सऊदी अरब में तैनात होंगी पाकिस्तान-तुर्किये की फौज:हूती विद्रोहियों के खिलाफ साथ आए तीनों देश; पिछले महीने पाकिस्तान ने मदद से इनकार किया था

पाकिस्तान और तुर्किये अपनी सेना जल्द सऊदी अरब में तैनात करेगी। यह फैसला सोमवार को रियाद में मक्का गठबंधन की आपात बैठक में हुआ। हूती विद्रोहियों से जुड़े हमलों के बाद सुरक्षा खतरों को देखते हुए तीनों देश साथ आ गए हैं। हूतियों ने यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। यह इलाका सऊदी अरब के बेहद करीब है। इससे सऊदी की सुरक्षा और व्यापार पर संकट बढ़ गया है। हालांकि, इससे पहले पाकिस्तान ने सितंबर में सऊदी को सैन्य मदद देने से इनकार कर दिया था। यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी ने हूती हमले के बाद सबसे पहले पाकिस्तान से मदद मांगी थी। लेकिन पाकिस्तान ने कहा कि उसकी सेना किसी दूसरे देश की जमीन पर युद्ध में शामिल नहीं होगी। हूती विद्रोहियों ने लाल-सागर में दो और द्वीपों पर कब्जा किया यमन के हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी लाल सागर में दो और अहम द्वीपों पर कब्जा कर लिया है। यमन सरकार के मुताबिक हूतियों ने ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश द्वीपों पर अपने लड़ाके तैनात किए हैं। ये द्वीप बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से करीब 160 किमी उत्तर में हैं। इससे पहले पिछले हफ्ते हूतियों ने लाल सागर के किनारे बसे बंदरगाह शहर मोखा और बाब अल-मंदेब में मौजूद मायून द्वीप पर भी कब्जा किया था। इन दोनों जगहों पर सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सरकारी सेना का नियंत्रण था। हूतियों के इन द्वीपों पर कब्जे से लाल सागर के समुद्री रास्ते पर उनका दबदबा और मजबूत हो गया है। बाब अल-मंदेब एशिया से यूरोप जाने वाले जहाजों के लिए शॉर्टकट रास्ता है। यहां से गुजरने के बाद जहाज स्वेज नहर के रास्ते भूमध्य सागर तक पहुंचते हैं। सऊदी अरब जल्द हूतियों पर हमला कर सकता है सऊदी अरब यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जंग शुरू करने की तैयारी कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी 1 लाख से ज्यादा सैनिकों को यमन में उतार सकता है। इसका मकसद बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को हूतियों के कब्जे से छुड़ाना और समुद्री व्यापार का रास्ता सुरक्षित करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के सामने सैन्य कार्रवाई के दो विकल्प हैं – इस ऑपरेशन का नेतृत्व यमन की सेनाएं करेंगी, जिन्हें सऊदी अरब का समर्थन मिलेगा। जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब हवाई हमले भी कर सकता है। मक्का पैक्ट लागू- एक पर हमला तीनों पर माना जाएगा रियाद में सोमवार को हुई बैठक में मक्का रक्षा समझौता औपचारिक रूप से लागू हो गया है। इस समझौते के तहत एक देश पर हमला तीनों पर माना जाएगा। इस बैठक में तीनों देशों के वरिष्ठ रक्षा और सैन्य अधिकारी शामिल हुए। तुर्किये की ओर से विदेश मंत्री हाकान फिदान, रक्षा मंत्री याशार ग्यूलर शामिल हुए। सऊदी अरब की ओर से विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान शामिल हुए। पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने किया। उनके साथ चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी मौजूद रहे। पाकिस्तान के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल नौमान महमूद भी बैठक में शामिल हुए। उन्हें मक्का रक्षा पैक्ट का महासचिव नियुक्त किया गया है।

YouTube पर मशहूर होने की धुन में 9 साल के बच्चे ने उड़ाए 1.25 करोड़ रुपये, बेटे की इस हरकत से पिता की जा सकती है नौकरी

हाल के समय में सोशल मीडिया का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ा है और आज बहुत से लोग सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बनने के लिए बहुत उत्साहित रहते हैं। हालांकि इस कोशिश में लोग अक्सर किसी भी हद तक चले जाते हैं। ऐसी ही एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जो आपको चौंका देगी। ज्यादा व्यूज पाने की चाहत में नौ साल के एक लड़के ने चुपके से अपने पिता के ऑफिस का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल किया और पूरे 1.13 करोड़ खर्च कर दिए। लड़के की लापरवाही के कारण अब उसके पिता की नौकरी खतरे में पड़ गई है।

