UltraTech Cement Q2 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 21% बढ़ा, रेवेन्यू रहा 19% ज्यादा

आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट का जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़ गया। आंकड़ा 1,493.77 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले यह 1,231.58 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडटेड रेवेन्यू करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 23,295.07 करोड़ रुपये हो गया। सितंबर 2025 तिमाही में यह 19,606.93 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि सितंबर 2026 तिमाही में कुल खर्च बढ़कर 21,338.88 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 18,119.56 करोड़ रुपये के थे। सितंबर 2026 के आखिर तक कंपनी में प्रमोटर्स के पास 58.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

6 महीनों में कैसा बिजनेस

अप्रैल-सितंबर 2026 यानि कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में अल्ट्राटेक सीमेंट का ऑपरेशंस से कंसोलिडटेड रेवेन्यू 47,943.27 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 40,882.38 करोड़ रुपये था। शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 4,093 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो सितंबर 2025 छमाही में 3,457.48 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडटेड रेवेन्यू 88,511.53 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 8,165.84 करोड़ रुपये रहा था।

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UltraTech Cement के शेयर में गिरावट

19 अक्टूबर को अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर में गिरावट है। शेयर दिन में BSE पर पिछले बंद भाव से 3 प्रतिशत तक टूटकर 10590.05 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 3.13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 10 प्रतिशत गिरा है। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 13,104 रुपये और एडजस्टेड लो 10,329 रुपये है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q2 Results: सीमेंट कंपनी का मुनाफा 340% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Q2 Results: दिग्गज सीमेंट कंपनी UltraTech Cement की सब्सिडियरी India Cements का सितंबर तिमाही में मुनाफा करीब 340% यानी चार गुना से ज्यादा बढ़ गया। कंपनी ने ₹38.8 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹8.8 करोड़ था।

कंपनी की कमाई यानी रेवेन्यू भी बढ़ी है। सितंबर तिमाही में यह 2.2% बढ़कर ₹1,142 करोड़ रहा। पिछले साल इसी दौरान रेवेन्यू ₹1,117 करोड़ था।

India Cements की कमाई में कैसे आया उछाल?

इंडिया सीमेंट्स का EBITDA सालाना आधार पर 78% बढ़कर ₹145 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹81 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन भी 7.3% से बढ़कर 12.7% हो गया।

कंपनी के मुताबिक, प्लांट में कामकाज बेहतर होने और मशीनों का ज्यादा इस्तेमाल होने से मुनाफा बढ़ा है। आसान भाषा में कहें तो कंपनी पहले के मुकाबले अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर रही है।

₹2,000 करोड़ खर्च करने की तैयारी

इंडिया सीमेंट्स ने कारोबार बढ़ाने के लिए ₹2,000 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। सितंबर 2026 तक इसमें से करीब ₹1,728 करोड़ खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई जा चुकी थी।

कंपनी हर साल सीमेंट बनाने की क्षमता 28 लाख टन बढ़ाना चाहती है। इसके अलावा, बिजली का खर्च घटाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। कंपनी 24 मेगावाट का ऐसा सिस्टम लगाने की योजना पर काम कर रही है, जो सीमेंट बनाने के दौरान निकलने वाली गर्मी से बिजली बनाने में मदद करेगा। साथ ही, 263 मेगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता भी डेवलपम की जाएगी।

इंडिया सीमेंट्स के शेयरों का हाल

नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को BSE पर इंडिया सीमेंट्स का शेयर 1.78% चढ़कर ₹302.50 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 23% गिरा है।

India Cements सीमेंट और इससे जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। इसका इस्तेमाल निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में होता है। कंपनी UltraTech Cement की सब्सिडियरी है, जो आदित्य बिड़ला ग्रुप का हिस्सा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Skoda Slavia Facelift की लॉन्च डेट फिक्स, इन दिन होगी एंट्री, 10.25-इंच डिस्प्ले समेत मिलेंगे ये फीचर्स

