अदाणी ग्रुप की 4 कंपनियों के नतीजे इस हफ्ते: Adani Green से लेकर Adani Power तक, जानें रिजल्ट्स की तारीखें और शेयरों का हालिया रिटर्न

Adani Group Q2 Results: कारपोरेट अर्निंग्स का सीजन चल रहा है। अगले हफ्ते शेयर बाजार की नजर अदाणी ग्रुप की चार बड़ी कंपनियों पर रहेगी। सितंबर 2026 तिमाही (Q2) के नतीजों के लिए इन कंपनियों की अहम बैठकें होने वाली हैं। इनमें Adani Green, Adani Energy Solutions, Adani Total Gas और Adani Power शामिल हैं। आइए जानते हैं इन नतीजों की तारीखें, इन्वेस्टर्स कॉल की टाइमिंग और इनके शेयरों का हालिया प्रदर्शन।

1. Adani Energy Solutions Q2 Results

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के AGM की बैठक गुरुवार, 22 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2FY27) और छमाही (H1FY27) के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों की घोषणा और उस पर चर्चा की जाएगी। कंपनी की इन्वेस्टर्स/एनालिस्ट कॉन्फ्रेंस कॉल शुक्रवार, 23 अक्टूबर को होगी।

शुक्रवार, 16 अक्टूबर को अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का शेयर BSE पर 0.54% की गिरावट के साथ ₹1,360 पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप ₹1,66,321.81 करोड़ है।इस शेयर ने निवेशकों को 1 साल में 43.60%, 2 साल में 31.64% और 3 साल में लगभग 75.55% का शानदार रिटर्न दिया है।

2. Adani Green Energy Q2 Results

अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड का बोर्ड बुधवार, 21 अक्टूबर को बैठक करेगा, जिसमें Q2FY27 और H1FY27 के नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। कंपनी की पोस्ट-रिजल्ट इन्वेस्टर्स कॉल गुरुवार, 22 अक्टूबर को तय की गई है।

बीएसई पर अदाणी ग्रीन का शेयर 0.46% गिरकर ₹1,300 पर बंद हुआ, जबकि कंपनी का बाजार पूंजीकरण ₹2,14,132.90 करोड़ दर्ज किया गया। इस ग्रीन एनर्जी स्टॉक ने 1 साल में 22.64% का पॉजिटिव रिटर्न दिया है, हालांकि पिछले 2 सालों में इसमें 25.78% की गिरावट आई है।

3. Adani Total Gas Q2 Results

अदाणी टोटल गैस का निदेशक मंडल गुरुवार, 22 अक्टूबर को अपनी बैठक में दूसरी तिमाही और छमाही नतीजों की समीक्षा व अनुमोदन करेगा। इसके बाद कंपनी की इन्वेस्टर्स कॉल शुक्रवार, 23 अक्टूबर को आयोजित होगी।

बीएसई पर अदाणी टोटल गैस का शेयर 0.40% की हल्की बढ़त के साथ ₹579.55 पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप ₹63,739.49 करोड़ है। शेयर के प्रदर्शन पर दबाव देखा गया है। इसमें 1 साल में 6.79%, 2 साल में 22.36% और 3 साल में करीब 2.63% की गिरावट दर्ज की गई है।

4. Adani Power Q2 Results

अदाणी पावर के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक शुक्रवार, 23 अक्टूबर को होगी, जिसमें वित्तीय नतीजे जारी किए जाएंगे। इसके बाद कंपनी की एनालिस्ट/इन्वेस्टर्स कॉल अगले कारोबारी दिन सोमवार, 26 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी।

BSE पर अदाणी पावर का शेयर 0.28% टूटकर ₹195.75 पर बंद हुआ। इसका कुल मार्केट कैप ₹3,77,497.90 करोड़ है। रिटर्न के मामले में यह शेयर सबसे आगे रहा है। अदाणी पावर ने 1 साल में 24.44%, 2 साल में 56.46% और पिछले 3 सालों में लगभग 196% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अदाणी ग्रुप की AI और डेटा सेंटर इक्विपमेंट बनाने की तैयारी, अमेरिकी कंपनी से मिलाया हाथ

अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज और अमेरिकी कंपनी Jabil Inc. ने भारत में AI और डेटा सेंटर के इक्विपमेंट बनाने के लिए हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियों ने 50:50 जॉइंट वेंचर (JV) बनाने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके जरिए भारत में बड़े पैमाने पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की तैयारी है।

प्रस्तावित JV में AI रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग इक्विपमेंट बनाए जाएंगे। इसके अलावा, पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट, लिक्विड कूलिंग सिस्टम और ट्रांसफॉर्मर भी तैयार होंगे। इन इक्विपमेंट की सप्लाई भारत के साथ दूसरे देशों में भी की जाएगी। हालांकि, इसके लिए दोनों कंपनियों को अंतिम समझौते और जरूरी मंजूरियां लेनी होंगी।

AI रैक और सर्वर बनाने की होगी बड़ी क्षमता

इस JV के तहत कई गीगावॉट क्षमता वाले AI रैक बनाए जाने की योजना है। ये रैक हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम को संभालेंगे। AI से जुड़े कामों में ऐसे सिस्टम का इस्तेमाल होता है। दोनों कंपनियां उपकरणों की इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग की सेवाएं भी देंगी।

2030 तक 8 GW हो सकती है डेटा सेंटर क्षमता

भारत में डेटा सेंटर की क्षमता 2030 तक 5 से 8 गीगावॉट पहुंचने का अनुमान है। AI का बढ़ता इस्तेमाल और क्लाउड सेवाओं का विस्तार इसकी बड़ी वजह हैं। डेटा को देश के भीतर रखने की जरूरत से भी इस कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है।

कंपनियों के मुताबिक, डेटा सेंटर, क्लाउड और AI से जुड़े क्षेत्रों में हाइपरस्केलर्स का प्रस्तावित निवेश 50 अरब डॉलर से ज्यादा हो सकता है। वहीं, अगले सात साल में ग्लोबल AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार में 3 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा के अवसर का अनुमान है।

