एक कंपनी के शेयर में 75 लाख का निवेश अब घटकर 30 लाख रह गया, कही आप भी यह गलती तो नहीं कर रहे?

क्या आप दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर शेयरों में निवेश करते हैं? अगर हां तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। एक रेडिट यूजर ने बताया है कि उसके पिता ने एक ही कंपनी के शेयर में करीब 75 लाख रुपये निवेश किए थे। आज इस निवेश की वैल्यू घटकर करीब 30 लाख रुपये रह गई है। यह सीधे 45 लाख रुपये का लॉस है। आखिर गलती कहां हुई?

रिश्तेदार की सलाह पर शेयर में निवेश

Reddit यूजर ने पूरे मामले के बारे में बताते हुए यूजर्स से सलाह मांगी है। उसने पूछा है कि अब क्या करना चाहिए। आइए पहले समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है। यूजर ने बताया है कि 2023 में उनके पिता ने शेयरों में निवेश करना शुरू किया। उन्होंने अपने एक रिश्तेदार की सलाह पर एक ही कंपनी के शेयरों में निवेश करना शुरू किया। उनके पास जब भी पैसे होते वह उस कंपनी के नए खरीद लेते थे।

जिंदगीभर की कमाई एक शेयर में लगाई

यूजर ने बताया है कि उसके पिता ने एक तरह से अपनी जिंदगी भर की कमाई एक शेयर में लगा दी। अब परिवार के लिए इस नुकसान को बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा है। यूजर ने रेडिट पर पूछा है कि इस लॉस से बाहर निकलने का क्या रास्ता हो सकता है? कई यूजर ने अपने-अपने तरीके से उसे सलाह दी है। कई यूजर्स ने शेयरों से एग्जिट करने की सलाह दी है।

कई यूजर्स ने दी लॉस बुक करने की सलाह 

कुछ यूजर्स ने कहा है कि शेयर से एग्जिट करने के बाद अगर 30 लाख का निवेश अच्छे शेयरों में किया जाता है तो आगे अच्छा रिटर्न मिल सकता है। इससे लॉस की भी काफी हद तक भरपाई हो सकती है। कुछ यूजर्स ने अफसोस जताया है। एक यूजर ने लिखा है, “अगर आप गलत ट्रेन में चढ़ जाते हैं तो सफर जारी रखने की जगह अगले स्टेशन पर उतर जाना सही होगा।”

दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश में रिस्क

इस पूरे मामले से कई बाते सीखने को मिलती हैं। पहला, किसी ऐसे दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश करना ठीक नहीं, जिसके पास निवेश की सलाह देने की योग्यता नहीं हो। दूसरा, किसी एक शेयर में लगातार निवेश करना बहुत रिस्की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर निवेशक को निवेश में डायवर्सिफिकेशन का ध्यान रखना चाहिए।

निवेश में डायवर्सिफिकेशन है बहुत जरूरी 

डायवर्सिफिकेशन का मतलब पैसे का निवेश किसी एक एसेट या एक शेयर में निवेश करने की जगह अलग-अलग एसेट या अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में निवेश करना है। इसका फायदा यह है कि किसी एक कंपनी के शेयर में गिरावट आने पर भी आपके पोर्टफोलियो पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है। मान लीजिए आपके पोर्टफोलियो में कुल 10 कंपनियों के शेयर हैं। ऐसे में अगर 2-3 कंपनी के शेयर गिरते भी हैं तो बाकी 8-7 कंपनियों के शेयरों में आई तेजी से आपका पोर्टफोलियो नुकसान में जाने से बच जाता है।

यह भी पढ़ें: Navin Fluorine share Price: प्रॉफिट में 107% उछाल से शेयरों को लगे पंख, 7 महीने में 43% भागा स्टॉक

सिर्फ इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह से ले निवेश के फैसले

कई लोग शेयरों में निवेश से फटाफट मुनाफा कमाने के लिए दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश करना शुरू कर देते हैं। इसमें काफी रिस्क है। अगर सलाह देने वाले व्यक्ति के पास शेयर या निवेश की दुनिया की अच्छी समझ नहीं है तो उसकी सलाह पर अमल करना बड़े नुकसान का सबब हो सकता है।

‘मैं बहुत स्ट्रगल कर रहा हूं…’, आर्ट साइट से पढ़कर आए IIM के छात्र के लिए एडवांस स्टैटिक्स और मैथ बनी चुनौती

मैनेजमेंट की पढ़ाई करने के इच्छुक कई लोगों के लिए, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) में एडमिशन मिलना सालों की कड़ी मेहनत का नतीजा होता है। लेकिन एक स्टूडेंट के लिए, क्लासरूम के अंदर की असलियत उम्मीद से कहीं ज़्यादा मुश्किल साबित हुई है।