Skoda Slavia Facelift, जिसे पिछले महीने भारत में पेश किया गया था, 6 अक्टूबर 2026 को देश में लॉन्च होने वाली है। बता दें कि इस नई सेडान का प्रोडक्शन पुणे के चाकन स्थित कंपनी के प्लांट में शुरू हो चुका है। वहीं, कंपनी नई Slavia को 6 ट्रिम लेवल में पेश करेंगी: Classic, Classic+, Signature, Sportline, Prestige और Monte Carlo। फिलहाल, इसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है, जबकि डिलीवरी की तारीख लॉन्च के समय बताई जाएगी। कीतम की बात करें तो, मौजूदा मॉडल की कीमत 10 लाख रुपये से 18.19 लाख रुपये के बीच है, और अपडेटेड सेडान की कीमत काफी ज्यादा हो सकती है क्योंकि इसके बाहरी और अंदरूनी हिस्से में काफी बदलाव किए गए हैं।

Skoda Slavia Facelift: एक्सटीरियर और इंटीरियर

मेकओवर के बाद, Skoda ने कार की बनावट (सिलुएट) को तो वैसा ही रखा है, लेकिन डिटेल्स में काफी बदलाव किए हैं जिससे Facelifted मॉडल एकदम नया और फ्रेश लगता है। इसमें नए डिजाइन वाले LED हेडलैंप्स दिए गए हैं। इसके अलावा, Skoda ने बंपर्स में भी बदलाव किए हैं। वहीं, पिछले हिस्से में अपडेटेड टेललैंप्स और सीक्वेंशियल इंडिकेटर्स दिए गए हैं। अपडेटेड सेडान में नए अलॉय व्हील्स भी मिलते हैं। इसके अलावा, कलर ऑप्शन में दो नए एक्सटीरियर कलर्स (Arctic Silver और Cappuccino Beige) भी जोड़े गए हैं।

अपडेटेड Slavia के केबिन में अब बड़ी 10.1-इंच की इंफोटेनमेंट स्क्रीन और 10.25-इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले मिलता है। Google Cloud पर आधारित नए AI कंपैनियन के साथ, Slavia फेसलिफ्ट में वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay की सुविधा भी दी गई है। अन्य फीचर्स में 360-डिग्री एरिया व्यू कैमरा और पिछली सीट पर मसाज फंक्शन शामिल हैं। एयर-कंडीशनिंग सिस्टम के लिए एक वेरिएबल-जियोमेट्री कंप्रेसर भी जोड़ा गया है।

Skoda Slavia Facelift: इंजन

मैकेनिकल तौर पर, नई Slavia में दो टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलते हैं: 1.0-लीटर इंजन (115hp और 178Nm) और 1.5-लीटर इंजन (150hp और 250Nm)। छोटे इंजन को 6-स्पीड मैनुअल या नए 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जा सकता है। इस ट्रांसमिशन ने पुरानी Slavia के छह-स्पीड ऑटोमैटिक की जगह ली है। वहीं, पावरफुल 1.5-लीटर इंजन सात-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक के साथ आता है।

Skoda Slavia Facelift: बुकिंग और मुकाबले की गाड़ियां

अपडेटेड Slavia की बुकिंग 15,000 रुपये में शुरू हो चुकी है। इस सेगमेंट में इसका मुकाबला Volkswagen Virtus, Hyundai Verna और Honda City से होगा।

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7.84 लाख में आई Renault की नई 7-सीटर कार, Turbo इंजन के साथ मिलेंगे ये दमदार फीचर्स

अगर आप कम बजट में ऐसी 7-सीटर कार देख रहे हैं, जिसमें ज्यादा पावर का विकल्प भी मिले, तो Renault Triber आपके लिए एक नया ऑप्शन लेकर आई है। कंपनी ने भारत में Triber Turbo लॉन्च कर दी है। इसमें पहले से ज्यादा दमदार इंजन दिया गया है और इसकी शुरुआती कीमत 7.84 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है।

