एक कंपनी के शेयर में 75 लाख का निवेश अब घटकर 30 लाख रह गया, कही आप भी यह गलती तो नहीं कर रहे?

क्या आप दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर शेयरों में निवेश करते हैं? अगर हां तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। एक रेडिट यूजर ने बताया है कि उसके पिता ने एक ही कंपनी के शेयर में करीब 75 लाख रुपये निवेश किए थे। आज इस निवेश की वैल्यू घटकर करीब 30 लाख रुपये रह गई है। यह सीधे 45 लाख रुपये का लॉस है। आखिर गलती कहां हुई?

रिश्तेदार की सलाह पर शेयर में निवेश

Reddit यूजर ने पूरे मामले के बारे में बताते हुए यूजर्स से सलाह मांगी है। उसने पूछा है कि अब क्या करना चाहिए। आइए पहले समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है। यूजर ने बताया है कि 2023 में उनके पिता ने शेयरों में निवेश करना शुरू किया। उन्होंने अपने एक रिश्तेदार की सलाह पर एक ही कंपनी के शेयरों में निवेश करना शुरू किया। उनके पास जब भी पैसे होते वह उस कंपनी के नए खरीद लेते थे।

जिंदगीभर की कमाई एक शेयर में लगाई

यूजर ने बताया है कि उसके पिता ने एक तरह से अपनी जिंदगी भर की कमाई एक शेयर में लगा दी। अब परिवार के लिए इस नुकसान को बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा है। यूजर ने रेडिट पर पूछा है कि इस लॉस से बाहर निकलने का क्या रास्ता हो सकता है? कई यूजर ने अपने-अपने तरीके से उसे सलाह दी है। कई यूजर्स ने शेयरों से एग्जिट करने की सलाह दी है।

कई यूजर्स ने दी लॉस बुक करने की सलाह 

कुछ यूजर्स ने कहा है कि शेयर से एग्जिट करने के बाद अगर 30 लाख का निवेश अच्छे शेयरों में किया जाता है तो आगे अच्छा रिटर्न मिल सकता है। इससे लॉस की भी काफी हद तक भरपाई हो सकती है। कुछ यूजर्स ने अफसोस जताया है। एक यूजर ने लिखा है, “अगर आप गलत ट्रेन में चढ़ जाते हैं तो सफर जारी रखने की जगह अगले स्टेशन पर उतर जाना सही होगा।”

दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश में रिस्क

इस पूरे मामले से कई बाते सीखने को मिलती हैं। पहला, किसी ऐसे दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश करना ठीक नहीं, जिसके पास निवेश की सलाह देने की योग्यता नहीं हो। दूसरा, किसी एक शेयर में लगातार निवेश करना बहुत रिस्की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर निवेशक को निवेश में डायवर्सिफिकेशन का ध्यान रखना चाहिए।

निवेश में डायवर्सिफिकेशन है बहुत जरूरी 

डायवर्सिफिकेशन का मतलब पैसे का निवेश किसी एक एसेट या एक शेयर में निवेश करने की जगह अलग-अलग एसेट या अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में निवेश करना है। इसका फायदा यह है कि किसी एक कंपनी के शेयर में गिरावट आने पर भी आपके पोर्टफोलियो पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है। मान लीजिए आपके पोर्टफोलियो में कुल 10 कंपनियों के शेयर हैं। ऐसे में अगर 2-3 कंपनी के शेयर गिरते भी हैं तो बाकी 8-7 कंपनियों के शेयरों में आई तेजी से आपका पोर्टफोलियो नुकसान में जाने से बच जाता है।

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सिर्फ इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह से ले निवेश के फैसले

कई लोग शेयरों में निवेश से फटाफट मुनाफा कमाने के लिए दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश करना शुरू कर देते हैं। इसमें काफी रिस्क है। अगर सलाह देने वाले व्यक्ति के पास शेयर या निवेश की दुनिया की अच्छी समझ नहीं है तो उसकी सलाह पर अमल करना बड़े नुकसान का सबब हो सकता है।

पत्नी से मांगी 50 लाख की फिरौती! शेयर बाजार में नुकसान के बाद शख्स ने रची किडनैपिंग खतरनाक साजिश