यह पूरी कहानी नौ साल के एक लड़के और उसके पिता डेव के बारे में है। माइक नाम का यह लड़का “माइटी माइक प्लेज” (Mighty Mike Plays) नाम का एक YouTube चैनल चलाता है, जिस पर वह Minecraft और Roblox जैसे गेम्स के गेमप्ले वीडियो और रोबोटिक्स से जुड़ा कंटेंट अपलोड करता है। किसी भी युवा क्रिएटर की तरह माइक भी इस बात से परेशान था कि उसके वीडियो पर ज़्यादा व्यूज नहीं आ रहे थे। उसकी निराशा को दूर करने के लिए उसके पिता डेव ने उसे YouTube Ads के बारे में बताया। तभी उनके पिता ने उन्हें सिखाया कि सिर्फ $20 (लगभग ₹1,600–₹1,700) में एक छोटा सा ऐड कैंपेन कैसे शुरू किया जाए। उन्होंने उन्हें बजट बनाना ऑडियंस चुनना और विज्ञापन लॉन्च करना सिखाया।

माइक ने शॉर्टकट अपनाया

माइक को अपने पिता की सीख तो याद थी, लेकिन उसने बजट की बात को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। उसका मानना ​​था कि वह जितना ज्यादा पैसा खर्च करेगा, वीडियो को उतने ही ज्यादा व्यूज मिलेंगे। उसके पिता के ऑफिस का क्रेडिट कार्ड पहले से ही Google अकाउंट में सेव था। अगले लगभग तीन हफ्तों तक माइक अकेले ही ऐड टूल्स का इस्तेमाल करता रहा और एक के बाद एक ज्यादा महंगे एडवरटाइजिंग कैंपेन चलाता रहा।

गूगल ने बिना किसी रुकावट के हर कैंपेन के लिए उसके पिता के ऑफिस क्रेडिट कार्ड से पेमेंट काटना शुरू कर दिया। हालांकि जब तीन महीने बाद कुल बिल सामने आया तो वह पूरी तरह हैरान रह गया। बिल कोई छोटी-मोटी रकम नहीं थी। कुल मिलाकर यह $118,000 की भारी-भरकम रकम थी—जो लगभग ₹1.13 करोड़ के बराबर है।

कंपनी की मीटिंग में सच सामने आया

जब डेव को ऑफिस के कॉन्फ्रेंस रूम में बुलाया गया तो उसे पूरी स्थिति के बारे में पता चला। वहां कंपनी मैनेजर के साथ HR और फाइनेंस टीमें भी मौजूद थीं। उन्होंने उसके सामने तीन हफ्ते के एडवरटाइजिंग कैंपेन का पूरा खर्च रखा और उससे सफाई मांगी। अब डेव सोच रहा है कि क्या उसकी नौकरी बचेगी या उसे अपनी जेब से पूरी रकम चुकानी पड़ेगी।

मजेदार बात यह है कि डेव के बेटे माइक ने जो तरीका अपनाया वह सच में काम कर गया। इतना बड़ा खर्च करने के बाद माइक के वीडियो को 2,00,000 से ज्यादा बार देखा गया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने बताया कि उन्हें YouTube पर गेमिंग के लंबे-लंबे विज्ञापन दिख रहे थे। जब उसके पिता ने इस बारे में उससे पूछा तो बेटे ने बड़े मासूमियत से जवाब दिया, “अब तो मेरी खैर नहीं।”

इस चौंकाने वाली घटना के बाद माइक के परिवार ने चैनल को बंद करने या कुछ समय के लिए सस्पेंड करने का फैसला किया है। साथ ही कड़े कदम भी उठाए जा रहे हैं—जैसे कि पैरेंटल कंट्रोल लागू करना, खर्च की सीमा तय करना और सेव की गई पेमेंट डिटेल्स को हटाना। गौरतलब है कि माइक के पिता ने खुद अपने बेटे के चैनल पर एक वीडियो पोस्ट करके ये बातें बताईं। इस घटना से हड़कंप मच गया है और फिलहाल हर तरफ इसी की चर्चा हो रही है।

रिपोर्ट- पाकिस्तान ने सऊदी की मदद करने से इनकार किया:हूती विद्रोहियों के हमले के बाद सऊदी ने इजराइल से मदद मांगी

यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के बड़े इलाके पर हूती विद्रोहियों के कब्जे के बाद सऊदी अरब बड़े संकट में है। यरुशलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के मक्का रक्षा गठबंधन के साथी पाकिस्तान ने यमन में लड़ने के लिए अपनी सेना या सैन्य संसाधन भेजने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने कहा है कि उसकी सेना सऊदी अरब की जमीन की रक्षा के लिए तैनात की जा सकती है, लेकिन वह किसी दूसरे देश की जमीन पर युद्ध में शामिल नहीं होगी। इसके बाद सऊदी अरब ने हूती सैन्य कार्रवाई से निपटने के लिए अब इजराइल से खुफिया मदद मांगी है। यह बातचीत अमेरिका की मध्यस्थता में हुई। खास बात यह है कि सऊदी अरब इजराइल को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता नहीं देता। उसके इजराइल के साथ राजनयिक संबंध भी नहीं हैं। इसके बावजूद रियाद ने इजराइल से मदद मांगी है। पाकिस्तान-सऊदी ने अगस्त में रक्षा समझौता साइन किया था ‘एक पर हमला, मतलब तीनों पर हमला।’ इसी सिद्धांत के साथ पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने 7 अगस्त को ‘मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट’ पर साइन किया था। तीनों देशों के बीच इस समझौते को कई जानकारों ने ‘मुस्लिम नाटो’ की दिशा में एक अहम कदम माना था। इसकी वजह यह थी कि यह समझौता NATO की तरह सदस्य देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की बात करता है। इसके तहत जरूरत पड़ने पर तीनों देश एक-दूसरे की सैन्य मदद करेंगे, आधुनिक हथियारों की संयुक्त खरीद करेंगे, रक्षा तकनीक साझा करेंगे और सुरक्षा से जुड़े मामलों में मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच सामूहिक आत्मरक्षा की अलग संधि भी है। इसके बावजूद हूती हमले के बाद पाकिस्तान ने सऊदी को सेना मदद देने से साफ इनकार कर दिया। अमेरिका और ब्रिटेन ने भी नहीं की सऊदी की मदद यमन में हूती विद्रोहियों के हमले और तेजी से बढ़ते कब्जे ने सऊदी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब अब मदद के लिए अपने सहयोगी देशों से संपर्क कर रहा है। पाकिस्तान के अलावा अमेरिका और ब्रिटेन ने भी यमन में हूती संगठन के खिलाफ सीधे हमले करने से इनकार कर दिया है। अमेरिका ने खुफिया मदद देने की पेशकश की है, जबकि ब्रिटेन सैन्य सलाहकार देने की बात कह रहा है। इजराइली अखबार इजराइल हायोम के मुताबिक, सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने हूतियों के हमलों से निपटने के लिए दूसरे खाड़ी देशों और मिस्र से भी मदद मांगी है। हूती विद्रोहियों ने लाल-सागर में दो और द्वीपों पर कब्जा किया यमन के हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी लाल सागर में दो और अहम द्वीपों पर कब्जा कर लिया है। यमन सरकार के मुताबिक हूतियों ने ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश द्वीपों पर अपने लड़ाके तैनात किए हैं। ये द्वीप बाब-अल मंदेब स्ट्रेट से करीब 160 किमी उत्तर में हैं। इससे पहले पिछले हफ्ते हूतियों ने लाल सागर के किनारे बसे बंदरगाह शहर मोखा और बाब-अल मंदेब में मौजूद मायून द्वीप पर भी कब्जा किया था। इन दोनों जगहों पर सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सरकारी सेना का नियंत्रण था। हूतियों के इन द्वीपों पर कब्जे से लाल सागर के समुद्री रास्ते पर उनका दबदबा और मजबूत हो गया है। बाब-अल-मंदेब एशिया से यूरोप जाने वाले जहाजों के लिए शॉर्टकट रास्ता है। यहां से गुजरने के बाद जहाज स्वेज नहर के रास्ते भूमध्य सागर तक पहुंचते हैं। बाब अल-मंदेब बंद हुआ तो जहाजों को लेना पड़ेगा लंबा रास्ता अगर बाब अल-मंदेब के पास तनाव बढ़ा और जहाजों की आवाजाही बंद हुई, तो एशिया और यूरोप के बीच चलने वाले जहाजों को अफ्रीका के चारों ओर घूमकर जाना पड़ेगा। अभी जहाज लाल सागर और स्वेज नहर के रास्ते जाते हैं। यह रास्ता बंद होने पर उन्हें अफ्रीका के दक्षिणी छोर से केप ऑफ गुड होप के रास्ते जाना होगा। इससे जहाजों को हजारों किलोमीटर ज्यादा दूरी तय करनी पड़ेगी और सफर में कई दिन ज्यादा लगेंगे। इससे ईंधन और शिपिंग का खर्च बढ़ेगा। लंबे समय तक रास्ता बंद रहा तो सामान पहुंचने में देरी हो सकती है। तेल, पेट्रोल-डीजल और दूसरी आयातित चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका असर भारत में आयात लागत और महंगाई पर भी पड़ सकता है। 12 साल से चल रही हैं यमन में लड़ाई यमन में सरकार और हूतियों के बीच करीब 12 साल से लड़ाई चल रही है। सऊदी अरब यमन की सरकार का समर्थन करता है, जबकि हूतियों को ईरान का समर्थन मिलता है। 2022 में दोनों पक्षों के बीच सीजफायर हुआ था। इसके बाद बड़े पैमाने पर लड़ाई काफी कम हो गई थी। अब हूतियों की बढ़त के बाद यमन में फिर बड़े गृहयुद्ध का खतरा पैदा हो गया है। —————— यह खबर भी पढ़ें… हूती विद्रोहियों की पसंदीदा गाड़ी बनी टोयोटा हिलक्स: इस पर मशीनगन-रॉकेट लॉन्चर लगाना आसान, 45 साल से दुनियाभर के आतंकियों की पहचान बनी यमन के लाल सागर तट पर पिछले हफ्ते हूती लड़ाकों का बड़ा काफिला नजर आया। इसमें बड़ी संख्या में टोयोटा हिलक्स पिकअप शामिल थीं। कई गाड़ियों पर मशीनगन और रॉकेट लॉन्चर लगे थे। पूरी खबर पढ़ें…