Renault Triber Turbo में नया 1.0-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन मिलता है। इससे Triber में पावरट्रेन का एक नया विकल्प जुड़ गया है। साथ ही, कंपनी को उम्मीद है कि इससे कॉम्पिटिटिव MPV सेगमेंट में Triber की स्थिति और मजबूत होगी। फिलहाल Triber Turbo को सिर्फ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ पेश किया गया है। इसके टॉप-स्पेक वेरिएंट की कीमत 8.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि टर्बो-पेट्रोल इंजन पूरी रेंज के बजाय सिर्फ कुछ खास वेरिएंट्स में ही मिलेगा। ज्यादा जानने के लिए आगे पढ़ें।

Renault Triber Turbo की कीमत: अलग-अलग वेरिएंट की कीमतों पर एक नजर

कार बनाने वाली कंपनी ने MPV के तीन वैरिएंट में नया टर्बो-पेट्रोल इंजन पेश किया है। Evolution Turbo की कीमत 7.84 लाख रुपये है। Techno Turbo की कीमत 8.53 लाख रुपये है। वहीं, टॉप-स्पेक Emotion Turbo की कीमत 8.99 लाख रुपये है। बता दें कि स्टैंडर्ड नैचुरली एस्पिरेटेड वर्जन की शुरुआती कीमत अभी भी लगभग 5.80 लाख रुपये है। सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं।

वेरिएंटइंजन और गियरबॉक्सकीमत (एक्स-शोरूम)
Triber Evolution Turbo1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल, 5-स्पीड मैनुअल7.84 लाख रुपये
Triber Techno Turbo1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल, 5-स्पीड मैनुअल8.53 लाख रुपये
Triber Emotion Turbo1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल, 5-स्पीड मैनुअल8.99 लाख रुपये

Renault Triber Turbo: डिजाइन और फीचर्स

Renault Triber Turbo के डिजाइन में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है। इसका लुक मौजूदा Triber जैसा ही है। पीछे की तरफ टेलगेट पर ‘Turbo’ बैज दिया गया है, जिससे इसके टर्बो वर्जन की पहचान की जा सकती है।

कार के अंदर भी केबिन का लेआउट पहले जैसा ही रखा गया है। इसमें वेरिएंट के हिसाब से 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है, जो वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay को सपोर्ट करता है। इसके अलावा ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और वायरलेस चार्जिंग जैसे फीचर्स भी मिलते हैं।

Triber Turbo में सीटिंग को जरूरत के हिसाब से बदलने की सुविधा भी बरकरार रखी गई है। सेफ्टी के लिए इसमें 6 एयरबैग, ट्रैक्शन कंट्रोल, ABS के साथ EBD, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और हिल-स्टार्ट असिस्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

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उत्तरपाड़ा में EV प्रोजेक्ट की तैयारी, CKA बिड़ला ग्रुप से पश्चिम बंगाल सरकार ने मांगी DPR

पश्चिम बंगाल सरकार ने CKA Birla Group से उत्तरपाड़ा में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बनाने के प्रस्ताव की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) जल्द से जल्द जमा करने को कहा है। Moneycontrol को मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार चाहती है कि ग्रुप इस प्रोजेक्ट से जुड़ी पूरी जानकारी जल्द उपलब्ध कराए।

ग्रुप के एक प्रतिनिधि ने राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से संपर्क किया था। इसके बाद एक सरकारी अधिकारी ने ग्रुप से DPR जल्द जमा करने को कहा। हालांकि, ग्रुप ने अभी तक यह रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपी है।

मनीकंट्रोल ने 21 सितंबर को रिपोर्ट दी थी कि CKA बिड़ला ग्रुप ने पुरानी हिंदुस्तान मोटर्स फैक्ट्री में EVs बनाने के प्रस्ताव के साथ पश्चिम बंगाल सरकार से संपर्क किया था। उस समय प्रस्ताव पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा था।

