PNB Bank Share Price: मुनाफे में जबरदस्त उछाल से 7 महीने के हाई पर पहुंचा शेयर, अब खरीदें, बेचें या रहे बने

PNB Bank Share Price: पीएसयू बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के शेयर आज 8% उछलकर 7 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। स्टॉक में यह तेजी कंपनी के तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद आई। हालांकि स्टॉक में अच्छी तेजी देखी जा रही है, लेकिन ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्मों CLSA और Citi की इस पर अलग-अलग राय है। CLSA इसे लेकर बुलिश है, जबकि Citi ने इस स्टॉक पर Sell की रेटिंग दी है।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

PNB ने सितंबर 2024 को समाप्त तिमाही के लिए अपने नेट प्रॉफिट में 145% की बढ़ोतरी की जानकारी दी। सितंबर 2023 की तिमाही में 1756 करोड़ रुपये के मुकाबले, Q2 में नेट प्रॉफिट बढ़कर 4303.5 करोड़ रुपये हो गया। Q2 में ग्रॉस NPA, जून 2024 की तिमाही के 4.98% से घटकर 4.48% रह गए। नेट NPA भी जून 2024 की तिमाही के 0.60% से घटकर 0.46% पर आ गए।

जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 5.99% बढ़कर 10,517 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 9923 करोड़ रुपये थी। प्रॉफिटेबिलिटी (मुनाफे) का एक अहम पैमाना, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछली तिमाही में 2.92% रहा।

स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेज की राय

CLSA

CLSA ने PNB को “आउटपरफॉर्म” रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹140 प्रति शेयर तय किया है। यह पिछले क्लोजिंग प्राइस से 20.4% की बढ़त की संभावना दिखाता है। फर्म के अनुसार, बैंक का दूसरी तिमाही का टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) अनुमानों से 20% अधिक रहा। इसकी मुख्य वजह नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) का बेहतर प्रदर्शन और कुछ विशेष रिकवरी रही, हालांकि अन्य आय (other income) में कमी ने इस बढ़त को कुछ हद तक कम कर दिया।

CLSA ने बताया कि बैंक की लोन ग्रोथ पिछले साल के मुकाबले बढ़कर 16% हो गई है, जबकि कुछ तिमाहियों पहले यह दहाई के निचले स्तर (low double-digits) पर थी। वहीं, डिपॉजिट ग्रोथ पिछले साल के मुकाबले 10% पर स्थिर बनी हुई है।

पंजाब नेशनल बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में 8 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ है, जो मुख्य रूप से लोन यील्ड (loan yields) और डिपॉजिट कॉस्ट (deposit cost) में बदलाव के कारण हुआ है।

बैंक प्रबंधन ने संकेत दिया है कि NIM में आगे और सुधार हो सकता है। CLSA के अनुसार, बैंक की एसेट क्वालिटी स्थिर रही है और ग्रॉस स्लिपेज रेशियो 0.8% है।

Citi

Citi ने पंजाब नेशनल बैंक के शेयरों पर “Sell” की सलाह दी है। Citi का कहना है कि FCNR इनफ्लो के जरिए होलसेल डिपॉजिट कम होने से डिपॉजिट पर कैश 5 बेसिस पॉइंट्स घट गया। वहीं, रिटेल IBPC और कम रिटर्न देने वाले कॉर्पोरेट एक्सपोजर को कम करने से यील्ड (yields) में 8 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा हुआ। सिटी (Citi) के अनुसार, स्टैंडर्ड एसेट प्रोविज़निंग से मिली राशि ने नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) और फ्लोटिंग प्रोविज़न बफ़र्स की भरपाई कर दी, जिससे बैंक की क्रेडिट कॉस्ट लगभग शून्य हो गई।

PNB का ‘रिटर्न ऑन एसेट्स’ 1% से ऊपर स्थिर रहा। बैंक के ग्लोबल एडवांसेज (कर्ज) में पिछले साल के मुकाबले 14.7% और पिछली तिमाही के मुकाबले 5.3% की बढ़ोतरी हुई। यह FY27 के लिए तय 12% – 13% के लक्ष्य से भी अधिक है। इसमें FCNR-फंडेड ओवरसीज एक्सपोजर का भी योगदान रहा, जो बैंक की कुल बुक का 1.5% है।

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के शेयर पर नजर रखने वाले 23 एनालिस्ट्स में से 14 ने इसे buy , 3 ने hold करने और 6 ने sell की रेटिंग दी है।