Shani Nakshatra Gochar 2026: 9 अक्टूबर से इन 4 राशियों पर मेहरबान रहेंगे शनि, करियर में तरक्की, नए मौके और दिलाएंगे आर्थिक लाभ

Shani Nakshatra Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव का अपने ही स्वामित्व वाले उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में गोचर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली घटना मानी जाती है। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी स्वयं शनिदेव हैं। जब शनि अपने ही नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो उनकी ऊर्जा अधिक स्थिर, अनुशासित और कर्माधारित परिणाम देने वाली हो जाती है। 9 अक्टूबर 2026 को शनिदेव वक्री चाल चलते हुए पुनः उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इससे पहले शनि ने 20 जनवरी 2026 को पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र से निकलकर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश किया था।

उत्तराभाद्रपद नक्षत्र स्थिरता और आध्यात्मिक गहराई का प्रतीक है। शनि यहां कठोर परिश्रम और ईमानदारी का फल देते हैं। यह गोचर जल्दबाजी या शॉर्टकट की जगह लंबे समय के लिए की गई योजना और निवेश को लाभ देता है। इस परिवर्तन से विशेष रूप से वृषभ, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों को करियर, वेतन वृद्धि और अटके हुए कार्यों में प्रगति के योग बनते हैं। आइए जानते हैं शनि के नक्षत्र परिवर्तन से किन राशि वालों को सबसे ज्यादा लाभ मिलने के योग हैं।

वृषभ राशि : शनि का नक्षत्र परिवर्तन आने वाले कुछ दिनों में करियर और धन के मामले में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। इस दौरान अटके हुए काम पूरे होने की संभावना है। नौकरी में पद और प्रमोशन, कारोबार में नए प्रोजक्ट मिल सकते हैं। इस दौरान आपकी आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी।

तुला राशि : आर्थिक नजरिए से तुला राशि वालों के लिए शनि का उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में गोचर अच्छा रहेगा। इस दौरान अधूरे पड़े कामों में गति आएगी और लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिलेगी। नौकरीपेशा लोगों को उनके कार्यक्षेत्र में मेहनत का फल मिलेगा और व्यापार में अच्छा मुनाफा भी हासिल होगा।

मकर राशि : शनि का नक्षत्र परिवर्तन मकर राशि वालों के लिए बहुत ही शुभ और अच्छा रहेगा। करियर में स्थिरता, प्रमोशन और वेतन वृद्धि के योग बनेंगे। व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुलेंगे। शनि के नक्षत्र परिवर्तन से आपको लाभ के कई तरह के सुनहरे मौके मिलेंगे।

कुंभ राशि : कुंभ राशि वालों के लिए शनि का नक्षत्र परिवर्तन करियर-कारोबार के लिहाज से अच्छा रहेगा। नौकरीपेशा जातकों के लिए नौकरी में कोई ऊंचा मुकाम मिल सकता है। नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। लंबे समय से अटके हुए काम पूरेह होंगे और व्यापार में नए अवसर और मुनाफा मिल सकता है।

शुभ उपाय

शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

“ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का नियमित रूप से 108 बार जाप करें।

जरूरतमंदों या श्रमिकों की सहायता करें।

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Sun Transit in Virgo 2026: ग्रहों के राजा सूर्य करेंगे कन्या राशि में प्रवेश, इन 4 राशियों के लिए करियर, धन और सफलता में लगेंगे चार चांद