प्रस्तावित प्रोजेक्ट में कितना निवेश किया जाएगा, किस तरह के इलेक्ट्रिक वाहन बनाए जाएंगे, कितनी गाड़ियों का उत्पादन होगा और प्रोजेक्ट कब तक शुरू होगा, इन सबकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। यह भी साफ नहीं है कि कौन सी ग्रुप कंपनी इस प्रोजेक्ट पर काम करेगी।

हालांकि, मनीकंट्रोल ने पश्चिम बंगाल सरकार और CKA बिड़ला ग्रुप (जिसे पहले CK बिड़ला ग्रुप के नाम से जाना जाता था) को DPR रिक्वेस्ट और प्रस्तावित प्रोजेक्ट के बारे में सवाल भेजे हैं। अब उनके जवाब का इंतजार है।

बता दें कि उत्तरपाड़ा में कभी Hindustan Motors की फैक्ट्री थी, जहां Ambassador और Contessa गाड़ियां बनती थीं। इस फैक्ट्री में काम 2014 में रोक दिया गया था। इस प्रस्ताव से एक दशक से ज़्यादा समय के बाद उस जगह पर फिर से गाड़ियों का प्रोडक्शन शुरू हो सकता है, लेकिन जमीन की उपलब्धता एक अहम सवाल बनी हुई है।

395 एकड़ जमीन पर सरकार का कब्जा

Hindustan Motors ने अपनी FY26 की सालाना रिपोर्ट में बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने फैक्ट्री की पूरी जमीन (लगभग 395 एकड़) वापस ले ली है और उस पर कब्जा कर लिया है। कंपनी ने अपने फाइनेंशियल स्टेटमेंट में इस प्रॉपर्टी को राइट-ऑफ भी कर दिया है।

वहीं, जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने जमीन वापस लिए जाने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली Hindustan Motors की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद कंपनी ने कहा था कि वह इस फैसले पर दोबारा विचार के लिए याचिका दायर करने और जमीन के एक हिस्से की मांग करने की योजना बना रही है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में गाड़ियों का निर्माण भले ही कम होता हो, लेकिन वहां गाड़ियों का एक बड़ा बाजार है। SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, FY26 में राज्य में लगभग 10.2 लाख दो-पहिया और 1.25 लाख पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री हुई। हालांकि, यहां अभी तक किसी गाड़ी बनाने वाले प्लांट के आस-पास कंपोनेंट सप्लायर्स का कोई बड़ा नेटवर्क नहीं बन पाया है।

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कुमार मंगलम बिड़ला का नया धमाका! लॉन्च किया अल्ट्रावोल्ट वायर और केबल का बिजनेस, जानिए क्या है ग्रुप का बड़ा प्लान

Aditya Birla Group Wires and Cables Launch: आदित्य बिड़ला ग्रुप ने भारतीय वायर और केबल मार्केट में धमाकेदार एंट्री मारी है। ग्रुप ने ‘अल्ट्रावोल्ट’ ब्रांड नाम से अपने नए वायर और केबल बिजनेस को लॉन्च किया है। इसके लिए बिड़ला ग्रुप ने शुरुआती तौर पर ₹1800 करोड़ के भारी-भरकम निवेश का ऐलान किया है।

इस नए बिजनेस को समूह की प्रमुख कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट के तहत शुरू किया गया है। कैपेसिटी के मामले में लॉन्च होते ही ‘अल्ट्रावोल्ट’ देश के वायर सेगमेंट में दूसरा सबसे बड़ा प्लेयर बन गया है। कंपनी का लक्ष्य अगले 5 सालों के भीतर इस सेक्टर के टॉप 2 खिलाड़ियों में शामिल होना है।

