Nifty 4-5 महीने में 26000-26500 पर होगा, एक्सपर्ट ने किया बड़ा दावा

आप क्या शेयरों से निवेश निकालने या सिप बंद करने के बारे में सोच रहे हैं? यह गलती आपको जोरदार मुनाफा कमाने से रोक सकती है। ब्रोकरेज फर्म मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने निफ्टी के लिए 26,000-26,500 का टारगेट दिया है। उसका कहना है कि अगले 4-5 महीनों में निफ्टी नया ऑल-टाइम हाई बना सकता है। 13 अक्टूबर को निफ्टी 1.60 फीसदी चढ़कर 22,721 पर बंद हुआ।

भारत को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलेगा

मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल के सीईओ गौरव भंडारी को उम्मीद है कि वैश्विक आर्थिक स्थितियां जल्द बदलेंगी। इसके बाद बाजार में रिकवरी शुरू होगी। उन्होंने अमेरिका में बॉन्ड यील्ड घटने, डॉलर में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में वापसी की उम्मीद जताई। इससे भारतीय बाजार में तेजी आएगी। ब्रोकरेज फर्म ने निफ्टी के लिए जो टारगेट दिया है, उसका मतलब है कि सूचकांक करीब 17 फीसदी चढ़ सकता है।

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड जल्द घटने की उम्मीद 

भंडारी का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड मौजूदा लेवल पर लंबे समय तक नहीं रह सकती। अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.35 फीसदी तक पहुंच गई है। इस साल यील्ड 110 बेसिस प्वाइंट्स उछली है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी यील्ड में गिरावट आने पर विदेशी निवेश भारतीय बाजार में आएगा। डॉलर के भी कमजोर होने की उम्मीद है। इन दोनों वजहों से विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव आएगा।

भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की शॉर्ट पोजीशन

उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में फ्यूचर्स में काफी शॉर्ट पोजीशन बनाई है। वैश्विक स्थितियां बदलते ही उन्हें शॉर्ट कवरिंग करनी पड़ सकती है। उन्होंने निवेशकों को बाजार से दूरी बनाने की जगह अच्छी क्वालिटी के शेयरों में निवेश की सलाह दी। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अपनी खरीदारी से बाजार को काफी सहारा दिया है। अगर आगे भारतीय बाजार को लेकर विदेशी निवेशकों का रुख बदलता है तो बाजार में बड़ी तेजी दिख सकती है।

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बीते एक साल में निफ्टी करीब 10 फीसदी गिरा है

बीते एक साल में निफ्टी और सेंसेक्स में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। इससे शेयरों में निवेश करने वाले लोग निराश हैं। म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीमों में निवेश करने वाले लोग भी मायूस हैं, क्योंकि उनका पैसा इस दौरान बढ़ने की जगह घटा है। बाजार में रिकवरी आने पर उन निवेशकों को बड़ा फायदा होगा, जिन्होंने गिरावट के बीच भी सिप से अपना निवेश जारी रखा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stock to Buy: इस प्राइवेट बैंक के शेयर में बंपर कमाई का मौका, ब्रोकरेज फर्मों की खरीदने की सलाह

आप किसी ऐसे शेयर की तलाश में है जो बंपर कमाई करा सकता है तो आप कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर पर दांव लगा सकते हैं। कई ब्रोकरेज फर्मों ने इस शेयर में निवेश की सलाह दी है। 7 अक्तूबर को गिरते बाजार में भी इस शेयर में तेजी देखने को मिली। यह 1.88 फीसदी चढ़कर 440 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 21 फीसदी से ज्यादा उछला है।

सीईओ की नियुक्ति के बाद लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता खत्म

विदेशी ब्रोकरेज फर्म एचएसबीसी ने Kotak Mahindra Bank के शेयर को खरीदने की सलाह दी है। उसने इस शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 520 रुपये कर दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर करेंट प्राइस से करीब 20 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सीईओ की नियुक्ति के बाद लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता खत्म हो गई है।

आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने का फायदा बैंक को मिलेगा

HSBC ने कोटक महिंद्रा बैंक के FY27-29 के अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) के अनुमान को भी बढ़ाया है। इसकी वजह बैंक की स्ट्रॉन्ग लोन ग्रोथ और स्टेबल नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) है। आरबीआई ने 7 अक्तूबर को रेपो रेट 5.25 से बढ़ाकर 5.5 फीसदी कर दिया। एचएसबीसी का मानना है कि इसका भी फायदा कोटक महिंद्रा बैंक को मिलेगा।