ICICI Bank Share Price:Q2 नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म बुलिश, बढ़ाया टारगेट, मिल सकता है 45% का रिटर्न

 

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HCL Tech shares Price: Q2 नतीजों के बाद शेयर बना रॉकेट, 5% से ज्यादा चढ़कर बना निफ्टी का टॉप गेनर, एक्सपर्ट्स से जानें अब खरीदें , बेचें या रहे बनें

HCL Tech shares Price: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचसीएल टेक (HCLTech) के शेयर में 13 अक्टूबर को जोरदार बढत देखने को मिली। शेयर इंट्राडे में 5 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाते हुए निफ्टी का टॉप गेनर बन गया । IT सर्विस देने वाली इस बड़ी कंपनी के शेयरों में बढ़त की वजह कंपनी द्वारा दूसरी तिमाही में अच्छी कमाई, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ और बड़ी डील जीतने के बाद आई है।

कंपनी ने FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ के अपने अनुमान को भी बढ़ा दिया, हालांकि ब्रोकरेज अभी भी स्टॉक के ऊपर जाने की संभावना को लेकर बंटे हुए हैं। HCLTech के शेयर सोमवार के 1,223 रुपये के क्लोजिंग प्राइस के मुकाबले 5.55 फीसदी चढ़कर 1,288 रुपये पर पहुंच गया। मंगलवार की तेजी के बावजूद, 2026 में अब तक स्टॉक 22.2 फीसदी नीचे है, जबकि निफ्टी 50 में 14.2 फीसदी की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 3.45 लाख करोड़ रुपये रहा।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

HCLTech ने सोमवार को सितंबर तिमाही के लिए 5,132 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट बताया, जो साल-दर-साल 21.2 परसेंट ज़्यादा है, जबकि रेवेन्यू 11.5 परसेंट बढ़कर 35,620 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेटिंग मार्जिन लगातार 131 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 18.2 परसेंट हो गया।

क्या है शेयर पर ब्रोकरेज फर्मों की राय

नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने HCLTech के आउटलुक के बारे में मिली-जुली राय दी। नोमुरा ने 1,330 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी Buy रेटिंग बनाए रखी, जिसमें मजबूत सर्विस परफॉर्मेंस, बढ़ते AI रेवेन्यू और कंपनी की AI स्ट्रैटेजी में प्रोग्रेस का हवाला दिया गया।

जेफरीज ने HCLTech को अपनी पिछली “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग से अपग्रेड करके “होल्ड” कर दिया है, और इसका प्राइस टारगेट पहले के ₹1,070 से बढ़ाकर ₹1,150 कर दिया है।

HSBC ने भी HCLTech पर अपनी “होल्ड” रेटिंग बनाए रखी है और प्राइस टारगेट ₹1,225 रखा है। इसने कंपनी के आउटलुक कमेंट्री को पॉजिटिव बताया क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में डिमांड में सुधार हुआ है, हालांकि फर्म ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि इसका सस्टेनेबिलिटी एक चिंता का विषय है।HSBC ने बताया कि HCLTech अपने कॉम्पिटिटर के मुकाबले मीडियम आउटपरफॉर्मेंस और कम मार्जिन के लिए प्रीमियम वैल्यूएशन मल्टीपल पर ट्रेड कर रही है।

सिटी ने HCLTech पर ₹1,050 के प्राइस टारगेट के साथ “सेल” करने की सलाह दी है। फर्म ने मार्जिन बीट के बाद अपने फाइनेंशियल ईयर 2027-2029 EPS अनुमानों को भी 1% से 3% तक बढ़ा दिया है। हालांकि, सिटी ने कहा है कि मार्जिन का सस्टेनेबिलिटी अहम होगा क्योंकि HCLTech पहले से ही आम सहमति के अनुमानों के आधार पर TCS और इंफोसिस जैसे अपने कॉम्पिटिटर के मुकाबले 20% से 25% प्रीमियम पर ट्रेड कर रही है।

HCLTech पर 45 एनालिस्ट की कवरेज है, जिनमें से 18 ने स्टॉक को “बाय” रेटिंग दी है, 16 ने “होल्ड” कहा है, और 11 ने स्टॉक को “सेल” रेटिंग दी है। प्राइस टारगेट के आम अनुमानों से पता चलता है कि मौजूदा लेवल से सिर्फ़ 2.1% की बढ़त की संभावना है।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Molbio Diagnostics Share Price: इस नई लिस्ट कंपनी पर फिदा हुआ जेफरीज,अपसाइड सिनेरियो में लगाएगा 57% की छलांग

