ZEN Tech खरीद रही Cogknit Semantics में 52% हिस्सा, ₹135 करोड़ की डील; सोमवार को चढ़ सकता है शेयर

एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर की कंपनी जेन टेक्नोलोजिज, डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी कॉगनिट सिमेंटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (CSPL) में 51.98 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद रही है। कंपनी के बोर्ड ने 17 अक्टूबर की मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। उसी दिन कंपनी ने शेयर परचेज एग्रीमेंट, शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट और शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट कर लिया। डील पूरी होने के बाद कॉगनिट सिमेंटिक्स, जेन टेक की सब्सिडियरी बन जाएगी। यह खरीद फुली डाइल्यूटेड बेसिस पर 135.15 करोड़ रुपये में होगी।

इसके तहत CSPL में एक मौजूदा शेयरहोल्डर से शेयर खरीदे जाएंगे, साथ ही सीरीज ए कंपलसरिली कनवर्टिबल क्यूमुलेटिव प्रेफरेंस शेयरों (CCCPS) को सब्सक्राइब किया जाएगा। CSPL 10 रुपये फेस वैल्यू वाले सीरीज ए CCCPS जेन टेक और दूसरे इनवेस्टर को 27,015.71 रुपये प्रति CCCPS के भाव पर जारी करेगी। CSPL का वित्त वर्ष 2025-26 में टर्नओवर 48 लाख रुपये रहा। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं है। निवेशक आशीष कचोलिया और उनके सहयोगी भी प्राइमरी राउंड में निवेश करेंगे।

क्या बनाती है CSPL

जेन टेक ने शेयर बाजारों को बताया है कि CSPL सशस्त्र बलों के लिए आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस पर बेस्ड बैटलफील्ड मैनेजमेंट सिस्टम्स और सिचुएशनल अवेयरनेस सिस्टम्स विकसित करती है। कॉगनिट का बैटलफील्ड मैनेजमेंट सिस्टम्स टैंकों, वाहनों और सैनिकों को डिजिटल रूप से जोड़ता है, जिससे हर कमांडर युद्धक्षेत्र की एक ही रियल-टाइम तस्वीर के आधार पर काम कर सके। इसने इंडियन आर्मी के साथ फील्ड ट्रायल पूरे कर लिए हैं। इसे भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है।

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ZEN Tech का शेयर 3 साल में 130 प्रतिशत चढ़ा

ZEN Tech के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 1655.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 14900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। यह एक साल में 20 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। 3 साल में कीमत लगभग 130 प्रतिशत, 5 साल में 630 प्रतिशत और 10 साल में 2000 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुई है। कंपनी में सितंबर 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 48.51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI ETF: आज से खुला SBI का नया डिफेंस ETF, जानिए NFO, निवेश राशि और जोखिम की पूरी डिटेल

SBI BSE India Defence ETF: डिफेंस सेक्टर में निवेश की बढ़ती दिलचस्पी के बीच एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपने नए इंडेक्स-ट्रैकिंग फंड ‘SBI BSE India Defence ETF’ के लॉन्च की घोषणा की है। इस NFO में निवेश की शुरुआत आज, 13 अक्टूबर 2026 से हो चुकी है और निवेशक 19 अक्टूबर 2026 तक इसमें सब्स्क्रिप्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

यह एक ओपन-एंडेड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) है, जो मुख्य रूप से BSE India Defence Index को ट्रैक करेगा और ट्रैकिंग एरर के अधीन रहते हुए इंडेक्स के समान टोटल रिटर्न देने का लक्ष्य रखेगा।

कैसा होगा एसेट एलोकेशन?

एसबीआई म्यूचुअल फंड द्वारा जारी स्कीम इंफॉर्मेशन डॉक्यूमेंट के मुताबिक, फंड का एसेट एलोकेशन इस प्रकार रहेगा:

95% से 100% हिस्सा: बीएसई इंडिया डिफेंस इंडेक्स में शामिल रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के सिक्योरिटीज/शेयरों में निवेश किया जाएगा।

0% से 5% हिस्सा: सरकारी प्रतिभूतियों, स्टेट डेवलपमेंट लोन्स, ट्रेजरी बिल्स, ट्राई-पार्टी रेपो और लिक्विड म्यूचुअल फंड यूनिट्स में लगाया जाएगा।

निवेश की शर्तें और फंड मैनेजर

यह एक पैसिवली मैनेज्ड फंड है। इसमें फंड मैनेजर एक्टिवली स्टॉक सिलेक्शन करने के बजाय सीधे इंडेक्स की कंपनियों में आनुपातिक निवेश करेगा। इस स्कीम के फंड मैनेजर वायरल छड़वा है। वे दिसंबर 2020 से एसबीआई म्यूचुअल फंड से जुड़े हुए हैं और कई पैसिव स्कीम्स की देखरेख करते हैं।