कई ब्रोकरेज फर्मों की शेयर को खरीदने की सलाह

कई दूसरी ब्रोकरेज फर्मों का नजरिया भी इस शेयर को लेकर पॉजिटिव है। दूसरी तिमाही में प्रदर्शन के अपडेट के बाद गोल्डमैन सैक्स ने इस शेयर को खरीदने की अपनी सलाह बनाए रखी है। उसने शेयर का टारगेट प्राइस भी बढ़ाकर 540 रुपये कर दिया है। सिटी ने भी इस शेयर को खरीदने की अपनी सलाह बनाए रखी है। उसने शेयर के लिए 465 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर करेंट लेवल से करीब 30 फीसदी चढ़ सकता है।

साल दर साल आधार पर बैंक की एडवान्सेज की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग

Citi ने कहा है कि दूसरी तिमाही में भी कोटक महिंद्रा बैंक की बैलेंसशीट में इम्प्रूवमेंट दिखा है। एफसीएनएआर(बी) डिपॉजिट आने से बैंक की मजबूती को सपोर्ट मिला है। साल दर साल आधार पर कोर एडवान्सेज ग्रोथ 21.6 फीसदी रही है, जबकि तिमाही दर तिमाही आधार पर यह 9.5 फीसदी रही है।

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ग्रोथ की अच्छी संभावना को देखते हुए शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव

गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि आगे कोटक महिंद्रा बैंक की अर्निंग्स और मुनाफा कमाने की क्षमता बढ़ेगी। इससे अर्निंग्स ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा, जिससे शेयर की रीरेटिंग भी हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने अर्निंग्स के अपने अनुमान को भी बढ़ाया है। इसकी वजह उम्मीद से ज्यादा डिपॉजिट फ्लो है। इस शेयर में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के 15 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि यह वैल्यूएशन अट्रैक्टिव है।

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Vijay Kedia’s SMILE Theroy: विजय केडिया की स्माइल थ्योरी, खिलखिला उठेगी पोर्टफोलियो

Vijay Kedia’s SMILE Theroy: दिग्गज निवेशक विजय केडिया स्टॉक मार्केट की दुनिया में जाना-माना नाम हैं और उनके कही बात रिटेल इंवेस्टर्स के लिए गोल्डेन टिप्स की तरह है। समय-समय पर खुदरा निवेशकों को खास टिप्स देते रहते हैं और ऐसी ही उनकी एक स्माइल थ्योरी है, जिससे आम लोगों को किस स्टॉक में पैसे लगाएं, इससे चुनने में काफी मदद मिल सकती है। स्माइल थ्योरी के जरिए स्टॉक्स को मल्टीबैगर बनने से पहले पकड़ा जा सकता है, जिससे पोर्टफोलियो भी खिलखिला उठेंगे।

क्या है Vijay Kedia की SMILE थ्योरी

S: स्मॉल इन साइज यानी कि ऐसी कंपनियों में निवेश, जोकि अभी छोटी हो यानी स्मॉल-कैप या माइक्रो-कैप।

M: मीडियम इन एक्सपीरिएंस यानी कि मैनेजमेंट के पास अच्छा-खास अनुभव होना चाहिए।

I: इंक्रीजिंग अर्निंग्स/लॉर्ज इन एस्पिरेशन यानी कि सपने बड़े होने चाहिए, तभी तो कंपनी आगे बढ़ेगी और इसकी कमाई बढ़ती रहनी चाहिए।

L: लो डेट यानी कि कंपनी पर कर्ज का भारी-भरकम बोझ नहीं होना चाहिए।

E: एक्स्ट्रा-लॉर्ज मार्केट पोटेंशियल यानी कि कंपनी जिस सेगमेंट या कैटेगरी में है, वह काफी बड़ा होना चाहिए, तभी तो कंपनी को आगे बढ़ने का स्कोप मिलेगा।

एक उदाहरण से समझें

मान लीजिए कोई कंपनी आज ₹500 करोड़ की है मतलब कि S।

उसके मैनेजमेंट के पास 10-15 साल का अनुभव है यानी कि M।

प्रमोटर कंपनी का आक्रामक तरीके से विस्तार कर रहा है और कंपनी की कमाई भी बढ़ रही है यानी कि I।

कंपनी का कर्ज भी कंट्रोल में है यानी कि L।

कंपनी जिस सेक्टर में है, उसका पोटेंशियल ₹50 हजार करोड़ है यानी कि ₹500 करोड़ की कंपनी के सामने ₹50 हजार करोड़ का मार्केट है यानी कि E।