MBAIndia सबरेडिट पर शेयर की गई एक पोस्ट में, स्टूडेंट ने बताया कि वह अपने IIM प्रोग्राम को छोड़ने के बारे में गंभीरता से सोच रहा है क्योंकि उसे कोर्स के क्वांटिटेटिव (गणित-आधारित) हिस्सों को समझने में मुश्किल हो रही है।

स्टूडेंट ने बताया कि उसका बैकग्राउंड आर्ट्स का है और उसे गणित या स्टैटिस्टिक्स (सांख्यिकी) में कभी भी आसानी महसूस नहीं हुई। उसके अनुसार, क्लास में पढ़ाए जाने वाले एडवांस्ड स्टैटिस्टिक्स कॉन्सेप्ट्स को समझना बहुत मुश्किल हो गया है, और कई दूसरे सब्जेक्ट्स भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहे हैं।

“मेरा बैकग्राउंड आर्ट्स का है और मैं गणित या स्टैटिस्टिक्स में कभी अच्छा नहीं रहा। वे एडवांस्ड स्टैटिस्टिक्स पढ़ा रहे हैं और मेरे लिए इसे समझना बहुत मुश्किल है। इतना ही नहीं, मुझे दूसरे सब्जेक्ट्स में भी दिक्कत हो रही है और इससे मेरा कॉन्फिडेंस बहुत कम हो रहा है। मेरी एंग्जायटी (चिंता) बढ़ गई है और मुझे लगता है कि मैं कुछ भी समझ या सीख नहीं पा रहा हूँ।”

जैसे-जैसे कोर्सवर्क मुश्किल होता गया, स्टूडेंट ने कहा कि उसे यह सोचने पर मजबूर होना पड़ा कि क्या उसे यह प्रोग्राम जारी रखना चाहिए या नहीं। उसने बताया कि वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) में ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में मास्टर्स के लिए अप्लाई करने पर विचार कर रहा है। उसका मानना ​​है कि यह उसके लिए बेहतर रहेगा क्योंकि इसमें क्वांटिटेटिव सब्जेक्ट्स पर कम ज़ोर दिया जाता है और यह HR में उसके लंबे समय के करियर लक्ष्यों के ज़्यादा करीब है।

I am struggling at IIM academically

by

u/anon_230105 in

MBAIndia

“मैं यहां से जाने और शायद TISS में HRM में MA के लिए फिर से कोशिश करने के बारे में सोच रहा हूं। वहां क्वांट्स (मैथ्स) कम है और मैं HRM में जाना चाहता हूं। लेकिन सच कहूं तो मैं यहां जारी नहीं रखना चाहता। मुझे सच में बहुत मुश्किल हो रही है और सच कहूं तो मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं।”

हालांकि उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता उनके किसी भी फैसले का समर्थन करेंगे, लेकिन उन्होंने माना कि उन्हें इस बात की चिंता है कि इतने प्रतिष्ठित संस्थान में एडमिशन लेने के तुरंत बाद इसे छोड़ने पर वे उन्हें निराश करेंगे और रिश्तेदारों व समुदाय के लोगों के सवालों का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि अभी छोड़ने से आर्थिक नुकसान होगा क्योंकि ट्यूशन फीस अब वापस नहीं मिलेगी।

“अगर मैं वापस जाना चाहता हूं तो मेरे माता-पिता मेरा साथ देंगे, लेकिन मैं उन्हें निराश नहीं करना चाहता और मुझे समुदाय के उन सभी लोगों को भी जवाब देना होगा कि मैंने इसे क्यों छोड़ा जबकि मैंने अभी-अभी ज्वाइन किया था। वे सवाल पूछेंगे और इससे मेरे माता-पिता की प्रतिष्ठा पर असर पड़ेगा, लेकिन मैं सच में यहां जारी नहीं रखना चाहता। मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं है। साथ ही, अब कोई रिफंड मिलना भी संभव नहीं है, इसलिए यह आर्थिक नुकसान भी है।”

Reddit यूज़र्स ने उन्हें जल्दबाजी में कोई फैसला न लेने की सलाह दी

इस पोस्ट पर Reddit यूज़र्स की कई प्रतिक्रियाएं आईं, जिनमें से कई ने छात्र को छोड़ने का फैसला करने से पहले खुद को और समय देने के लिए प्रोत्साहित किया। एक कमेंट करने वाले ने, जो खुद नॉन-इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से थे, छात्र को याद दिलाया कि IIMs आमतौर पर छात्रों का मूल्यांकन केवल एब्सोल्यूट मार्क्स के आधार पर करने के बजाय रिलेटिव ग्रेडिंग सिस्टम का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि विषयों का मूल्यांकन कई मूल्यांकन घटकों के माध्यम से किया जाता है, जिससे खराब प्रदर्शन से उबरना आसान हो जाता है।