Molbio Diagnostics Share Price: मोलबायो डायग्नोस्टिक्स IPO उन चुनिंदा भारतीय IPOs में से एक है, जिन्होंने अपने शेयर पाने वालों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। अब इस स्टॉक पर ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक जेफरीज ने अपनी कवरेज शुरु की है और इस स्टॉक को अपने “हाई-कनविक्शन टॉप पिक” (पूरी तरह भरोसेमंद और सबसे अच्छी पसंद) बताया है। यहीं वजह है कि शेयर 4 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा है।

बुधवार, 30 सितंबर को जारी अपनी रिपोर्ट में, जेफरीज ने मोलबायो डायग्नोस्टिक्स पर Buy रेटिंग दी है और इसके लिए ₹1,600 का प्राइस टारगेट तय किया , जो मौजूदा स्तर से 27% की बढ़त दिखाते है।

बता दें कि 17 अगस्त को लिस्टिंग के बाद, मोलबायो डायग्नोस्टिक्स के शेयर 20 दिनों के भीतर ही अपने इश्यू प्राइस से दोगुने हो गए। 11 सितंबर को शेयर ने ₹1,686 का हाई (सबसे ऊंचा स्तर) छुआ, और उसके बाद 11 ट्रेडिंग सेशन में ही उस स्तर से 25% तक गिर गए।

जेफ़रीज़ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि मोलबायो डायग्नोस्टिक्स ने एक अलग तरह का ‘पॉइंट-ऑफ-केयर मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स प्लेटफॉर्म’ सफलतापूर्वक कमर्शियलाइज किया है। साथ ही, कंपनी के पास दो नए प्लेटफॉर्म और भविष्य के लिए मजबूत प्रोडक्ट पाइपलाइन है, जिससे कंपनी आगे जबरदस्त ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में है।

TrueNat प्लेटफॉर्म, जिसने मोलबायो की फाइनेंशियल ईयर 2026 की बिक्री में 86% का योगदान दिया। एक अल्ट्रा-पोर्टेबल, बैटरी से चलने वाला मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स प्लेटफॉर्म है जो पॉइंट-ऑफ-केयर पर हाई-क्वालिटी टेस्टिंग की सुविधा देता है। जेफरीज का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म के लिए ग्रोथ की काफी गुंजाइश है। इसकी तुलना में, इसकी प्रतिस्पर्धी कंपनी GeneXpert का रेवेन्यू स्केल $3 बिलियन है, जबकि TrueNat का रेवेन्यू $130 मिलियन है।

जेफरीज ने अपने नोट में कहा है कि TrueNat मोलबायो के लिए कई मौकों में से सिर्फ पहला मौका है। कंपनी पहले ही Prorad (पोर्टेबल X-रे पोर्टफोलियो) और Optrascan (डिजिटल पैथोलॉजी पोर्टफोलियो) के क्षेत्र में विस्तार कर चुकी है। रिपोर्ट में कहा गया है, “कई अन्य प्रोडक्ट्स के डेवलपमेंट के साथ, हमारा मानना ​​है कि मोलबायो की इनोवेशन पाइपलाइन उसके मुख्य प्रोडक्ट TrueNat से कहीं आगे तक फैली हुई है।”

जेफरीज का अनुमान है कि मोलबायो का रेवेन्यू 22% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा। इसकी वजह भारत और विदेशों में TrueNat का लगातार विस्तार, Prorad के पोर्टेबल X-रे पोर्टफोलियो का तेज़ी से विस्तार और अमेरिका में Optrascan का कमर्शियल रोलआउट होगी। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक को उम्मीद है कि मॉलबियो के मार्जिन में 830 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी होगी। इसकी वजह टेस्ट-किट कैपेसिटी का इस्तेमाल फाइनेंशियल ईयर 2026 में 58% से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2029 तक 77% होना, ऑप्ट्रास्कैन का कुल रेवेन्यू में हिस्सा फाइनेंशियल ईयर 2029 तक 11% तक पहुंचना और कर्मचारियों की लागत का सेल्स के 10% से घटकर 8% होना है।