क्या है Vijay Kedia के पोर्टफोलियो में

विजय केडिया ने स्टॉक मार्केट में 19 साल की उम्र से निवेश शुरू किया था। वह निवेशकों को लंबे समय तक के लिए निवेश की सलाह देते हैं और अपने पोर्टफोलियो इंवेस्टमेंट के लिए स्माइल थ्योरी पर निर्भर रहते हैं। उनके पोर्टफोलियो की बात करें तो कंपनी की लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग के हिसाब से उनके पास ₹1,319.2 करोड़ के 23 स्टॉक्स हैं, जिनमें अतुल ऑटो, महिंद्रा रिजॉर्ट्स, सियाराम सिल्क मिल्स, सुदर्शन केमिकल, वैभव ग्लोबल, तेजस नेटवर्क्स और यथार्थ हॉस्पिटल हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सरकार की इस कंपनी के शेयर में आ सकती है तूफानी तेजी, जेफरीज ने दी निवेश की सलाह

कोल इंडिया के शेयरों में 25 सितंबर को हल्की तेजी दिखी। इसकी वजह विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की एक रिपोर्ट है। उसने कोल इंडिया के शेयर पर ‘बाय’ की रेटिंग बनाए रखी है। इससे कोल इंडिया का शेयर 0.81 फीसदी चढ़कर 425.40 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शेयर बाजारों में भी रिकवरी देखने को मिली।

जेफरीज ने दिया 500 रुपये का टारगेट प्राइस

जेफरीज ने कोल इंडिया के शेयरों के लिए 500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने रिपोर्ट में इसकी वजह बताई है। उसने कहा है कि पावर प्लांट्स में कोयले का स्टॉक घटकर सिर्फ 7 दिनों के लिए रह गया है। 10 साल का यह औसत 15 दिन का है। इसकी वजह पावर की बढ़ती मांग है। FY26 में पावर डिमांड की ग्रोथ 1 फीसदी थी, जो इस साल अप्रैल से अगस्त के दौरान बढ़कर 9 फीसदी पहुंच गई।

दुनिया में कोयले की बढ़ती कीमतों का मिलेगा फायदा

ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि FY26-29 के दौरान कोल इंडिया के डिस्पैच की CAGR 5 फीसदी रह सकता है। उसने यह भी कहा है कि दुनिया में कोयले की ऊंची कीमतों से कोल इंडिया के ई-ऑक्शन प्राइसेज को सपोर्ट मिलेगा। यह 2027-2029 के बीच 3,000 से 3,200 रुपये के बीच रह सकता है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा है कि कोल इंडिया की अर्निंग्र प्रति शेयर (EPS) 2024-2026 के दौरान 12 फीसदी तक घटी है। लेकिन, 2026-2029 के बीच इसमें 6 CAGR का इम्प्रूवमेंट दिख सकता है।

कोल इंडिया की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव

ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि कोल इंडिया की वैल्यएशन अट्रैक्टिव है। इसमें एक साल के फॉरवर्ड एडजस्टेड प्राइस-टू-अर्निंग्स के 9 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। इसकी डिविडेंड यील्ड 7 फीसदी है। कंपनी जुलाई में पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था। इसका नेट प्रॉफिट इस दौरान साल दर साल आधार पर 0.63 फीसदी बढ़कर 8,852 रुपये पर पहुंच गया।

जून तिमाही में मिलाजुला प्रदर्शन

जून तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर 7.8 फीसदी रही। हालांकि, EBITDA 4.1 फीसदी घटा। कंपनी ने FY27 के लिए प्रति शेयर 5.5 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। कोल इंडिया के शेयर को कवर करने वाले कुल 26 एनालिस्ट्स में से 16 की इस शेयर पर बाय यानी खरीदने की रेटिंग है। पांच ने इसे होल्ड करने और इतने ही एनालिस्ट्स ने इसे बेचने की सलाह दी है।

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कमजोर बाजार में अच्छा प्रदर्शन

बीते एक साल में कोल इंडिया का शेयर 9.32 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान सेंसेक्स 8.12 फीसदी गिरा है, जबकि निफ्टी में 6.14 फीसदी की गिरावट आई है। इसका मतलब है कि कमजोर बाजार में भी कोल इंडिया के शेयरों ने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न दिया है। यह सरकार की कंपनी है, जिसका कोयले के उत्पादन में दबदबा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Zerodha के फाउंडर नितिन कामत ने आईपीओ से पहले एनएसई की जमकर की तारीफ, जानिए उन्होंने क्या कहा

एनएसई का आईपीओ खुलने से पहले जीरोधा के फाउंडर और सीईओ नितिन कामत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने इसमें बताया है कि जीरोधा के शुरुआती दिनों में किस तरह एनएसई ने ब्रोकरेज फर्म की मदद की थी। यहां तक कि एक्सचेंज ने मेंबरशिप फीस तक माफ कर दी थी।