एक ही सेक्टर में केंद्रित होने के कारण इस फंड का रिस्क मीटर ‘वेरी हाई’ श्रेणी में रखा गया है। निवेशकों पर रक्षा क्षेत्र और संबंधित कंपनियों के शेयर उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ेगा।

NFO की मुख्य बातें

पैरामीटर विवरण
फंड का नाम SBI BSE India Defence ETF
स्कीम का प्रकारओपन-एंडेड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF)
अंडरलाइंग इंडेक्सBSE India Defence Index
एनएफओ की तारीख13 अक्टूबर 2026 से 19 अक्टूबर 2026
ऑफर प्राइस₹10.00 प्रति यूनिट
न्यूनतम निवेश₹5,000 (इसके बाद ₹1,000 के गुणक में)
फंड मैनेजरवायरल छड़वा
रिस्क रेटिंगवेरी हाई

निवेशकों के लिए क्या है खास?

अगर आप डिफेंस क्षेत्र की कंपनियों के प्रदर्शन का सीधा फायदा उठाना चाहते हैं और किसी एक शेयर में जोखिम लेने के बजाय पूरे इंडेक्स में डायवर्सिफाइड निवेश की तलाश में हैं, तो यह ETF एक विकल्प हो सकता है। वैसे चूंकि यह एक थीमैटिक/सेक्टोरल फंड है, इसलिए इसमें सामान्य डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स की तुलना में जोखिम अधिक रहता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अक्टूबर में IPO का मेला, Jio Platforms और Zetwerk समेत एक दर्जन कंपनियां कतार में

IPO Fair in October: जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms), जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस (Zetwerk Manufacturing Business), और एवांडा इलेक्ट्रो (Avaada Electro) समेत करीब एक दर्जन कंपनियों का इस महीने अक्टूबर में आईपीओ आने वाला है। मर्चेंट बैंकर्स के मुताबिक इनके अलावा और भी कई कंपनियां कतार में हैं। ये आईपीओ अलग-अलग सेक्टर्स से होंगे, जैसे कि टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, रिन्यूएबल एनर्जी, डिफेंस और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग। इनमें से कुछ कंपनियां आईपीओ के जरिए सिर्फ नए शेयर जारी करेंगी तो कुछ में सिर्फ मौजूदा शेयरहोल्डर्स ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत शेयर बेचेंगे तो कुछ में दोनों का कॉम्बिनेशनल होगा।

इस महीने आने वाले आईपीओ

Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21-23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह देश में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है।

HD Fire Protect IPO: फायर प्रोटेक्शन उपकरण और सिस्टम बनाने वाली एचडी फायर प्रोटेक्ट के ₹712 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड फिक्स हो चुका है। निवेशक इसमें प्रति शेयर ₹258-₹271 के भाव पर बोली लगा सकेंगे। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर का सेल का होगा और यह 12-15 अक्टूबर तक खुला रहेगा।

Fusion CX: एआई से लैस कस्टमर एक्सपीरिएंस सॉल्यूशंस प्रोवाइडर फ्यूजन सीएक्स ने ₹702 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹275-₹289 पर फिक्स किया है। यह इश्यू 14-16 अक्टूबर के बीच खुला रहेगा।

Zetwerk IPO: टेक्नोलॉजी आधारित मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म जेटवर्कका ₹5000 करोड़ का आईपीओ 15-19 अक्टूबर तक खुला रहेगा। इस इश्यू के तहत ₹2600 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे।

Tonbo Imaging IPO: थर्मल इमेजिंग और डिफेंस सेक्टर से जुड़ी टेक्नोलॉजी सिस्टम बनाने वाली टोंबो इमेजिंग ने ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत अधिकतम 1.22 करोड़ इक्विटी शेयर बेचने का प्रस्ताव पेश किया है। ययह आईपीओ 15-19 अक्टूबर के बीच खुला रहेगा।

Bonfiglioli Transmissions IPO: इटली के बोनफिगलिओली ग्रुप की भारतीय सब्सिडियरी बोनफिगलिओली ट्रांसमिशन का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का होगा, जिसके तहत अधिकतम 4.32 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री होगी। यह इश्यू 15-19 अक्टूबर तक खुलेगा।

Sahajanand Medical Technologies IPO: पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल इश्यू ला रही मेडिकल डिवाइस बनाने वाली सहजानंद मेडिकल का आईपीओ 15-19 अक्टूबर को खुलेगा। इसके तहत 1.39 करोड़ शेयरों की बिक्री होगी।