अदाणी ग्रुप की AI कारोबार में बढ़ेगी पकड़

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि AI के विकास के लिए सिर्फ बेहतर एल्गोरिदम काफी नहीं हैं। इसके लिए ऊर्जा, डेटा सेंटर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग से जुड़ा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी चाहिए। इस JV से ग्रुप को AI के लिए जरूरी उपकरण बनाने के कारोबार में उतरने का मौका मिलेगा।

Jabil के CEO माइक डस्टूर ने कहा कि इस साझेदारी से भारत और दुनिया के दूसरे बाजारों में डेटा सेंटर उपकरणों की बढ़ती मांग पूरी करने में मदद मिलेगी।

मंगलवार को BSE पर अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 2.39% चढ़कर ₹2,694 पर बंद हुआ। इसने पिछले 6 महीने में 26.59% का रिटर्न दिया है।

Stock in Focus: ड्रोन कंपनी को सरकार से ऑर्डर मिला, फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

CJI के खिलाफ विवादित पोस्ट को लेकर घिरी केरल कांग्रेस, आलोचना के बाद कर्मचारी को पद से हटाया, बीजेपी ने बताया शर्मनाक

Kerala Congress: कांग्रेस की केरल इकाई के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X अकाउंट से भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत के खिलाफ की गई एक विवादित पोस्ट सोमवार को व्यापक रूप से वायरल हुई। लेकिन सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना होने के बाद इसे हटा दिया गया। पार्टी ने पोस्ट करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को भी पद से हटा दिया। केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने एक बयान में कहा कि पार्टी के आधिकारिक X अकाउंट पर प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ विवादित पोस्ट करने वाले जिम्मेदार व्यक्ति को पद से हटा दिया गया है।

जोसेफ ने कहा कि यह पोस्ट केपीसीसी नेतृत्व की जानकारी, सहमति या परामर्श के बिना की गई थी। उन्होंने कहा, “केपीसीसी इस बात की जांच करेगी कि ऐसी पोस्ट किन परिस्थितियों में की गई।” उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस पार्टी को कोई असहमति नहीं है। जोसेफ ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस रुख के विपरीत व्यक्त किए गए विचार केपीसीसी नेतृत्व का आधिकारिक रुख नहीं है।

इससे पहले, केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने हटाई जा चुकी पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि न्यायपालिका पार्टी का अगला निशाना होगी। रीजीजू ने X पर एक पोस्ट में कहा, “कांग्रेस भारत के सभी संवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थानों को नष्ट करना चाहती है। सभी भारत-विरोधी गिरोह एकजुट हो रहे हैं। सभी देशभक्त भारतीय भी एकजुट होंगे।”

BJP ने बताया शर्मनाक

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने CJI के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। बीजेपी ने आरोप लगाया कि पार्टी अब हर संवैधानिक संस्था को ध्वस्त करके भारत में अराजकता पैदा करने की कोशिश में जुट गई है जो बेहद शर्मनाक है। BJP के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी इस मुद्दे पर विपक्षी दल पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “मुस्लिम लीग की माओवादी कांग्रेस में पूरी तरह बदल चुकी और चरम ‘दिमागी नक्सल’ मानसिकता अपना चुकी कांग्रेस अब हर संवैधानिक संस्था को ध्वस्त करके भारत में अराजकता पैदा करने की कोशिश में जुट गई है, जो शर्मनाक है।”

BJP प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी मानसिकता पूरी तरह अराजकतावादी हो गई है। यादव ने X पर एक पोस्ट में कहा, “अब कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक हैंडल से CJI के इस्तीफे की मांग की जा रही है।” उन्होंने सवाल किया, “संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने और साथ ही संविधान की दुहाई देने से बड़ी राजनीतिक पाखंड की मिसाल क्या हो सकती है?”

उन्होंने कहा, “अगर चुनाव हारते हैं, तो निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हैं। अगर फैसला उनके खिलाफ आता है, तो न्यायपालिका को निशाना बनाते हैं।” BJP सांसद निशिकांत दुबे ने भी केरल कांग्रेस की ओर से प्रधान न्यायाधीश के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी पर हमला बोला।

दुबे ने X पर कहा, “राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने के बाद ‘महाराजा’ राहुल गांधी ने अब उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के इस्तीफे की भी मांग कर दी है।” BJP सांसद ने तंज कसते हुए कहा, “सूत्रों के अनुसार, इन इस्तीफों के बाद राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे, शरजील इमाम राष्ट्रपति बनेंगे, अभिजीत दीपके उपराष्ट्रपति बनेंगे, प्रियंका गांधी सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस बनेंगी और खालिस्तानी पन्नून को मुख्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया जाएगा।”

उन्होंने कहा, “इस बीच, (जॉर्ज) सोरोस भारत के अमेरिका में राजदूत होंगे।” BJP के एक अन्य प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि CJI द्वारा गांधी और विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार किए जाने से यह महत्वपूर्ण संदेश गया है कि न्यायपालिका को रोजमर्रा की राजनीतिक लड़ाइयों से ऊपर रहना चाहिए।

कब शुरू हुआ विवाद?

पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी पाबंदियों के मद्देनजर स्थिति के बारे में पूछे जाने पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था, “ये कानून-व्यवस्था का मुद्दा है। ये मेरा विषय नहीं है।” CJI राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की स्थापना की 33वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं, चाहे वह आम नागरिक हो या कानून बनाने वाला कोई व्यक्ति। उनसे पूछा गया था कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने से इनकार किए जाने के बाद विपक्षी नेता अपनी शिकायतें उनके सामने कैसे रख सकते हैं।

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CJI की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की केरल इकाई ने C पर एक पोस्ट में कहा, “प्रिय सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था आपका विषय नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दीजिए। हम आपका स्थान लेने के लिए किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढ लेंगे जो इसे संभाल सके।” हालांकि, बाद में इस पोस्ट को हटा दिया गया।

Stocks to Watch: 9 लिस्टिंग्स समेत 28 स्टॉक्स फोकस में; Tata Steel, JSW Cement और KSB हैं लिस्ट में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में फ्लैट शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 16.00 प्वाइंट्स यानी 0.07% की गिरावट के साथ 22,814.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 29 सितंबर को निफ्टी और बैंक निफ्टी एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 242.65 प्वाइंट्स यानी 0.33% की गिरावट के साथ 72,529.07 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 64.05 प्वाइंट्स यानी 0.28% की फिसलन के साथ 22,716.20 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Avalon Technologies

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक प्रमोटर ग्रुप भास्कर श्रीनिवासन, BBS फैमिली ट्रस्ट और KBS फैमिली ट्रस्ट ब्लॉक डील के जरिए एवलॉन टेक्नोलॉजीज में 6% तक की हिस्सेदारी बेच सकते हैं। ₹861.9 करोड़ के इस ऑफर के तहत ₹2,150–₹2,302 के भाव में शेयरों की बिक्री हो सकती है।

Power Mech Projects

पावर मेक प्रोजेक्ट्स को अदाणी ग्रुप के 2×600 MW मॉक्सी पावर जेनरेशन तूतीकोरिन TPP में ₹549.37 करोड़ का O&M (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) सर्विस ऑर्डर मिला है।

Ganesh Benzoplast

गणेश बेंजोप्लास्ट ने अपने लिक्विड स्टोरेज टैंक और रेलवे नेटवर्क बिजनेस को सिस्टर्निना लॉजिस्टिक्स को ₹1,154 करोड़ में बेचने के लिए डेफिनिटिव एग्रीमेंट किए हैं।

KSB

केएसबी को डैनगोट प्रोजेक्ट्स फ्री जोन एंटरप्राइज से बॉयलर फीड पंप पैकेज की सप्लाई के लिए ₹118 करोड़ तक का बड़ा एक्सपोर्ट ऑर्डर मिला है। इससे इंटरनेशनल फर्टिलाइजर और एनर्जी सेक्टर में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होगी।

ArisInfra Solutions

एरिसइंफ्रा की सब्सिडियरी एरिसयूनिटर्न आरई सॉल्यूशंस को मुंबई के कलिना में एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट ट्रांसकॉन यूनो को DaaS सर्विसेज देने का ऑर्डर मिला है। कंपनी की यह ऑर्डर ट्रांसकॉन ग्रुप की एक एसपीवी (स्पेशल पर्पज वेईकल) ट्रांसकॉन बेलावियू प्राइवेट लिमिटेड से मिला है। इसकी अनुमानित ग्रास डेवलपमेंट वैल्यू ₹400 करोड़ है।

Endurance Technologies

एंड्योरेंस टेक की इटैलियन सब्सिडियरी एंड्योरेंस ओवरसीज ने स्टोफर्ले की एंटिटीज स्टोफर्ले ऑटोमोटिव और स्टोफर्ले में बची हुई 32% हिस्सेदारी 1.8 करोड़ यूरो में खरीदने के लिए शेयर पर्चेज एग्रीमेंट में बदलाव किया है।

NLC India

एनएलसी इंडिया ने नालको के साथ-साथ आधी-आधी हिस्सेदारी के साथ एक ज्वाइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य नालको की कैप्टिव पावर की जरूरतों को पूरा करने के लिए चरणबद्ध तरीके से 270-270 मेगावाट के चार यानी 1080 मेगावाट के थर्मल कैप्टिव पावर प्लांट बनाना है और साथ ही इसकी रिन्यूएबल एनर्जी की जरूरतों के लिए लॉन्ग-टर्म PPA (पावर पर्चेज एग्रीमेंट) के विकल्पों पर विचार करना है।

Prestige Estates Projects

प्रेस्टिज एस्टेट प्रोजेक्ट्स ने हैदराबाद में दो रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट पूरे किए हैं और 1,047 घरों की डिलीवरी कर दी है। इनमें प्रेस्टिज क्लेयरमोंट में 928 घर और बेलाजियो में 119 विला शामिल हैं। वहीं कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड (CPP इंवेस्टमेंट्स) ने प्रेस्टिज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स ने ₹3 हजार करोड़ के निवेश का ऐलान किया है, जिससे कंपनी में इसकी करीब 27% हिस्सेदारी हो जाएगी।

STL Networks

रेलटेल के ₹249.8 करोड़ के ऑर्डर के लिए एसटीएळ नेटवर्क्स ने सबसे कम बोली लगाई है। इसमें रेलटेल के डेटा सेंटर और डिजास्टर रिकवरी साइट पर क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशन लगाने का काम है।

JSW Cement

बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने शिवा सीमेंट को जेएसडब्ल्यू सीमेंट में मिलाने की योजना को मंज़ूरी दे दी है।

Tata Steel

टाटा स्टील ने टी स्टील होल्डिंग्स के 393.51 करोड़ इक्विटी शेयर $34 करोड़ (₹3,260.32 करोड़) में खरीदे हैं।

Axiscades Technologies

जून 2026 तक एक्सिसकेड्स में जुपिटर कैपिटल की 58.03% थी। इसमें से 10.69% हिस्सेदारी यानी 45.48 लाख शेयर जुपिटर कैपिटल ने मंगलवार को ₹829.72 करोड़ में चार इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को प्रति शेयर ₹1,824 के भाव पर बेच दिए। इसमें से 12.88 लाख शेयर (3.03% होल्डिंग) एबेकस एसेट मैनेजर ने, 20.83 लाख शेयर (4.89% हिस्सेदारी) कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड ने ₹380 करोड़ में, 3 लाख शेयर ₹54.72 करोड़ में वनजा सुंदर ने और 8.77 लाख शेयर ₹160 करोड़ में स्वधा इंडिया इमर्जिंग अपॉर्चुनिटीज स्कीम 1 ने खरीदे।