“IIMs में रिलेटिव ग्रेडिंग होती है और हर विषय में कई घटक होते हैं। यह आपके लिए वरदान है। नॉन-इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से होने और चिंतित महसूस करने वाले व्यक्ति के तौर पर, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह कोई बड़ी बात नहीं है। आप आसानी से मैनेज कर सकते हैं। अभी ड्रॉप आउट न करें।”

एआई के आते ही लगी चपत! ₹2 लाख कमाने वाले कॉपीराइटर की इनकम पहुंची 40 हजार पर

आज के बदलते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करना आम बात हो गई है। AI के बढ़ते इस्तेमाल से काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। वहीं एआई के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से कुछ लोगों को अपनी जॉब से भी निकाला जा रहा है। वहीं इसकी वजह से कई लोगों को अपने करियर को लेकर चिंतित हैं। कुछ लोग AI को नए मौके मानते हैं, जबकि कई लोगों के मुताबिक इससे उनके करियर पर बड़ा असर पड़ा है। वहीं इन दिनों सोशल मीडिया पर एक कॉपीराइटर का एआई की वजह से कम हुई सैलरी को लेकर किया गया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

एक वायरल Reddit पोस्ट में एक कॉपीराइटर ने अपनी नौकरी और कमाई में आए बड़े बदलाव का अनुभव शेयर किया। कॉपीराइटर के मुताबिक, पहले वह हर महीने करीब 2 लाख रुपये कमाते थे, लेकिन अब उनकी आय घटकर लगभग 40 हजार रुपये रह गई है। उन्होंने दावा किया कि AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने उनके काम और करियर पर गहरा असर डाला।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

Reddit पर ये पोस्ट r/IndianWorkplace शेयर की गई थी। इस पोस्ट का टाइटल “2 लाख रुपये महीने से 40 हजार रुपये महीने की सैलरी पर पहुंचना” था। जिंदगी की सबसे बड़ी गिरावट।” पोस्ट में यूजर ने बताया कि फ्रीलांसिंग से शुरुआत करने के बाद उनकी कमाई 2 लाख रुपये महीने तक पहुंच गई थी, लेकिन कुछ ही हफ्तों में उनका करियर पूरी तरह बदल गया। यूजर ने लिखा, “करीब 8 साल पहले मैंने फ्रीलांसिंग शुरू की थी। 18 साल की उम्र में मुझे पहला फुल-टाइम रिमोट कॉन्ट्रैक्ट मिला और 22 साल की उम्र तक मैं घर से काम करते हुए हर महीने 2 लाख रुपये कमा रहा था।”

कम हो गई सैलरी

लेकिन,ये सफलता ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी। यूजर ने बताया कि साल 2026 उनके करियर के लिए सबसे मुश्किल दौर साबित हुआ। उन्होंने लिखा, “2026 मेरे लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा। मेरी सभी नौकरियां और प्रोजेक्ट चले गए और सिर्फ दो हफ्तों के भीतर मेरी छह अंकों की मासिक कमाई घटकर लगभग शून्य हो गई।” यूजर के अनुसार, वर्कप्लेस पर AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने उनके करियर पर सबसे ज्यादा असर डाला। उन्होंने दावा किया कि इसी बदलाव की वजह से उनकी नौकरी भी चली गई।

एआई की वजह से गई नौकरी

पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मैं एक लीड कॉपीराइटर था। मैंने बिल्कुल शुरुआत से अपना करियर बनाया। कॉलेज बीच में छोड़ दिया था और अपनी पूरी जिंदगी अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने में लगा दी। लेकिन फिर AI का दौर आ गया। मेरा मानना है कि मुझे इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि कंपनी ने AI को ट्रेन करने और अपने स्थायी कर्मचारियों को बनाए रखने का फैसला किया।”