और भी कंपनियां कतार में

एवांडा इलेक्ट्रो (Avaada Electro) की योजना ₹7600 करोड़, पारस हेल्थकेयर (Paras Healthcare) की ₹1800 करोड़ और एनडीआर इनविट ट्रस्ट (NDR InvIT Trust) की ₹750 करोड़ का आईपीओ लाने की है। इसके अलावा गुजरात विक्ट्री फॉर्जिंग्स (Gujarat Victory Forgings) ने अधिकतम 1.97 करोड़ शेयरों का आईपीओ लाने का प्रस्ताव रखा है। इन चारों आईपीओ के तहत नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल विंडे के तहत भी शेयरों की बिक्री होगी। इसके अलावा एसएफसी एंवयार्नमेंटल टेक (SFC Environmental Tech) की भी योजना आईपीओ लाने की है, जिसके तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी हो सकते हैं और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत 1.23 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री हो सकती है।

इस साल कैसा रहा आईपीओ मार्केट में हाल

जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच मार्केट में इस साल तेज उठा-पटक रही और हाहाकार का माहौल बना हुआ है। इन सबके बीच इस साल 2026 के नौ महीनों में कंपनियों ने 96 कंपनियों के जरिए ₹1.1 लाख करोड़ से अधिक जुटाए। इसमें से 35 आईपीओ तो अकेले पिछले महीने सितंबर में आए थे।

जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड में इक्विटी कैपिटल मार्केट्स की हेड और एमडी नेहा अग्रवाल का कहना है कि मार्केट की तेज उठा-पटक के बावजूद अच्छी क्वालिटी वाले शेयरों की मांग बनी हुई है। नेहा के मुताबिक सेकंडरी मार्केट में विदेशी निवेशकों का निवेश घटता-बढ़ता रहा लेकिन प्राइमरी मार्केट में देशी-विदेशी संस्थागत निवेशकों का सपोर्ट मिलता रहा।

नेहा का कहना है कि जिन कंपनियों की कमाई साफ तौर पर दिख रही है, जिनका कॉर्पोरेट गवर्नेंस अच्छा है और जो कैपिटल का सही इस्तेमाल कर रही हैं, उनमें निवेशकों की दिलचस्पी अधिक हो सकती है। वहीं साथ ही आगे उन्होंने यह भी कहा कि जिन कंपनियां का वैल्यूएशन सही रहेगी, उन्हें निवेशकों का शानदार रिस्पांस दिख सकता है और लिस्टिंग के बाद भी वे अच्छा परफॉर्म कर सकती हैं।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है। 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks in Focus: विजय केडिया और सुनील सिंघानिया ने सितंबर में खरीदे ये 2 शेयर, एक ने 5 साल में दिया है 2600% का मल्टीबैगर रिटर्न

Stocks in Focus: बड़े निवेशकों के पोर्टफोलियो में नई एंट्री पर हमेशा नजर रहती है। सितंबर 2026 में सुनील सिंघानिया और विजय केडिया ने दो छोटे-मिडकैप शेयरों में खरीदारी की। खास बात यह है कि दोनों ने ये शेयर सीधे प्रमोटर से खरीदे।

Abakkus Asset Manager ने 29 सितंबर को Axiscades Technologies के 12.88 लाख शेयर खरीदे। वहीं, Kedia Securities ने Robokidz Eduventures के 5.57 लाख शेयर प्रमोटर से खरीदे। Robokidz की लिस्टिंग 28 सितंबर को हुई थी। वहीं, Axiscades ने पिछले 5 साल में 2600% से ज्यादा का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।

Axiscades Technologies

Axiscades Technologies एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इसकी सब्सिडियरी Mistral Solutions डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स बनाती है। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹8,800 करोड़ है। प्रमोटर Jupiter Capital ने सितंबर में 46.2 लाख शेयर बेचे। इससे उसकी हिस्सेदारी 55.68% से घटकर 44.82% रह गई।

Abakkus ने इनमें से 12.88 लाख शेयर ₹1,824 के भाव पर खरीदे। इस सौदे की वैल्यू करीब ₹235 करोड़ रही। इस डील के बाद स्टॉक में अपर सर्किट लगा था। पिछले कारोबारी सत्र में यह स्टॉक 3.62% की बढ़त के साथ ₹2,311.90 पर बंद हुआ।

Axiscades अब इंजीनियरिंग सर्विसेज से आगे बढ़कर डिफेंस और मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस कर रही है। कंपनी ने 2026 में अपनी कुछ इंजीनियरिंग सर्विसेज बिजनेस यूनिट्स Akkodis को बेचने का समझौता किया।

