Experts View : अगले हफ्ते निफ्टी के 24000 के नीचे जाने की संभावना कम, बैंक निफ्टी में एक मजबूत चाल दिखने की उम्मीद

अगले हफ्ते निफ़्टी के 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे टूटने की संभावना कम है। जब तक इंडेक्स 23,950 के अहम सपोर्ट जोन के नीचे नहीं जाता है, इसमें बड़ी गिरावट का डर नहीं है। ये बातें SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह ने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कही हैं। उनके मुताबिक बहुत आक्रामक बिकवाली न होने से पता चलता है कि मंदड़ियों का अभी पूरी तरह से दबदबा नहीं बना है। निफ्टी अपने अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है,लेकिन इनमें से ज्यादातर एवरेज अब फ्लैट हो गए हैं,जो बड़ी गिरावट के बजाय कंसोलिडेशन (बाजार के एक दायरे में रहने) का संकेत दे रहे हैं।

उनका मानना ​​है कि हालिया तेजी के बाद बीच-बीच में प्रॉफ़िट बुकिंग की संभावना के बावजूद,निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स से निकट भविष्य में बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन जारी रखने की उम्मीद है।

अगले हफ्ते निफ्टी के 24,000 के स्तर से नीचे जाने की संभावना कम

बाजार की चाल पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि अगले हफ्ते निफ्टी के 24,000 के स्तर से नीचे जाने की संभावना कम है। जब तक इंडेक्स 23,950 के अहम सपोर्ट जोन के नीचे नहीं जाता है,इसमें बड़ी गिरावट का डर नहीं है। पिछले सात ट्रेडिंग सेशन में निफ़्टी 24,379 और 24,077 के दायरे में ही घूमता रहा है,जिससे साफ पता चलता है कि इसमें किसी खास दिशा में बढ़ने का मोमेंटम नहीं है। इंडेक्स अपने 200-दिन के EMA के ऊपर टिक नहीं पाया और हफ्ते के आखिर में 24,200 के आस-पास बंद हुआ,जो लगातार तीसरी वीकली गिरावट है। हालांकि,जबरदस्त बिकवाली न होने से संकेत मिलता है कि मंदड़ियों का अभी पूरी तरह से दबदबा नहीं बना है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ़्टी अपने अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है,लेकिन इनके ज्यादातर एवरेज अब सपाट हो गए हैं,जो किसी बड़ी गिरावट के बजाय कंसोलिडेशन का संकेत दे रहे हैं। मोमेंटम इंडिकेटर भी इस बात का सपोर्ट कर रहे हैं। डेली RSI पिछले 13 सेशन से एक ही दायरे में बना हुआ है,जबकि स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर भी एक रेंज में ही ऊपर-नीचे हो रहा है,जो बाजार में अनिश्चितता की भावना को दिखाता है।

अब निफ्टी के लिए 24,000-23,950 का जोन काफी अहम हो गया है,जो पिछले स्विंग लो और ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंडलाइन सपोर्ट से मेल खाता है। अगर निफ्टी लगातार 23,950 के नीचे बना रहता है,तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स जल्द ही 23,700 की ओर जा सकता है।

ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 24,250-24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। इस रेंज के किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने से बाजार की अगली चाल तय हो सकती है।

अगले हफ्ते बैंक निफ्टी में एक मजबूत चाल दिखने की उम्मीद

बैंक निफ्टी पर बात करते हुए सुदीप शाह ने कहा कि ऐसा लगता है कि अगले हफ्ते बैंक निफ़्टी में एक मजबूत चाल देखने को मिल सकती है,हालांकि ब्रेकआउट किस दिशा में होगा,यह अभी तय नहीं है। पिछले कुछ सेशन से इंडेक्स लगभग 1,075 अंकों के दायरे में ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि मार्केट में कोई फैसला नहीं हो पा रहा है और न ही तेजड़िए और न ही मंदड़ियों का साफ दबदबा दिख रहा है।

बैंक निफ्टी के लिए एक अहम घटना डेली चार्ट पर बोलिंगर बैंड स्क्वीज़ का बनना है,जो उतार-चढ़ाव में भारी कमी का संकेत है। ऐसे सेटअप के बाद अक्सर कीमतों में बड़ी हलचल देखने को मिलती है,जिससे संकेत मिलता है कि बैंक निफ्टी में जल्द ही एक बड़ा ब्रेकआउट हो सकता है।