Wealth Building Tips: बड़ी सैलरी नहीं, ये 5 आदतें बनाएंगी आपको अमीर! CA से जानिए ‘गोल्डन रूल्स’

5 Wealth Building Money Habits: अक्सर हम सोचते हैं कि अगर हमारी सैलरी लाखों में हो जाए, तो हमारी सारी आर्थिक दिक्कतें दूर हो जाएंगी और हम रातों-रात अमीर बन जाएंगे। लेकिन कड़वा सच यह है कि केवल ज्यादा सैलरी होने से कोई अमीर नहीं बनता। अगर पैसे का सही मैनेजमेंट न हो, तो लाख रुपये कमाने वाला इंसान भी महीने के आखिर में खाली हाथ रह सकता है।

न्यूज18 तेलुगु से बातचीत में हैदराबाद स्थित ‘अखिल कंचर्ला एंड एसोसिएट्स’ के फाउंडर और सीए अखिल कंचर्ला ने बताया कि अमीर बनने के लिए बड़ी सैलरी से ज्यादा जरूरी आपकी ‘फाइनेंशियल हैबिट्स’ होती हैं। उन्होंने ऐसे 5 आसान मनी हैबिट्स शेयर किए हैं, जो आपको आर्थिक रूप से मजबूत बना सकते हैं।

आइए आसान भाषा में समझते हैं इन 5 आदतों का पूरा गणित।

1. खर्च करने से पहले करें बचत

ज्यादातर लोग महीना शुरू होते ही पहले अपने सारे बिल, राशन और लग्जरी खर्च निपटाते हैं, और फिर जो बच जाता है उसे सेव करने की सोचते हैं। सीए अखिल कंचर्ला के मुताबिक यह तरीका पूरी तरह गलत है।

उन्होंने बताया कि अगर आपकी सैलरी ₹1 लाख महीना है, तो सैलरी आते ही सबसे पहले ₹20,000 से ₹30,000 अपनी बचत या SIP में डाल दें। इसके बाद जो ₹70,000-₹80,000 बचें, उसी में अपना पूरा महीना चलाएं।

2. जज्बाती होकर नहीं, अनुशासित होकर करें निवेश

शेयर बाजार ऊपर जाए या नीचे, निवेश की रफ्तार रुकनी नहीं चाहिए। अमीर बनने का कोई शॉर्टकट नहीं होता; यह लंबे समय तक लगातार निवेश करने से ही संभव है।अपनी रिस्क क्षमता और लक्ष्य के हिसाब से EPF, PPF, म्यूचुअल फंड्स, NPS या बॉन्ड्स चुनें।

जब बाजार गिरता है, तो पैनिक होकर निवेश रोकना सबसे बड़ी गलती होती है। गिरावट का मतलब यह नहीं कि आपका फंड खराब हो गया है। अनुशासन के साथ बने रहना ही असली समझदारी है।

3. ‘लाइफस्टाइल इंफ्लेशन’ से बचें

जैसे ही हमारी सैलरी ₹50,000 से बढ़कर ₹1 लाख होती है, हम तुरंत बड़ा घर, महंगी गाड़ी, महंगे फोन और छुट्टियां प्लान करने लगते हैं। इसे ‘लाइफस्टाइल इंफ्लेशन’ कहते हैं।

सीए की सलाह है कि अपनी जीवनशैली सुधारना बुरी बात नहीं है, लेकिन खर्च उसी रफ्तार से न बढ़ाएं जिस रफ्तार से सैलरी बढ़ी है। अगर आपकी सैलरी ₹30,000 बढ़ती है, तो उसमें से ₹10,000 अपनी लाइफस्टाइल सुधारने पर खर्च करें और बाकी ₹20,000 को अपनी सेविंग्स या इन्वेस्टमेंट में बढ़ा दें।

4. इंश्योरेंस को सुरक्षा समझें, निवेश का जरिया नहीं

बहुत से लोग हेल्थ या लाइफ इंश्योरेंस को भी रिटर्न देने वाली स्कीम मान लेते हैं। एक मेडिकल इमरजेंसी आपकी सालों की जमा पूंजी और निवेश को एक झटके में खत्म कर सकती है। हेल्थ कवर आपको इस वित्तीय झटके से बचाता है। लाइफ इंश्योरेंस आपके परिवार को आपकी गैरमौजूदगी में आर्थिक सुरक्षा देता है।इंश्योरेंस का मुख्य मकसद जोखिम प्रबंधन है, रिटर्न कमाना नहीं।