कंपनी का Power 930 प्लान FY30 तक करीब ₹9,000 करोड़ का रेवेन्यू और ₹960 करोड़ का मुनाफा हासिल करने का है। FY26 में नेट प्रॉफिट ₹72 करोड़ था। हालांकि, कर्ज बढ़ना और निगेटिव फ्री कैश फ्लो चिंता की वजह हैं। FY26 में कंपनी का कर्ज ₹388 करोड़ था।

Robokidz Eduventures

Robokidz स्कूलों में रोबोटिक्स, कोडिंग, AI और इलेक्ट्रॉनिक्स लैब तैयार करती है। कंपनी लैब सेटअप के साथ किट, करिकुलम और टीचर ट्रेनिंग भी देती है।

दिग्गज निवेशक विजय केडिया की Kedia Securities ने प्रमोटर से 5.57 लाख शेयर ₹77.50 के भाव पर खरीदे। इस सौदे की वैल्यू करीब ₹4.3 करोड़ थी। यह IPO प्राइस ₹106 से करीब 27% कम था।

IPO को 580 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था। शेयर ₹201.40 पर लिस्ट हुआ था। यह स्टॉक पिछले कारोबारी सत्र में 5% की गिरावट के साथ ₹221 पर बंद हुआ।

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹93 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹10.1 करोड़ रहा। हालांकि, ग्राहकों से पेमेंट मिलने में औसतन 279 दिन लगे और ऑपरेशनल कैश फ्लो निगेटिव रहा।

Sensex और Nifty में गिरावट की ये हैं तीन बड़ी वजहें, अक्तूबर 2024 के बाद पहली बार लगातार दो महीने गिरा बाजार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Insight : निफ्टी में अब 22500 का लेवल भी मुमकिन, फार्मा शेयरों में ही दिख रही सर छुपाने की जगह

Market Insight : बाजार में आज भारी गिरावट आई है। निफ्टी 23000 को तोड़ कर 22800 के भी नीचे चला गया है। निफ्टी बैंक में भी बड़ा गिरावट आई है। मार्केट इस समय फ्री फॉल के मूड में दिख रहा है। ऐसे में मार्केट टेक्निकल्स पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि आज 23000 की लेवल भी टूट गया है। लेकिन यह लेवल जिस गति और स्टाइल में टूटा है उसको देखकर लग रहा है कि एक तरह से मार्केट सरेंडर के मोड में एंटर हो चुका है। यानी हो सकता है यहां से आपको 22,500 के नीचे का भी लेवल देखने को मिले। सात हफ्तों से लगातार निफ्टी में सेल फिगर्स रहे हैं। इस वीक और एक इंपॉर्टेंट चीज यह भी है कि मंथली एक्सपायरी के साथ-साथ सेप्टेंबर का मंथली क्लोज भी है। अगर सप्टेंबर की क्लोजिंग 23,200 के नीचे होती है तो अप्रैल से जो तेजी शुरू हुई थी वह तेजी बेअसर होते हुए दिखेगी और मार्केट एक नए बेयरिश टेरिटरी में जाता हुआ दिखेगा।

ऐसे में अगर इस वीक के मिड के आसपास कोई बाउंस बैक आ जाता है तो थोड़ी उम्मीद की किरण जागेगी। लेकिन ओवरऑल नजरिए से ऐसा लगता है मार्केट बहुत जबरदस्त तरीके से मंदड़ियों के ग्रिप में है। एफआई के शॉर्ट पोजीशंस हाईएस्ट लेवल पर है। उनके 3.1 लाख से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट शॉर्ट हैं। इसके साथ ही मिड कैप इंडेक्स में एग्रेसिव सेल ऑफ हुआ है। इसका असर अब स्माल कैप और माइक्रो कैप्स में भी आता हुआ दिख रहा है। ऐसे में बाजार की आखिरी उम्मीद भी कमजोर होती हुई दिख रही है। बाजार की ओवरऑल तस्वीर काफी बेयरिश दिखाई दे रही है। निफ्टी अब 22500 की ओर जाता दिख सकता है।

डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा शेयरों में दिख रहे मौके

इस समय बाजार में कहां सर छुपाने के मौके दिख रहे हैं, इस पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि इस समय डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा अच्छा लग रहा है। हाल के दिनों में इसमें काफी निवेश भी हुआ है। पिछले हफ्ते एफएमसीजी ने एक बाउंस बैक देने की कोशिश तो की थी लेकिन इसका ओवरऑल अंडरटोन अभी भी बेयरिश ही है। अब जो छिपने की जगहें थीं वहां पर भी शायद थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग आते हुए दिख सकती है। मार्केट जब ऐसे फ्री फॉल मोड में हो तो अटकलबाजी करने से बेहतर है कि कंफर्मेशन का वेट करें। जब तक कच्चे तेल में नरमी नहीं, आती जियोपोलिटिल स्थिति में सुधार नहीं आता और बॉन्ड यील्ड ठंडी नहीं होती तबतक बाजार में छोटे-मोटे बाउंस में बिकवाली ही होती दिखेगी। ऐसी सिचुएशन में वेट एंड वॉच मोड में रहना ही बेहतर होगा। जब तक बाजार में स्टेबिलिटी स्क्रीन पर नहीं दिखती तब तक बॉय ऑर्डर्स को होल्ड रखें और चाहें तो धीरे-धीरे रुक-रुक कर खरीदारी करें। एक ही भाव पर सारी खरीदारी न करें। अगर आप इन्वेस्टर हों तो यह रणनीति सही रहेगी। इस समय दो या तीन सेक्टर ही हैं जो इस मार्केट में एक तरह से डिफेंसिव का काम कर रहे हैं। उनमें से फार्मा एक है। कुछ हद तक डिफेंस सेक्टर में भी मौके है। मेटल कहीं ना कहीं न्यूट्रल रुख के साथ ट्रेड करता हुआ दिख रहा है। बाकी सेक्टरों में जो भी लेवल्स आते हैं टूटते जा रहे हैं और नीचे में नए-नए लेवल्स बनते जा रहे हैं।

राहुल शर्मा की टॉप पिक्स

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि पॉलीकैब का सेटअप काफी बेयरिश लग रहा है। लगता है कि यह शेयर 8100-8000 तक के निचले स्तर तक जा सकता है। इसके लिए 8100 रुपए पर एक छोटा सपोर्ट है। इन लेवल्स पर इसमें शॉर्ट करने की राय रहेगी। अगर मैं अक्टूबर फ्यूचर्स की बात करें तो 8470 के स्टॉप लॉस से यहां पर शॉर्ट कीजिए। इस स्टॉक में यहां से पोजीशनल बेसिस पर तकरीबन 300 अंको तक की डाउन साइड देखने को मिल सकती है।

राहुल शर्मा का दूसरा रेकमेंडेशन लॉन्ग साइड से है क्योंकि ये फार्मा पर बुलिश हैं। इनको डॉ रेड्डी लैब्स का सेटअप काफी अच्छा लग रहा है। डॉ रेड्डी ने एक ब्रेकआउट देने की कोशिश की है। देर सबेर इस स्टॉक में तकरीबन 1280 से 1300 रुपए तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। वर्तमान लेवल्स पर इसमें खरीदारी की जा सकती है। लॉन्ग पोजीशन के लिए 1190 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा।

 

Market Outlook : भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock in Focus: डिफेंस कंपनी की HALE ड्रोन के लिए Pratt & Whitney से पार्टनरशिप, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: दिग्गज मेटल फोर्जिंग और डिफेंस कंपनी Bharat Forge ने एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में एक अहम सहयोग किया है। कंपनी अब RTX की Pratt & Whitney Canada के साथ मिलकर काम करेगी। दोनों कंपनियां DRDO के HALE UAV प्रोग्राम में टर्बोप्रॉप इंजन के इस्तेमाल की संभावना तलाशेंगी।

Bharat Forge ने मंगलवार यानी 15 सितंबर को इसकी जानकारी दी। इस प्रोग्राम का मकसद भारत के अगली पीढ़ी के HALE UAV को तैयार करना है। इसके लिए इंजन और ड्रोन के बीच तालमेल की जांच की जाएगी।

इंजन की क्षमता और फिटिंग की होगी जांच

इस सहयोग में सबसे पहले यह देखा जाएगा कि Pratt & Whitney Canada का एडवांस्ड टर्बोप्रॉप इंजन HALE UAV के लिए कितना सही है। इंजन की क्षमता और प्रदर्शन की भी जांच होगी। इसके साथ ही ड्रोन में इंजन लगाने के लिए क्या बदलाव करने होंगे, यह भी देखा जाएगा।

Pratt & Whitney Canada इंजन की परफॉर्मेंस और इंस्टॉलेशन रिक्वायरमेंट्स का आकलन करेगी। वहीं, Bharat Forge इंजन को UAV के एयरफ्रेम के साथ जोड़ने का काम संभालेगी।

Bharat Forge की जिम्मेदारी क्या होगी?