NSE के अधिकारियों ने दिया पूरा सहयोग

Nithin Kamath ने X पर अपने पोस्ट में कहा है कि जीरोधा के ब्रोकरेज फर्म बनने के फैसले की एक वजह एनएसई था। उन्होंने बताया है कि एनएसई के पास तब एक फ्री ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म होता था, जिसे ब्रोकर्स अपने क्लाइंट्स को ऑफर कर सकते थे। उन्होंने एनएसई के अधिकारियों की भी तारीफ की है। उन्होंने बताया है कि जब उन्होंने मेंबरशिप के लिए एक्सचेंज के अधिकारियों से बातचीत की, तब उनका व्यवहार काफी दोस्ताना था।

NSE ने मेंबरशिप फीस तक माफ कर दी

जीरोधा के फाउंडर ने कहा कि यह जानने के बाद कि नई ब्रोकरेज फर्म के पास ज्यादा पैसे नहीं हैं, एनएसई के अधिकारियों ने मेंबरशिप फीस तक माफ कर दी। यह फीस 5 लाख रुपये थी। उन्होंने कहा है कि यह मदद के कई मामलों में से सिर्फ एक है। दरअसल, एनएसई की तरफ से हर समय जीरोधा को मदद मिली।

तारीफ का मतल IPO में निवेश की सलाह नहीं है

कामत ने यह स्पष्ट किया है कि उनके इस पोस्ट का मकसद एनएसई के आईपीओ को सब्सक्राइब करने की सलाह नहीं है। लेकिन, उन्हें उम्मीद है कि यह इश्यू सफल रहेगा। उन्होंने यहां तक कहा है कि आज अगर जीरोधा है तो इसकी एकमात्र वजह एनएसई है। उन्होंने कहा है कि यह अकेली कंपनी है, जिसके लिए उनके मन में कृतज्ञता का भाव है।

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देश का मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर कई पश्चिमी देशों से बेहतर

उन्होंने देश में मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह सभवत: कई पश्चिमी देशों से आगे है। भारत में स्टॉक एक्सचेंज पहले लेवल के रेगुलेटर्स हैं। भारत में एक्सचेंज कई ऐसी जिम्मेदारियां संभालते हैं, जिसे दूसरे बाजारों में ब्रोकर्स संभालते हैं। उन्होंने कहा, “मैं कई बार यह सोचता हूं कि अगर ऐसा नहीं होता तो हमारे जैसे ब्रोकर्स का क्या हाल होता।”

रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 फीसदी शेयर रिजर्व

NSE का आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। एक्सचेंज ने प्रत्येक 1 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर के लिए 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट 8 शेयरों का होगा। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर यह आईपीओ 22,561.57 करोड़ रुपये का होगा। यह इंडिया का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ बनेगा। एक्सचेंज ने रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 फीसदी शेयर रिजर्व रखे हैं।

Stock to Buy: यह स्टॉक इस साल 227 फीसदी भागा है, जेफरीज ने दी खरीदने की सलाह

Stock to Buy: अगर आप किसी ऐसे शेयर की तलाश में है जिसमें कम समय में जोरदार रिटर्न देने की क्षमता हो तो आप वेलस्पन कॉर्प के बारे में सोच सकते हैं। 3 सितंबर को बाजार खुलते ही इस शेयर में उछाल देखने को मिला। यह स्टॉक ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया।

जेफरीज ने दी खरीदने की सलाह

विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने वेलस्पन के शेयर को कवर करना शुरू किया है। उसने इस पर ‘buy’ रेटिंग यानी इसे खरीदने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 3,250 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि 2 सितंबर के 2,524 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से यह शेयर करीब 29 फीसदी चढ़ सकता है।

हर मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका और मिडिल ईस्ट में ऑयल एंड गैस इंफ्रास्ट्रक्चर में स्पेंडिंग कई साल के अपसाइकिल में है। वेलस्पन इसका फायदा उठाने की स्थिति में है, क्योंकि दोनों ही क्षेत्रों में कंपनी मैन्युफैक्चरिंग में मौजूद है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि FY26-FY29 के बीच कंपनी का वॉल्यूम सीएजीआर 17 फीसदी, EBITDA सीएजीआरऔर और ईपीएस सीएजीआर 32-33 फीसदी रहेगा।

अमेरिका और सऊदी अरब में कपैसिटी में 50% इजाफा

वेलस्पन कॉर्प अमेरिका और सऊदी अरब में अपनी कपैसिटी 50 फीसदी बढ़ा रही है। इससे कंपनी की अर्निंग्स ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा कंपनी के कुल रेवेन्यू में ज्यादा मार्जिन वाले विदेशी बिजनेस की हिस्सेदारी बढ़ रही है। कंपनी की ऑर्डरबुक 42,100 करोड़ रुपये की है, जो इसके FY26 के रेवेन्यू का करीब 2.5 गुना है।

