशन बीएसई की करीब 3.2 गुनी है, जबकि प्रॉफिट चार गुना से ज्यादा है।

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वोडाफोन आइडिया लिमिटेड की मुश्किलें लग रहा है कि थोड़ी कम होने वाली हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अगुवाई में कर्ज देने वालों का एक ग्रुप वोडाफोन आइडिया को लगभग 3.5 अरब डॉलर का कर्ज देने पर सहमत हो गया है। यह बात ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से कही गई है। उनका कहना है कि इस ग्रुप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट भी शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वोडाफोन आइडिया इस फंड का कुछ हिस्सा अपने नेटवर्क को बेहतर बनाने और भारती एयरटेल लिमिटेड और रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के साथ बेहतर मुकाबला करने के लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।

कंपनी को दिए जाने वाले लोन की अवधि 10 साल है। फंडिंग की शर्तों में यह शामिल है कि अरबपति कुमार मंगलम बिड़ला लोन की अवधि के दौरान चेयरमैन बने रहेंगे। डिफॉल्ट होने की स्थिति में उन्हें पेमेंट की गारंटी भी देनी होगी।

Vodafone Idea का शेयर 6 महीनों में 55 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयरों में 11 सितंबर को तेजी है। BSE पर शेयर पिछले ​बंद भाव से 1.6 प्रतिशत तक चढ़कर 15.20 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 1.63 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर एक महीने में 16 प्रतिशत और 6 महीनों में 55 प्रतिशत बढ़ा है। एक साल में यह निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। वोडाफोन आइडिया में सरकार के पास लगभग 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

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जून तिमाही में घाटे में गिरावट

कर्ज में फंसी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया का घाटा अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कम होकर 3,754 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले कंपनी को 6,611 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 6 प्रतिशत बढ़कर 11,689 करोड़ रुपये हो गया, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 11,023 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में कंपनी के ग्राहकों की संख्या करीब 2 प्रतिशत घटकर 19.31 करोड़ रह गई। प्रति ग्राहक औसत रेवेन्यू (एआरपीयू) 10.2 प्रतिशत बढ़कर 195 रुपये हो गया।

वोडाफोन आइडिया मजबूत स्थिति में आने के लिए कर्ज जुटाने पर काम कर रही है। CNBC-TV18 ने मई में रिपोर्ट दी थी कि कंपनी कर्ज देने वालों के साथ बातचीत कर रही है। SBI के इस ग्रुप की अगुवाई करने की संभावना जताई गई थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

Vodafone Idea का शेयर कर सकता है कमाल, जेफरीज ने दी खरीदने की सलाह

वोडाफोन आइडिया के शेयरों में तेजी जारी रह सकती है। विदेश ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने शेयर को कवर करना शुरू किया है। उसने इस कंपनी को भारत के टेलीकॉम मार्केट की टर्नअराउंड अपॉर्चुनिटी बताई है। उसने टेलीकॉम कंपनी के शेयर के लिए 20 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

वोडाफोन का शेयर करेंट लेवल से 29% चढ़ सकता है

Vodafone Idea के शेयर में 9 सितंबर को तेजी दिखी। यह 0.71 फीसदी चढ़कर 15.53 रुपये पर बंद हुआ। जेफरीज का मानना है कि वोडाफोन का शेयर मौजूदा लेवल से 29 फीसदी तक चढ़ सकता है। कंपनी की सेहत बेहतर हो रही है। FY26-29 के बीच रेवेन्यू का सीएजीआर 11 फीसदी रह सकता है।

नेटवर्क में निवेश से कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ने की उम्मीद

कंपनी नेटवर्क में निवेश कर रही है। इससे सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। जेफरीज ने कहा है कि अभी कंपनी के सब्सक्राइबर्स में डेटा की खपत कम है। इसका मतलब है कि कंपनी के पास प्रीमियम सर्विसेज ऑफर करने की काफी गुंजाइश है। इससे कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ेगा।

