Stocks to buy: जोरदार रिटर्न के लिए इन 5 दमदार स्टॉक्स पर लगा सकते हैं दांव

शेयर बाजार के कमजोर सेंटीमेंट का खराब असर निवेशकों पर पड़ा है। खासकर नए निवेशक तो अब बाजार में एंट्री करने से घबरा रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह निवेशक करने का सही समय है, क्योंकि कई दिग्गज शेयरों की कीमतें अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं। ब्रोकरेज फर्म सैमको सिक्योरिटीज ने खासकर नए निवेशकों के लिए कुछ खास शेयरों की लिस्ट तैयार की है। इन शेयरों में निवेश से अच्छी कमाई हो सकती है।

अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर लंबी रेस का घोड़ा

इस लिस्ट का पहला स्टॉक अदाणी एंटरप्राइजेज है। यह अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है। इसका मतलब है कि समूह के कई महत्वपूर्ण बिजनेसेज इस कंपनी के तहत आते हैं। यह शेयर 18 सितंबर को 1.94 फीसदी गिरकर 2,980 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 48 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में तेजी लौटने का मिलेगा फायदा

एक्सिस बैंक इस लिस्ट का दूसरा स्टॉक है। यह शेयर 18 सितंबर को 0.41 फीसदी चढ़कर 1,245 रुपये पर बंद हुआ। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में शामिल है। बीते छह महीनों में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है, क्योंकि प्राइवेट बैंकों के मुकाबले निवेशकों ने सरकारी बैंकों के शेयरों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है।

बजाज ऑटो को मिलेगा फेस्टिव सीजन का फायदा 

दोपहिया और तीन-पहिया बनाने वाली दिग्गज कंपनी बजाज ऑटो इस लिस्ट की तीसरी कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर 0.12 फीसदी गिरकर 11,486 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, बीते छह महीने में यह शेयर करीब 24 फीसदी चढ़ा है। कंपनी को त्योहारी सीजन का बड़ा फायदा मिल सकता है। देश में धनतेरस और दीवाली के मौके पर टू-व्हीलर्स और फोर-व्हीलर्स खरीदना शुभ माना जाता है।

डिफेंस स्टॉक्स में तेजी का फायदा बीईएल को मिलेगा

डिफेंस कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स इस लिस्ट का चौथा स्टॉक है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर 18 सितंबर को 397 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 10 फीसदी से ज्यादा गिरा है। कंपनी की ऑर्डरबुक स्ट्रॉन्ग है। इसके अलावा डिफेंस पर सरकार के बढ़ते फोकस का फायदा भी कंपनी को मिलेगा।

टेलीकॉम कंपनी ने बढ़ाया वैल्यू एडेड सर्विसेज पर फोकस

दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल भी इस लिस्ट में शामिल है। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ। बीते छह महीने में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है। वैल्यू एडेड सर्विसेज पर बढ़ते फोकस का फायदा कंपनी को मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Market Trend : निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों ही मंदड़ियों के पकड़ में, जानिए किन शेयरों और सेक्टरों में दिख रहे पैसे बनाने के मौके

Market Trend : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स आज सपाट ट्रेड कर रहे हैं। निफ्टी 23,450 के आसपास है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार, वी के विजयकुमार का कहना है कि निफ्टी के 23500 के रेजिस्टेंस लेवल से नीचे आने के कारण मार्केट की स्थिति कमजोर हो गई है। तकनीकी रूप से मार्केट में और गिरावट की आशंका है। फंडामेंटल मैक्रो ट्रेंड्स भी बिगड़ते जा रहे हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत $101 के पार चली गई है और अमेरिका में 10-ईयर बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.83% हो गई है। इस महीने फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है, जिससे मार्केट में चिंताएं भी बढ़ रही हैं।

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ रहा है और मार्केट ट्रंप की इस बात पर ध्यान नहीं दे रहा है कि चुनाव (US मिड-टर्म) के तुरंत बाद युद्ध खत्म हो जाएगा।

भले ही भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (forex reserves) ठीक-ठाक है और करंट अकाउंट डेफिसिट (current account deficit) कंट्रोल में है, लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक $100 से ऊपर बनी रहती है, तो इसका असर इस साल भारत की GDP ग्रोथ और कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर भी पड़ेगा।

