Blue Star Share Price: ब्रोकरेज फर्म ने रेटिंग की अपग्रेड, 18% ऊपर का दिया टारगेट, क्या आप करेंगे निवेश

Blue Star Share Price: ब्रोकरेज फर्म HSBC से AC बनाने वाली कंपनी ब्लू स्टार (Blue Star) के शेयर की रेटिंग अपग्रेड कर दी। HSBC ने अब ब्लू स्टार के लिए अपनी पिछली “hold” रेटिंग को बदलकर “buy” (खरीदने) की सलाह दी है और प्रति शेयर ₹1,780 का प्राइस टारगेट तय किया है। इसका मतलब है कि पिछले क्लोजिंग प्राइस से इसमें 18% की बढ़ोतरी हो सकती है।

ब्रोकरेज ने कहा कि जून तिमाही में रूम एयर कंडीशनर (RAC) इंडस्ट्री में 25% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें वॉल्यूम में अनुमानित बढ़ोतरी 20% – 22% रही। उसने यह भी कहा कि पहली तिमाही में ब्लू स्टार के मुकाबले वोल्टास का प्रदर्शन बेहतर रहा।

HSBC ने कहा कि गर्मियों की बिक्री (जनवरी से जून) को देखें तो, ऊंचे बेस (high base) के बावजूद धीमी ग्रोथ के बावजूद ब्लू स्टार के मार्जिन स्थिर रहेकम मार्जिन गाइडेंस के कारण ब्रोकरेज ने अपने अनुमानों में कटौती की है।

उसने कहा कि मजबूत ऑर्डर बुक, डेटा सेंटर बिजनेस में मौजूदगी, मार्जिन बढ़ने की गुंजाइश और अपने मुख्य बिजनेस पर फोकस को देखते हुए उसने ब्लू स्टार की रेटिंग बढ़ाई है।

इस साल अब तक ब्लू स्टार के शेयर की कीमत में 23% की गिरावट आई है, जबकि वोल्टास के शेयरों में 8% की गिरावट देखी गई है। HSBC का कहना है कि इससे कंपनी का वैल्यूएशन अधिक आकर्षक हो गया है।

इस महीने की शुरुआत में, कंपनी ने अपनी पहली तिमाही की कमाई की रिपोर्ट दी थी, जिसमें उसका रेवेन्यू 13.3% बढ़कर ₹3,378 करोड़ हो गया, लेकिन यह CNBC-TV18 के ₹3,547 करोड़ के अनुमान से कम था। इसका EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) पिछले साल के मुकाबले 12% घटकर ₹175 करोड़ रह गया और यह बाजार के ₹247 करोड़ के अनुमान से भी काफी कम था।

कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले साल की समान अवधि के 6.7% से घटकर 5.2% हो गया और यह बाजार के 7% के अनुमान से भी कम था।

हालांकि, कंपनी ने कहा कि डेटा सेंटर MEP प्रोजेक्ट ऑर्डर का आना इस हाई-ग्रोथ सेगमेंट में लगातार बनी हुई तेजी को दिखाता है।

ब्लू स्टार पर नज़र रखने वाले 27 एनालिस्ट में से 13 ने “buy” रेटिंग, 9 ने “hold” रेटिंग और 5 ने “Sell” रेटिंग दी है। ब्लू स्टार के शेयर बढ़त के साथ खुले, लेकिन बाद में वह बढ़त खत्म हो गई और मंगलवार को शेयर 0.3% गिरकर ₹1,503.2 पर ट्रेड कर रहे थे। इस साल अब तक शेयर में 15% की गिरावट आई है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Sunshine Pictures IPO: कमांडो, नमस्ते लंदन, द केरला स्टोरी की प्रोड्यूसर का इश्यू 18 अगस्त से, ग्रे मार्केट में चढ़ा शेयर

विपुल अमृतलाल शाह की प्रोडक्शन कंपनी सनशाइन पिक्चर्स का ₹282.14 करोड़ का IPO 18 अगस्त को खुलने जा रहा है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹342-₹360 प्रति शेयर और लॉट साइज 41 शेयर है। इश्यू में ₹172.80 करोड़ के 48 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹109.34 करोड़ के 30 लाख से ज्यादा शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर और प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह और उनकी पत्नी व एक्ट्रेस शेफाली शाह शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