जेफरीज का अनुमान है कि इसके नतीजे में, कंपनी की अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड अमॉर्टाइजेशन (EBITDA) 36% CAGR से बढ़ सकती है, जबकि इसका प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान 47% CAGR से बढ़ सकता है। हालांकि जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में रेवेन्यू कंसंट्रेशन को एक मुख्य जोखिम बताया है, क्योंकि फाइनेंशियल ईयर 2026 में इसका 80% रेवेन्यू B2G सेगमेंट से आया था, जबकि 70% TB टेस्टिंग से आया था।

अपसाइड सिनेरियो में, जेफरीज ने मॉलबियो का प्राइस टारगेट ₹1,970 तय किया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 57% की बढ़ोतरी की संभावना है। इस मामले में, कंपनी की सेल्स 25% CAGR से बढ़ती है, जबकि EBITDA फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान 45% CAGR से बढ़ता है।

बुधवार को मॉलबियो डायग्नोस्टिक्स के शेयर 4% बढ़कर ₹1,305.1 पर ट्रेड कर रहे हैं। पिछले एक महीने में स्टॉक 20% चढ़ा है।

Zerodha के फाउंडर नितिन कामत ने आईपीओ से पहले एनएसई की जमकर की तारीफ, जानिए उन्होंने क्या कहा

एनएसई का आईपीओ खुलने से पहले जीरोधा के फाउंडर और सीईओ नितिन कामत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने इसमें बताया है कि जीरोधा के शुरुआती दिनों में किस तरह एनएसई ने ब्रोकरेज फर्म की मदद की थी। यहां तक कि एक्सचेंज ने मेंबरशिप फीस तक माफ कर दी थी।

NSE के अधिकारियों ने दिया पूरा सहयोग

Nithin Kamath ने X पर अपने पोस्ट में कहा है कि जीरोधा के ब्रोकरेज फर्म बनने के फैसले की एक वजह एनएसई था। उन्होंने बताया है कि एनएसई के पास तब एक फ्री ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म होता था, जिसे ब्रोकर्स अपने क्लाइंट्स को ऑफर कर सकते थे। उन्होंने एनएसई के अधिकारियों की भी तारीफ की है। उन्होंने बताया है कि जब उन्होंने मेंबरशिप के लिए एक्सचेंज के अधिकारियों से बातचीत की, तब उनका व्यवहार काफी दोस्ताना था।

NSE ने मेंबरशिप फीस तक माफ कर दी

जीरोधा के फाउंडर ने कहा कि यह जानने के बाद कि नई ब्रोकरेज फर्म के पास ज्यादा पैसे नहीं हैं, एनएसई के अधिकारियों ने मेंबरशिप फीस तक माफ कर दी। यह फीस 5 लाख रुपये थी। उन्होंने कहा है कि यह मदद के कई मामलों में से सिर्फ एक है। दरअसल, एनएसई की तरफ से हर समय जीरोधा को मदद मिली।

तारीफ का मतल IPO में निवेश की सलाह नहीं है

कामत ने यह स्पष्ट किया है कि उनके इस पोस्ट का मकसद एनएसई के आईपीओ को सब्सक्राइब करने की सलाह नहीं है। लेकिन, उन्हें उम्मीद है कि यह इश्यू सफल रहेगा। उन्होंने यहां तक कहा है कि आज अगर जीरोधा है तो इसकी एकमात्र वजह एनएसई है। उन्होंने कहा है कि यह अकेली कंपनी है, जिसके लिए उनके मन में कृतज्ञता का भाव है।

यह भी पढ़ें: NSE IPO: लिस्टिंग के बाद एनएसई के शेयरों की डिमांड और सप्लाई की तस्वीर कैसी रहेगी?

देश का मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर कई पश्चिमी देशों से बेहतर

उन्होंने देश में मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह सभवत: कई पश्चिमी देशों से आगे है। भारत में स्टॉक एक्सचेंज पहले लेवल के रेगुलेटर्स हैं। भारत में एक्सचेंज कई ऐसी जिम्मेदारियां संभालते हैं, जिसे दूसरे बाजारों में ब्रोकर्स संभालते हैं। उन्होंने कहा, “मैं कई बार यह सोचता हूं कि अगर ऐसा नहीं होता तो हमारे जैसे ब्रोकर्स का क्या हाल होता।”

रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 फीसदी शेयर रिजर्व

NSE का आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। एक्सचेंज ने प्रत्येक 1 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर के लिए 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट 8 शेयरों का होगा। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर यह आईपीओ 22,561.57 करोड़ रुपये का होगा। यह इंडिया का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ बनेगा। एक्सचेंज ने रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 फीसदी शेयर रिजर्व रखे हैं।