इससे जिन सेक्टर पर असर पड़ने की संभावना है वे एनर्जी पर निर्भर सेक्टर हैं। इसमें एविएशन, पेंट्स, एडहेसिव्स, टायर्स और केमिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। ऐसे माहौल में FMCG जैसे डिफेंसिव सेक्टर और फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर, जिनकी डिमांड पर कीमतों का ज़्यादा असर नहीं पड़ता मज़बूत बने रहेंगे।

डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों जैसे ग्रोथ सेक्टर मज़बूत स्थिति में बने हुए हैं। भले ही बैंकिंग स्टॉक्स, खासकर बड़े प्राइवेट सेक्टर के स्टॉक्स, तकनीकी रूप से कमज़ोर हों, लेकिन वे फंडामेंटली मज़बूत हैं। लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए इस सेगमेंट में रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो अच्छा है।

निफ्टी व्यू

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट (Mantri FinMart) के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि बाजार के नजरिए से अभी तक पूरा हफ्ता काफी खराब रहा है। बाजार में कभी-कभी उछाल देखने को मिलता है लेकिन फिर यह दिन के निचले स्तर के करीब बंद होता है। 23600 के आसपास एक छोटा सपोर्ट था। इसको भी निफ्टी तोड़ चुका है। बाजार हालिया तेजी के 50% रिट्रेसमेंट रेशियो को भी तोड़ चुका है। अब निफ्टी के लिए 23,200 के आसपास के नेक्स्ट सपोर्ट है। आज या कल में निफ्टी इस सपोर्ट के पास भी आता नजर आ सकता है। आज या कल में निफ्टी में 23,150-23,200 के लेवल नजर आ सकते हैं। ओवरऑल ट्रेंड डाउन है। इसलिए जब तक 23,800 का लेवल नहीं निकलता, तब तक सेल ऑन राइस की स्ट्रेटजी रखें । नीचे में इमीडिएट तौर पर 23,200 तक के टारगेट आ सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

अरुण कुमार मंत्री का बैंक निफ्टी पर भी इसी तरह का नजरिया है। कल इसकी क्लोजिंग 56,300 के आसपास के आसपास हुई। इसमें भी ब्रेकडाउन का फ्रेश राउंड नजर आया है। इसमें आज के सत्र में 55,800 से 56,000 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में ही बियरिश ट्रेंड है। पर जहां तक मिड कैप स्माल कैप की बात है वहां पर मोमेंटम अच्छा है। ऐसे में अगर कोई स्टॉक में ट्रेडिंग करता है तो उनके लिए माहौल अभी भी काफी अच्छा नजर आ रहा है। पर जो निफ्टी-बैंक निफ्टी में लॉन्ग ट्रेडर्स है उनके लिए दिक्कत लग रही है।

अरुण कुमार मंत्री के पसंदीदा शेयर

अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि मेटल्स में काफी अच्छा मोमेंटम देखने को मिल रहा है। जिस हिसाब से डॉलर इंडेक्स गिर रहा है और मेटल्स के प्राइसेस ऊपर जा रहे हैं उसे देखते हुए हिंडाल्को में खरीदारी की सलाह रहेगी। पूरे एलुमिनियम स्टॉक्स में मोमेंटम पॉजिटिव है। हिंडाल्को में 1020 रुपए के आसपास, 1004 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1049 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी करें।

इसके अलावा अदाणी ग्रुप में भी अच्छा मोमेंटम है। ऐसे में अदाणी ग्रीन में खरीदारी की सलाह होगी। इसमें 1312 रुपए के आसपास, 1294 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1345 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी करें।

 

Trading Plan: निफ्टी पर दबाव बने रहने और कंसोलिडेशन की संभावना, जानिए इंडेक्स पर कमाई की रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अदाणी पावर की GVK Energy को खरीदने की तैयारी, 330 MW हाइड्रो प्रोजेक्ट मिलेगा

Adani Power: अदाणी ग्रुप की दिग्गज बिजली कंपनी Adani Power ने GVK Energy को खरीदने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। GVK Energy के लेनदारों की समिति यानी CoC ने Adani Power के रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी है। इसके बाद कंपनी को लेटर ऑफ इंटेंट यानी LOI भी मिल गया है।