मोमेंटम इंडिकेटर न्यूट्रल बने हुए हैं,जिसमें RSI और स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर दोनों ही साइडवेज (एक ही दायरे में)चल रहे हैं। ADX गिरकर 7.17 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है,जो बहुत कमजोर ट्रेंड का संकेत है। पिछले आंकड़ों की बात करें तो ADX की ऐसी कम रीडिंग के बाद अक्सर कीमतों में किसी एक दिशा में तेज चाल देखने को मिलती है।

टेक्निकल तौर पर बैंक निफ्टी के लिए 58,000-58,200 का स्तर अहम रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है,जबकि 57,200-57,000 एक अहम सपोर्ट एरिया है। इन दोनों में से किसी भी जोन के पार निर्णायक ब्रेकआउट से बैंक निफ्टी के अगले बड़े ट्रेंड का पता चलने की संभावना है।

जारी रहेगी छोटे-मझोले शेयरों का आउटपरफॉर्मेंस

सुदीप शाह का मानना है कि आगे मिड और स्मॉलकैप स्टॉक बेंचमार्क इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन करते दिख सकते हैं। उनका कहना है कि हाल की तेजी के बाद बीच-बीच में होने वाली प्रॉफ़िट बुकिंग की संभावना के बावजूद,निकट भविष्य में ब्रॉडर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन जारी रखने की उम्मीद है। निफ़्टी मिडकैप 100 और निफ़्टी स्मॉलकैप 100 दोनों ने नए रिकॉर्ड स्तर छुए हैं,जो मज़बूत मार्केट भागीदारी और बेहतर सेंटीमेंट को दिखाते हैं।

तकनीकी तौर पर ये दोनों इंडेक्स मजबूत अपट्रेंड में बने हुए हैं और अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। साथ ही मोमेंटम इंडिकेटर भी बुलिश जोन में हैं। निफ्टी मिडकैप 100 के लिए, 63,700-63,500 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया है। अगर यह इसके ऊपर बना रहता है,तो यह इंडेक्स 65,000-65,800 के स्तर तक जा सकता है।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 के लिए 19,980-19,950 एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। 20,150 के स्तर को मजबूती से पार करने पर नई खरीदारी का मोमेंटम बन सकता है और इंडेक्स 20,400-20,600 के स्तर तक पहुंच सकता है। कुल मिलाकर,इनका ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

 

बाजार का मौजूदा मिजाज किसी भी एक दिशा में साफ नहीं, शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए लेवल बेस्ड ट्रेडिंग रहेगी सबसे अच्छी -अमोल अठावले

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बाजार का मौजूदा मिजाज किसी भी एक दिशा में साफ नहीं, शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए लेवल बेस्ड ट्रेडिंग रहेगी सबसे अच्छी -अमोल अठावले

Market Trend: भारतीय इक्विटी मार्केट ने 28 अगस्त को खत्म हुए हफ्ते की क्लोजिंग सतर्कता भरे रुख के साथ की। ग्लोबल इंटरेस्ट रेट,जियोपॉलिटिकल रिस्क और क्लोजिंग ऑक्शन सेशन से जुड़ी वोलैटिलिटी के चलते निवेशकों के सेंटिमेंट पर दबाव दिखा,जिससे बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। हालांकि,शुक्रवार को ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों से मिले पॉजिटिव संकेतों के बीच IT शेयरों में जबरदस्त खरीदारी आई। इससे बाजार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली,फिर भी बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले का कहना है कि पिछले हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में उतार-चढ़ाव के बाद एक सीमित दायरे में कारोबार होता दिखा। निफ्टी 0.31 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 310 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त हुई,जबकि FMCG इंडेक्स में सबसे ज्यादा 1.95 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक बेयरिश कैंडल बनाया है और ऊपर की तरफ इसे लगातार 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) या 24,350/77,900 जोन के पास रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है,जो काफी हद तक नेगेटिव संकेत है।

अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म के लिए मार्केट का मिजाज कमज़ोर है,लेकिन नई बिकवाली तभी हो सकती है जब 24,100/77,100 का लेवल टूटे। अगर ऐसा होता है तो मार्केट 24,000-23,800/76,800-76,200 तक गिर सकता है। दूसरी ओर 50-डे SMA या 24,200/77,500 ट्रेडर्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस लेवल के ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है तो यह 24,350/77,900 पर स्थित 20डे SMA को फिर से टेस्ट कर सकता है। इसके बाद भी और तेजी आ सकती है,जिससे इंडेक्स 24,500/78,400 तक जा सकता है।