IPO 20 अगस्त को बंद होगा, जिसके बाद अलॉटमेंट 21 अगस्त को फाइनल हो सकता है। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 25 अगस्त को होने वाली है। इस पब्लिक इश्यू में एंकर निवेशक 17 अगस्त को बोली लगा सकेंगे। IPO के लिए GYR Capital Advisors Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है।

सनशाइन पिक्चर्स लिमिटेड फिल्मों, टीवी सीरियलों और वेब सीरीज को बनाने, डेवलप करने, प्रोड्यूस करने, मार्केटिंग करने और डिस्ट्रीब्यूट करने का काम करती है। कंपनी ने फोर्स, कमांडो, हॉलिडे, फोर्स 2, कमांडो 2 और द केरला स्टोरी, एक्शन रीप्ले, नमस्ते लंदन, आंखें, सिंह इज किंग जैसी मशहूर फिल्में बनाई हैं। इसने 10 कमर्शियल फिल्में (6 में को-प्रोड्यूसर), 2 वेब सीरीज, 2 टीवी सीरियल और एक शॉर्ट फिल्म बनाई है। अभी यह जियो स्टूडियोज के साथ मिलकर दो फिल्में को-प्रोड्यूस कर रही है। साथ ही दूरदर्शन के लिए एक वेब सीरीज बना रही है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इस इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 14.72 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Lalithaa Jewellery Mart IPO: 22 एंकर इनवेस्टर्स से मिले ₹508 करोड़, 17 अगस्त को खुलेगा ₹1700 करोड़ का इश्यू

कंपनी की वित्तीय सेहत

सनशाइन पिक्चर्स का वित्त वर्ष 2025-26 में स्टैंडअलोन बेसिस पर मुनाफा ₹40.02 करोड़ रहा। रेवेन्यू ₹74.4 करोड़ रहा। वित्त वर्ष 2025 में कंसोलिडेटेड बेसिस पर मुनाफा 35.4 प्रतिशत घटकर ₹34.5 करोड़ रहा था। रेवेन्यू भी 22.8 प्रतिशत की​ गिरावट के साथ ₹103.3 करोड़ पर आ गया। वित्त वर्ष 2025 में EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) ₹48.27 करोड़ और EBITDA मार्जिन 46.72 प्रतिशत रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GMR Airports घाटे से आई मुनाफे में, फिर क्यों हुए शेयर धड़ाम, इस कारण लगा झटका

GMR Airports Share Price: जीएमआर एयरपोर्ट्स के धमाकेदार कारोबारी नतीजे के बावजूद आज शेयर धड़ाम हो गए। जून तिमाही में कंपनी सालाना आधार पर घाटे से मुनाफे में आई तो रेवेन्य 24% बढ़ गया और साथ ही कंपनी ने ₹5000 करोड़ तक जुटाने की बात कही है। इसके बावजूद जीएमआर एयरपोर्ट्स के शेयर फिसल गए। फिलहाल बीएसई पर यह 1.01% की गिरावट के साथ ₹103.15 पर है। इंट्रा-डे में यह 1.44% गिरकर ₹102.70 तक आ गया था। पिछले एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 22 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह एक साल के निचले स्तर ₹84.02 के भाव पर था जिससे 10 महीने में यह 37.59% उछलकर पिछले महीने 7 जुलाई 2026 को एक साल के हाई ₹115.60 पर पहुंच गया था।

GMR Airports Q1 Results: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में जीएमआर एयरपोर्ट्स कंसालिडेटेड लेवल पर सालाना आधार पर ₹212 करोड़ के घाटे से ₹91 करोड़ के मुनाफे में आ गई। इसे हाई रेवेन्यू और ऑपरेटिंग अर्निंग्स से सपोर्ट मिला। कंपनी का कंसालिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 24% बढ़कर जून तिमाही में ₹3,205 करोड़ से ₹3,964 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का ईबीआईटीडीए इस दौरान 24% बढ़कर ₹1,165 करोड़ ₹1,447 करोड़ और EBITDA मार्जिन 36.3% से 36.5% पर पहुंच गया।