Adani Power ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि GVK Energy के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने 7 सितंबर को LOI जारी किया।

330 MW का हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट

GVK Energy के पास उत्तराखंड में 330 MW का हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट है। यह प्रोजेक्ट उसकी सब्सिडियरी Alaknanda Hydro Power Company के जरिए चलता है।

Adani Power यह अधिग्रहण कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस यानी CIRP के तहत कर रही है। यह प्रक्रिया इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के तहत चल रही है।

100% हिस्सेदारी खरीदेगी Adani Power

Adani Power ने GVK Energy की 100% शेयर कैपिटल और कंट्रोल खरीदने का प्लान दिया है। कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया यानी CCI ने मई में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।

डील अभी पूरी नहीं हुई है

LOI मिलने का मतलब यह नहीं है कि अधिग्रहण पूरा हो गया है। रिजॉल्यूशन प्लान लागू करने के लिए अभी कुछ और मंजूरियां जरूरी हैं।

Adani Power ने कहा है कि यह प्रक्रिया LOI की शर्तों के अधीन होगी। इसके अलावा हैदराबाद स्थित नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी NCLT से भी मंजूरी लेनी होगी। जरूरत पड़ने पर दूसरे रेगुलेटरी अथॉरिटीज, कोर्ट या ट्रिब्यूनल से भी मंजूरी लेनी पड़ सकती है।

Adani Power के शेयर का हाल

Adani Power का शेयर 7 सितंबर को NSE पर 1.31% गिरकर ₹204.49 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 46.93% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 61.24% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 78.97 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

अगले 1 महीने में बैंक निफ्टी में आ सकती है 5000 अंकों की तेजी, अगले 12 महीने में डबल हो सकता है सीएनएक्स आईटी

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए केडियानॉमिक्स के फाउंडर सुशील केडिया ने कहा कि बाजार में इस समय पैसा बनाने का टाइम आ गया है। स्वर्ग जाने का रास्ता नरक जैसा दिखता है और नर्क में जाने का रास्ता स्वर्ग जैसा दिखता है। लोग जब शेयर बाजार में सबसे ज्यादा खुश होते हैं तो नर्क की शुरुआत वहीं होती है। अभी जो लोगों के मन में नर्क जैसे हालात बने हुए यही मार्केट का बॉटम है। अब यहीं से स्वर्ग जाने का रास्ता खुलेगा। एक बात ध्यान में रखें की रुपया-डॉलर और भारतीय बाजार का संबंध बड़ा विचित्र सा है।

लॉन्ग रन में डॉलर के मुकाबले भारत की करेंसी कमजोर होती रही है और शेयर मार्केट बढ़ता रहा है। इस गिरावट में रुपया जब भी मजबूत होता है। बाजार बढ़ जाता है। जब भी रुपए में 10% की गिरावट आई है। मार्केट में -5% से लेके प्लस 5% तक का रिटर्न मिला है। लेकिन जब रुपया 10% मजबूत होता है तो निफ्टी में 20 से 25% तक की तेजी देखने को मिली है। अब डॉलर टूटने को कगार पर है। ऐसे में आगे हमारे बाजारों को रुपए में मजबूती का फायदा मिलेगा।

ग्लोबल मार्केट पर नजर डालें तो अब बाजार में तेजी का माहौल बन गया है। लेकिन अभी बाजार में अभी टुकड़े-टुकड़े में खेलना होगा। पर अब वो हालात बन गए हैं जिसमें अच्छी कमाई हो सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय बैंक निफ्टी की दिशा ज्यादा साफ दिख रही है। अगले कुछ ही दिनों में निफ्टी की स्थिति भी साफ हो सकती है। लेकिन अभी के लिए कहा जा सकता है कि एक से सवा महीनें में बैंक निफ्टी में 5000 अंकों की तेजी आ सकती है।

अदाणी ग्रुप के शेयरों पर बात करते हुए सुशील केडिया ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज और अदाणी पोर्ट पर उनकी शॉर्ट करने की सलाह होगी। वहीं, अदाणी पावर और एनडीटीवी में लॉन्ग बेट है। इनमें बने रहने की सलाह होगी। बजाज ऑटो में भी अब शॉर्ट करने के मौके बन रहे है। बैंक शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, एयू बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा आगे धमाका कर सकते हैं। वहीं, एसबीआई और कोटक बैंक नखरे दिखा सकते हैं।