Blue Star Share Price: ब्रोकरेज फर्म ने रेटिंग की अपग्रेड, 18% ऊपर का दिया टारगेट, क्या आप करेंगे निवेश

Blue Star Share Price: ब्रोकरेज फर्म HSBC से AC बनाने वाली कंपनी ब्लू स्टार (Blue Star) के शेयर की रेटिंग अपग्रेड कर दी। HSBC ने अब ब्लू स्टार के लिए अपनी पिछली “hold” रेटिंग को बदलकर “buy” (खरीदने) की सलाह दी है और प्रति शेयर ₹1,780 का प्राइस टारगेट तय किया है। इसका मतलब है कि पिछले क्लोजिंग प्राइस से इसमें 18% की बढ़ोतरी हो सकती है।

ब्रोकरेज ने कहा कि जून तिमाही में रूम एयर कंडीशनर (RAC) इंडस्ट्री में 25% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें वॉल्यूम में अनुमानित बढ़ोतरी 20% – 22% रही। उसने यह भी कहा कि पहली तिमाही में ब्लू स्टार के मुकाबले वोल्टास का प्रदर्शन बेहतर रहा।

HSBC ने कहा कि गर्मियों की बिक्री (जनवरी से जून) को देखें तो, ऊंचे बेस (high base) के बावजूद धीमी ग्रोथ के बावजूद ब्लू स्टार के मार्जिन स्थिर रहेकम मार्जिन गाइडेंस के कारण ब्रोकरेज ने अपने अनुमानों में कटौती की है।

उसने कहा कि मजबूत ऑर्डर बुक, डेटा सेंटर बिजनेस में मौजूदगी, मार्जिन बढ़ने की गुंजाइश और अपने मुख्य बिजनेस पर फोकस को देखते हुए उसने ब्लू स्टार की रेटिंग बढ़ाई है।

इस साल अब तक ब्लू स्टार के शेयर की कीमत में 23% की गिरावट आई है, जबकि वोल्टास के शेयरों में 8% की गिरावट देखी गई है। HSBC का कहना है कि इससे कंपनी का वैल्यूएशन अधिक आकर्षक हो गया है।

इस महीने की शुरुआत में, कंपनी ने अपनी पहली तिमाही की कमाई की रिपोर्ट दी थी, जिसमें उसका रेवेन्यू 13.3% बढ़कर ₹3,378 करोड़ हो गया, लेकिन यह CNBC-TV18 के ₹3,547 करोड़ के अनुमान से कम था। इसका EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) पिछले साल के मुकाबले 12% घटकर ₹175 करोड़ रह गया और यह बाजार के ₹247 करोड़ के अनुमान से भी काफी कम था।

कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले साल की समान अवधि के 6.7% से घटकर 5.2% हो गया और यह बाजार के 7% के अनुमान से भी कम था।

हालांकि, कंपनी ने कहा कि डेटा सेंटर MEP प्रोजेक्ट ऑर्डर का आना इस हाई-ग्रोथ सेगमेंट में लगातार बनी हुई तेजी को दिखाता है।

ब्लू स्टार पर नज़र रखने वाले 27 एनालिस्ट में से 13 ने “buy” रेटिंग, 9 ने “hold” रेटिंग और 5 ने “Sell” रेटिंग दी है। ब्लू स्टार के शेयर बढ़त के साथ खुले, लेकिन बाद में वह बढ़त खत्म हो गई और मंगलवार को शेयर 0.3% गिरकर ₹1,503.2 पर ट्रेड कर रहे थे। इस साल अब तक शेयर में 15% की गिरावट आई है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

7 साल में ₹5 लाख से बनाया ₹1.30 करोड़ का पोर्टफोलियो! ट्रेडर की इस एक सीक्रेट ट्रिक ने बदली किस्मत, जानिए पूरा फॉर्मूला

Share Market Success Story: शेयर बाजार और ट्रेडिंग को लोग अक्सर रातों-रात अमीर बनने की ‘जैकपॉट मशीन’ समझते हैं। लेकिन बिना सोचे-समझे लगाया गया दांव आपको अमीर बनाने के बजाय कंगाल भी कर सकता है! इसी धारणा को पूरी तरह से झुठलाते हुए एक ट्रेडर ने साबित कर दिया कि बाजार में असली पैसा तुक्के से नहीं, बल्कि अनुशासन और सही सिस्टम से बनता है।