धमाकेदार नतीजे के बावजूद क्यों टूटा शेयर

जीएमआर एयरपोर्ट्स के शेयरों पर एक दबाव तो कमजोर मार्केट सेंटिमेंट से आया तो दूसरी वजह इसकी कारोबारी रिपोर्ट में ही है। इसकी निगेटिव इक्विटी ने इस पर दबाव डाला है तो EBITDA में डेप्रिसिएशन एंड एमॉर्टाइजेशन और फाइनेंस कॉस्ट की अधिक लागत ने भी झटका दिया है। निगेटिव इक्विटी को लेकर कंपनी ने बताया कि ऑपरेशंस से कैश फ्लो और ऑपरेटिंग परफॉरमेंस में सुधार के बावजूद जून के आखिरी में इसकी कुल इक्विटी नेगेटिव ₹1,428.65 करोड़ थी क्योंकि इसे मुख्य रूप से अनरियलाइज्ड फॉरेन-एक्सचेंज में उतार-चढ़ाव से नुकसान और पिछले वर्षों में कई प्रोजेक्ट्स के कैपिटलाइजेशन के बाद हाई डेप्रिसिएशन और फाइनेंस कॉस्ट से झटका लगा।

हालांकि कंपनी ने उम्मीद जताई है कि आने वाले कंसेशन पीरियड के लिए दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट और GMR हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टैरिफ ऑर्डर के बाद रेवेन्यू और मार्जिन में सुधार होगा। कंपनी ने यह उम्मीद जताई कि अपनी देनदारियों को पूरा करने के लिए वह पर्याप्त फंड जुटा लेगी। बोर्ड ने इसे शेयर, बॉन्ड्स और वारंट्स इत्यादि के जरिए एक या अधिक किश्तों में ₹5 हजार करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। डेप्रिएशन एंड एमॉर्टाइजेशन से झटके की बात करें तो EBITDA में इसकी हिस्सेदारी जून 2026 तिमाही में ₹455.60 करोड़ थी तो फाइनेंस कॉस्ट ₹937.93 करोड़ थी।

LAPL Automotive IPO Listing: ₹135 पर लिस्ट ₹94 का शेयर, आईपीओ को मिली थी 344 गुना बोली

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Birla Group Stocks: 9% टूटा शेयर, जून तिमाही में घाटा बढ़ा तो स्टॉक मार्केट में भी दिखी आंच

Aditya Birla Fashion Share Price: बिड़ला ग्रुप की आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के शेयरों में आज बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि यह 9% से अधिक टूट गया। कंपनी के शेयरों पर यह दबाव इसकी जून तिमाही के कारोबारी के चलते आया। जून तिमाही में कंपनी का घाटा रेवेन्यू में उछाल के बावजूद बढ़ा तो शेयरों को लेकर निवेशकों का रुझान बेयरेश हो गया और वे धड़ाधड़ इसे बेचने लगे। बिकवाली का दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया और अब भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.21% की गिरावट के साथ ₹61.28 पर है। इंट्रा-डे में यह 9.16% फिसलकर ₹57.51 तक आ गया था।

Aditya Birla Fashion के लिए कैसी रही जून तिमाही

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का नेट लॉस ₹212 करोड़ से बढ़कर ₹215.2 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹2,025.6 करोड़ पर पहुंच गया तो ईबीआईटीडीए भी 5% बढ़कर ₹117.1 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि जून तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन 6.10% से 5.78% पर आ गया।

आदित्य बिड़ला फैशन का कहना है कि जून तिमाही में पैंटालून्स (Pantaloons) से इसकी ग्रोथ को सपोर्ट मिला। TMRW के लगातार विस्तार औ लग्जरी बिजनेस में तेजी से यह मजबूत हुई। हालांकि हाई डायरेक्ट और अदर कॉस्ट्स के चलते इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रहा। साथ ही फाइनेंस की अधिक कॉस्ट और डेप्रिसिएशन के चलते भी मुनाफे पर दबाव आया।

अपने नेटवर्क के विस्तार के चलते प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव के बावजूद पेंटालून्स की रेवेन्यू ग्रोथ जून तिमाही में हेल्दी रही। TMRW का कारोबार जून तिमाही में भी बढ़ती रही और घाटा इसका कम हुआ। साथ ही लग्जरी और अन्य सेगमेंट से इसका रेवेन्यू 30% बढ़ा लेकिन मार्जिन में तेज गिरावट आई तो एथनिक सेगमेंट की ग्रोथ सुस्त रही जिस पर शादियों के छोटे सीजन का झटका दिखा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के शेयरों ने निवेशकों को काफी झटका दिया है। पिछले साल 22 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹94.95 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से यह 6 महीने में यह 43.56% फिसलकर 30 मार्च 2026 को ₹53.59 के भाव पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

पोर्टफोलियो चार्ज, 10% चढ़ गया Power India का शेयर, निकालें मुनाफा या करें होल्ड?