हिंन्दुस्तान यूनीलीवर और टाटा कंज्यूमर यहां से 50-60 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है। एशियन पेंट्स भी अच्छे करेक्शन के बाद अब भागने को तैयार है। इसमें 30 फीसदी तक की रैली देखने को मिल सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम पिछले 30 साल का इतिहास देखें तो पता चलता है कि जब भी रूपया-डॉलर मजबूत होता है तो सबसे ज्यादा रिटर्न एफएमसीजी और आईटी ही देते हैं। अगर मार्केट में तेजी आती है तो सबसे पहले इन्ही सेक्टर्स के शेयर भागेंगे। अगर कोई टीसीएस को 3 साल के नजरिए से खरीदे तो इसमें 7000 रुपए का भाव देखने को मिल सकता है। ट्रेंडिंग के नजरिए से भी इसमें 3200-3300 रुपए का भाव मिल सकता है। इस समय सारे ही आईटी शेयर अच्छे लग रहे हैं। अगर कोई सेक्टोरल इंडेक्स है जो अगले 12 महीनों में डबल हो सकता है तो वह है सीएनएक्स आईटी ही है।

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 7 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Adani Power Share: मोतीलाल ओसवाल ने Buy रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की, बुल केस में ₹305 का टारगेट दिया

Adani Power Share: ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अदाणी ग्रुप की पावर कंपनी Adani Power पर कवरेज शुरू करते हुए इसे ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹250 का टारगेट प्राइस रखा है। यह पिछले बंद भाव से करीब 20% ज्यादा है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, बुल केस में यह 46.8% तक भी उछल सकता है। गुरुवार को अदाणी पावर 207.50 रुपये पर तकरीबन फ्लैट बंद हुआ। 2026 में अब तक शेयर करीब 40% चढ़ चुका है।

मोतीलाल ओसवाल ने कंपनी की मजबूत ग्रोथ योजनाओं को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। Adani Power FY32 तक अपनी बिजली उत्पादन क्षमता 2.3 गुना बढ़ाकर 42 GW करना चाहती है। FY27 में 1.3 GW, FY28 में 1.6 GW और FY29 में 3.2 GW नई क्षमता जोड़ने का अनुमान है।

थर्मल पावर में तगड़ी पकड़

Adani Power भारत की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर कंपनी है। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी की उत्पादन क्षमता 18 GW थी। भारत की कुल कोयला और लिग्नाइट वाली बिजली क्षमता में कंपनी की हिस्सेदारी 8% है। निजी क्षेत्र में यह हिस्सेदारी करीब 24% है।

कंपनी की 95% ऑपरेशनल क्षमता लंबे और मध्यम अवधि के पावर परचेज एग्रीमेंट यानी PPA से जुड़ी है। कंपनी बिजली वितरण कंपनियों यानी DISCOMs को बिजली बेचती है। साथ ही वह मर्चेंट मार्केट में भी बिजली की बिक्री करती है।

मोतीलाल ओसवाल क्यों है बुलिश?

ब्रोकरेज का मानना है कि Adani Power ने संकट में फंसे कई बिजली प्लांटों का अधिग्रहण कर उन्हें सफलतापूर्वक चलाया है। कंपनी की एक और बड़ी ताकत उसकी पूंजी खर्च रणनीति है।

मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, कंपनी ने औसतन ₹3.5 करोड़ प्रति MW की लागत पर बिजली क्षमता का अधिग्रहण किया है। वहीं नया थर्मल पावर प्लांट बनाने में करीब ₹12 करोड़ प्रति MW खर्च आता है। कंपनी के न्यूक्लियर एनर्जी में उतरने की संभावना को भी ब्रोकरेज ने भविष्य के लिए एक अतिरिक्त अवसर माना है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि मौजूदा कैपेक्स साइकिल पूरी होने के बाद कंपनी का EBITDA करीब ₹80,000 करोड़ तक पहुंच सकता है।