रिटर्न ऑन इक्विटी भी बढ़ने की उम्मीद

कंपनी का नेट कैश पोजीशन FY26 के अंत में 1,400 करोड़ रुपये था, जिसके बढ़कर FY29 तक 3,900 करोड़ रुपये पहुंच जाने की उम्मीद है। जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि FY24-26 के दौरान कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 21 फीसदी रहा। FY27-29 के दौरान इसके बढ़कर 22-23 फीसदी पहुंच जाने की उम्मीद है।

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इस साल 227 फीसदी चढ़ा है शेयर 

Welspun Corp का शेयर 3 सितंबर को 11:15 बजे 3.69 फीसदी चढ़कर 2,617 रुपये पर चल रहा था। इस शेयर में इस साल जबर्दस्त तेजी देखने को मिली है। 2026 में यह शेयर अब तक 227 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस दौरान शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों का रिटर्न निगेटिव रहा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

7 साल में ₹5 लाख से बनाया ₹1.30 करोड़ का पोर्टफोलियो! ट्रेडर की इस एक सीक्रेट ट्रिक ने बदली किस्मत, जानिए पूरा फॉर्मूला

Share Market Success Story: शेयर बाजार और ट्रेडिंग को लोग अक्सर रातों-रात अमीर बनने की ‘जैकपॉट मशीन’ समझते हैं। लेकिन बिना सोचे-समझे लगाया गया दांव आपको अमीर बनाने के बजाय कंगाल भी कर सकता है! इसी धारणा को पूरी तरह से झुठलाते हुए एक ट्रेडर ने साबित कर दिया कि बाजार में असली पैसा तुक्के से नहीं, बल्कि अनुशासन और सही सिस्टम से बनता है।

महज ₹5 लाख की शुरुआती पूंजी से सफर शुरू करने वाले इस ट्रेडर ने 7 सालों के उतार-चढ़ाव, भारी घाटे और अपनी गलतियों से सीखते हुए ₹1.30 करोड़ का विशाल पोर्टफोलियो खड़ा कर दिया। आइए आपको बताते हैं बिना किसी शॉर्टकट के शेयर बाजार में मिली इस शानदार कामयाबी की पूरी इनसाइड स्टोरी।

₹5 लाख से शुरुआत और ‘स्टॉक टिप्स’ की शुरुआती नाकामी

ट्रेडर ने अपने बाजार के सफर की शुरुआत साल 2018-19 में करीब ₹5 लाख के साथ की थी। नए निवेशकों की तरह वे भी शुरुआत में लोगों के दिए ‘स्टॉक टिप्स’ पर आंख मूंदकर भरोसा करते थे और मार्केट खुलते ही शेयर्स में शॉर्टिंग करते थे। हालांकि इस रणनीति से कुछ पैसे जरूर बने, लेकिन ब्रोकरेज और टैक्स चुकाने के बाद हाथ में कुछ खास नहीं बचा।

ऑप्शन बाइंग से सेलिंग का सफर और ₹10 लाख के कर्ज का झटका

शुरुआती दौर के बाद उन्होंने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में कदम रखा और ऑप्शन बाइंग शुरू की। यूट्यूब पर वित्तीय एक्सपर्ट्स का वीडियो देखने के बाद उनके सोचने का तरीका बदला और वे ‘ऑप्शन बायर’ से ‘ऑप्शन सेलर’ बनने की तरफ बढ़े।

ऑप्शन सेलिंग के लिए ज्यादा पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने अपने दोस्त से ₹10 लाख उधार लिए। दुर्भाग्य से यह रणनीति पूरी तरह से फेल हो गई और उन्हें भारी नुकसान हुआ। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, दोस्त का पूरा कर्ज चुकाया और अपनी गलतियों से सीख लेकर नए सिरे से पढ़ाई शुरू की।

‘StockMock’ पर बैकटेस्टिंग ने बदली पूरी किस्मत

उनकी ट्रेडिंग जर्नी में असली टर्निंग प्वाइंट तब आया जब उन्होंने StockMock प्लेटफॉर्म पर अपने ट्रेडिंग सिस्टम की नियमबद्ध बैकटेस्टिंग शुरू की। उन्होंने ‘टाइम-बेस्ड शॉर्ट स्ट्रैडल्स’ का टेस्टिंग किया और बिना किसी इमोशन में बहे कड़े अनुशासन से नियमों का पालन किया:

    • 2020 का रिटर्न: 86% का बंपर मुनाफा।
    • 2021 का रिटर्न: 83% का शानदार रिटर्न हासिल किया।
    • उन्होंने जेरोधा का 60-डे चैलेंज लगातार 17 विन के साथ अपने नाम किया।

‘सफल ट्रेडिंग रोमांचक नहीं, बल्कि बोरिंग होती है’

ओवरट्रेडिंग और लालच से बचने के लिए उन्होंने किताबें पढ़ना शुरू किया। जोएल ग्रीनब्लाट की मशहूर किताब ‘The Little Book That Beats the Market’ से प्रेरणा लेकर उन्होंने सिस्टमैटिक इन्वेस्टिंग का तरीका समझा।

आज वे F&O से मिलने वाले मुनाफे को इक्विटी में अपने बनाए सिस्टमैटिक फ्रेमवर्क के जरिए लंबे समय के लिए इन्वेस्ट करते हैं। पिछले 7 सालों में उनका वास्तविक CAGR लगभग 48% रहा है। उनका सबसे बड़ा गुरुमंत्र है, ‘मैंने सब कुछ किताबों, यूट्यूब, वेबिनार और आर्टिकल्स से सीखा है, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।’

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़

X पर उनकी यह कहानी सामने आते ही लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आने लगीं। एक यूजर ने लिखा, ‘₹10 लाख के कर्ज में फेल होने के बाद आम तौर पर लोग ट्रेडिंग छोड़ देते हैं, लेकिन इन्होंने कर्ज चुकाया और सीखते रहे। यही असली कहानी है।’ दूसरे यूजर ने कहा, ‘ऑप्शन बाइंग के जाल से निकलकर सिस्टमैटिक ऑप्शन सेलिंग और बैकटेस्टिंग अपनाना ही सबसे समझदारी भरा कदम था।’

नए निवेशकों के लिए क्या है सीख?

ट्रेडर का यह सफर यह साबित करता है कि शेयर बाजार में टिके रहने के लिए ‘टिप्स’ नहीं, बल्कि ‘सिस्टम और अनुशासन’ काम आता है। अगर आप भी बाजार में लंबे समय के लिए टिकना चाहते हैं, तो बिना सीखे दांव लगाने के बजाय बैकटेस्टिंग, रिस्क मैनेजमेंट और सब्र को अपनी ताकत बनाएं।

Disclaimer: मनीकंट्रोल ने संबंधित व्यक्ति द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। यह जानकारी पूरी तरह से  X पर उनके बयानों/पोस्ट पर आधारित है और केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है, इसे निवेश की सलाह न माना जाए।

एक कंपनी के शेयर में 75 लाख का निवेश अब घटकर 30 लाख रह गया, कही आप भी यह गलती तो नहीं कर रहे?

क्या आप दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर शेयरों में निवेश करते हैं? अगर हां तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। एक रेडिट यूजर ने बताया है कि उसके पिता ने एक ही कंपनी के शेयर में करीब 75 लाख रुपये निवेश किए थे। आज इस निवेश की वैल्यू घटकर करीब 30 लाख रुपये रह गई है। यह सीधे 45 लाख रुपये का लॉस है। आखिर गलती कहां हुई?

रिश्तेदार की सलाह पर शेयर में निवेश

Reddit यूजर ने पूरे मामले के बारे में बताते हुए यूजर्स से सलाह मांगी है। उसने पूछा है कि अब क्या करना चाहिए। आइए पहले समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है। यूजर ने बताया है कि 2023 में उनके पिता ने शेयरों में निवेश करना शुरू किया। उन्होंने अपने एक रिश्तेदार की सलाह पर एक ही कंपनी के शेयरों में निवेश करना शुरू किया। उनके पास जब भी पैसे होते वह उस कंपनी के नए खरीद लेते थे।

जिंदगीभर की कमाई एक शेयर में लगाई

यूजर ने बताया है कि उसके पिता ने एक तरह से अपनी जिंदगी भर की कमाई एक शेयर में लगा दी। अब परिवार के लिए इस नुकसान को बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा है। यूजर ने रेडिट पर पूछा है कि इस लॉस से बाहर निकलने का क्या रास्ता हो सकता है? कई यूजर ने अपने-अपने तरीके से उसे सलाह दी है। कई यूजर्स ने शेयरों से एग्जिट करने की सलाह दी है।