Ola Electric के शेयर खरीदें या बेचें, Q1 रिजल्ट के बाद इन बातों पर लें फैसला

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Raymond Realty में जबरदस्त सेलिंग, Q1 में मुनाफा घटने के बाद शेयर 10% फिसला

रेमंड रियल्टी लिमिटेड (RRL) के शेयर में 10 अगस्त को 10.5 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। बीएसई पर शेयर 617.10 रुपये के लो तक गया। कंपनी ने शुक्रवार, 7 अगस्त को अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए थे। उन पर बाजार आज प्रतिक्रिया दे रहा है। कंपनी का मुनाफा घटने से शेयर में बिकवाली का दबाव है। रेमंड रियल्टी का जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 13.43 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले मुनाफा 16.50 करोड़ रुपये था।

कुल इनकम 535.71 करोड़ रुपये रही, जो जून 2025 तिमाही में 391.86 करोड़ रुपये रही थी। कुल खर्च 520.54 करोड़ रुपये के हो गए, जो जून 2025 तिमाही में 370.41 करोड़ रुपये के थे। रेमंड रियल्टी ने जून 2026 तिमाही में 700 करोड़ रुपये की सेल्स बुकिंग दर्ज की, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा 306 करोड़ रुपये था।

जून 2026 तिमाही में कंपनी का EBITDA (अर्निंग्स बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड अमॉर्टाइजेशन) दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 61.2 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 29.8 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन बेहतर होकर 11.6 प्रतिशत हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 7.8 प्रतिशत था।

जुलाई 2025 में डीमर्ज होकर लिस्ट हुई थी Raymond Realty

रेमंड रियल्टी, रेमंड लिमिटेड से अलग होकर लिस्ट हुआ रियल्टी बिजनेस है। कंपनी के शेयर 1 जुलाई 2025 को शेयर बाजार में लिस्ट हुए। डीमर्जर के तहत रिकॉर्ड डेट 14 मई 2025 तक जिन शेयरहोल्डर्स के पास रेमंड के शेयर थे, उन्हें उनके पास मौजूद हर एक शेयर पर रेमंड रियल्टी का एक शेयर दिया गया। इससे पहले रेमंड समूह ने लाइफस्टाइल और फैशन कारोबार को अलग किया था। इसके बाद रेमंड लाइफस्टाइल लिमिटेड नामक एक अलग लिस्टेड एंटिटी सामने आई। इस डीमर्जर के हिस्से के रूप में, रेमंड लिमिटेड के शेयरधारकों को उनके पास मौजूद रेमंड के हर 5 शेयरों पर रेमंड लाइफस्टाइल के 4 शेयर मिले थे।

Stocks to Watch: Ola Electric, Titan और NMDC समेत इन स्टॉक्स पर फोकस; धांसू सब्सक्रिप्शन के बाद एक लिस्टिंग भी

शेयर 6 महीनों में 30 प्रतिशत मजबूत

कंपनी का मार्केट कैप 4100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह 6 महीनों में लगभग 30 प्रतिशत बढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.93 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Whirlpool India Q1 Results: होम अप्लायंसेस कंपनी का मुनाफा 29% घटा, शेयर में दबाव

Whirlpool India Q1 Results: कंज्यूमर ड्युरेबल कंपनी व्हर्लपूल ऑफ इंडिया (Whirlpool India) ने अपने जून तिमाही के नतीजे ऐलान किया है। तिमाही नतीजों के बाद शेयर 5% टूटा। जून तिमाही में कंपनी के मुनाफे और मार्जिन में गिरावट देखने को मिला।

कंपनी ने जून तिमाही में ₹103 करोड़ का कंसोलिडेटेड मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के ₹146 करोड़ से 29.4% कम है। राजस्व साल-दर-साल 12% बढ़कर ₹2,727 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹2,432 करोड़ था। ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन (ईबीआईटीडीए) से पहले की कमाई एक साल पहले की तिमाही में ₹211 करोड़ से 34% घटकर ₹140 करोड़ हो गई। EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 8.7% से घटकर 5% हो गया।