2 लाख से 40 हजार हुई सैलरी

इनकम के एक रेगुलर सोर्स के लिए यूजर ने हैदराबाद की एक मार्केटिंग एजेंसी जॉइन की। जो तेलंगाना टूरिज्म के प्रचार से जुड़े काम संभालती है। उन्होंने बताया कि ज्यादा जिम्मेदारियां संभालने के बावजूद उनकी सैलरी पहले की तुलना में काफी कम है। यूजर ने बताया कि नई नौकरी में सबसे बड़ा झटका उन्हें सैलरी को लेकर लगा। उन्होंने लिखा, “मुझे सबसे ज्यादा हैरानी सैलरी देखकर हुई। ऐसा लगता है कि कई कंपनियां यहां लोगों के टैलेंट का पूरा फायदा उठाना चाहती हैं। पहले जिस काम के लिए मुझे 2 लाख रुपये महीने मिलते थे, अब उससे भी बड़ी जिम्मेदारी के लिए सिर्फ 40 हजार रुपये मिल रहे हैं। यह बात मुझे हर दिन परेशान करती है।”

लोगों में नहीं है उत्साह

यूजर ने कहा कि कम सैलरी के साथ-साथ दफ्तर का माहौल भी उन्हें निराश करता है, क्योंकि वहां लोगों में काम के प्रति जुनून और रचनात्मक सोच की कमी है। उन्होंने लिखा, “पैसों की समस्या के अलावा मुझे सबसे ज्यादा इस बात का दुख है कि मेरे आसपास क्रिएटिव माहौल नहीं है। ज्यादातर लोग सिर्फ काम पूरा करने के लिए काम करते हैं। उनमें न उत्साह दिखता है और न ही जुनून। इससे मेरा भी काम करने का मन कम हो जाता है, जबकि मैं अकेले कई लोगों का काम संभाल रहा हूं।”

लोगों ने किया कमेंट

यूजर ने Reddit पर लोगों से सलाह मांगी, जिसके बाद कई यूजर्स ने उनका हौसला बढ़ाया और नई स्किल्स सीखने व बेहतर अवसर तलाशने की सलाह दी। एक यूजर ने लिखा, “हममें से ज्यादातर लोग सुरक्षित रास्ता चुनते हैं और जोखिम लेने से बचते हैं। आपने जोखिम लिया, सही समय पर सफलता भी मिली, लेकिन हर दौर हमेशा एक जैसा नहीं रहता। हर पीढ़ी में बड़े बदलाव आते हैं और इस बार AI ऐसा ही बदलाव लेकर आया है।” वहीं एक और यूजर ने सलाह दी, “अपनी स्किल्स को लगातार बेहतर बनाइए, नए लोगों से जुड़िए और दोबारा फ्रीलांसिंग शुरू कीजिए। इससे आपको बेहतर मौके मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।”

₹2 लाख सैलरी, नो लोन और अच्छी सेविंग्स… फिर भी 26 साल के युवक को क्यों लगता है कि वह गरीब है

पैसा इंसान की कई जरूरतें पूरी कर सकता है, लेकिन क्या यह हमेशा मन को संतुष्टि और सुरक्षा का एहसास भी देता है? ऐसा ही सवाल एक 26 वर्षीय युवक की कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। युवक ने बताया कि वह हर महीने करीब ₹2 लाख कमाता है और उस पर किसी तरह का कर्ज भी नहीं है, फिर भी उसे कई बार खुद को आर्थिक रूप से असुरक्षित महसूस होता है।

अपनी भावनाओं को साझा करते हुए उसने ऑनलाइन कम्युनिटी में बताया कि अच्छी कमाई के बावजूद भविष्य की जिम्मेदारियों और खर्चों को लेकर चिंता बनी रहती है। उसकी पोस्ट ने लोगों का ध्यान खींचा और यूजर्स ने इस बात पर चर्चा शुरू कर दी कि आर्थिक सफलता और मानसिक संतुष्टि के बीच कितना गहरा संबंध है।

छोटे कमरे से शुरू हुआ सफर

युवक ने बताया कि उसका बचपन काफी साधारण परिस्थितियों में बीता। उसके परिवार की कुल आय कभी ₹6-7 हजार रुपये महीने से ज्यादा नहीं रही। वह 21 साल की उम्र में पहली नौकरी मिलने तक बेहद सीमित संसाधनों में रहा। उसने बताया कि वह कभी सिर्फ 10×10 के छोटे कमरे में अपने परिवार के साथ रहता था। नौकरी लगने के बाद उसकी पहली प्राथमिकता अपने माता-पिता की जिंदगी आसान बनाना थी। उसने अपने माता-पिता को काम से आराम दिया और उन्हें अपने शहर में 2BHK घर में शिफ्ट कराया। वहीं, वह खुद बेंगलुरु में अपने 2BHK घर में रहता है।

कमाई का बड़ा हिस्सा बचत और निवेश में लगा देता है

युवक ने बताया कि वह अपनी सैलरी का बड़ा हिस्सा भविष्य के लिए सुरक्षित रखता है।

उसके अनुसार:

  • ₹30 हजार रुपये हर महीने म्यूचुअल फंड में निवेश करता है।
  • ₹10 हजार रुपये FD या RD में डालता है।
  • ₹10 हजार रुपये गोल्ड सेविंग में लगाता है।
  • ₹15-20 हजार रुपये हर महीने माता-पिता को भेजता है।
  • किराए और अन्य खर्चों पर करीब ₹25 हजार रुपये खर्च होते हैं।

नौकरी शुरू करने के बाद उसने अलग-अलग निवेशों में अच्छी रकम जमा कर ली है। उसके पास करीब ₹4 लाख के शेयर, ₹2 लाख की FD, ₹2-2.5 लाख का सोना और ₹6 लाख रुपये बैंक खाते में हैं।

परिवार के लिए खर्च किया पैसा, फिर भी नहीं आया ‘अमीर’ होने का एहसास

युवक ने बताया कि उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा परिवार की सुविधाओं पर खर्च हुआ। उसने माता-पिता के घर को बेहतर बनाया, ₹60 हजार रुपये का स्कूटर खरीदा, ₹70 हजार रुपये का MacBook M2 और ₹25 हजार रुपये का OnePlus फोन लिया। इसके अलावा उसने माता-पिता के लिए सालाना ₹30 हजार रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस और खुद के लिए ₹24 हजार रुपये की लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी भी ली। लेकिन इन सब उपलब्धियों के बावजूद उसे लगता है कि वह अभी भी आर्थिक रूप से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।

शादी, कार और जमीन के सपने बढ़ा रहे हैं भविष्य की चिंता

युवक ने बताया कि आने वाले समय में उसके कई बड़े खर्च सामने हैं। इसी वजह से वह मानसिक दबाव महसूस करता है।

उसकी योजनाओं में शामिल हैं:

  • शादी पर करीब ₹10 लाख खर्च करना।
  • ₹3-4 लाख की कार खरीदना।
  • ₹10-15 लाख की जमीन लेना।
  • करीब ₹2 लाख की बाइक खरीदना।

उसका कहना है कि बचत होने के बावजूद वह हर चीज एक साथ नहीं खरीद सकता और हर आर्थिक फैसला उसे किसी न किसी चीज का त्याग करने जैसा लगता है।

गांव लौटने पर होती है दूसरों से तुलना

युवक ने बताया कि सबसे ज्यादा अजीब उसे तब लगता है जब वह अपने गांव जाता है और ऐसे लोगों को देखता है जो उससे काफी कम कमाते हैं, लेकिन ज्यादा खुश नजर आते हैं। उसने लिखा कि उसके कई दोस्त दिहाड़ी मजदूरी करते हैं या ऑटो चलाते हैं। उनके लिए अतिरिक्त ₹1000 भी बड़ी खुशी लेकर आता है, जबकि वह अच्छी कमाई के बावजूद संतुष्ट महसूस नहीं कर पाता।

कर्ज से दूर रहना बना उसकी सबसे बड़ी आदत

युवक ने बताया कि उसके कई दोस्त अपनी इच्छाएं पूरी करने के लिए लोन लेते हैं, लेकिन उसने हमेशा कर्ज से बचने की कोशिश की। हालांकि, यही सोच कई बार उसके लिए परेशानी भी बन जाती है। छोटी-छोटी चीजें खरीदते समय भी वह सोचने लगता है कि क्या उसे पैसे खर्च करने चाहिए या नहीं।

सब हासिल किया, फिर भी तनाव खत्म नहीं हुआ’

युवक ने लिखा कि उसने जिंदगी को आरामदायक बनाने के लिए लगभग सभी जरूरी कदम उठा लिए हैं, फिर भी अंदर से तनाव महसूस करता है। उसने कहा कि ₹750 से ज्यादा की शर्ट खरीदने से पहले भी वह कई बार सोचता है। हालांकि वह बाहर खाना खाता है, दोस्तों के साथ घूमता है और यात्राएं भी करता है, लेकिन फिर भी उसे अमीर होने या संतुष्ट होने का एहसास नहीं होता।

Reddit यूजर्स ने दी सलाह- उपलब्धियों को पहचानो

पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने युवक को सलाह दी कि समस्या उसकी कमाई में नहीं बल्कि उस मानसिकता में है जो संघर्ष भरे बचपन से बनी है। एक यूजर ने कहा कि उसे अपनी पुरानी सोच और आज की उपलब्धियों के बीच संतुलन बनाना चाहिए। वहीं दूसरे यूजर ने सलाह दी कि वह खुद पर ज्यादा सख्ती न करे और अपनी मेहनत से हासिल की गई चीजों की सराहना करे।