Bharat Forge के हिस्से में इंजन की इंस्टॉलेशन डिजाइन और सिस्टम इंटरफेस से जुड़े काम आएंगे। इसके लिए कंपनी अपनी इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और एयरोस्पेस सिस्टम की क्षमता का इस्तेमाल करेगी।

कंपनी के मुताबिक, यह सहयोग भारत में स्वदेशी ड्रोन और दूसरे अनमैन्ड एरियल सिस्टम डेवलप करने की कोशिशों को आगे बढ़ाएगा। यह सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल के मुताबिक है।

Bharat Forge ने क्या कहा?

Bharat Forge के वाइस चेयरमैन और ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अमित कल्याणी ने कहा, ‘Pratt & Whitney की प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी और Bharat Forge की इंजीनियरिंग व सिस्टम इंटीग्रेशन क्षमता को साथ लाकर एक बेहतर HALE प्लेटफॉर्म तैयार करने में मदद मिलेगी। इससे भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता और रक्षा तैयारियों को मजबूती मिल सकती है।’

Pratt & Whitney ने क्या कहा?

Pratt & Whitney के वाइस प्रेसिडेंट और इंडिया कंट्री हेड आशीष सराफ ने कहा ने कहा कि Pratt & Whitney Canada के टर्बोप्रॉप इंजन कठिन परिस्थितियों में अपनी विश्वसनीयता साबित कर चुके हैं। उनके मुताबिक, भारत के HALE प्रोग्राम के लिए ऐसी ही क्षमता की जरूरत है।

क्या काम आते हैं HALE UAV?

HALE UAV ऐसे ड्रोन होते हैं जो काफी ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ सकते हैं। इनका इस्तेमाल निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जाता है। इनके जरिए जमीन और समुद्री इलाकों पर सर्विलांस और इंटेलिजेंस जैसे काम किए जा सकते हैं। रक्षा क्षेत्र में ऐसे ड्रोन लंबे समय तक किसी इलाके पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

मंगलवार को Bharat Forge का शेयर BSE पर ₹1,874 पर बंद हुआ। शेयर में ₹66 यानी 3.40% की गिरावट रही।

Stock in Focus: BHEL ने वंदे भारत ट्रेन के लिए रेल कंपनी से मिलाया हाथ, 35 साल तक मेंटेनेंस का रहेगा काम

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

भारत में बनाओ, दुनिया भर में बेचो! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी कंपनियों को दिया बड़ा ऑफर, GIFT City का भी जिक्र, समझिए पूरी तैयारी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल निवेशकों और कंपनियों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग बेस के साथ-साथ टेक्नोलॉजी और इनोवेशन सेंटर स्टैबलिश करने का ओपन ऑफर दिया है। अमेरिका की छह दिन की यात्रा पर गईं वित्त मंत्री ने शिकागो में टॉप इन्वेस्टर्स और बिजनेस लीडर के साथ एक हाई लेवल बिजनेस राउंडटेबल में यह बात कही। उन्होंने ग्लोबल पार्टनर्स से अपील की कि वे भारत की विशाल प्रतिभा और अवसरों का फायदा उठाते हुए देश में कोडेवलपमेंट और कोप्रोडक्शन करें। इससे सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रोडक्ट्स और कैपेसिटी को डेवलप करें।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक शिकागो में भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के सहयोग से आयोजित इस बैठक में वित्त मंत्री ने भारत की व्यापक आर्थिक वृद्धि, देश में चल रहे रिफॉर्म्स की स्पीड और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट को लेकर डिटेल में बात की है।

भारत को सिर्फ एक बाजार नहीं, ग्लोबल प्लेटफॉर्म समझें

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत में निवेश का अवसर किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। यह अपने विशाल पैमाने, विकास दर, इंजीनियरिंग प्रतिभा, आधुनिक बुनियादी ढांचे और पिछले एक दशक में हुए सुधारों से काफी व्यापक इंपैक्ट रखता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से आग्रह किया कि वे भारत को सिर्फ एक कंज्यूमर मार्केट के रूप में न देखें बल्कि इसे दुनिया के लिए मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने एक मजबूत प्लेटफॉर्म के रूप में देखें।

इस बैठक का मैं एजेंडा भारत में निर्माण करें — भारत के लिए और दुनिया के लिए (Manufacture in India — for India and for the world) था। इसमें एआई, डिजिटल, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफ्रास्ट्रक्चर, फूड प्रोसेसिंग, डिफेंस और हाई एंड टेक्नोलॉजी में अवसरों पर चर्चा हुई।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और AI में नए मौके