पिछले साल की इसी तिमाही में ₹196.4 करोड़ के मुकाबले, टैक्स से पहले का प्रॉफ़िट घटकर ₹138.8 करोड़ हो गया। कुल खर्च ₹2,289.9 करोड़ से बढ़कर ₹2,656.9 करोड़ हो गया, जिसकी मुख्य वजह कच्चे माल की ज़्यादा लागत, कर्मचारियों पर खर्च और अन्य ऑपरेटिंग खर्च थे।

कच्चे माल और इस्तेमाल किए गए पार्ट्स की लागत ₹1,187.3 करोड़ से बढ़कर ₹1,427 करोड़ हो गई, जबकि कर्मचारियों के फायदे पर होने वाला खर्च ₹221.1 करोड़ से बढ़कर ₹242.9 करोड़ हो गया। अन्य खर्च भी ₹380.7 करोड़ से बढ़कर ₹439.3 करोड़ हो गए।

फ़ाइनेंस से जुड़े खर्च ₹15.2 करोड़ से मामूली रूप से बढ़कर ₹14.8 करोड़ हो गए, जबकि डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइज़ेशन का खर्च ₹53.6 करोड़ से बढ़कर ₹54.5 करोड़ हो गया। कंपनी ने ₹103.8 करोड़ की कुल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम बताई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹146.6 करोड़ थी।

व्हर्लपूल ने कहा कि वह अभी भी एक ही रिपोर्ट करने लायक सेगमेंट होम अप्लायंसेज में काम कर रही है। कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल नतीजों में उसकी पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी, व्हर्लपूल ऑफ़ इंडिया किचन अप्लायंसेज प्राइवेट लिमिटेड का परफ़ॉर्मेंस भी शामिल है। इसके अलावा, बोर्ड ने सीनियर मैनेजमेंट में कई बदलावों को मंज़ूरी दी। अनीश आहूजा, जो अभी हेड ऑफ सर्विस हैं, 1 सितंबर से सब्सिडियरी व्हर्लपूल ऑफ़ इंडिया किचन अप्लायंसेज में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर का पद संभालेंगे।

कंपनी ने मैन्युफ़ैक्चरिंग फ़ाइनेंस के हेड अंकित गुप्ता का इस्तीफ़ा भी स्वीकार कर लिया, जो 14 अगस्त से लागू होगा, और 10 अगस्त से सौरव चक्रवर्ती को नया हेड ऑफ़ फ़ाइनेंस नियुक्त किया। इस हफ़्ते की शुरुआत में कंपनी की पैरेंट कंपनी व्हर्लपूल कॉर्प ने ग्राहकों की मांग में कमी के कारण पूरे साल के लिए अपनी कमाई का अनुमान घटा दिया था।

नतीजों के ऐलान के बाद कंपनी के शेयर 4.8% तक गिरकर ₹781.15 के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गए। शुरुआती गिरावट से उबरते हुए, अब यह शेयर 1.49% गिरकर ₹808.3 पर बंद हुआ। इस साल अब तक शेयर में 10% की गिरावट आई है।

Protean eGov का शेयर 8% टूटा, Q1 में मुनाफा 75% घटा, मार्जिन 2 साल के निचले स्तर पर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Marico Q1 Results: प्रॉफिट 25% बढ़कर 630 करोड़, रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़ा

Marico Q1 Results: मैरिको ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफि साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 630 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में प्रॉफिट 504 करोड़ रुपये था। कंपनी ने 25 जून को बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया।

भारत में बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 11 फीसदी

जून तिमाही में Marico के अच्छे प्रदर्शन में स्ट्रॉन्ग डिमांड, कोपरा की कीमतों में नरमी और नए बिजनेसेज की अच्छी ग्रोथ का हाथ है। भारत में कंपनी के बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 11 फीसदी रही। यह बीती 18 तिमाहियों में सबसे ज्यादा है। कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर 5 अगस्त को बाजार खुलने पर दिखेगा।

मानसून की स्थिति और इनफ्लेशनरी प्रेशर पर नजर

कंपनी ने बयान में कहा, “जून तिमाही में डिमांड ट्रेंड में स्थिरता दिखी, जिसे आर्थिक गतिविधियों में मजबूती का सपोर्ट मिला। कंपनी कंजम्प्शन ट्रेंड को लेकर पाॉजिटिव है, लेकिन इनफ्लेशनरी प्रेशर पर नजर बनाए रखना जरूरी है। अल नीनो के असर के पूर्वानुमान के बीच मानसून के प्रोग्रेस पर भी नजर रहेगी।”