15 महीने में मिलीं 3 प्रमोशन! युवा कर्मचारी ने बताए ऑफिस में सम्मान पाने के 3 सीक्रेट

 

1.4 लाख की पार्टी में AC से टपका पानी…सोशल मीडिया पर वायरल हुआ कस्टमर का पोस्ट

किसी भी पार्टी पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद लोग अच्छी व्यवस्था और बेहतरीन सर्विस की उम्मीद करते हैं। लेकिन गुरुग्राम के एक रेस्टोरेंट को लेकर किया पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक कस्टमर ने दावा किया कि करीब 1.4 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी उसे उम्मीद के मुताबिक सुविधा और सेवा नहीं मिली। उनका आरोप है कि पार्टी के दौरान कई एसी से पानी टपक रहा था, बार-बार बिजली जा रही थी, खाने की व्यवस्था में काफी देरी हुई। वहीं जरूरत पड़ने पर वेन्यू का जिम्मेदार व्यक्ति भी मौजूद नहीं था। Reddit पर शेयर की गई उनकी पोस्ट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

शेयर किया एक्सपीरिएंस

एक व्यक्ति ने अपना एक्सपीरिएंस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर शेयर किया। पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि गुरुग्राम के साइबर सिटी स्थित एक माइक्रोब्रुअरी और रेस्टोरेंट में 40 से ज्यादा लोगों के लिए आयोजित पार्टी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। Reddit पोस्ट के अनुसार, ग्रुप ने प्रति व्यक्ति 3,500 रुपये का “टिप्सी पैकेज” बुक किया था, जिससे पार्टी का कुल खर्च करीब 1.4 लाख रुपये पहुंच गया। इतना महंगा पैकेज लेने के बाद आयोजकों को उम्मीद थी कि वेन्यू पर सभी व्यवस्थाएं अच्छी होंगी, लेकिन उनका दावा है कि ऐसा नहीं हुआ।

एसी से टपक रहा था पानी

शुरुआती परेशानियों का जिक्र करते हुए कस्टमर ने लिखा, “पूरे इवेंट के दौरान AC वेंट्स से पानी टपकता रहा, जिससे फिसलने का खतरा बना हुआ था। AC ठीक से काम नहीं कर रहा था, इसलिए अंदर काफी गर्मी थी। इसके अलावा, तीन घंटे के इवेंट के दौरान करीब पांच बार बिजली भी चली गई।” कस्टमर के मुताबिक, परेशानियां सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं थीं। उनका आरोप है कि मेहमानों की संख्या पहले से तय होने के बावजूद वेन्यू प्रबंधन खाने की सर्विस को सही तरीके से संभाल नहीं पाया।

Screenshot 2026-07-11 224838

सफाई की लिया एक्सट्रा चार्ज

यूजर ने लिखा, “उनके पास दाल मखनी जैसी डिश परोसने के लिए भी पर्याप्त कटोरे नहीं थे। सर्विस काफी धीमी थी। हर बार जब स्टार्टर खत्म हो जाते थे, तो दोबारा आने में 15 से 20 मिनट लग जाते थे। तब तक मेहमानों का इंतजार करते-करते मन ही हट जाता था। खाना भी सिर्फ औसत था। कीमत के हिसाब से उसमें कुछ भी खास या यादगार नहीं था।” कस्टमर ने बताया कि पार्टी के दौरान एक मेहमान की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद वेन्यू की ओर से उनसे अतिरिक्त सफाई शुल्क लिया गया। उनके मुताबिक, अगर सफाई के लिए अलग से शुल्क लेना था, तो इसकी जानकारी पहले ही देनी चाहिए थी, ताकि बाद में किसी तरह की गलतफहमी या विवाद की स्थिति न बने।

कस्टमर का कहा कि, जब पार्टी के दौरान लगातार परेशानियां बढ़ने लगीं, तो उन्होंने बुकिंग संभाल रहे जिम्मेदार व्यक्ति से कई बार संपर्क करने की कोशिश की। अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कस्टमर ने लिखा, “मैं आमतौर पर नेगेटिव रिव्यू नहीं लिखता, लेकिन जब आप एक ही इवेंट पर 1.4 लाख रुपये से ज्यादा खर्च करते हैं, तो कम से कम अच्छी सर्विस और प्रोफेशनल व्यवहार की उम्मीद जरूर करते हैं।”

