जंतर-मंतर मारपीट मामला : स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया, CJP ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम, पढ़िए क्या था पूरा मामला

जंतर-मंतर मारपीट मामला : स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया, CJP ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम, पढ़िए क्या था पूरा मामला

swatantra-bhardwaj

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता के साथ कथित मारपीट के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया गया है। स्वतंत्र की गिरफ्तारी के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन कर किया था। शुक्रवार को CJP के प्रतिनिधिमंडल ने संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका भी शामिल थे। 

ALSO READ: BLA : बलूचिस्‍तान बना पाकिस्‍तानी सेना का कब्रिस्‍तान, बीएलए ने मचाई तबाही, मुनीर के 25 सैनिकों को किया ढेर

क्या था पूरा मामला

खुद को 'हिन्दुत्व एक्टिविस्ट' बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने CJP के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी। वायरल वीडियो क्लिप में भारद्वाज कथित तौर पर यह कहते नजर आए कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार की 'खोपड़ी फोड़ दी थी' और कथित घटना की गंभीरता के बावजूद जेल जाने से बच गए। CJP ने उस प्रदर्शन का आयोजन किया था, जिसके दौरान कथित मारपीट की घटना हुई थी। संगठन लगातार स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। CJP का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

दिल्ली पुलिस ने खोपड़ी में फ्रैक्चर के दावे को नकारा

विवाद उस समय और बढ़ गया जब गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने कहा कि 38 वर्षीय संजय कुमार को झड़प के दौरान सिर में साधारण चोट लगी थी। पुलिस ने उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि संजय कुमार की खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ है।  पुलिस के मुताबिक स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य आरोपी सूरज कुमार को घटनास्थल पर हिरासत में लिया गया था। दोनों से पूछताछ की गई और उन्हें नोटिस भी जारी किए गए। दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा है कि मामले में जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

 

 

कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज?

स्वतंत्र भारद्वाज एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उन पर जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। यह मामला उस समय फिर चर्चा में आ गया जब भारद्वाज से जुड़े एक पॉडकास्ट की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई।

 

हालांकि, स्वतंत्र भारद्वाज ने संजय पर हमला करने के आरोप से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी थी। भारद्वाज के मुताबिक, उन्हें करीब 10-15 लोगों ने घेर लिया था और उन्हें डर था कि उनके साथ मारपीट या उनकी हत्या तक की जा सकती है। उन्होंने वायरल पॉडकास्ट क्लिप को भी कथित तौर पर गलत तरीके से पेश किए जाने का दावा किया और कहा कि उनकी राजनीतिक संबद्धता को लेकर लोगों ने उस क्लिप को मजाक या व्यंग्य के तौर पर बनाया था।

ALSO READ: Kia Sorento : भारत में लॉन्च हुई नई प्रीमियम SUV, कीमत ₹27.99 लाख से शुरू; हाइब्रिड और डीजल इंजन के साथ मिलेगी AWD की सुविधा

निशु आजाद ने क्या आरोप लगाए?

निशु आजाद ने भारद्वाज के दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि आरोपी और उसके समर्थकों ने उन्हें परेशान किया और दुष्कर्म की धमकियां भी दीं। निशु के अनुसार, इन धमकियों को लेकर उन्होंने अलग से FIR भी दर्ज कराई है। आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान संजय के साथ गंभीर मारपीट हुई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपी अब तक बाहर क्यों है और पुलिस से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर संजय की खोपड़ी में फ्रैक्चर होने की बात को लेकर गलत सूचना फैलाई गई थी। पुलिस के अनुसार, संसद मार्ग थाने में मामला दर्ज किया जा चुका है और आरोपी से पूछताछ भी की गई है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी को अभी कुछ नोटिस दिए जाने बाकी हैं।  जांच पूरी होने के बाद सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल करने समेत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मामले को मिला राजनीतिक रंग

निशु आजाद के मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के कुछ नेताओं ने निशु के प्रति समर्थन जताया है। इसके बाद जंतर-मंतर की घटना और स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है।