महज ₹5 लाख की शुरुआती पूंजी से सफर शुरू करने वाले इस ट्रेडर ने 7 सालों के उतार-चढ़ाव, भारी घाटे और अपनी गलतियों से सीखते हुए ₹1.30 करोड़ का विशाल पोर्टफोलियो खड़ा कर दिया। आइए आपको बताते हैं बिना किसी शॉर्टकट के शेयर बाजार में मिली इस शानदार कामयाबी की पूरी इनसाइड स्टोरी।

₹5 लाख से शुरुआत और ‘स्टॉक टिप्स’ की शुरुआती नाकामी

ट्रेडर ने अपने बाजार के सफर की शुरुआत साल 2018-19 में करीब ₹5 लाख के साथ की थी। नए निवेशकों की तरह वे भी शुरुआत में लोगों के दिए ‘स्टॉक टिप्स’ पर आंख मूंदकर भरोसा करते थे और मार्केट खुलते ही शेयर्स में शॉर्टिंग करते थे। हालांकि इस रणनीति से कुछ पैसे जरूर बने, लेकिन ब्रोकरेज और टैक्स चुकाने के बाद हाथ में कुछ खास नहीं बचा।

ऑप्शन बाइंग से सेलिंग का सफर और ₹10 लाख के कर्ज का झटका

शुरुआती दौर के बाद उन्होंने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में कदम रखा और ऑप्शन बाइंग शुरू की। यूट्यूब पर वित्तीय एक्सपर्ट्स का वीडियो देखने के बाद उनके सोचने का तरीका बदला और वे ‘ऑप्शन बायर’ से ‘ऑप्शन सेलर’ बनने की तरफ बढ़े।

ऑप्शन सेलिंग के लिए ज्यादा पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने अपने दोस्त से ₹10 लाख उधार लिए। दुर्भाग्य से यह रणनीति पूरी तरह से फेल हो गई और उन्हें भारी नुकसान हुआ। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, दोस्त का पूरा कर्ज चुकाया और अपनी गलतियों से सीख लेकर नए सिरे से पढ़ाई शुरू की।

‘StockMock’ पर बैकटेस्टिंग ने बदली पूरी किस्मत

उनकी ट्रेडिंग जर्नी में असली टर्निंग प्वाइंट तब आया जब उन्होंने StockMock प्लेटफॉर्म पर अपने ट्रेडिंग सिस्टम की नियमबद्ध बैकटेस्टिंग शुरू की। उन्होंने ‘टाइम-बेस्ड शॉर्ट स्ट्रैडल्स’ का टेस्टिंग किया और बिना किसी इमोशन में बहे कड़े अनुशासन से नियमों का पालन किया:

    • 2020 का रिटर्न: 86% का बंपर मुनाफा।
    • 2021 का रिटर्न: 83% का शानदार रिटर्न हासिल किया।
    • उन्होंने जेरोधा का 60-डे चैलेंज लगातार 17 विन के साथ अपने नाम किया।

‘सफल ट्रेडिंग रोमांचक नहीं, बल्कि बोरिंग होती है’

ओवरट्रेडिंग और लालच से बचने के लिए उन्होंने किताबें पढ़ना शुरू किया। जोएल ग्रीनब्लाट की मशहूर किताब ‘The Little Book That Beats the Market’ से प्रेरणा लेकर उन्होंने सिस्टमैटिक इन्वेस्टिंग का तरीका समझा।

आज वे F&O से मिलने वाले मुनाफे को इक्विटी में अपने बनाए सिस्टमैटिक फ्रेमवर्क के जरिए लंबे समय के लिए इन्वेस्ट करते हैं। पिछले 7 सालों में उनका वास्तविक CAGR लगभग 48% रहा है। उनका सबसे बड़ा गुरुमंत्र है, ‘मैंने सब कुछ किताबों, यूट्यूब, वेबिनार और आर्टिकल्स से सीखा है, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।’

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़

X पर उनकी यह कहानी सामने आते ही लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आने लगीं। एक यूजर ने लिखा, ‘₹10 लाख के कर्ज में फेल होने के बाद आम तौर पर लोग ट्रेडिंग छोड़ देते हैं, लेकिन इन्होंने कर्ज चुकाया और सीखते रहे। यही असली कहानी है।’ दूसरे यूजर ने कहा, ‘ऑप्शन बाइंग के जाल से निकलकर सिस्टमैटिक ऑप्शन सेलिंग और बैकटेस्टिंग अपनाना ही सबसे समझदारी भरा कदम था।’

नए निवेशकों के लिए क्या है सीख?