बीते छह महीनों में 56 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है शेयर 

जेफरीज ने कहा है कि FY26-29 के दौरान कंपनी का कैश EBITDA मार्जिन बढ़कर 29 फीसदी हो जाएगा। कंपनी की ऑपरेटिंग कैशफ्लो की ग्रोथ भी अच्छी रहेगी। FY29-34 के दौरान कंपनी का कैश आउटफ्लो तेजी से बढ़कर सालाना 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगा। कंपनी का शेयर बीते छह महीनों में 56.71 फीसदी चढ़ा है।

शेयर बाजारों में गिरावट के बावजूद चढ़ा स्टॉक

शेयर बाजार में लगातार कमजोर सेंटीमेंट के बावजूद वोडाफोन आइडिया के शेयरों में तेजी दिखी है। बीते एक महीने में वोडाफोन आइडिया का शेयर 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। Nifty बीते एक महीने में 4.69 फीसदी गिरा है। सेंसेक्स एक महीने में 4.81 फीसदी फिसला है।

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शेयर बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट 

9 सितंबर को इस हफ्ते लगातार तीसरे दिन शेयर बाजारों में गिरावट आई। निफ्टी 0.86 फीसदी यानी 203 अंक गिरकर 23,431 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.08 फीसदी यानी 813 अंक गिरकर 74,764 पर बंद हुआ। इसकी वजह मध्यपूर्व में बढ़ता संकट और क्रूड की कीमतों में उछाल है। 9 सितंबर को ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार निकल गया।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stocks to Watch: 9 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: बुधवार यानी 9 सितंबर को शेयर बाजार में कई स्टॉक्स पर नजर रहेगी। Raymond, TCS, Biocon और Bank of Baroda समेत 16 कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट सामने आए हैं। इनमें बड़े ऑर्डर, हिस्सेदारी बिक्री, फंड जुटाने और डिविडेंड से जुड़े फैसले शामिल हैं। ऐसे में इन शेयरों में बाजार खुलने के बाद हलचल देखने को मिल सकती है।

Raymond

टेक्सटाइल और गारमेंट कंपनी Raymond ₹214.71 करोड़ तक जुटाएगी। इसके लिए 33,28,686 कन्वर्टिबल वारंट जारी किए जाएंगे। ये वारंट Minerva Ventures Fund को ₹645 प्रति वारंट की कीमत पर मिलेंगे। हर वारंट से ₹645 में एक इक्विटी शेयर लेने का अधिकार होगा।

Tata Consultancy Services

आईटी सर्विसेज कंपनी Tata Consultancy Services को ओडिशा सरकार से ₹122.6 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत OSWAS 3.0 लागू किया जाएगा। इसमें वर्कफ्लो ऑटोमेशन, एनालिटिक्स, सिक्योरिटी और AI को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।

Biocon

बायोफार्मा कंपनी Biocon में Active Pine करीब 1.66 करोड़ शेयर बेच सकता है। यह कंपनी में करीब 1% हिस्सेदारी के बराबर है। करीब ₹638.4 करोड़ का ब्लॉक डील होने की संभावना है। शेयर का फ्लोर प्राइस ₹385 रखा गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से करीब 1.9% कम है।

Enviro Infra Engineers

वाटर ट्रीटमेंट कंपनी Enviro Infra Engineers की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी Suyog Urja को ₹189.99 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर Tata Power Renewable Energy ने दिया है। काम महाराष्ट्र के Parli में 180 MW के NTPC विंड पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

Laxmi Organic Industries

केमिकल कंपनी Laxmi Organic Industries के MD और CEO Rajan Venkatesh 13 नवंबर 2026 को पद छोड़ेंगे। इसके बाद 14 नवंबर से Harshvardhan Goenka MD और CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा। कंपनी ने इस बदलाव की जानकारी दी है।