Cube Highways Trust

अबू धाबी के सॉवरेन वेल्थ फंड मुबाडाला इन्वेस्टमेंट कंपनी की मालिकाना हक वाली सेवेंटी सेकंड इन्वेस्टमेंट कंपनी LLC ने क्यूब हाईवेज ट्रस्ट के 4.49 करोड़ यूनिट (3.34% हिस्सेदारी) ₹689.46 करोड़ में बेच दी। जून 2026 तक इसकी कंपनी में 6% हिस्सेदारी थी। इसने जो यूनिट बेचे हैं, वह नौ निवेशकों को प्रति यूनिट ₹153.30 के भाव पर बेचे गए हैं। एलएंडटी ने ₹150 करोड़ में 97.84 लाख यूनिट और कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने ₹40 करोड़ में 26.09 लाख यूनिट के अलावा बिड़ला म्यूचुअल फंड, HSBC म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड और मैक्स न्यूयॉर्क लाइफ इंश्योरेंस में से हर एक ने ₹40 करोड़ में 26.09 लाख यूनिट खरीदी हैं। इसके अलावा HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस और ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने ₹104.73 करोड़ में 68.31 लाख यूनिट्स तो व्हाइट ओक कैपिटल म्यूचुअल फंड ने ₹130 करोड़ में 84.8 लाख यूनिट्स खरीदी हैं।

Honasa Consumer

सिकोइया कैपिटल ग्लोबल ग्रोथ फंड III-US/इंडिया एनेक्स फंड LP ने होनासा कंज्यूमर के 25.02 लाख शेयर (0.76% होल्डिंग) ₹450 के भाव पर ₹112.6 करोड़ तो पीक XV पार्टनर्स इन्वेस्टमेंट्स VI ने ₹1.07 करोड़ शेयर (3.3% हिस्सेदारी) ₹450.22 के भाव पर ₹484.23 करोड़ में बेचे। जून 2026 तक होनासा कंज्यूमर में सिकोइया कैपिटल ग्लोबल फंड की हिस्सेदारी 3.44% और पीक XV पार्टनर्स की 14.8% थी। वहीं दूसरी तरफ ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने ₹80 करोड़ में होनासा कंज्यूमर के अतिरिक्त 17.77 लाख शेयर, फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड ने प्रति शेयर ₹450 के भाव पर ₹150 करोड़ में अतिरिक्त 33.33 लाख शेयर खरीदे। जून 2026 तक ICICI प्रूडेंशियल लाइफ की कंपनी में 6.26% और फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड की 1.22% हिस्सेदारी थी।

BSE

गोल्डमैन सैक्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने बीएसई के 23.81 लाख शेयर ₹3,200 के भाव पर ₹762.1 करोड़ में तो बीएनपी पारिबास फाइनेंशियल मार्केट्स ने 44.51 लाख शेयर ₹3,199.54 के भाव पर ₹1,424.33 करोड़ में बेचे। इन दोनों सौदों से कुल मिलाकर 1.67% हिस्सेदारी ₹2,186.4 करोड़ में बिकी। वहीं दूसरी तरफ यूटीआई म्यूचुअल फंड ने बीएसई के 27.12 लाख शेयर ₹868.14 करोड़ में और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 25.29 लाख अतिरिक्त शेयर ₹809.45 करोड़ में खरीदे। इन दोनों ने कुल मिलाकर 1.28% हिस्सेदारी ₹1,677.6 करोड़ में प्रति शेयर ₹3,200 के भाव पर खरीदी।

360 ONE WAM

द रीजेंट्स ऑफ द यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया-स्टेट स्ट्रीट ग्लोबल एडवाइजर्स ने 360 वन डब्ल्यूएएम के 36.33 लाख शेयर (0.89% हिस्सेदारी) ₹374.3 करोड़ में प्रति शेयर ₹1030.08 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक कंपनी में इसकी हिस्सेदारी 1.87% थी।

Capital Small Finance Bank

ओमान इंडिया जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड II ने कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक के 11.02 लाख शेयर (2.42% हिस्सेदारी) ₹30.86 करोड़ में बेचे, तो फिडेलिटी इंस्टीट्यूशनल फंड्स ICVC-इमर्जिंग मार्केट्स फंड ने लगभग इतने ही शेयर खरीद लिए। इनकी खरीद-बिक्री प्रति शेयर ₹280 के भाव पर हुई। जून 2026 तक ओमान इंडिया जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड की इस स्मॉल फाइनेंस बैंक में 2.52% हिस्सेदारी थी।

Kajaria Ceramics

प्रमोटर एंटिटी चेतन कजारिया फैमिली प्राइवेट ट्रस्ट ने कजारिया सिरेमिक्स के 18 लाख शेयर (1.13% हिस्सेदारी) ₹214.2 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,190.01 के भाव पर बेच दिए। वहीं पुणे की सेजवन इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स एलएलपी ने कजारिया सिरेमिक्स के 10.5 लाख शेयर (0.65% हिस्सेदारी) ₹124.95 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,190 के भाव पर खरीदे।

Centum Electronics

मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स के 1.04 लाख शेयर (0.7% हिस्सेदारी) ₹51.52 करोड़ में प्रति शेयर ₹4,928.89 के भाव पर खरीदे।

Elevate Campuses, ArMee Infotech, Swastika Infra, Adroit Industries (India)

आज एलीवेट कैंपसेज, एर्मी इंफोटेक, स्वास्तिक इंफ्रा और एड्रायट इंडस्ट्रीज के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Pooja Logistics, Coreintegra Consulting Services, Liqvd Digital India, S K Offset, Unitec Fibres

पूजा लॉजिस्टिक्स और कोरइंटीग्रा कंसल्टिंग सर्विसेज के शेयर आज एनएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे तो लिकवीडी डिजिटल इंडिया, एसके ऑफसेट और यूनीटेक फाइबर्स के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

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Stocks to Watch: 30 सितंबर को फोकस में ये 12 स्टॉक्स, टाटा स्टील से KPI ग्रीन एनर्जी तक शामिल

Stocks to Watch: बुधवार 30 सितंबर को कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। बड़े ऑर्डर, नए निवेश और प्रोजेक्ट से जुड़े अपडेट सामने आए हैं। पावर, सोलर, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर से अहम खबरें हैं।