बैंक निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

अमोल अठावले की राय है कि बैंक निफ्टी के लिए 50 और 20 डे के SMA या 57,700 का स्तर ट्रेडर्स के लिए तुरंत ध्यान देने वाले लेवल होंगे। जब तक बैंक निफ्टी इन स्तरों से नीचे रहता है,तब तक सेंटीमेंट कमजोर बने रहने की संभावना है। इसके नीचे जाने पर इंडेक्स के 56,800-56,500 के स्तर तक गिरने की संभावना बढ़ जाएगी। इसके उलट,57,700 के ऊपर जाने पर बैंक निफ्टी 58,000-58,500 की ओर उछाल आ सकता है। बाजार का मौजूदा मिजाज किसी एक दिशा में साफ नहीं है। इसलिए,शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए लेवल बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

 

Market Next week : मिड और स्मॉल कैप इंडेक्स ने किया सेंसेक्स-निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Next week : मिड और स्मॉल कैप इंडेक्स ने किया सेंसेक्स-निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Next week : इस हफ्ते ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया और नई ऊंचाई को छुआ। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 0.5% की बढ़त हुई,जबकि निफ़्टी 50 और सेंसेक्स में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट का दौर जारी रहा। इस हफ्ते सेंसेक्स 276.32 अंक या 0.35% गिरकर 77,264.51 पर आ गया,जबकि निफ्टी 76.35 अंक या 0.31% गिरकर 24,175.65 पर बंद हुआ।

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया,ग्लेनमार्क फ़ार्मा,LIC हाउसिंग फ़ाइनेंस और लॉरस लैब्स में बढ़त के कारण निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.5% बढ़कर 64,450.90 के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। दूसरी ओर रेल विकास निगम,फ़ेडरल बैंक,IDFC फ़र्स्ट बैंक,कोरोमंडल इंटरनेशनल और ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।

कैपरी ग्लोबल कैपिटल,IDBI बैंक,IFCI और एथर एनर्जी में डबल डिजीट बढ़त के दम पर निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी 0.5% बढ़कर 20,143.55 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। वहीं,इस हफ्ते BLS इंटरनेशनल सर्विसेज,एजिस लॉजिस्टिक्स,क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण,हिंदुस्तान कॉपर और टेनेको क्लीन एयर इंडिया के शेयरों में 6% से 12% तक की गिरावट आई।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी मेटल,IT,फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में 2% से ज्यादा की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स में 1.5% की तेजी आई। दूसरी ओर निफ्टी FMCG, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1% की गिरावट आई। जबकि निफ्टी ऑटो और डिफेंस इंडेक्स भी लगभग 1% नीचे बंद हुए।

विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने लगातार दूसरे हफ्ते भी बिकवाली जारी रखी और इस हफ्ते ₹20,260 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और हफ्ते के दौरान भारतीय इक्विटी में ₹19,309.93 करोड़ का निवेश किया। इस हफ्ते BSE में लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन में ₹1 लाख करोड़ से कुछ ज़्यादा की गिरावट आई।

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अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

SBI सिक्योरिटीज के हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए 24000–23970 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह 23970 के नीचे टूटता है,तो और गिरावट आ सकती है और इंडेक्स 23820 की तरफ गिर सकता सकता है। ऊपर की तरफ,24300–24330 का जोन निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। नियर टर्म में निफ्टी में तेजी के लिए इस रेजिस्टेंस का पार होना जरूरी है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि गुरुवार को 24150 के लेवल पर ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंड लाइन के सपोर्ट से नीचे आने के बाद,निफ्टी में शुक्रवार को और ज़्यादा कमज़ोरी नहीं आई। यह एक अच्छा संकेत है और ऐसे फाल्स गिरावट वाले ब्रेकआउट के बाद अक्सर तेजी से बढ़त देखने को मिलती है।

निफ्टी का ट्रेंड पॉजिटिव रुख के साथ एक दायरे (24400-24000) में बना रहने का दिख रहा है। अगर निचले दायरे के पास से कोई टिकाऊ उछाल आता है,तो निकट भविष्य में 24300-24400 के लेवल तक अच्छी-खासी बढ़त देखने को मिल सकती है। ट्रेंड बदलने के लिए अहम सपोर्ट 24000 पर है। अगर यह सपोर्ट टूटता है तो गिरावट आ सकती है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद निफ्टी वापस’राइजिंग चैनल’में आ गया। हालांकि,ट्रेंड अभी भी बुलिश नहीं है,क्योंकि इंडेक्स 50EMA के नीचे ही ट्रेड कर रहा है। कुल मिलाकर,मोमेंटम की कमी रही और इंडेक्स एक सीमित दायरे में ही बना रहा।

ऊपर की तरफ,24,200 का लेवल निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। जब तक इंडेक्स 24,200 से नीचे रहता है,तब तक मार्केट का सेंटीमेंट कमजोर रहने की संभावना है और निकट भविष्य में इसके 23,900 तक गिरने की आशंका है।