Bank of Baroda

सरकारी बैंक Bank of Baroda NSE में अपनी हिस्सेदारी का 35% हिस्सा बेचने की तैयारी कर रहा है। बैंक OFS के जरिए 76,90,375 तक NSE शेयर बेच सकता है। ये शेयर 8 सितंबर को एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। बिक्री सितंबर के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।

Innovision

सिक्योरिटी और मैनपावर सर्विसेज कंपनी Innovision को NHAI से कुल ₹243.60 करोड़ के दो वर्क ऑर्डर मिले हैं। इनमें मध्य प्रदेश के हाईवे फीस प्लाजा पर टोल कलेक्शन और सुविधाओं के रखरखाव का काम शामिल है।

Great Eastern Shipping Company

शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping Company ने एक सेकंडहैंड Kamsarmax ड्राई बल्क कैरियर खरीदने का करार किया है। इसका वजन उठाने की क्षमता 81,609 DWT है और यह जहाज 2019 में बना था। इसकी डिलीवरी वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही में होने की उम्मीद है।

Sanofi India

फार्मा कंपनी Sanofi India ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका BARC, Mysore को 2012 से 2015 के बीच फार्मास्युटिकल सप्लाई से जुड़े CBI मामले में आपराधिक कार्यवाही को चुनौती देने के लिए थी। कंपनी ने कहा कि 7 सितंबर के आदेश में किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है। मामला इस बात से जुड़ा है कि किसी कर्मचारी को आरोपी बनाए बिना कंपनी के खिलाफ मुकदमा जारी रह सकता है या नहीं।

K.P. Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी K.P. Energy को Emmvee Energy से कर्नाटक में 42 MW का विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट लगाने के लिए LOI मिला है। इसमें 21 MW विंड और 21 MWp सोलर क्षमता होगी। यह प्रोजेक्ट Emmvee Energy की कर्नाटक स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज की कैप्टिव पावर जरूरत पूरी करेगा।

PVR INOX

मल्टीप्लेक्स कंपनी PVR INOX ने बेंगलुरु के बेलंदूर स्थित Soul Space Spirit में 3 नए स्क्रीन शुरू किए हैं। इनमें एक 4DX और दो मेनस्ट्रीम स्क्रीन शामिल हैं। नए स्क्रीन जुड़ने के बाद यहां कुल 7 स्क्रीन हो गई हैं।

Ritco Logistics

लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी Ritco Logistics को अगस्त में ₹388 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह कंपनी के लिए बड़ा कॉन्ट्रैक्ट है। इससे कारोबार और आने वाले रेवेन्यू को सपोर्ट मिल सकता है। इ

Bajaj Holdings

इन्वेस्टमेंट कंपनी Bajaj Holdings के बोर्ड की 15 सितंबर को बैठक होगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा। डिविडेंड को लेकर बोर्ड का फैसला निवेशकों के लिए अहम हो सकता है।

Maharashtra Scooters

ऑटोमोबाइल से जुड़ी कंपनी Maharashtra Scooters के बोर्ड की 15 सितंबर को बैठक होगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा। डिविडेंड को लेकर बोर्ड के फैसले पर निवेशकों की नजर रहेगी।

MosChip

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी MosChip ने Vayavya Labs के 73% अधिग्रहण से जुड़े विवाद पर अपडेट दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने रिस्पॉन्डेंट्स को 15 सितंबर तक अतिरिक्त ₹200 करोड़ की सिक्योरिटी जमा करने को कहा है। कोर्ट ने कंपनी के खिलाफ आदेश में किसी उल्लंघन या दोष पर फैसला नहीं दिया है।

NLC India

सरकारी पावर कंपनी NLC India की सब्सिडियरी को SJVN से 200 MW के विंड पावर प्रोजेक्ट का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ा है।