यूजर्स ने किए कमेंट

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद Reddit पर कई यूजर्स ने अपनी राय दी। कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्हें भी इस जगह पर इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस जगह की क्वालिटी काफी बदल गई है। एक यूज़र ने लिखा, “भाई, वहां का AC अप्रैल से ही खराब है। वह जगह बेकार, घुटन वाली और क्लॉस्ट्रोफोबिक लगती है।” एक अन्य यूजर ने अपने पुराने अनुभव को याद करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि वह कॉर्पोरेट इवेंट था, कोई पर्सनल पार्टी नहीं। हमने 2017 में करीब 50 लोगों का एक इवेंट वहां किया था और उस समय सब कुछ बहुत अच्छा था। लाइव म्यूजिक, बढ़िया माहौल और अच्छी सर्विस मिली थी। लेकिन कुछ महीनों बाद जब मैं दोस्तों के साथ दोबारा गया, तो पूरा अनुभव बिल्कुल अलग और निराशाजनक था। मुझे नहीं पता कि आखिर ऐसा क्या बदल गया।”

कॉर्पोरेट नौकरी से बिजनेस तक का सफर, 1.8 लाख रुपये महीना कमाने वाले प्रोफेशनल ने बताए सफलता के राज

नौकरी की सुरक्षा छोड़कर अपना बिजनेस शुरू करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। अच्छी सैलरी, तय समय पर मिलने वाली आय और स्थिर करियर के बावजूद कई लोग अपने सपनों को सिर्फ इसलिए पीछे छोड़ देते हैं क्योंकि उन्हें असफल होने का डर रहता है। हालांकि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो जोखिम उठाने का साहस करते हैं और अपनी मेहनत के दम पर नई पहचान बना लेते हैं। ऐसे लोगों के लिए सफलता का मतलब केवल बैंक बैलेंस बढ़ाना नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना भी होता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही कहानी चर्चा में है, जिसने हजारों लोगों का ध्यान खींचा है।

एक मार्केटिंग प्रोफेशनल ने अपनी प्रोफेशनल जर्नी साझा करते हुए बताया कि कैसे उसने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर नया रास्ता चुना। उसने अपनी सफलता को पैसों से ज्यादा आजादी, संतुलित जीवन और परिवार के साथ बिताए जाने वाले समय से जोड़ा। उसकी कहानी के साथ साझा किए गए अनुभव और सलाह अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

Reddit पर शेयर की अपनी कहानी

33 वर्षीय मार्केटिंग प्रोफेशनल ने Reddit के r/Indian_flex पर अपनी सफलता की कहानी साझा की। उसने बताया कि करीब दो साल पहले उसने अपनी फुल-टाइम कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर खुद का मार्केटिंग सर्विस बिजनेस शुरू किया। शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन आज उसकी मेहनत रंग ला रही है।

कभी 16 घंटे करता था नौकरी

यूजर ने बताया कि एक समय ऐसा था जब वह रोज 14 से 16 घंटे तक नौकरी करता था। उस दौर को याद करते हुए उसने लिखा कि अब वह जिंदगी किसी दूसरे दौर जैसी लगती है। आज वह वही काम करता है जो उसे पसंद है और परिवार के साथ ज्यादा समय भी बिता पाता है।

शुरुआत में आईं कई चुनौतियां

नौकरी छोड़ने के बाद शुरुआती महीनों में सबसे बड़ी चुनौती क्लाइंट्स ढूंढना, काम की बेहतर प्रक्रिया बनाना और ऐसा सिस्टम तैयार करना था जिससे बिजनेस लंबे समय तक चल सके। धीरे-धीरे उसकी मेहनत रंग लाई और क्लाइंट्स बढ़ने लगे।

अब कई क्लाइंट्स के साथ कर रहा काम

मार्केटिंग प्रोफेशनल ने बताया कि पिछले साल से वह दो बड़े क्लाइंट्स के साथ काम कर रहा है और हाल ही में एक नया क्लाइंट भी जुड़ा है। अब साल खत्म होने से पहले वह कुछ और बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल करने की तैयारी में है।

9 से 5 की नौकरी से मिली आजादी

उसने बताया कि आज भी काम में मेहनत करनी पड़ती है, क्लाइंट मीटिंग्स और ट्रैवल भी होता है, लेकिन अब किसी तय ऑफिस टाइम में बंधकर काम नहीं करना पड़ता। अगर दिन में सब्जियां खरीदनी हों या बेटी को बीच घुमाने ले जाना हो, तो वह बिना किसी परेशानी के ऐसा कर सकता है। इन दिनों वह अपने गांव से बारिश का आनंद लेते हुए रिमोटली काम कर रहा है।