Tata Steel

स्टील कंपनी Tata Steel ने अपनी विदेशी सब्सिडियरी T Steel Holdings Pte. Ltd में 393.52 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे हैं। यह खरीद $340 मिलियन यानी करीब ₹3,260.32 करोड़ में हुई है। यह रकम कंपनी के अतिरिक्त फंडिंग प्लान का हिस्सा है।

KPI Green Energy

सोलर पावर कंपनी KPI Green Energy को NACOF Oorja से करीब ₹2,025 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह राजस्थान में 500 MW सोलर प्रोजेक्ट के EPC काम से जुड़ा है। कंपनी डिजाइन, खरीद और कंस्ट्रक्शन का काम करेगी।

Power Mech Projects

इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर कंपनी Power Mech Projects को अदाणी ग्रुप की Moxie Power Generation से ₹549.37 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी तमिलनाडु के 2×600 MW Tuticorin Thermal Power Plant का पूरा O&M संभालेगी। यह कॉन्ट्रैक्ट 1 अक्टूबर 2026 से 30 सितंबर 2031 तक यानी 60 महीने का है।

Arisinfra Solutions

कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट सर्विस कंपनी Arisinfra Solutions को मुंबई के Kalina में Transcon UNO रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट के लिए सर्विस ऑर्डर मिला है। कंपनी इस प्रोजेक्ट में Design as a Service (DaaS) सेवाएं देगी। ऑर्डर Transcon Group की SPV Transcon Bellaviu से मिला है।

STL Networks

टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी STL Networks को करीब ₹249.8 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा है।

Tube Investments of India

इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी Tube Investments of India अपनी सब्सिडियरी TI Clean Mobility में ₹250 करोड़ निवेश करेगी। इसके लिए कंपनी Series C CCPS को सब्सक्राइब करेगी। यह निवेश इलेक्ट्रिक व्हीकल कारोबार को बढ़ाने के लिए है।

NLC India

सरकारी पावर कंपनी NLC India और NALCO 1,080 MW का कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए 50:50 जॉइंट वेंचर बनाएंगी। यह प्रोजेक्ट ओडिशा के अंगुल में विकसित किया जाएगा। दोनों कंपनियों की इसमें बराबर हिस्सेदारी होगी।

Ramco Cements

सीमेंट कंपनी Ramco Cements ने अपनी क्लिंकर क्षमता बढ़ाकर 5.62 MTPA कर दी है। पहले यह 4.61 MTPA थी। सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता भी 3.65 MTPA से बढ़कर 4.38 MTPA हो गई है। कंपनी ने यह बढ़ोतरी डिबॉटलनेकिंग के जरिए की है।

Prestige Estates Projects

रियल एस्टेट कंपनी Prestige Estates Projects ने हैदराबाद में दो रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। दोनों प्रोजेक्ट्स में कुल 1,047 घरों की डिलीवरी हुई है। प्रोजेक्ट पूरा होने से कंपनी की बिक्री और डिलीवरी से जुड़ी गतिविधियों को सपोर्ट मिलेगा।

Graphite India

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड कंपनी Graphite India के प्रोडक्ट्स पर अमेरिका में एंटी-डंपिंग ड्यूटी केस में प्रारंभिक फैसला आया है। अमेरिकी सरकार ने कंपनी के इलेक्ट्रोड्स पर 12.22% का डंपिंग मार्जिन तय किया है। अब इस मामले में आगे की प्रक्रिया पर बाजार की नजर रहेगी।

Endurance Technologies

ऑटो कंपोनेंट कंपनी Endurance Technologies की सब्सिडियरी ने Stoferle Group की दो कंपनियों में 32% हिस्सेदारी खरीदी है। यह डील करीब 18 मिलियन यूरो में हुई है। इस खरीद के बाद सब्सिडियरी की दोनों कंपनियों में पूरी हिस्सेदारी हो गई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को अदाणी ग्रुप से ₹549 करोड़ का ऑर्डर, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Power Mech Projects को बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ₹549.37 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट अदाणी पावर की सब्सिडियरी Moxie Power Generation ने दिया है। इसके तहत कंपनी तमिलनाडु के Tuticorin Thermal Power Plant का ऑपरेशन और मेंटेनेंस संभालेगी।

60 महीने का है कॉन्ट्रैक्ट

यह कॉन्ट्रैक्ट 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। इसकी अवधि 60 महीने है। यानी कंपनी 30 सितंबर 2031 तक प्लांट का O&M करेगी। प्लांट 2×600 MW का है।

ऑर्डर की वैल्यू ₹549.37 करोड़ है। इसमें GST को छोड़कर सभी टैक्स और ड्यूटी शामिल हैं। Power Mech को प्लांट का पूरा O&M संभालना है। इसमें प्लांट के ऑपरेशन से लेकर मेंटेनेंस तक की जिम्मेदारी शामिल है।

एक दिन पहले भी मिला था ऑर्डर

Power Mech को एक दिन पहले Telangana Power Generation Corporation से भी ₹279.20 करोड़ का ऑर्डर मिला था। यह काम Yadadri Thermal Power Station से जुड़ा है।

कंपनी को यहां मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन सिस्टम का O&M करना है। ऐश हैंडलिंग और कोल हैंडलिंग प्लांट का काम भी इसमें शामिल है।

Power Mech के शेयर का हाल

मंगलवार को Power Mech Projects का शेयर BSE पर 1.44% की तेजी के साथ ₹2,394.20 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 38.26% चढ़ा है। हालांकि, एक साल में स्टॉक 10.78% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 7.57 हजार करोड़ रुपये है।

Power Mech का बिजनेस

यह इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर की कंपनी है। Power Mech पावर प्लांट के निर्माण, ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम करती है। कंपनी थर्मल पावर प्लांट के अलावा सिविल कंस्ट्रक्शन, रेलवे, रोड और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में भी काम करती है। इसका बड़ा कारोबार पावर प्लांट के O&M और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से आता है।

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अदाणी ग्रुप का पश्चिम बंगाल के लिए मास्टरप्लान! 2035 तक ₹1 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान, पोर्ट से डेटा सेंटर तक क्या-क्या बनेगा?