Vodafone Idea Share: 47% गिर सकता है शेयर! HSBC ने ‘Reduce’ रेटिंग के साथ ₹8.25 का टारगेट दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO: बैंक ऑफ बड़ौदा की OFS में 35% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी, जानिए आईपीओ का पूरा अपडेट

NSE IPO: पब्लिक सेक्टर का बैंक ऑफ बड़ौदा NSE में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने जा रहा है। बैंक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए NSE के IPO में 76,90,375 तक शेयर बेच सकता है। यह बैंक की NSE में कुल हिस्सेदारी का 35% है। बिक्री के लिए जरूरी रेगुलेटरी मंजूरी लेनी होगी।

NSE के शेयर एस्क्रो अकाउंट में पहुंचे

Bank of Baroda ने बताया कि OFS की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत NSE के शेयर 8 सितंबर 2026 को एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। NSE के मुताबिक, यह बिक्री सितंबर 2026 के अंत तक पूरी हो सकती है।

बिक्री के बाद मिलेगी रकम

Bank of Baroda को शेयर बेचने की रकम OFS पूरा होने के बाद मिलेगी। बैंक अपने NSE शेयरों को प्रस्तावित IPO में बेच रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक को NSE से ₹76.90 करोड़ का डिविडेंड भी मिला था।

₹30,000 करोड़ का हो सकता है NSE IPO

NSE का करीब ₹30,000 करोड़ का IPO 18 सितंबर को खुल सकता है। इसके 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है, तो यह 2024 के Hyundai Motor India के ₹27,870 करोड़ के IPO को पीछे छोड़ देगा। इस तरह यह भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।

15 सितंबर को आ सकता है प्राइस बैंड

NSE IPO का प्राइस बैंड 15 सितंबर को घोषित होने की उम्मीद है। इसके बाद 17 सितंबर को एंकर बुक खुलेगी। पब्लिक इश्यू 18 सितंबर को खुल सकता है। यह 21 और 22 सितंबर को भी खुला रह सकता है।

नए शेयर जारी नहीं होंगे

NSE का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसमें ₹1 फेस वैल्यू वाले 14.89 करोड़ तक इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। ये NSE की पेड-अप इक्विटी कैपिटल के करीब 6% के बराबर हैं। इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। यानी IPO से NSE को सीधे कोई पैसा नहीं मिलेगा।

Vodafone Idea Share: 47% गिर सकता है शेयर! HSBC ने ‘Reduce’ रेटिंग के साथ ₹8.25 का टारगेट दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Manoj Jewellers Rights Issue: 29 सितंबर को बंद होगा राइट्स इश्यू, ₹17.97 करोड़ जुटाने का लक्ष्य

चेन्नई की ज्वैलरी कंपनी Manoj Jewellers Limited ने राइट्स इश्यू लॉन्च किया है। यह इश्यू 31 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। अब 29 सितंबर 2026 को बंद होगा। कंपनी इस इश्यू से अधिकतम ₹17.97 करोड़ जुटाना चाहती है।

कंपनी 20 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 89,85,628 तक पूरी तरह पेड-अप इक्विटी शेयर जारी कर रही है। राइट्स इक्विटी शेयरों को 5 अक्टूबर 2026 को BSE पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है।

1:1 का है राइट्स इश्यू

यह राइट्स इश्यू उन शेयरधारकों के लिए है, जिनके पास 21 अगस्त 2026 की रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के पूरी तरह पेड-अप शेयर थे। उन्हें हर 1 शेयर के बदले 1 राइट्स इक्विटी शेयर मिलेगा।

शेयर के लिए आवेदन करते समय ही ₹20 प्रति राइट्स इक्विटी शेयर की पूरी रकम देनी होगी। इस इश्यू की रजिस्ट्रार Skyline Financial Services Private Limited है।

₹13.53 करोड़ वर्किंग कैपिटल में लगाएगी कंपनी

Manoj Jewellers इश्यू से मिलने वाली नेट रकम का बड़ा हिस्सा वर्किंग कैपिटल की जरूरतों पर खर्च करेगी। इसके लिए ₹13.53 करोड़ रखे गए हैं।

इसके अलावा ₹4 करोड़ का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट कामों के लिए किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि इससे वर्किंग कैपिटल की स्थिति मजबूत होगी। साथ ही, मौजूदा कारोबार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

प्रमोटर ने क्या कहा?