5. साल में कम से कम एक बार करें पैसों का रिव्यू

अमीर बनने की प्रक्रिया ‘एक बार निवेश करो और भूल जाओ’ जैसी नहीं है। अपनी कमाई, खर्च, लोन, इंश्योरेंस और पोर्टफोलियो की समय-समय पर समीक्षा करना जरूरी है। जो फंड आपने 5 साल पहले चुना था, हो सकता है कि अब वह वैसा प्रदर्शन न कर रहा हो।

साल में कम से कम एक बार अपने पोर्टफोलियो का रिव्यू करने से बेकार के खर्चों, खराब प्रदर्शन वाले फंड्स और टैक्स से जुड़ी गलतियों को समय रहते सुधारा जा सकता है।

सीए अखिल कंचर्ला कहते हैं, ‘अमीर बनना किसी जादुई स्कीम को ढूंढने के बारे में नहीं है, बल्कि एक ऐसा फाइनेंशियल सिस्टम बनाने के बारे में है जो हर महीने बिना रुके काम करे। इन 5 आदतों का निचोड़ बस इतना है- Earn, Save, Protect, Invest, Review। अगर अनुशासन नहीं है, तो आपकी सैलरी जितनी तेजी से बढ़ेगी, आपका पैसा उतनी ही तेजी से गायब भी होगा।’

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

Teachers Day 2026: दिल छू लेंगे ये 10 मोटिवेशनल कोट्स, अपने पसंदीदा टीचर को भेजकर बनाएँ उनका दिन खास

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Teachers Day motivational quotes

Happy Teachers Day Thoughts:  शिक्षक दिवस पर पढ़िए महान लोगों के महान विचार। 5 सितंबर को मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस के अवसर पर, यहां 10 मोटिवेशनल कोट्स दिए गए हैं। इन्हें आप भी अपने फेसबुक, व्हाट्‍सअप या सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा करके शिक्षक दिवस पर अपने टीचर्स के साथ इन बेहतरीन क्षणों का आनंद लें।

 

  1. “एक बेहतरीन शिक्षक दीपक की तरह होता है—वह खुद जलकर दूसरों का रास्ता रोशन करता है।”
  2. “शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है, जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं।”
  3. “अक्षर-अक्षर हमें सिखाते, शब्द-शब्द का अर्थ बताते, कभी प्यार से कभी डांट से, जीवन जीना हमें सिखाते।”
  4. “साधारण शिक्षक बताते हैं, अच्छे शिक्षक समझाते हैं, उत्कृष्ट शिक्षक करके दिखाते हैं, लेकिन महान शिक्षक प्रेरित करते हैं।”
  5. “माता-पिता हमें जीवन देते हैं, लेकिन शिक्षक हमें उस जीवन को सही और सार्थक तरीके से जीने की कला सिखाते हैं।”
  6. “शिक्षण एक ऐसा पेशा है जो बाकी सभी पेशों और भविष्य के निर्माताओं को जन्म देता है।”
  7. “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, और सही रास्ते पर चलने की हिम्मत केवल एक सच्चा गुरु ही दे सकता है।”
  8. “जो व्यक्ति ज्ञान का सम्मान करता है, सफलता उसके कदम चूमती है; और ज्ञान का द्वार केवल शिक्षक ही खोलते हैं।”
  9. “एक अच्छा शिक्षक एक किताब की तरह होता है—जितना अधिक आप उन्हें जानेंगे, उतना ही आपका ज्ञान समृद्ध होगा।”
  10. “सपने देखने की प्रेरणा देना और उन सपनों को सच करने की ताक़त जगाना ही एक महान शिक्षक की पहचान है।”

 

सभी गुरुजनों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

7 साल में ₹5 लाख से बनाया ₹1.30 करोड़ का पोर्टफोलियो! ट्रेडर की इस एक सीक्रेट ट्रिक ने बदली किस्मत, जानिए पूरा फॉर्मूला

Share Market Success Story: शेयर बाजार और ट्रेडिंग को लोग अक्सर रातों-रात अमीर बनने की ‘जैकपॉट मशीन’ समझते हैं। लेकिन बिना सोचे-समझे लगाया गया दांव आपको अमीर बनाने के बजाय कंगाल भी कर सकता है! इसी धारणा को पूरी तरह से झुठलाते हुए एक ट्रेडर ने साबित कर दिया कि बाजार में असली पैसा तुक्के से नहीं, बल्कि अनुशासन और सही सिस्टम से बनता है।

महज ₹5 लाख की शुरुआती पूंजी से सफर शुरू करने वाले इस ट्रेडर ने 7 सालों के उतार-चढ़ाव, भारी घाटे और अपनी गलतियों से सीखते हुए ₹1.30 करोड़ का विशाल पोर्टफोलियो खड़ा कर दिया। आइए आपको बताते हैं बिना किसी शॉर्टकट के शेयर बाजार में मिली इस शानदार कामयाबी की पूरी इनसाइड स्टोरी।