बुल केस में ₹305 का टारगेट

अगर बिजली की कीमतें और प्लांट लोड फैक्टर अनुमान से बेहतर रहे, तो मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए ₹305 का बुल केस टारगेट रखा है। यह पिछले बंद भाव से करीब 46.8% ज्यादा है।

इसके उलट, कमजोर स्थिति में ब्रोकरेज ने ₹140 का बेयर केस टारगेट बताया है। यह पिछले बंद भाव से करीब 32.6% नीचे है।

जोखिम भी कम नहीं

ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी की आने वाली थर्मल क्षमता में करीब 44% अभी किसी पावर खरीद समझौते से जुड़ी नहीं है। इससे बिजली की मांग और कीमतों को लेकर जोखिम बना हुआ है।

इसके अलावा, बड़े कैपेक्स, प्रोजेक्ट में देरी, लागत बढ़ने और पर्यावरण नियमों का पालन भी अहम जोखिम हैं। कंपनी को बिजली सेक्टर में प्रतिस्पर्धा का भी सामना करना पड़ता है।

फिलहाल Adani Power को कवर करने वाले 10 में से 9 एनालिस्ट्स ने ‘Buy’ रेटिंग दी है। एक एनालिस्ट ने ‘Hold’ रेटिंग रखी है।

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Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 1 सितंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : नीचे से सुधार आने के बावजूद भारतीय बाजार आज सोमवार 31 अगस्त को गिरावट लेकर बंद हुए। निफ्टी 95 अंक गिरकर 24080.40 पर और सेंसेक्स 307 अंक गिरकर 76957.27 पर आ गया,जिससे सेशन की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। सर्विसेज सेक्टर सबसे आगे रहा और इसमें 8.88% की बढ़त देखी गई,जबकि इंजीनियरिंग सर्विसेज सेक्टर को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ और इसमें 3.12% की गिरावट आई। यूटिलिटीज़ और कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव रहा,जिससे इंडस्ट्रियल सेक्टर को लेकर सेंटीमेंट कमज़ोर रहा।

ईरान के साथ अमेरिका के बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं,जबकि निवेशक MSCI इंडेक्स में बदलाव और CAS से संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क नजर आए। इसका असर बाजार पर दिखा। अलग-अलग सेक्टरों का मूड काफी कमजोर रहा और बाजार के ज्यादातर हिस्सों में बिकवाली का दबाव दिखा। मेटल और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। जबकि टेक्नोलॉजी,रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर पर भी काफी दबाव रहा। फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर में भी गिरावट आई। सिर्फ प्राइवेट बैंकों ने ही कुछ हद तक मजबूती दिखाई।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद बैंक निफ्टी में बड़ा बदलाव देखा गया और यह दोपहर 3:15 बजे के प्री-CAS लेवल से 600 अंक से ज्यादा ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स दोपहर 3:15 बजे के करीब 57,397 से बढ़कर CAS के बाद 58,025 पर पहुंच गया। भारतीय शेयर बाज़ार पर दबाव के बावजूद निफ्टी 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा और 24,080.40 पर बंद हुआ।

MSCI में बदलाव के चलते अदाणी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। अदाणी एंटरप्राइजेज़ के शेयरों में भारी गिरावट आई, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर करीब 7 प्रतिशत गिरे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में जबरदस्त तेज़ी देखी गई और यह लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा मिला।

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में इक्विटी टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल का कहना है कि 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए मज़बूत सपोर्ट बना हुआ है। इसे डेली गैप एरिया,बढ़ती ट्रेंडलाइन और 61.8% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट का सपोर्ट मिल रहा है।

जिगर एस पटेल गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि 24,100–24,000 का जोन निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन है। उनका मानना ​​है कि जब तक क्लोजिंग बेसिस पर 23,600 का स्तर बना रहता है,तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा।

ऊपर की तरफ,24,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। पटेल ने कहा कि अगर इस स्तर के ऊपर ब्रेकआउट होता है तो निफ्टी के लिएृ 24,600–24,750 और उसके बाद 25,000 के सबसे नजदीकी टारेगट की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