कंपनी के प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार ने कहा कि राइट्स इश्यू से वर्किंग कैपिटल की स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे होलसेल और रिटेल कारोबार की बढ़ती जरूरतें पूरी की जा सकेंगी।

उन्होंने कहा कि फंड का इस्तेमाल इन्वेंट्री को बेहतर तरीके से मैनेज करने और रोजमर्रा के कारोबार की जरूरतें पूरी करने में किया जाएगा। कंपनी ग्राहकों की बदलती पसंद को देखते हुए नए प्रोडक्ट लाने पर भी काम कर रही है। इसमें हल्का ‘Thanga Kovil Collection’ भी शामिल है।

FY26 में रेवेन्यू 91.5% बढ़ा

Manoj Jewellers Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024-25 के 5,961.81 लाख रुपये से बढ़कर 2025-26 में 11,416.12 लाख रुपये हो गया। यानी इसमें करीब 91.5% की बढ़ोतरी हुई।

इसी दौरान कंपनी का टैक्स के बाद नेट प्रॉफिट 476.49 लाख रुपये से बढ़कर 902.36 लाख रुपये हो गया। यानी यह करीब दोगुना हो गया।

EPS और नेट एसेट वैल्यू भी बढ़ी

Manoj Jewellers की प्रति शेयर कमाई यानी EPS 7.96 रुपये से बढ़कर 10.40 रुपये हो गई। वहीं, प्रति शेयर नेट एसेट वैल्यू 24.28 रुपये से बढ़कर 43.25 रुपये हो गई।

कंपनी सोने, हीरे और चांदी के गहनों के होलसेल और रिटेल कारोबार में है।

Vodafone Idea Share: 47% गिर सकता है शेयर! HSBC ने ‘Reduce’ रेटिंग के साथ ₹8.25 का टारगेट दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ESDS Software Share: लगातार तीसरे दिन 20% का अपर सर्किट, IPO प्राइस से 201% चढ़ा शेयर; ₹1550 का टारगेट

ESDS Software Solutions के शेयर में मंगलवार को भी जोरदार तेजी रही। शेयर 20% के अपर सर्किट पर पहुंचकर ₹1,289.55 पर आ गया। इसके साथ ही IPO प्राइस के मुकाबले शेयर करीब 200.60% चढ़ चुका है।

AI बेस्ड डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने IPO के लिए ₹408 से ₹429 का प्राइस बैंड रखा था। IPO से कंपनी ने ₹720 करोड़ जुटाए थे।

IPO प्राइस से 200% ज्यादा चढ़ा शेयर

ESDS Software की लिस्टिंग पिछले शुक्रवार को हुई थी। NSE पर शेयर ₹757 पर लिस्ट हुआ था। यह IPO प्राइस ₹429 से 76.46% ज्यादा था।

BSE पर शेयर ₹746.30 पर लिस्ट हुआ। यहां लिस्टिंग करीब 73.95% प्रीमियम पर हुई थी। इसके बाद शेयर में तेजी बनी रही। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन शेयर 20% के अपर सर्किट पर पहुंच गया।

IPO को 136 गुना सब्सक्रिप्शन

ESDS Software का IPO 28 अगस्त से 1 सितंबर तक खुला था। इसे कुल 135.88 गुना सब्सक्राइब किया गया। IPO को 63.01 लाख से ज्यादा आवेदन मिले थे। इसमें करीब ₹72,000 करोड़ की बोलियां आई थीं।