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार, 24 सितंबर को कहा कि अदाणी ग्रुप 2035 तक पश्चिम बंगाल में पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, सड़कों और पुलों, ग्रीन सीमेंट और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश करेगा। ₹1 लाख करोड़ के निवेश के इस रोडमैप में 2035 तक पूरे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे।

यह घोषणा गौतम अदाणी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा कोलकाता के न्यू टाउन में ग्रुप के प्रस्तावित 2,000-बेड वाले ‘अदाणी आरोग्य मंदिर’ की आधारशिला रखने के मौके पर की गई। अदाणी फाउंडेशन द्वारा विकसित किए जाने वाले इस हॉस्पिटल प्रोजेक्ट में ₹4,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश होगा।

अपनी निवेश योजना के बारे में बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा, “हम पश्चिम बंगाल को पूर्व में अपनी कर्मभूमि मानते हैं।” उन्होंने ग्रुप के पूर्वी क्षेत्र के कामकाज में राज्य की भूमिका की तुलना गुजरात के मुंद्रा से की, जिसे उन्होंने ग्रुप के बड़े प्रोजेक्ट्स की नींव बताया।

अस्पताल में कैंसर के इलाज की होगी सुविधा

अदाणी आरोग्य मंदिर 51.75 एकड़ में फैला होगा और इसमें 2,000 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, एक मेडिकल कॉलेज, एक नर्सिंग कॉलेज और सहयोगी हेल्थकेयर व पैरामेडिकल शिक्षा के संस्थान शामिल होंगे।

इस हेल्थकेयर प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए गौत अदाणी ने कहा, “अडानी आरोग्य मंदिर एक नॉन-प्रॉफिट मेडिकल इंस्टीट्यूट होगा जिसमें 2,000 बिस्तर होंगे। इनमें से 1,000 बिस्तर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए होंगे, जो राज्य और केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत पात्र हैं।”

अस्पताल के पहले चरण में कैंसर के इलाज पर फोकस किया जाएगा और टर्शियरी और स्पेशलाइज़्ड हेल्थकेयर सर्विस दी जाएंगी। कैंपस में स्टेप-डाउन और ट्रांज़िशनल केयर की सुविधाएं, मरीज़ों के रिश्तेदारों के लिए रहने की जगह और हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल्स के लिए रिहायशी सुविधाएं भी होंगी।

मेडिकल कॉलेज में हर साल 150 अंडरग्रेजुएट छात्र, 100 से ज़्यादा पोस्टग्रेजुएट छात्र और 40 से ज़्यादा सुपर-स्पेशलिस्ट दाखिला ले सकेंगे। ग्रुप ने कहा कि बड़े हेल्थकेयर इकोसिस्टम से लगभग 10,000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

इस प्रोजेक्ट में जीनोमिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लिनिकल ट्रायल और बायोमेडिकल साइंस के दूसरे क्षेत्रों से जुड़ी रिसर्च सुविधाएं भी शामिल होंगी।

ग्रुप की योजनाओं में राज्य की भूमिका के बारे में बात करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “हम बंगाल को पुनर्निमित करने में आपकी मौजूदगी की उम्मीद करते हैं। इसका अंतिम विज़न सिर्फ़ एक हॉस्पिटल कैंपस नहीं, बल्कि एक पूरी तरह से इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर सिटी बनाना है।”

राइटर्स बिल्डिंग के जीर्णोद्धार और दुर्गा पूजा के लिए हुए करार

हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के साथ-साथ, अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ दो और समझौते (MoU) किए। एक समझौता राइटर्स बिल्डिंग के जीर्णोद्धार से जुड़ा है, जबकि दूसरा ग्रुप की ‘अदाणी पूजा प्रीव्यू’ पहल के ज़रिए कोलकाता के दुर्गा पूजा इकोसिस्टम को सहयोग देने से संबंधित है। अदाणी ग्रुप ने कुमारतुली घाट के कायाकल्प में सहयोग की भी घोषणा की।

 

 

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Drone Stocks: भारत अपनी सबसे बड़ी सैन्य ड्रोन खरीद करेगा, जानिए किन स्टॉक्स पर रखनी चाहिए नजर

Drone Stocks: 20 सितंबर को रूस के मॉस्को और दूसरे शहरों पर बड़ी संख्या में ड्रोन से हमले हुए। दुनिया भर के सैन्य विशेषज्ञों की नजर इन हमलों पर रही। वजह साफ है। छोटे और कम लागत वाले ड्रोन अब युद्ध का तरीका बदल रहे हैं।

भारत भी इस बदलाव को गंभीरता से देख रहा है। ऑपरेशन सिंदूर में ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हुआ था। अब भारत अपने पास बड़ा घरेलू सैन्य ड्रोन बेड़ा तैयार करने में जुटा है।

₹20,000 करोड़ से ज्यादा की ड्रोन खरीद

भारत अब तक की सबसे बड़ी सैन्य ड्रोन खरीद करने वाला है। इसके तहत 2 अरब डॉलर यानी ₹20,000 करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर दिए जा सकते हैं।

इनमें कई तरह के ड्रोन शामिल होंगे। इनमें निगरानी वाले टैक्टिकल ड्रोन, सामान पहुंचाने वाले ड्रोन, लोइटरिंग म्यूनिशन, ऑटोनॉमस सिस्टम और हमला करने की क्षमता वाले ड्रोन शामिल हो सकते हैं। इनकी डिलीवरी अगले 18 से 24 महीनों में होने की उम्मीद है।

यह खरीद हाल की करीब ₹3,000 करोड़ की टैक्टिकल ड्रोन खरीद से काफी बड़ी होगी। इससे भारतीय ड्रोन कंपनियों को आने वाले समय में बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं।