निफ्टी बैंक के लिए, 58,200 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से नई तेज़ी आ सकती है,जबकि 57,000 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है। पटेल ने कहा कि हमारा उनका नजरिया तेजी का है। ऐसे में 57,000 के ऊपर टिके रहने तक गिरावट पर खरीदारी करने की सलाह होगी।

 

Sugar Stocks : बलरामपुर चीनी 12% तक भागा, दूसरे शुगर शेयरों को भी लगे पंख, जानिए वजह

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक्स 55% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने खरीदने की सलाह दी

Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ब्रोकरेज फर्मों ने 5 कंपनियों पर खरीदारी की सलाह दी है। इनमें पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, रिटेल और क्विक कॉमर्स जैसे तेजी से बढ़ते सेक्टर शामिल हैं। ब्रोकरेज के हिसाब से इन शेयरों में 55% तक रिटर्न मिल सकता है। आइए जानते हैं इन 5 स्टॉक्स में ब्रोकरेज को क्या संभावनाएं दिख रही हैं।

  1. Cummins India

ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने Cummins India पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने ₹6,150 का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा स्तर से इसमें करीब 18.43% का रिटर्न मिल सकता है।

पावर जनरेशन कंपनी के लिए बड़ा बिजनेस बना हुआ है। डेटा सेंटर की बढ़ती मांग भी कंपनी की ग्रोथ में अहम भूमिका निभा रही है। साथ ही CPCB IV+ इंजन वारंटी अवधि से बाहर आने पर आफ्टरमार्केट बिजनेस से अतिरिक्त अवसर मिलने की उम्मीद है।

2. Adani Enterprises

मोतीलाल ओसवाल ने अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी Adani Enterprises पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹3,880 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, इसमें करीब 25% तक का उछाल देखने को मिल सकता है।

कंपनी एयरपोर्ट, सड़क, रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर, कॉपर और स्ट्रैटेजिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे कारोबार में मौजूद है। ब्रोकरेज को इन लॉन्ग टर्म बिजनेस से ग्रोथ की उम्मीद है।

3. NTPC

Bernstein ने सरकारी पावर कंपनी NTPC पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ ₹450 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक शेयर में करीब 32% तक बढ़ोतरी की गुंजाइश है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, भारत में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की भूमिका उम्मीद से बड़ी हो सकती है। रिन्यूएबल एनर्जी के साथ स्टोरेज बिजनेस NTPC के लिए बड़ा अवसर बन सकता है।

4. Avenue Supermarts

CLSA ने Avenue Supermarts पर ‘हाई-कन्विक्शन आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने ₹5,723 का टारगेट प्राइस रखा है। इससे शेयर में करीब 49% का रिटर्न मिलने की संभावना है।

ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का कम ऑपरेटिंग कॉस्ट मॉडल और कम कीमत पर सामान बेचने की रणनीति इसकी बड़ी ताकत है। प्राइवेट लेबल कारोबार और नए स्टोर्स का विस्तार भी ग्रोथ को सहारा दे सकता है।

5. Eternal 327

CLSA ने जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी Eternal को खरीदने की सलाह के साथ ₹506 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक इसमें करीब 55% तक की तेजी देखने को मिल सकती है।

Blinkit का विस्तार इस निवेश की बड़ी वजहों में शामिल है। कंपनी नए शहरों में पहुंच बढ़ा रही है और डार्क स्टोर्स की संख्या भी बढ़ा रही है। Zomato Gold के जरिए ऑर्डर की बढ़ती संख्या और फूड डिलीवरी बिजनेस में सुधार से भी ग्रोथ की उम्मीद है।

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DK Shivakumar-Adani meeting: कर्नाटक में अदाणी-शिवकुमार की मुलाकात को लेकर सियासी घमासान! BJP ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड को लेकर साधा निशाना

DK Shivakumar-Adani meeting: दिग्गज उद्योगपति गौतम अदाणी ने रविवार 24 अगस्त को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने इस मुलाकात को एक शिष्टाचार भेंट बताया। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के साथ मुलाकात को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश इकाई ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा।

सूत्रों के अनुसार, अदाणी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ गए थे। एयरपोर्ट लौटते समय सदाशिवनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर शिवकुमार से मिले। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने भी इसे एक शिष्टाचार भेंट बताया। यह मुलाकात हेब्बाल से सिल्क बोर्ड तक प्रस्तावित सुरंग सड़क परियोजना के बीच हुई है। सूत्रों के मुताबिक, इस परियोजना के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है। हालांकि, टेंडर को अभी आधिकारिक रूप से अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