वित्त मंत्री ने बताया कि भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) जैसे यूपीआई, डिजिलॉकर, ओएनडीसी और इंडिया स्टैक ने आबादी के स्तर पर कई बड़े और सफल प्लेटफॉर्म तैयार किए हैं। उन्होंने कहा कि अब अगला बड़ा अवसर एआई, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे हाई वैल्लूर बिजनेस तैयार करने में है। भारत में बनाए गए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स तेजी से ग्लोबल इनोवेशन के सेंटर बनते जा रहे हैं।

गिफ्ट सिटी तेजी से बन रहा इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर

पीटीआई के मुताबिक वित्त मंत्री ने गुजरात की गिफ्ट सिटी (GIFT City) का खास जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के रूप में तेजी से उभर रहा है। जून 2026 तक गिफ्ट सिटी में 1250 से अधिक रजिस्टर्ड संस्थाएं काम कर रही हैं। सीतारमण ने बताया कि गिफ्ट सिटी बैंकिंग, फंड मैनेजमेंट, रीइंश्योरेंस, एयरक्राफ्ट एंड शिप लीजिंग, सस्टेनेबल फाइनेंस और दूसरी क्रॉस बॉर्डर फाइनेंशियल सर्विसेज में काफी संभावनाएं देता है। उन्होंने ग्लोबल इंस्टीट्यूशन से आग्रह किया वो भी इसे भारत के फाइनेंशियल इकोसिस्टम में एंट्री के गेटवे के रूप में इस्तेमाल करें।

ग्लोबल सप्लाई चेन में बदलाव और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत न सिर्फ एक बड़े बाजार के रूप में स्केल देता है, बल्कि एक लॉन्गटर्म इनवेस्टमेंट और ऑपरेशनल प्लेटफ़ॉर्म भी ऑफर करता है। उत्पादन-जुड़े प्रोत्साहन (PLI) जैसी टारगेटेड नीतिगत पॉलिसी स्कीम के जरिए अब भारत का ध्यान सिर्फ पार्ट्स को असेंबल करने तक सीमित नहीं है बल्कि कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और हाई एंड टेक्नोलॉजी तैयार करने पर भी है। क

इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, एग्रीकल्चर और डिफेंस सेक्टर पर जोर

वित्त मंत्री ने कहा कि देश में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर्स, रेलवे का मॉडर्नाइजेशन, इलेक्ट्रिफिकेशन और हाई-स्पीड रेल सहित इंफ्रास्ट्रक्चर का काफी तेजी विस्तार हो रहा है। ये सब मिलकर लॉन्गटर्म इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टमेंट के मौके बना रहे हैं। नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) इनमें हिस्सेदारी लेने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स को एक कमर्शियल प्लेटफॉर्म दे रहा है।

भारत का एग्रीकल्चर बेस, बढ़ती इनकम और बदलता कंजंशन पैटर्न फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमेशन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और कोल्ड चेन क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर रही हैं। रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘iDEX’ जैसी पहलों के माध्यम से भारत ड्रोन, ऑटोनोमस सिस्टम और हाई एंड टेक्नोलॉजी में तेजी से कैपेसिटी बिल्डिंग कर रहा है।

आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान नॉर्थ कैरोलिना के एशविले में जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगी। इसके बाद न्यूयॉर्क का दौरा भी करेंगी।

Market Technicals: 24400 के नीचे बने रहने तक निफ्टी में जारी रहेगा कंसोलीडेशन, 58000 के ऊपर जाने पर ही बैंक निफ्टी में आएगी तेजी

Market Technicals : 28 अगस्त को निफ्टी में 0.4% की बढ़त के साथ तेजी लौटती दिखी। लेकिन लगातार दूसरे सेशन में भी यह क्लोजिंग बेसिस पर सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ही बना रहा। इससे पता चलता है कि इसमें मज़बूत मोमेंटम की कमी है और सतर्कता के साथ कंसोलिडेशन का दौर जारी है। इंडेक्स 23,606 से 24,774 तक की रैली के 50 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे बना रहा। जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑसिलेटर्स में मजबूती की कमी दिखी। इन सभी बातों से संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में कमजोर रुझान के साथ उतार-चढ़ाव वाला ट्रेड देखने को मिल सकता है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 24350–24400 के आसपास स्थित 200-डे EMA (24,350–24,400) के अहम रेजिस्टेंस के नीचे बना रहता है तब तक कंसोलिडेशन और रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,000 पर है। अगर यह सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो निफ्टी में 23,800 की तरफ गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर यह रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती दिखाता है तो इसमें 24,800 के लेवल की ओर तेजी आती नजर आ सकती है।