3 सालों में बिड़ला ग्रुप का चौथा बड़ा दांव

आदित्य बिड़ला ग्रुप का पिछले 3 सालों में यह चौथा नया बिजनेस दांव है। सीमेंट, रेडी-मिक्स कंक्रीट और बिल्डिंग प्रोडक्ट्स के बाद अब वायर और केबल सेगमेंट में कदम रखकर अल्ट्राटेक अपने ‘बिल्डिंग सॉल्यूशंस’ पोर्टफोलियो को और मजबूत कर रहा है। इसके लिए गुजरात के भरूच में एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया गया है।

‘डाटा सेंटर और अर्बनाइजेशन से आएगा बूम’

आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने इस लॉन्चिंग पर कहा कि वायर और केबल भारत के विकास के नए चरण के केंद्र में हैं। चेयरमैन ने कहा, ‘केबल और वायर सेगमेंट भारतीय अर्थव्यवस्था के तीन बड़े ट्रेंड्स अर्बनाइजेशन, इलेक्ट्रिफिकेशन और डिजिटाइजेशन के मुहाने पर खड़ा है। अगले दशक में 10 करोड़ से ज्यादा नए घर, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और तेजी से बढ़ते डाटा सेंटर्स इस सेक्टर में बड़ा बूम लाने वाले हैं। नए बिजनेस बनाना अब हमारे ग्रुप के DNA का अहम हिस्सा बन चुका है।’

देश के 500 जिलों और 1 लाख रिटेलर्स तक पहुंचेगा नेटवर्क

कंपनी ने लॉन्च के साथ ही देशव्यापी डिस्ट्रीब्यूशन का तगड़ा प्लान बनाया है। शुरुआत में ही 500 से ज्यादा जिलों और 6,000 से अधिक पिन कोड्स तक नेटवर्क फैलाया जाएगा। 1 लाख से अधिक रिटेलर्स तक पहुंच बनाने और अल्ट्राटेक बिल्डिंग सॉल्यूशंस के 5,000 से ज्यादा आउटलेट्स के जरिए बिक्री बढ़ाने का लक्ष्य है।

अल्ट्रावोल्ट के डायरेक्टर दिलीप गौड़ के अनुसार, देश भर में 20 से अधिक वेयरहाउस का नेटवर्क बनाया गया है, जिससे होम बिल्डर्स, ठेकेदारों और रियल एस्टेट डेवलपर्स को तुरंत सप्लाई दी जा सकेगी।

घरों के साथ-साथ इंडस्ट्रियल और कमर्शियल केबल्स भी शामिल

अल्ट्रावोल्ट के सीईओ श्रीराम रंगराजन ने बताया कि कंपनी उपभोक्ता-केंद्रित एप्रोच के साथ काम करेगी। शुरुआती पोर्टफोलियो में होम वायर्स, फ्लेक्सिबल वायर्स, रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर एप्लीकेशन्स के लिए केबल्स शामिल हैं। भविष्य में कंपनी का इरादा अन्य इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज के सेगमेंट में भी विस्तार करने का है।

Trading plan :ये बाजार पोजीशन लेकर जाने वाला नहीं, अपनी पोजिशन्स समेटें और सोमवार को नया नजरिया लेंगे

Trading plan :बाजार फिर ऊपरी स्तरों पर फिर अटक गया है। रिलांयस के सपोर्ट के बावजूद निफ्टी 24000 पार करने में संघर्ष कर रहा है। बैंक निफ्टी भी 58000 के जोन पर फंसा हुआ है। ब्रॉडर मार्केट में सुस्ती है। कच्चा तेल 95 डॉलर प्रति बैरल पर बरकरार,हालांकि इंडिया VIX 3 परसेंट नीचे है। केबल इंडस्ट्री में आदित्या बिड़ला ग्रुप की एंट्री से दूसरे कंपनियों के शेयरों को जोर का झटका लगा है। KEI, पॉलीकैब और हैवेल्स में 5-8 परसेंट की तेज गिरावट आई है। तीनों शेयर वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल हैं।