बिजनेस शुरू करने वालों के लिए बताए 3 जरूरी सबक

  1. बिना तैयारी नौकरी छोड़ने की गलती न करें

उसने सलाह दी कि जब तक अच्छी बचत, बैकअप प्लान या आर्थिक सहारा न हो, तब तक नौकरी छोड़ने का फैसला नहीं करना चाहिए। बिजनेस में शुरुआती समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

  1. सिर्फ बड़े क्लाइंट्स के पीछे न भागें

यूजर का कहना है कि छोटे क्लाइंट्स से उसे बिजनेस को बेहतर तरीके से चलाने और मजबूत सिस्टम बनाने की सबसे ज्यादा सीख मिली। बड़े क्लाइंट्स कई बार सीखने और नए प्रयोग करने की गति धीमी कर देते हैं।

  1. सिर्फ टैलेंट नहीं, मजबूत सिस्टम भी जरूरी

उसने कहा कि सफल बिजनेस केवल अच्छी स्किल से नहीं चलता। काम के लिए स्पष्ट प्रक्रिया (SOP), तय फ्रेमवर्क और ऐसे नतीजे होने चाहिए जिन्हें क्लाइंट साफ तौर पर देख सके। तभी लंबे समय तक सफलता मिलती है।

लोगों ने की जमकर तारीफ

Reddit पर इस पोस्ट को लोगों ने खूब पसंद किया। कई यूजर्स ने कहा कि यह कहानी बताती है कि असली सफलता सिर्फ ज्यादा कमाई में नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी और समय पर खुद का नियंत्रण पाने में है।

Viral Video: बारिश में जब थम गया ट्रैफिक, तब सड़क पर उतरा ‘स्पाइडर-मैन’, इंटरनेट पर मचा बवाल

 

दिल्ली में घर खरीदना बन गया सपना! 2 लाख महीने कमाने वाले शख्स ने बयां किया अपना दर्द

दिल्ली जैसे बड़े शहर में घर लेना काफी मुश्किल होता है। वहीं इन दिनों सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर बताया कि परिवार की हर महीने करीब 2 लाख रुपये की कमाई होने के बावजूद वह अपनी पसंद का 2BHK फ्लैट नहीं खरीद पा रहा है। व्यक्ति ने बताया कि वह अपने पार्टनर के साथ ऐसे इलाके में 2BHK फ्लैट तलाश रहा था, जहां सुरक्षा अच्छी हो, आने-जाने की सुविधा हो और आसपास पार्क जैसी सुविधाएं मौजूद हों। लेकिन जब उन्होंने घरों की कीमतें देखीं तो वे हैरान रह गए। व्यक्ति का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दिल्ली में फ्लैट लेना मु्श्किल

व्यक्ति ने Reddit पर किए अपनी पोस्ट में लिखा, “हमारी कुल सैलरी लगभग 2L प्रति माह है। भले ही हम पार्कों के पास के इलाकों में 2BHK फ्लैट देखें और उन्हें सुरक्षित माना जाए, वे 2-2.50Cr की बहुत ज्यादा कीमत पर हैं। जिन लोगों के पास माता-पिता या पुश्तैनी पैसे का कोई सहारा नहीं है, उनके लिए ये हमारी पहुंच से बाहर है। उदाहरण के लिए, हमने द्वारका, पीतमपुरा, वगैरह में फ्लैट देखे, और यह हमारी लोन रेंज से बहुत बाहर है। अब, क्या हम ऐसा करेंगे?”

यूजर ने पोस्ट को , “क्या मिड-सैलरी वाले लोगों को अब फ्लैट या घर खरीदने के बारे में सोचना बंद कर देना चाहिए?” टाइटल के साथ शेयर किया।

यूजर्स ने किया कमेंट

ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और इस पर लोगों ने जमकर अपनी राय दी। कई यूजर्स ने कहा कि दिल्ली में बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों के कारण अच्छी कमाई करने वालों के लिए भी घर खरीदना मुश्किल होता जा रहा है। एक यूजर ने लिखा, “मुझे लगता है कि प्रॉपर्टी खरीदना जिंदगी का एक बहुत थका देने वाला हिस्सा है। लेकिन मुझे यह भी लगता है कि अगर आपको खरीदना चाहिए, तो यह किसी दूसरे इलाके में होना चाहिए जहां सर्कल रेट कम हों लेकिन पोटेंशियल हो।” एक और यूजर ने कहा, “आप दिल्ली NCR में नहीं कर सकते और न ही करना चाहिए। टियर 2-3 शहरों में जमीन देखें। वहां भी, आप सिर्फ बाहरी इलाकों में ही जमीन खरीद पाएंगे।”