23,900 के नीचे जाने पर और गिरावट आ सकती है। दूसरी ओर 24,200 के ऊपर मजबूती दिखाने से मार्केट सेंटीमेंट में सुधार हो सकता है और इससे शॉर्ट-टर्म ट्रेंड मजबूत हो सकता है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

म्यूचुअल फंड से वेल्थ क्रिएशन के मंत्र, जानिए निफ्टी 50 और Nifty50 Equal Weight में से किसमें निवेश रहेगा फायदेमंद

Nifty 50 से तो हर निवेशक परिचित है,लेकिन क्या हम जानते हैं कि इसी Nifty के 50 शेयरों में निवेश का एक और तरीका भी है,जो पोर्टफोलियो में बेहतर संतुलन ला सकता है? यहां बात हो रही है Nifty50 Equal Weight Index की,जहां बड़ी और छोटी सभी 50 कंपनियों को बराबर वेटेज मिलता है। क्या इससे कंसन्ट्रेशन रिस्क (Concentration Risk) कम होता है? किन बाजार परिस्थितियों में यह रणनीति बेहतर काम करती है? और क्या लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए ये रेगुलर Nifty 50 Index Fund का बेहतर ऑप्शन हो सकता है? आज इन्हीं सवालों के जवाब देने के लिए हमारे साथ हैं एक्सिस AMC में हेड प्रोडक्ट्स दिव्या मेनन

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स: इंडेक्स फंड क्यों जरूरी?

दिव्या मेनन ने कहा कि इंडेक्स फंड इक्विटी पोर्टफोलियो की मजबूत नींव बन सकते हैं। इनमें अलग-अलग शेयर चुनने की बजाय पूरे बाजार में निवेश का मौका मिलता है। ये निवेश में अनुशासन लाते हैं और बिहैवियरल बायस (Behavioural Biases) को कम करते हैं। इंडेक्स फंड लंबी अवधि में वेल्थ बनाने का सरल और प्रभावी तरीका होते हैं।

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स:निफ्टी से कैसे अलग?

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स में वही 50 कंपनियां शामिल होती हैं जो निफ्टी 50 का हिस्सा हैं। फर्क सिर्फ वेटेज देने के तरीके में है। निफ्टी में फ्री-फ्लोट मार्केट कैप पर ज्यादा वेटेज मिलता है। वहीं, NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स में सभी को बराबर वेटेज होता है। इसमें समय-समय पर रीबैलेंसिंग करके बैलेंस बनाते हैं। यानी इसमें कंपनियों की टीम वही होती है,लेकिन वेटेज तय करने की रणनीति अलग होती है।

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स:आजकल चर्चा में क्यों?

निवेशकों का कंसंट्रेशन रिस्क आकलन पर फोकस बढ़ा है। कई मार्केट-कैप इंडेक्स कुछ चुनिंदा बड़ी कंपनियों तक सीमित हैं। ऐसे में Equal Weight रणनीति सभी कंपनियों को एक जैसी अहमियत देती है। पिछले कुछ सालों में इस कैटेगरी में निवेशकों की रुचि बढ़ी है।

NIFTY 50 बनाम NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स:पोर्टफोलियो में कितना अंतर?

दोनों इंडेक्स में शामिल शेयरों की सूची बिल्कुल एक समान होती है। अंतर केवल वेटेज तय करने के तरीके में होता है। निफ्टी 50 में सबसे बड़ी कंपनी का वेटेज 10% से ज्यादा हो सकता है। निफ्टी 50 में सबसे छोटी कंपनियों का वेटेज 1% से भी कम हो सकता है। Equal Weight Index में हर कंपनी को लगभग 2% का वेटेज मिलता है।

NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स:कंसंट्रेशन रिस्क कैसे होता है कम?

कंसंट्रेशन रिस्क कम करना NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है। निफ्टी 50 में टॉप 10 शेयरों का वेटेज 50% से अधिक है। इसमें टॉप 10 शेयरों का कुल वेटेज करीब 20% है। इसका रिटर्न चुनिंदा बड़ी कंपनियों के बजाय ज्यादा कंपनियों से प्रभावित होता है। NIFTY50 इक्वल वेट इंडेक्स ने लंबी अवधि में निफ्टी 50 के मुकाबले प्रदर्शन से बेहतर प्रदर्शन किया है।

 

 

Market Insight : काफी अच्छे भाव पर मिल रहे बैंकिंग और एनबीएफसी शेयर, अदाणी ग्रुप के शेयरों में हैं जबरदस्त कमाई के मौके