गुजरात के सूरत में किडनैपिंग का एक अनोखा मामला सामने आया है। इस मामले की जांच कर रही पुलिस को जब किडनैपिंग की सच्चाई पता चली तो हर कोई हैरान रह गया। गुजरात के सूरत में एक व्यक्ति पर खुद के किडनैपिंग की झूठी कहानी बनाने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, शेयर बाजार में बड़ा आर्थिक नुकसान होने के बाद उसने अपने परिवार से लाखों रुपये हासिल करने के लिए पूरी साजिश रची। शुरुआत में मामला किडनैपिंग का लग रहा था, लेकिन जांच के दौरान ऐसे सुराग मिले जिनसे पता चला कि घटना के पीछे की हकीकत कुछ और ही थी। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की पहचान गुजरात के सूरत में मोटा वराछा के रहने वाले जिग्नेश लालजीभाई तलाविया के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक उसने किडनैपिंग की झूठी कहानी बनाई, फिरौती के मैसेज भेजे और गुजरात और इस वजह से गुजरात के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी जांच एजेंसियों को सक्रिय होना पड़ा।

पुलिस में दर्ज करवाया टिकट

मामले की शुरुआत 12 जून को हुई, जब जिग्नेश की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उनका पति एक दिन पहले 11 जून को घर से बिना किसी को बताए गए थे और उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा है। शिकायत दर्ज होने के कुछ समय बाद परिवार के पास मोबाइल फोन से मैसेज आने लगे, जिनमें दावा किया गया कि जिग्नेश का किडनैपिंग कर लिया गया है। संदेश भेजने वालों ने उसकी रिहाई के बदले 50 लाख रुपये की मांग की और पैसे नहीं मिलने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इन संदेशों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने नंबर को किया ट्रैक

फिरौती वाले मैसेज के बाद परिवार को जिग्नेश के मोबाइल से एक वीडियो भी मिला, जिसमें वह काफी घबराया हुआ नजर आ रहा था। वीडियो में भी पैसों की मांग दोहराई गई, जिससे परिवार और पुलिस की चिंता बढ़ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरत पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई विशेष टीमों को जांच में लगाया। पुलिस ने तकनीकी मदद और निगरानी के जरिए उसकी तलाश शुरू कर दी ताकि जल्द से जल्द उसकी सही लोकेशन का पता लगाया जा सके। जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की, जिससे पता चला कि फोन मध्य प्रदेश के उज्जैन क्षेत्र में एक्टिव था। जिसके बाद पुलिस टीमों को सर्च जारी रखने के लिए वहां भेजा गया।

लेकिन एनालिसिस के दौरान, अधिकारियों को डिजिटल सबूतों में कमियां और गड़बड़ियां मिलीं। वीडियो और लोकेशन डेटा किडनैपिंग के दावों से पूरी तरह मेल नहीं खा रहे थे। आगे की जांच से पता चला कि वीडियो शायद गुजरात के गोधरा में रिकॉर्ड किया गया था। इसके आधार पर सर्च एरिया बदल दिया गया।

कब हुआ किडनैपिंग का खुलासा

जांच आगे बढ़ने पर 15 जून को पुलिस ने जिग्नेश को गोधरा के एक होटल से बरामद कर लिया। वह पूरी तरह सुरक्षित था, जिसके बाद किडनैपिंग की आशंका खत्म हो गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसके साथ कोई किडनैपिंग नहीं हुआ था और पूरी घटना एक सोची-समझी योजना का हिस्सा थी। पुलिस के अनुसार, वह 11 जून को खुद ही घर से निकला था। उसने अपना स्कूटर सूरत में एक जगह खड़ा किया, फिर सार्वजनिक वाहन से रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां से ट्रेन पकड़कर उज्जैन चला गया था।

क्यों रची ये साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि जिग्नेश ने खुद ही अपने मोबाइल से परिवार को किडनैप होने और पैसे की मांग करने की बात कही गई थी। शक से बचने के लिए वह बीच-बीच में अपना फोन बंद और चालू करता रहा। जांच में ये भी पता चला कि वह दो दिन के लिए उज्जैन में ठहरा था और बाद में गोधरा पहुंच गया। अधिकारियों के अनुसार, आर्थिक परेशानी इस पूरे मामले की मुख्य वजह हो सकती है। जांच के दौरान पता चला कि शेयर बाजार में जोखिम भरे निवेश के कारण उसे भारी नुकसान हुआ था, जिसके चलते उसने यह पूरा नाटक रचा।

50-60 लाख रुपए का हुआ नुकसान

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जिग्नेश को पहले हुए आर्थिक नुकसान से उबरने के लिए परिवार की मदद मिल चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद उसने शेयर बाजार में निवेश जारी रखा। बताया जा रहा है कि बाद में उसे फिर से बड़ा नुकसान हुआ, जिसकी रकम करीब 50 से 60 लाख रुपए तक पहुंच गई। मामले की जांच के बाद उतरन पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।