ब्रोकरेज ने दिया ₹1,550 का टारगेट

Choice Institutional Equities ने ESDS Software पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने शेयर को ‘BUY’ रेटिंग दी है। इसके साथ 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹1,550 रखा है। ब्रोकरेज ने कंपनी की वैल्यूएशन FY28E EV/EBITDA के 18 गुना पर की है।

क्लाउड मार्केट से कंपनी को फायदा

Choice के मुताबिक, भारत का क्लाउड मार्केट FY25 के ₹65,100 करोड़ से बढ़कर FY30 तक करीब ₹1.9 लाख करोड़ हो सकता है। इस दौरान क्लाउड मार्केट के करीब 23.6% CAGR से बढ़ने का अनुमान है। एंटरप्राइज डिजिटाइजेशन, BFSI में बढ़ता इस्तेमाल और सरकारी कामकाज में क्लाउड की बढ़ती जरूरत से इसे सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

ESDS का कारोबार Enterprise, Government और BFSI सेगमेंट में है। कंपनी के कारोबार में इनकी हिस्सेदारी क्रमशः 55.1%, 27.4% और 17.5% है।

AI और GPU मार्केट पर भी नजर

Choice ने भारत के क्लाउड GPU मार्केट को भी ग्रोथ का बड़ा मौका बताया है। इसके FY30 तक करीब 50% CAGR से बढ़ने का अनुमान है। कंपनी की ग्रोथ में कोर बिजनेस, क्षमता बढ़ाने, ग्राहकों से कमाई बढ़ाने और ऑपरेटिंग लीवरेज की भूमिका रह सकती है।

$1.25 अरब का AI कॉन्ट्रैक्ट

Choice ने कंपनी के $1.25 अरब के AI कॉन्ट्रैक्ट को भी अहम ग्रोथ ड्राइवर बताया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, अगर कंपनी इस कॉन्ट्रैक्ट को सही तरीके से लागू करती है और इसका रैंप-अप तेज रहता है, तो कमाई और वैल्यूएशन में और बढ़त की गुंजाइश बन सकती है।

इन जोखिमों पर भी नजर

ब्रोकरेज ने कुछ जोखिम भी बताए हैं। इनमें AI कॉन्ट्रैक्ट को लागू करने की चुनौती, कुछ बड़े ग्राहकों पर निर्भरता, ज्यादा कैपेक्स और बढ़ती प्रतिस्पर्धा शामिल हैं।

इन वजहों से कंपनी की कमाई की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। साथ ही, क्षमता के इस्तेमाल, मार्जिन और रिटर्न पर भी दबाव आ सकता है।

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Coal Gasification Scheme: ₹37500 करोड़ की सरकारी स्कीम! अदाणी, NTPC समेत 7 कंपनियों ने आवेदन दिए

Coal Gasification Scheme: देश में कोयला गैसीफिकेशन को बढ़ावा देने की सरकार की कोशिश तेज हो रही है। कोयला गैसीफिकेशन का मतलब है, कोयले को सीधे जलाने के बजाय उससे गैस बनाना। सरकार की ₹37,500 करोड़ की योजना के पहले राउंड में 7 कंपनियों ने आवेदन किया है।

इनमें Adani Enterprises, NTPC, Talcher Fertilisers, Gallantt Ispat और Shyam Sel & Power शामिल हैं। कंपनियों ने यूरिया, सिंथेटिक नेचुरल गैस, सिंथेसिस गैस और डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन से जुड़े प्रोजेक्ट के प्रस्ताव दिए हैं।

Adani Enterprises ने 3 आवेदन दिए

Adani Enterprises ने तीन अलग-अलग आवेदन जमा किए हैं। तीनों आवेदन यूरिया प्रोजेक्ट से जुड़े हैं।

Gallantt Ispat ने डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन और सिंथेसिस गैस बनाने का प्रोजेक्ट रखा है। वहीं, NTPC ने सिंथेटिक नेचुरल गैस प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया है।