ट्रेडर का यह सफर यह साबित करता है कि शेयर बाजार में टिके रहने के लिए ‘टिप्स’ नहीं, बल्कि ‘सिस्टम और अनुशासन’ काम आता है। अगर आप भी बाजार में लंबे समय के लिए टिकना चाहते हैं, तो बिना सीखे दांव लगाने के बजाय बैकटेस्टिंग, रिस्क मैनेजमेंट और सब्र को अपनी ताकत बनाएं।

Disclaimer: मनीकंट्रोल ने संबंधित व्यक्ति द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। यह जानकारी पूरी तरह से  X पर उनके बयानों/पोस्ट पर आधारित है और केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है, इसे निवेश की सलाह न माना जाए।

Hindustan Aeronautics Share Price: गोल्डमैन सैक्स ने अपग्रेड की रेटिंग, शेयर 5% चढ़ा

Hindustan Aeronautics Share Price: डिफेंस इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयरों में 6 अगस्त को तेजी देखने को मिली। शेयर 5 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। शेयर में आज यह तेजी ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स के इस स्टॉक को अपग्रेड करने के बाद आई है। बता दें कि अक्टूबर 2025 में ब्रोकरेज द्वारा कवरेज शुरू करने के बाद से HAL को गोल्डमैन सैक्स से मिला यह पहला अपग्रेड है।

गोल्डमैन सैक्स ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) पर अपनी रेटिंग को ‘Neutral’ से बदलकर ‘Buy’ (खरीदने की सलाह) कर दिया है और इसका प्राइस टारगेट भी ₹5,545 से बढ़ाकर ₹5,870 कर दिया है। नया प्राइस टारगेट गुरुवार के क्लोजिंग लेवल से 26% की बढ़त की संभावना दिखाता है।

गोल्डमैन सैक्स ने क्या दिया तर्क

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि तेजस Mk1A फाइटर जेट की डिलीवरी में लगभग दो साल की देरी के बाद, इस फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही से HAL के काम में तेजी आएगी। उनके चैनल चेक से पता चलता है कि GE एयरोस्पेस के मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही से F-404 इंजन की डिलीवरी को सुव्यवस्थित करने की संभावना है।

HAL की कमाई पर मार्केट की आम राय LCA तेजस Mk1A प्लेटफॉर्म की संभावनाओं पर बहुत ज़्यादा केंद्रित लगती है और इसमें आने वाले दूसरे प्लेटफॉर्म की डिलीवरी पर ध्यान नहीं दिया गया है।

पिछली तिमाही की अर्निंग्स कॉल के दौरान, HAL के मैनेजमेंट ने बताया था कि उन्हें GE से छह इंजन मिले हैं और एयरक्राफ्ट का टेस्ट चल रहा है। मैनेजमेंट को उम्मीद थी कि अगस्त और सितंबर तक सभी मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा और स्थिति स्थिर हो जाएगी।

HAL की योजना FY27 में 20 एयरक्राफ्ट डिलीवर करने की है, जबकि FY26 में शुरुआती टारगेट 12 था, जिसे बाद में घटाकर 5 से 6 कर दिया गया था।

LCA Mk1A ऑर्डर का साइज़ ₹48,000 करोड़ है, जो FY26 के अंत में कंपनी के कुल ₹2.5 लाख करोड़ के ऑर्डर बुक का एक अहम हिस्सा है।

28 एनालिस्ट हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स को कवर करते हैं, जिनमें से 23 की रेटिंग ‘buy’ है, 1 की ‘hold’ है और 4 की रेटिंग ‘Sell’ है। प्राइस टारगेट के आम अनुमानों के अनुसार, मौजूदा स्तरों से इसमें 10.1% की बढ़त की संभावना है।

गुरुवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स के शेयर 5.36% बढ़कर ₹4,895.80 पर ट्रेड कर रहे हैं। पिछले एक महीने में इस स्टॉक में 10% की बढ़त हुई है, जिससे साल की शुरुआत से अब तक इसमें कुल 11.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 160 अंक चढ़ा, निफ्टी 24600 के पार, Shriram Finance, Eternal, Cipla टॉप गेनर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।