₹5 लाख से शुरुआत और ‘स्टॉक टिप्स’ की शुरुआती नाकामी

ट्रेडर ने अपने बाजार के सफर की शुरुआत साल 2018-19 में करीब ₹5 लाख के साथ की थी। नए निवेशकों की तरह वे भी शुरुआत में लोगों के दिए ‘स्टॉक टिप्स’ पर आंख मूंदकर भरोसा करते थे और मार्केट खुलते ही शेयर्स में शॉर्टिंग करते थे। हालांकि इस रणनीति से कुछ पैसे जरूर बने, लेकिन ब्रोकरेज और टैक्स चुकाने के बाद हाथ में कुछ खास नहीं बचा।

ऑप्शन बाइंग से सेलिंग का सफर और ₹10 लाख के कर्ज का झटका

शुरुआती दौर के बाद उन्होंने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में कदम रखा और ऑप्शन बाइंग शुरू की। यूट्यूब पर वित्तीय एक्सपर्ट्स का वीडियो देखने के बाद उनके सोचने का तरीका बदला और वे ‘ऑप्शन बायर’ से ‘ऑप्शन सेलर’ बनने की तरफ बढ़े।

ऑप्शन सेलिंग के लिए ज्यादा पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने अपने दोस्त से ₹10 लाख उधार लिए। दुर्भाग्य से यह रणनीति पूरी तरह से फेल हो गई और उन्हें भारी नुकसान हुआ। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, दोस्त का पूरा कर्ज चुकाया और अपनी गलतियों से सीख लेकर नए सिरे से पढ़ाई शुरू की।

‘StockMock’ पर बैकटेस्टिंग ने बदली पूरी किस्मत

उनकी ट्रेडिंग जर्नी में असली टर्निंग प्वाइंट तब आया जब उन्होंने StockMock प्लेटफॉर्म पर अपने ट्रेडिंग सिस्टम की नियमबद्ध बैकटेस्टिंग शुरू की। उन्होंने ‘टाइम-बेस्ड शॉर्ट स्ट्रैडल्स’ का टेस्टिंग किया और बिना किसी इमोशन में बहे कड़े अनुशासन से नियमों का पालन किया:

    • 2020 का रिटर्न: 86% का बंपर मुनाफा।
    • 2021 का रिटर्न: 83% का शानदार रिटर्न हासिल किया।
    • उन्होंने जेरोधा का 60-डे चैलेंज लगातार 17 विन के साथ अपने नाम किया।

‘सफल ट्रेडिंग रोमांचक नहीं, बल्कि बोरिंग होती है’

ओवरट्रेडिंग और लालच से बचने के लिए उन्होंने किताबें पढ़ना शुरू किया। जोएल ग्रीनब्लाट की मशहूर किताब ‘The Little Book That Beats the Market’ से प्रेरणा लेकर उन्होंने सिस्टमैटिक इन्वेस्टिंग का तरीका समझा।

आज वे F&O से मिलने वाले मुनाफे को इक्विटी में अपने बनाए सिस्टमैटिक फ्रेमवर्क के जरिए लंबे समय के लिए इन्वेस्ट करते हैं। पिछले 7 सालों में उनका वास्तविक CAGR लगभग 48% रहा है। उनका सबसे बड़ा गुरुमंत्र है, ‘मैंने सब कुछ किताबों, यूट्यूब, वेबिनार और आर्टिकल्स से सीखा है, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।’

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़

X पर उनकी यह कहानी सामने आते ही लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आने लगीं। एक यूजर ने लिखा, ‘₹10 लाख के कर्ज में फेल होने के बाद आम तौर पर लोग ट्रेडिंग छोड़ देते हैं, लेकिन इन्होंने कर्ज चुकाया और सीखते रहे। यही असली कहानी है।’ दूसरे यूजर ने कहा, ‘ऑप्शन बाइंग के जाल से निकलकर सिस्टमैटिक ऑप्शन सेलिंग और बैकटेस्टिंग अपनाना ही सबसे समझदारी भरा कदम था।’

नए निवेशकों के लिए क्या है सीख?

