BSE का शेयर एनएसई के आईपीओ के ऐलान से 3% फिसला, क्या यह इसे खरीदने का सही मौका है?

एनएसई के आईपीओ के ऐलान का सीधा असर बीएसई के शेयरों पर पड़ा है। बीएसई के शेयर में 11 सितंबर को 3 फीसदी तक गिरावट दिखी। बीते चार कारोबारी सत्रों में से 3 में यह शेयर गिरा है। यह अपने सपोर्ट जोन के करीब आ गया है। एनालिस्ट्स का कहना है कि सपोर्ट लेवल टूटने पर इस शेयर पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। सवाल है कि क्या यह बीएसई के शेयरों को खरीदने का सही समय है?

शेयर 17 अगस्त से कंसॉलिडेशन में

SBI Securities में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि बीएसई का शेयर 3,474-3,132 रुपये की रेंज में कंसॉलिडेट कर रहा है। 17 अगस्त से ऐसा दिख रहा है। उन्होंने कहा, “गिरता एडीएक्स इस बात का संकेत है कि शेयर में ट्रेंड स्ट्रेंथ की कमी है। एमएसीडी लाइन जीरो लाइन के नीचे बनी हुई है। यह कमजोर मोमेंटम का संकेत है।”

सपोर्ट जोन टूटने पर आएगी बड़ी गिरावट

उन्होंने कहा कि बीएसई के शेयरों के लिए अगला सपोर्ट 3,130-3,100 जोन में है। अगर यह इस रेंज को तोड़ देता है तो इस पर बिकवाली का नया दबाव दिख सकता है। इससे यह शेयर गिरकर 2,970 रुपये के अगले सपोर्ट लेवल तक जा सकता है। तेजी की स्थिति में 3,350-3,370 रुपये पर इसे अगला सपोर्ट मिलेगा।

CAS का असर ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ा

इससे पहले विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने बीएसई के शेयर पर ‘अंडरपरफॉर्म’ की रेटिंग दी थी। बीएसई के शेयर पर एनालिस्ट्स की चिंता की वजह इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम है। एक्सचेंज के मैनेजमेंट ने कहा है कि हाल में लागू क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) का असर इंडेक्स ऑप्शंस वॉल्यूम पर पड़ा है। ऑक्शन सेशन में सीमित लिक्विडिटी का असर पार्टिसिपेशन पर पड़ा है।

बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.31 लाख करोड़

BSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन अभी 1.31 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। एनएसई के आईपीओ का ऐलान हो जाने से इनवेस्टर्स दोनों एक्सचेंजों की वैल्यूएशन और प्रॉफिट बनाने की क्षमता की तुलना कर रहे हैं। एनएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर करीब 4.46 लाख करोड़ रुपये होगा।

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एनएसई का प्रॉफिट बीएसई के प्रॉफिट का चार गुना

एनएसई का FY26 में टैक्स बाद प्रॉफिट 10,302 करोड़ रुपये था, जबकि प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल करीब 42.5 गुना है। इसके मुकाबले बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1.31 लाख करोड़ रुपये है। इसका FY26 का टैक्स बाद प्रॉफिट 2,497 करोड़ रुपये था। इसका पी/ई मल्टीपल करीब 49 गुना है। एनएसई की वैल्यूएशन बीएसई की करीब 3.2 गुनी है, जबकि प्रॉफिट चार गुना से ज्यादा है।

क्या NSE के IPO से पहले BSE के शेयरों में निवेश करना समझदारी है?

बीएसई के शेयरों में 4 सितंबर को जोरदार तेजी आई। यह 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 3,411 रुपये पर बंद हुआ। 3 सितंबर को भी शेयर में तेजी आई थी। इस तेजी की बड़ी वजह बीएसई के एमडी और सीईओ का यह बयान है कि आईपीओ के बाद एनएसई अपने शेयर अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं करा सकता। 4 सितंबर को एनएसई के आईपीओ को सेबी की क्लियरेंस मिल गई। सवाल है कि क्या अभी बीएसई के शेयरों में निवेश करना समझदारी है?

ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद बिकवाली दबाव

शेयर डॉट मार्केट बाय फोनपे के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन ने कहा कि बीएसई के शेयर इस साल की शुरुआत में 4,500 रुपये के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गए थे। उसके बाद शेयरों पर लगातार बिकवाली का दबाव दिखा है। हालांकि, करीब 3,265 रुपये के 200-डे सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) को टेस्ट करने के बाद शेयर में फिर से खरीदारी शुरू हुई।

रेसिस्टेंस लेवल को पार करने के बाद आ सकती है तेजी

उन्होंने कहा, “डेली चार्ट पर शेयर 3,265 रुपये के अपने 200-डे एसएम के करीब सपोर्ट लेवल को टेस्ट कर रहा है। यह शेयरों में निवेश बढ़ाने का भरोसेमंद बेस है। हालांकि, 3,550 रुपये के नजदीक 50-डे एसएम पर अगला रेसिस्टेंस है।” उन्होंने कहा कि अगर शेयर इस लेवल को पार करने के बाद लगातार इसके ऊपर बना रहता है तो इसका ट्रेंड बदलने की पुष्टि हो जाएगी। इसके बाद इसमें तेजी दिखेगी।