भारत में 600 से ज्यादा ड्रोन कंपनियां

देश में ड्रोन का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इस सेक्टर में अब 600 से ज्यादा कंपनियां हैं। इनमें 100 से ज्यादा कंपनियां डिफेंस ड्रोन पर काम कर रही हैं।

Tata Advanced Systems, Adani Defence & Aerospace और ideaForge Technology जैसे बड़े नाम इसमें शामिल हैं। इसके अलावा NewSpace Research & Technologies, Raphe mPhibr और Dhaksha Unmanned Systems जैसे स्टार्टअप भी तेजी से अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं।

ये कंपनियां सिर्फ सामान्य ड्रोन नहीं बना रही हैं। स्वॉर्म ड्रोन, लोइटरिंग म्यूनिशन और एंटी-ड्रोन सिस्टम पर भी काम हो रहा है।

Tata, Adani और ideaForge को बड़ा फायदा

ड्रोन की इतनी बड़ी खरीद से बड़ी डिफेंस कंपनियों के साथ घरेलू ड्रोन कंपनियों को भी फायदा हो सकता है। Tata Advanced Systems ने एयरोस्पेस और डिफेंस के साथ अनमैन्ड सिस्टम में अपनी क्षमता बढ़ाई है।

अगस्त में Tata Advanced Systems और NIBE को भारतीय सेना से ₹1,577 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला था। इसमें लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम और 840 म्यूनिशन की सप्लाई शामिल है।

Adani Defence & Aerospace भी UAV और निगरानी सिस्टम में काम कर रहा है। वहीं, ideaForge Technology टैक्टिकल UAV बनाने वाली प्रमुख भारतीय कंपनियों में शामिल है।

Solar Industries भी ड्रोन वॉरफेयर में उतरी

डिफेंस और एक्सप्लोसिव्स सेक्टर की कंपनी Solar Industries India भी अनमैन्ड वॉरफेयर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी का डिफेंस कारोबार Nagastra लोइटरिंग म्यूनिशन से जुड़ा है।

Motilal Oswal के मुताबिक, जून 2026 तक कंपनी का डिफेंस ऑर्डर बुक करीब ₹18,000 करोड़ था। इसमें करीब ₹11,000 करोड़ के इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट और ₹6,000 करोड़ का Pinaka ऑर्डर शामिल था।

अब एंटी-ड्रोन सिस्टम पर भी जोर

ड्रोन की बात सिर्फ ड्रोन बनाने तक सीमित नहीं है। युद्ध में ड्रोन को रोकना भी उतना ही जरूरी हो गया है। इसलिए भारत में एंटी-ड्रोन सिस्टम का बाजार भी तेजी से बढ़ रहा है।

सितंबर में पोखरण में भारतीय वायुसेना ने Dronathon आयोजित किया। इसमें निगरानी, टोही, स्वॉर्म, ऑटोनॉमस ऑपरेशन और एंटी-ड्रोन सिस्टम का परीक्षण किया गया।

DRDO भी 30kW क्षमता वाले काउंटर-ड्रोन लेजर को उत्पादन की दिशा में ले जा रहा है। यह सिस्टम 5 किलोमीटर तक की दूरी पर ड्रोन को निष्क्रिय कर सकता है।

2031 तक 2.23 अरब डॉलर का हो सकता है बाजार

Spherical Insights के अनुमान के मुताबिक, भारत का मिलिट्री ड्रोन बाजार 2026 में करीब 81.14 करोड़ डॉलर का है। 2031 तक इसके 2.23 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यानी इस दौरान करीब 22.4% की सालाना ग्रोथ हो सकती है।

बॉर्डर पर निगरानी और सेना के आधुनिकीकरण से ड्रोन की मांग बढ़ रही है। इसके अलावा सरकार भी डिफेंस में आयात पर निर्भरता कम करना चाहती है।

मार्च में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत को स्वदेशी ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाने की जरूरत बताई थी। इसके लिए सिर्फ ड्रोन नहीं, बल्कि उनके कंपोनेंट्स, सॉफ्टवेयर, इंजन और बैटरी का पूरा इकोसिस्टम देश में तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

SEBI ने अदाणी ग्रुप की पांच कंपनियों का केस ₹1.51 करोड़ में निपटाया, हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़ा था मामला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अदाणी और GMR के लिए खुल सकता है एयरलाइन कारोबार का रास्ता, सरकार नियम बदलने पर कर रही विचार

भारत सरकार दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट के ऑपरेटरों के लिए एयरलाइन कंपनियों में हिस्सेदारी से जुड़े नियमों में बदलाव पर विचार कर रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी ये ऑपरेटर किसी एयरलाइन में 10% से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं रख सकते। एविएशन मिनिस्टर के. राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार इस पाबंदी को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है।

इस कदम का मकसद देश के एविएशन मार्केट में IndiGo और Air India के दबदबे को कम करना है। दोनों एयरलाइंस मिलकर देश के करीब 90% घरेलू यात्रियों को संभालती हैं। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट है।

दिल्ली और मुंबई में अलग है नियम

बेंगलुरु जैसे एयरपोर्ट के लिए अपनी एयरलाइन शुरू करने पर ऐसी रोक नहीं है। लेकिन दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट के ऑपरेशन और मैनेजमेंट एग्रीमेंट में ऐसी शर्त है, जो इनके ऑपरेटरों को किसी एयरलाइन पर नियंत्रण रखने से रोकती है।

नायडू ने कहा कि इस नियम में बदलाव पर विचार चल रहा है। हालांकि, अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। Bloomberg News ने सबसे पहले जुलाई में इस प्रस्ताव की जानकारी दी थी।

Adani और GMR के लिए खुल सकता है रास्ता

अगर यह पाबंदी हटती है तो Adani Group और GMR Airports के लिए एयरलाइन कारोबार में उतरने का रास्ता खुल सकता है। Adani Group मुंबई समेत आठ एयरपोर्ट ऑपरेट करता है। वहीं, GMR Airports दिल्ली समेत पांच एयरपोर्ट का संचालन करता है।

यानी नियम बदलने के बाद ये कंपनियां किसी एयरलाइन में बड़ी हिस्सेदारी खरीद सकती हैं या एयरलाइन कारोबार में उतरने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।

सरकार चाहती है कम से कम पांच बड़ी एयरलाइंस

एविएशन मिनिस्टर ने कहा कि भारत को कम से कम पांच एयरलाइंस की जरूरत है। इनमें से हर एयरलाइन के पास कम से कम 100 विमान होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार नई एयरलाइन शुरू करने के लिए आवेदन करने वाले किसी भी खिलाड़ी के प्रस्ताव पर विचार करने को तैयार है।

कैसे बढ़ा IndiGo और Air India का दबदबा?