कई यूजर्स ने दी लॉस बुक करने की सलाह 

कुछ यूजर्स ने कहा है कि शेयर से एग्जिट करने के बाद अगर 30 लाख का निवेश अच्छे शेयरों में किया जाता है तो आगे अच्छा रिटर्न मिल सकता है। इससे लॉस की भी काफी हद तक भरपाई हो सकती है। कुछ यूजर्स ने अफसोस जताया है। एक यूजर ने लिखा है, “अगर आप गलत ट्रेन में चढ़ जाते हैं तो सफर जारी रखने की जगह अगले स्टेशन पर उतर जाना सही होगा।”

दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश में रिस्क

इस पूरे मामले से कई बाते सीखने को मिलती हैं। पहला, किसी ऐसे दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश करना ठीक नहीं, जिसके पास निवेश की सलाह देने की योग्यता नहीं हो। दूसरा, किसी एक शेयर में लगातार निवेश करना बहुत रिस्की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर निवेशक को निवेश में डायवर्सिफिकेशन का ध्यान रखना चाहिए।

निवेश में डायवर्सिफिकेशन है बहुत जरूरी 

डायवर्सिफिकेशन का मतलब पैसे का निवेश किसी एक एसेट या एक शेयर में निवेश करने की जगह अलग-अलग एसेट या अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में निवेश करना है। इसका फायदा यह है कि किसी एक कंपनी के शेयर में गिरावट आने पर भी आपके पोर्टफोलियो पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है। मान लीजिए आपके पोर्टफोलियो में कुल 10 कंपनियों के शेयर हैं। ऐसे में अगर 2-3 कंपनी के शेयर गिरते भी हैं तो बाकी 8-7 कंपनियों के शेयरों में आई तेजी से आपका पोर्टफोलियो नुकसान में जाने से बच जाता है।

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सिर्फ इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह से ले निवेश के फैसले

कई लोग शेयरों में निवेश से फटाफट मुनाफा कमाने के लिए दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश करना शुरू कर देते हैं। इसमें काफी रिस्क है। अगर सलाह देने वाले व्यक्ति के पास शेयर या निवेश की दुनिया की अच्छी समझ नहीं है तो उसकी सलाह पर अमल करना बड़े नुकसान का सबब हो सकता है।

BSE Share Price: जल्द रॉकेट बन सकते हैं बीएसई के शेयर, 11 एनालिस्ट्स ने दी निवेश की सलाह

BSE Share Price: अगर आप मोटी कमाई वाले शेयरों की तलाश में हैं तो आप बीएसई के शेयर पर दांव लगाने के बारे में सोच सकते हैं। इसकी वजह यह है कि जून तिमाही के नतीजों के बाद इस शेयर को कवर करने वाले 18 एनालिस्ट्स में से किसी ने इस शेयर को ‘बेचने’ की सलाह नहीं दी है। इस साल यह शेयर 33 फीसदी चढ़ा है।

5,250 रुपये तक जा सकता है शेयर का प्राइस

11 एनालिस्ट्स ने BSE के शेयरों को खरीदने (Buy) की सलाह दी है। 7 एनालिस्ट्स ने शेयर को अपने पोर्टफोलियो में बनाए रखने (Hold) की सलाह दी है। ईस्ट इंडिया सिक्योरिटीज ने बीएसई के शेयर के लिए सबसे ज्यादा 5,250 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसके बाद ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने इस शेयर के लिए 4,850 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

शेयर ने 5 साल में निवेशकों का पैसा 26 गुना किया

बीएसई के शेयर का प्राइस 5 अगस्त को 12 बजे 3.40 फीसदी गिरकर 3,494 रुपये पर चल रहा था। यह एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। बीते पांच सालों में यह शेयर 2,487.97 फीसदी चढ़ा है। इसका मतलब है कि इस दौरान इस शेयर ने निवेशकों का पैसा करीब 26 गुना कर दिया है। बीएसई का मुकाबला NSE से है। ये दोनों देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज हैं। NSE अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। इस साल इसका आईपीओ आने वाला है। जून तिमाही में बीएसई का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 63 फीसदी बढ़ा।

जेफरीज ने शेयर में निवेश बनाए रखने की सलाह दी

जेपी मॉर्गन ने बीएसई के शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 4,090 रुपये का टारेगट प्राइस दिया है। जेफरीज ने निवेशकों को बीएसई के शेयरों में निवेश बनाए रखने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 3,520 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। हालांकि, जेफरीज ने कहा है कि दूसरी तिमाही में बीएसई का एवरेज डेली टर्नओवर में कमी आ सकती है।