Shyam Sel & Power ने सिंथेसिस गैस बनाने का प्रस्ताव दिया है। Talcher Fertilisers ने यूरिया प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया है।

अब आवेदनों की जांच होगी

ये 7 आवेदन योजना के पहले राउंड में मिले हैं। अब सरकार इनकी विस्तार से जांच करेगी। इसके लिए योजना की गाइडलाइंस और RFP को आधार बनाया जाएगा।

कोयला मंत्रालय का कहना है कि आवेदनों से इंडस्ट्री का भरोसा दिखता है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि योजना के लिए कोई आवेदन नहीं आने की खबरें जल्दबाजी में कही गई थीं।

दूसरे राउंड के आवेदन शुरू

योजना के दूसरे राउंड के आवेदन 8 सितंबर से शुरू हो गए हैं। इसके बाद हर दो महीने में आवेदन की नई विंडो खुलेगी।

मंत्रालय के मुताबिक, कई कंपनियां अपने प्रोजेक्ट की तैयारी पहले ही शुरू कर चुकी हैं। कुछ प्रोजेक्ट एडवांस स्टेज में हैं। ऐसे में अगले राउंड में और आवेदन आने की उम्मीद है।

पहले राउंड का RFP 7 जुलाई 2026 को जारी हुआ था। कोयला गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट बड़े होते हैं। इनमें काफी पूंजी लगती है। इसलिए आवेदन से पहले कंपनियों को कई स्तर पर तैयारी करनी पड़ती है।

इसमें प्री-फिजिबिलिटी स्टडी, टेक्नोलॉजी असेसमेंट, पर्यावरण से जुड़ी जांच और फाइनेंशियल प्लानिंग शामिल है।

₹37,500 करोड़ की योजना का मकसद क्या है?

योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली यूनियन कैबिनेट ने 13 मई 2026 को मंजूरी दी थी। इसका कुल वित्तीय आउटले ₹37,500 करोड़ है।

इसके तहत घरेलू कोयले और लिग्नाइट से ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट बनाने को बढ़ावा दिया जाएगा। इनमें सिंथेसिस गैस, मेथनॉल, अमोनिया, यूरिया और हाइड्रोजन शामिल हैं।

सरकार का लक्ष्य 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीफिकेशन क्षमता तैयार करना है। इसमें 75 मिलियन टन क्षमता मौजूदा योजना के तहत विकसित करने का लक्ष्य है।

आयात पर निर्भरता घटाने की तैयारी

सरकार LNG, यूरिया, अमोनिया और मेथनॉल के आयात पर निर्भरता कम करना चाहती है। कोयला मंत्रालय के मुताबिक, FY25 में इन प्रोडक्ट के आयात पर करीब ₹2.77 लाख करोड़ खर्च हुए थे।

सरकार को उम्मीद है कि योजना से ₹2.5 लाख करोड़ से ₹3 लाख करोड़ का निवेश आ सकता है। इससे वैल्यू चेन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होने की उम्मीद है।

पहले से चल रही है ₹8,500 करोड़ की योजना

नई योजना National Coal Gasification Mission और जनवरी 2024 में मंजूर ₹8,500 करोड़ की वित्तीय प्रोत्साहन योजना को आगे बढ़ाती है। मंत्रालय के मुताबिक, पुरानी योजना के तहत 8 गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट पहले से लागू किए जा रहे हैं।

सरकार घरेलू कोयले से ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट बनाने पर जोर दे रही है। इनका इस्तेमाल फर्टिलाइजर, इंडस्ट्रियल गैस, ईंधन और दूसरे प्रोडक्ट बनाने में किया जा सकता है।

पहले राउंड में मिले 7 आवेदन इस योजना के लिए इंडस्ट्री की शुरुआती दिलचस्पी दिखाते हैं। आने वाले राउंड में और प्रोजेक्ट सामने आ सकते हैं।

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