यह तत्काल पता नहीं चल सका कि शिवकुमार और अदाणी के बीच बातचीत में सुरंग सड़क परियोजना का मुद्दा उठा या मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित रही। शिवकुमार ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली बार था जब वह (अदाणी) यहां मुझसे मिलने आना चाहते थे। वे यहां कई कारोबार कर रहे हैं। वह शिष्टाचारवश मुझसे मिलने आए थे।”

BJP हुई हमलावर

इस बीच, BJP के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने इस मुलाकात की आलोचना करते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिवकुमार को अदाणी से मिलने की अनुमति दी थी। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अशोक ने कहा, “कांग्रेस दिल्ली में अदाणी का विरोध करती है, जबकि कर्नाटक में उसके पक्ष में है। क्या यह दोहरा मापदंड नहीं है?” उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार ने अदाणी के लिए ‘लाल कालीन बिछा दी’ है।

अशोक ने शिवकुमार से राहुल गांधी को यह बताने को कहा कि अदाणी एक कारोबारी हैं। वह केवल कारोबार कर रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर तंज कसते हुए अशोक ने उनसे बेंगलुरु आने और लालबाग या सैंकी टैंक में किसी पेड़ को गले लगाने को कहा जो प्रस्तावित सुरंग सड़क परियोजना से प्रभावित होंगे। BJP सुरंग सड़क परियोजना का विरोध कर रही है। भगवा पार्टी के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी इस मुद्दे को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया है।

प्रियांक खड़गे की आई सफाई

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सीएम डीके शिवकुमार की गौतम अदाणी के साथ हुई मीटिंग का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह उद्योगपति राज्य सरकार के लिए सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्टर है। टेंडर प्रोसेस पर कोई असर नहीं डाला गया है। खड़गे ने पत्रकारों से कहा, “हमारे लिए अदाणी एक कॉन्ट्रैक्टर हैं। वे कुछ प्रोजेक्ट्स में सबसे कम बोली लगाने वाले हैं। ये कर्नाटक सरकार के लिए अहम प्रोजेक्ट्स हैं। हमने टेंडर प्रोसेस को प्रभावित नहीं किया है। कोई भी L1 बन सकता है।”

BJP से पूछा सवाल

उन्होंने कहा कि अदाणी ग्रुप पर कांग्रेस का राजनीतिक रुख नहीं बदला है। लेकिन साथ ही कहा कि राजनीतिक मतभेदों से यह तय नहीं हो सकता कि सरकारी टेंडर की प्रक्रिया कैसे होगी। खड़गे ने कहा, “अगर अदाणी कानूनी तरीके से टेंडर हासिल करते हैं, तो ठीक है।” उन्होंने टनल रोड प्रोजेक्ट पर बीजेपी के रुख पर भी सवाल उठाया। साथ ही पूछा कि क्या विपक्ष अब भी इसका विरोध करेगा, जब अदाणी ग्रुप की एक कंपनी सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी है।

राज्य सरकार द्वारा बताई गई बोली की जानकारी के अनुसार, अदाणी एंटरप्राइजेज ने 16.75 किलोमीटर लंबे टनल रोड प्रोजेक्ट के लिए 22,267 करोड़ रुपये की बोली लगाई। यह बोली सरकार की शुरुआती अनुमानित प्रोजेक्ट लागत 17,698 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

वहीं, शिवकुमार की अदाणी से मुलाकात पर कांग्रेस सांसद और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, “हमने साफ तौर पर कहा है कि हम एकाधिकार के खिलाफ हैं। हम किसी उद्योगपति के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन हम हमेशा कहते हैं कि अगर किसी एक उद्योगपति का एकाधिकार हो जाए, तो यह देश के लिए अच्छा नहीं है।”