CAS पर सेबी के बयान से बीएसई के शेयरों में तेजी

सेबी के इस बयान से भी बीएसई के शेयर को मजबूती मिली है कि वह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी CAS पर विचार करेगा। CAS की शुरुआत 3 अगस्त को हुई थी। उसके बाद शेयरों में काफी ज्यादा खासकर एक्सपायरी के दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सेबी को सीएएस के बारे में काफी फीडबैक मिले हैं। वह उन पर विचार करने के बाद CAS सिस्टम में कुछ बदलाव कर सकता है।

शॉर्ट टर्म में दिख सकता है शेयर में पुलबैक

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में वाइस प्रेसिडेंट रुचित जैन ने कहा कि बीएसई का शेयर 4,400 रुपये के हाई लेवल से करेक्ट हुआ है। यह 3,200 रुपये पर आ गया है। RSI से शेयर के ओवरसोल्ड जोन में होने का संकेत मिलता है। अगर यह शेयर 3,200-3,150 रुपये के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है तभी शॉर्ट टर्म में इसमें पुलबैक दिख सकता है।

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एनएसई के शेयर अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं होंगे

पीएल कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर एनएसई के शेयर उसके खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होते हैं तो इससे FY27 में बीएसई की अर्निंग्स पर असर पड़ सकता है। हालांकि, ऐसा लगता है कि एनएसई के शेयर अपने खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं होंगे। स्टॉक एक्सचेंज के शेयर को अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की इजाजत नहीं है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

BSE Share Price: जल्द रॉकेट बन सकते हैं बीएसई के शेयर, 11 एनालिस्ट्स ने दी निवेश की सलाह

BSE Share Price: अगर आप मोटी कमाई वाले शेयरों की तलाश में हैं तो आप बीएसई के शेयर पर दांव लगाने के बारे में सोच सकते हैं। इसकी वजह यह है कि जून तिमाही के नतीजों के बाद इस शेयर को कवर करने वाले 18 एनालिस्ट्स में से किसी ने इस शेयर को ‘बेचने’ की सलाह नहीं दी है। इस साल यह शेयर 33 फीसदी चढ़ा है।

5,250 रुपये तक जा सकता है शेयर का प्राइस

11 एनालिस्ट्स ने BSE के शेयरों को खरीदने (Buy) की सलाह दी है। 7 एनालिस्ट्स ने शेयर को अपने पोर्टफोलियो में बनाए रखने (Hold) की सलाह दी है। ईस्ट इंडिया सिक्योरिटीज ने बीएसई के शेयर के लिए सबसे ज्यादा 5,250 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसके बाद ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने इस शेयर के लिए 4,850 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

शेयर ने 5 साल में निवेशकों का पैसा 26 गुना किया

बीएसई के शेयर का प्राइस 5 अगस्त को 12 बजे 3.40 फीसदी गिरकर 3,494 रुपये पर चल रहा था। यह एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। बीते पांच सालों में यह शेयर 2,487.97 फीसदी चढ़ा है। इसका मतलब है कि इस दौरान इस शेयर ने निवेशकों का पैसा करीब 26 गुना कर दिया है। बीएसई का मुकाबला NSE से है। ये दोनों देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज हैं। NSE अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। इस साल इसका आईपीओ आने वाला है। जून तिमाही में बीएसई का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 63 फीसदी बढ़ा।

जेफरीज ने शेयर में निवेश बनाए रखने की सलाह दी

जेपी मॉर्गन ने बीएसई के शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 4,090 रुपये का टारेगट प्राइस दिया है। जेफरीज ने निवेशकों को बीएसई के शेयरों में निवेश बनाए रखने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 3,520 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। हालांकि, जेफरीज ने कहा है कि दूसरी तिमाही में बीएसई का एवरेज डेली टर्नओवर में कमी आ सकती है।

FY27 की अनुमानित ईपीएस के 48 गुना पर हो रही ट्रेडिंग

BSE के शेयर में वित्त वर्ष 2027 की अनुमानित प्रति शेयर अर्निंग्स के 48 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यूबीएस ने भी बीएसई के शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 4,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। बीएसई का फोकस नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने पर है। हाल में एक्सचेंज ने फोकस्ड आईटी डेरिवेटिव्स, एडिशनल इंडेक्स-बेस्ड डेरिवेटिव्स, कॉर्पोरेट बॉन्ड से जुड़े प्रोडक्ट्स लॉन्च किए हैं।

5 जुलाई को सबसे ज्यादा चढ़ने और गिरने वाले शेयर 

5 अगस्त को सेंसेक्स 0.20 फीसदी चढ़कर 78,602 पर चल रहा था। निफ्टी 0.16 फीसदी गिरकर 24,574 पर चल रहा था। Bosch, DLF, Hindustan Zinc, Ambuja Cements चढ़ने वाले शेयर थे। इनमें 5 फीसदी तक की तेजी दिखी। जायडस, अपोलो हॉस्पिटल्स और टीसीएस के शेयरों में गिरावट दिखी।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।