ट्रेडर का यह सफर यह साबित करता है कि शेयर बाजार में टिके रहने के लिए ‘टिप्स’ नहीं, बल्कि ‘सिस्टम और अनुशासन’ काम आता है। अगर आप भी बाजार में लंबे समय के लिए टिकना चाहते हैं, तो बिना सीखे दांव लगाने के बजाय बैकटेस्टिंग, रिस्क मैनेजमेंट और सब्र को अपनी ताकत बनाएं।

Disclaimer: मनीकंट्रोल ने संबंधित व्यक्ति द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। यह जानकारी पूरी तरह से  X पर उनके बयानों/पोस्ट पर आधारित है और केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है, इसे निवेश की सलाह न माना जाए।

‘शॉर्टकट आपको नुकसान पहुंचा सकता है’; Insta reels पसंद करने वाली Gen Z को PM मोदी का संदेश

PM Modi message to reel-loving Gen Z: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने और दूसरों के संघर्षों से सीखने की अपील। एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बुधवार (12 अगस्त) को अपील करते हुए कहा कि रील के युग में रह रहे युवाओं को याद रखना चाहिए कि शॉर्टकट आपको नुकसान पहुंचा सकता है।

PM मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोविंद का जीवन दिखाता है कि दृढ़ संकल्प किसी व्यक्ति को मुश्किलों से उबरने और सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने में कैसे मदद कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद भी कोविंद के लगातार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने का जिक्र करते हुए कहा कि पद छोड़ने के बाद भी उन्होंने आराम नहीं किया। बल्कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पहल पर काम कर रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र में एक नया अध्याय खोल सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि इस मुद्दे पर पूर्व राष्ट्रपति के प्रयास भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में उनके निरंतर योगदान का हिस्सा हैं।

युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने की अपील

प्रधानमंत्री ने युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इनसे किसी खास दौर को उस व्यक्ति के जीवन के जरिए समझने का मौका मिलता है जिसने उसे खुद अनुभव किया हो। उन्होंने कहा, “आज रील का जमाना है, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आपको कहीं न कहीं खींच ले जाते हैं लेकिन इस दौर में भी, रेलवे स्टेशन पर लिखी बात याद रखें, ‘शॉर्टकट’ आपको नुकसान पहुंचा सकता है।”

PM मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सरकार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोशल मीडिया पर ‘जेन जी’ से जुड़ने की कोशिशें तेज कर दी हैं। नीट का पेपर लीक होने के खिलाफ पिछले महीने हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों से कहा था कि वे युवाओं से जुड़ने के लिए इंस्टाग्राम का सक्रिय रूप से इस्तेमाल करें और रील पोस्ट करें।

पीएम मोदी भी शेयर कर रहे हैं रील्स

हाल के हफ्तों में पीएम मोदी ने स्वयं युवाओं को संबोधित करते हुए कई बार रील शेयर की हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविंद की आत्मकथा भारतीय लोकतंत्र की धरोहर बनेगी। साथ ही नई पीढ़ी को इससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

पीएम मोदी ने कहा, “हमें भविष्य में और ऐसे कई युवाओं की जरूरत है जो कोविंद की हों। ऐसे लोग जो हालात से हार न मानें, बल्कि हर चुनौती से पार पाने का पुख्ता इरादा रखें। वे आत्मनिर्भर भारत का रास्ता बनाएंगे और यह आत्मकथा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।”

उन्होंने कहा कि आत्मकथा का शीर्षक बिल्कुल सही है क्योंकि कोविंद का जीवन और संघर्ष भले ही व्यक्तिगत थे। लेकिन उन संघर्षों की जीत भारतीय लोकतंत्र की है। पीएम मोदी ने याद किया कि बचपन में घर का सामान बचाने की कोशिश के दौरान लगी आग में कोविंद ने अपनी मां को खो दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुखद घटना कोविंद को तोड़ सकती थी। लेकिन इसके बजाय इसने उन्हें और मजबूत बनाया।

अच्छे संस्कार का किया जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि कोविंद में अच्छे संस्कार डालने में उनके पिता की अहम भूमिका रही। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन में कोविंद के साथ अपनी मुलाकातों को याद करते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति उनसे ऐसी बातें करते थे जिनकी प्रोटोकॉल के तहत आम तौर पर अनुमति नहीं होती थी। PM मोदी के मना करने के बावजूद वे उन्हें खुद कार तक छोड़ने आते थे। कोविंद ने इस अवसर पर अपने बचपन की मुश्किलों और अपने आस-पास के माहौल से मिली सीख को याद किया।

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उन्होंने याद किया कि कैसे उनके घर की छत से बारिश का पानी टपकता था। उनका परिवार बारिश रुकने का इंतजार करता था। कोविंद ने कहा कि सरकारी आवास योजनाओं के तहत करोड़ों गरीब परिवारों को सिर पर छत मिली है और उन्हें सम्मान के साथ जीने का मौका मिला है। कोविंद ने कहा कि वह BJP से इसलिए जुड़े क्योंकि उनकी नजर में यह पार्टी परिवार या समुदाय के हितों से ऊपर देश को रखती है।