निफ्टी कल बढ़त के साथ खुला और दिन भर लगभग 100 अंकों के दायरे में घूमते रहने के बाद 85 अंक यानी 0.35 फीसदी की बढ़त के साथ 24,176 पर बंद हुआ। निफ्टी पूरे हफ्ते ज्यादातर पिछले हफ्ते के दायरे में ही कारोबार करता रहा और अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बंद हुआ। इस हफ्ते इसमें 0.31 फीसदी की गिरावट आई।

डेली टाइमफ्रेम पर बेंचमार्क इंडेक्स ने पिछले दिन की रेंज के अंदर एक अच्छी बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी सी विक(wick)थी। वीकली टाइमफ्रेम पर इसने पिछले हफ्ते की रेंज के अंदर एक रेड कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ साफ शैडो(shadows)दिखाई दे रही थीं। यह रेंज-बाउंड ट्रेडिंग का संकेत है।

डेली RSI के लेवल के आस-पास न्यूट्रल बना रहा। इससे पता चलता है कि किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है। वहीं,निचले लेवल से बढ़ते ADX से संकेत मिला कि धीरे-धीरे उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि,किसी निर्णायक ब्रेकआउट के न होने से यह संकेत मिलता रहा कि बाजार एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड)में ही रहेगा।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक गुरुवार को 24150 के लेवल पर ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंडलाइन के ऊंचे सपोर्ट से नीचे आने के बाद,निफ्टी में शुक्रवार को और ज्यादा कमजोरी नहीं आई। यह एक अच्छा संकेत है,क्योंकि अक्सर नीचे की ओर फाल्स ब्रेकआउट के बाद ऊपर की ओर तेज चाल देखने को मिलती है।

उनका मानना ​​है कि निफ्टी का मेन ट्रेंड 24,000 और 24,400 के दायरे में बना हुआ है और इसमें तेजी का रुख है। अगर निचली रेंज के पास से कोई मजबूत उछाल आता है,तो जल्द ही 24,300–24,400 के लेवल तक अच्छी-खासी तेजी देखने को मिल सकती है। ट्रेंड बदलने के लिए 24,000 का लेवल एक अहम सपोर्ट है।

वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि 24,300 और 24,500 स्ट्राइक,जहां सबसे ज़्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट है,वे शॉर्ट टर्म में निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस का काम कर सकते हैं। वहीं,24,000 और 24,100 स्ट्राइक,जहां सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है,वे इंडेक्स के लिए सपोर्ट जोन का काम कर सकते हैं।

उधर फियर इंडेक्स के नाम से जाना जाने वाला इंडिया VIX लोअर लेवल पर बना रहा। यह 3.5 फीसदी गिरकर 10.68 पर आ गया और अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। इन बातों से पता चलता है कि मार्केट में अनिश्चितता और निवेशकों की घबराहट काफी कम हो गई थी।

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बैंक निफ्टी व्यू

बैंकिंग इंडेक्स की शुरुआत गिरावट के साथ हुई,लेकिन इसने रिकवरी की कोशिश की और इंट्राडे में 57,596 का हाई बनाया। हालांकि,यह बढ़त बरकरार नहीं रह सकी और अधिकांस ट्रेडिंग सेशन के दौरान इंडेक्स दबाव में रहा। शुक्रवार को यह इंडेक्स 14 अंक गिरकर 57,496 पर बंद हुआ और अपने 20-डे और 50-डे के EMA के दायरे में रहा,जबकि पूरे हफ्ते में इसमें 0.50 फीसदी की गिरावट आई।

डेली चार्ट पर इस इंडेक्स ने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ साफ तौर पर विक्स(wicks)दिख रहे थे। इससे पता चलता है कि बुल्स और बेयर्स के बीच कोई फैसला नहीं हो पा रहा था और साफ दिशा वाला मोमेंटम नहीं था। वीकली टाइमफ़्रेम पर,इसने ऊपर और नीचे शैडो वाली एक रेड कैंडल बनाई,जो उतार-चढ़ाव के बीच दबाव का संकेत है। हालांकि,इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। इससे पता चलता है कि मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर मजबूत बना हुआ है।

डेली चार्ट पर इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो शॉर्ट टर्म में सावधानी और कंसोलिडेशन का संकेत है। डेली RSI भी न्यूट्रल जोन में रहा,जिससे साफ तौर पर मजबूत मोमेंटम की कमी पता चलती है।

एक्सपर्ट की राय

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के अनुसार 57,000–56,900 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह स्तर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है।

उनका मानना ​​है कि ऊपर की तरफ 57,900–58,000 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 58,000 के ऊपर के साफ ब्रेकआउट या 57,000 के नीचे ब्रेकडाउन से मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर खत्म हो सकता है और उस दिशा में एक बड़ी ट्रेंडिंग चाल शुरू हो सकती है।

 

 

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