आज डिफेंस शेयर दम दिखा रहे हैं। निफ्टी डिफेंस इंडेक्स करीब एक परसेंट ऊपर है। GE एयरोस्पेस से 3 इंजन की डिलिवरी मिलने और गोल्डमैन सैक्स की बुलिश रिपोर्ट से HAL भागा है। यह शेयर करीब 4 परसेंट उछलकर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। कोचिन शिपयार्ड और गार्डनरीच में भी तेजी आई है। फाइनेंशियल और कैपिटल मार्केट शेयरों में भी खरीदारी आई है। दोनों इंडेक्स करीब एक परसेंट मजबूत हुए हैं। साथ ही चुनिंदा तेल-गैस, मेटल, सरकारी और प्राइवेट बैंकों में भी रौनक है। लेकिन फार्मा, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में दबाव है।

बाजार: फिर वही कहानी

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में रैली आई लेकिन ऊपरी स्तरों पर नहीं टिका। निफ्टी, बैंक निफ्टी फिर से रजिस्टेंस जोन में आ कर रुके अच्छी बात ये कि दोनों अभी भी ग्रीन में हैं। मिडकैप, स्मॉलकैप में आज अंडरपरफॉर्मेंस है। केबल & वायर शेयरों में बड़ी गिरावट है। कैपिटल मार्केट शेयरों में बड़ी तेजी। रिलायंस ने बुल्स के लिए लीडरशिप ली है। इंश्योरेंस शेयरों में अच्छी तेजी है। NSE के IPO से जुड़े शेयरों में भी तेजी है। चुनिंदा ऑटो शेयरों में आज भी कमजोरी

बाजार: अब क्या?

बाजार वापस दायरे में फंस गया है। बाजार के पास चलने के ट्रिगर्स नहीं हैं। ग्लोबल संकेत अच्छे हैं, लेकिन कच्चे तेल की तेजी ने कैप लगा दिया है। बड़ी तेजी के लिए कच्चे तेल का गिरना जरूरी है। बाजार में अभी भी रैली फेल होने पर बेच कर पैसा बना है। लेकिन अच्छी बात ये है कि बाजार गिरने को तैयार नहीं है जब तक 23,800 बचा है, बाजार में शायद ज्यादा गिरावट शायद ना हो। लेकिन 23,800 टूटा तो बड़ी गिरावट का रिस्क होगा। बैंक निफ्टी बार-बार 57,800 टेस्ट कर रहा है। अगर 57,800-58,000 पार हुआ तो बड़ा पॉजिटिव होगा।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए 23,800-23,850 पर सपोर्ट और 24,000-24,050 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,300-57,500 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस हैं।

प्री-CAS रणनीति

ये बाजार पोजीशन लेकर जाने वाला नहीं है। आज शाम को US का बेहद अहम Payroll डाटा आएगा। Payroll डाटा के बाद बॉन्ड यील्ड में बड़ा मूव आ सकता है। इसलिए अपनी पोजिशन्स समेटें और सोमवार को नया नजरिया लेंगे।

CAS पर CNBC-आवाज़: ट्रेडर्स के साथ

CAS पर CNBC-आवाज़ की मुहिम का असर देखने को मिला है। SEBI ने कहा है कि कैश मार्केट में CAS के नतीजों की समीक्षा जारी है। CAS में बदलाव का प्रस्ताव लाया जा सकता है। सेटलमेंट प्राइस तय करने के तरीके बदल सकते हैं। F&O सेटलमेंट प्राइस के तरीके में बदलाव संभव है। एक हफ्ते के भीतर कंस्लटेशन पेपर ला सकते हैं।