ऑपरेशंस से रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 3,957 करोड़

जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 3,957 करोड़ रुपये रहा। कंसॉलिडेटेड एबिड्टा मार्जिन 40 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 20.7 फीसदी रहा। EBITDA का मतलब इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइजेशन से पहले की अर्निंग्स है।

स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 2794 करोड़ रुपये

स्टैंडएलोन बेसिस पर कंपनी का नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 40 फीसदी गिरकर 460 करोड़ रुपये रहा। इसकी वजह कंपनी के खर्च में इजाफा है। स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 2,794 करोड़ रुपये रहा। इंडियन बिजनेस का रेवेन्यू 21 फीसदी बढ़कर 3,003 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने कहा है कि उसका 96 फीसदी मार्केट पोर्टफोलियो जून तिमाही में बढ़ा या मार्केट शेयर मौजूदा लेवल पर बनाए रखा।

यह भी पढ़ें: Bharti Airtel Q1 Results: नेट प्रॉफिट 37% बढ़कर 8,167 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 18% बढ़ा

बीते एक साल में करीब 23 फीसदी चढ़ा है शेयर 

कंपनी के प्रोडक्ट्स में कई लोकप्रिय ब्रांड्स शामिल हैं। इनमें Parachute, Saffola, Hair and Care, Nihar Naturals, Beardo, Just Herbs, True Elements, Plix, Cosmix और 4700BC शामिल हैं। कंपनी के शेयर 4 अगस्त को 0.68 फीसदी गिरकर 875 रुपये पर बंद हुए। बीते एक साल में यह शेयर 22.73 फीसदी चढ़ा है।

Restaurant Brands का शेयर बना रॉकेट, 18% दौड़ा, क्या यह है खरीदारी का सही समय?

Restaurant Brands Asia Share Price: बर्गर किंग इंडिया की पैरेंट कंपनी रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया (Restaurant Brands Asia) के शेयरों में मंगलवार 4 अगस्त को तेज छलांग लगाते नजर आए। शेयर इंट्राडे में 19 फीसदी से ज्यादा चढ़ा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर, रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया के शेयर की कीमत ₹84 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस ₹70.76 से 18.56% ज़्यादा है। इस क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) स्टॉक में इस साल अब तक 28% की बढ़त हुई है।

शेयर में आज की तेज़ी इस स्मॉल-कैप स्टॉक को उसके 52-हफ़्ते के उच्चतम स्तर ₹87.65 के करीब ले आई है, जो पिछले साल सितंबर में बना था। वहीं, इसका 52-हफ़्ते का निचला स्तर ₹57.15 है।

कैसे रहे Q1 नतीजे

जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए, कंपनी ने ₹28.3 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह नुकसान ₹48 करोड़ था। मैनेजमेंट ने कहा कि वे प्राइसिंग ऑप्टिमाइज़ेशन, मेन्यू में नए बदलाव और फिक्स्ड कॉस्ट (जिसमें यूटिलिटीज़ भी शामिल हैं) पर बेहतर नियंत्रण के ज़रिए मुनाफा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

इस बीच, समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी के रेवेन्यू में साल-दर-साल (Y-o-Y) 18% की बढ़त हुई और यह ₹822.6 करोड़ हो गया। इसकी मुख्य वजह भारत के कारोबार में मज़बूत प्रदर्शन था, जबकि इंडोनेशिया का कारोबार कुल ग्रोथ पर दबाव डालता रहा।

कंपनी ने 13% की इंडस्ट्री-लीडिंग सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSSG) बनाए रखी। इसे डाइन-इन और डिलीवरी दोनों चैनलों पर अच्छी मांग और वैल्यू ऑफरिंग से मदद मिली।

इसने Q1 में नौ स्टोर जोड़े और FY27 में 80 स्टोर खोलने की अपनी योजना को दोहराया। इंडोनेशिया में, इसकी टर्नअराउंड स्ट्रैटेजी पर काम चल रहा है और RBA लागत पर बेहतर नियंत्रण और ऑपरेशनल सुधारों के ज़रिए नुकसान कम करने पर ध्यान दे रही है।

क्या यह है खरीदारी की सही समय

घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) इस शेयर को लेकर पॉजिटिव बनी हुई है। कंपनी ने बेहतर मार्जिन को देखते हुए FY27 के लिए EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) के अनुमान को 5% और FY28 के लिए 8% बढ़ा दिया है।