Trading plan : कच्चे तेल में तेजी और IT शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर बढ़ाया दबाव, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading plan : कच्चे तेल में तेजी और IT शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। निफ्टी 175 अंक से ज्यादा फिसलकर 24300 के नीचे आ गया है। बैंक निफ्टी की तेजी भी कम हुई है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी नरमी देखने को मिल रही है। बाजार में गिरावट के बावजूद वौलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX में तेजी देखने को नहीं मिल रही है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रा ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा है कि वे फरवरी 2027 तक का कार्यकाल पूरा करेंगे। लेकिन फिर से नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे। कंपनी के बोर्ड को उत्तराधिकारी पर फैसला लेना चाहिए। एन चंद्रा के इस्तीफे से TCS 5 फीसदी फिसलकर निफ्टी का टॉप लूजर बना है। टाटा ग्रुप के दूसरे शेयरों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है।

IT शेयरों में आज सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली है। आईटी इंडेक्स दो फीसदी से ज्यादा फिसला है। TCS के साथ LTM, परसिस्टेंट और इंफोसिस में भी दबाव देखने को मिल रहा है। साथ ही कंज्यूमर ड्यूरेबल, रियल्टी और FMCG इंडेक्स करीब एक फीसदी फिसले हैं। वहीं दूसरी ओर आज सरकारी बैंकों में सबसे ज्यादा तेजी है। पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

हॉस्पिटल शेयरों में लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखने को मिल रही है। मैक्स हेल्थ और अपोलो हॉस्पिटल 3-4 फीसदी टूटकर निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। उधर फोर्टिस भी करीब 6 फीसदी टूटा। हॉस्पिटल चार्जेज पर कैप लगाने की सिफारिश से दूसरे दिन भी इन शेयरों पर दबाव देखने को मिल रहा है।

नतीजों के लिहाज से कल बड़ा दिन है। कल निफ्टी की दो कंपनियों टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (TMPV) और मैक्स हेल्थ के रिजल्ट आएंगे। TMPV का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 46% बढ़ सकता है। लेकिन कच्चे माल के दाम बढ़ने से मुनाफे और मार्जिन पर दबाव संभव है। साथ ही जुबिलेंट फूड, अंबर समेत वायदा की 5 कंपनियां भी रिजल्ट पेश करेंगी।

बाजार: खराब दिन

बाजार पर अपनी राय देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार के लिए आज एक खराब दिन रहा। सुबह-सुबह CNBC-आवाज़ पर इसी की चर्चा थी। कल ही बाजार ने चेतावनी के संकेत दिए थे। निफ्टी अब 24,350 के नीचे काम कर रहा है। हालांकि बैंक निफ्टी अभी भी अहम स्तरों के ऊपर है। लेकिन निफ्टी IT और बाकी बड़े शेयरों में गिरावट है। एन चंद्रा की टाटा संस वाली खबर से भी सेंटीमेंट खराब हुआ है। चंद्रा दोबारा चेयरमैन नहीं बनेंगे। अदाणी ग्रुप के शेयरों में भी बड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली। हॉस्पिटल शेयरों में आज भी बड़ी गिरावट आई।

बाजार: अब क्या?

बाजार में ब्रेकआउट फेल होने के पूरे संकेत हैं और ऐसे में वापस रेंज के लो टेस्ट हो सकते हैं। अगर निफ्टी 24,300 के नीचे बंद हुआ तो बड़ा नेगेटिव होगा। कच्चा तेल नीचे आने को तैयार नहीं है और मामला सिर्फ तेल का नहीं, सप्लाई का है। होर्मुज से सप्लाई वापस ठप हो चुकी है। ऐसे में बाजार में वापस बड़े करेक्शन का रिस्क है। स्टॉक स्पेसिफिक मौके भी अब काफी कम हो रहे हैं और परसों अर्निंग सीजन भी खत्म हो रहा है। ऐसे में बाजार में थोड़ा सतर्क रहना बेहतर रहेगा। लेकिन अगर अच्छा ट्रेड मिले तो जरूर लें, जैसे कि आज नाल्को और PI इंडस्ट्रीज में मिली।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,150-24,250 पर सपोर्ट और 24,400-24,450 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,000-57,200 पर सपोर्ट और 57,800-58,000 पर रेजिस्टेंस है।

प्री-CAS रणनीति

शॉर्ट पोजिशन्स लेकर ना जाएं। शॉर्ट का नजरिया सिर्फ इंट्राडे का था।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।