Q2 Results: सीमेंट कंपनी का मुनाफा 340% बढ़ा, शेयरों पर रहेगी नजर

Q2 Results: दिग्गज सीमेंट कंपनी UltraTech Cement की सब्सिडियरी India Cements का सितंबर तिमाही में मुनाफा करीब 340% यानी चार गुना से ज्यादा बढ़ गया। कंपनी ने ₹38.8 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹8.8 करोड़ था।

कंपनी की कमाई यानी रेवेन्यू भी बढ़ी है। सितंबर तिमाही में यह 2.2% बढ़कर ₹1,142 करोड़ रहा। पिछले साल इसी दौरान रेवेन्यू ₹1,117 करोड़ था।

India Cements की कमाई में कैसे आया उछाल?

इंडिया सीमेंट्स का EBITDA सालाना आधार पर 78% बढ़कर ₹145 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹81 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन भी 7.3% से बढ़कर 12.7% हो गया।

कंपनी के मुताबिक, प्लांट में कामकाज बेहतर होने और मशीनों का ज्यादा इस्तेमाल होने से मुनाफा बढ़ा है। आसान भाषा में कहें तो कंपनी पहले के मुकाबले अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर रही है।

₹2,000 करोड़ खर्च करने की तैयारी

इंडिया सीमेंट्स ने कारोबार बढ़ाने के लिए ₹2,000 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। सितंबर 2026 तक इसमें से करीब ₹1,728 करोड़ खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई जा चुकी थी।

कंपनी हर साल सीमेंट बनाने की क्षमता 28 लाख टन बढ़ाना चाहती है। इसके अलावा, बिजली का खर्च घटाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। कंपनी 24 मेगावाट का ऐसा सिस्टम लगाने की योजना पर काम कर रही है, जो सीमेंट बनाने के दौरान निकलने वाली गर्मी से बिजली बनाने में मदद करेगा। साथ ही, 263 मेगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता भी डेवलपम की जाएगी।

इंडिया सीमेंट्स के शेयरों का हाल

नतीजों की घोषणा से पहले शुक्रवार को BSE पर इंडिया सीमेंट्स का शेयर 1.78% चढ़कर ₹302.50 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 23% गिरा है।

India Cements सीमेंट और इससे जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। इसका इस्तेमाल निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में होता है। कंपनी UltraTech Cement की सब्सिडियरी है, जो आदित्य बिड़ला ग्रुप का हिस्सा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Adani Power Q1 Results: अदाणी पावर को ₹4806 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर

Adani Power Q1 Results: अदाणी ग्रुप की बिजली कंपनी Adani Power ने जून तिमाही में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। कंपनी का मुनाफा, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट तीनों रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह देश में रिकॉर्ड बिजली मांग, ज्यादा बिजली बिक्री और बेहतर टैरिफ रही। नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।

मुनाफा और रेवेन्यू में दमदार बढ़त

अप्रैल-जून तिमाही में अदाणी पावर का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 42% बढ़कर ₹4,806 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3,385 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी 34% बढ़कर ₹18,902 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹14,109 करोड़ था। वहीं, EBITDA करीब 40% बढ़कर ₹7,948 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 40.3% से बढ़कर 42% हो गया।

भीषण गर्मी का फायदा मिला 

इस बार गर्मी ने बिजली की मांग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया। मई महीने में देश की पीक पावर डिमांड 270.8 गीगावॉट रही। वहीं, जून तिमाही में बिजली की कुल खपत 8.4% बढ़कर 485.4 बिलियन यूनिट हो गई।

इसका सीधा फायदा Adani Power को मिला। कंपनी ने इस तिमाही में 31 बिलियन यूनिट बिजली पैदा की, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं, बिजली की बिक्री 16.9% बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट रही।

बिजली महंगी बिकी, कमाई बढ़ी

लॉन्ग टर्म PPA के तहत बिजली बिक्री 30% से ज्यादा बढ़कर 24.5 बिलियन यूनिट हो गई। इसके साथ ही औसत टैरिफ 8.5% बढ़कर ₹5.95 प्रति यूनिट पहुंच गया।

मर्चेंट और शॉर्ट टर्म मार्केट में भी कंपनी को बेहतर दाम मिले। यहां औसत टैरिफ 13.1% बढ़कर ₹7.04 प्रति यूनिट रहा। कंपनी ने कहा कि बुटीबोरी और मुतियारा (तूतीकोरिन) जैसे पहले बिना PPA वाले प्लांट्स को नए करार मिलने से भी बिजली बिक्री बढ़ी। इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में बिजली की कीमतें बढ़ने का फायदा भी कंपनी को मिला।

कोयला महंगा हुआ, फिर भी बढ़ा मुनाफा

ज्यादा बिजली उत्पादन और आयातित कोयले की ऊंची कीमतों की वजह से ईंधन लागत 30% बढ़कर ₹9,513 करोड़ हो गई। इसके बावजूद कंपनी का मुनाफा बढ़ा। इसकी वजह बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी और फाइनेंस कॉस्ट पर मजबूत नियंत्रण रहा।

इस तिमाही में कंपनी ने ₹1,386 करोड़ की पिछली अवधि की आय भी दर्ज की। वहीं, अतिरिक्त कोयला लागत के बदले ₹898 करोड़ के टैरिफ मुआवजे को भी रेवेन्यू में शामिल किया गया।

विस्तार पर बड़ा दांव

अदाणी पावर के बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। यह रकम QIP या दूसरे रास्तों से जुटाई जाएगी। साथ ही कंपनी ने अपनी उधारी सीमा ₹75,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹1 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा है। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेनी होगी।

Adani Power ने हाल ही में दिवाला प्रक्रिया के तहत Jaiprakash Associates की कई बिजली परिसंपत्तियां भी खरीदी हैं। इनमें 180 मेगावॉट का Churk थर्मल पावर प्लांट, Jaiprakash Power Ventures में 24% हिस्सेदारी और Prayagraj Power Generation Company में 11.49% हिस्सेदारी शामिल हैं।

आगे की क्या है योजना?

अदाणी पावर के CEO एस.बी. ख्यालिया ने कहा कि रिकॉर्ड EBITDA दिखाता है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत है। उन्होंने कहा कि Adani Power 45 गीगावॉट उत्पादन क्षमता के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। इसके साथ ही कंपनी हाइड्रो पावर में विस्तार कर रही है और भविष्य में न्यूक्लियर पावर सेक्टर के अवसरों पर भी नजर बनाए हुए है।

अदाणी पावर के शेयरों का हाल

Adani Power का शेयर बुधवार को शेयर 1.51% गिरकर ₹217.05 पर बंद हुआ। नतीजों के बाद ₹211.90 के निचले स्तर से उछलकर ₹221.70 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा था। पिछले 1 साल में स्टॉक ने 83.77% रिटर्न दिया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।