MOFSL का कहना है कि जैसे-जैसे और स्टोर मैच्योर होंगे और नेटवर्क में नए आउटलेट्स का योगदान बेहतर होगा, उनसे मार्जिन रिकवरी में मदद मिलने की उम्मीद है। कंपनी को उम्मीद है कि इंडोनेशियाई बिजनेस में धीरे-धीरे सुधार होगा क्योंकि कंपनी ने खराब प्रदर्शन करने वाले स्टोर बंद करके अपने पोर्टफोलियो को बेहतर बनाया है। हालांकि, उसे उम्मीद है कि इंडोनेशिया में निकट भविष्य में चुनौतियां बनी रहेंगी।

ब्रोकरेज ने 125 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘BUY’ रेटिंग को दोहराया है, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से 75% की बढ़त का संकेत है।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 160 अंक टूटा, निफ्टी 24500 के नीचे, स्मॉलकैप शेयरों में तेजी

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Thermax Share Price: Q1 नतीजों के बाद स्टॉक क्रैश, 15% टूटा शेयर, कमजोर नतीजों का दिखा असर

Thermax Share Price: कैपिटल गुड्स सेक्टर की कंपनी थर्मेक्स (Thermax) के शेयर में भारी बिकवाली देखने को मिली। शेयर आज 15 फीसदी टूटा। स्टॉक में यह गिरावट जून तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद देखने को मिली है। कंपनी का मुनाफा ₹25.24 करोड़ रहा, जो ₹151 करोड़ के बाज़ार अनुमान से 83.28% कम था। यह पिछले साल के ₹152.4 करोड़ से भी 83.44% कम था।

इसका ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹2,303 करोड़ रहा, जो CNBC-TV18 के ₹2,433 करोड़ के अनुमान से 5.34% कम था। यह पिछले साल के ₹2,157 करोड़ से 6.77% ज़्यादा था।

कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइज़ेशन से पहले की कमाई) ₹69.5 करोड़ रहा, जो ₹219 करोड़ के बाज़ार अनुमान से 68.26% और पिछले साल के ₹224.8 करोड़ से 69.08% कम था।

वहीं EBITDA मार्जिन एक साल पहले की समान अवधि के 10.42% से घटकर तेज़ी से 3.02% हो गया और यह 9% के बाज़ार अनुमान से भी कम था।

हालांकि कंपनी के ऑर्डर इनफ्लो में 2% की बढ़ोतरी हुई और यह पिछले साल के ₹2,748 करोड़ से बढ़कर ₹2,809 करोड़ हो गया। 30 जून तक इसकी कुल ऑर्डर बुक 23% बढ़कर ₹14,045 करोड़ हो गई।

गाइडेंस

Thermax मैनेजमेंट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में CNBC-TV18 को बताया कि कंपनी को पहली तिमाही में एक खास प्रोजेक्ट पर लागत बढ़ने के कारण ₹91 करोड़ का एकमुश्त नुकसान उठाना पड़ा। खाड़ी युद्ध के कारण आई रुकावटों की वजह से इसकी डिलीवरी लक्ष्य से कम रही।

मैनेजमेंट ने कॉन्फ्रेंस में कहा कि Thermax की दूसरी तिमाही पहली तिमाही से बेहतर होगी और कंपनी के मार्जिन इस फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही तक पुराने स्तर पर वापस आ जाएंगे।

कंपनी के अनुसार, उसके क्लाइंट्स बनाए गए इक्विपमेंट नहीं ले पाए, जिसके कारण पहली तिमाही में ₹300 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज नहीं किया जा सका। दूसरी तिमाही में कच्चे माल की ज़्यादा लागत का कुछ असर दिख सकता है। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि नए ऑर्डर की कीमतें अब इन बढ़ी हुई लागतों को ध्यान में रखकर तय की जा रही हैं।

थर्मैक्स के मामले में, स्टॉक पर “BUY” (खरीदने) की सलाह देने वाले एनालिस्ट्स की तुलना में “sELL” (बेचने) की सलाह देने वाले एनालिस्ट्स ज़्यादा हैं। 22 एनालिस्ट्स में से 5 ने “BUY” रेटिंग दी है, 9 ने “HOLD” (बनाए रखने) की सलाह दी है, जबकि 8 ने स्टॉक पर “SELL” रेटिंग दी है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।