CAS पर मुहिम, रिटेल ट्रेडर्स के सुझाव

सभी शेयरों की क्लोजिंग एक जैसी हो। यह 3:15 या 3:30 PM हो सकती है। कैश, फ्यूचर्स की अलग-अलग क्लोजिंग से भ्रम रहता है। प्राइस रेंज को ±3% की बजाय 0-0.3% तक छोटा करें। प्राइस रेंज छोटी होने से ऑक्शन रेंज भी घटेगी। इससे CAS में प्राइसिंग ज्यादा अच्छी तरह निकलेगी। छोटे प्राइस बैंड से बड़े प्राइस स्विंग से बचेंगे। इससे ऑप्शन राइटर्स का जोखिम भी घटेगा। वॉल्यूम बढ़ने तक रेंज को छोटा रखना अच्छा। डेली सेटलमेंट को 3:15 बजे ही किया जाए।

एक्सपायरी के दिन एक्सपायर होने वाले ऑप्शन को CAS से बाहर रखें। अगर आज एक्सपायरी है तो एक्सपायरी ENDING TIME पर ऑप्शन सेटल हों। CAS का उद्देश्य प्राइस डिस्कवरी हो, ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं। प्री-ओपन की तरह टर्मिनल पर CAS के भाव भी दिखें। ऑप्शंस एक्सपायरी को CAS से डीलिंक किया जाए। ऑप्शंस की एक्सपायरी 3:15 पर कर दी जाए। 3:25 से 3:28 के बीच HFTs को ऑर्डर कैंसिल करने से रोका जाए। पहले की तरह 3:30 तक सामान्य ट्रेडिंग हो, बाद में 10 मिनट का CAS हो। हर ब्रोकर के टर्मिनल पर इंडिकेटिव भाव दिखने चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Birla Group Stocks: 9% टूटा शेयर, जून तिमाही में घाटा बढ़ा तो स्टॉक मार्केट में भी दिखी आंच

Aditya Birla Fashion Share Price: बिड़ला ग्रुप की आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के शेयरों में आज बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि यह 9% से अधिक टूट गया। कंपनी के शेयरों पर यह दबाव इसकी जून तिमाही के कारोबारी के चलते आया। जून तिमाही में कंपनी का घाटा रेवेन्यू में उछाल के बावजूद बढ़ा तो शेयरों को लेकर निवेशकों का रुझान बेयरेश हो गया और वे धड़ाधड़ इसे बेचने लगे। बिकवाली का दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया और अब भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.21% की गिरावट के साथ ₹61.28 पर है। इंट्रा-डे में यह 9.16% फिसलकर ₹57.51 तक आ गया था।

Aditya Birla Fashion के लिए कैसी रही जून तिमाही

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का नेट लॉस ₹212 करोड़ से बढ़कर ₹215.2 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹2,025.6 करोड़ पर पहुंच गया तो ईबीआईटीडीए भी 5% बढ़कर ₹117.1 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि जून तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन 6.10% से 5.78% पर आ गया।

आदित्य बिड़ला फैशन का कहना है कि जून तिमाही में पैंटालून्स (Pantaloons) से इसकी ग्रोथ को सपोर्ट मिला। TMRW के लगातार विस्तार औ लग्जरी बिजनेस में तेजी से यह मजबूत हुई। हालांकि हाई डायरेक्ट और अदर कॉस्ट्स के चलते इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रहा। साथ ही फाइनेंस की अधिक कॉस्ट और डेप्रिसिएशन के चलते भी मुनाफे पर दबाव आया।

अपने नेटवर्क के विस्तार के चलते प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव के बावजूद पेंटालून्स की रेवेन्यू ग्रोथ जून तिमाही में हेल्दी रही। TMRW का कारोबार जून तिमाही में भी बढ़ती रही और घाटा इसका कम हुआ। साथ ही लग्जरी और अन्य सेगमेंट से इसका रेवेन्यू 30% बढ़ा लेकिन मार्जिन में तेज गिरावट आई तो एथनिक सेगमेंट की ग्रोथ सुस्त रही जिस पर शादियों के छोटे सीजन का झटका दिखा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के शेयरों ने निवेशकों को काफी झटका दिया है। पिछले साल 22 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹94.95 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से यह 6 महीने में यह 43.56% फिसलकर 30 मार्च 2026 को ₹53.59 के भाव पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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