FY27 की अनुमानित ईपीएस के 48 गुना पर हो रही ट्रेडिंग

BSE के शेयर में वित्त वर्ष 2027 की अनुमानित प्रति शेयर अर्निंग्स के 48 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यूबीएस ने भी बीएसई के शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है। उसने शेयर के लिए 4,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। बीएसई का फोकस नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने पर है। हाल में एक्सचेंज ने फोकस्ड आईटी डेरिवेटिव्स, एडिशनल इंडेक्स-बेस्ड डेरिवेटिव्स, कॉर्पोरेट बॉन्ड से जुड़े प्रोडक्ट्स लॉन्च किए हैं।

5 जुलाई को सबसे ज्यादा चढ़ने और गिरने वाले शेयर 

5 अगस्त को सेंसेक्स 0.20 फीसदी चढ़कर 78,602 पर चल रहा था। निफ्टी 0.16 फीसदी गिरकर 24,574 पर चल रहा था। Bosch, DLF, Hindustan Zinc, Ambuja Cements चढ़ने वाले शेयर थे। इनमें 5 फीसदी तक की तेजी दिखी। जायडस, अपोलो हॉस्पिटल्स और टीसीएस के शेयरों में गिरावट दिखी।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Manipal Health IPO: पैसों का कर लें इंतजाम! कल से खुल रहा है मणिपाल हेल्थ का मेगा इश्यू , जानें ब्रोकरेज की राय

Manipal Health Enterprises IPO: देश की प्रमुख अस्पताल चेन मणिपाल हॉस्पिटल्स का संचालन करने वाली कंपनी मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का आईपीओ कल यानी 29 जुलाई से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। अगर आप भी इस IPO में दांव लगाने की योजना बना रहे हैं, तो निवेश करने से पहले इसका प्राइस बैंड, जीएमपी, लॉट साइज और ब्रोकरेज रिपोर्ट जान लें।

Manipal Health IPO: प्राइस बैंड और इश्यू साइज

  • प्राइस बैंड: ₹560 से ₹590 प्रति शेयर।
  • ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 29-31 जुलाई
  • अलाटमेंट: 3 अगस्त
  • लिस्टिंग: 5 अगस्त
  • न्यूनतम निवेश: रिटेल निवेशक कम से कम 1 लॉट (25 शेयर) के लिए बोली लगा सकते हैं। अपर प्राइस बैंड (₹590) के हिसाब से 1 लॉट के लिए ₹14,750 का निवेश करना होगा।
  • इश्यू साइज: ₹9,275 करोड़ (₹8,000 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹1,275 करोड़ का ऑफर फॉर सेल)

कंपनी प्रोफाइल और फंड का इस्तेमाल

मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज बेड क्षमता के आधार पर भारत का सबसे बड़ा पैन-इंडिया मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल नेटवर्क है। मार्च 2026 तक कंपनी 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 49 अस्पतालों और 13,037 लाइसेंस प्राप्त बेड्स का संचालन करती है।

कंपनी आईपीओ से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल अपनी सहायक कंपनी मणिपाल हॉस्पिटल्स प्राइवेट लिमिटेड के बकाए कर्ज को चुकाने, सह्याद्री हॉस्पिटल्स में माइनॉरिटी हिस्सेदारी खरीदने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत

FY26 में कंपनी की कुल आय 26% बढ़कर ₹10,520.52 करोड़ हो गई, जो FY25 में ₹8,362.79 करोड़ थी। EBITDA भी बढ़कर ₹2,795.94 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹2,247.07 करोड़ था। हालांकि, कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) घटकर ₹916.52 करोड़ रह गया, जो FY25 में ₹1,081.67 करोड़ था।

ब्रोकरेज की राय: Subscribe करें या नहीं?

ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी के मुताबिक, अपर प्राइस बैंड ₹590 पर कंपनी का वैल्यूएशन FY26 की कमाई के आधार पर 85.4x PE पर है और इश्यू के बाद मार्केट कैप ₹77,605.6 करोड़ बैठता है। ब्रोकरेज का मानना है कि आईपीओ का वैल्यूएशन पूरी तरह से प्राइज्ड-इन है। ब्रोकरेज ने इस आईपीओ को ‘Subscribe – Long Term’ यानी लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब की रेटिंग दी है।

ग्रे मार्केट में क्या है रुझान?

आईपीओ मार्केट ट्रैकर्स के मुताबिक, 28 जुलाई 2026 को मणिपाल हेल्थ का जीएमपी ₹13.5 दर्ज किया गया है। ₹590 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर की लिस्टिंग ₹603.5 के आसपास हो सकती है। यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम फिलहाल लगभग 2.29% के मामूली लिस्टिंग गेन का इशारा कर रहा है।

डिक्लेमर: मनीकंट्रोल हिंदी पर दिए गए विचार और निवेश की सलाह एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्म्स के अपने निजी होते हैं। शेयर बाजार या आईपीओ में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद लें।