2 साल में 513 वीडियो बनाए और खर्च किए 9.76 लाख पर कमाई हुई सिर्फ 1 लाख की! एंफ्लूएंसर ने बताया कंटेंट क्रिएशन का कड़वा सच

सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाकर कमाई करना आज काफी लोगों को पसंद आ रहा है। लेकिन एक कंटेट बनाने के बीच काफी मेहनत और पैसे भी लगते हैं। हाल ही में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। पोस्ट में इन्फ्लुएंसर ने दो साल की कमाई और खर्च की जानकारी दी है। शेयर किए गए पोस्ट के मुताबिक, इन्फ्लुएंसर ने कंटेंट तैयार करने में लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन इसके बदले खास कमाई नहीं हो सकी। इस पूरे खर्च में सबसे ज्यादा पैसा वीडियो एडिटिंग पर खर्च हुआ। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट काफी वायरल हो रहा है।

कंटेंट के लिए खर्च किए 9.76 लाख

नेहा गुप्ता ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है। पोस्ट में शेयर किए गए आंकड़ों के मुताबिक, कंटेंट की एडिटिंग पर उन्होंने बड़ी रकम खर्च की। लंबे वीडियो की एडिटिंग में करीब 84 हजार रुपये लगे, जबकि शॉर्ट वीडियो और रील्स के लिए करीब 7.28 लाख रुपये खर्च हुए। इस तरह सिर्फ एडिटिंग का कुल खर्च करीब 8.11 लाख रुपये रहा। गुप्ता ने कंटेंट तैयार करने के लिए जरूरी उपकरणों पर भी करीब 1.65 लाख रुपये खर्च किए। इसमें लगभग 1 लाख रुपये का iPhone भी शामिल है। एडिटिंग और उपकरणों को मिलाकर देखा जाए तो दो साल में उनका कंटेंट बनाने का कुल खर्च करीब 9.76 लाख रुपये पहुंच गया।

अब तक हुई 1 लाख की कमाई

बताया जा रहा कि, गुप्ता ने करीब चार-पांच महीने पहले पेड कोलेबोरेशन शुरू किए थे और अब तक लगभग 1 लाख रुपये की कमाई की है। वहीं, कंटेंट बनाने में उनका खर्च करीब 9.76 लाख रुपये रहा। इस तरह खर्च और कमाई के बीच करीब 8.76 लाख रुपये का अंतर है। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद कंटेंट क्रिएटर के तौर पर करियर बनाने की चुनौतियों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। 2 साल के दौरान नेहा ने कुल 513 रील बनाई।

लोगों ने किया कमेंट

एक यूजर ने कहा कि गुप्ता पेड कोलेबोरेशन से कमाई शुरू कर चुकी हैं, इसलिए आगे वह अपना खर्च निकाल सकती हैं। वहीं, दूसरे यूजर ने माना कि ये निवेश भविष्य में फायदेमंद हो सकता है, लेकिन सफलता आसान नहीं है। एक यूजर ने कमेंट किया, “मेरा यकीन करो, यह उतना आसान नहीं है जितना दिखता है।” उन्होंने कहा कि किसी क्रिएटर की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि वह अपनी स्ट्रैटेजी को कितनी अच्छी तरह लागू करता है।

एक अन्य यूजर ने कहा, “क्रिएटर इकॉनमी बाहर से भले ही ग्लैमरस लगती हो, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि कंटेंट क्रिएशन को एक फायदे वाले बिजनेस में बदलना कितना मुश्किल है।”

सोशल मीडिया पर अक्सर क्रिएटर्स की चमकदार जिंदगी, शानदार वीडियो, ब्रांड डील और बढ़ते फॉलोअर्स ही नजर आते हैं। लेकिन इसके पीछे कंटेंट तैयार करने में होने वाला खर्च दिखाई नहीं देता। कमाई शुरू होने से पहले वीडियो बनाने, एडिटिंग और दूसरे जरूरी सामान पर काफी पैसा खर्च हो सकता है।