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एविएशन मार्केट में कई बड़े बदलाव हुए हैं। Jet Airways और Go Airlines बंद हो गईं। दूसरी तरफ Vistara और AirAsia India का Tata Group की एयरलाइंस में विलय हो गया।

इसके बाद बाजार में IndiGo और Air India की पकड़ काफी मजबूत हो गई। Akasa Air अभी नई एयरलाइन है। SpiceJet भी चुनौतियों से जूझ रही है। इसके अलावा कुछ छोटी क्षेत्रीय एयरलाइंस हैं, लेकिन उनकी बाजार हिस्सेदारी काफी कम है।

ऐसे में सरकार ज्यादा बड़ी एयरलाइंस खड़ी करना चाहती है। अगर दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट से जुड़ा नियम बदलता है तो Adani Group और GMR जैसे बड़े एयरपोर्ट ऑपरेटर भी इस बाजार में बड़े खिलाड़ी के तौर पर उतर सकते हैं।

SEBI ने अदाणी ग्रुप की पांच कंपनियों का केस ₹1.51 करोड़ में निपटाया, हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़ा था मामला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SEBI ने अदाणी ग्रुप की पांच कंपनियों का केस ₹1.51 करोड़ में निपटाया, हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़ा था मामला

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने अदाणी ग्रुप की पांच कंपनियों के खिलाफ चल रहे मामले को सेटल कर दिया है। इन कंपनियों ने कुल ₹1.51 करोड़ का भुगतान किया है। यह मामला अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के खुलासे से जुड़ा था। उसमें रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस (RPT) और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े सवाल उठाए गए थे।

SEBI ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट के आरोपों की जांच के दौरान इन मामलों की पड़ताल की थी। इसमें SEBI के Listing Obligations and Disclosure Requirements (LODR) नियमों, पुराने Listing Agreement और दूसरे लागू नियमों के संभावित उल्लंघन को देखा गया था।

इन पांच कंपनियों ने कितनी रकम दी?

सेटलमेंट के तहत Adani Enterprises ने ₹76.05 लाख दिए हैं। Adani Green Energy ने ₹45.50 लाख का भुगतान किया है। वहीं, Adani Total Gas, AWL Agri Business और Adani Energy Solutions ने ₹9.75 लाख-₹9.75 लाख दिए हैं।

इन पांचों रकम को जोड़ें तो कुल भुगतान करीब ₹1.51 करोड़ बैठता है।

Adani Enterprises पर क्या मामला था?

SEBI की कार्यवाही में Adani Enterprises पर अपनी एनुअल रिपोर्ट में कुछ रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस यानी ग्रुप कंपनियों के बीच लेनदेन की जानकारी नहीं देने का आरोप था। इसके अलावा कंपनी की ऑडिट और लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट्स ऐसी ऑडिट फर्मों ने साइन की थीं, जिनके पास वैध Peer Review Certificate नहीं था।

यह सर्टिफिकेट ऑडिट फर्म की क्वालिटी रिव्यू प्रक्रिया से जुड़ा प्रमाणपत्र है। SEBI ने इसी से जुड़े नियमों के संभावित उल्लंघन को भी कार्यवाही में शामिल किया था।

बाकी कंपनियों पर क्या आरोप थे?

Adani Total Gas, AWL Agri Business और Adani Green Energy के मामले में भी ऑडिट या लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट्स से जुड़ा मुद्दा था। इन रिपोर्ट्स पर ऐसी ऑडिट फर्म ने हस्ताक्षर किए थे, जिसके पास वैध सर्टिफिकेट नहीं था।

Adani Energy Solutions के मामले में जून 2015 की तिमाही की लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट को लेकर इसी तरह की आपत्ति थी।

कंपनियों ने आरोप स्वीकार नहीं किए

इन कंपनियों ने SEBI के साथ मामले को सेटल करने का रास्ता चुना। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनियों ने SEBI के जांच के नतीजों को स्वीकार कर लिया।

सेटलमेंट के तहत कंपनियों ने तथ्यों से जुड़े निष्कर्षों या कानूनी निष्कर्षों को न तो स्वीकार किया और न ही खारिज किया।

सितंबर में पूरा हुआ सेटलमेंट

SEBI की हाई पावर्ड एडवाइजरी कमेटी ने जून 2026 में संशोधित सेटलमेंट टर्म्स की सिफारिश की थी। इसके बाद अगस्त में SEBI के होलटाइम मेंबर्स के पैनल ने इन शर्तों को मंजूरी दी।

कंपनियों ने 5 सितंबर को SEBI को बताया कि सेटलमेंट की रकम जमा कर दी गई है। SEBI ने भी भुगतान मिलने की पुष्टि की। इसके बाद 22 सितंबर को SEBI ने इन मामलों को खत्म कर दिया।

क्या अब SEBI दोबारा कार्रवाई नहीं कर सकता?

ऐसा नहीं है। सेटलमेंट ऑर्डर में SEBI ने अपने अधिकार सुरक्षित रखे हैं। अगर सेटलमेंट के दौरान कंपनियों की ओर से दी गई कोई जानकारी बाद में गलत पाई जाती है, सेटलमेंट की शर्तों का उल्लंघन होता है या रकम तय करने में कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो SEBI आगे कार्रवाई कर सकता है।

ऐसी स्थिति में SEBI पुरानी कार्यवाही को फिर से शुरू कर सकता है या नया एक्शन शुरू कर सकता है।

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